पानी हमारे शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण हैए ये बात तो सभी जानते हैं। हमारा शरीर 70 प्रतिशत पानी से बना होता हैं। सर्दियों में अधिकतर लोग कम पानी पीते है लेकिन गर्मी हो सर्दी पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है। इसलिए डॉक्टर भी अक्सर सलाह देते है कि एक व्यक्ति को रोज दिन में 8 से 9 गिलास पानी पीना चाहिएए तभी शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है लेकिन आप हम बात उन लोगों की करने जा रहे है जो खाने के तुरंत बाद पानी पी लेते है। दरअसल खाने के तुरंत बाद पानी पीने से यह हमारे शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। शरीर को बीमारियों घेर सकती है। इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि खाने से कितने समय बाद पानी पीना ठीक होता है।
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भोजन के तुरंत बाद पानी पीना नुकसानदायक बहुत से लोग होते हैं जो खाने के तुरंत बाद पानी पीते है। अगर आप भी ऐसा करते है तो अपनी इस आदत में बदलाव लाए क्योंकि ऐसा करने से खाया हुआ खाना सही तरह से पचता नहीं बल्कि गल सकता है। खाना गलने की वजह से हमारे शरीर को भोजन में मौजूद पौष्टिक तत्व नहीं मिल पाता।
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भोजन के इतने समय बाद पीएं पानी खाना खाने के करीब 30 मिनट बाद ही पानी का सेवन करें। इसके अलावा एक और बात का ध्यान रखे कि कभी भी खड़े होकर पानी न पीएं। खड़े होकर पीने से पानी फेफड़ों और घुटनों में चला जाता हैए जिससे पेट और जोड़ों से जुड़ी कई प्रॉबल्म होने का खतरा बना रहता है।
बदलते परिवेश में लोगों में सेल्फी लेने का क्रेज मानसिक विकार को भी जन्म दे रहा है। इसे मनोचिकित्सक सेल्फीसाइड का नाम दे रहे हैं। इससे प्रभावित शख्स हमेशा अपने शरीर की सुंदरता को जानने के इच्छुक रहते हैं। बार-बार अपनी छवि को निहारना उन्हें खूब भाता है। लोगों में बने सेल्फी के क्रेज से लगातार हादसो की संख्या में वृद्धि होने लगी है। इस मामले में दिल्ली सरकार के डॉ.भीमराव अंबेडकर अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. दिनेश त्यागी का कहना है कि दिन में बार-बार सेल्फी लेना व लालसा रखना एक ऐसा विकार है, जिससे प्रभावित होने की दशा में व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से क्षतिग्रस्त होता है।
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ऐसे पहचानें सेल्फी के रोगी को इस विकार से पीड़ित अपने कई तरह के पोज बनाकर तस्वीरें खीचने को आतुर रहता है। यदि कोई व्यक्ति दिन में अधिक संख्या में अपनी सेल्फी लेता है, तो उसे मानसिक व्यग्रता से पीड़ित माना जाता है। ऐसे में पीड़ित अपना ज्यादातर वक्त सेल्फी लेने में व्यर्थ तो करते ही हैं, साथ ही सोशल साइट्स पर लगातार नजरें गड़ाए रहते हैं।
विस्तार की है अपनी-अपनी वजह इसकी वजह सोशल मीडिया पर अपलोड की गई खुद की रोमांचक तस्वीरें हैं, जो सोशल साइट्स से जुड़ें लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने लगती हैं। ऐसे में प्रभावित लोग स्वयं ही अपने व्यक्तित्व व सुंदरता का विस्तार करने में लगे रहते हैं, जिससे उन्हें ज्यादातर लोगों से कमेंट प्राप्त हो सकें। कुछ लोग इस तकनीक का उपयोग लोगों से जुड़ने व स्वयं के प्रति लोगों की प्रतिक्रिया जानने का भी प्रयास करने में लगे होते हैं। अधिक सेल्फी का क्रेज स्किन पर भी असर डालता है।
चेहरे की दमक को भी फीका कर सकता है बार-बार सेल्फी लेना
अंबेडकर अस्पताल के त्वचा रोग विषेषज्ञ डॉ. विवेक सागर के अनुसार सेल्फी लेना चेहरे की दमक को भी फीका कर सकता है। डॉ.सागर के अनुसार लगातार स्मार्टफोन के फ्लैश लाइट की वजह से स्किन में इलेक्ट्रोमेग्नेटिक रेडिएशन के पड़ने से स्किन के सेल्स पर बुरा असर पडता है। इसकी वजह से त्वचा पर झुर्रियां भी पड़ सकती हैं। साथ ही त्वचा समय से पहले ही बूढ़ी नजर आने लगती है।
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महिलाएं हो रही सेल्फीसाइड से अधिक प्रभावित
सेल्फी लेने का क्रेज आमतौर पर ज्यादातर महिलाओ में दिखाई देने लगा है। अक्सर महिलाएं खुद के रोमांचकारी व विभिन्न प्रकार के आकर्षक पोज बनाकर तस्वीरें खीच सोशल साइट्स पर अपलोड कर देती हैं। साथ ही अपलोड की गई तस्वीरो पर कमेंट पाने के चक्कर में उलझी रहती हैं।
जानें इस बीमारी से बचाव के उपाय डॉ. दिनेश त्यागी के अनुसार युवाओं में मानसिक व्यग्रता रोग का इलाज काउंसिलिंग के जरिये संभव है। यदि कुछ सावधानियां बरती जाएं तो काफी हद तक सेल्फीसाइड नाम के विकार से बचाव किया जा सकेगा। सेल्फी का क्रेज ठीक है, लेकिन लोगों को सेल्फी से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक होना भी जरूरी है। यह न हो कि क्रेज के चक्कर में जान पर ही बन आए।
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सेल्फी के नुकसान
1. दिन भर सेल्फी लेने से लोग सेल्फी एल्बो नामक बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं, क्योंकि बार बार सेल्फी लेने वाले व्यक्ति की कोहनी इससे प्रभावित होती है।
2. ज्यादा सेल्फी लेने से चेहरे पर समय से पहले ही झुर्रियां आ सकती हैं। कैमरे से निकलने वाले नीले रंग के हानिकारक रेडिएशन त्वचा में मौजूद डीएनए पर प्रभाव डालते हैं, जिसके चलते स्किन की रिपेयरिंग क्षमता काफी हद तक खराब होती है ।
3. एक सर्वे के अनुसार अस्पतालों में सेल्फीसाइड के जिन मरीजों का इलाज किया गया वो सब व्इेमेेपअम -ब्वउचनसेपअम क्पेवतकमत से ही पीड़ित थे।
4. लोग झूठी शान दिखाने के चक्कर में खतरनाक स्थानों पर जाकर सेल्फी लेते हैं और अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठते हैं। दुनिया भर में ऐसे हजारों मामले सामने आ चुके हैं।
भारत में हमेशा से ही बिंदी को सुहागिन की निशानी बताया गया है। शादीशुदा औरतों के लिए हिन्दू समाज में शादी के बाद बिंदी लगाना जरुरी होता है। मगर सदियों से चली आ रही इस परम्परा ने समय के साथ फैशन का रूप ले लिया है। अब औरतें सिर्फ सुहाग की निशानी के तौर पर ही नहीं बल्कि फैशन के लिए बिंदी लगाना पसंद करती हैं। इतना ही नहीं, सिर्फ इंडियन नहीं बल्कि वेस्टर्न कपड़ों के साथ भी आपको बिंदी लगाई लड़कियां दिख जाएंगी। लेकिन क्या कभी आपने जाना है कि आपके फेस पर कैसी बिंदी सबसे अच्छी लगती है या लग सकती है? दरअसल फेस शेप के अनुसार अगर आप बिंदी लगाएंगी तो खूब जचेंगी। तो आगे चुनें अपने चेहरे के शेप के हिसाब से परफेक्ट बिंदी स्टाइल।
फेस हो अगर स्क्वायर
अगर आपका फेस स्क्वायर है तो आपको अपने चेहरे पर गोल बिंदी लगानी चाहिए। ये ना सिर्फ आपके चेहरे को सूट करेगी, साथ ही चेहरे के लुक को बैलेंस भी बनाएगी। स्क्वायर शेप के फेस के साथ कभी भी इसी शेप की बिंदी ना लगाएं। ऐसी बिंदी आपके फेस लुक को पूरी तरह से बिगाड़ देगी।
अगर फेस है राउंड शेप
अगर आपका चेहरा राउंड शेप का है तो आपको लंबी बिंदी लगानी चाहिए। ये बिंदी आपके चेहरे पर बेहद खूबसूरत लगेगी। ये बिंदी आपके चेहरे पर एक वर्टिकल इल्यूजन बनाएगी, जो आपके चेहरे को सूट करेगा। राउंड फेस पर लंबी बिंदी लगाने से चेहरा लंबा भी लगता है। लेकिन कोशिश करें कि अधिक लंबी बिंदी ना लगाएं। बिंदी कम लंबी होगी तो अधिक सुन्दर लगेगी।
आपका चेहरा है ओवल शेप
अगर आपका फेस ओवल शेप का है तो अपने चेहरे के साथ कई सारे एक्सपेरिमेंट कर सकती हैं। अगर बड़ी बिंदी लगाती हैं तो वो आपके चेहरे पर ग्रेसफुल लगेगी। अगर आप फिर भी अपनी बिंदी को लेकर थोड़ा कशमकश में हैं तो आप लंबी बिंदी भी ट्राई कर सकती हैं।
अगर चेहरा है डायमंड शेप का
ऐसी महिलाओं का चेहरा थोड़ा छोटा होता है। बिंदी की बात की जाये तो आपको बिंदी लगाते वक्त नुकीली शेप वाली बिंदी को लगाने से थोड़ा बचना चाहिये। ये आपके चेहरे पर अच्छी नहीं दिखेंगी।
अगर चेहरा है हार्ट शेप जैसा
अगर आपका चेहरा हार्ट शेप का है और माथा थोड़ा बड़ा है तो आपको छोटी बिंदी लगानी चाहिये। लेकिन इसमें भी एक बात है, अगर आप छोटी बिंदी लगाती हैं तो ये आपके माथे पर काफी जगह छोड़ देगी। जिससे आपका चेहरा अच्छा नहीं लगेगा। इसलिये आप एक बड़ी बिंदी लगा सकती हैं।
भारतिय संस्कृति में रुद्राक्ष पहनने का बहुत मतलब है। हिंदू धर्म के अनुसार इसे पहनना बहुत शुभ माना जाता है लेकिन क्या आप जानते है कि रुद्राक्ष पहनना सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। रुद्राक्ष पहनने से सिर्फ आध्यात्मिक ही नहीं बल्कि कई मानसिक और सेहत से भरपूर फायदे भी मिलते है। इसे पहनने से दिल से लेकर डायबिटीज की समस्या में फायदा मिलता है। आज हम आपको बताएंगे कि रुद्राक्ष पहन कर आप किन बीमारियों को दूर कर सकते है। आइए जानते है रुद्राक्ष पहनने के फायदे।
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1. दिल के रोग रुद्राक्ष में मौजूद केमो फार्माकोलॉजिकल गुण ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करते है। इससे आप दिल के रोगों से बचे रहते है।
2. नर्वस सिस्टम इसमें आयरन, फास्फोरस, एल्युमिनियम, कैल्शियम, सोडियम, पोटैशियम और सिलिका जैसे गुण होते है, जोकि आपके नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते है। इसे धारण करने से आपका नर्वस सिस्ट ठीक से काम करता है।
3. डायबिटीज और किडनी रोग इसे हर समय पहन कर रखने से किडनी रोग में तो फोयदा होता ही साथ ही इससे डायबिटीज भी संतुलित रहती है।
4. दो मुखी रुद्राक्ष इस तरह के रुद्राक्ष को पहनने से आंखें, दिल, फेफड़े और दिमागी रोग आप से दूर रहते है। इसके अलावा इसे पहनने से चिंता, तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं भी दूर होती है।
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5. ब्लड प्रैशर पंचमुखी रुद्राक्ष पहनने से आपका ब्लड प्रैशर कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा इससे पहनने से तनाव या डिप्रैशन की समस्या भी नहीं होती।
6. दिमागी समस्याएं आजकल लोग बड़ी जल्दी तनाव का शिकार हो जाते है। ऐसे में रुद्राक्ष पहनने से आप तनाव, सिरदर्द, चिंता, दिमागी समस्याएं और डिप्रैशन की समस्याएं दूर होती है। इसके अलावा इसे पहनने याददाश्त भी तेज होती है।
दुनिया में एक देश ऐसा है जो खुद आपको घूमने के लिए पैसे दे रहा है. इस बात को सुनकर आपको यकीन नहीं हो रहा होगा लेकिन इसमें बिल्कुल भी झूठ नहीं है यह है खबर बिल्कुल सच है. दरअसल इन दिनों अर्जेंटीना देश एक ऐसा ऑफर दे रहा है जिसमें अगर आप अर्जेंटिना घूमने आते हैं तो टूर के दौरान लगने वाला वैल्यू एडेड टैक्स यानी कि VAT सरकार आपको वापिस कर देगी जिससे आपके बहुत सारे पैसे बच सकते हैं.
तो अगर आप ने कभीं अर्जेंटिना घूमने का प्लान बनाया था तो इस से बेहतर मौका आपको नहीं मिलेगा. अर्जेंटिना द्वारा दिए जा रहे इस ऑफर के पीछे एक खास वजह छुपी है. अर्जेंटिना की सरकार टूरिज्म को बढ़ावा देना चाहती है और यह नया तरीका पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाया है.
अर्जेंटीना के टूरिस्ट मंत्री गुस्तावो सैंटोस ने बताया कि इस तरह से वह अपनी टूरिस्ट इंडस्ट्री को बढ़ाना देना चाहते हैं. इस ऑफर के अनुसार अगर आप किसी होटल में ठहरते हैं तो आपका 3 रात का किराया 2159 पाउण्ड होता है, तो आपका अब 375 पाउण्ड कम देने होंगे. अर्जेंटिना सरकार के इस कदम के बाद टुरिस्टों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है और बहुत से लोगों ने अभी से इस ऑफर का लाभ उठाना शुरू कर दिया है.
आपको बता दें कि घूमने फिरने के लिए अर्जेंटीना में काफी खूबसूरत जगह है जो आपका मन मोह लेंगी. अर्जेंटीना दक्षिण अमेरिका में सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है. अगर आप यहां घूमने जातें हैं तो आपको बहुत सारी अद्भुत जगह देखने को मिलेगी. अर्जेंटीना के मार डेल प्लाटा शहर में यात्रा करने के लिए कई दिलचस्प स्थान हैं और यह देश में सबसे बड़ा पर्यटक आकर्षण शहर भी है. यह बहुत सुंदर समुद्र तट सैरगाह है.
अर्जेंटीना की एक घाटी पटागोनिया वाइन कंट्री भी काफी मशहूर है. इसके अलावा ब्यूनस आयर्स अर्जेंटीना की राजधानी है नवंबर के महीने में ब्यूनस में छुट्टियां बिताना आपके लिए काफी अच्छा साबित हो सकता है. ये अर्जेंटीना का सबसे खूबसूरत शहर है. यहां का मौसम साफ और सुहाना रहता है. रात के समय ब्यूनस का नजारा देखने लायक होता है. ऐसे में हम कह सकते हैं कि अर्जेंटीना सुंदर प्राकृतिक सुविधाओं, पार्टी माहौल और संस्कृति का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है.
पति-पत्नी के आपसी रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए संबंध बनाना जरूरी है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि रिलेशन बनाने से ही इनके बीच रोमांस बना रहता है। अक्सर देखा जाता है कि संबंध बनाने के बाद कपल्स अपने-अपने काम में व्यस्त हो जाते है लेकिन यहीं बात आपके रिश्ते में खट्टास पैदा कर सकती है।
इसलिए संबंध बनाने के बाद ऐसी गलती बिल्कुल न करें, बल्कि पार्टनर के साथ कुछ समय बिताएं, ताकि उनको भी अच्छा फिल हो। आज हम आपको 5 ऐसी बातों के बारे में बताएंगे, जिन्हें संबंध बनाने के बाद जरूर अपनाएं, इससे कपल्स के बीच का प्यार और रोमांस दोनों बढ़ेगा।
संबंध बनाने के बाद पार्टनर के साथ बिताया समय भी बेहद अनमोल होता है इसलिए अपने पार्टनर को समय दें। इसके अलावा करें ये काम।
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1. मील शेयर करें संबंध बनाते समय ढेर सारी कैलोरी बर्न होती है, जिसके बाद भूख लगना लाजिमी है। ऐसे में अकेले खाने के बजाएं, पार्टनर के साथ मिलकर मिनी मील बनाएं और साथ शेयर करके खाएं।
2. क्वालिटी टाइम शेयर संबंध बनाने के बाद दोनों को मूड काफी अच्छा होता है। यहीं समय होता है जब आप अपने पार्टनर के साथ अपनी बीच की दूरियां मिटा कर अपने रिश्ते को और भी मजबूत बनाए रख सकते है। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम जरूर बिताएं, यहीं आपरे रिश्ते को मजबूती दे सकता है।
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3. बातें शेयर करें दिनभर की भागदौड़ में पार्टनर के साथ बात करने का समय बेहद कम होता है लेकिन यहीं मौका होता है, जब आप अपने पार्टनर के साथ इधर-उधर की या फिर अपने मन की बातें शेयर कर सकते है। इसलिए इस पल को वेस्ट न जाने दें।
4. एक-साथ शावर लें एक-साथ शावर लें। इससे अधिक रिलैक्सिंग मिलेगी और आपको एक-दूसरे के साथ टाइम स्पेंड करने का मौका भी मिलेगा।
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5. साथ में फिल्म देखें संबंध बनाने के बाद पार्टनर के साथ बैठकर कोई भी रोमांटिक फिल्म देख सकते है। ध्यान रखें कि मूवी ऐसी हो, जो आप दोनों की पसंद हो।
6. एक दूसरे को मसाज दें मसाज, संबंध बनाने के बाद रिलैक्स करने और एक दूसरे से जुड़े रहने का बेस्ट तरीका है। अपने पार्टनर को फुल बॉडी मसाज दे सकते हैं या फिर सिर्फ हेड मसाज। इससे आपके बीच प्यार तो बढ़ेगा ही साथ ही आराम भी मिलेगा।
आजकल के भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी का लाइफस्टाइल खराब होता जा रहा है, जिसका सीधा असर सेहत पर पड़ता है। इस बिगड़ते लाइफस्टाइल और खान-पान की गलत आदतों के कारण लोगों में बीमारियां भी बढ़ती जा रही हैं। एक शोध के अनुसार आज हर 10 में 8 व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है, जिनमें से पथरी, डायबिटीज, ब्लड प्रैशर और अस्थमा जैसी समस्याएं आम है।
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इन बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए लोग अधिक से अधिक दवाइयों का सेवन करते है, जोकि लीवर को खराब करता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताएंगे, जिससे आप इन बीमारियों से छुटकारा पा सकते है। इन आयुर्वेदिक औषधियों का इस्तेमाल आपकी कई गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म कर देगा। 1. पथरी इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए पथरचट्टा का 1 पत्ता और 4 मिश्री के दाने को पीस लें। 1 महीने तक गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन पथरी की समस्या को खत्म कर देगा। 2. ब्लड प्रैशर 2 ग्राम मिश्री, 1 ग्राम सूखा धनिया और 1 ग्राम सरपगंधा को पीस लें। गर्म पानी से साथ रोज इसे लेने से हाई ब्लड प्रैशर की प्रॉब्लम बिल्कुल ठीक हो जाती है। 3. डायबिटीज डायबिटीज की समस्या होने पर रोजाना खाली पेट करेले का जूस पीएं। इससे शुगर तो कंट्रोल में रहेगी ही इसके अलावा इससे यह समस्या कुछ समय में ही दूर भी हो जाएगी।
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4. सर्दी-जुकाम सर्दी-खांसी, जुकाम और इंफैक्शन जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए रोजाना तुलसी और अदरक की चाय पीएं। इसके अलावा 1ध्2 टीस्पून सफेद मिर्च को पीस कर इसमें 1 टीस्पून शहद मिलाकर पीने से भी ये समस्याएं दूर हो जाएगी। 5. अस्थमा अस्थमा से छुटकारा पाने के लिए अदरक के रस में शहद मिलाकर खाली पेट पीएं। इसके अलावा त्रिफला और नींबू का रस मिक्स करके पीने से भी यह समस्या दूर हो जाएगी। 6. शारीरिक कमजोरी थकावट, कमजोरी और तनाव को दूर करने के लिए 1 गिलास दूध में 5 ग्राम बेलगिरी चूर्ण मिलाकर पीएं। लगातार इसका सेवन आपकी इस समस्या को दूर कर देगा।
वैज्ञानिकों ने पाया है कि एक वयस्क और एक बच्चे के बीच होने वाली बातचीत बच्चे के मस्तिष्क में बदलाव कर सकती है और यह बातचीत उसके भाषाई विकास के लिए ज्यादा महत्त्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि उच्च-आय परिवारों के बच्चे कम आय वाले परिवार के बच्चों की तुलना में अपने जीवन के शुरुआती तीन सालों में करीब तीन करोड़ ज्यादा शब्द सुनते हैं।
“तीन करोड़ शब्दों का यह अंतर” शब्दावली, भाषाई विकास और पठन बोध की जांच में महत्त्वपूर्ण अंतरों से परस्पर संबंधित होता है।
‘साइकोलॉजिकल साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित हुए इन परिणामों में पाया गया है कि बच्चों को किसी बातचीत में शामिल कर परिजन उनकी भाषा और मस्तिष्क विकास पर विशेष रूप से प्रभाव डाल सकते हैं।
होली आने में अब सिर्फ दो तीन ही दिन बचे है। होली यानि रंगो का त्यौहार। होली का त्यौहार हो और रंगों की बौछार न हो ऐसा तो हो ही नही सकता लेकिन केमिकल युक्त रंग आपके स्किन को नुकसान पहुंचा देते है। कुछ रंग तो इतने पक्के होते है कि कई कोशिशों के बाद भी 2-3 दिन से पहले साफ नहीं होते।
ऐसे में आज हम आपको कुछ घरेलू तरीके बताएंगे, जिससे आप होली के पक्के रंग को आसानी से साफ कर सकते है। इससे आपके चेहरे को हार्म भी नहीं होगा होली के रंग आराम से साफ भी हो जाएंगे। तो आइए जानते है होली के पक्के रंग को साफ करने का तरीका। पक्के रंग साफ करने का घरेलू तरीका 1. बेसन होली के पक्के रंगों को साफ करने के लिए बेसन में नींबू का रस मिला लें। इसे बाद इसे त्वचा पर अच्छी तरह रगड़े और त्वचा को गुनगुने पानी से साफ करें। इससे पक्का रंग मिनटों में साफ हो जाएगा। 2. खीरे का रस खीरे का रस निकालने के बाद उसमें 1 चम्मच गुलाब जल और सिरका मिलाएं। इसके बाद इसे स्किन पर रब करें और बाद में गुनगुने पानी से साफ करें। इसे दो बार चेहरा साफ करने पर रंग निकल जाएंगे। 3. मुल्तानी मिट्टी मुल्तानी मिट्टी में ग्लिसरीन और नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगा लें। 15 मिनट चेहरे को गुनगुने पानी से साफ करें। यह पेस्ट आपके पक्के रंग को साफ करने के साथ स्किन को भी सॉफ्ट करता है। 4. मूली का रस मूली के रस में दूध और बेसन मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे स्किन पर मलने के बाद कुछ देर ऐसे ही लगा रहने दें। इसे बाद पानी से इसे साफ कर लें। इससे आपके रंग भी साफ हो जाएंगे और चेहरे पर निखार भी आएगा। 5. दूध और तेल 2 चम्मच तेल और दूध को मिक्स करने के बाद उसमें 1 चम्मच नारियल का तेल और चुटकीभर हल्दी मिक्स करें। इसे हल्के हाथों के साथ चेहरे पर मसाज करें। 15 मिनट बाद चेहरे को धो लें। यह बिना किसी नुकसान के चेहरे से रंगो को साफ कर देगा। 6. सेब और संतरा 2-3 कप पानी में कटे हुए सेब डालकर गाढ़ा होने तक उबालें। इसके बाद इसमे संतरे का रस मिक्स करके स्किन पर मसाज करें। ऐसा करने से आपका रंग आसानी से निकल जाएगा।
गरमी का मौसम आ गया है. इस मौसम में प्यास खूब लगती है. कई लोग खुला पानी पीने से बेहतर बोतल बंद पानी पीना पसंद करते है. अगर आपको पता चले कि बोतल बंद पानी खुले पानी से ज्यादा खतरनाक है ?. आप सोच रहे होंगे आप सस्ते लोकल ब्रांड का पानी नहीं पीते लोकल बोतल बंद पानी खतरनाक होता होगा.
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तो हम बता दें कि बिस्लेरी और एक्वाफिना समेत कई कंपनियों की 93 प्रतिशत बोतलबंद पानी में प्लास्टिक के बारीक कण मिले हैं जो आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं. यह रिसर्च किसी एक ब्रांड से नहीं किया गया पूरी दुनिया के 11 बड़े ब्रांड्स को इसमें शामिल किया गया है.
बोतल की पानी से ज्यादा साफ नल का पानी है. बोतल के पानी में जो प्लास्टिक का कण मिला है उसे माइक्रोप्लास्टिक कहते हैं. यह रिसर्च न्यूयॉर्क की स्टेट यूनिवर्सिटी ने किया है. इस रिसर्च में इन ब्रांड्स के 27 लॉट में से 259 बोतलों पर टेस्ट किया गया. इसके लिए भारत के दिल्ली, मुंबई समेत दुनिया के 19 शहरों से नमूने चुने गये. इन बोतल की जांच के बाद जो हैरान करने वाला तथ्य सामने आया.
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शरीर के लिए हानिकारक शोध में पाया गया कि लगभग 93 फीसदी बोतल बंद पानी में प्लास्टिक के कण हैं। प्लास्टिक के जो अवशेष पाए गए हैं, उनमें पॉलीप्रोपाइलीन, नायलॉन और पॉलीइथाईलीन टेरेपथालेट शामिल हैं। इन सबका इस्तेमाल बोतल के ढक्कन बनाने में होता है।
शोधकर्ता का मानना है कि पानी में ज्यादातर प्लास्टिक पानी को बोतल में भरते समय आता है। यह बोतल और उसके ढक्कन से आ सकता है जो शरीर के बहुत ही हानिकारक हैं।
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5 महाद्वीपों से लिए गए नमूने शोध में बताया गया कि जो व्यक्ति एक दिन में एक लीटर बोतल बंद पानी पीता है वह प्रतिवर्ष प्लास्टिक के दस हजार तक सूक्ष्म कण ग्रहण करता है। जिन ग्लोबल ब्रैंड्स के सैंपल लिए गए उनमें एक्वाफिना, और बिसलरी भी शामिल हैं।
पांच महाद्वीपों में भारत, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, केन्या, लेबनान, मेक्सिको, थाईलैंड और अमेरिका से 19 स्थानों से नमूने एकत्र किए गए। बोतल बंद पानी में प्लास्टिक के अदृश्य कणों को देखने के लिए शोध दल ने विशेष डाई और नीली रोशनी का उपयोग किया। शोध के दौरान 100 माइक्रोंस और 6.5 माइक्रोंस के आकार के दूषित कणों की पहचान हुई।