बाजार:- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाद अब इंडियन बैंक ने गर्भवती महिलाओं के सन्दर्भ में बड़ा निर्णय लिया है और कहा है कि 3 माह की प्रेग्नेंट महिलाएं नौकरी के लिए अस्थाई रूप से अनफिट है। बैंक के इस निर्णय के बाद बैंक को कड़ी आलोचनाओ का सामना करना पड़ रहा है लोग बैंक के इस व्यवहार की कड़ी निंदा कर रहे हैं। असल मे बैंक द्वार अभी हाल ही में किसी उम्मीदवार को नौकरी में लेने के लिए शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित दिशानिर्देश और मापदंड तय किये हैं जिंसमे 3 माह की प्रेग्नेंट महिलाओं को अस्थाई रूप से अनफिट बताया गया है।
Category: business
-
Indian Bank बोली तीन महीने की गर्भवती महिला नौकरी के लिए अस्थाई रुप से अनफिट
बैंक के निर्देश मुताबिक ल नौकरी के लिए चयनित महिला की डिलिवरी के छह सप्ताह बाद फिर जांच करायी जायेगी और उसके बाद ही उसे नौकरी पर आने की अनुमति दी जायेगी। वही महिलाओं को नौकरी शुरू करने से पहले डॉक्टर के यहाँ का फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा। वही जो महिलाएं अनफिट होंगी वह वरिष्ठता खो देंगी।वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में, अखिल भारतीय कामकाजी महिला मंच ने इस कदम को इंडियन बैंक की प्रतिगामी व स्त्री-विरोधी धारणा बताया है। इंडियन बैंक से पहले इसी तरह का नियम भारतीय स्टेट बैंक लाई थी जिसे कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था और बाद में बैंक ने उसे वापस ले लिया था। -
SBI की इस पॉलिसी में 100 रुपये से कम के इंवेसमेन्ट पर पाएं 2.5 करोंड
बाजार:- महंगाई के इस दौर में हर कोई अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और उसे सुरक्षित करने हेतु अपने पैसे को कही न कही इंवेसमेन्ट करने में लगा हुआ है। लोग इस समय एक ऐसे प्लान की तलाश में जहाँ वह कम पैसा लगातार ज्यादा मुनाफा कमा सके और उनका पैसा सुरक्षित भी रहे। अब लोगो की इसी डिमांड को ध्यान में रखते हुए SBI लाइफ पूर्ण सुरक्षा नाम से एक योजना चला रही है जिसके तहत आप कम से कम इंवेसमेन्ट करके अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।
SBI की Life Poorna Suraksha के तहत 30 वर्ष की उम्र के लोग हर दिन 100 रुपये से कम के भुगतान पर 2.5 करोड़ रुपये का कवर ले सकते हैं। इस योजना के तहत गम्भीर बीमारी को कवर किया जाता है। इस पॉलिसी के अंतर्गत 36 बीमारियों को रखा गया है। इसके अलावा पूरी पॉलिसी अवधि के दौरान प्रीमियम फिक्स्ड रहेगा यानी कि महंगाई बढ़ने पर आपको प्रीमियम के बढ़ने की चिंता नहीं करनी होगी। वही अगर पॉलिसी धारक की मृत्यु हो जाती है तो यह परिवार के लोगो को आर्थिक सहायता देती है जिससे परिजनों को किसी प्रकार की तंगी से नहीं जूझना पड़ता है।इस पॉलिसी से जुड़ने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 65 वर्ष होनी चाहिए। वही अगर हम इसकी मैच्योरिटी की बात करे तो उसकी उम्र 28 से 75 वर्ष है। इस योजना का बेसिक सम एश्योर्ड न्यूनतम 20 लाख व अधिकतम 2.5 करोंड रुपये है। इस योजना में सालाना/छमाही/तिमाही मासिक प्रीमियम मोड में तीन महीने तक का प्रीमियम एडवांस्ड में देय होगा। वही अगर हम इसके पॉलिसी टर्म की बात करे तो यह 10,15,20,25 और 30 वर्ष है।इस योजना के तहत मृत्यु होने की स्थिति में नॉमिनी को सालाना प्रीमियम का दस गुना या मृत्यु तक जमा प्रीमियम का 105 फीसदी देय बैंक करेगी। इसके अलावा अगर पॉलिसीधारक को पॉलिसी अविधि के दौरान कोई क्रिटिकल बीमारी होती है तो उसे सम एश्योर्ड पूरी पॉलिसी अवधि के दौरान सिर्फ एक बार मिलेगा। लाइफ स्टेज-रीबैलेंसिंग फीचर के तहत लाइफ कवर और क्रिटिकल इलनेस (सीआई) कवर के बीच ऑटोमैटिक बैलेंस पॉलिसी अवधि बीतने के साथ बनता रहता है।जब पॉलिसी खरीदते हैं तो लाइफ कवर सम एश्योर्ड और सीआई सम एश्योर्ड 80:20 के अनुपात में रहते हैं लेकिन हर साल पूरा होने के बाद सीआई सम एश्योर्ड बढ़ता है और उसी अनुपात में लाइफ कवर सम एश्योर्ड कम होता जाता है। 10 वर्ष की अवधि के लिए सालाना सीआई कवर में शुरुआती सीआई एसए की तुलना में 15 फीसदी, 15 वर्ष की पॉलिसी अवधि में 10 फीसदी, 20 वर्ष की पॉलिसी अवधि में 7.5 फीसदी, 25 वर्ष की पॉलिसी अवधि में 6 फीसदी और 30 वर्ष की पॉलिसी अवधि में 5 फीसदी की बढ़ोतरी होती है। -
राजस्थान में पाइपलाइन से रसोई में पहुंचेगी LPG गैस, जुड़ेंगे 96 लाख कनेक्शन
Rajasthan News जयपुर । गहलोत सरकार ने राजस्थान में पाइपलाइन के जरिए घरेलू गैस कनेक्शन (एलपीजी गैस कनेक्शन) मुहैया कराने की बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। अगले 8 साल में 96 लाख पाइपलाइनों से एलपीजी गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। जयपुर शहर में पाइपलाइन के माध्यम से घरेलू गैस कनेक्शन मार्च 2023 से शुरू किया जाएगा। 8 वर्षों में राज्य में 1187 CNG स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।
जिससे शहरी क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति की जाएगी। यह जानकारी सीएम अशोक गहलोत के सलाहकार डॉ गोविंद शर्मा ने दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने योजना तैयार कर पाइपलाइन से घरेलू कनेक्शन देने वाली कंपनियों को समयबद्ध तरीके से निर्देश दिए हैं।
सचिवालय में राज्य के विभिन्न शहरों में पाइपलाइन गैस उपलब्ध कराने के लिए 20 जिलों में कार्यरत अधिकृत कंपनियों के कार्य की समीक्षा करते हुए गोविंद शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में पाइपलाइन के माध्यम से घरेलू गैस की सुविधा बढ़ाने के लिए आ रही है। समस्याओं को लेकर गंभीर हैं। कार्य योजना के अनुसार 8 साल में 37824 इंच किमी गैस पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य है।
राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहन सिंह ने कहा कि राज्य में अब तक 170 से अधिक सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। मोटे अनुमान के मुताबिक करीब 230 औद्योगिक और वाणिज्यिक पाइपलाइन गैस कनेक्शन भी जारी किए गए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने इन्हें राजस्थान के सभी 33 जिलों में अधिकृत किया है।
लोगों को क्या होगा फायदा?
सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को घर में ज्यादा सिलेंडर नहीं रखना पड़ेगा। एडवांस सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी का इंतजार और सिलेंडर बदलने से परेशानी से निजात मिलेगी। गैस खत्म होने की चिंता भी नहीं होगी। पानी के नल कनेक्शन की तरह घर-घर जाकर गैस की आपूर्ति होगी।
पाइपलाइन एलपीजी कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से अनुमति ली जाएगी। कनेक्शन पंजीकरण वर्तमान में निःशुल्क है। जो भविष्य में भी फ्री रहने की उम्मीद है। सिलेंडर कनेक्शन की तर्ज पर तय की गई सुरक्षा राशि, उदाहरण के लिए किश्तों में 6000 रुपये (EMI) गैस बिल के साथ लिए जाएंगे। वह भी रिफंडेबल होगा।
स्वीकृत मीटर से गैस की पैमाइश करने के बाद बिल आएगा। गैस पाइपलाइन पूरी तरह से सुरक्षित है। इनमें वाल्व भी होते हैं। जिससे गैस की आपूर्ति को चालू और बंद किया जा सकता है। अक्सर घरों में सुरक्षा के लिए पाइपलाइन कनेक्शन प्वाइंट से एलपीजी स्टोव तक 3 वॉल्व लगाए जाते हैं।
पाइपलाइन कनेक्शन मिलने पर उपभोक्ता सबसे पहले गैस का इस्तेमाल करेगा। फिर हर महीने बिल का भुगतान करें। सिलेंडर की तरह अग्रिम भुगतान नहीं करना होगा। जब शहरों में नेटवर्क पूरी तरह से चालू हो जाएगा। इसलिए सीएनजी स्टेशन से सीधे गैस पाइपलाइन को जोड़कर आपूर्ति की जाएगी।
बैठक में एडिशनल डायरेक्टर पेट्रोलियम अजय शर्मा, ऑयल एंड नेचुरल गैस कम्पनियों के प्रतिनिधियों में IOCL से ललित मंगराल, HPCL से तेजपाल सिंह, BPCL से गौरव कुमार, IGL से विनोद कुमार ढ़ाका, अड़ानी से अजय शर्मा, टोरेंट से एचके सिंह ने घरेलू गैस पाइप लाइन बिछाने में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी। साथ ही लोकल बॉडीज से जल्द परमिशन दिलवाने, रोडकट चार्जेज की रेट में समानता लाने, लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से पूरी सहयोग दिलाने की जरूरत बताई। जिस पर सरकार ने पॉजिटिव रेस्पॉन्स दिया। बैठक में डिप्टी सेक्रेट्री आरके मक्कड,RSGL के DGM शैलेष सुनागर, गगनदीप राजोरिया समेत 20 कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
-
अब वेतन आयोग नहीं , परफॉर्मेंस के आधार पर बढ़ेगी केंद्र कर्मचारियों की सैलरी
बिजनेस:- अभी तक केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के लिए न्यू वेतन आयोग लागू करती थी और फिर उसी वेतन आयोग की सिफारिशों पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़ती थी। लेकिन अब सरकार ने इस फॉर्मूले को रिजेक्ट कर दिया है और कहा है कि अब सैलरी बढाने के लिए वह वेतन आयोग का गठन नहीं करेगी। क्योंकि अब मोदी सरकार अपने कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के लिए वेतन आयोग की जगह दूसरा फॉर्मूला लाने की तैयारी में है।
जहां अभी तक केंद्र सरकार के कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के अलावा हर छह महीने में महंगाई-भत्ते में वृद्धि का भी लाभ मिलता है। वही अब सरकार इनके वेतन को बढाने के लिए एक नए विकल्प की तलाश कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार अब अपने कर्मचारियों का वेतन, वेतन आयोग के हिंसाब से न बढाकर उनकी योग्यता और परफॉर्मेंस को देखकर बढ़ाएगी। हालाकि अभी तक सरकार इस बात पर रिसर्च कर रही है कि इसे किस तरह लॉन्च किया जाए और यह किस प्रकार से काम करेगा।अभी तक क्रेंद्र सरकार के इस वेतन बढ़ाने को लेकर आए इस नए प्रयोजन को आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है। लेकिन माना जा रहा है कि यह पूरी तरह डीए पर आधारित हो सकता है। कहा जा रहा है कि कर्मचारियों का डीए जैसे ही 50 फीसदीं होगा कर्मचारियों की सैलरी में ऑटोमेटिक इजाफा हो जाएगा। इस नई योजना को ऑटोमेटिक पे रिवीजन का नाम दिया जा सकता है। जिसका लाभ केंद्र के 68 लाख कर्मचारियों और करीब 52 लाख पेंशनधारकों को मिलेगा। -
मार्केट में छाई खुशहाली, सोना चांदी हुआ सस्ता
बाजार:- इस समय शादी विवाह का सीजन चल रहा है हर कोई सोना चांदी खरीदना चाहता है लेकिन कई बार महंगाई के चलते हम अपना हाँथ पीछे खींच लेते हैं। लेकिन आज अगर आप सोना खरीदने के मूड में है तो यह आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। क्योंकि आज मार्केट में सोने और चांदी के दाम गिर गए हैं। सोने के दाम में करीब 164 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत में 600 प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई।
मार्केट में गिरावट के बाद सोना 51000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 61000 रुपये प्रति किलो के नीचे ट्रेंड कर रहा है। फिलहाल सोना अपने ऑलटाइम हाई से तकरीबन 5100 और चांदी 19000 रुपये सस्ता मिल रही है। जानकारी के लिए बता दें 24 कैरेट वाला सोना 164 रुपये सस्ता होकर 51005 रुपये, 23 कैरेट वाला सोना 163 सस्ता होकर 50801 रुपये, 22 कैरेट वाला सोना 150 सस्ता होकर 46721 रुपये, 18 कैरेट वाला सोना 123 रुपये सस्ता होकर 38254 रुपये और 14 कैरेट वाला सोना 96 रुपये सस्ता होकर 29838 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड जूलरी के खुदरा रेट जानने के लिए 8955664433 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं। कुछ ही देर में एसएमएस (SMS) के जरिए रेट्स मिल जाएंगे। इसके साथ ही लगातार अपडेट्स की जानकारी के लिए www।ibja.co या ibjarates.com पर देख सकते हैं।24 कैरेट का सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, लेकिन इस सोने से गहने नहीं बनाए जा सकते हैं क्योंकि ये बेहद मुलायम होते हैं। आभूषण बनाने में ज्यादातर 22 कैरेट गोल्ड का प्रयोग किया जाता है। -
भाभी ने देवर के प्राइवेट पार्ट पर उड़ेला खौलता हुआ पानी, जानिए क्या थी वजह
डेस्क। घर में छोटी-छोटी बातों पर कई बार झगड़ा बड़ा रुख ले लेता है। पर यह कभी इतना उग्र नहीं हो सकता कि आप अपने की परिजनों को नुकसान पहुँचने की सोचें। पर ऐसी एक घटना बिहार की राजधानी पटना में घटी। पटना में भाभी ने गुस्से में देवर के साथ ऐसा किया कि सभी चौंक उठे।
घर में लड़ाई हो रही थी कि इसी बीच गुस्से में भाभी ने देवर के गुप्तांग पर खौलता हुआ पानी डाल दिया। खौलता हुआ पानी शरीर पर पड़ते ही देवर चिल्लाने लगा।
इस घटना को जिसने भी सुना उसका दिल सहम गया कि कोई अपने देवर के साथ ऐसा कैसे कर सकता है। इलाके में अफरातफरी मच गई। पीड़ित देवर को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबित भाभी ने जमीन विवाद को लेकर इस घटना को अंजाम दिया।
बता दें कि फतुहा के मकसूदपुर मोहल्ले के एक घर में जमीन को लेकर लड़ाई हो रही थी। घर में आए दिन बहस हुआ करती थी।
शुक्रवार को इसी बात को लेकर घर में काफी कहासुनी हो रही थी कि इसी बीच तैश में आई भाभी ने देवर के गुप्तांग पर खौलता हुआ पानी फेंक दिया।
जिसके बाद युवक चीखने चिल्लाने लगा। इस घटना में देवर का गुप्तांग बहुत ही बुरी तरह जल गया। जिसके बाद देवर की पत्नी ने जाकर अपनी जेठानी के खिलाफ पुलिस कंप्लेन की।
उसने बताया कि जमीन विवाद के चलते मेरे और गोतनी में झगड़ा हो गया। उसके बाद मेरी गोतनी ने मेरे पति के प्राइवेट पार्ट पर खौलता हुआ पानी फेंक दिया, जिससे उनका गुप्तांग बुरी तरह जल गया। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
-
पीएम किसान योजना का लाभ उठा रहे किसानों को लौटना होगा पैसा
बाजार:- किसान कल्याण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान संम्मान निधि योजना लागू की इसके तहत किसानों के खाते में 2 हजार रुपये प्रति 4 महीने में भेजे गए। साल में इस योजना के तहत किसानों को 6 हजार रुपये मिलते हैं। इस योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सहायता प्रदान करना है। केंद्र सरकार ने 31 मई 2022 को 10 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojna) की 11वीं किस्त को ट्रांसफर किया था। लेकिन अब इस योजना को लेकर बड़ा अपडेट आया है जिसे जानना किसानों के लिए बहुत आवश्यक है।
असल मे उत्तरप्रदेश के किसान जो इस योजना का लाभ उठा रहे हैं उन्हें रिकवरी नोटिस भेजा गया है। इस रिकवरी नोटिस के तहत नोटिस के अनुसार जिस किसी टैक्सपेयर्स यानी करदाता ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठाया है उन्हें अब यह पैसा लौटाना होगा। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के अखंडनगर ब्लाॅक में एक किसान को जारी किए नोटिस में लिखा गया है, ‘उक्त किसान को पीएम किसान पोर्टल पर आयकर दाता के रूप में चिन्हित किया गये हैं।इसलिए अपात्र हैं। चूंकि कृषक द्वारा यह जानते हुए कि वह अपात्रता की श्रेणी में आते हैं और जानबूझकर योजना में पंजीकरण कराकर अवैधानिक रूप से इसका लाभ प्राप्त कर रहे हैं…..अतः नोटिस के उपरांत पीएम किसान योजनान्तर्गत प्राप्त सम्पूर्ण धनराशि ……खाते में जमा करना है।’ सरल शब्दों में कहा जाए तो ऐसे करदाता जो पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे थे अब उन्हें पूरा पैसा वापस लौटाना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर आशीष ने हिंदुस्तान से कहा, ‘जिले में 2800 किसानों को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें गुरुवार तक 310 किसानों ने पैसा वापस भी कर दिया है। -
बिक जायेगी एक और सरकारी कम्पनी, निवेशकों ने जताई रुचि
Business:- सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव दीपक से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार फेरो स्क्रेप निगम लिमिटेड (FSNL) को बेचने की तैयारी में है। जिसे खरीदने के लिए कई लोगो ने रुचि जताई है। DIPAM के ट्वीट के अनुसार स्टील मंत्रालय को एमएसटीसी लिमिटेड ( MSTC Ltd) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड (FSNL) के स्ट्रैटेजिक विनिवेश के लिए कई अभिव्यक्तियां (EOI) मिली हैं।
वही सरकार ने स्ट्रैटेजिक बिक्री में एमएसटीसी लिमिटेड के माध्यम से एफएसएनएल की सम्पूर्ण हिस्सदारी बेचने का निर्णय लिया है। यह एक मिनी रत्न कम्पनी है। जो की मुनाफे वाली कम्पनी है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अक्टूबर 2016 में रणनीतिक विनिवेश और प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के माध्यम से एफएसएनएल में एमएसटीसी के माध्यम से आयोजित संपूर्ण इक्विटी शेयरधारिता के विनिवेश को ‘सैद्धांतिक’ मंजूरी दे दी थी।जानकारी के लिए बता दें FSNL के निजीकरण के लिए बोलियां जमा करने की अंतिम तारीख 6 जून थी। पहले यह तारीख 5 मई 2022 थी। बाद में सरकार ने बोलियां जमा करने की तारीख को बढ़ाई थी। बता दें कि सरकार ने FY2023 के लिए 65,000 करोड़ रुपये का विनिवेश टारगेट तय किया है। इस कम्पनी के भारत मे 9 स्टील प्लांट हैं। कंपनी अलग-अलग स्टील प्लांट में लोहे और स्टील बनाने के दौरान पैदा स्लैग और कचरे से स्क्रैप की वसूली और प्रोसेसिंग में माहिर हैं। -
आम आदमी को मिलेगी राहत , लगेगी महंगाई पर लगाम:- अर्थशास्त्री
बाजर:- जहाँ एक ओर महंगाई से आप अदामी परेशान हैं वही अब खबर आई है कि रिजर्व बैंक द्वारा बढ़ाई गई रेपो रेट और कृषि उत्पादन में हुई बढ़ोतरी के चलते जल्द ही महंगाई पर लगाम लग सकती है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि खाद्य वस्तुओं और ईंधन के महंगा होने से मुद्रास्फीति की दर कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर है। लेकिन सरकार पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क को और कम करने जैसे राजकोषीय उपायों से भी मुद्रास्फीति को नियंत्रित कर सकती है।
वही विशेषज्ञयों का कहना है कि अब महंगाई को नियंत्रित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही महंगाई पर लगाम कसने के लिए मौद्रिक नीति पर जोर दिया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें खुदरा मुद्रास्फीति मई में सालाना आधार पर 7.04 प्रतिशत बढ़ी, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 7.79 प्रतिशत था. दूसरी ओर थोक मुद्रास्फीति मई में बढ़कर 15.88 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गई।एग्रीकल्चर के जानकारों का कहना है कि इस साल मानसून सही समय पर आ रहा है। मानसून आने के बाद यह उम्मीद है कि खाद्य पदार्थों के मूल्य में गिरावट आएगी। वही महंगाई पर पाबंदी लगाने के उद्देश्य से रिजर्व बैंक पहले ही प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.90 प्रतिशत की वृद्धि कर चुका है और आने वाले समय में इसमें 0.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी और हो सकती है।एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के अर्थशास्त्री विश्रुत राणा के मुताबिक वैश्विक स्तर पर जिंस कीमतें मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी के लिए एक प्रमुख प्रेरक कारक हैं और आगे खाद्य कीमतें मानसून पर निर्भर करेंगी. बेहतर मानसून से कृषि उत्पादन बढ़ेगा और कीमतों पर लगाम लगेगी। कम उत्पाद शुल्क, कम मूल्यवर्धित कर, या कृषि उपज पर प्रत्यक्ष सब्सिडी जैसे कुछ अतिरिक्त नीतिगत विकल्प हैं, लेकिन फिलहाल मौद्रिक नीति पर जोर दिए जाने की संभावना है. हमें आगे नीतिगत दरों में 0.75 प्रतिशत की और वृद्धि की उम्मीद है। -
पत्नी के नाम खुलवाये खाता और आजीवन पाएं 45 हजार रुपये पेंशन
बाजार:- अगर आप अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और अपनी पत्नी को आत्मनिर्भर बनाने की सोच रहे हैं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी स्कीम के बारे में जिंसमे इंवेसमेन्ट करने के बाद आप अपनी पत्नी का भविष्य सुरक्षित कर देगे और उसे भविष्य में किसी भी परिस्थिति में किसी के सामने हाँथ नहीं फैलाना पड़ेगा। क्योंकि National Pension Scheme एक ऐसी योजना है जिसमे अगर आप इंवेसमेन्ट करते हैं तो यह आपके घर की रेगुलर इनकम का साधन बन जाती है।
असल मे इस योजना के तहत आप अपनी पत्नी का खाता खोल सकते हैं। जो पत्नी की उम्र 60 साल होने पर उसे एकमुश्त रकम देगा। वही उसे हर महीने पेंशन के रूप में इनकम भी होती रहेगी। जब आप इसमे अपनी पत्नी का खाता खुलवाते है तो आप यह तय कर सकते हैं कि आपको 60 साल के बाद अपनी पत्नी को कितने रुपये की पेंशन दिलवानी है जिससे उसे अपने बढ़ापे मे किसी के सामने हांथ न फैलाना पड़े।National Pension Scheme एक ऐसी योजना है जिंसमे आप अपनी सुविधा के अनुसार मासिक या सालाना पैसा जमा कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए एक आप महज 1 हजार रुपये में अपनी पत्नी के नाम पर खाता खुलवा सकते हैं। यह 60 साल की उम्र में मैच्योर हो जाता है। लेकिन अभी आए नए नियमों के अनुसार आपNational Pension Scheme को 65 साल तक चला सकते हैं।अगर आपकी पत्नी की उम्र 30 साल है और अपने उसका खाता National Pension Scheme के तहत खुलवाया है और आप उसमे हर महीने 5 हजार का निवेश करते हैं। तो मैच्योर होने पर 10 फीसदीं रिटर्न के साथ आपकी पत्नी के अकाउंट में 1.12 करोड़ रुपये होंगें। इसमे से 45 लाख रुपये उसे मैच्योर होने के बाद मिल जायेंगे। इसके बाद उसे हर महीने 45 हजार रुपये पेंशन मिलेगी जो की तब तक उसे इस योजना के तहत दी जायेगी जब तक उसका जीवन है। यानी आजीवन। जानकारी के लिए बता दें यह आपको आपके इंवेसमेन्ट पर 10 से 11 फीसदी का रिटर्न देता है।