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  • ऐसे डायरेक्ट चेक करें Assam Board HSLC Result, इतने छात्र नहीं कर पाए क्लियर

    Assam Board HSLC Result 2022 Declared: असम बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (SEBA) ने अपनी 10वीं कक्षा का रिजल्ट (Assam Board HSLC Result 2022) घोषित कर दिया है। बता दें कि 10वीं की परीक्षा में केवल 56.49 फीसदी विद्यार्थी सफल घोषित किए गए हैं। सभी छात्र SEBA की आधिकारिक वेबसाइट sebaonline.org पर जाकर अपने रिजल्ट चेक कर सकते हैं। 

    इसी के साथ बोर्ड ने टॉप 10 की लिस्ट भी जारी की है। रक्तोत्पल सैकिया नॉर्थ लखीमपुर ने असम एचएसएलसी परीक्षा 2022 में 597/600 अंक लाकर के टॉप (Assam Board HSLC Result 2022 Topper) किया है, इसके बाद भुयाशी मेधी 596 अंक लाकर दूसरे स्थान पर हैं। तीसरी स्थान पर तीन छात्र; मृदुपवन कलिता, लबीब मुजीब और पार्थ प्रतिम दास ने 595 अंकों प्राप्त किए हैं।

    इस बार असम बोर्ड हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (HSLC) यानी की 10वीं में कुल 56.49 फीसदी छात्रों ने परीक्षा पास कर ली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 65176 छात्रों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की है, 99854 छात्र द्वितीय पायदान पर और 64101 छात्रों को तृतीय श्रेणी में सफलता मिली है।

    कुल 4 लाख 19 हजार 887 छात्रों ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था पर 1,95,181 छात्र और 2,24,706 छात्राओं ने परीक्षा दी थी। यह परीक्षा 15 मार्च 2022 से 31 मार्च 2022 तक दो पालियों में करवाई गई थी। 

    कैसे चेक करें अपना रिजल्ट (How to Check Assam Board HSLC Result 2022):

    सबसे पहले छात्र SEBA की आधिकारिक वेबसाइट sebaonline.org या resultassam.nic.in पर जाएं।

    अब होम पेज पर दिए गए Assam Board HSLC Result 2022 के लिंक पर टैब करें।

    ओपन हुए वेबपेज पर रोल नंबर आदि दर्ज कर सबमिट करें।

    रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।

    देखें और प्रिंट निकाल लें।

  • Dubai’s Fintech Sector Enters Next Phase of Growth With New Venture Capital Fund

    With a buoyant startup ecosystem and continuing steps to attract global talent, Dubai has steadily been strengthening its Fintech sector. The sector, experts believe, has entered the next phase of growth with Dubai ticking all the right boxes as it strives to position itself as the global hub for startups through a number of bold, forward-looking strategic measures. 

    What prompts experts to make such an assertion is the recent launch of $ 100.73 million Venture Capital Fund by H.E. Sheikh Hamdan bin Mohammed bin Rashid Al Maktoum, the Crown Prince of Dubai and Chairman of Dubai Executive Council aimed at adding more cushion to the emirate’s already thriving ecosystem.

    “We have established Dubai as the city of entrepreneurs and risk-tolerant investors. We have a flexible legislative system, robust financing tools and an effective regulatory environment. More importantly, we have dynamic public and private sectors,” asserts Sheikh Hamdan, articulating Dubai’s determination to take a leadership position in offering tech-driven solutions to modern-day problems.

    Sheikh Hamdan’s big announcement comes close on the heels of the UAE recently being ranked first in the world as the best place to start a business as per Global Entrepreneur Index.  Home to over 10,000 small and medium startups, the UAE aims to nurture 20 unicorns or startups valued at $1 billion by 2031.  SMEs and startups notably employ more than 86 per cent of the private workforce.

    Industry experts find the newly announced $ 100.73 million Venture Capital Fund as a complimentary effort by Dubai to translate the UAE’s larger unicorn dreams. “We are all for encouraging the entrepreneurial community. We will help young talent to establish and expand their business on a global scale,” says Ahmad Al Falasi, Minister of State for Entrepreneurship and SMEs.

    Data from Dubai International Financial Centre (DIFC) confirm that the emirate has more than 2,400 companies whose core activity is financial services. “Our Fintech sector is built on a solid platform. It is bound to go places. Our ecosystem is so robust that it encourages the growth and innovation of financial services,” informs Ms Raja Al Mazrouei, Executive Vice President, Fintech Hive at DIFC.

    DIFC, it may be noted, contributes 15% to the newly announced $ 100.73 Venture Capital Fund besides governing it. Further, it is also mandated with the task of creating an integrated funding system with suitable options to meet the varied needs of enterprises for their development in Dubai and gradual expansion to global markets.

    Meanwhile, financial analysts who closely watch the Middle East market say the launch of Venture Capital Fund for Startups was on expected lines in the backdrop of Dubai Chamber of Digital Economy recently forming four new committees to enhance digital business infrastructure in the emirate. The Chamber, they point out, had suggested improvements and changes to existing laws to boost the digital economy.

    H.E. Omar Sultan Al Olama, the UAE Minister of State for Artificial intelligence and Remote Work Applications had also thrown sufficient hints suggesting that several new initiatives were in the offing to attract 300 digital startups to the emirate in the next two years. “The whole idea is to attract global digital firms to our soil,” Al Olama had said.

    In the meantime, Dubai added one more feather to its cap with real estate brokers Savills listing the emirate as the third best city in the world for digital nomads. The report by Savills had ranked 15 prime residential markets by their appeal to long-term remote workers. The $ 100 million fund set aside for startups, it is believed, would add more vigor to the emirate’s digital drive.

    The Venture Capital Fund for Startups besides contributing AED 3 billion to Dubai’s GDP would create 8,000 new jobs, particularly in the Fintech sector. “We are committed to create a vibrant business environment and provide opportunities to promote excellence,” adds Sheikh Hamdan. In short, that sums up how the emirate is aiding its entrepreneur community, pursuing bold ambitions.

    Disclaimer: This article is a part of featured content series on Business in Dubai

  • क्रेडिट कार्ड का अगर इस तरह से करेंगे इस्तेमाल तो बैंक से धड़ाधड़ कटेगा पैसा

    Business:- जब हम किसी बैंक में अपना खाता खुलवाते है तो बैंक हमे अनेको सुविधाएं देती है। वही बैंक से हमे दो प्रकार के कार्ड भी दिए जाते हैं जिंसमे एक क्रेडिट कार्ड होता है वही दूसरा डेविड कार्ड होता है। क्रेडिट कार्ड का उपयोग अक्सर वह लोग करते हैं जो लोग कम पैसे का उपयोग करते हैं। लेकिन जो लोग पैसे का अधिक उपयोग करते हैं बैंक उन्हें क्रेडिट कार्ड देती है। 

    कई बार जब हम क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं तो हमे पता भी नहीं चलता और हम बैंक के कर्ज के डूब जाते है और जब आप अपने खाते में पैसा डालते हैं तो बैंक आपके खाते से पैसा काट लेता है। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ग्राहकों को कई अलग अलग तरह के ऑफर देता है और ग्राहको को आकर्षित करता है कि वह क्रेडिट कार्ड का उपयोग करें। 
    लेकिन अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं तो आपको सचेत रहने की आवश्यकता है क्योंकि कई बार क्रेडिट कार्ड का उपयोग आपके लिए बड़ी समस्या बन सकता है और आपको इसके चलते काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं जिन्हें क्रेडिट कार्ड के उपयोग के समय करने से बचना चाहिए।

    ATM से कैश निकालते समय बचे:-

    जब बैंक अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड देती है तो वह उन्हें बताती है कि आप इस एटियम का उपयोग करके बैंक से पैसा भी निकाल सकते हैं। लेकिन जब आप बैंक से पैसा निकालते हैं तो आप बैंक आपके द्वारा लिए कर्ज का इंटरेस्ट तुरंत जोड़ने लगती है। अगर आप बैंक से लोन के बाद क्रेडिट कार्ड से एटियम से पैसा नहीं निकालते हैं तो आपको एक माह का बैंक से समय मिलता है और आपको इस एक माह के दौरान बैक कर्ज नहीं देना होता।

    लिमिट से अधिक उपयोग से बचिए:-

    जब हमको क्रेडिट कार्ड मिलता है तो हम इसका उपयोग बेधड़क करते हैं और इससे अपनी लिमिट से ज्यादा खर्चा करते हैं। जब आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग लिमिट से अधिक करते हैं तो बैंक इसके लिए आपपर चार्ज लगाता है और आपको बैंक को क्रेडिट कार्ड के अधिक उपयोग हेतु पैसा देना होता है।

    पैसा ट्रांसफर से बचें:-

    क्रेडिट कार्ड अपने ग्राहकों को पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा देता है। जब आप क्रेडिट कार्ड से एक खाते से दूसरे खाते में पैसा भेजते हैं तो बैंक आपसे इसके लिए चार्ज लेता है। कोशिश करनी चाहिए कि आप इसके उपयोग से बचे और आवश्यक समय मे ही इस ट्रांजेक्शन का उपयोग कर कसते है

  • इंस्टा पर दोस्ती, फिर मुलाकात और मर्डर:गुजरात से आया ऑनलाइन फ्रेंड, डेढ़ महीने पहले छत्तीसगढ़ से पढ़ने कोटा आई थी स्टूडेंट

    Rajasthan News जयपुर । कोटा में कोचिंग की छात्रा की उसके प्रेमी ने हत्या कर दी। बुधवार देर रात उनका शव रावतभाटा के जवाहर सागर के जंगलों में मिला। बच्ची 2 दिन से लापता थी। कुछ दिन पहले छात्रा की गुजरात के एक युवक से इंस्टा पर दोस्ती हो गई थी। गुजरात के गांधीनगर से पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लिया है। 
    पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी युवती (17) करीब डेढ़ माह पहले नीट की तैयारी के लिए कोटा आई थी। वह राजीव गांधी नगर स्थित एक छात्रावास में रहकर एक निजी कोचिंग संस्थान से मेडिकल कोचिंग कर रही थी। छह जून की सुबह वह कोचिंग जाने के लिए कहकर हॉस्टल से निकल गई। छात्र कोचिंग भी गया, लेकिन बाद में हॉस्टल नहीं लौटा। इसके बाद जवाहर नगर थाने में छात्रा के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
    पुलिस ने हॉस्टल और कोचिंग के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता चला कि छात्रा एक लड़के के साथ स्कूटी पर गई थी. पुलिस इस सूचना की तलाश में थी कि बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि छात्र बोराबास के जंगलों में हो सकता है।
    पुलिस ने बोराबास के जंगल की तलाशी शुरू की तो देर शाम जवाहर सागर इलाके के जंगल में छात्रा का शव मिला. इस पर पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और एफएसएल की टीम ने मौके का मुआयना किया. एसपी केसर सिंह ने कहा कि पोस्टमॉर्टम के बाद यह साफ हो जाएगा कि हत्या कैसे की गई। फिलहाल लड़के पर शक है, उसे हिरासत में ले लिया गया है।

    सोशल मीडिया पर लड़के से की दोस्ती

    पुलिस ने जानकारी जुटानी शुरू की तो युवक चार जून को सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद गुजरात से कोटा आया था। यहां उसकी मुलाकात युवती से हुई। इसके बाद छह जून को दोनों घूमने के लिए कोटा बांध की ओर चले गए। घटना के बाद लड़का गुजरात भाग गया था, लेकिन कोटा पुलिस की टीम ने गुरुवार सुबह उसे गांधीनगर से पकड़ लिया। 

    परिजन बार-बार फोन कर रहे थे

    छात्रा 12वीं कक्षा में थी। वह रोज अपने परिवार वालों से बात करती थी। दो दिन पहले जब उसके परिवार वालों ने उसे फोन किया तो उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। बार-बार फोन बंद होने से चिंतित परिजनों ने कोटा पुलिस से संपर्क किया।

    युवक ने शराब पी रखी थी

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती को जंगल में ले जाने से पहले युवक ने शराब भी पी थी. यह भी सामने आ रहा है कि आरोपी जंगल में भी शराब पीता था। वहीं छात्रा के लापता होने की सूचना के बाद परिजन कोटा पहुंचे।

    पिता ने कहा-बेटी को ब्लैकमेल करने का शक

    पिता ने बताया कि बेटी पढ़ाई में काफी होशियार थी। वह डॉक्टर बनना चाहती थी। उन्होंने कहा- सोशल मीडिया पर चैटिंग और दोस्ती तो आम बात है, लेकिन अगर कोई लड़का कोटा पहुंचकर अपनी बेटी की हत्या कर देता है तो इसके पीछे साजिश हो सकती है। कहा- हमें संदेह है कि ब्लैकमेलिंग का कोई मामला नहीं है।

  • खरीफ फसलों पर होगा किसानों को जमकर मुनाफा बढ़ाई गई एमएसपी

    बाजार:- केंद्र सरकार आय दिन किसानों की आय बढ़ाने के संदर्भ में योजनाएं लाती रहती है। जहाँ अभी तक केंद्र सरकार किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है वही अब केंद्र सरकार ने केंद्र ने साल 2022-23 के लिए खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। 

    केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि अब किसानों को 2022- 2023 की फसलों के लिए अधिक एमएसपी प्राप्त होगा। 
    जानकारी के लिए बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 2022-23 फसल वर्ष के लिए सभी अनिवार्य खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा है की कैबिनेट बैठक में 14 खरीफ फसलों के एमएसपी को मंजूरी दी गई। अगर हम पिछले तीन वर्षों की बात करें तो सामान्य से अच्छे मानसून ने खरीफ के उत्पादन में औसतन 2.8% की वृद्धि हुई है और इसके खरीफ उत्पादन में 2.5% की वृद्धि हो सकती है, जो रबी उत्पादन में 1.5% की वृद्धि है।
    सरकार के आंकड़ों के मुताबिक़ लागत मूल्य से सबसे ज्यादा कीमत पर बाजरे की एमएसपी (MSP) तय की गई है जबकि अरहर दाल की लागत मूल्य से 7 फ़ीसदी ज्यादा एमएसपी का ऐलान किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक इस साल देश में खाद्यान्न का उत्पादन 31.4 करोड़ टन होने की संभावना है जो पिछले साल से करीब 35 लाख टन ज्यादा है।

    जाने किसपर किंतनी बढ़ी एमएसपी:- 

    धान:-

    2021-22 : 1940 रुपये प्रति क्विंटल
    2022-22 : 2040 रुपये प्रति क्विंटल

    अरहर दाल:-

    2021-22 : 6300 रुपये प्रति क्विंटल
    2022-23 : 6600 रुपये प्रति क्विंटल

    मूंग:-

    2021-22 : 7275 रुपये प्रति क्विंटल
    2022-22 : 7755 रुपये प्रति क्विंटल

    मूंगफली:-

    2021-22 : 5550 रुपये प्रति क्विंटल
    2022-23 : 5850 रुपये प्रति क्विंटल

    कपास :-

    2021-22 : 5726 रुपये 
    2022-23 : 6080

  • राजस्थान नर्सेज़ एसोसिएशन की जयपुर में बैठक, नर्सिंग कर्मचारियों ने उठाया मुद्दा

    Rajasthan News जयपुर । SMS अस्पताल के JMA (राजस्थान नर्सेज़) सभागार में राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक में भाग लेने के लिए धौलपुर जिले के नर्सिंग अधीक्षक समेत कई नर्सिंगकर्मी जयपुर पहुंचे। धौलपुर जिलाध्यक्ष हरिशंकर शर्मा ने बताया है कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर नर्सों की लंबित मांग पत्र पर सभी जिलाध्यक्षों, पदाधिकारियों एवं सक्रिय सदस्यों की बैठक आयोजित की गयी। 

    राजस्थान नर्सेज़ का मुद्दा

    बैठक में नर्सिंग अधीक्षक महेंद्र सिंह त्यागी ने मेस भत्ता बढ़ाने पर जोर दिया। उधर, जिलाध्यक्ष हरिशंकर शर्मा ने अनुबंध, यूटीवी व अन्य माध्यमों से कार्यरत सभी नर्सों को जल्द से जल्द नियमित करने की मांग उठाई। साथ ही उन्होंने भविष्य में स्थायी भर्ती के अलावा संविदा एवं अन्य माध्यमों से की जाने वाली भर्तियों पर रोक लगाने की मांग की। बैठक में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विकास त्यागी ने कैडर को ANM से नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के रूप में समय पर प्रोन्नत करने की मांग की। 

    राजस्थान नर्सेज़ एसोसिएशन की जयपुर में बैठक, नर्सिंग कर्मचारियों ने उठाया मुद्दा

    जयपुर में हुई बैठक के बाद वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद चौधरी व निरंजन सिंह ने बताया है कि केंद्र में ANM, LHV और नर्सिंग ट्यूटर के पद में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसी आधार पर राज्य सरकार ने इन तीनों कैडर को बदलने से इनकार किया है। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के मांग पत्र में सरकार से उपरोक्त मांगों को गंभीरता से लेने की मांग की है। 

  • कोटा में रेप के बाद गर्लफ्रेंड की हत्या, पबजी गेम खेलता था बॉयफ्रेंड

    Kota Crime News कोटा । कोचिंग सिटी कोटा में पढ़ने आई छत्तीसगढ़ निवासी 17 वर्षीय किशोरी की हत्या का खुलासा पुलिस ने किया है। युवती की हत्या उसके ही प्रेमी ने की थी। हत्या से पहले प्रेमी ने होटल में छात्रा से दुष्कर्म किया था। उसे जंगल में ले जाकर पत्थर से कुचलकर मार डाला, गुजरात भाग गया। आरोपी सोशल मीडिया का आदी है और पबजी गेम खेलता है। अपने फ्री फायर गेम के दौरान छात्र की सोशल मीडिया पर दोस्ती हो गई। बाद में यह दोस्ती छात्रा की जान की दुश्मन बन गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वह उससे पूछताछ में लगी है।

    पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आरोपी किशन ठाकोर (22) और छात्रा के सोशल मीडिया के जरिए दोस्त बनने के बाद दोनों अक्सर बातें करते थे। बाद में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे कोचिंग के छात्र ने जब उससे बात करना बंद कर दिया तो वह चार जून को कोटा में आत्महत्या करने पहुंचा। लेकिन बाद में उन्होंने आत्महत्या करने का इरादा बदल लिया।

    छात्रा को किराये की बाइक पर लेकर जंगल में ले गए

    किशन ठाकोर 6 जून को छात्रा को घूमने के बहाने होटल में ले गया। वहां उसने छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। बाद में किराये की बाइक लेकर छात्र को रावतभाटा की ओर ले गए। इस दौरान लड़की ने उससे कहा कि वह किसी और युवक से भी बात करती है। इस बात से किशन ठाकोर भड़क गए। वह उसे बोराबास के सुनसान जंगल में ले गया, और वहाँ एक पत्थर से कुचल कर मार डाला, और वहाँ से भाग गया।

    नीट की तैयारी करने आया था कोटा

    बच्ची के लापता होने के बाद उसके परिजनों ने उसी दिन कोटा में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। दो दिन बाद बुधवार की रात बोराबास के जंगलों में छात्रा का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। प्रेमी के हाथों हत्या की शिकार हुई कोचिंग की छात्रा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की रहने वाली थी। वह यहां नीट की तैयारी के लिए आई थी। छात्रा कोटा के एक हॉस्टल में रह रही थी। कोटा पुलिस ने एसओजी की मदद से आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि युवक ने कहा कि अगर यह उसके लिए नहीं होता तो कोई और नहीं होता। यह सोचकर उसने उसे मौत के घाट उतार दिया।

  • क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हो तो जाग जाओ और अब मत करना ये गलती

     

    क्या आप भी क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते है। और मिनिमम ड्यू अमाउंट पर पेमेंट करते हैं तो जरा संभल जाइये आज हम आपको एक ऐसी बात बताएंगे जिसके बाद आप ऐसा नहीं करेंगे। क्योंकि इसमें आपका ही नुकसान है।

    मिनिमम ड्यू अमाउंट पे करने वाले ग्राहकों को ऐसा करना फायदे का काम लग सकता है लेकिन अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आप बिल्कुल गलत हैं और आज हम आपको इसी हकीकत से रूबरू करवाएंगे। क्योंकि मिनिमम पे करने के फायदे से ज्यादा नुकसान हैं।

    मिनिमम ड्यू अमाउंट पे करने पर आप बड़ी राशि चुकाने के बोझ से बच जाते हैं और आपको बकाया राशि चुकाने के लिए थोड़ा बहुत समय भी मिल जाता है। इसी कारण ग्राहकों को ये तरीका लुभाता है पर इसके नुकसानो को जान लेना भी बहुत जरूरी है। जिससे आप पेमेंट को लेकर आप सही फैसला ले। और इसके नुकसान से बच सकें।

    बता दें कि मिनिमम ड्यू अमाउंट पे करने का मतलब ये नहीं होता कि आपको बची हुई बकाया राशि का भुगतान नहीं करना होगा। क्योंकि आपको आगे चलकर पूरा भुगतान करना ही पड़ेगा। और इसका नुकसान ये है कि बकाया राशि को चुकाने में जितनी देरी होती जाएगी उतना ही इंटरेस्ट का बोझ बढ़ता चला जाएगा।

    इसके साथ ही अगर ग्राहक मिनिमम ड्यू अमाउंट से पे करते हैं तो पूरी राशि चुकाने तक इंटरेस्ट का बोझ बढ़ता ही रहता है। साथ ही ग्राहकों को इंटरेस्ट फ्री पीरियड का लाभ भी नहीं मिलता और इंटरेस्ट खरीददारी करने के दिन से ही लगना भी शुरू हो जाता है।

    जानकार की माने तो मिनिमम ड्यू अमाउंट पे करते रहने से कर्ज का अमाउंट या तो बना रहता है या बढ़ता ही जाता है। भले भी भविष्य में आप सारा ड्यू अमाउंट पे ही क्यों न कर दें बावजूद इसके सिबिल रिपोर्ट पर इसका प्रभाव पड़ता है। ऐसे में बैंक आपकी पहचान उस ग्राहक के रूप में कर लेता है जिसके पास लिक्विडिटी की कमी है। 

    इसके साथ ही एक सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि, मिनिमम ड्यू अमाउंट पे करते रहने से क्रेडिट लिमिट पर भी इसका असर देखने को मिलता है। लगातार कम राशि चुकता करते रहने से जितनी राशि कम पे की जाएगी उतनी ही क्रेडिट लिमिट घटती ही चली जाती है।

  • जालौर के सांचौर में तेज धमाका, तड़प-तड़प कर जिंदा जले युवक

    Jalor News जालौर । कॉस्मेटिक के गोदाम (जालौर के सांचौर में तेज धमाका) में जोरदार धमाका होने से दो युवक जिंदा जल गए। एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक काफी देर तक तड़पता रहा। धमाका इतना जोरदार था कि गोदाम के शटर के टुकड़े करीब 150 फीट दूर तक जाके गिरे। हादसा जालोर के सांचौर में सोमवार देर रात हुआ।

    जालौर के सांचौर में तेज धमाका

    शहर के पीडब्ल्यूडी रोड पर रावण राजपूत समाज धर्मशाला के बाहर बने गोदाम में देर रात 11 बजे तेज धमाका के साथ आग की लपटें उठने लगीं। गोदाम के बाहर बाइक पर खड़े चोगाराम (30) पुत्र सदरम बिश्नोई निवासी गौड़ा व प्रवीण (20) पुत्र जयराम बिश्नोई बुरी तरह झुलस गए। लोग पहुंचे तो युवक झुलसी हालत में था। लोगों ने मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। चोगाराम की तड़प-तड़प कर मौके पर ही मौत हो गई। जबकि प्रवीण को गंभीर हालत में गुजरात के पालनपुर रेफर कर दिया गया।

    दोनों युवक गोदाम में ही काम करते थे। हालांकि तेज धमाके के साथ आग लगने के कारणों के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम शैलेंद्र सिंह, डिप्टी रूप सिंह इंदा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    पड़ोसियों ने आग से निकाला

    घटना के वक्त धर्मशाला से कुछ ही दूरी पर शिक्षक रमेश पी खानावत व राजेंद्र हिंगरा खाना खाकर टहलने निकले थे।उन्होंने अचानक तेज धमाके के साथ आग का गोला देखा, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि गोदाम का शटर टूटा हुआ है और अंदर से तेज लपटें उठ रही हैं। वहां दो युवक दुकान के बाहर जल रहे थे। ऐसे में प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया गया।

  • राज्यो में क्यों बन्द होता है इंटरनेट, क्या है कानून

    बाजार:- हमने अक्सर सुना है कि भारत मे इंटरनेट बन्द हो गया या किसी विशेष राज्य में इंटरनेट बन्द कर दिया गया और वहां के लोग अब इंटरनेट से जुड़ी किसी सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते हैं। लेकिन क्या अपने कभी यह सोचा है कि आखिर ऐसा होता क्या है कि सरकार सबसे पहले इंटरनेट बन्द करती है और इंटरनेट बन्द होने के बाद यूजर्स को जो नुकसान होता है उसका मुआवजा कौन देता है उन्हें मुआवजा मिलता भी है या नहीं।

    क्यों बन्द होता है इंटरनेट:-

    अगर हम इंटरनेट बन्द होने के पीछे के कारण को टटोले तो इसके पीछे का एक मात्र कारण हिंसा है अभी हाल ही में हमने देखा जब नुपुर शर्मा द्वारा पैगम्बर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई तो कई जगहों पर मुस्लिम पक्ष ने विरोध किया और कई राज्यों में इसके चलते हिंसा भड़क गई। रांची में सरकार ने 10 जून को भड़की हिंसा के बाद इंटरनेट सेवाओ को बन्द कर दिया जिससे स्पष्ट है कि जब सरकार को स्थिति काबू में लेनी होती है तो वह सबसे पहले इंटरनेट की सेवा बन्द करती है क्योंकि यह एक ऐसा माध्यम है जिसके एक क्लिक से आपकी बात हजारों की संख्या में लोगो तक पहुंच सकती है और माहौल ज्यादा खराब हो सकता है।
    सीधे तौर पर समझे तो इंटरनेट बन्द होने के पीछे का अमुख कारण कोई राजनीतिक, व्यापारिक उद्देश्य या हिंसा है। क्योंकि इंटरनेट के माध्यम से लोग फेक खबरों को प्रसारित कर लोगो मे भ्रम पैदा करते हैं और इससे कई अन्य जगहों पर धर्म और जाति के नाम पर हिंसा भड़क जाती है। 

    जाने क्या है कानून:- 

    अगर हम कानून की बात करे तो सरकार कानून के नियमो के आधार पर इंटरनेट सेवाएं बन्द करती है। TRAI भी इसके पक्ष में है सरकार पब्लिक इमरजेंसी और पब्लिक सेफ्टी के लिए इंटरनेट को बंद कर सकती है। वर्ष 2017 में इस नियम को पारित किया गया था। इस नियम में है कि किसी भी राज्य में सरकार इंटरनेट शटडाउन कर सकती है। केंद्र सरकार भी इसी कानून के तहत इंटरनेट बंद करती है। उन्होंने जानकारी दी कि डीएम, एसडीएम भी कोड ऑफ क्रिमिनल प्रॉसीजर 1973 सेक्शन 144 के तहत सेवाएं बंद कर सकते हैं।
    वही अगर हम आपके डेटा की भरपाई के बारे में बात करे तो किसी उपद्रव या धारा 144 लगाने पर सरकार इंटरनेट सेवा बंद करती है। ऐसी स्थिति में टेलीकॉम कंपनियां अपने यूजर्स को इसका हर्जाना नहीं देती है। क्योंकि टेलीकॉम कंपनी की ेवाएं लगातार चालू रहती है। टेलीकॉम कंपनी किसी जैमर से सेवाएं जाम करने पर कोई बरपाई नहीं करती। लेकिन किसी प्राकृतिक आपदा के कारण इंटरनेट सेवाओं के बंद करने पर टेलीकॉम कंपनी अपने यूजर्स को सारे नुकसान का हर्जाना देती है।