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  • डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में 5 सितंबर को शहर में मनाई जाएगी शिक्षक दिवस

    शेखर की रिपोर्ट

    पूरे देश मे रविवार के दिन 5 सितंबर को शिक्षा दिवस मना रहा है हमारे यहां प्राचीन काल से ही गुरु शिष्य परंपरा को सर्वोपरि माना गया है वैसे भी कहा गया है कि विभिन्न मनुष्य और पूर्ण होता है शिक्षा अगर इतनी अहम है तो इससे प्रदान करने वाला यानी शिक्षा कितना महत्वपूर्ण है शिक्षा के कंधों पर समाज के भविष्य को संवारने निखारने और उसे सत्य मार्ग पर ले जाने की जिम्मेदारी होती है संस्कृत का श्लोक गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वरा गुरु साक्षात परम ब्रम्ह तस्मै श्री गुरुवे नमः इसका अर्थ है और महेश है इसके लिए मैं आपको प्रणाम करता हूं।

    कुछ लोगों ने कहा कि शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है क्या किसी दूसरे दिन या तारीख को टीचर डे सेलिब्रेशन यानी शिक्षक दिवस नहीं मनाया जा सकता इसका जवाब बेहद आसान है की बताते जाएगी सवर पल्ली राधाकृष्णन हमारे देश के दूसरे राष्ट्रपति थे डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म पर 5 सितंबर को टीचर डे मनाया जाता है इन दिनों कुछ देशों में छुट्टी का दिन रहता है तो कुछ देशों में कोई अवकाश नहीं रहता टीचर डे शिक्षकों की प्रशंसा करने का स्पेशल दिन है इस दिन विद्यार्थियों अपने टीचर को गिफ्ट देते हैं और भारत में शिक्षक दिवस  पहली बार 1962 में 5 सितंबर को टीचर डे मनाया गया है

    सर पल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था उन्हीं की याद में टीचर डे मनाया जाता है उनका कहना था कि शिक्षक का दिमाग देश के सबसे बेहतर दिमाग होता है डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन बहुत अच्छे शिक्षक और दार्शनिक थे एक बार उनके कुछ विद्यार्थी और दोस्त ने उसने कहा कि उनके जन्मदिन को सेलिब्रेट करना चाहते हैं तब उन्हें कहा था कि मेरा जन्मदिन अलग से मनाने की बजाय अगर मेरा जन्म दिन टीचर डे के रूप में मनाया जाए तो मुझे गर्व महसूस होगा डॉक्टर राधाकृष्णन का शिक्षा के प्रति बहुत बड़ा योगदान है इसी वजह से आज तक इंडिया में इसी दिन शिक्षा दिवस मनाया जाता है

    एक ऐसा व्यक्ति होता है जो हमें दुनिया के साथ सही गलत का अंतर बताया जाता है महान शिक्षक होने के साथ-साथ स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति तथा दूसरे राष्ट्रपति थे गुरु के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान होता है और इसलिए कहा गया है की गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर गुरु साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः। डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को संपूर्ण भारत में सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा करने वाले छात्रों को पुरस्कार दिया जाता है ऐसा कहा जाता है कि गुरु अर्थ अर्थ शिक्षक के बिना सही रास्ते पर नहीं चला जा सकता है वह मार्गदर्शन करते हैं तभी तो शिक्षक छात्रों को अपने नियमों में बांधकर अच्छा इंसान बनाते हैं और सही मार्ग प्रशस्त करते रहते हैं

  • झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए अलग से कमरे को लेके विरोध

    झारखंड | झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए अलग से कमरा आवंटित करने को लेकर भाजपा जमकर हंगामा किया। इस फैसले के खिलाफ विधायकों ने विधानसभा में ही भजन-कीर्तन शुरू कर दिया। विधायकों ने नमाज के लिए कमरे का आवंटन तुरंत रद करने की मांग की।  

    सोमवार की सुबह ही भाजपा विधायकों ने ‘हरे रामा-हरे कृष्‍णा’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के नारों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। कई विधायक ढोल मंजीरा लेकर विधानसभा पहुंचे थे। देवघर के भाजपा विधायक नारायण दास बकायदा पुजारी की वेशभूषा में पहुंचे। भाजपा विधायकों ने कहा कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब‍ तक कि नमाज के लिए कमरे का आवंटन रद नहीं कर दिया जाता है। उन्‍ळोंने कहा कि या तो यह आवंटन रद होना चाहिए या फिर हर धर्म के लिए कमरे आवंटित करने चाहिए। 
    इस मुद्दे को को लेकर विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह हंगामा हुआ।                

    वेल में चले गए विधायक  

    विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक शुरू होते ही भाजपा विधायक ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए वेल में चले गए। विधानसभा स्‍पीकर रवीन्‍द्र नाथ महतो ने कई बार विधायकों से वापस अपनी जगह पर जाने की अपील की लेकिन विधायकों का हंगामा जारी रहा तो उन्‍होंने विधानसभा की कार्यवाही स्‍थगित कर दी।  

    सीएम सोरेन और मंत्रियों ने की आलोचना  

    भाजपा के इस हंगामे की सीएम हेमंत सोरेन और सरकार के मंत्रियों ने आलोचना की है। राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बन्‍न गुप्‍ता ने भाजपा पर धर्म के नाम पर उन्‍माद फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने भी भाजपा की आलोचना की। कहा कि भाजपा जनता को महंगाइ और रोजगार जैसे जनहित के मुद्दों से भटकाना चाहती है। 
    गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए एक अलग कमरा आवंटित करने की बात को लेकर पिछले दो दिन से सियासत गरमाई हुई है। भाजपा विधानसभा परिसर में हनुमान मंदिर और अन्‍य धर्मों के पूजा स्‍थलों के निर्माण की मांग कर रही है। रविवार को भी राज्‍य में इस मुद्दे पर काफी बवाल मचा था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीएम हेमंत सोरेन और विधानसभा अध्‍यक्ष रवीन्‍द्र नाथ महतो का पुतला फूंककर विरोध जताया था। 

  • जोधाडीह मोड़ स्थित चौक चौराहे के पास बड़ा स्ट्रीट लाइट

    बोकारो : संगीता की रिपोर्ट

    झारखंड

    चास एवं बोकारो स्टील सिटी के क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर आज दिनांक 15 सितंबर 2021 को अनुमंडल पदाधिकारी चास  दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने  चास अनुमंडल क्ष्रेत्र के बोकारो एवं शहरी क्षेत्रों का भ्रमण किया, जिसमें चास नगर निगम के विभिन्न चौक चौराहों धर्मशाला चौक, आईटीआई मोड़, महावीर चौक एवं जोधाडीह मोड़ का निरीक्षण किया। चास आईटीआई मोड़ से सिवनडीह तक राष्ट्रीय राज्य मार्ग संख्या- 32 स्थित संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर- निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त चार्ट जिला परिवहन पदाधिकारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पुलिस उपाधीक्षक यातायात एवं एन एच आई के पदाधिकारियों के साथ जोधाडीह  मोड़ स्थित चौक चौराहे के पास बड़ा स्ट्रीट लाइट एवं आईटीआई मोड,  धर्मशाला चौक के पास रात्रि में स्थाई रूप से स्ट्रीट लाइट एवं स्पीड ब्रेकर लगाने का निर्देश एनएचआई को दिया। उन्होंने चास आईटीआई मोड़ से सिवनडीह तक राष्ट्रीय राज्य मार्ग संख्या- 32 स्थित संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर व्हाइट पेंट से रंगरोगन, रोड मार्किंग, बीजिंग रैलिंग पेंटिंग, रोड साइनिंग आदि लगाने का निर्देश दिया।  हनुमान मंदिर के पास नगर निगम द्वारा निर्मित सब्जी मार्केट में शिफ्ट कराने का निर्देश-अनुमंडल पदाधिकारी चास  दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने अपर नगर आयुक्त  अनिल कुमार सिंह को जोधाडीह मोड़ स्थित सब्जी मार्केट को स्थानांतरित कर हनुमान मंदिर के पास नगर निगम द्वारा निर्मित सब्जी मार्केट में शिफ्ट कराने का निर्देश दिया गया तथा अपर नगर आयुक्त को बड़े एवं भारी वाहनों को प्रवेश सुबह 9:00 बजे से रात 9:00 बजे तक प्रवेश वर्जित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही इस संबंध में चेंबर ऑफ कॉमर्स के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान पुलिस उपाधीक्षक यातायात  पूनम मिंज, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चास सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा के बागियों की वापसी पर कहा कि राजनीति में हर वक्त दरवाजे खुले

    हरिद्वार

    Uttarakhand Congress भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ प्रकरण में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से भाजपा के कुचक्र में फंस चुके हैं। भाजपा उन्हें सम्मान देगी ऐसा उन्हें नहीं लगता। भाजपा के दो विधायकों के उनके संपर्क में होने और बागियों की वापसी पर उन्होंने कहा कि राजनीति में हर वक्त दरवाजे खुले रहते हैं। हालांकि किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है। हां, मीडिया के माध्यम से कांग्रेस पार्टी के एक नेता से संपर्क किए जाने की बात जरूर सुनी है। उम्मीद है पार्टी नेता के माध्यम से बात हाईकमान तक पहुंचेगी। इसके बाद ही मिल बैठकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    श्री जयराम आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उमेश शर्मा काऊ से उनकी पुरानी मित्रता है और भविष्य में बनी रहेगी। कांग्रेस में गुटबाजी को सिरे से नकारते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्त्‍ता एकजुट होकर चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। कुछ लोगों की ओर से भ्रामक प्रचार-प्रसार किया जा रहा कि पार्टी में गुटबाजी है।

    परिवर्तन यात्रा की सफलता कांग्रेस में गुटबाजी न होने का ताजा उदाहरण है। कहा कि अगले सप्ताह हरिद्वार में परिवर्तन यात्रा पहुंच रही है। इसे सफल बनाना कार्यकर्त्‍ताओं की जिम्मेदारी है। परिवर्तन यात्रा से कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्त्‍ता आमजन से जुड़ेगा। कांग्रेस को मजबूत करने का कार्य करेगा।

    सरकार की गलत नीतियों के चलते बढ़ी महंगाई

    आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है। इससे पहले उन्होंने युवाओं को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई।

    ललतारो पुल स्थित सेवा समिति हाल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। परेशान जनता बदलाव के लिए आप से जुड़ रही है। युवा वर्ग आप की रीति-नीति से प्रभावित हो रहा है। एडवोकेट सचिन बेदी और महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष हेमा भंडारी ने कहा कि जनता से मिल रहे समर्थन के चलते विस चुनाव में आप की जीत निश्चित है। एडवोकेट नितिन गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने पर दिल्ली की तर्ज पर जनता को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। मुफ्त बिजली के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होने से जनता को लाभ होगा। प्रदेश उपाध्यक्ष ओपी मिश्रा ने भी पार्टी में शामिल हुए कार्यकत्र्ताओं का स्वागत किया। आप की सदस्यता लेने वालों में नितिन गुप्ता, नीरव शर्मा, देवी शरण भारद्वाज, अभय भारद्वाज, शिवम, मयंक, विवेक, धु्रव शामिल रहे।

  • रायपुर क्षेत्र से भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ : अपनी पीड़ा राष्ट्रीय नेतृत्व के सम्मुख रख चुके हैं वही निर्णय लेगा

    देहरादून

    रायपुर क्षेत्र से भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि वह अपनी पीड़ा राष्ट्रीय नेतृत्व के सम्मुख रख चुके हैं और अब वही निर्णय लेगा। साथ ही कहा कि यदि कोई निर्णय नहीं हुआ तो हमारा भी अपना समूह है और हम सब मिलकर फैसला लेंगे। दिल्ली से लौटने के बाद मंगलवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने ये बातें कहीं।

    रायपुर विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से ठीक पहले कैबिनेट मंत्री डा धन सिंह रावत की मौजूदगी में क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ और पार्टी कार्यकर्त्‍ताओं के मध्य हुई तू तू-मैं-मैं सुर्खियों में रही थी। इसके बाद विधायक काऊ दिल्ली चले गए थे। वहां उन्होंने रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम से मुलाकात की। सोमवार को उन्होंने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी से मुलाकात की।

    मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान पूछे जाने पर विधायक काऊ ने कहा कि दिल्ली जाकर अपने परिवार से मिलना गुनाह थोड़े ही है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमारा परिवार है और परिवार के मुखिया से बात करना हमारा कर्तव्‍य भी है। काऊ ने कहा कि उन्होंने अपनी पांच साल की पीड़ा से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया है। पार्टी के जिन नेताओं से पांच मिनट मिलना भी मुश्किल होता है, उनके द्वारा एक-एक घंटे का समय देकर बात सुनी गई। साथ ही न्याय देने का भरोसा दिलाया गया। यह उनके परिवार का मामला है।

    विधायक काऊ ने कहा कि अपनी पीड़ा के संबंध में वह प्रांतीय नेतृत्व के साथ सरकार को भी अवगत करा चुके हैं। अब राष्ट्रीय नेतृत्व को इस बारे में बताया है। अब निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व को लेना है। विधायक काऊ ने कहा कि वह अपने साथी मंत्री, विधायकों को भी दर्द बता चुके हैं। वे जो भी निर्णय लेंगे वह उनके साथ चलूंगा।

    • पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री, उत्तराखंड) ने कहा कि कहीं कोई नाराजगी नहीं है। मैने इस मसले पर विधायक उमेश शर्मा से बात कर ली हैं। कही कोई समस्या है तो मिल-बैठ कर हल कर लेंगे।
    • डा धन सिंह (स्वास्थ्य मंत्री) ने कहा कि पार्टी ने पूरे मसले पर प्रदेश महामंत्री को जांच सौंपी है। यह मसला वही देखेंगे। इस पर वह सभी पक्षों से बातचीत कर निर्णय लेंगे।
    • प्रीतम सिंह (नेता प्रतिपक्ष) ने कहा कि राजनीति में कभी किसी दल के दरवाजे बंद नहीं होते। परिस्थितियां आती हैं, तो शीर्ष नेतृत्व जो निर्णय लेगा, उस पर अमल किया जाएगा।

    चर्चा में रही विधायक उमेश शर्मा की गतिविधियां

    मंगलवार को विधायक उमेश शर्मा काऊ स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस दौरान वह काफी देर तक कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और विधायक काजी निजामुद्दीन से चर्चा में मशगूल दिखे। इसके कुछ समय बाद जैसे ही मुख्यमंत्री का उद्बोधन शुरू हुआ तो वह मीडिया से बातचीत को बाहर आ गए।

  • पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत : राज्य में सब कुछ खुला केवल चार धाम यात्रा बंद

    देहरादून

    कोरोना संकट की वजह से अब तक बंद चार धाम यात्रा को लेकर सरकार, विपक्ष के निशाने पर आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने इस मुद्दे पर सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि राज्य में सब कुछ खुला हुआ है। रैलियां हो रही हैं, यात्राएं भी खुली हैं। सत्तारूढ़ दल की जन सभाएं भी हो रही हैं, लेकिन केवल चार धाम यात्रा बंद है।

    इंटरनेट मीडिया पर अपनी पोस्ट में प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने चार धाम यात्रा के बहाने कुंभ को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कुंभ में ऐसा काम हुआ कि उसकी आंच चार धाम यात्रा पर भी पड़ गई है।

    चार धाम यात्रा पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर लोग आत्महत्या करने के कगार पर आ गए हैं। हाईकोर्ट में पक्ष रखने को सरकार तैयार नहीं है। रावत ने कहा कि 2014 में उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री बहुत नियंत्रित चार धाम यात्रा चलाई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अतीत से सबक लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

    नेता प्रतिपक्ष प्रीतम भी समर्थन में उतरे

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने भी चार धाम यात्रा संचालित करने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा राज्य की आर्थिकी से जुड़ी है। सरकार कुंभ का आयोजन कर चुकी है। जन आशीर्वाद यात्राएं भी निकाल रही है।

    कोरोना के बीच निपाह वायरस का कहर शुरू

    कोरोना की आड़ में चार धाम यात्रा को रोका नहीं जाना चाहिए। सरकार को सुरक्षित यात्रा के लिए बंदोबस्त करना चाहिए। कोरोना काल में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि जनता महंगाई की मार से त्रस्त है। किसानों के सामने संकट खड़ा है। ऐसे में कांग्रेस चुप नहीं बैठ सकती।

  • जनपद पंचायत कसडोल का फर्जीवाड़ा आया सामने, सूचना के अधिकार के तहत हुआ खुलासा

    रेशम वर्मा कि रिपोर्ट 

    कसडोल

    जनपद पंचायत कसडोल का फर्जीवाड़ा आया सामने, सूचना के अधिकार के तहत हुआ खुलासा बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के अंतर्गत जनपद पंचायत कसडोल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।मामले की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगे गए जानकारी से खुलासा हुआ है।उक्त जानकारी स्थानीय पत्रकार पुरुषोत्तम कैवर्त्य द्वारा मांगी गई थी।जिससे जानबूझकर जनपद पंचायत कसडोल के जनसूचना अधिकारी द्वारा अधूरी जानकारी दी गई है।वह यह है कि आवेदक द्वारा उक्त गौड़ खनिज मद का नस्तिफाइल मांगा गया था। इस पर जनसूचना अधिकारी के लेखापाल श्री टी आर साहू द्वारा जनपद पंचायत द्वारा किए गए प्रस्ताव एवं उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर युक्त जानकारी को छोड़कर अन्य सभी जानकारी दी गई,जबकि दस्तावेज में प्रस्ताव होने का दिनांक उपस्थित सदस्यों के नाम का हवाला दिया गया था।इस संबंध में आवेदक द्वारा पूछा गया कि इसमें प्रस्ताव का हवाला दिया गया है किंतु प्रस्ताव की उक्त कापी नही दी गई है। तब पहले तो कहा गया कि प्रस्ताव का कापी दिया गया है ।जब आवेदक द्वारा दिखाया गया तब कहा गया कि आपके द्वारा केवल नस्ती फाइल मांगी गई है इसलिए प्रस्ताव की कापी नही दी गई। तब आवेदक पुरुषोत्तम कैवर्त्य द्वारा कहा गया कि नस्ती फाइल का प्रथम कड़ी प्रस्ताव होता है जो कि आपके द्वारा नही दिया गया। मुझे उसी की आवश्यकता है आप कहे तो मैं प्रस्ताव की कापी के लिए पुनः आवेदन करूँ।इस पर टी आर साहू ने कहा आवेदन की आवश्यकता नहीं है, आपको प्रस्ताव की कापी मिल जाएगा, किन्तु फिर भी एक माह तक गुमराह करते रहे। इस संबंध में उक्त लेखपाल द्वारा जनसूचना अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी गुमराह किया गया।अंत में जनसूचना अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रवीण भारती द्वारा कहा गया कि आप पुनः आवेदन करें तब आपको चाही गई कापी दे दी जावेगी। इस पर आवेदक द्वारा बार-बार समझाने की कोशिश की गई किन्तु उसके बावजूद जरूरी दस्तावेज को छिपाकर एक माह तक गुमराह करने की कोशिश की गई।इससे आहत होकर आवेदक को दुबारा आवेदन लगाने मजबूर होना पड़ा।इस तरह जनसूचना अधिकारी के लेखापाल द्वारा जानबूझकर आवेदक को घुमाने का भरपूर प्रयास किया गया।जो कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 का खुला उल्लंघन है।जनपद पंचायत कसडोल द्वारा जब एक जागरूक पत्रकार के साथ इस तरह मनमानी किया जाता है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि अन्य लोगों के साथ किस तरह का रवैया अपनाया जाता होगा। इसके लिए जनसूचना अधिकारी के उक्त लेखापाल पर अधूरी जानकारी देने के लिए कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए।तभी ऐसे लोगों को सबक मिलेगी।

    मामला है गौड़ खनिज मद 2016-17 की राशि 1365939.00 का

    शासन से वित्तीय वर्ष 2016-17 में उत्खनन क्षेत्र ग्राम पंचायत खपरीडीह के लिए 1315896.00 एवं ग्राम पंचायत कुम्हारी के लिए 50043.00 कुल 1365939.00 स्वीकृत हुआ था, किन्तु जनपद पंचायत की लापरवाही के चलते दो वर्ष तक संबंधित ग्राम पंचायत को राशि आबंटित नही किया गया।दो साल तक राशि यूँ ही पड़ा रहा और अचानक 20/10/2020 को अनुमोदन हेतु जनपद पंचायत कसडोल द्वारा जिला पंचायत बलौदाबाजार को भेजा गया। तब तक त्रिस्तरीय पंचायत का आगामी चुनाव हो चुका था।वह भी बिना प्रस्ताव के जनपद पंचायत कसडोल द्वारा फर्जी तरीके से संशोधित प्रस्ताव क्रमांक 2 दिनांक 16/10/2019 का (पूर्व सदस्यों के कार्यकाल का) हवाला देकर नए कार्यकाल में दिनांक 20/10/2020 को अनुमोदन हेतु जिला पंचायत भेजा गया और जिला पंचायत द्वारा बिना जांच पड़ताल के जबकि प्रस्ताव दिनांक और अनुमोदन हेतु भेजे गए दिनांक से स्पष्ट है कि प्रस्ताव के 01वर्ष 04 दिन बाद अनुमोदन हेतु जिला पंचायत भेजा गया था।जोकि नियमानुसार स्वत:निरस्त है।जिस पर जिला पंचायत द्वारा भी बिना निरीक्षण के आंख मूंदकर अनुमोदन कर दिया गया।जो कि गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता। जबकि उपरोक्त दिखाए गए प्रस्ताव भी फर्जी है ।उक्त तिथि में कोई बैठक हुई ही नही है तो प्रस्ताव कहाँ से होगा ? वह तो पुराने सदस्य जो वर्तमान में चुनकर आये हैं और अपने आप को दबंग सभापति समझने वाले कुछ लोगों के साजिश का हिस्सा है।वर्तमान सदस्यों को कमीशन की राशि का बंटवारा न देना पड़े, यह सोचकर फर्जी तरीके से तैयार किए गए प्रस्ताव का हवाला देकर वर्तमान एवं पूर्व जनपद सदस्यों को बेवकूफ बनाने का साजिश रचा गया था।किंतु कहा गया है “चोर कितना शातिर क्यों न हो कोई न कोई सबूत अवश्य छोड़ता है” यह चरितार्थ हुआ और जिस फर्जी प्रस्ताव का सहारा लिया गया उसके 01 वर्ष 04 दिन बाद अनुमोदन के लिए जिला पंचायत भेजा गया।जबकि पंचायती राज अधिनियम में त्रिस्तरीय पंचायत के लिए अधिनियम में स्पस्ट लिखा गया है कि किसी भी प्रस्ताव पर अमल करने के लिए छ: माह की अवधि तय बताई गई है। उक्त अवधि के भीतर कोई भी कार्रवाई नही करने पर प्रस्ताव स्वत:निरस्त हो जाता है। फिर भी जनपद पंचायत के पूर्व एवं वर्तमान सभापति श्री मेलाराम साहू ने दृढ़ता पूर्वक दो-तीन लोगों की उपस्थिति में आवेदक से कहा और जहाँ तहाँ कहता फिरता है कि हम पुराने लोग तो अभी भी हैं हम लोगों ने प्रस्ताव किया है। जबकि प्रस्ताव के समय उपस्थित दिखाए गए अधिकांश लोगों का कहना है कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं हुआ है। कुछ लोगों के पास जाकर हस्ताक्षर जरूर लिया गया है। वे भी काम न रुके इस लिहाज से हस्ताक्षर करना कबूल कर रहे हैं। मेलाराम साहू यह भूल रहा है कि जिस फर्जी प्रस्ताव का उन्हें गुरुर हो रहा है, वह यदि वास्तविक होता तो भी समय सीमा में अमल न होने के कारण स्वत: निरस्त है। उनकी प्रतिक्रिया से ऐसा लग रहा था कि मानो वही इस फर्जीवाड़ा का सूत्रधार हो। चाहते तो वर्तमान के नए सदस्यों से प्रस्ताव कराकर भेज सकते थे। यदि पुराने राशि पड़े हुए थे तो। किन्तु ऐसा न किया जाना भी संदेह और साजिश को जन्म देता है।

    यह बात सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि जनपद पंचायत में पड़े 2016-17 की राशि का दिनांक 16/10/2019 को प्रस्ताव करने के बाद तुरंत अमल में लाते क्योकि सामने तीन माह बाद चुनाव था । ऐसी स्थिति में रोक कर नही रखते।किन्तु ऐसा नही हुआ और दिनांक 20/10/2020 को अनुमोदन हेतु जिला पंचायत भेजा गया ।इससे भी जाहिर होता है कि उक्त तिथि को पुराने सदस्यों द्वारा कोई प्रस्ताव नही किया गया था।

    खास बात तो यह है कि उत्खनन क्षेत्र के जिस ग्राम पंचायत खपरीडीह एवं ग्राम पंचायत कुम्हारी के लिए शासन से राशि जारी की गई थी, उन ग्राम पंचायतों के हक छीनकर उनकी सहमति के बिना जबरदस्ती मनमानी पूर्वक अन्य ग्राम पंचायत कोटियाडीह को जारी कर अपने चहेते को लाभ पहुंचाया गया। जगजाहिर है कि जिस ग्राम पंचायत के लिए राशि जारी हो उन्हीं को दिया जाय यदि संबंधित ग्राम पंचायत को राशि की आवश्यकता न होने पर उनसे लिखित सहमति लेने के बाद अन्य ग्राम पंचायत को राशि जारी किया जाय। इसमे भी शर्त है कि संबंधित ग्राम पंचायत के सात कि मी के दायरे से बाहर उक्त राशि नही दिए जाने का प्रावधान है, इसमे भी साजिश की गई है और जानबूझकर खपरीडीह से कोटियाडीह की दूरी pwd विभाग के sdo द्वारा रिपोर्ट में सात कि मी दिखाया गया है जबकि हकीकत में उक्त गांवो के बीच की दूरी 13 से 14 कि मी है।यह भी जांच का विषय है। क्योंकि यह भी साजिश का ही हिस्सा है।ऐसे रिपोर्ट देने वाले उक्त अधिकारी पर भी कार्रवाई होना चाहिए।

    इन सभी बातों से स्पष्ट है कि बिना प्रस्ताव के फर्जी प्रस्ताव दिखाकर एक वर्ष चार
    दिन बाद जो कि अवैधानिक है जिला पंचायत से अनुमोदन कराकर उत्खनन क्षेत्र के नाम से आये राशि को मनमानी पूर्वक बिना सहमति के अन्य अपने चहेते सरपंच को लाभ पहुंचाया गया है।इससे भी कमीशन लेकर राशि दिए जाने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह सारा खेल सिर्फ और सिर्फ कमीशन के लिए ही खेल गया है ऐसा प्रतीत होता है। इस प्रकार इस साजिश में लिप्त पुराने सदस्यों जो वर्तमान में भी चुनकर आए हैं के द्वारा सारी साजिश का तानाबाना बुना गया और जानबूझकर गैर कानूनी कारनामा को अंजाम दिया गया है। सूत्र से पता चला कि इस फर्जीवाड़े की जांच की मांग को लेकर वर्तमान जनपद सदस्य सिद्धांत मिश्रा द्वारा बैठक में बात रखी गई थी बताया गया कि उस विषय पर चर्चा भी हुई किन्तु रिकार्ड में दर्ज नहीं किया गया।इससे भी जाहिर होता है कि गौड़ खनिज मद में फर्जीवाड़ा हुआ है।जिसका जिन्न जांच में सामने आएगा।

    अतः उच्चाधिकारियों को चाहिए कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए साजिश में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए अवैधानिक रूप से जारी किए गए राशि का साजिश कर्ता से वसूल किए जाने के साथ ही 420 के तहत पृथक कार्रवाई करते हुए पद के दुरुपयोग करने के लिए वर्तमान पद से पदच्युत किया जाना आवश्यक है। ताकि भविष्य के लिए सबक हो ।

  • किसानों की महापंचायत में कुछ लोग लाठी और लोहे की रॉड जैसे हथियार लेकर शामिल हुए

    ज़िला प्रशासन के मुताबिक़, “हमने और पुलिस ने किसान नेताओं से इस बारे में बात की है और उन्होंने ऐसे लोगों से जाने के लिए कहा लेकिन वो अपने नेताओं की बात नहीं सुन रहे हैं. ऐसे सभी लोगों पर क़ानून के मुताबिक़ एक्शन लिया जाएगा.” करनाल ज़िला प्रशासन का कहना है कि उन्हें कुछ ऐसी ख़ुफ़िया रिपोर्ट्स मिली हैं कि किसानों की महापंचायत में कुछ लोग लाठी और लोहे की रॉड जैसे हथियार लेकर शामिल हुए हैं.  

     

    ‘हिंसा में शामिल नहीं होंगे किसान’

    वहीं, हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि किसान प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की हिंसा में शामिल नहीं होंगे.

    उन्होंने कहा, “अगर यहाँ मौजूद किसी भी शख़्स के पास हथियार है तो वो हममें से एक नहीं है. ये हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने की साज़िश हो सकती है.”

    चढ़ूनी ने कहा, “हम किसी भी तरह की हिंसा में शामिल नहीं होंगे और तब तक प्रदर्शन करते रहेंगे जब तक हमारी माँगें पूरी नहीं हो जातीं.”

  • ADB देगा 817.60 करोड़ रुपया ऋण, राज्य सरकार *350.40 करोड़ देगी अपनी हिस्सेदारी

    बोकारो : संगीता की रिपोर्ट

    झारखंड

    राज्य के सभी शहरी नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की राज्य सरकार और माननीय मुख्यमंत्री झारखंड,  हेमंत सोरेन की सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत लगभग 5 लाख 85 हजार शहरी आबादी को पेयजलापूर्ति उपलब्ध कराने की परियोजना मूर्त रूप लेने जा रही है ।राज्य के शहरी विकास एवं जलापूर्ति  योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए बुधवार 8 सितंबर 2021 को नई दिल्ली में केंद्र सरकार , एशियन डेवलपमेंट बैंक, राज्य सरकार और जुडको के बीच 1168 करोड़ रुपये के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर  हुआ । 
    नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में  केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के अपर सचिव  रजत कुमार मि़श्रा, राज्य सरकार के  नगर विकास विभाग की  ओर से सूडा निदेशक सह परियोजना निदेशक, वाह्य संपोषित परियोजना प्रबंधन इकाई  अमित कुमार, एशियन विकास बैंक के कंट्री डायरेक्टर  तोकियो कोनिशी एवं  जुडको के उप परियोजना प्रबंधक  उत्कर्ष मिश्रा द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर किया गया ।नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव श्री विनय कुमार चौबे के निर्देश पर झारखंड शहरी जलापूर्ति उन्ननयन परियोजना ( JUWSIP )के अंतर्गत जुडको लिमिटेड द्वारा एशियाई विकास बैंक के वित्त पोषण से शहरी जलापूर्ति योजना का क्रियान्वयन किया जाना है । इस परियोजना से राजधानी रांची के साथ ही राज्य के आर्थिक रूप से पिछड़े शहरों मेदिनीनगर, हुसैनाबाद और झुमरीतिलैया को लाभ पहुंचेगा ।

     प्रथम  चरण में राज्य के चार शहरी निकायों रांची , मेदिनीनगर , हुसैनाबाद और झुमरीतिलैया में जलापूर्ति के लिए कुल 1168 करोड़ रुपये की परियोजना बनायी गयी है । इसके लिए एशियाई विकास बैंक प्रथम चरण के तहत 817.80 करोड़ रुपये का ऋण देगा जबकि राज्य सरकार की हिस्सेदारी लगभग 350.40 करोड़ रुपये होगी । रांची फेज 2 ए के तहत 304660 लोग ( 60932 आवास ) होंगे लाभांवित हुसैनाबाद शहरी जलापूर्ति में 31515 लोग ( 6303 आवास) होंगे लाभुक  झुमरीतिलैया शहरी पेयजलापूर्ति में 125000 लोगों  ( 25000 आवास ) को मिलेगा पानी  मेदिनीनगर शहरी जलापूर्ति के तहत 123555 लोग ( 24711 आवास ) होंगे लाभांवित रांची के 304660 लोगों को मिलेगा शुद्ध पेयजल इस परियोजना से रांची शहरी पेयजलापूर्ति फेज 2 ए के तहत 213 एमएलडी का रूक्का में जलशोध संयंत्र के साथ ही बोड़ेया के भरम पहाड़ी पर एक जलमीनार बनाया जायेगा। इससे रांची नगर निगम क्षेत्र के 60932 आवासों यानि लगभग 304660 लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा । फेज 2 ए के तहत हरिहर सिंह रोड, बरियातु, पहाड़ टोली, खेलगांव, लोवाडीह, कोकर, चुटिया, नामकुम, अनंतपुर, नेपाली बस्ती डोरंडा, कृष्णापुरी, सिरमटोली, रांची स्टेशन, खादगढ़ा, कांटाटोली, पुरुलिया रोड, अहीरटोली, लोअर बाजार, चर्च रोड, कर्बला चौक, अशोक नगर और अरगोड़ा क्षेत्र के आवासों को जलापूर्ति का लाभ  मिलेगा। इस योजना पर 756 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा रांची के रूक्का में 88 करोड़ की लागत से एक 225 एमएलडी का इंटेक वेल भी बनेगा। इस इंटेक वेल से रांची की सभी जलापूर्ति योजनाओं को पेयजल मिलेगा।  हुसैनाबाद के 31515 लोगों को मिलेगा शुद्ध पेयजल हुसैनाबाद शहरी जलापूर्ति योजना के तहत 6303 आवासों यानि 31515 लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा।

    इस योजना के तहत सोन नदी पर 9.50 एमएलडी का इंटेकवेल बनेगा। 60 किलोमीटर कुल पाइप लाइन बिछाई जायेगी। मेंहदीनगर, ब्लाक आफिस और अनुमंडल कार्यालय के निकट तीन जलमीनार बनेंगे। इस योजना की लागत 47 करोड़ है।झुमरीतिलैया के 125000 लोगों को मिलेगा शुद्ध जल* झुमरीतिलैया शहरी परियोजना के तहत लगभग 25000 आवासों यानि 125000 लोग शुद्ध पेयजल से लाभांवित होगे। तिलैया डैम पर इंटेकवेल बनेगा। इसके अलावा 35.5 एमएलडी जलशोध संयत्र  तथा चार नये जलमीनार बनाये जायेंगे। इस योजना में पहले से निर्मित चार जलमीनारों एवं एक 10 एमएलडी के जलशोध संयत्र  का भी उपयोग किया जायेगा। इस योजना में कुल 200 किलोमीटर पाइप लाइन बिछायी जायेगी। योजना की लागत 150 करोड़ रुपये है। मेदिनीनगर के 123555 लोगों को मिलेगा शुद्ध पेयजल मेदिनीनगर शहरी जलापूर्ति योजना के तहत 24711 आवासों के कुल 123555 लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। इस योजना में नार्थ कोयल नदी पर इंटेकवेल बनेगा। 17 एमएलडी का जलशोध संयत्र  और चार नये जलमीनार बनेंगे। यहां पहले से पांच जलमीनार और एक जलशोध संयत्र  उपलब्ध है। 215 किलोमीटर पाइप लाइन बिछायी जायेगी। इस योजना की लागत लगभग 162 करोड़ रुपये है। परियोजनाएं वर्ष 2028 तक पूरी की जानी है।  एशियाई विकास बैंक के बोर्ड द्वारा इस परियोजना को पहले ही सहमति दी जा चुकी है।  एशियाई विकास बैंक के  साथ पिछले 11 जून को इस परियोजना से संबंधित लोन नेगोसियेशन भी हो चुका है।शहरी क्षेत्रों में सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार का प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया गया है। इन परियोजनाओं से राज्य को लाभ मिलेगा। आगे भी आर्थिक रूप से पिछड़े लेकिन महत्वपूर्ण शहरों के विकास के निरंतर कार्य किये जाते  रहेंगे : विनय कुमार चौबे–सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग

  • भोपाल में एक किसान मालामाल हुआ लाल भिन्डी से, जानिए कैसे

    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक किसान को भिंडी ने मालामाल कर दिया। बाजार में उसे एक किलो भिंडी ने 700 से 800 रुपए दाम मिल रहे हैं। राजधानी भोपाल के खजूरी कलां के रहने वाले किसान मिश्रीलाल राजपूत ने अपने खेत में लाल भिंडी की फसल लगाई है। लाल भिंडी अपने आप में काफी अनूठी और स्वादिष्ट भी है। सुर्ख़ियों से पता चला है की  किसान मिश्रीलाल राजपूत कहते हैं , कि कुछ समय पहले वह बनारस के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेजिटेबल रिसर्च सेंटर में घूमने गए थे। इसी दौरान वहां पर उन्हें लाल भिंडी से जुड़ी जानकारी हासिल की और एक किलो लाल भिंडी के बीज वहां से ले आए, इसके लिए उन्होंने करीब 2400 रुपए अदा किए।

    दरअसल किसान मिश्रीलाल के पास कुल 5 एकड़ जमीन है जिसमें वह अलग-अलग फसलों की खेती करते है। इस बार जुलाई में उन्होंने प्रयोग के तौर पर पहली बार उन्होंने आधे एकड़ में लाल भिंडी की फसल लगाई है। सामान्य हरी भिंडी की तुलना में लाल भिंडी की फसल भी 45 से 50 दिन में तैयार हो जाती है। एक पौधे में करीब 50 भिंडी तक पैदा होती है। 1 एकड़ की बात की जाए तो सामान्य तौर पर 40 से 50 क्विंटल तक उत्पादन होता है, अगर मौसम ने साथ दिया तो यह फसल की पैदावर 80 क्विंटल तक हो जाती है।   

    लाल भिंडी की खास बात यह है कि इसमें मच्छर, इल्ली और अन्य कीट नहीं लगते। दरअसल हरे रंग की सब्जियों में क्लोरोफिल पाया जाता है,जिसे कीट पसंद करते हैं इस भिंडी का रंग लाल होने से उसे यह कीट नहीं लगते दूसरी खास बात यह है कि इसमें एंथोसाइनिन नाम का खास तत्व पाया जाता है, जो गर्भवती महिलाओं, बच्चों के मानसिक विकास और स्किन (त्वचा) के लिए बेहद उपयोगी है। लाल भिंडी हृदय रोग, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज के मरीजों ‌के लिए भी फायदेमंद है।         

     
    मिश्रीलाल राजपूत कहते हैं कि वह इस फसल को सामान्य बाजार में नहीं बेचेंगे क्योंकि वहां इसकी डिमांड नहीं है, लेकिन न्यूट्रिशियन और हेल्थ के नजरिए से ये लाल भिंडी बड़े मॉल्स और सुपर मार्केट में यह आसानी से बिक जाएगी। इसकी कीमत अभी उन्होंने तय नहीं की है लेकिन मॉल में इसकी कीमत लगभग से 800 रुपए प्रति किलो है।