Category: business

  • Share Market: Sensex लुढ़का 286 अंक, बाजार हुआ लाल निशान पर बंद

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    देश का शेयर बाजार आज गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 286.35 अंकों की गिरावट के साथ 36,690.50 और निफ्टी 92.75 अंक लुढ़ककर 10,855.50 पर बंद हुआ। शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में भी गिरावट का रुख था है।

    प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.32 बजे 52.39 अंकों की गिरावट के साथ 36,924.46 पर कारोबार करते देखा गया। निफ्टी भी लगभग इसी समय 13.05 अंकों की कमजोरी के साथ 10,935.20 पर कारोबार करते देखा गया। लेकिन कुछ समय के बाद सेंसेक्स 25 अंकों की बढ़त के साथ 37,002 और निफ्टी 0.75 की तेजी के साथ 10,949.00 के स्तर पर कारोबार करते देखे गए।

    बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 48.42 अंकों की मजबूती के साथ 37,025.27 पर, जबकि एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 9.85 अंकों की बढ़त के साथ 10,958.10 पर खुला।

    हफ्ते के दूसरे दिन आज मंगलवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 227 अंकों की बढ़त के साथ 36,976.85 के लेवल पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 85.65 अंकों की तेजी के साथ 10,948.25 के स्तर पर बंद हुआ। कल ऐसी उम्मीद की जा रही है आरबीआई (RBI) ब्याज दरों में कटौती कर सकता है जिसके कारण आज बाजार में तेजी नजर आई।

  • SBI बैंक अलर्ट: सस्ता हो जाएगा लोन 10 अगस्त से, होगा फायदा लाखों ग्राहकों को

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    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में रेपो रेट (Repo Rate) में 35 बेसिस प्वाइंट की कटौती करने के बाद भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की है। एसबीआई ने सभी अवधि के कर्ज पर ब्याज दर 0.15 प्रतिशत घटाने की घोषणा की है। ये नई दरें 10 अगस्त से लागू होंगी। एसबीआई की एक साल की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलएलआर) 8.25 प्रतिशत हुई।

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में रेपो रेट (Repo Rate) में 35 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। अब रेपो रेट 5.40 फीसदी पर आ गई है। वहीं रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate) 5.15 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा आरबीआई ने जीडीपी अनुमानों में भी बदलाव किया है। पहले जीडीपी का 7 फीसदी रहने के अनुमान रखा गया था जिसे घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया है।

    अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेतों के बीच रिजर्व बैंक आज बुधवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में लगातार चौथी बार ब्याज दरों में कटौती की है। इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन पर पड़ेगा और ग्राहकों की ईएमआई कम होगी।

    अहम बातें
    – रेपो दर घटकर 5.40% हो गया है ।
    –  पहले 5.75% पर थी रिजर्व बैंक की रेपो रेट दर।
    – 0.75% की कटौती पिछले तीन समीक्षा बैठक में हुई। अभ चौथी बार 35 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है।
    – पहले रिवर्स रेपो रेट 5.50 फीसदी थी जिसे अब 5.15 फीसदी कर दिया है।

     

  • सस्ता हुआ होम और ऑटो लोन, SBI के अलावा इन 3 बैंकों ने घटाई ब्याज दरें

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    अगर आप होम या ऑटो लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल में रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कटौती की थी जिसके बाद एसबीआई बैंक (SBI Bank) और अन्य तीन बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की है। ये ब्याज दरें सभी पुराने और नए लोन पर लागू होंगी। इससे आपकी ईएमआई (EMI) सस्ती हो जाएगी।

    इन तीन बैंकों ने घटाई ब्याज दरें
    ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी), बैंक ऑफ महाराष्ट्रव और आईडीबीआई बैंक ने ब्याज दरों में कटौती की है। इन बैंकों ने विभिन्न अवधि के कर्ज पर ब्याज दरें (MCLR) 0.05 फीसदी से 0.15 फीसदी तक कम की है।

    • आईडीबीआई बैंक ने एक साल की अवधि वाले कर्ज पर एमसीएलआर को 0.10 फीसदी कम करके 8.95 फीसदी कर दिया है। तीन महीने से 3 साल के लिए ब्याज दरों में 0.05 से 0.15 फीसदी की कटौती की है। हालांकि एक दिन और एक महीने वाले कर्ज पर ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की है। ये नई दरें 12 अगस्त से लागू होगी।

    • ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने अलग-अलग अवधी के कर्ज पर एससीएलआर 0.10 फीसदी कम कर दिया है। अब कर्ज की दरें 0.10 फीसदी घटकर 8.55 फीसदी पर आ गई हैं। ये नई दरें 10 अगस्त से लागू होंगी।

    • बैंक ऑफ महाराष्ट्र  ने एक साल की ब्यानज दर 8.50 फीसदी कर दी है।

    आरबीआई ने द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में रेपो रेट में 35 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी जिसके बाद रेपो दर घटकर 5.40% पर आ गई है। आरबीआई के रेपो रेट घटाने के बाद एसबीआई समेत कई बैंक ने ब्याज दरों में कटौती की। आरबीआई ने रेपो रेट के अलावा वहीं रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate) 5.15 फीसदी कर दिया है।

     

  • प्रक्रिया तय एजेंल टैक्स के मामलों को निपटाने की, नोटिस का जवाब देने वाले स्टार्टअप को मिलेगी राहत

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    एंजेल टैक्स से परेशान स्टार्टअप को सरकार ने गुरुवार को बड़ी राहत दी। आयकर विभाग के अधीन सीबीडीटी ने कहा कि छोटे मामले में अगर कोई स्टार्टअप टैक्स नोटिस का स्पष्टीकरण दे देता है तो उस पर कोई जवाब मांगे बिना सरसरी तौर पर स्वीकार कर लिया जाएगा।

    सीबीडीटी ने एंजेल टैक्स के लंबित मामलों के निपटारे के लिए यह प्रक्रिया तय की है। सीमित स्क्रूटनी वाले मामले में आकलन अधिकारी द्वारा ऐसे मामलों में कोई जांच नहीं की जाएगी। इसके तहत आकलन अधिकारी के ऊपर निगरानी करने वाले अधिकारी की मंजूरी के बाद ही कार्रवाई की जा सकेगी।

     

  • लगातार 9वें महीने कारों की बिक्री में आई गिरावट, जुलाई में 31 फीसदी गिरी सेल

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    यात्री वाहनों की बिक्री जुलाई में लगातार नौवें महीने गिरी है। यह 30.98 प्रतिशत घटकर 2,00,790 वाहन रही है जो जुलाई 2018 में 2,90,931 वाहन थी।
    भारतीय वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम ने मंगलवार को इस संबंध में आंकड़े जारी किए। समीक्षावधि में घरेलू बाजार में कार की बिक्री 35.95 प्रतिशत टूटकर 1,22,956 वाहन रही। जुलाई 2018 में 1,91,979 वाहन थी।

    इसी तरह मोटरसाइकिल की घरेलू बिक्री पिछले महीने 9,33,996 इकाई रही जो जुलाई 2018 की 11,51,324 इकाई बिक्री के मुकाबल 18.88 प्रतिशत कम है। जुलाई में दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 15,11,692 वाहन रही। जुलाई 2018 में यह आंकड़ा 16.82 प्रतिशत अधिक यानी 18,17,406 वाहन था।

    वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी समीक्षावधि के दौरान गिरावट देखी गयी है। यह 25.71 प्रतिशत घटकर 56,866 वाहन रही जो पिछले साल जुलाई में 76,545 वाहन थी। विविध श्रेणियों में कुल वाहन बिक्री जुलाई में 18.71 प्रतिशत गिरकर 18,25,148 वाहन रही जो जुलाई 2018 में 22,45,223 वाहन थी। सियाम के मुताबिक सभी वाहन श्रेणियों में जुलाई में गिरावट दर्ज की गयी है।

     

  • चीन हो रहा है व्यापार युद्ध से बुरी तरह प्रभावित: ट्रंप

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    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि चीन पिछले कई दशकों में सबसे बुरे साल से गुजर रहा है और इस कारण वह व्यापार समझौता करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह व्यापार समझौते के लिये तैयार नहीं हैं। अमेरिका चीन के 250 अरब डॉलर के सामान पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा चुका है। अगले महीने से चीन के शेष 300 अरब डॉलर के सामान पर भी अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क प्रभावी होने वाला है।

    ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ”चीन समझौता करना चाहता है। यह कई दशकों में उनका सबसे बुरा साल है। यह और बुरा होने वाला है। हजारों कंपनियां चीन छोड़ रही हैं। वे समझौता करना चाहते हैं। मैं समझौते के लिये तैयार नहीं हूं। दोनों देशों के बीच पिछले साल नवंबर में व्यापार वार्ता की शुरुआत हुई। अब तक दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई सार्थक परिणाम सामने आ नहीं सका है। हालांकि, दोनों देशों के बीच नवंबर में वार्ता शुरू होने के बाद 100 दिनों के भीतर समझौते पर पहुंचने की सहमति बनी थी।

    इससे पहले इसी सप्ताह अमेरिका ने चीन को मुद्रा में हेरफेर करने वाला देश घोषित किया है। पिछले कुछ दिनों के दौरान ट्रंप ने कहा कि यदि उनकी चिंताओं को दूर करने के दिशा में कदम नहीं उठाये गये तो वह चीन के खिलाफ और कार्रवाई करने वाले हैं। ट्रंप अक्सर चीन की वादे और प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने वाले देश के तौर पर आलोचना कर चुके हैं।

     

  • जानें कितना सस्ता होगा लोन, 5 अन्य बैंकों ने भी कम की ब्याज दरें

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    विभिन्न बैंकों ने रिजर्व बैंक के नीतिगत दर में कटौती का लाभ ग्राहकों को देना शुरू कर दिया है। भारतीय स्टेट बैंक के बाद शुक्रवार को बैंक ऑफ इंडिया, सिंडिकेट बैंक, आंध्र बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, केनरा बैंक आदि ने 0.10 से 0.30 प्रतिशत तक की कटौती करने की घोषणा की।

    सरकारी क्षेत्र के आंध्र बैंक, सिंडिकेट बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज की मानक ब्याज दरों में शुक्रवार को 0.25 प्रतिशत की कटौती की। केनरा बैंक ने मानक ब्याज दर 0.10 प्रतिशत घटाने की घोषणा की। इलाहाबाद बैंक ने मानक ब्याज दर 0.15 से 0.20 प्रतिशत कम करने और इंडियन ओवरसीज बैंक तथा यूनियन बैंक ने 0.15 प्रतिशत घटाने की घोषणा की।

    रिजर्व बैंक ने इस सप्ताह बुधवार को नीतिगत दर में 0.35 प्रतिशत की कटौती की। यह लगातार चार द्वैमासिक नीतिगत समीक्षा बैठक में रेपो दर में की गयी कटौती है। रेपो दर अब नौ साल के निचले स्तर 5.40 प्रतिशत पर है। इसके बाद बैंकों के ऊपर रेपो दर में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को देने का दबाव बन गया था।

    आंध्र बैंक ने एक बयान जारी कर सभी परिपक्वता अवधियों के ऋण पर सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) में 0.25 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की। बैंक ने कहा कि अब मुख्य एमसीएलआर 8.20 प्रतिशत से कम होकर 7.95 प्रतिशत है।

    इसी तरह सिंडिकेट बैंक ने भी सभी परिपक्वता अवधि के ऋण का एमसीएलआर 0.25 प्रतिशत घटा दिया। बैंक इस वित्त वर्ष में ब्याज दर 0.50 प्रतिशत घटा चुका है। बैंक ने कहा कि नयी दरें 12 अगस्त से प्रभावी होंगी। बैंक ने कहा कि अब आवासीय ऋण आदि पर 8.30 प्रतिशत एमसीएलआर होगा। केनरा बैंक ने भी सभी परिपक्वता अवधि के ऋण पर एमसीएलआर में 0.10 प्रतिशत की कटौती की। यह कटौती सात अगस्त से लागू हो गई है।

    इस संशोधन के बाद केनरा बैंक पिछले छह माह में एमसीएलआर में कुल मिलाकर 0.20 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। इस तरह एक साल की एमसीएलआर घटकर 8.50 प्रतिशत पर आ गई है जो पहले 8.70 प्रतिशत थी। बैंक ने कहा कि वह ऋण दरों में और कटौती की घोषणा जल्द करेगा। बैंक ऑफ इंडिया ने कहा कि एक साल की परिपक्वता अवधि वाले ऋण पर मानक ब्याज दर 8.60 प्रतिशत से घटाकर 8.35 प्रतिशत कर दिया। नयी दर 10 अगस्त से प्रभावी होगी।

    इलाहाबाद बैंक ने कहा कि उसने सभी परिपक्वता अवधि के ऋण पर मानक दर में 0.15 से 0.20 प्रतिशत तक की कटौती की। बैंक ने कहा कि संशोधित दर 14 अगस्त से प्रभावी होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा भी ब्याज दर में कटौती कर चुका है।

     

  • संभावना : हो सकता है खत्म कमाई पर दोहरा टैक्स

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    आयकर में सुधार से जुड़ी प्रत्यक्ष कर संहिता की रिपोर्ट 19 अगस्त को सरकार को सौंपी जाएगी। इसमें कमाई पर दोहरे टैक्स का बोझ खत्म करने जैसी अहम सिफारिशें हो सकती हैं। सरकार इससे पहले जीएसटी लाकर अप्रत्यक्ष कर सुधारों को पहले ही लागू कर चुकी है।

    माना जा रहा है यह संहिता ही आयकर कानून की जगह लेगी। इसमें 5 से 20 प्रतिशत के आयकर के स्लैब वाले लोगों को राहत दी जा सकती है। सूत्रों ने हिंदुस्तान को बताया है कि नई व्यवस्था में ऐसे प्रावधान किए जाएंगे, जिससे टैक्स कानून ज्यादा सरल और प्रभावी बनाए जा सकेंगे। सरकार की कोशिश है कि व्यक्तिगत और कारोबारी दोनों मोर्चे पर टैक्स देने वालों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

    केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के सदस्य अखिलेश रंजन की अध्यक्षता में समिति ने रिपोर्ट तैयार की है। संहिता में आयकर में मिलने वाली छूट को भी तर्कसंगत बनाया जा सकता है। अभी प्रोत्साहन के रूप में छूट का यह आंकड़ा जीडीपी के 5-6 फीसदी तक है। ऐसे में बड़ी कंपनियों या एसईजेड में काम कर रही कंपनियों से प्रोत्साहन वापसी हो मुमकिन है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि समिति आय या निवेश पर लगने वाले सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स या डिविडेंट डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स जैसे कई करों को खत्म करने का सुझाव दे सकती है, क्योंकि किसी व्यक्ति की कमाई पर दो बार टैक्स नहीं लगाया जा सकता। ऐसे में करों के एकीकरण के लिए ऐसी सौगात का प्रस्ताव संभव है। रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को सौंपी जाएगी।

    1.15 लाख करोड़ के मामले फंसे हैं अपील ट्रिब्यूनल और उच्च अदालतों में
    3.41 लाख मामले लंबित आयकर कानून आयुक्त (अपीली) 5.71 लाख करोड़ मूल्य के

    7.4 करोड़ ही आयकरदाता हैं देश की 130 करोड़ आबादी में सिर्फ

    इसलिए शुरू हुई कवायद
    व्यक्ति और कंपनियों की आय (पूंजीगत लाभ शामिल) पर भारत में कर आयकर कानून, 1961 के तहत लगता है। पिछले पांच दशक में इसमें तमाम बदलाव हुए हैं और इस वजह से नियम-कानूनों को लेकर उलझाव हैं, जिनकी व्याख्या मुश्किल है। ऐसे में आयकर कानूनों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए प्रत्यक्ष कर संहिता लाने का फैसला किया गया।

    कर विवाद कम करने की कोशिश
    कर विवादों का बढ़ना और लंबे समय तक निपटारा न होना भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में संहिता कर सुधारों और विवादों के निपटारे के लिए अहम सुझाव दे सकती है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कर विवादों में अपील की धन सीमा पहले ही बढ़ा दी है, ऐसे में छोटे मामले ऊपरी अदालतों तक नहीं खींचे जा सकेंगे। जुर्माने और ब्याज के बिना ही विवादों के अदालत के बाहर समाधान को लेकर कोई प्रणाली सुझाई जा सकती है।

    ज्यादा लोग आयकर के दायरे में आएंगे
    संहिता के तहत कर चोरी रोकने के साथ आयकर का दायरा बढ़ाने पर महत्वपूर्ण सुझाव सामने आ सकते हैं। भारत की 130 करोड़ की आबादी में 7.4 करोड़ ही कर दायरे में आते हैं। इसमें भी बड़ी संख्या कोई कर नहीं देती है। कर दायरा बढ़ाने के लिए किसान, धार्मिक और चैरिटेबल ट्रस्ट को मिली कर छूट पर पुनर्विचार हो सकता है। विरासत या संपत्ति कर की भी घोषणा संभव है। बजट में भी इसकी सुगबुगाहट मिली थी। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों और विदेशी निवेशक कर नीति में स्थिरता चाहते हैं।

     

  • सरकार ने बदले नियम स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए

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    सरकार ने स्टार्टअप कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए भिन्न  मताधिकार वाले शेयरों से जुड़े नियमों में ढील दी है। स्टार्टअप कंपनियों को इससे पूंजी जुटाने के दौरान कंपनी पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    संशोधित नियमों के अनुसार अब कंपनियों के पास निर्गम के बाद कुल चुकता पूंजी के 74 प्रतिशत तक भिन्न मताधिकार वाले शेयर वह रख सकते हैं। पहले यह सीमा 26 प्रतिशत थी। कॉरपोरेट मंत्रालय ने कंपनी अधिनियम के तहत कंपनी (शेयर पूंजी एवं डिबेंचर) नियमों में संशोधन किया है। मंत्रालय के मुताबिक, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी कंपनियों से मिले अनुरोधों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

    मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में कहा, “एक अन्‍य महत्वपूर्ण बदलाव के तहत इन शेयरों को जारी करने के लिये किसी कंपनी के तीन साल तक वितरण योग्य मुनाफा हासिल करने की शर्त को भी हटा दिया गया है। यदि कोई कंपनी भिन्न मताधिकार वाले शेयर जारी करना चाहती है तो इसके लिए उसका कम से कम तीन साल मुनाफे में होना जरूरी होता है। अब इस जरूरत को समाप्त कर दिया गया है।”

    इसके अलावा स्टार्टअप कंपनियां उनके दस प्रतिशत से अधिक शेयर रखने वाले उसके प्रवर्तकों या निदेशकों को कर्मचारी शेयर विकल्प योजना (ईशॉप) शेयर भी जारी कर सकती हैं। इसमें यह देखने की बात है कि इन प्रवर्तकों अथवा निदेशकों के पास कंपनी के शेयर उनकी स्थापना के बाद दस साल तक रखे हों तभी उन्हें ईशॉप शेयर जारी किये जा सकेंगे। इससे पहले इसके  लिए यह समयसीमा पांच  साल थी।

     

  • Share Market: Sensex लुढ़का 97 अंक हरे निशान के साथ शुरुआत करने के बाद

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    देश का शेयर बाजार मंगलवार को हरे निशान में खुला, लेकिन थोड़ी ही देर के कारोबार के बाद लाल निशान में आ गया। अभी सेंसेक्स 97.61 अंको की गिरावट के साथ 37,304.88 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी 40.55 अंक लुढ़ककर 11,012.65 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

    अज सुबह सेंसेक्स सुबह 39.26 अंकों की मजबूती के साथ 37,441.75 पर और जबकि निफ्टी 10 अंकों की बढ़त के साथ 11,063.90 पर खुला।

    बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.59 बजे 80.20 अंकों की कमजोरी के साथ  37,322.29 पर और एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी लगभग इसी समय 36.05 अंक टूटकर 11,017.85 पर कारोबार करते देखे गए।

    कल शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 52.16 अंकों की बढ़त के साथ 37,402.49 के लेवल पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 6.10 अंकों की तेजी के साथ 11,053.90 के स्तर पर बंद हुआ। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में मजबूती का रुख रहा।