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  • लॉकडाउन का उल्लंघन करने के संदर्भ में दर्ज केसों को वापस लेगी इस राज्य की सरकार

    मुंबई| कोरोना के भीषण तांडव के बीच जब पूरे देश मे लॉकडाउन लगाया गया था। तो कई लोग ऐसे थे जिन्होंने जमकर उस समय लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाई थी और फिर अलग अलग राज्यों की सरकारों ने अपने अपने स्तर पर उन लोगो के खिलाफ केस दर्ज किए थे और उनपर पाबन्दियां लगाई थी। 

    अब इसी संदर्भ से जुड़े केसों को वापस लेने को लेकर महाराष्ट्र गृह विभाग की ओर से एक बयान आया है जिसमे कहा गया है कि जिन लोगो पर लॉकडाउन के उल्लंघन को लेकर केस दर्ज किए गए थे वह सभी वापस लिए जाएंगे। 
    गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने बताया कि यह फैसला गृह विभाग की ओर से लिया गया है। वही अब इसे साप्ताहिक कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। वहाँ से मंजूरी मिलते ही सभी केसों को वापस लिया जाएगा।

  • Bihar Board 10th Result का समय बदला, सबसे पहले यहां होगा रिलीज

    डेस्क। बीएसईबी मैट्रिक परिणाम 2022 आज घोषित किया जाएगा।  बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार बोर्ड रिजल्ट की तारीख और समय की पुष्टि कर दी है, जिसके अनुसार आज दोपहर 3 बजे रिजल्ट घोषित किया जाएगा। इससे पहले दोपहर एक बजे प्रेस कांफ्रेंस होनी थी।  

    छात्र अपने रोल नंबर और / या पंजीकरण संख्या का उपयोग करके अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।

    इस साल मैट्रिक, कक्षा 10 की परीक्षा के लिए कुल 17 लाख (16,48,894) छात्र उपस्थित हुए, और परीक्षा 17 से 24 फरवरी तक चलीं। 17 फरवरी को मैथ्स के पेपर में पेपर लीक की घटनाओं के अलावा, मैट्रिक की परीक्षा सुचारू रूप से चली।  बिहार बोर्ड ने बाद में मोतिहारी जिले में रद्द किए गए कक्षा 10 के गणित के पेपर को फिर से आयोजित भी करवाया।

    परिणाम आधिकारिक वेबसाइट – biharboardonline.bihar.gov.in पर उपलब्ध होगा।  मुख्य वेबसाइट के अलावा, उम्मीदवार अपने स्कोर की जांच के लिए madhyamik.biharboardonline.com पर भी जा सकते हैं।

  • अजमेर में क्यों लागू हुई धारा 144, धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन हुआ सख्त

    डेस्क। राजस्थान के अजमेर शहर में आज धारा 144 को लागू कर दिया गया  है। बता दें कि शहर में अब अगले एक महीने तक किसी भी धार्मिक आयोजन में झंडों और बैनर का इस्तेमाल करने पर रोक लगा है। 

    अजमेर जिला प्रशासन के इस फैसले ने देश की राजनीति का रुख अपनी ओर खींच लिया है।

    अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक ने एक आदेश जारी करते हुए शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अगले एक महीने तक धारा 144 लगा दी है । 

    इस आदेश में कहा गया कि जिले में होने वाले धार्मिक आयोजनों में अब सरकारी स्थल , सार्वजनिक चौराहे  , बिजली व टेलीफोन के खम्बे व किसी व्यक्ति की संपत्ति पर बिना सक्षम स्वीकृति के किसी भी प्रकार के बैनर अथवा झंडे नही लगाए जाएंगे। इसपर सम्पूर्ण रोक लगा दी गई है। साथ ही लिखा गया है कि अगर ऐसा करते हुए कोई भी पकड़ा जाता है तो उस शख्स के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी । 

    पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री व अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने इस आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि अपनी नाकामी छुपाने के लिए कांग्रेस सरकार इस तरह के आदेश जारी करवा रही है जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही है। 

    बता दें कि अजमेर राजस्थान का तीसरा शहर है जहां धारा 144 लगाई है। इससे पहले कोटा और करौली में धारा 144 लागू है। पार्टी के नेता पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा गहलोत सरकार मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है।

  • तमिलनाडु सरकार ने अनिवार्य कोरोना टीका अधिसूचना को लिया वापस

    तमिलनाडु| पिछले वर्ष जब कोविड ने देश मे भारी उछाल मारा था तो कई राज्यों ने अपने अपने स्तर पर लोगों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए थे। वही तमिलनाडु सरकार ने यह निर्देश जारी किया था कि बिना कोरोना का टीका लगवाए कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जाएगा। 

    अब जब देश में कोरोना की रफ्तार मंद पड़ गई है तो तमिलनाडु सरकार में इस आदेश को वापस ले लिया है। सरकार में एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि सरकार अब अनिवार्य टीका अधिसूचना को वापस लेती है और आप लोगो को सार्वजनिक स्थलों पर जाने के लिए टीका लगवाना आवश्यक नहीं होगा। सरकार ने यह निर्णय तब लिया जब तमिलनाडु में कोरोना के मालने न के बराबर आने शुरू हुए हैं।
    सरकार में यह आदेश जारी करते कहा, कि कोविड के निरंतर घटते मामलों को ध्यान में रखते हुए तमिलनाडु सरकार तमिलनाडु जन स्वास्थ्य अधिनियम-1939 के तहत जारी अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस लेती है। लेकिन अभी लोगो को अन्य कोरोना के सभी नियमों का पालन करना होगा और मास्क लगाना होगा।

  • इस मंत्री ने भी की मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग

    डेस्क। बिहार में नीतीश सरकार के भू-खनन मंत्री जनक राम ने भी अब मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर को लेकर आपत्ति जताई है। सरकार से उन्होंने भी मांग की है कि, मस्जिदों से लाउडस्पीकर से तेज आवाज में अजान पढ़े जाने पर रोक लगनी चाहिए।

    गुरुवार को मुजफ्फरपुर दौरे के समय मंत्री जनक राम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब होली, दिवाली जैसे पर्व के समय डीजे और तेज गति वाले वाहन पर रोक लगाई जा सकती है तो मस्जिदों से लाउडस्पीकर से अज़ान पर भी रोक लगनी चाहिए। 

    बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के हरिजन छात्रावास में मंत्री जनक राम ने कहा कि लाउडस्पीकर की तेज आवाज के कारण पढ़ने वाले बच्चों और अन्य लोगों को कठिनाई होती है। आगे उन्होंने कहा कि बतौर मंत्री उनको इस समस्या को लेकर काफी शिकायत मिलती है।

    अपने बयान में उन्होंने संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि, एक ओर जब आप संविधान का हवाला देकर एक वर्ग पर रोक लगाते हैं तो मस्जिदों पर भी रोक लगनी चाहिए। आपको बता दें कि जनक राम भाजपा बोचहां मंडल के चुनाव प्रभारी भी हैं।

  • आज रेलवे ने कैंसिल की 163 ट्रेनें, ऐसे देखे अपने रूट की कैंसिल ट्रेन

    व्यापार| इंडियन रेलवे जिसका सफर करना हर किसी को बेहतर लगता है और करोड़ों की संख्या में लोग रेलवे की सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। वही कई बार ऐसा होता है कि रेलवे की ट्रेनें अचानक से रद्द हो जाती है जिससे यात्रियों को कठिन समस्याओ का सामना करना पड़ता है। लोगों का महीनों पहले हुआ रिजर्वेशन कैंसिल हो जाता है और उनको अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचने के लिए किसी अन्य साधन का उपयोग करना पड़ता है। 

    वही आज के दिन भी रेलवे में कुछ ऐसा ही हुआ है जिसके चलते यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आज रेलवे में अपनी 163 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। इन ट्रेनों में से 143 ट्रेन ऐसी है जिन्हें पूरी तरह से स्थगित किया गया है वही 20 ट्रेन ऐसी हैं जिनको आंशिक रूप से स्थगित किया गया है। वही 17 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। 
    रेलवे यात्री रिशेड्यूल्ड या डायवर्ट ट्रेन को देखने के लिए http/www.icrtchelp.in/canceld-train-list के लिंक पर जाकर चेक कर सकते हैं। बताते चलें ट्रेन कैंसिल करने का मुख्य कारण ज्यादातर पटरियों की मरम्मत होता है इसके अलावा कभी कभी विशेष परिस्थितियों के चलते रेलवे ट्रेन रद्द करता है।

  • ईसाई लड़की ने की मुस्लिम लड़के से शादी क्या ये भी लव जिहाद है? पिता की अर्जी पर हाई कोर्ट का बड़ा बयान

    डेस्क। केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक ईसाई महिला की मुस्लिम पुरुष से शादी में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि ‘उसने फैसला किया है … यह उसकी इच्छा और खुशी है’। 

     इस शादी को ‘लव जिहाद’ के मामले के रूप में आरोपित किया गया था। जिसे महिला के पिता द्वारा दायर किया गया था। जिसने अदालत को बताया कि उसकी बेटी को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था और एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी जिसमें पुलिस को उसके सामने पेश करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।  “उसने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसने शादी करने का फैसला किया है … अपनी मर्जी से और किसी मजबूरी के तहत नहीं। उसने यह भी कहा है कि अब उसे अपने माता-पिता या परिवार के साथ बातचीत करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

     दंपति ने कहा कि उन्होंने विशेष विवाह अधिनियम के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन किया था और इसे दिए जाने से पहले महिला के माता-पिता से मिलने की योजना नहीं थी। 

    अदालत ने महिला के परिवार और उनकी चिंताओं को समझा और बताया कि वह एक 26 वर्षीय महिला है जो अपने निर्णय लेने में सक्षम है।  “उसने एक निर्णय लिया है और उससे विचलित नहीं हो रही है। यह उसकी इच्छा और खुशी है। वह अब अपने माता-पिता से बात करने को तैयार नहीं है, तो हम कैसे मजबूर कर सकते हैं।

    बता दें इस केस में पिता ने कहा था कि उन्हें केरल पुलिस में विश्वास की कमी है और वे राज्य के बाहर से एक एजेंसी चाहते हैं, जैसे केंद्रीय जांच ब्यूरो मामले की(सीबीआई) जांच करे।

  • बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए बूस्टर डोज को लेकर दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान

    डेस्क। दिल्ली सरकार ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि सभी सरकारी टीकाकरण केंद्रों में 18 से 59 वर्ष की आयु के सभी पात्र लाभार्थियों को एहतियाती या बूस्टर कोविड -19 खुराक मुफ्त में उपलब्ध होगी।

    यह कदम तब आया है जब दिल्ली में कोरोनोवायरस के मामलों में तेज वृद्धि और सकारात्मकता दर में वृद्धि देखी जा रही है। 

    भारत ने हाल ही में निजी केंद्रों पर 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए कोविड -19 टीकों की एहतियाती खुराक शुरू की।

    जिन्होंने दूसरे शॉट के नौ महीने पूरे कर लिए हैं, वे इसके लिए पात्र हैं।  कोविशील्ड और कोवैक्सिन दोनों खुराकों की कीमत अब ₹225 है, और निजी टीकाकरण केंद्र इस लागत से अधिक सेवा शुल्क के रूप में अधिकतम ₹150 प्रति शॉट तक चार्ज कर सकते हैं। 

    बता दें कि शुक्रवार को एक बयान में, दिल्ली सरकार ने कहा कि एहतियाती खुराक जल्द ही होगी। सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में लोगों को मुफ्त में प्रदान किया जाता है।

     दिल्ली सरकार के बयान में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के हवाले से कहा गया है, “इलाज से बचाव बेहतर है। जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन नहीं ली है या केवल पहली खुराक ली है, उन्हें जल्द से जल्द अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाना चाहिए।”

  • अब पिकल्स और सॉस की मार्केटिंग करते दिखेंगी करीना कपूर

    व्यापार: कम्पनियां अपने पोडक्ट की बॉन्ड वैल्यू बढ़ाने के लिए न सिर्फ उनका व्यापक प्रचार प्रसार करवाती है। बल्कि एक पॉपुलर चेहरे का सहारा लेकर उस प्रोडक्ट से तगड़ी कमाई करती है। पोडक्ट की कमाई में बढ़ोत्तरी करने के लिए कई कम्पनी अपने ब्रांड एम्बेसडर भी बदलती रहती है। 

    अब इस बीच देश के प्रमुख एफ़एमसीजी ब्रांड्स ने अपने पिकल्स और सॉस की रेंज को मार्केट में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए इसका ब्रांड एम्बेसडर करीना कपूर खान को बनाया है। करीना अब एफ़एमसीजी ब्रांड्स के पिकल्स और सॉस का प्रचार प्रसार करती नजर आएंगी। 
    टॉप्स के वाइस चेयरमैन डॉ नितिन सेठ ने इस संदर्भ में कहा करीना के साथ कम्पनी ने तब साझेदारी की है जब कम्पनी ने पिकल्स और सॉस की नई रेंज को मार्केट में लॉन्च किया। वही करीना के व्यक्तित्व में उन्हें दृढ़ और उत्साह दिखाई देता है। 
    वही यदि हम करीना कपूर खान के शब्दों की बाद करें तो उन्होंने इस कम्पनी से जुड़ने के बाद कहा वह बेहद खुश हैं। टॉप्स उनका पंसदीदा ब्रांड है।

  • पंजाब में 720 स्कूलों ने बढ़ाई फीस, सरकार हुई सख्त

    डेस्क। पंजाब में आप के नेतृत्व वाली सरकार ने रविवार को सरकार के निर्देशों के बावजूद कथित रूप से फीस बढ़ाने के लिए 720 निजी स्कूलों के खिलाफ जांच का आदेश दे दिया। यह कदम अभिभावकों की शिकायतों के बाद आया है, जिन्होंने दावा किया था कि इन स्कूलों ने सरकारी निर्देशों की अवहेलना की है। 

    स्कूलों के खिलाफ जांच के आदेश को संबंधित मंत्रालय द्वारा साझा किया गया था। जिन 720 निजी स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई है, उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।  दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी’: मंत्रालय से जुड़े नेता ने कहा।

    रविवार को यहां मीडिया को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई के प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने कहा कि मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण और सस्ती बुनियादी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा मंत्री ने माता-पिता के दावे के बाद जांच के आदेश दिए थे।  कि ये निजी स्कूल फीस और किताबों और यूनिफॉर्म की खरीद के संबंध में सरकार के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे। जांच होगी और कड़ी कार्यवाही भी।