Category: electionnews

  • लोकसभा चुनाव 2019 : गाजियाबाद सीट पर कांग्रेस पार्टी की डॉली शर्मा VS वीके सिंह के बीच होगी चुनावी जंग

    [object Promise]

    गाजियाबाद। लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के मतदान पास है. पहले फेज़ का मतदान 11 अप्रैल को होना है. एनसीआर के गाजियाबाद में भी पहले ही चरण में वोटिंग होगी. गाजियाबाद लोकसभा सीट पर कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा 5 अप्रैल को गाजियाबाद में रोड शो करेंगी और कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा के लिए वोट मांगेंगी। कांग्रेस पार्टी की ओर से डॉली शर्मा दिल्ली से सटी यूपी की गाजियाबाद संसदीय सीट से चुनाव लड़ रही हैं. डॉली शर्मा साल 2017 के निकाय चुनाव में गाजियाबाद मेयर पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी रह चुकी हैं. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी आशा शर्मा को कड़ी टक्कर दी थी, हालांकि वह चुनाव हार गईं थीं।

    डॉली शर्मा को 1 लाख 20 हजार वोट मिले थे. डॉली शर्मा के पिता नरेंद्र भारद्वाज कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं और उनके दादा भी कांग्रेसी रहे हैं. डॉली शर्मा का मुकाबला मौजूदा सांसद वीके सिंह से होगा. सीरिया-इराक जैसे देशों में मुश्किल समय में भारतीयों को निकालने में वीके सिंह ने काफी अहम भूमिका निभाई थी। 2010 से लेकर 2012 तक वह सेना प्रमुख रहे।

    वर्ष 2009 में गाजियाबाद सीट पर भाजपा के गृहमंत्री राजनाथ सिंह सांसद थे. वर्ष 2014 में भाजपा की ओर से आखिरी समय में पूर्व सेनाध्यक्ष रहे जनरल वीके सिंह को यहां से टिकट दे दिया गया. उनके खिलाफ कांग्रेस से राजबब्बर, सपा के सुधन रावत और बसपा के मुकुल उपाध्याय मैदान में थे। वीके सिंह ने देश के दूसरे सबसे बड़े रिकार्ड 5 लाख 67 हजार मतों से जीत दर्ज की थी. वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी राज बब्बर समेत सभी की जमानत तक जब्त हो गई थी. मोदी सरकार में वीके सिंह को केंद्रीय मंत्री बनाया गया और उन्होंने विदेश मंत्री का पद संभाला।

    उनके सामने एक बार फिर इस सीट से इतिहास दोहराने की चुनौती होगी। गाजियाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी और बीएसपी महागठबंधन ने अपना प्रत्याशी बदल दिया है। यह सीट समाजवादी पार्टी के खाते में है, जिसने पहले सुरेंद्र कुमार मुन्नी को मैदान में उतारा था, लेकिन अब उनकी जगह सुरेश बंसल को टिकट दिया गया। सुरेश बंसल बीएसपी से 2012 में गाजियाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुन गए थे. तब उन्होंने बीजेपी के अतुल गर्ग को करीबी मुकाबले में मात दी थी, लेकिन उनसे ही 2017 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे।

    इससे पहले सांसद उम्मीदवार घोषित किए गए, सुरेंद्र मुन्नी भी पूर्व में विधायक रह चुके हैं. राजनीतिक जानकारों की मानें तो गाजियाबाद में एसपी की तुलना में बीएसपी को अधिक समर्थन मिलता रहा है। ऐसे में सुरेंद्र कुमार ‘मुन्नी’ के स्थान पर बीएसपी के बैकग्राउंड वाले सुरेश बंसल को उतारा गया है. जिस तरह से गाजियाबाद लोकसभा सीट पर तीनों पार्टियों से उम्मीदवार उतारे हैं, इस लिहाज से यहां त्रिकोणीय और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।

  • छठे चरण में 59 सीटों पर 979 उम्मीदवारों के लिए 10.17 करोड़ डालेंगे वोट

    [object Promise]

    नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव के छठे चरण में छह राज्यों और दिल्ली की 59 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी। इस चरण में जिन दिग्गजों की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद हो जाएगा उनमें केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, राधामोहन सिंह और हर्षवर्धन, एसपी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हैं। छठे दौर के इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की 14, हरियाणा की 10, बिहार और मध्य प्रदेश की 8-8, दिल्ली की सात और झारखंड की चार सीटों पर मतदान होना है।

    इस चरण में कुल 10.17 करोड़ मतदाता मतदान के योग्य हैं जो 979 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। चुनाव आयोग ने चुनाव के सुचारू संचालन के लिए 1.13 लाख से अधिक मतदान केंद्र बनाए हैं। लोकसभा चुनाव के इस चरण को भाजपा के लिये कड़ी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि 2014 के चुनाव में भाजपा ने इनमें से 45 सीटें जीतीं थीं जबकि तृणमूल कांग्रेस को आठ, कांग्रेस को दो और समाजवादी पार्टी और लोजपा को एक-एक सीट पर जीत मिली थी। भाजपा ने 2014 के चुनाव में इस चरण में उत्तर प्रदेश की 14 में से 13 सीटों पर जीत हासिल की थी, एकमात्र अपवाद आजमगढ़ था जहां से सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को जीत मिली थी।

    हालांकि भाजपा को बीते साल फूलपुर और गोरखपुर संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा था, ऐसे में भाजपा विरोधी गठबंधन इस सीट पर अपनी जीत को बरकरार रखने की उम्मीद लगाए हुए है। इस सीट की अहमियत को इस बात से समझा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से पहले योगी आदित्यनाथ 1998 से 2017 तक लगातार चुनाव जीतते रहे थे। इसी तरह भाजपा ने 2014 में पहली बार फूलपुर सीट पर जीत हासिल की थी।

    एक समय देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का संसदीय क्षेत्र रहे फूलपुर से केशव प्रसाद मौर्य ने चुनाव जीता था। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद केशव राज्य के उपमुख्यमंत्री बन गए थे, जिसके बाद फूलपुर सीट खाली हो गई थी। आजमगढ़ में इस बार अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव की जगह चुनाव लड़ रहे हैं जिनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल निरहुआ है। सुल्तानपुर में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है जहां भाजपा ने केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी को मैदान में उतारा है।

    इस सीट पर पिछले चुनाव में उनके बेटे वरुण गांधी ने जीत हासिल की थी। इस बार मां-बेटे की सीट में अदला बदली की गई। मेनका वरुण की जगह सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रही हैं तो वरुण अपनी मां मेनका की सीट पीलीभीत से किस्मत आजमा रहे हैं। मध्य प्रदेश की भोपाल, मुरैना, भिंड (आरक्षित), ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा और राजगढ़ सीटों पर भी मतदान होगा। मध्य प्रदेश में यह तीसरे चरण का मतदान है। यहां पहले चरण में 29 अप्रैल और दूसरे चरण में 6 मई को मतदान हो चुका है। अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होगा।

    भोपाल सीट पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बीच मुकाबला है। वहीं गुना सीट पर कांग्रेस महासिचव और उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव लड़ रहे हैं। मुरैना से केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता नरेन्द्र सिंह तोमर मैदान में हैं।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां सभी सात सीटों पर चुनाव होना है, जहां 18 महिलाओं समेत 164 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। दिल्ली में भाजपा, आप और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है। राजधानी में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और उम्मीदवार शीला दीक्षित, मुक्केबाज विजेन्दर सिंह, भाजपा उम्मीदवार और केन्द्रीय मंत्री हर्षवर्धन, आम आदमी पार्टी उम्मीदवार आतिशी और क्रिकेटर तथा नेता और भाजपा उम्मीदवार गौतम गंभीर पर सभी की निगाहें टिकी हैं। हरियाणा में केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और कृष्णपाल गुर्जर समेत 223 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

    पूर्व मुख्यमंत्री और रोहतक से कांग्रेस के मौजूदा विधायक भूपेन्द्र सिंह हुड्डा इस बार लोकसभा चुनाव में सोनीपत से किस्मत आजमा रहे हैं। इससे पहले हुड्डा रोहतक से चार बार सांसद रह चुके हैं। हुड्डा के बेटे और रोहतक से मौजूदा सांसद दीपेन्द्र इस बार भी इस सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। अन्य उम्मीदवारों में केन्द्रीय मंत्री बीरेन्द्र सिंह के बेटे बृजेन्द्र सिंह (भाजपा) और पूर्व केन्द्रीय मंत्री भजन लाल के पोते भव्य बिश्नोई (कांग्रेस) हिसार सीट पर एक दूसरे के सामने हैं।

    इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला के पोते तथा नवगठित जननायक जनता पार्टी के उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला भी मैदान में हैं। दुष्यंत यहां से मौजूदा सांसद हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार कुमारी शैलजा अंबाला और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अशोक तंवर सिरसा से चुनाव लड़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, कांग्रेस और वाम मोर्चे के घटक दलों भाकपा और फॉरवर्ड ब्लॉक मुख्य दावेदार हैं। इस चरण में बांकुरा के वन क्षेत्र जंगलमहल, पश्चिम मिदनापुर, झारग्राम और पुरुलिया जिलों मतदान होना है, जो पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार के दौरान माओवादियों का गढ़ कहे जाते थे।

    झारखंड में राज्य के मंत्री चन्द्रप्रकाश चौधरी, पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजा और पूर्व मुख्यमंत्री मंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता समेत 67 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में झारखंड की धनबाद, गिरीडीह, जमशेदपुर और सिंघभूम (आरक्षित) सीटों पर चुनाव होना है। 2014 में इन सभी सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी।

     

  • Loksabha result 2019 updates

    Loksabha result 2019 updates

    उन्नाव – बीजेपी प्रत्याशी साक्षी महाराज की रिकॉर्ड जीत

    साक्षी महाराज (बीजेपी)ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अरुण शंकर शुक्ला (सपा) को 3,56,248 मतों से हराया

    Final Figure

    साक्षी महाराज (बीजेपी) – 6,38,907
    अरुण शंकर शुक्ल (सपा) – 2,82,659
    अन्नू टन्डन (कांग्रेस) – 1,65,084
    नोटा – 10,210
    उमर खान (NEP) – 10,083
    सतीश शुक्ला (प्रसपा) – 6,147


    इलाहाबाद: फूलपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी केशरी देवी पटेल 126423 कांग्रेस के पंकज निरंजन 6249 और सपा के पंधारी यादव 92251 वोट पर चल रहे है| वहीं, इलाहाबाद सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ रीता बहुगुणा जोशी 139295 कांग्रेस के योगेश शुक्ल 91268 और सपा के राजेंद्र पटेल 88664 वोट पर चल रहे हैं| भाजपा प्रत्याशी डॉ रीता बहुगुणा जोशी 39057 वोट वोट आगे चल रही ।


    देवरिया
    66 लोकसभा देवरिया सेभाजपा प्रत्यासी डॉ रमापति राम त्रिपाठी 57875 वोट से आगे

    डॉ रमापति (भाजपा) – 137267

    विनोद जायसवाल (सपा+बसपा+रालोद गठबंधन)- 79392

    नियाज अहमद (कांग्रेस)- 12226


    फतेहपुर अपडेट

    21 वां राउंड

    बीजेपी- 486311
    गठबंधन (बसपा)- 309864
    कांग्रेस- 55798
    नोटा- 12424

    भाजपा प्रत्यासी साध्वी निरंजन ज्योति 176447 वोटों से आगे


  • सेल्फी लेने वाले ने ही सिंधिया को हराया……

    सेल्फी लेने वाले ने ही सिंधिया को हराया……

    लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने जीत हासिल की। मध्यप्रदेश की गुना लोकसभा सीट से भाजपा के केपी यादव जीते। इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ओर से उन्हें बधाई दी। यह ट्वीट भी किया। अब बताते हैं गुना सीट के बारे में। यह सीट सिंधिया परिवार का गढ़ मानी जाती थी (चुनावों के नतीजों से पहले)। 1999 में राजमाता विजयाराजे सिंधिया भाजपा की ओर से इस सीट पर जीती थीं। इसके बाद से ही यह सीट बीजेपी के खाते से चली गई थी। अब 20 वर्षों बाद यह सीट बीजेपी ने जीती है और सिंधिया का किला ढह गया है।

    कौन हैं केपी यादव?

    सेल्फी लेने वाले ने ही सिंधिया को हराया……
    सेल्फी लेने वाले ने ही सिंधिया को हराया……

    डॉ. कृष्णपाल यादव उर्फ केपी यादव। दिलचस्प बात तो यह है कि केपी यादव पहले ज्योतिरादित्य के सांसद प्रतिनिधि हुआ करते थे। उन्होंने उनसे ही राजनीति के गुर सीखे। उन्होंने ही लोकसभा चुनाव 2019 में सिंधिया को 1 लाख 25 हजार 549 वोटों से हरा दिया।

    सेल्फी लेने वाले ने ही सिंधिया को हराया……
    सिंधिया के साथ सेल्फी लेते हुए केपी

    बात साल 2018 की है। मुंगावली विधानसभा उपचुनाव में केपी को टिकट नहीं मिला। वो नाराज थे। भाजपा में शामिल हो गए थे। 2019 चुनावों में उनके काम को देखते हुए भाजपा ने उन्हें सीधे सिंधिया के खिलाफ उतार दिया।

    सेल्फी लेने वाले ने ही सिंधिया को हराया……
    साल 2018 में बीजेपी कर ली थी जॉइन

    क्यों हार गए सिंधिया?

    दरअसल, राहुल गांधी ने सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बना दिया था। लंबे समय से वो यूपी पर ही फोकस कर रहे थे। वहीं थे। वहीं सिंधिया की वाइफ प्रियदर्शनी राजे सिंधिया उनका प्रचार-प्रसार संभाल रही थीं। हालांकि ग्वालियर के बाद गुना ही वह सीट है, जहां से सिंधिया परिवार को जीत का पूरा भरोसा था। एक तरह से सेफ सीट। लेकिन आज दोनों ही सीटों पर भाजपा का कब्जा है। लहर ही ऐसी चली।

    सेल्फी लेने वाले ने ही सिंधिया को हराया……
    क्यों हार गए सिंधिया?

    खानदानी सीट हार गए यार

    सेल्फी लेने वाले ने ही सिंधिया को हराया……

    पहले गुना सीट ज्योतिरादित्य की दादी विजयराजे सिंधिया ने जीती थी, 1999 की बात है। वो भाजपा में थीं। फिर माधवराव सिंधिया निर्दलीय चुनाव जीते। लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी लहर थी। उसमें भी ज्योतिरादित्य ने भाजपा नेता और प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया को शिकस्त दी थी। फिलहाल केपी यादव की जीत कांग्रेस से पहले सिंधिया परिवार की हार है, जो अपनी सीट नहीं बचा पाए।

     

  • गोरखपुर जाना तो अपने गुल्लू के लिए बिस्कुट जरूर ले जाना : अखिलेश यादव का तीखा तंज

    डेस्क। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव अब अपने आखरी चरण पर पहुँच चुका है। शनिवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था। शाम 6 बजे से यूपी में चुनाव प्रचार बंद हो गया है। साथ ही आपको बता दें कि 7 मार्च को यूपी में सातवें चरण के लिए मतदान होगा। इस चरण के मतदान के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां अपना जोर लगा रहीं हैं।

    यूपी में सातवें चरण में 9 जिलों की 54 सीटों पर वोटिंग होगी और इसमें भाजपा का गढ़ बनारस और सपा का आजमगढ़ जिला भी शामिल है। चुनाव प्रचार के लिए, एक ओर प्रधानमंत्री मोदी बनारस में; तो वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आजमगढ़ में मौजूद रहे। आजमगढ़ में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए सपा अध्यक्ष ने जमकर बीजेपी पर निशाना साधा।

    ये भी पढ़ें :- वाराणसी से पीएम मोदी ने कसा विपक्ष पर शिंकजा

    अखिलेश यादव इस जनसभा को संबोधित करते हुए बोले कि बताओ, बाबा जी जा रहे हैं कि नहीं जा रहे हैं? बाबा का गाना भी आ गया है, जो आपने सुना ही होगा कि यूपी में का ब। यूपी में का ब, बाय-बाय बाबा ब, होने जा रहा है बाबाज का बाय-बाय कि नहीं?

    उन्होंने आगे कहा कि इनके बड़े नेता जहां जा रहे हैं, कह रहे हैं कि हम (सपाई) परिवारवादी लोग हैं। हम परिवार वाले इनको सलाह देना चाहते हैं कि जब हम कहीं जाते हैं तो कुछ लेकर जाते हैं। इसलिए हम परिवार वाले इनको सलाह देना चाहते हैं कि जब गोरखपुर जाएं, तो अपने गुल्लू के लिए बिस्किट जरूर लेकर जाएं।”

  • क्या 10 मार्च को अखिलेश आ रहें हैं?

    डेस्क। उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनावों के सातों चरण के समाप्त होने के बाद ही रिजल्ट पर सियासत अंगड़ाई लेती दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में कई मीडिया एजेसियों के एग्जिट पोल्स प्रदेश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी समाजवादी के नेताओं का मनोबन तोड़ते नज़र आ रहें हैं। यूपी का राजनीतिक इतिहास बड़ा दिलचस्प रहा है यहां कोई भी पार्टी लगातार दो बार सत्ता में नहीं रही। यूपी हमेशा से बदलाव ही मांगता है। पर इस बार का चुनाव जितना दिलचस्प नज़र आ रहा है उतना ही यह विवादित भी दिख रहा है। सात चरण के चुनाव के बाद भी यूपी में किसी की स्थानीय पकड़ का अनुमान लगा पाना काफी मुश्किल है। मतगणना के दो दिन सभी राजनेताओं और पार्टियों की अग्नि परीक्षा के सामान हैं। यूपी ने किन मुद्दों को प्राथमिकता दी हैं ये 10 मार्च को आएगा। 

    ये भी पढ़िए:अखिलेश का दावा, सपा की जीत पर…

    जब सभी एजेंसी और संस्थान यूपी में कमल खिला रहे थे कि इसी बीच ट्वीटर पर ट्रेंड हुआ #आ रहें हैं अखिलेश। डिजिटल मीडिया पर काफी ज्यादा एक्टिव रहीं समाजवादी पार्टी का समर्थन भी जनता डिजिटली उजागर कर रहीं है। इसी कड़ी में एक समर्थक ने ट्वीट कर के भाजपा को जवाब देते हुए एक और एग्जिट पोल की फोटो साझा की…। इसके अनुसार सपा बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाने जा रही हैं। 

    वहीं एक यूजर ने अखिलेश लो एक अच्छा नेता बताते हुए लिखा कि उन्होंने (अखिलेश) अकेले ही रात-दिन एक कर के पीएम मोदी, गोदी मीडिया और भाजपा के केखिलाफ लड़ाई लड़ी हैं, 10 मार्च को सच सामने आएगा।

    https://twitter.com/TheAngryHumann/status/1500870088718577669?t=4y95E39CJk1OQg1vLKMUbg&s=19

    वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि,सभी स्थानीय चैनल सपा का बहुमत दिखा रहे हैं, और सभी राष्ट्रीय चैनल भाजपा का बहुमत दिखा रहे हैं, आप सभी लोग सावधान रहें, ईवीएम की रखवाली ठीक से करें, सपा सरकार बनाने जा रही है।

    https://twitter.com/MaddulaYadav/status/1501041714554830849?t=vanI5osrG-VnEOlig_qYiA&s=19

    इसी कड़ी में सपा गठबंधन में साथ ओम प्रकाश राजभर ने भी एग्जिट पोल्स पर प्रतिक्रिया दी हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा,उत्तर प्रदेश की जनता का जनादेश,सपा+सुभासपा गठबंधन आ रही है..टेलीविजन पर ध्यान न दें…जब तक गिनवाई नहीं

    तब तक ढिलाई नहीं! EVM मशीन पर रहे हमेशा धान्य…

    https://twitter.com/oprajbhar/status/1501019846360076291?t=-3MgCuMRrjxKYO8NdFJ4EQ&s=19

  • क्या 10 मार्च को अखिलेश आ रहें हैं?

    डेस्क। उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनावों के सातों चरण के समाप्त होने के बाद ही रिजल्ट पर सियासत अंगड़ाई लेती दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में कई मीडिया एजेसियों के एग्जिट पोल्स प्रदेश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी समाजवादी के नेताओं का मनोबन तोड़ते नज़र आ रहें हैं। यूपी का राजनीतिक इतिहास बड़ा दिलचस्प रहा है यहां कोई भी पार्टी लगातार दो बार सत्ता में नहीं रही। यूपी हमेशा से बदलाव ही मांगता है। पर इस बार का चुनाव जितना दिलचस्प नज़र आ रहा है उतना ही यह विवादित भी दिख रहा है। सात चरण के चुनाव के बाद भी यूपी में किसी की स्थानीय पकड़ का अनुमान लगा पाना काफी मुश्किल है। मतगणना के दो दिन सभी राजनेताओं और पार्टियों की अग्नि परीक्षा के सामान हैं। यूपी ने किन मुद्दों को प्राथमिकता दी हैं ये 10 मार्च को आएगा। 

    ये भी पढ़िए:अखिलेश का दावा, सपा की जीत पर…

    जब सभी एजेंसी और संस्थान यूपी में कमल खिला रहे थे कि इसी बीच ट्वीटर पर ट्रेंड हुआ #आ रहें हैं अखिलेश। डिजिटल मीडिया पर काफी ज्यादा एक्टिव रहीं समाजवादी पार्टी का समर्थन भी जनता डिजिटली उजागर कर रहीं है। इसी कड़ी में एक समर्थक ने ट्वीट कर के भाजपा को जवाब देते हुए एक और एग्जिट पोल की फोटो साझा की…। इसके अनुसार सपा बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाने जा रही हैं। 

    वहीं एक यूजर ने अखिलेश लो एक अच्छा नेता बताते हुए लिखा कि उन्होंने (अखिलेश) अकेले ही रात-दिन एक कर के पीएम मोदी, गोदी मीडिया और भाजपा के केखिलाफ लड़ाई लड़ी हैं, 10 मार्च को सच सामने आएगा।

    https://twitter.com/TheAngryHumann/status/1500870088718577669?t=4y95E39CJk1OQg1vLKMUbg&s=19

    वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि,सभी स्थानीय चैनल सपा का बहुमत दिखा रहे हैं, और सभी राष्ट्रीय चैनल भाजपा का बहुमत दिखा रहे हैं, आप सभी लोग सावधान रहें, ईवीएम की रखवाली ठीक से करें, सपा सरकार बनाने जा रही है।

    https://twitter.com/MaddulaYadav/status/1501041714554830849?t=vanI5osrG-VnEOlig_qYiA&s=19

    इसी कड़ी में सपा गठबंधन में साथ ओम प्रकाश राजभर ने भी एग्जिट पोल्स पर प्रतिक्रिया दी हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा,उत्तर प्रदेश की जनता का जनादेश,सपा+सुभासपा गठबंधन आ रही है..टेलीविजन पर ध्यान न दें…जब तक गिनवाई नहीं

    तब तक ढिलाई नहीं! EVM मशीन पर रहे हमेशा धान्य…

    https://twitter.com/oprajbhar/status/1501019846360076291?t=-3MgCuMRrjxKYO8NdFJ4EQ&s=19

  • अपर्णा यादव के ट्वीट पर छिड़ा विवाद-

    डेस्क। देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल सामने आ रहे हैं। सभी राजनीतिक दलों के नेता इसपर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इन पोल्स की माने तो तीन राज्यों में बीजेपी बहुमत के साथ वापस आ रही तो वहीं दूसरी ओर दो राज्यों में भी NDA सरकार लाने में बड़ा योगदान देगी।

    इसी बीच बीजेपी नेता व मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने एग्जिट पोल सामने आने के बाद एक ट्वीट किया। उनके ट्वीट पर कई लोगो ने एक ओर अपर्णा को मंत्री बनने की बधाई दी तो वहीं दूसरी ओर कई यूज़र्स उनको घेरते नज़र आएं।

    ये भी पढ़ें : अखिलेश बोले : डबल इंजन की सरकार अब उतरेगी पटरी पर से

    अपर्णा यादव ने लिखा कि जय भाजपा, तय भाजपा। बीजेपी यूपी में फिर से जीत रही है। 

    इसपर लोगो ने अपर्णा को अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ यूज़र्स ने इसको लेकर लिखा कि, यह एग्जिट पोल भी उतना ही सच है जितना 15 लाख रुपए सीधे खाते में आना। तो वही कुछ यूज़र्स ने समाजवादी परिवार और अपर्णा को कड़घरे में लिया। तो एक यूजर ने यह भी लिखा कि, इसी (अपर्णा) घर का कोई व्यक्ति भाजपा को खराब बोलता है और कोई व्यक्ति नरेंद्र मोदी को जीता रहा है। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शक्ति है।’ एक यूजर ने लिखा, घर के भेदी लंका ढाए साथ ही अपर्णा को नसीहत देते हुए लिखा एक बात याद रखना कि अपने तो अपने ही होते हैं।

  • भाजपा MLC ने लिया प्रण, सरकार नहीं आई तो प्रदेश छोड़ दूंगा

    डेस्क। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में वोटर्स अपनी प्रतिनिधि पार्टी का चुनाव कर चुके हैं। वोटिंग खत्म हो चुकी है बस मतगणना तक, यूपी किसका होगा इसका फैसला होना बाकी है। इसी बीच वोटिंग के बाद आए सभी एग्जिट पोल्स ने भाजपा के पूर्ण बहुमत से लौटने की बात कही है।

    इस कड़ी में अपने आत्‍मविश्‍वास में मग्न बीजेपी के एमएलसी ने प्रण लिया है कि यदि यूपी में उनकी पार्टी की सरकार नहीं बनती है तो वह प्रदेश छोड़कर चले जायेंगे। कहीं न कहीं भाजपा MLC ने सभी विपक्षी पार्टियों को खुली चुनौती दी है।

    ये भी देखें : कौन बोला यूपी चुनावों में सपा की जीत सुनिश्चित

    एक न्यूज एजेंसी से बात करते समय बीजेपी एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने दावा किया कि भाजपा यूपी में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने दिन रात जनता की सेवा की है। यूपी की जनता निश्चित ही उन्‍हें दोबारा उन्हें (योगी को) मुख्‍यमंत्री बनाएगी। आगे उन्होंने कहा कि यदि यूपी में भाजपा की सरकार नहीं बनती है तो वे प्रदेश छोड़कर चले जाएंगे।

    बता दें कि सुरेंद्र चौधरी 2014 में बसपा छोड़ भाजपा में आए थे। कुछ समय तक सुरेंद्र चौधरी भाजपा के मंडल प्रभारी भी रहे। 

  • Assembly Election Result 2022 : चार राज्यों में जीत रही BJP, क्या मोदी मय हो जाएगा देश? लेटेस्ट अपडेट-

    डेस्क। यूपी समेत पांच राज्यों में चुनाव सम्पन हो चुके हैं। आज सभी राजनीतिक पार्टियों की किस्मत का फैसला होना है। आज पता चल जाएगा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब में किसकी सरकार बनेगी। मतगणना के लिए 1,200 कुल मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही 650 से अधिक मतगणना पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं और 50,000 से अधिक अधिकारी मतगणना के लिए कार्यरत हैं।

    उत्तरप्रदेश-403 सीटों पर फैसला 

    BJP- 264

    SP- 134

    Cong- 2

    BSP-1

    Other- 1

    पंजाब – 117 सीटो पर नतीजा, AAP बनी राष्ट्रीय ताकत

    INC-  13

    AAP- 89

    SAD- 7

    अन्य- 8

    जानिए उत्तराखंड का अपडेट

    AAP- 0

    BJP- 47

    INC- 19

    Other- 3

    मणिपुर-

    BJP- 29

    INC-6 

    NPEP- 8

    NPF- 6

    AITC- 0

    Other- 7

    Goa में भाजपा ने लहराया परचम

    BJP-20

    INC-12

    TMC – 2

    Other-4