सेहत को अच्छा रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है। बहुत से लोग फिटनेस के लिए एक्सरसाइज और योग का सहारा लेते हैं लेकिन जब तक अच्छी डाइट को आहार में शामिल नहीं करेंगे कोई फायदा नहीं होगा। सर्दी के मौसम में लोग शक्ककंदी यानि स्वीट पोटैटो खाना बहुत पसंद करते हैं। इसकी चटपटी चाट खाने में जितनी टेस्टी होती है सेहत के लिए भी उतनी ही फायदेमंद भी है। आप शक्करकंदी को उबालकर या भून कर खा सकते है। आइए जानें इसके गुणों के बारे में।
विटामिन का खजाना
शकरकंद में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन सी मिलता है। इसकासेवन करने से बहुत-सी समस्याओं से बचा जा सकता है।
बच्चों का शारीरिक विकास
बढ़ते हुए बच्चों के लिए शकदकंदी बहुत जरूरी होती है। अगर बच्चों की ग्रोथ अचानक रुक जाए तो को शकरकंद का सेवन करवाना शुरू कर दें। इससे बच्चों को सारेे पोषक ततेव आसानी से मिलेगे और शारीरिक विकास भी अच्छी तरह से होगा।
आंखों की समस्या से छुटकारा
इसमें विटामिन ए की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होती है। कुछ लोगों को रात के समय कम दिखाई देता है। शक्ककंदी खाने से इस समस्या से राहत मिलती है।
दिल और हड्डियां मजबूत
आजकल लोगों में दिल और हड्डियों की परेशानी आम सुनने को मिल रही है। इसे खाने से हड्डिया मजबूत होती है और दिल की बीमारियों से भी राहत मिलती है।
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सर्दियों में खाएंगे शकरकंद तो मिलेंगे ढेरों फायदे
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रेड वाइन के ये 9 दमदार फायदे आपको कर देंगे हैरान
रेड वाइन के लाभः कुछ लोगों को वाइन पीना बहुत पसंद होता है। हम लोग यह बात भी अच्छी तरह से जानते हैं कि नशीले पदार्थ सेहत के लिए हानिकारक होते हैं लेकिन अगर सही मात्रा में किसी चीज का सेवन किया जाए तो वह सेहत के लिए फायदेमंद भी होती है। वैसे तो बाजार में बहुत तरह की वाइन मिलती हैं लेकिन रेड वाइन का सेवन हैल्थ के लिए बहुत लाभकारी होता है। यह मोटापा कम,ब्लड प्रैशर की समस्या से राहत,दिल के रोग के अलावा बहुत सी परेशानियों को कम करती है। रेड वाइन सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि स्किन और हेयर के लिए बहुत फायदेमंद है लेकिन जरूरत से ज्यादा इसका सेवन करने से नुकसान भी हो सकता है। आइए जानें इसके फायदों के बारे में।
रेड वाइन के लाभ
रेड वाइन एक तरह का पेय पदार्थ है जो काले अंगूर से बनाया जाता है। इसमें विटामिन बी 6,आयरन, मैग्निशियम के अलावा और भी बहुत से जरूरी तत्व शामिल होते हैं जो स्वास्थय लाभ पहुंचाते हैं। हफ्ते में एक बार सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से फायदा मिलता है।
1. पाचन शक्ति मजबूत
इसका सेवन करने पाचन शक्ति मजबूत होती है। इससे पेट के बैक्टिरिया खत्म हो जाते हैं और पेट का अल्सर भी कम हो जाता है।
2. कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल
कोलेस्ट्रॉल के रोगियों के लिए रेज वाइन बहुत लाभकारी है। यह बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है। अगर आप रेड वाइन पीने से परहेज करते हैं तो इसकी जगह पर अंगूर का सेवन कर सकते हैं।
3. कैंसर की रोकथाम
नियमित मात्रा में इसका सेवन करने से बॉडी में कैंसर की कोशिकाएं पनपने की आशंका थोड़ी कम हो जाती है।
4. दिल रखें स्वस्थ
रेड वाइन सैचिरेटेड फैट,ब्लड क्लॉटिंग और कोलेस्ट्रॉल की परेशानी को भी कम करती है। जिससे दिल स्वस्थ रहता है।5. डायबिटीज से राहत
डायबिटीज के रोगियों के लिए भी रेड वाइन लाभकारी है। यह खून से रक्त शर्करा के स्तर को कम करती है। जिससे शूगर के रोगी को लाभ मिलता है।
6. याद्दाशत करें तेज
रेड वाइन पीने से याद्दाशत में भी सुधार होता है। यह मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में सुधार करती है। जिससे आप चीजों को आसानी से याद रख सकते हैं।
7. वजन घटाएं
यह शरीर में मेटाबॉलिज्म का लेवल सही रखता है। रेड वाइन में मौजूद रेस्वेराट्रोल शरीर में वसा कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। जिससे अतिरिक्त फैट कम हो जाता है।
8. अच्छी नींद
कुछ लोगों रात को नींद न आने के कारण परेशान रहते हैं। हफ्ते में एक बार इसका सेवन करने से नींद अच्छी आने लगती है।
9. दांत मजबूत
इससे मसूढ़ों की सूजन कम हो जाती है, दांतों के बैक्टिरिया खत्म हो जाते हैं और दांत भी मजबूत होते हैं। -
डेनिम से पाएं परफैक्ट स्टाइल व लुक्स
फैशन के मामले में बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्रियों हमेशा राज ही रहता है। चाहे बात इंडिया लुक में दिखने की या फिर वेस्टर्न अवतार में। डेनिम तो हर किसी की ऑलटाइम फैवरेट रहा हैं यह बहुत कंफर्ट होती हैं और यह इजी टू विअर होने की वजह से डेली यूज में रहती हैं। डेनिम को मतलब जींस माना जाता था, लेकिन अब इस फैब्रिक के साथ कई तरह के एक्सपेरिमेंट्स हो रहे हैं…इसी का परिणाम है कि डेनिम में अब खूबसूरत आउटफिट की खासी वैराइटी मिल रही है और भी वह हर लेटेस्ट स्टाइल और लुक्स में देखने को….डेनिम एक सदाबहर फैब्रिक है और यह हर उम्र के बीच में पॉपुलर है। तभी तो फैशन वल्र्ड में इसे एक खास जगह और डिजाइनर्स डेनिम के साथ कई एक्सपेरिमेंट भी करते रहते हैं।डेनिम की पॉपुलैरिटी का आलम यह है कि अब यह वूलन स्टाइल में शर्ट जंपसूट ड्रेसेज, कुर्ता, शॉर्ट्स, वेस्ट, ब्लाउज, के साथ खूब नजर आ रहा है।बॉलीवुड के फंक्शन हो चाहे कोई भी इवेंट में ब्यूटीफुल जैकलिन फर्नांडिस के लुक्स देखने लायक होते हैं अब हाल ही में जैकलिन एयरपोर्ट पर नजर आयीं यहां अगर आप गौर करें तो लाइट मेकअप, खुले बाल के साथ लॉन्ग एयरिंग्स में जैकलिन सारी लाइम-लाइट बनीं रहती हैं।शिल्पा शेट्टी अपनी खूबसूरती, स्टाइल और लुक्स के लिए हमेशा चर्चा का विषय बनीं रहती हैं। हाल ही में इंस्टा पर शिल्पा का डिजाइनर डेनिम के आउटफिट में बहुत ही खूबसूरत लुक सामने आया है। लाइट मेकअप, स्टाइल हेयर में शिल्पा क्या लग रही हैं।०० -
Home Tips : नाभि के कालेपन पाएं छुटकारा
खुद को फैशनेबल व ग्लैमर्स डे्रेस में देखने के लिए महिलाओं फिट और एक्टिव रहने की कोशिश कर रहीं है, वहीं लंबे ब्लाउज पहनने का फैशन अब गायब सा हो गया हैं नाभि को सजा कर इस पर बालियां पहनने का शौक इसी जमाने का फैशन है। वहीं नाभि का कालापन दूर करने के लिए यहां हम आपके लिए लाये हैं कुछ घरेलू टिप्स…नाभि का कालापन दूर करने के लिए थोडी-सी मुलतानी मिट्टी, दो बूंद बादाम का तेल, दो बूंद नांबू का रस गुलाबजल में इन तीनों को मिलाकर पेस्ट बना लें। स्नान के 15 मिनट पहले यह पेस्ट नाभि पर अचछी तरह लगाएं। स्नान के समय इसे साफ कर लें। यह प्रयोग कुछ दिनों तक करने से नाभि का कालापन दूर हो जाता है।रात को सोते समय नाभि में 1-2 बूंद सरसों का तेल लगाने से होंठ नहीं फटते। नाभि में अधिक कालापन होने पर उबला आलू मसल कर नाभि पर रगडें।पके पपीते की छोटी-छोटी पीस लेकर नाभि पर रगडने से भी नाभि का कालापन दूर हो जाता है।गरमी के दिनों में नाभि को सुबह-शाम पानी से जरूर साफ करें जिससे पसीने की दुर्गंध निकल जाए। -
ऐसे जानिये हंसने के अंदाज से व्यक्ति की अच्छाई और बुराई !
दुनिया में हर व्यक्ति का स्वभाव और हंसने का अंदाज अलग-अलग होता है. हर इंसान की हंसी अलग तरह की होती है लेकिन क्या आप जानते है कि आपके हंसने का अंदाज पर्सनेलटी और स्वभाव से जुड़े कई राज खोलता है. आपकी हंसने के अंदाज से अच्छाई और बुराई से लेकर स्वभाव तक के बारे में पता लगाया जा सकता है. तो आइए जानते है आपकी हंसी आपके स्वभाव के बारे में क्या कहती है.
खिलखिलाकर हंसना
इस तरह हंसने वाले लोग उत्साही प्रवृति और बुद्धिमान तरह के होते है. इनके मन बिल्कुल साफ होता है और यह लोग मदद के लिए हमेशा तैयार रहते है. इस तरह हंसने वाले लोग अपने जीवन में प्यार को बहुत अहमियत देते है.
तेज आवाज निकाल कर हंसना
स्वाभिमानी और परिश्रमी तरह के लोग तेज आवाज निकाल कर हंसते है लेकिन तेज आवाज निकाल कर हंसने के साथ चेहरे के हाव-भाव बदलने वाले लोग अभिमानी भी होते है.
मंद-मंद मुस्कुराना
मंद-मंद मुस्कुराने वाले लोग बुद्धिमान और गंभीर प्रवृति के होते है. इस तरह हंसने वाले लोग जल्दी गुस्सा न करने के साथ-साथ कठिन समय में भी धैर्य से काम लेते हैं.
कंजूसी से हंसने वाले
कंजूसी से और रूक-रूक कर हंसने वाले लोग विवेक की बजाय भावना से काम लेते हैं. इस तरह के लोग पैसों की बचत करने में भी विश्वास रखते है.
ही-ही करके हंसना
मौकापरस्त और धूर्त किस्म के लोग इस तरह की बनावटी हंसी हंसते है. बौद्धिक क्षमता वाले इस तरह के लोगों के पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए.Read More : डेनिम से पाएं परफैक्ट स्टाइल व लुक्स
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रात को पीएं ये रामबाण जूस, 10 मिनट में दिखेगा चमत्कार
स्ट्रेक भरी लाइफ और इसकी वजह से नींद न आना. आज कल के लाइफस्टाइल में ये कॉमन प्रॉब्लम है. इसके लिए लोग तरह-तरह की दवाइयां लेते हैं. लेकिन, कोई असर नहीं होता. बल्कि दवाइयों का रिएक्शन भी होने लगता है. इसलिए हम आपको ऐसा अचूक उपाए बता रहे हैं जो 10 मिनट में चमत्कार दिखाएगा. ये और कुछ नहीं एक चमत्कारी जूस है, जिसको पीने से आपको 10 मिनट में नींद आ जाएगी. ये है तीखी चेरी का जूस. इसको पीने के बाद आपको बच्चों की तरह नींद आ जाएगी.शोध में हुआ खुलासालुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटीज के रिसर्चर्स ने इस पर एक शोध किया है. रिसर्चर्स ने 8 लोगों पर इस जूस को टेस्ट किया. ये वो लोग थे जिन्हें नींद आने में प्रॉब्लम थी. इसमें कुछ लोगों को ड्रग दी गई, वहीं कुछ को तीखी चेरी का जूस. जिन लोगों को तीखी चेरी का जूस दिया गया था उनका स्लीप टाइम 84 मिनट बढ़ गया.कैसे करता है असरचेरी जूस में नेचुरल प्लांट कम्पाउंड होता है जिसे प्रोंथोसाइनीडियन कहते हैं जो एमीनो एसिड ट्राइप्टोफन को बूस्ट करता है, जो सेरोटॉनिन को रिलीज करता है. सेरोटॉनिन एक नेचरोट्रांसमीटर है जो कि रिलेक्सेशन और स्लीपीनेस देता है.क्या रखें ध्यानइस जूस को पीते वक्त इस बात रखें कि इसमें शक्कर नहीं डालनी है.अगर आप इसमें शक्कर एड कर देते हैं ये जूस काम नहीं करेगा.जल्दी नींद आने के लिए रात में सोने से पहले हेवी डाइट लेने से बचें.सोने का टाइम फिक्स करें और उसी टाइम पर बेड पर चले जाएंरात में कैफीन इंटेक न लें. -
सर्दियों में दिल को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
सर्दियों का मौसम गर्म हवाओें और पसीने से तो राहत दिलाता है लेकिन बढ़ती ठंड़ भी अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आती हैं। हृदय रोगी को इस मौसम में अपनी खास केयर करने की जरूरत होती है। तापमान में बदलाव आने के कारण शरीर में भी कई तरह के बदलाव आने शुरू हो जाते हैं। शरीर में गर्माहट बनाए रखने के लिए हमारी रक्त वाहिनियों में सिकुडन आने लगती है और पसीना न आने के कारण बॉडी में नमक जमा होने लगता है। इस स्थिति में ब्लड प्रैशर हाई होने का डर रहता है। इससे दिल पर दवाब पड़ना शुरू हो जाता है और कई बार तो सांस लेने में भी परेशानी होने लगती है। सर्दियों को एज्वाय करने के लिए जरूरी है अपने दिल के स्वास्थ्य का पूरी तरह से ख्याल रखना।
1ण् ब्लडप्रैशर और दिल की बीमारी से ग्रस्त लोगों को सर्दी के मौसम में कम कैलोरी वाला खाना खाना चाहिए। इससे रक्तचाप नियंत्रित रखने में आसानी रहेगी।
2ण् सैर करने से सेहत अच्छी रहती है लेकिन सुबह.सुबह धुंध में टहलने न जाएं। सर्दी में सैर करने लेकिन धूप निकलने के बाद। बाहर जाने से अच्छा है कि घर पर योग और एक्सरसाइज करनी चाहिए।
3ण् इस समय अपने वजन पर पूरा नियंत्रण रखें। वजन बढ़ने से ब्लड प्रैशर का खतरा भी बढ़ने लगता है।
4ण् सर्दी के मौसम में समय.समय पर डॉक्टरी जांच जरूर करवाएं।
5ण् कुछ लोग सर्दी से बचने के लिए हीटर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन बंद कमरे में हीटर लगा कर बैठे रहने से नमी की कमी होने लगती है। इस कारण खांसी और गले की इंफैक्शन होने का डर रहता है। हीटर का लगातार इस्तेमाल करें और गर्म पानी का सेवन करें।
6ण् खुद को स्वस्थ रखने के लिए सोने से पहले 2 मिनट के लिए गर्म पानी से भाप लें। इससे हाई ब्लड प्रैशरएडायबिटीज और दिल के रोगियों को राहत मिलती है। -
बच्चों के स्कूल से जुड़ी ये 5 बातें भूलकर भी न करें इग्नोर
हर पेरेंट्स अपने बच्चे को पढ़ा-लिखा कर काबिल इंसान बनाना चाहते है लेकिन कई बार बच्चे स्कूल जाने के नाम से ही रोना शुरू कर देते है। ऐसे में बच्चों को स्कूल और पढ़ाई की अहमियत बता कर आप उन्हें जाने के लिए मना सकते है। आज हम आपको बच्चों को स्कूल के लिए मनाने के कुछ ऐसे तरीके बताएंगे, जिससे वो खुशी-खुशी स्कूल जाने के लिए मान जाएंगे।
1. खेल-कूद के बारे में बताना
अक्सर स्कूल जाते समय बच्चे माता-पिता से दूर होने के कारण डरते है। ऐसे में आप उन्हें वहां पर होने वाले खेल-कूद के बारे में बताकर स्कूल जाने के लिए मना सकते है।
2. दोस्त बनाना
स्कूल में बच्चे को दूसरे बच्चों के साथ दोस्ती करने बारे में बताएं। इससे आपका बच्चा दोस्तों के साथ खेल-कूद के बहाने स्कूल जाने लगेगा।
3. लंच बाक्स
बच्चों के लंच बाक्स में उनकी पंसद से ही खाना पैक करें। टिफिन पैक करने से पहले बच्चों से ही पूछ लें कि वो लेच में क्या खाना चाहते है।
4. टीचर से दोस्ती
आजकल के बच्चे टीचर से जल्दी अटैच हो जाते है लेकिन अगर आपका बच्चा किसी टीचर से डरता है तो उनसे बात करें। इससे बच्चों का डर दूर हो जाएगा और वो स्कूल जाने के लिए तैयार हो जाएंगे।
5. होमवर्क
कई बार बच्चे होमवर्क न करने के कारण भी स्कूल जाने से डरते है। इसलिए रोजाना रूटीन से बच्चों का होमवर्क करवाए। होमवर्क पूरा होने पर उन्हें स्कूल जाने से डर नहीं लगेगा।
6. पनिशमेंट का डर
कई बार बच्चे पनिशमेंट के डर की वजह से स्कूल जाने में कतराते है। अगर ऐसा है तो बच्चों से बात करके इसका कारण पूछें। इसकी वजह जानकर उसका हल निकालें और बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्यार से मनाए।
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ब्लड प्रैशर के कारण बॉडी में आए इन बदलावों को न करें नजरंदाज
इस भाग.दौड़ भरी जिंदगी ने इंसान को बहुत सारी समस्याओं से घेर रखा है। इन्हीं में से एक है हाई ब्लड प्रैशर की परेशानी। आजकल हर 5 में से 3 लोग ब्लड प्रैशर बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं और बहुत से लोग इस बीमारी को अनदेखा कर देते हैं। जिससे बाद में सेहत से जुड़ी और भी बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हैल्दी रहने के लिए जरूरी है कि अपनी सेहत की तरफ ध्यान दें और समय रहते ही शारीरिक बदलावों को पहचानें। इनसे पता लगाएं कि कहीं आप भी किसी बीमारी का शिकार तो नहीं हो रहे। ब्लड प्रैशर के लक्षणों का पहचान कर इलाज करवाना बहुत जरूरी है।
हाई ब्लड प्रैशर के लक्षण
इनमें से बॉडी में कोई संकेत दिखाई दें तो तुरंत अपनी डॉक्टरी जांच करवाएं।
1ण् बीमारी की शुरूवात
हाई. ब्लड प्रैशर में सबसे पहले व्यक्ति के सिर के पीछे और गर्दन में दर्द होने लगता है। हम इससे मामूली सी बात समझ कर इसको नजरअंदाज कर देते हैं। जो कि आगे चलकर कर परेशान कर सकता है।
2ण् दिल की धड़कन तेज होना
दिल की धड़कन का एक दम से तेज हो जानाए दिल में दर्द जैसे लक्षण हाई. ब्लड प्रैशर की समस्या हो सकती है। जिसको कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अपना चैकअप जरूर करवा लें।
3ण् हर समय गुस्से में रहना
इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति जरूरत से ज्यादा गुस्से में रहता है। बात. बात पर चिड़चिड़ा होने लगता है। उसके सोचने समझने की शक्ति खत्म होने लगती है।
4ण् चक्कर आना
शारीरिक कमजोरी के कारण चक्कर आने लगते हैंए ऐसा ब्लड प्रैशर में गड़बड़ी की वजह से भी हो सकता है। ज्यादा दिनों तक इसे नजरअंदाज न करें।
5ण् जल्दी थकावट महसूस होना
थोड़ा.सा काम करने के बाद ही थकवाट होने लगेए सीढ़ियां चढ़ने में प्रॉब्लम और चलने पर सांस फूलती हो तो ब्लड प्रैशर चैक करवाएं।
6ण् नाक से खून बहना
सांस लेने में परेशानी होनाए लंबी सांस आनाए सांस न आना और अगर नाक से खून आना शुरू हो तो आपको डॉक्टर के पास जरूर जाना चाहिए।
7ण् नींद न आना
हाई. ब्लड प्रैशर की बीमारी में नींद न आने की समस्या होना आम सी बात है लेकिन कई बार किसी चिंता के कारण भी नींद नहीं आती। लगातार यह परेशानी बनी रहती है तो डॉक्टर के साथ संपर्क जरूर करें। -
कैसे हटायें कपडों से जिद्दी दाग
कपडों के कुछ दाग धोने में दूसरों की तुलना में ज्यादा मुश्किल होते हैं। सबसे जिद्दी दाग स्याही, रक्त, कॉफी, तेल और जंग आदि होते हैं। इन दागों को हटाने के लिए यह ध्यान में रखना जरूरी है कि एक दाग को हटाने के लिए जो चीज जरूरी है वह दूसरे दाग के लिए ज्यादा जरूरी नहीं है।चाय/कॉफी का दागबोरेक्स और पानी को मिलाकर एक पेस्ट बना लें। चरण 2 कॉफी लगे दाग पर यह पेस्ट लगा दे और इसे 30 मिनट के लिए छोड दें। चरण 3 अच्छी तरह खंगाल लें,और साधारण तरीके से धो लें और प्रेस कर लें।स्याही का दागहेयर स्प्रे से दाग पर धीरे धीरे स्प्रे करें। पांच मिनट के लिए इसको छोड दे और फिर धो दे। कपडे को ड्रायर में डालने से पहले दाग को सही प्रकार से देख लें कि उसका कोई अंश छूट तो नहीं गया है, अन्यथा यदि आपने दाग सहित उसे ड्रायर में डाल दिया तो ड्रायर कि गर्मी से वह दाग परमानेंट रह जायेगा।ब्लड का दागयदि कपडे पर खून का दाग लग जाये तो जितना जल्दी हो सके कपडे को ठंडे पानी में भिगो दें। सफेद सिरका के साथ भिगोकर दाग हटा दें और साफ कपडे से सोखते हुए पोंछ दे लेकिन ध्यान रहे इसे रगडना नहीं है। तब तक सोखते रहें जब तक कि खून का दाग मिट न जाए। अब इसे पानी में से अच्छी तरह खंगाल लें ताकि सिरके कि गंध निकल जाए।ग्रीस का दागग्रीस या तेल लगे दाग को शराब से रगड दे और बाद में एक साफ कपडे से दाग को पोंछ दें रगडना नहीं है। तब तक पोंछते रहें जब तक कि दाग मिट न जाए। अब इस पर डिस बार लगाकर कुछ मिनटों के लिए छोड दें। अच्छी तरह खंगाल लें और साधारण तरीके से धो लें और प्रेस कर लें।जंग का दागदाग पर आराम से टार्टर क्रीम छिडक दें, यह क्रीम दाग पर लगी रहे इसके लिए कपडे को घडी कर के कुछ समय के लिए छोड दें। किसी टब या बाल्टी में गर्म पानी डालकर इसमें कपडे को 5 मिनट के लिए भिगों दें। अच्छी तरह खंगाल लें और साधारण तरीके से धो लें।