Category: health-lifestyle

  • क्या दूध के साथ अंडा खाना चाहिए?

    [object Promise]

    नाश्ते को दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है। इसका मतलब यह है कि नाश्ते के रूप में आप पिछली रात का उपवास तोड़ते हैं और दिन के लिए अपने मेटाबोलिज्म और शरीर के अन्य कार्यों के लिए तैयार करते हैं। सुबह आप जो भी कुछ खाते हैं, उससे न केवल आपका पेट सही रहता है बल्कि आपका दिमाग भी बेहतर रहता है। इससे आपको एनर्जी मिलती है जिससे शरीर बेहतर तरीके से कामकाज कर पाता है। इसलिए नाश्ते में ऐसी चीजें खाना जरूरी है जिससे आपको पर्याप्त ऊर्जा मिल सके। इसमें इस बात का अहम रोल होता है कि आप किस चीज के साथ क्या खाते हैं यानी आपका फूड कॉम्बिनेशन क्या है।

    फूड कॉम्बिनेशन क्यों है जरूरी

    खाने के मामले में आपको सतर्क रहना चाहिए। आपको आसानी से मिलने वाली चीजें नहीं बल्कि वो चीजें खानी चाहिए जिसकी आपके शरीर को जरूरत है। जब नाश्ते में प्रोटीन से भरपूर चीजों की होती है, तो दो चीजों अंडा और दूध का नाम पहले स्थान पर आता है। कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि इन दोनों चीजों का एकसाथ सेवन नहीं करना चाहिए। आपको बता दें कि अंडा प्रोटीन के अलावा  कोलीन और एल्ब्युमिन का भी बेहतर स्रोत है। अंडे को कई तरीके से खाया जा सकता है जैसे कच्चा, उबालकर, तलकर या आधा उबालकर।

    कच्चा अंडा क्यों ना खाएं?

    अमेरिकन जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन के अनुसार, अंडे का ना केवल टेस्ट खराब होता है बल्कि इस रूप में खाना काफी खतरनाक भी माना जाता है। कच्चा अंडा खाने से आपको बायोटिन की कमी, फूड पोइजनिंग और साल्मोनेला इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। इससे आपको पेट खराब होना, उल्टी होना पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। कई  गंभीर मामलों में साल्मोनेला इन्फेक्शन से मृत्यु भी हो सकती है।

    उबला अंडा क्यों खाएं?

    दूसरी ओर पका हुआ अंडा खाने से इन्फेक्शन और फूड पोइजनिंग का कम खतरा होता है। इसके अलावा जब अंडे को पकाकर खाया जाता है, तो शरीर द्वारा उससे मिलने वाले प्रोटीन को आसानी से अवशोषित किया जा सकता है जबकि कच्चे अंडे के मामले में ऐसा नहीं है।

    दूध के साथ अंडा खाने से क्या होता है?

    दूध कैल्शियम, लिपिड, व्हे, कैसिइन और अन्य मिनरल्स व विटामिन का एक समृद्ध स्रोत है। दूध एक कोलाइड युक्त पानी है जो इसके अन्य घटकों के साथ बांधता है। स्तनधारियों से कच्चा दूध या तो सीधे सेवन किया जाता है या बैक्टीरिया को मारने के लिए पाश्चरीकृत किया जाता है, जो उसमें मौजूद हो सकता है। इन दोनों चीजों को जब एक साथ खाया जाता है, तो यह शरीर के लिए बेहतर होते हैं। लेकिन अंडा पका होना चाहिए और दूध बैक्टीरिया फ्री होना चाहिए।

    जब इन दोनों चीजों को एक साथ खाया जाता है, तो इससे प्रोटीन की मात्रा बढ़ सकती है जो शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित नहीं होता है। यह बढ़ा हुआ प्रोटीन फैट में बदलना शुरू हो जाता है। लेकिन जब अंडे को उबालकर खाते हैं, तो प्रोटीन का अवशोषण आसानी से हो जाता है जिससे किसी भी तरह का स्वास्थ्य संबंधी खतरा नहीं होता है। यानी उबले अंडे को दूध के साथ बिना किसी चिंता के खाया जा सकता है। इसलिए उबले अंडे को उबले हुए दूध के साथ खाएं और स्वस्थ रहें।

  • चार घंटे से ज्यादा टीवी देखने से कैंसर का खतरा

    [object Promise]

    लंदन। टीवी देखना तनाव कम करने और समय काटने का अच्छा साधन है। इससे मनोरंजन भी होता है और जानकारियां भी मिलती हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा टीवी देखने के लिए बैठे रहना सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है। एक में सामने आया है कि रोजाना चार घंटे से ज्यादा टीवी के आगे बैठे रहने से पुरुषों में आंत का कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।

    के लिए शोधकर्ताओं ने करीब पांच लाख पुरुषों और महिलाओं के डाटा का विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि जिन लोगों ने टीवी देखने के लिए कम समय दिया, जीवन में आगे चलकर उनमें से कम लोग आंत के कैंसर से ग्रसित हुए। छह वर्ष तक लोगों पर निगरानी रखने पर सामने आया कि कुल लोगों में 2,391 में आंत के कैंसर की शुरुआत हुई।

    फ्रांस के इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आइएआरसी), ब्रिटेन स्थित इंपीरियल कॉलेज लंदन और यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं ने डाटा का विश्लेषण करने पर आंत के कैंसर और टीवी देखने की आदत के बीच संबंध पाया। ब्रिटिश जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित के अनुसार, शोधकर्ताओं ने पाया कि शारीरिक गतिविधियों का संबंध पुरुषों के कोलोन कैंसर (पेट के कैंसर) से है।

    शोधकर्ताओं के मुताबिक, कंप्यूटर स्क्रीन पर समय बिताने का कोई संबंध कैंसर से नहीं मिला। ब्रिटेन में कैंसर अनुसंधान रोकथाम की विशेषज्ञ लिंडा बाउल के मुताबिक, के लिए प्रतिभागियों से प्रश्नावली भरवाई गई। आप टीवी स्क्रीन और कंप्यूटर स्क्रीन को कितना समय देते हैं।

    टीवी या कंप्यूटर के सामने होने पर आप कितनी मात्र में जंक फूड का सेवन करते हैं। इस तरह के प्रश्न उनसे पूछे गए। ये आया सामने ,  लिंडा के मुताबिक, में सबसे अहम बात ये सामने आई कि टीवी को अधिक समय देने वाले पुरुषों में ही इस कैंसर की आंशका बढ़ी थी न कि महिलाओं में। इसकी वजह ये थी कि महिलाओं की तुलना में पुरुष टीवी देखते समय अधिक धूमपान करते हैं व सेहत के लिए खराब चीजें खाते हैं।

  • जानियें क्यों नहीं होती सगोत्र में शादी !

    [object Promise]

    भारत में हमारे धर्मशास्त्रों में अपने गोत्र में विवाह वर्जित किया हुआ है। इसका कारण कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से बचाव को लेकर है। आपने विवाह संबंधों की चर्चा के दौरान अक्सर यह सुना होगा कि अमुक विवाह इसलिए नहीं हो पाया, क्योंकि वर और कन्या सगोत्री थे। कुछ लोग इसे महज एक रूढ़ि मानते हैं तो कई इसका बढ़ा-चढ़ाकर प्रचार करते हैं।

    विश्वामित्र, जमदग्नि, भारद्वाज, गौतम, अत्रि, वशिष्ठ, कश्यप इन सप्त-ऋषियों और आठवें ऋषि अगस्त्य की संतानों को गोत्र कहते हैं। इस प्रकार से अगर दो लोगों के गोत्र एक समान होते हैं, तो इसका मतलब ये होता है कि वो एक ही कुल में जन्मे हैं। इस तरह उनमें पारिवारिक रिश्ता होता है।

    ऐसा माना जाता है कि एक ही कुल या गोत्र में शादी करने से होने वाली संतानों में आनुवांशिक विकार होते है और उन संतानों की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। धर्म कहता है कि उसके बच्चे चांडाल श्रेणी में पैदा होते हैं।

    वैदिक संस्कृति के अनुसार, एक ही गोत्र में विवाह करना वर्जित है क्योंकि एक ही गोत्र के होने के कारण स्त्री-पुरुष भाई और बहन हो जाते हैं। तो सवाल उठता है कि किस गोत्र में शादी करनी चाहिए? कहा जाता है कि तीन गोत्र छोड़ कर ही विवाह करना चाहिए।

    पहला स्वयं का गोत्र, दूसरा मां का गोत्र और तीसरा दादी का गोत्र। कहीं-कहीं लोग नानी का गोत्र भी देखते हैं और इसलिए उस गोत्र में भी शादी नहीं करते।

    वास्तविक रूप में सगोत्र विवाह निषेध चिकित्सा विज्ञान की ’सेपरेशन ऑफ जींस’ की मान्यता पर आधारित है। कई वैज्ञानिक अनुसंधानों के बाद यह निष्कर्ष प्राप्त किया गया है कि यदि करीब के रक्त संबंधियों में विवाह होता है तो अधिक संभावना है कि उनके जींस (गुणसूत्र) अलग न होकर एक समान ही हों।

    एक समान जींस होने से उनसे उत्पन्न होने वाली संतान को कई गंभीर बीमारियों जैसे हीमोफीलिया, रंग-अंधत्व आदि के होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए हमारे शास्त्रों ने सगोत्र विवाह निषेध का नियम बनाया था, लेकिन कई समाज में निकट संबंधियों में विवाह का प्रचलन होने के बावजूद उन दंपतियों से उत्पन्न हुई संतानों में किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं पाई गई।

    वर्तमान समय में इस प्रकार के नियमों को उनके वास्तविक रूप में देखने की आवश्यकता है। यह नियम यदि वैज्ञानिक अनुसंधानों पर आधारित होकर यदि केवल रक्त संबंधियों तक ही सीमित रहे तो बेहतर है, लेकिन देखने में आता है कि सगोत्र विवाह निषेध के नाम पर ऐसे रिश्तों को भी नकार दिया जाता है जिनसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी में कोई रक्त संबंध नहीं रहा है। इसलिए वर्तमान चिकित्सा विज्ञान वाले युग में इस प्रकार के नियमों के पीछे छिपे उद्देश्यों को उसके वास्तविक रूप में देखना व समझना अतिआवश्यक है।

  • गर्मी में खरबूजे के सेवन से होते है ये बेहतरीन फायदे

    [object Promise]

    खरबूजे के फायदे हर किसी को पता होना चाहिए। गर्मी का मौसम आ गया है और हर कोई खरबूजा खाना पसंद करता है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि खरबूजे के फायदे के बारे में जान लिया जाए। गर्मी में खरबूजे का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। सेहत के लिहाज से खरबूजे के फायदे बहुत सारे होते हैं।

    खरबूजे के फायदे

    गर्मियां आते ही काफी मात्रा में खरबूजे बिकने लगते हैं। कच्चे खरबूजे का रंग हरा होता है, जबकि पके हुआ खरबूजा पीला रंग का दिखता है।

    खरबूजे में पर्याप्‍त मात्रा में पानी होता है, जो व्यक्ति को गर्मी के दिनों में हाइड्रेट रखता है। खरबूजे में शर्करा की काफी मात्रा होती है।

    [object Promise]
    खरबूजे के फायदे

    यह भी पढ़ें:  एक अप्रैल से 10 करोड़ गरीब परिवारों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा

    साथ ही खरबूजे में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन, कैलोरी और कई तरह के विटामिन्स भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।खरबूजे के फायदे हर किसी को पता होना चाहिए। गर्मी का मौसम आ गया है और हर कोई खरबूजा खाना पसंद करता है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि खरबूजे के फायदे के बारे में जान लिया जाए। गर्मी में खरबूजे का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। सेहत के लिहाज से खरबूजे के फायदे बहुत सारे होते हैं।

    खरबूजे के फायदे

    गर्मियां आते ही काफी मात्रा में खरबूजे बिकने लगते हैं। कच्चे खरबूजे का रंग हरा होता है, जबकि पके हुआ खरबूजा पीला रंग का दिखता है।

    खरबूजे में पर्याप्‍त मात्रा में पानी होता है, जो व्यक्ति को गर्मी के दिनों में हाइड्रेट रखता है। खरबूजे में शर्करा की काफी मात्रा होती है।साथ ही खरबूजे में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन, कैलोरी और कई तरह के विटामिन्स भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। खरबूजा खाने से आंखों की रौशनी कम नहीं होती। साथ ही मोतियाबिंद होने का खतरा कम रहता है।

    खरबूजा खाने के हैं कई फायदे

    खरबूजा खाने से शरीर का इंसुलिन नियंत्रित रहता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों के लिए यह फायदेमंद होता है। साथ ही खरबूजा खाने से कोलेस्ट्रॉल की समस्या नहीं होती है।

  • रिश्ते पर विश्वास की कमी से जिम्मेदारी लेने से कतराने लगी हैं लड़कियां

    आजकल लड़कियां अपने पसंद की नौकरी से लेकर अपनी शादी जैसे अहम फैसले खुद ही लेती हैं। ऐसे में लड़कों के दिमाग में एक सवाल हमेशा बना रहता है कि आखिर क्यों ज्यादातर लड़कियां सालों तक चले रिलेशनशिप के बावजूद अपने ब्वॉयफ्रेंड से शादी क्यों नहीं करतीं। अगर आप भी इस सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो पढ़ें ये दिलचस्प 5 सच कारण।

    [object Promise]
    Better-in-the-case-of-meat-eating-meat

    जब आप प्यार में होते हैं तो आपको न तो कोई छोटा लगता है और न कोई बड़ा। लेकिन वक्त के साथ लड़कियों को यह अहसास होता है कि उन्हें अपने पार्टनर के साथ रहते हुए कई तरह के कॉम्प्रोमाइज करने पड़ रहे हैं तो उन्हें अपना भविष्य अंधकार में लगने लगता है। ऐसे में लड़कियां अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए किसी सेटल्ड लड़के से ही शादी करना चाहती हैं।

    [object Promise]
    bf

    लड़कियां अक्सर अपने माता-पिता के डर से भी अपने ब्वॉयफ्रेंड से शादी नहीं करती हैं। अगर उन्हें लगता है कि उनके माता-पिता उनके रिश्ते को नहीं अपनाएंगे या फिर उनके रिश्ते की वजह से उनके माता-पिता दुखी हो सकते हैं तो भी लड़कियों को लगता है कि उन्होंने प्यार करने में थोड़ी जल्दबाजी कर दी है और वो दूसरे लड़के से ही शादी कर लेती हैं।

    [object Promise]
    relationship

    लड़कियों को अक्सर ये लगता है कि अगर उन्होंने अपने मर्जी से शादी कर ली तो बाद में पति के साथ विवाद होने पर वो अपने माता-पिता से इस बारे में बात नहीं कर पाएंगी। अपने  भी ब्वॉयफ्रेंड को छोड़ दूसरे लड़के से शादी कर लेती हैं।

    जब आपको कोई अच्छा लगता है तो आप यह नहीं सोचते कि वो अपके स्टेट्स का है या नहीं। आपको उसका नेचर, उसके बात करने का तरीका इतना पसंद आता है कि लड़कियां उसे अपना दिल देने से खुद को नहीं रोक पातीं। लेकिन धीरे-धीरे बात जब शादी की आती हैं और उन्हें लगता है कि लड़का उसके स्टेंडड से मैच नहीं करता तो सोसाइटी में उनकी इमेज खराब होने के डर से भी वो दूसरे लड़के से शादी कर बैठती हैं।

    ब्वॉयफ्रेंड से शादी

    जब आप कई सालों तक किसी रिश्ते में होते हैं तो अपने पार्टनर में छिपी अच्छाई और बुराई दोनों से वाकिफ हो जाते हैं। ऐसे में अगर आपका पार्टनर आपके लिए जरूरत से ज्यादा पजेसिव है और बात-बात पर आपके ऊपर सख्ती करता है तो भी नहीं बनाना चाहती।

    Read More : भाजपा अध्यक्ष पर सिद्धारमैया का बड़ा हमला, कहा- अमित शाह खुद को समझते हैं ‘चाणक्य’

  • इन 3 फलों में छुपा है आपकी सेहत का राज, खाने से कभी नहीं होंगे बीमार

    [object Promise]

    सेहतमंद रहने के लिए हर कोई अपनी डाइट से लेकर व्यायाम तक का खास ध्यान रखता है। कुछ लोग तो अच्छी सेहत को बरकरार रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा फलों का सेवन करते हैं। फलों का सेवन आपको बीमारियों से बचाने के साथ-साथ शरीर को अंदरूनी ताकत भी देता है। ऐसे में आज हम आपको 3 ऐसे फलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका सेवन करने से आप हमेशा हैल्दी रहेंगे। स्वस्थ रहने के लिए डॉक्टर और डाइटीशियन भी इन फलों का सेवन करने की सलाह देते हैं। अगर आप भी स्वस्थ रहना चाहते है तो रोजाना इन फलों का सेवन करें।

    [object Promise]
    high-fiber-diet-plan-kya-hota-hai-

    1. स्ट्रॉबेरी
    प्रोटीन, कैलोरी, फाइबर, आयोडीन, फोलेट, ओमेगा 3, पौटाशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, विटीमिन बी और सी के गुणों से भरपूर स्ट्रॉबेरी का सेवन आपके शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है। इसके अलावा इसका सेवन इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे दिनभर आपके शरीर में एनर्जी बनी रहती है। रोजाना 1 कप स्ट्रॉबेरी का सेवन आपको कई बीमारियों से दूर रखता है।

    [object Promise]
    high-fiber-diet-plan-kya-hota-hai-

    2. केला
    1 केले में करीब 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है, जोकि सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर केला ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है। फाइबर, कैल्शियम और विटामिन सी से भरपूर रोज 1 केला खाने से इंस्टेंट एनर्जी, स्वस्थ डाइजेशन और बल्ड में हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ता है। इसके अलावा स्वस्थ रहने के लिए आप आम, चीकू या पाइनएपल भी खा सकते हैं।

    3. फाइबर युक्त फ्रूट्स
    स्वस्थ रहने के लिए शरीर को सबसे ज्यादा जरूरत फाइबर की होती है। ऐसे में अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा फाइबर युक्त फूट्स को शामिल करें। फाइबर युक्त फ्रूट्स जैसे- आड़ू, जामुन, सेब, नाशपाती, पपीता, तरबूज और खरबूजे आदि का सेवन आपको कई बड़ी बीमारियों से बचाता है।

    [object Promise]
    high-fiber-diet-plan-kya-hota-hai-

    4. डायबिटिक मरीज भी खाएं फल
    डायबिटीज मरीजों के लिए फलों का सेवन बहुत फायदेमंद होता है आप सोचते होंगे कि फल खाने से आपकी रक्त शर्करा या ब्लड शुगर बढ़ सकती है लेकिन इन फलों में शर्करा और चीनी की मात्रा बहुत कम होती है। इसलिए आप बिना किसी डर के इन फलों का सेवन कर सकते हैं। जहां ये फल डायबिटिज मरीजों के लिए फायदेमंद। वहीं, इनका सेवन हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग से भी बचाव करता है।

  • जानिए किन लोगों को नहीं पीना चाहिए नींबू पानी

    ज्यादातर लोग गर्मी से राहत पाने के लिए नींबू पानी का सेवन करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि नींबू पानी भी सब लोगों के लिए फायदेमंद नहीं होता है। कुछ लोगों को जिन्हें कोई विशेष बीमारी या दिक्कत है उन लोगों को नींबू पानी नहीं पीना चाहिए। कई स्थितियां ऐसी होती हैं, जब नींबू पानी व्यक्ति को फायदा नहीं बल्कि नुकसान पहुंचाता है।
    नींबू पानी का सेवन
    अगर आप भी रोज नींबू पानी पीते हैं तो इस रिपोर्ट में जान लें कि किन लोगों को नींबू पानी नहीं पीना चाहिए। इस तरह की दिक्कत और बीमारी होने पर नींबू पानी पीना सेहत के लिए घातक हो सकता है।
    नींबू पानी का सेवन
    किडनी और लिवर
    किडनी और लिवर की समस्या वाले लोगों को नींबू पानी नहीं पीना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि नींबू में ऑक्सलेट्स पाया जाता है, जो क्रिस्टल के रूप में जमकर शरीर में कैल्शियम एब्जॉर्प्शन को प्रभावित करता है। इस कारण किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है।
    कमजोर हड्डियां
    जिन लोगों को हड्डियों से जुड़ी कोई समस्या हो तो उन्हें भी नींबू पानी नहीं पीना चाहिए। नींबू पानी पीने से ज्यादा यूरिन आती है और उसके माध्यम से शरीर का कैल्शियम बाहर निकल जाता है और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।
    एसिडिटी
    एसिडिटी की समस्या वाले लोगों को नींबू पानी नहीं पीना चाहिए। क्योंकि नींबू पानी एसिडिक होता है। इसके नियमित सेवन से एसिडिटी, हार्टबर्न जैसी प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं।
    पेट में अल्सर
    अगर किसी व्यक्ति को पेट में अल्सर है तो उसे भी नींबू पानी नहीं पीना चाहिए क्योंकि नींबू पानी में पाए जाने वाले एसिडिक का गुण पेप्टिक अल्सर को नुकसान पहुंचाता है। साथ ही दर्द और जलन की समस्या हो सकती है।
    दांतों की समस्या
    जिन लोगों को दांतों से जुड़ी कोई प्रॉब्लम हो उन्हें नींबू पानी नहीं पीना चाहिए। नींबू पानी पीने से दांतों का एनामल कमजोर होता है, जिसके कारण दांत टूटने का डर रहता है। साथ ही दांतों की सेंसिटिविटी भी बढ़ जाती है।

  • कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी के दर्द से मिलेगी राहत, मरीज को मिलेगा जीवनदान

    [object Promise]

    वैज्ञानिकों को एक बड़ी उपलब्धि हाथ लगी है। उन्होंने कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी और उन दवाओं का विकल्प खोज लिया है, जो कैंसर के इलाज के दौरान कैंसर सेल्स के साथ सामान्य सेल्स को भी नुकसान पहुंचाती हैं। वैज्ञानिकों ने चूहों पर सफल प्रयोग किया है। हालांकि इसे मानव शरीर पर लागू करने में अभी काफी वक्त है लेकिन पहले ही पायदान पर प्रयोग को सफलता मिलने से वैज्ञानिक उत्साहित हैं।

    [object Promise]
    chemotherapy1

    यह सफल प्रयोग 11 वैज्ञानिकों की टीम ने क्लेवलैंड क्लीनिक, अमेरिका में किया, जो विश्व में दूसरे स्थान पर है। वैज्ञानिकों की टीम का नेतृत्व क्लेवलैंड क्लीनिक में कैंसर बायोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. यांग ली ने किया, बीते साल वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय आए थे और यहां सात साल से कैंसर जागरूकता कार्यक्रम के तहत उनके कई लेक्चर भी आयोजित किए गए थे।

    [object Promise]
    chemotherapy1

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जैव रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. मुनीश भी इस टीम का हिस्सा रहे। इस रिसर्च को औंको जीन नामक प्रतिष्ठित जरनल में पब्लिशर नेचर स्प्रिंग की ओर से प्रकाशित किया गया है। डॉ. मुनीश ने बताया कि कैंसर की बीमारी से शरीर में ट्यूमर बन जाते हैं। कीमोथेरेपी और दवाओं के जरिये इन ट्यूमर्स को खत्म किया जाता है।

    इलाज की इस प्रक्रिया में कैंसर सेल्स के साथ सामान्य सेल्स को भी नुकसान होता है। शरीर पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मरीज को भी काफी पीड़ा होती है। वैज्ञानिकों की टीम ने रिसर्च में पाया कि माइक्रो आरएनए यानी एमआईआर-21 नार्मल सेल्स को खत्म करता है। इससे कैंसर सेल्स और प्रभावशाली हो जाती हैं।

    [object Promise]
    chemotherapy1

    टीम ने चूहों पर प्रयोग करते हुए एमआईआर-21 को प्रभावहीन बनाने के लिए उसका एंटी सेंस चूहे में इंजेक्ट कर दिया और पाया कि चूहे के शरीर में बना ट्यूमर धीमे-धीमे छोटा हो गया और कुछ ट्यूमर पूरी तरह से खत्म हो गए। यह प्रयोग साल भर तक अमेरिका के क्लेवलैंड क्नीनिक में चला। हालांकि अभी मानव शरीर पर इसका प्रयोग नहीं हुआ है। इसे व्यवहारिक रूप से लागू करने में तकरीबन दस वर्ष का समय लग सकता है।

  • भरपूर नींद लेने के बाद भी रहती है थकान तो करें ये काम

    [object Promise]

    भागदौड़ भरी कामकाज में व्यस्त जिंदगी में आराम करना भी बहुत जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार थकावट को दूर करने के लिए सभी 6 से 7 घंटे तक जरूर सोना चाहिए। इससे पूरा दिन शरीर भी स्वस्थ रहता है और मस्तिष्क सही तरीके से काम करता है। अगर आप 6 से 7 घंटो तक सोने के बाद भी थके.थके महसूस करते हैं तो इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे कोई लंबी बीमारीए नींद का पूरा ना होनाए खराब भोजन  अनियमित दिनचर्या थायराइड  शरीर में अधिक एसिड बनना आदि। आज हम आपको ऐसे उपाय बताएंगेए जिसे इस्तेमाल करके आपकी थकान तो दूर होगीए साथ में पूरा दिन ताजगी भी महसूस करेंगे।

    • शरीर में पानी की कमी होने पर भी पूरा दिन थकावट महसूस होती है। इसलिए दिन में अधिक से अधिक मात्रा पानी     पीएं।
      गर्म पानी की बोतल से शरीर के अंगों की सिकाई करें।
    • दिन में कमजोरी या थकान अनुभव होने पर चॉकलेट खाएं। इससे शरीर में तुरंत एनर्जी आएगी। इसके अलावा कोको तनाव को भी कम करता है।
    •  समय पर न सोना और कम नींद लेना भी सुबह.सुबह थकावट के खास कारण है। इसलिए समय पर सोएं और सुबह समय पर उठे।
    • सुबह.सुबह ठंडे पानी से नहाएं। इससे ब्लड सर्कुलेशन ठीक होगा और आप पूरा दिन तरोताजा महसूस करेंगे।
    • सुबह जल्दी उठने के बाद व्यायाम जरूर करें। सुबह की सैर सेहत के लिए वैसे भी बहुत फायदेमंद होती है। इससे शरीर में पूरा दिन एनर्जी बनी रहती है।
    • थकान को दूर करने के लिए गर्मा.गर्म चाय काफी कारगार उपाय है। खास करके तुलसी के पत्तियों की चाय बनाएं और पीएं।
    • सुबह के नाश्ते में ताजे फलों का जूस शामिल करें। इससे थकान कम लगती है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। इसके अलावा नींबू पीने से थकावट से छुटकारा मिलता है।
    • थकावट महसूस होने पर हाथों.पैरों की मालिश करवाएं। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है।
    • अपनी डाइट में हरी सब्जियों पालक  साग  भिंडी आदि को शामिल करें। इससे शरीर में खून की पूर्ति होती है। कई बार खून की कमी और हीमोग्लोबिन का स्तर घटने से भी पूरा दिन थकावट महसूस होती है।

  • रोज एक केले का सेवन महिलाओं को दूर रखेगा इस रोग से महिलाओं के लिए इस मामले में फायदेमेंद है केला

    [object Promise]

    वैसे तो केले में इतने पौष्टिक गुण हैं कि यह सेहत के लिए कई बड़े फायदे की वजह हो सकता है लेकिन महिलाओं के लिए इसके नियमित सेवन का एक खास फायदा है।

    अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित शोध की मानें तो मेनोपॉज के बाद जो महघ्लिाएं नियमघ्ति तौर पर एक केले का सेवन करती हैं, उन्हें स्ट्रोक का खतरा 27 प्रतिशत कम रहता है।

    [object Promise]
    banana

    उनके अनुसार, नघ्यिमित तौर पर एक केले का सेवन महघ्लिाओं के शरीर में पोटैशघ्यिम की कमी नहीं होने देता जघ्सिसे स्ट्रोक का रिस्क कम रहता है।

    शोधकर्ताओं ने 50 से 79 साल की उम्र वाली 90,137 महघ्लिाओं पर अध्ययन करने के बाद यह दावा कघ्यिा है।   केवल एक केले के सेवन को फायदेमंद बताते हुए माना है कि इसकी अधघ्किता दघ्लि से जुड़े रोगों का खतरा भी बढ़ा सकती है क्योंक  अधघ्कि पोटैशघ्यिम का सेवन दिल के लिए फायदेमंद नहीं है। इसके अलावा भी केले के सेवन के सेहत से जुड़े कई बड़े फायदे आप जरूर जानना चाहेंगे।

    [object Promise]
    banana

    पोषक तत्वों से भरपूर है केला

    अगर आप केले के सेवन से बचते हैं कि यह बीमारों का फल है तो इसके फायदे और पोषक तत्वों को जानने के बाद अपनी राय बदल देंगे।

    केला में विटामिन ए, बी, सी और ई, मिनिरल्स, पोटैशियम, जिंक, आयरन आदि कई पोषक तत्व हैं जो औपको सेहत से जुड़े ये बड़े फायदे देंगे।

    केले में प्राकृतिक तौर पर शुगर है। शारीरिक श्रम या कसरत करने के बाद केले के सेवन से शरीर में इसका स्तर सामान्य होता है और

    तुरंत ऊर्जा मिलती है। थकान महसूस करने पर इसके सेवन से आपको ताकत व ताजगी मिलेगी।

    [object Promise]
    banana

    तेज दिमाग और बेहतर मूड  
    केला में ट्राइपोफन नामक तत्व अच्छी मात्रा में है जो शरीर में सेरोटोनिन की मात्रा बढ़ाता है जिससे मूड अच्छा होता है। स्ट्रेस के दौरान इससे अच्छी कोई डाइट हो ही नहीं सकती है।

    केले में विटामिन बी अच्छी मात्रा में होता है। यह नर्वस सिस्टम को ठीक रखता है और याददाश्त तेज करता है। ऐसे में तेज दिमाग के लिए नियमित रूप से केले का सेवन कर सकते हैं।

    इसमें पोटैशियम अच्छी मात्रा में होता है जो रक्त संचार ठीक रखता है और सोडियम नियंत्रित रखता है। इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। मजबूत हड्डियों से लेकर पाचन तक फायदेमंद

    केले में मौजूद प्रोबायोटिक बैक्टीरिया शरीर में कैल्शियम को सोखने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें पोटेशियम अच्छी मात्रा में होता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए फायदेमंद है।

    केले में प्रोबायोटिक इन्जाइम्स हैं जो पोषक तत्वों के पाचन में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से पाचन ठीक रहता है। कच्चे केले का सेवन डायरिया से बचाव में काफी मददगार है।

    इसके अलावा, इसमें मौजूद पेसटिन नामक तत्व कॉन्स्टिपेशन ठीक करने में भी मददगार है। केले में प्रोबायोटिक इन्जाइम्स हैं जो पोषक तत्वों के पाचन में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से पाचन ठीक रहता है। कच्चे केले का सेवन डायरिया से बचाव में काफी मददगार है। इसके अलावा, इसमें मौजूद पेसटिन नामक तत्व कान्स्टिपेशन ठीक करने में भी मददगार है।