Category: health-lifestyle

  • Heart Failure के मरीज भी जी सकते हैं लंबा जीवन अगर समय पर हो जाए डायग्नोज

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    डॉक्टरों की मानें तो भारत में हार्ट फेलियर के मरीजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है बीमारी की पहचान में होने वाली देरी। ज्यादातर मरीज इलाज के लिए उस वक्त आते हैं जब उनकी बीमारी अडवांस्ड स्टेज में पहुंच जाती है। कार्डियॉलजिस्ट्स की मानें तो वैसे लोग जिनमें पहले से हार्ट डिजीज का खतरा है या फिर हार्ट अटैक की हिस्ट्री रह चुकी है, या हाई ब्लड प्रेशर और डायबीटीज की समस्या है उन्हें नियमित रूप से स्क्रीनिंग करवानी चाहिए ताकि हार्ट फेलियर का पता शुरुआती स्टेज में ही लग जाए और मौत की आशंका को रोका जा सके।

    देर से पता चलने पर एक साल में 50% मरीजों की मौत
    एम्स के कार्डियॉलजी विभाग के प्रफेसर डॉ संदीप सेठ कहते हैं, वैसे लोग जिनमें हार्ट फेलियर की समस्या बाद के स्टेज में पता चल पाती है उनमें से 50 प्रतिशत लोगों की एक साल के अंदर मौत हो जाती है। ज्यादातर मरीज दवा का नियमित सेवन और लाइफस्टाइल में किए जाने वाले जरूरी बदलाव पर अमल नहीं करते जिस वजह से बीमारी बढ़ जाती है। इस वजह से मौत की आशंका अधिक होती है।

    जिंदगी का अंत नहीं है हार्ट फेलियर
    एम्स में एक हार्ट फेलियर क्लिनिक चलाया जाता है जहां हार्ट फेलियर नर्सों की बहाली की गई है जो मरीज के परिवार वालों की काउंसलिंग कर उन्हें यह समझाने की कोशिश करती हैं कि मरीज के लिए समय पर दवा लेना, फ्लूइड और लिक्विड का कम सेवन करना, नमक के सेवन पर नियंत्रण करना और नियमित रूप से एक्सर्साइज करना कितना जरूरी है। फॉर्टिस अस्पताल की सीनियर कार्डियॉलजिस्ट डॉ अपर्णा जस्वाल कहती हैं, हार्ट फेलियर जिंदगी का अंत नहीं है। ज्यादातर मरीज जिन्हें हार्ट फेलियर डायग्नोज होता है, वह भी नियमित रूप से दवा का सेवन कर सामान्य जीवन जी सकते हैं।

    हार्ट फेलियर को लेकर लोगों के बीच जागरुकता की कमी
    भारत में नोवार्टिस के एमडी संजय मुर्देश्वर कहते हैं, हार्ट फेलियर जानलेवा होने के साथ-साथ लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है जो दुनियाभर में 2 करोड़ 60 लाख लोगों को प्रभावित करती है जिसमें से अकेले भारत में हार्ट फेलियर के मरीजों की संख्या 80 लाख से लेकर 1 करोड़ के आसपास है। यह बीमारी दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोगों की जान ले रही है, बावजूद इसके बीमारी को लेकर लोगों के बीच जागरुकता की कमी है। करीब 60 प्रतिशर हार्ट फेलियर के मरीज ऐसे हैं जिनकी बीमारी या तो डायग्नोज ही नहीं होती या फिर गलत डायग्नोज होती है। हम यह मानते हैं कि अगर समय पर मरीज को इलाज मिल जाए तो हार्ट फेलियर के मरीज भी अस्पताल से बाहर आ सकते हैं और लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

  • Heart Attack का खतरा कम हफ्ते में 1 या 2 बार दिन में सोने से

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    अगर आपको सोना बहुत पसंद है, झपकी लेना आपकी फेवरिट हॉबी है तो आपके लिए एक खुशखबरी है। हार्ट नाम के जर्नल में प्रकाशित एक नई स्टडी में यह बात सामने आयी है कि वैसे लोग जो दिन के समय झपकी लेते हैं या सो जाते हैं उन्हें हार्ट अटैक आने का खतरा कम हो जाता है। स्विट्जरलैंड के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ लॉसेन की रिसर्च टीम ने एक स्टडी की और वे इस नतीजे पर पहुंचे कि वैसे लोग जो हफ्ते में एक या दो बार दिन के समय सोते हैं उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है उन लोगों की तुलना में जो दिन में बिलकुल नहीं सोते।

    इस स्टडी के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने 35 से 75 साल के बीच के 3 हजार 462 स्विस अडल्ट्स की गतिविधियों को करीब 5 साल तक ट्रैक किया। जब यह स्टडी शुरू हुई उस वक्त स्टडी में शामिल करीब 58 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि उछन्होंने पिछले सप्ताह दिन के समय झपकी नहीं ली थी जबकी 19 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने एक या दो बार झपकी ली। करीब 12 प्रतिशत ने 3 से 5 बार और 11 प्रतिशत ने 6 से 7 बार झपकी ली।

    दिन में झपकी लेने पर दिल की बीमारी का खतरा 48% कम
    स्टडी के खत्म होने तक अनुसंधानकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे कि वैसे लोग जिन्होंने हफ्ते में एक या दो बार दिन के समय झपकी ली या सोए उनमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर का खतरा 48 प्रतिशत तक कम हो गया उन लोगों की तुलना में जो दिन के समय पूरे हफ्ते बिलकुल नहीं सोए। यह स्टडी ऑब्जर्वेशनल थी यानी अनुसंधानकर्ताओं ने इसके कारण और असर पर कोई स्टडी नहीं की कि आखिर क्यों दिन में कभी कभार झपकी लेना हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा है।

    दिन के समय सिर्फ 20 मिनट की झपकी है काफी
    हालांकि स्टडी के लीड ऑथर की मानें तो दिन में झपकी लेना दिन के लिए इसलिए अच्छा माना जा सकता है क्योंकि नींद पूरी न होने पर जो स्ट्रेस का लेवल बढ़ता जाता है वह दिन में झपकी लेने से कम हो जाता है। हालांकि कितनी देर तक सोना है या झपकी लेनी है इस बारे में इस स्टडी में कुछ भी नहीं कहा गया है। लेकिन नैशनल स्लीप फाउंडेशन की मानें तो दिन के वक्त 2

  • ये चीजें खाएं अगर चाहिए Jacqueline जैसी परफेक्ट बिकीनी बॉडी

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    बॉलिवुड ऐक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीस अपनी फिटनेस और परफेक्ट बॉडी शेप को लेकर बेहद कॉन्शस रहती हैं। यही वजह है कि वह आए दिन इंस्टाग्राम पर अलग-अलग तरह का वर्कआउट विडियो शेयर करती रहती हैं। पूर्व मिस श्री लंका यूनिवर्स रह चुकीं जैकलीन फ्लेस्किबल बॉडी के लिए जिम करने से ज्यादा हेल्दी लाइफस्टाइल और हेल्दी ईटिंग पर फोकस करती हैं। तो आखिर क्या है जैकलीन की परफेक्ट बिकीनी बॉडी का राज, यहां जानें…

    सुबह उठते के साथ ग्रीन जूस पीती हैं

    डेली रुटीन की बात करें तो सुबह उठते के साथ सबसे पहले जैकलीन एक लीटर गर्म पानी पीती हैं। इसके बाद वह एक गिलास ग्रीन जूस पीती हैं। सुबह 8 बजे ब्रेकफस्ट कर लेती हैं और शाम में 7 बजे डिनर कर लेती हैं। इसके अलावा जैकलीन इंटरमिटेंट फास्टिंग भी करती हैं और हर तरह के शुगरी फूड आइटम्स से दूर ही रहती हैं।

    क्वीनवा पसंद करती हैं जैकलीन

    डेली डायट की बात करें तो जैकलीन को ओट्स से ज्यादा क्वीनवा (quinoa) पसंद है और इसे वह हर दिन खाती हैं। क्वीनवा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर की मात्रा अधिक होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है। जैकलीन क्वीनवा को कच्चा ही खाना पसंद करती हैं जिससे देर तक उनका पेट भरा रहता है और उन्हें जल्दी भूख नहीं लगती।

    एनर्जी के लिए बुलेटप्रूफ कॉफी

    दिनभर की शूट और काम के बीच में एनर्जी बनाए रखने के लिए जैकलीन बुलेटप्रूफ कॉफी पीती हैं। जी हां, आपको बता दें कि इन दिनों बुलेटप्रूफ कॉफी काफी ट्रेंड में है। यह एक नॉर्मल एस्प्रेसो शॉट कॉफी होती है जिसमें थोड़ा सा घी और एक चम्मच कोकोनट बेस्ट एमसीटी ऑइल मिलाया जाता है।

    फ्लॉलेस स्किन का राज ऐपल साइडर विनिगर

    जैकलीन की फ्लॉलेस स्किन का राज है ऐपल साइडर विनिगर जो एक बेहतरीन डीटॉक्स एजेंट का काम करता है। इसमें मौजूद ऐंटी-इंफ्लेमेट्री प्रॉपर्टी आपकी स्किन को ग्लोइंग इफेक्ट देते हैं। लिहाजा ऐपल साइडर विनिगर को हल्दी और अदरक के साथ लेना शुरू करें तो आपकी स्किन भी हो जाएगी ग्लोइंग और फ्लॉलेस।

    जैकलीन को योग से है प्यार

    वर्कआउट रूटीन की बात करें तो जैकलीन कहती हैं कि उन्होंने वेट ट्रेनिंग से लेकर पीलाटेज तक…हर तरह का वर्कआउट ट्राई किया है लेकिन सुपर ऐंटी-एजिंग और बॉडी के लिए बेस्ट है योग। योग के जरिए जैकलीन खुद को एनर्जेटिक और लाइटर फील करती हैं इसलिए योग करना उन्हें बेहद पसंद है।

    जूस की बॉटल हमेशा रखती हैं साथ

    एक हेल्दी फूड आइटम जो हमेशा जैकलीन के बैग में होता है वह, जूस की बॉटल क्योंकि जूस पीकर कोई भी अनहेल्दी चीज खाने की तीव्र इच्छा को रोका जा सकता है। साथ ही विटमिन सी से भरपूर जूस स्किन और हेल्थ के लिए भी अच्छा होता है। लाइफ में बढ़ता स्ट्रेस और जंक फूड की आदत, शरीर के साथ चेहरे पर भी दिखने लगती है इसलिए जैकलीन ऐंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर जूस पीना पसंद करती हैं।

    आलू खाएं, हेल्दी रहें, वजन घटाएं

    आपने अक्सर लोगों को यह कहते सुना होगा कि अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको कार्बोहाइड्रेट्स से दूर रहना चाहिए या फिर बेहद कम मात्रा में इनका सेवन करना चाहिए। वजन घटाते वक्त ज्यादातर लोग आलू से तो सबसे पहले दूरी बना लेते हैं। लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं एक खास पटेटो डायट के बारे में जिसमें आपको 5 दिन तक सिर्फ पटेटो यानी आलू खाना है और फिर देखें कैसे घटेगा आपका वजन…

    रोजाना खाएं आलू

    जर्नल मॉलिक्युलर ऑफ न्यूट्रिशन एंड फूड रिसर्च में प्रकाशित एक नई स्टडी के मुताबिक, अगर पतला होना है तो रोजाना आलू खाएं। इतना ही नहीं, अगर आप केवल 5 दिन तक पटेटो डायट फॉलो कर लें, तो आपका वजन कई किलो तक कम हो जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि आलू खाने के बाद आपको भूख का एहसास नहीं होता। इससे पेट जल्दी भर जाता है और आप ओवरईटिंग से भी बच जाते हैं।

    कैलरी होती है कम

    इस नई स्टडी के मुताबिक आलू वजन घटाने में असरदार रूप से काम करता है क्योंकि यह एक ऐसा स्टार्ची फूड है जिसमें कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होता है जबकी कैलरीज कम। साथ ही मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के साथ साथ वजन को कंट्रोल करने में मदद करता है आलू।

    वजन घटाता है, सेहत नहीं

    एक मीडियम साइज के आलू में जहां 168 कैलरी होती है वहीं उबले आलू में सिर्फ 100 कैलरीज। वैज्ञानिकों का कहना है आलू एक ऐसा फूड है जो वजन तो घटाता है लेकिन सेहत नहीं। इसे अगर आप दिनभर में 10 भी खा लेते हैं, तो भी आप दूसरे फूड से कम कैलरी इनटेक करेंगे और साथ में हेल्दी भी रहेंगे।

    पोषक तत्व से भरपूर

    आलू में फाइबर और प्रोटीन के अलावा विटमिन बी, सी, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीज, फॉस्फॉरस जैसे पोषक तत्व काफी तादाद में होते हैं।

    उबालकर खाना फायदेमंद

    यदि दो-तीन आलू उबालकर छिलके सहित थोड़े से दही के साथ खा लिए जाएं तो ये एक संपूर्ण आहार का काम करता है।

    आलू नहीं, चिकनाई से मोटापा

    आलू को तलकर तीखे मसाले, घी आदि लगाकर खाने से जो चिकनाई पेट में जाती है, वह चिकनाई मोटापा बढ़ाती है आलू नहीं। वहीं, अगर आप आलू को उबालकर खाते हैं तो हेल्थ को तो फायदा मिलता ही है साथ ही वजन भी कम होता है।

    आलू के छिलके भी हैं फायदेमंद

    आलू के छिलके ज्यादातर फेंक दिए जाते हैं, जबकि छिलके सहित आलू खाने से ज्यादा शक्ति मिलती है। जिस पानी में आलू उबाले गए हों, वह पानी न फेंकें, बल्कि इसी पानी से आलुओं का रसा बना लें। इस पानी में मिनरल और विटमिन बहुत होते हैं।

  • डेंटल डैम यानी मुंह का कॉन्डम है बड़े ही काम का , जानें इस्तेमाल का तरीका और फायदे

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    हम जब भी सेफ सेक्स की बात करते हैं तो दिमाग में कॉन्डम का ही नाम आता है। डॉक्टर भी सुरक्षित यौन संबंधों के लिए कॉन्डम के इस्तेमाल की ही सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ओरल सेक्स के लिए भी कॉन्डम का इस्तेमाल किया जाता है?

    इन यौन रोगों से बचाएगा डेंटल डैम यानी मुंह का कॉन्डम

    ओरल सेक्स के दौरान अगर सावधानी न बरती जाए तो एचआईवी, साइफिलिस, गोनोरिया, एचपीवी और वायरल हेपेटाइटिस जैसी घातक बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए ओरल सेक्स के दौरान भी कॉन्डम इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि ओरल सेक्स के लिए एक अलग तरह का कॉन्डम यूज किया जाता है, जिसे डेंटल डैम कहा जाता है। इसे हम ‘मुंह का कॉन्डम’ भी कह सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में

    क्या होता है डेंटल डैम या मुंह का कॉन्डम?

    डेंटल डैम यानी मुंह का कॉन्डम काफी पतला और छोटा होता है जोकि पॉलियूरीथेन या लेटेक्स का बना होता है। चूंकि इसका इस्तेमाल मुंह में किया जाता है इसीलिए इसे ‘मुंह का कॉन्डम’ का जाता है। यह कॉन्डम ओरल सेक्स के दौरान फैलने वाले यौन रोगों से बचाव करता है।

    असहज लेकिन सही चुनाव है डेंटल डैम

    अन्य कॉन्डम की तरह डेंटल डैम कॉन्डम को भी सावधानीपूर्वक और सही तरीके से इस्तेमाल की जरूरत होती है। शुरुआत में इन्हें यूज करने में थोड़ा सा असहज भले ही लगे लेकिन वास्तव में यह बड़े ही काम की चीज है।

    ​ऐसे करें यूज

    सबसे पहले डेंटल डैम पर लगे पाउडर को साफ करें और देखें कि कहीं उसमें किसी तरह का छेद या डिफेक्ट तो नहीं है। अब ओरल ऐक्ट परफॉर्म करने से पहले ल्यूब का यूज करें। हालांकि ध्यान रखें कि यह ल्यूब वॉटर बेस्ड हो क्योंकि ऑइल बेस्ड लुब्रिकेंट्स से लेटेक्स का बना कॉन्डम खराब हो जाता है। मुंह के कॉन्डम को एक ही तरफ से इस्तेमाल करें।

    ​बरतें ये सावधानियां

    अगर अलग-अलग बॉडी पार्ट्स में ओरल ऐक्ट परफॉर्म करना है तो फिर हर पार्ट के लिए अलग डेंटल डैम का यूज करें। मुंह के कॉन्डम को इस्तेमाल के बाद तुरंत डिस्पोज करें और उसे गलती से भी दोबारा यूज करने का न सोचें।

  • Kriti Sanon पहुंची हाई स्लिट सेक्सी गाउन में न्यू यॉर्क फैशन वीक

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    दुनिया के सबसे फेमस और प्रतिष्ठित फैशन शोज में से एक न्यू यॉर्क फैशन वीक के दौरान बॉलिवुड ऐक्ट्रेसेस भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही हैं। बॉलिवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा के बाद ऐक्ट्रेस कृति सैनन भी पहुंची न्यू यॉर्क फैशन वीक में।

    दुनिया के लीडिंग लेदर ब्रैंड्स में से एक Coach के स्प्रिंग समर 2020 कलेक्शन के लॉन्च के दौरान बतौर गेस्ट पहुंचीं थीं कृति सैनन। न्यू यॉर्क फैशन वीक में यह कृति का डेब्यू अपीयरेंस था।

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    इस दौरान कृति सैनन ने मेटैलिक ग्रीन कलर का बेहद सुंदर प्रिंटेड ड्रेस पहन रखा था। इस ड्रेस का थाई हाई स्लिट कट कृति सैनन को बेहद सेक्सी लुक दे रहा था। यह खास ड्रेस ब्रैंड कोच की सबसे पॉप्युलर प्रिंटेड Prairie ड्रेस थी जिसे कृति ने बियान्का सैंडल्स और कोच के ही शोल्डर बैग के साथ टीमअप कर पहन रखा था।

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    न्यू यॉर्क फैशन वीक में यह कृति सैनन का डेब्यू था और इसमें कोई शक नहीं कि वह इस ड्रेस और लुक में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। कृति ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें भी शेयर की।

  • 2 हफ्ते में weight loss के न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए जबरदस्त तरीके

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    ज्यादातर लोग बढ़ते वजन और मोटापे से परेशान हैं और वे इसे कम करने के लिए हर संभव तरीका अपनाने की कोशिश करते हैं। वैसे तो सलाह यही दी जाती है कि वजन को एकदम से कम करने के बजाय धीरे-धीरे कम करें, लेकिन एक न्यूट्रिशनिस्ट ने दो हफ्तों में ही वजन कम करने के 5 बढ़िया तरीके बताए हैं। एक इंटरनैशनल न्यूज वेबसाइट ने न्यूट्रिशनिस्ट जूली लैंबल से इस बारे में बात की। आइए जानते हैं इन तरीकों के बारे में:

    ​दिन में 3 बार खाएं

    दिन में 3 वक्त खाएं और खाने में ताजा फल और सब्जियों को ही शामिल करें। बीच-बीच में स्नैक्स बिल्कुल भी न खाएं। इससे कम कैलरी शरीर में जाएंगी, जिससे वजन घटाने में मदद मिलेगी।

    ​ब्रेकफस्ट न छोड़ें

    कई लोग बिल्कुल भी ब्रेकफस्ट नहीं करते और लंच व डिनर में जमकर खाते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। बल्कि ब्रेकफस्ट दिन का सबसे बड़ा मील होना चाहिए। यानी ब्रेकफस्ट हेवी, लंच कम हेवी और डिनर एकदम हल्का लेना चाहिए। ब्रेकफस्ट में प्रोटीन की मात्रा अधिक होनी चाहिए और ऐसी चीजें कम होनी चाहिए जो अत्यधिक कार्बोहाइ़ड्रेट रिलीज करती हों।

    ​सैचरेटेड फैट, शुगर और गेंहू को ना

    न्यूट्रिशनिस्ट ने कहा कि डायट में सैचरेटेड फैट्स से लेकर शुगर और गेंहू को बिल्कुल भी न शामिल करें। इससे मेटाबॉलिजम और पाचन सिस्टम सुधरेगा और वजन नहीं बढ़ेगा।

    रोजाना 30 मिनट की कड़ी एक्सर्साइज

    रोजाना 30 मिनट की कड़ी एक्सर्साइज करने से भी वजन घटाने में मदद मिलेगी।

    वेट लॉस के लिए एक यह भी बढ़िया डायट प्लान

    वैसे वजन कम करने के लिए एक और डायट प्लान फॉलो कर सकते हैं। इसके लिए दिन की शुरुआत पानी के ग्लास के साथ करें। इसके बाद गर्म ब्लैक टी या ग्रीन टी पिएं। नाश्ते में सूप पिएं, जिसमें सब्जियां डली हों। दोपहर के खाने में होल वीट ब्रेड की दो स्लाइस खाएं। इसके साथ एक कप सूप लें। शाम को ग्रीन टी पी सकती हैं। अन्य तरह की चाय या कॉफी को अवॉइड करें।

    रात के खाने में सब्जियों से बनी सैंडविच खाएं। ब्रेड ओट्स या होल वीट वाली हो तो बेहतर होगा।

    जरूरी नहीं कि ऊपर बताए तरीकों से सभी लोगों का वजन समान प्रक्रिया से घटे या समान मात्रा में घटे। हर किसी का बॉडी टाइप अलग होता है। इसलिए किसी भी डायट प्लान को फॉलो करने से अपने डॉक्टर से भी जरूरी सलाह लें। डायबीटीज, थाइरॉयड या हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में तो जरूर ही संपर्क करें।

  • अपने पार्टनर के घुटन भरे डोमिनेटिंग व्यवहार को ऐसे करें हैंडल

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    किसी भी रिश्ते में सबसे अधिक महत्व अगर किसी चीज का होता है तो वह है आपसी सम्मान और एक-दूसरे की स्वतंत्रता। लेकिन कई बार हमें पता ही नहीं चल पाता कि हमारा पार्टनर हमें डोमिनेट कर रहा है। हालांकि इसमें तब तक कोई दिक्कत नहीं है जब तक चीजें आपको भावनात्मक या मानसिक या शारीरिक तौर पर हर्ट ना कर रही हों। ऐसे समझें कि क्या आपका पार्टनर आपको डोमिनेट कर रहा है…

    रिश्ते के लिए जरूरी चीजें

    लव-रिस्पेक्ट और इक्वेलिटी जैसी चीजें किसी भी हेल्दी रिलेशन के लिए जरूरी हैं। अगर एक पार्टनर दूसरे को हर समय नीचा दिखाने या कमतर महसूस कराने की कोशिश करता है तो यह सुखद रिश्ते के लिए अच्छा संकेत नहीं है। आपको इस स्थिति को बदलने का प्रयास करना होगा।

    इंवेस्टमेंट चाहिए

    आर्थिक और सामाजिक जीवन की ही तरह निजी जीवन में भी वक्त और ऊर्जा का निवेश करना पड़ता है। अच्छे रिश्ते के लिए जरूरी है कि आप साथ में वक्त बिताएं। एक-दूसरे से अपनी प्लानिंग और मन की बातें शेयर करें। अगर कोई एक पार्टनर वक्त की कमी की बात कहकर हमेशा दूसरे को इग्नॉर कर रहा है तो यह सही नहीं है।

    उसे ही सारे निर्णय लेने हैं
    मेल हो या फीमेल, डोमिनेटिंग पार्टनर सारे निर्णय खुद ही लेना पसंद करते हैं। कब कहां घूमने जाना है, कितना खर्च करना है, क्या पहनना है, किससे बात करनी है, किससे नहीं करनी है। आपकी हर आदत और जरूरत को वे अपने हिसाब से ढालना चाहते हैं।

    उसे हर समय अटेंशन चाहिए

    डोमिनेटिंग पार्टनर अपने साथी को लेकर बहुत अधिक कॉन्शस होते हैं। उन्हें हर समय अपने पार्टनर की अटेंशन चाहिए होती है। ऐसे लोग अपने साथी की किसी जरूरत को प्राथमिकता नहीं देते और हर बार उनका अपना काम और जरूरते पहले पूरी करनी होती हैं।

    पर्सनल स्पेस चाहिए

    हर व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ निजता की जरूरत होती है। हर बात और हर काम में दखल किसी को भी अच्छा नहीं लगता है। अगर आपका पार्टनर आपकी निजता का सम्मान नहीं करता है तो यह इस बात का सबसे कॉमन साइन है। इसमें पार्टनर आपका फोन चेक करता है, वो भी आपसे पूछे बिना।

    ऐसा इसलिए होता है

    सायकॉलजिस्ट्स के अनुसार, कुछ लोग डोमिनेटिंग पर्सनैलिटी के होते हैं जबकि कुछ लोगों में यह आदत समय और परिस्थितियों के कारण आ जाती है। लेकिन स्थिति जो भी हो अगर किसी एक पार्टनर के कारण दूसरा परेशान हो रहा है तो उसे इस मुद्दे पर बात करनी चाहिए।

    इसमें नहीं है गुरेज

    अगर आपका रिश्ता आपको घुटन दे रहा है तो परेशान होने से बेहतर है कि आप काउंसलर की मदद लें। इससे आपको अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और अपनी जिंदगी को सही से जीने की प्लानिंग करने में मदद मिलेगी।

  • अपने हनीमून को यादगार बनाना चाहते हैं तो ये सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन

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    हनीमून पर जाने के लिए ज्यादातर लोग पहाड़ों पर घूमना पसंद करते हैं और इसके लिए वो शिमला या मसूरी जैसी डेस्टिनिशन को ज्यादा अहमियत देते हैं। लेकिन अगर आप अपने हनीमून को यादगार बनाना चाहते हैं तो उत्तराखंड और हिमाचल की वादियों से अलग इस जगह का रुख कर सकते हैं।
    कोडाइकनाल, तमिलनाडु
    तमिलनाडु में बसा है छोटा सा हिल स्टेशन कोडाइकनाल। यहां की खूबसूरती हर किसी का दिल जीत लेती है। इस खूबसूरत पहाड़ी पर आने के बाद यहां से जाने का दिल ही नहीं करेगा। मनमोहक पहाड़, हरियाली वादियां, नीले घुमड़ते बादल सैलानियों को दीवाना बनाने के लिए पर्याप्त हैं। कोडाइकनाल का मौसम पूरे साल सुहाना रहता है जिसकी वजह से बहुत सारे सैलानी यहां हनीमून मनाने के उद्देश्य से आते हैं।
    कोडाइकनाल झील
    सितारानुमा यह झील पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र  है। चौबीस हैक्टेयर भूमि में फैली इस झील में आप अपने साथी के साथ बोटिंग का मजा ले सकते हैं। झील की सैर के दौरान दिखने वाले दिलकश नजारे अद्भुत होते हैं। आप चाहें तो यहां पर घुड़सवारी का आनंद भी ले सकते हैं।
    कोकर्स वाक
    हरे पहाड़ों की ऊंचाई से इनकी ढलान को देखना बहुत सुंदर लगता है। बहुत सारे पर्यटक ऊंचाई पर पहुंचकर इसके ढलान को देखने जाते हैं। सुनने में यह चाहे थोड़ा बोरिंग लगे लेकिन इसकी खूबसूरती का अंदाजा तो वहां जाने वाला ही लगा सकता है।
    पिलर रॉक
    122 मीटर ऊंचे पहाड़ को पिलर रॉक कहा जाता है। इस पहाड़ में कुछ गुफाएं हैं जो सैलानियों को आकर्षित करती हैं। इन गुफाओं के अंदर से गुजरना बहुत यादगार रहता है।
    कोडाइकनाल का मौसम
    यहां पर मौसम हमेशा सुहावना रहता है। किसी भी मौसम में आप जाएंगे ये हमेशा ही खूबसूरत नजर आता है। लेकिन सर्दियों के मौसम में आपको कुछ गर्म कपड़े ले जाने पड़ेंगे। यहां पहुंचने के लिए आप रेल, हवाई या सड़क तीनों मार्गों का सहारा ले सकते हैं। सबसे पास का हवाई अड्डा मदुरै है। इसके अलावा कोडइ रोड नजदीकी रेलवे स्टेशन है जहां से कोडइकनाल जाने के लिए स्टेशन के बाहर ही बस या टैक्सी मिल जाएगी।

  • पाना है हेल्दी ब्रेन तो रहिये फिट

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    अगर लंबे समय से आप जिम जॉइन करने के बारे में सोच रहे हैं लेकिन कभी आलस तो अभी किसी और वजह से इसे जॉइन नहीं कर रहे हैं तो हाल ही हुई एक स्टडी जिम जॉइन करने की जायज वजह बन सकती है। बॉडी फिटनेस और ब्रेन शार्पनेस से जुड़ी एक रिसर्च में 12 सौ से अधिक लोगों को शामिल किया गया। इन सभी की उम्र 30 साल के आस-पास थी।

    इस रिसर्च में सभी पार्टिसिपेंट्स को अंडरवॉटर ब्रेन स्कैन, यादाश्त, शार्पनेस, निर्णय लेने की क्षमता और तार्किक स्तर पर अपनी बात रखने के पैमानों पर परखा गया। इन सभी के साथ ही हर्टबीट्स को भी जांचा गया। स्डटी में साफ था कि यहां फिटनेस का अर्थ मसल मेकिंग से नहीं है।

    शोधकर्ताओं ने पाया कि फिट लोग दो मिनट के वॉक टेस्ट में काफी तेज गति से रिद्म के साथ चले। जांच के दूसरे पैरामीटर्स पर भी वे अपने कॉलीग्स, जो उनकी तुलना में कम फिट थे, उनसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। फिट लोग दिमागी स्तर पर काफी मजबूत और बेहतर थे। साथ ही फिट महिलाओं और पुरुषों के मस्तिष्क के सफेद पदार्थ के हिस्से में स्वस्थ तंत्रिका फाइबर पाए गए। शोधकर्ताओं के अनुसार, दिमाग में पाया जानेवाला सफेद पदार्थ (वाइट मैटर) उच्च गुणवत्ता वाले तंत्रिका संचार के लिए महत्वपूर्ण है।

    रिसर्च के रिजल्ट के तौर पर सामने आया कि बड़ी संख्या में फिट लोग अपने कम फिट कॉलीग्स की तुलना में वर्कप्लेस पर भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं। रिसर्च टीम के प्रमुख डॉ जोनाथन रिपल ने कई थिअरीज के जरिए यह साबित किया कि स्ट्रॉन्ग बॉडी में ही स्ट्रॉन्ग ब्रेन रहता है। उनका कहना है कि एक्सर्साइज से इंफ्लेमेशन में कमी आती है, जिससे दिमाग की नसों को लाभ पहुंचता है। रिपल जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ मंस्टर में सायकॉलजिस्ट और न्यूरोसाइंटिस्ट हैं।

  • Style Icon PM Modi: पीएम मोदी को देश का ‘स्टाइल आइकन’ बनाते हैं उनके ये 7 फैशन स्टेटमेंट्स

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    नई दिल्ली, लाइफस्टाइ डेस्क। Style Icon PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर यानी आज अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। नरेंद्र मोदी को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और स्वर्गीय राजीव गांधी के बाद देश के सबसे स्टाइलिश और स्मार्ट पीएम माना जाता है। युवाओं के लिए फैशन आइकन बन चुके पीएम मोदी का हर अवसर में स्टाइल स्टेटमेंट छाया रहता है। जिस तरह से देश में पंडित नेहरू के बंद गले वाले जैकेट को नेहरू जैकेट के नाम से मशहूर हो गया वैसे ही आधी बाज़ू के कुर्ते का फैशन लाने वाले पीएम मोदी रहे हैं।

    उनकी आलोचना चाहे जितनी कर लें, लेकिन एक बात से सभी सहमत होंगे कि नरेंद्र मोदी की पहचान उनके स्टाइल स्टेटमेंट की वजह से भी होती है। उन्हें ‘स्टाइल आइकॉन’ कहना बिल्कुल भी ग़लत नहीं होगा। तो आइए उनके जन्मदिन पर हम आपको बता रहे हैं पीएम मोदी के 8 स्टाइल स्टेटमेंट्स के बारे में।

    प्रधानमंत्री जब पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबोमा से मिले थे तब उन्होंने अपने नाम का मोनोग्राम सूट पहनकर सबको चौंका दिया था। उस वक्त उनके महंगे सूट की काफी आलोचना की गई थी।

    भारत के सभी प्रधानमंत्री हमेशा फॉर्मल कपड़ों में ही देखें गए हैं। हालांकि, मोदी ऐसे पीएम हैं जो एक्पेरिमेंट करने से पीछे नहीं हटे। फॉर्मल्स के अलावा उन्हें टीशर्ट और ट्राउज़र्स में गोल्फ खेलते भी देखा गया है। देसी कपड़ों के साथ वह वेस्टर्न लुक भी बहुत अच्छी तरह से कैरी करते हैं।

    इसी साल प्रधानमंत्री मोदी अंडमान-निकोबार आइलैंड की राजधानी पोर्ट ब्लेयर पहुचे थे। जहां उन्हें ‘मुण्डू’ पहने देखा गया था। ये दक्षिण भारत का पारंपरिक परिधान है। इस तरह के पारंपरिक पहनावे में भी मोदी काफी फब भी रहे थे।hat

    प्रधानमंत्री मोदी ने कई लुक्स ट्राइ किए हैं। मोनोग्राम सूट के बाद पीएम मोदी ने मोनोग्राम शॉल भी पहनी। अपने फ्रांस दौरे पर मोदी ने काले रंग की शॉल पहनी थी जिसपर NM साफ देखा जा सकता था।

    बराक ओबामा के साथ मुलाकात के समय पीएम भगवा रंग की पश्मीना शॉल में दिखे थे।

    फिर चीन दौरे पर उन्हें शेड्स और शॉल पहने देखा गया।

    उसके बाद नेपाल दौरे पर मोदी से अपना पसंदीदा देसी लुक अपनाया।