Category: business

  • मुख्यमंत्री ने तीरंदाजी खिलाड़ी दीपिका कुमारी एवं अतनु दास को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया

    बोकारो

    संगीता की रिपोर्ट

    झारखंड:मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी खिलाड़ी  दीपिका कुमारी एवं अतनु दास ने मुलाकात की।  दीपिका कुमारी एवं  अतनु दास ने मुख्यमंत्री के समक्ष विगत दिनों आयोजित हुए टोक्यो ओलंपिक 2020 के अनुभवों को साझा किया। इन दोनों तीरंदाजी खिलाड़ियों ने राज्य सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। भेंटवार्ता के क्रम में तीरंदाजी खिलाड़ी  दीपिका कुमारी ने मुख्यमंत्री से कहा कि मैं आगामी खेल प्रतियोगिता में झारखंड और देश का नाम रोशन करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी। मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने तीरंदाजी खिलाड़ी  दीपिका कुमारी एवं  अतनु दास के टोक्यो ओलंपिक 2020 में उनकी बेहतर प्रदर्शन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल में हार जीत लगी रहती है। मुख्यमंत्री ने  दीपिका कुमारी से कहा कि राज्य और देश को अपनी उपलब्धियों से गौरवान्वित करना जारी रखने के लिए आप कड़ी मेहनत करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में खेल को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर खेल पॉलिसी हमारी सरकार ने बनाई है। खेल पॉलिसी के तहत खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति भी हुई है। यहां के खिलाड़ियों को बेहतर और आधुनिक सुविधा प्रदान करने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। झारखंड के खिलाड़ी विश्व में अपने प्रदर्शन से राज्य का नाम रोशन करें इस निमित्त खिलाड़ियों को राज्य सरकार जरूरत की सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने  दीपिका कुमारी एवं अतनु दास से कहा कि आप अपने प्रदर्शन से देश और दुनिया में राज्य का मान- सम्मान बढ़ाते रहें। मुख्यमंत्री ने  दीपिका कुमारी से कहा कि राज्य के लिए यह गर्व की बात है कि आप तीरंदाजी खेल में इतनी दूर तक पहुंची हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सोच है कि यहां के खिलाड़ी जिस ट्रेक में खेलें वहां अधिक से अधिक बेहतर प्रदर्शन करें। खेल पॉलिसी में खिलाड़ियों से संबंधित सभी चीजों का ख्याल रखा गया है। मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दोनों अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी खिलाड़ी  दीपिका कुमारी एवं  अतनु दास एवं उनके परिजन श्री शिव नारायण महतो एवं  गीता देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। मौके पर राज्य के मुख्य सचिव  सुखदेव सिंह एवं मुख्यमंत्री के सचिव  विनय कुमार चौबे उपस्थित थे।

  • शुरू हुआ शिशु सरंक्षण माह,1.32 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन ए सिरप : कलेक्टर

    जागेशवर प्रसाद वर्मा कि रिपोर्ट 

    बलौदाबाजार

    नन्हें बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाने के साथ ही जिले में शिशु  संरक्षण माह शुरू हो गया, जो कि 28 सितंबर तक चलेगा । कलेक्टर श्री सुनील कुमार जैन ने कहा कि अभियान के दौरान एक भी बच्चा, गर्भवती अथवा शिशुवती माताएं दवाई लेने से वंचित नहीं होने चाहिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ खेमराज सोनवानी ने बताया कि सत्र का आयोजन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में किया जायेगा । 

    अभियान की रणनीति की जानकारी देते हुए सीएमएचओ डॉ सोनवानी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत इसमें 9 माह से लेकर 5 साल तक के सभी बच्चों को विटामिन ए की खुराक, नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों का टीकाकरण के साथ ही गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को आयरन फोलिक एसिड की गोली दी जाएगी । साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने की सलाह भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त बच्चों में आयु के अनुरूप पोषण आहार की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी । उन्होंने बताया कि जिले में 1लाख 39 हज़ार  आयरन फोलिक एसिड तथा 1लाख 32 हज़ार विटामिन ए सिरप प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया  है ।

    सीएमएचओ ने बताया कि शिशु संरक्षण माह की जिले में पूरी तैयारी कर ली गई है । इसके तहत ग्राम, पारा मोहल्ला ,मलिन बस्ती आदि स्थानों को विशेष रूप से चिन्हांकित कर सूक्ष्म कार्य योजना बनाई गई है । इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग  एवं शिक्षा विभाग से समन्वय बनाकर शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल किया जाएगा। शिशु संरक्षण माह में गतिविधियों के दौरान कोविड प्रोटोकाल जैसे मास्क, हाथ धुलाई एवं सोशल डिस्टेंसिग का पालन किया जावेगा ।

  • इंद्रदेव को खुश करने के लिए मेंढक के साथ मेंढकी का शादी

    रेशम वर्मा की रिपोर्ट

    कसडोल ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रिकोकला में इंद्रदेव को पसंद करने के लिए कुछ अलग ही तरह का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है तथा ग्राम रिको कला मैं मौसम की मिजाज को देखते हुए ग्राम वासियों में कुछ अजीब तरह का कार्यक्रम किया जा रहा है यहां पर मेंढक और मेंढक (बेगंचा बेगंची ) का विवाह  दिनांक 29/8/2021 दिन रविवार को डी जे बाराती के साथ  कराया जा रहा है यहां के लोगों का मानना है कि यदि बारिश नहीं हो रहा है तो मेंढक मेंढकी का विवाह कराने से बारिश बहुत ही अच्छा होता है और फसल लहलहाने लगता है जिसे पानी की समस्या से निजात मिल जाता है रिको कला में प्रत्येक वर्ष मेंढक मेंढकी का विवाह कार्यक्रम बड़े धूमधाम से पूरे गांव की सहयोग से कराया जाता है तथा मेंढक मेंढकी विवाह मे  छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध फिल्म हस झन पगली फंस जावे के समस्त कलाकार भी इस मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होकर कलाकार द्वारा धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन विगत वर्षों की तरह किया जाएगा तथा इस कार्यक्रम का मुख्य आयोजक ग्राम पंचायत रिकोकला सरपंच सुरेंद्र साहू पूर्व सरपंच नंदकुमार  डडसेना पंच गण एवं समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से किया जा रहा है।

  • बाइक को ठोकर मारते हुए अर्टिगा कार दुकान में घुसी, बाइक के उड़े परखच्चे, बाइक चालक गंभीर

    निखिल कश्यप की रिपोर्ट

    जांजगीर

    चांपा जिला पामगढ़ में आज सुबह एक आर्टिका कार ने एक बाइक सवार को जबरदस्त ठोकर मारते हुए एक दुकान में घुस गया|  घटना में बाइक के परखच्चे उड़ गए|  वही कार भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई|  बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया उसे उपचार के लिए पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है|  जबकि कार सवार चालक मौके से फरार हो गया है। घटना सुबह 8:00 बजे के आसपास की है।

    मिली जानकारी के अनुसार बाइक सवार युवक दिब्य राज उम्र 25 वर्ष चकरबेडहा मल्हार जिला बिलासपुर निवासी है | युवक का पैर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है | उसे बिलासपुर रेफर कर दिया गया है | अर्टिगा कार जिसके पीछे में केसरवानी लिखा हुआ है जो चण्डीपारा का बताया जा रहा है | जो घटना के बाद से मौके से फरार हो गया है | खबर लिखे जाने तक पुलिस में शिकायत दर्ज़ नहीं कराई गई है |

  • उद्धव ठाकरे और नारायण राणे के बीच की तल्‍खी नई तो नहीं है

    महाराष्ट्र | महाराष्ट्र के ताजा सियासी बवाल पर हैरान होने वालों को पुरानी बातें याद करनी चाहिए। उद्धव ठाकरे और नारायण राणे के बीच की तल्‍खी नई तो नहीं है। इसकी शुरुआती झलक तो 2003 से ही मिलने लगी थी। तब महाबलेश्‍वर की एक सभा में शिवसेना ने उद्धव को ‘कार्यकारी अध्‍यक्ष’ घोषित किया था। राणे ने इसका खुलकर विरोध किया था, वे उद्धव के नेतृत्‍व के खिलाफ थे। साल भर बाद विधानसभा चुनाव हुए। पार्टी की हार के बाद राणे ने आरोप लगाया कि पद और टिकट बेचे जा रहे हैं। 

    शिवसेना विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा देकर राणे ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इसके बावजूद, तत्‍कालीन अध्‍यक्ष बालासाहेब ठाकरे ने राणे को ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के चलते बाहर कर दिया। 2005 में राणे ने मालवण विधानसभा सीट से हुए उपचुनाव में अपने ‘अपमान’ का बदला ले लिया। उस चुनाव में बालासाहेब ठाकरे की भावुक अपील कोई काम नहीं आई। राणे के आगे शिवसेना उम्‍मीदवार की जमानत तक जब्‍त हो गई थी। 

    राणे ने BMC, कोंकण में बनाई शिवसेना की पैठ 

    शिवसेना में ‘शाखा प्रमुख’ के पद से शुरुआत करने वाले नारायण राणे ने बड़ी तेजी से सियासत की सीढ़‍ियां चढ़ीं। जल्‍द ही राणे BMC कॉर्पोरेटर बन गए, फिर बिजली सप्‍लाई वाली कमिटी के चेयरमैन। राणे का सूरज इतनी तेजी से चढ़ा कि 1999 में वह मनोहर जोशी की जगह महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री भी रहे, अलबत्‍ता बस कुछ महीनों के लिए। शिवसेना के दिनों में राणे की गिनती उन चुनिंदा लोगों में होती थी जो मुंबई की सड़कों पर शिवसेना की हर बात लागू कराते थे। 

    2004 में हारते ही फूट पड़ा राणे का गुस्‍सा 

    घर जलाए जाने पर राणे को पार्टी से कोई सहानुभूति नहीं मिली। ऊपर से उनके नेतृत्‍व पर सवाल खड़े किए गए। यह वो वक्‍त था जब पार्टी के भीतर बाल ठाकरे की जगह उद्धव के कमान संभालने की अटकलें जोर पकड़ने लगी थीं। खबरें आती थीं कि उद्धव इस वजह से राणे के पर कतर रहे हैं क्‍योंकि उनकी राज ठाकरे से अच्‍छी बनती है। 2004 के विधानसभा चुनाव इन दोनों के रिश्‍तों का अहम मोड़ साबित हुए।

    शिवसेना चुनाव हार गई और हारते ही राणे फट पड़े। उन्‍होंने दावा किया कि टिकट बेचे गए थे। निकाले जाने से बचने के लिए उन्‍होंने जुलाई 2005 में खुद ही इस्‍तीफा दे दिया, मगर पार्टी ने फिर भी उन्‍हें बाहर कर दिया। राणे ने पार्टी से निकाले जाने के बावजूद तेवर नरम नहीं किए। उन्‍होंने उद्धव पर और करारे हमले शुरू किए। सड़कों पर राणे के समर्थक उद्धव के करीबियों से भिड़ने लगे। 

    2005 का वो उपचुनाव, नहीं काम आई बालासाहेब की अपील  

    राणे ने विधानसभा की सदस्‍यता से इस्‍तीफा दिया तो उनकी सीट पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी। तब तक राणे कांग्रेस में शामिल होकर महाराष्‍ट्र सरकार में राजस्‍व मंत्री बन चुके थे। मतदान की तारीख 19 नवंबर 2005 तय हुई। शिवसेना ने राणे के खिलाफ पूरी ताकत झोंक दी। बालासाहेब ठाकरे ने इस चुनाव को अपनी इज्‍जत का सवाल बना लिया था। शिवसेना का हर बड़ा नेता मालवण में चुनाव प्रचार करने पहुंचा था। बीमार होने के बावजूद खुद बालासाहेब भी आए। एक भावुक बयान में उन्‍होंने यह तक कह दिया कि सिंधुदुर्ग की सभा उनकी आखिरी जनसभा थी। मगर नतीजों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। 

    जीतते ही राणे ने मांगा उद्धव का इस्‍तीफा   

    नारायण राणे ने शिवसेना के परशुराम उपरकर को 63,372 वोटों से करारी शिकस्‍त दी। शिवसेना उम्‍मीदवार की जमानत तक जब्‍त हो गई थी। मतगणना के रोज पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में बाल ठाकरे ने लिखा था, “अगर आज राणे जीतता है तो यह हारे हुए लोगों की जीत होगी। राणे ने दावा किया था कि उनके खिलाफ कोई नहीं लड़ सकता लेकिन उपरकर किसी पहाड़ की तरह उसके आगे खड़ा रहा और राणे की हार तभी हो चुकी थी।” जीत के बाद राणे ने सेना के कार्यकारी अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे का इस्‍तीफा मांगते हुए कहा कि मालवण में हार की जिम्‍मेदारी लेते हुए उन्‍हें पद छोड़ देना चाहिए।

  • राजीव गांधी किसान न्याय योजना से धान के बदलें अन्य फसलों की तरफ भी बढ़ रहा है किसानों का रुझान

    जागेशवर प्रसाद वर्मा रिपोर्ट 

    बालौदाबाजार

    राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राजीव गांधी किसान न्याय योजना से धान के बदलें किसानों द्वारा अन्य फसल लेने की तरफ रुझान बढ़ रहा हैं। जिलें के करीब18 सौ से अधिक किसानों ने लगभग 34 सौ अधिक एकड़ में सुगंधित,जैविक एवं जिंक धान,कोदो कुटकी रागी सहित दलहन तिलहन के फसलों का रोपण कर लाभ ले रहें है। उपसंचालक कृषि सतकुमार पैकरा ने बताया कि सुगंधित धान, जिंक धान,जैविक धान, मक्का, कोदा-कुटकी,रागी फसल हेतु 16 सौ 20 किसानों का 3 हजार 69 एकड़ रकबा का पंजीयन किया गया है। साथ ही दलहनी फसल अरहर उड़द मूंग अन्तर्गत 169 किसानों का 2 सौ एकड़ पंजीयन किया गया है। तथा तिलहनी फसल तिल,रामतिल, मूंगफली,सोयाबीन अन्तर्गत 43 किसानों का 91एकड़ साथ ही फलदार वृक्ष एवं वृक्षारोपण अन्तर्गत 16 किसानों का 44 एकड़ पंजीयन किया गया है।

    राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अन्तर्गत धान के बदले अन्य फसल एवं वृक्षारोपण को बढ़ावा देने हेतु शासन की ओर से 10 हजार  रूपये प्रति एकड़ प्रदान की जावेगी।जिलें के सिमगा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम कामता के किसान राहुल देव पिता खीरमल ने लगभग डेढ़ एकड़ तथा किसान माता प्रसाद आदित्य के  द्वारा रकबा 0.14 हेक्टेयर में धान के बदले वृक्षारोपण किया गया,जिसके अन्तर्गत उन्होंने पपीता एवं अन्य पौधों का रोपण किया हैं। इसी प्रकार ग्राम विकासखंड बलौदाबाजार के अंतर्गत ग्राम पनगांव के किसान संग्राम सिंह ध्रुव द्वारा 0.303 हेक्टेयर में वृक्षारोपण किया गया है। इसी तरह भाटापारा विकासखंड के अन्तर्गत ग्राम पाटन निवासी रामनिवास जाट ने करीब 2.5 एकड़ में मक्का का रोपण किया है।साथ ही इस वर्ष किसानों द्वारा बड़ी मात्रा में वर्मी कंपोस्ट का उपयोग किया गया है।जिससे जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही किसानों के कृषि लागत में काफी कमी आ रहीं है। जिससे आने वाले समय मे किसानों की मुनाफ़े में बढ़ोतरी के साथ ही फसलों के गुणवत्ता में सुधार होना निश्चित है।किसान राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ उठाकर अत्यंत उत्साहित हो रहें है एवं ग्राम के अन्य कृषकों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की राउंड टेबल मीटिंग में बड़े कॉरपोरेट घरानों के शीर्ष नेतृत्व से हुई आमने-सामने की मुलाकात

    बोकारो :संगीता की रिपोर्ट

    झारखंड

    झारखण्ड असीम संभावनाओं और प्रतिभाशाली मानव संसाधन से सम्पन्न राज्य है। यहां की आबादी का एक बड़ा हिस्सा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों का है। अगर उद्यमी साथी इन समुदायों के लिए रोजगार में प्रावधान करते हैं तो सरकार नीति में अन्य प्रोत्साहन का भी समावेश करेगी। झारखण्ड के लोग बहुत मेहनती हैं। ऐसे में उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही, हमारा राज्य नई ऊंचाइयों को छू सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली स्थित होटल ताज में आयोजित दो दिवसीय इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन बिज़नेस टू गवर्नमेंट मीटिंग में कही। मुख्यमंत्री ने कहा मुझे विश्वास है कि नई नीति झारखण्ड के कुशल मानव संसाधन के लिए रोजगार सृजन में मदद करेगी। 

    परिदृश्य को बदलना है 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित इलेक्ट्रिक वाहन नीति आपके सामने प्रस्तुत की गई है। यदि हम भविष्य की ओर देखते हैं तो काफी हद तक इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य के वाहन हैं। इस सेक्टर में संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। आजादी के बाद से झारखण्ड में ही सबसे बड़े संयंत्र और इकाइयां स्थापित की गई हैं। बहुत सारे अवसर झारखण्ड के समक्ष आये, लेकिन उन अवसरों का सही ढंग से उपयोग नहीं हो सका। हम इस परिदृश्य को बदलना चाहते हैं। इस विचार को आगे बढ़ाना है। प्रस्तावित योजना से अवगत हुए निवेशक बैठक के दौरान उद्योग विभाग सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने निवेशकों को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के दायरे, इस क्षेत्र के लिए राज्य के दृष्टिकोण और इलेक्ट्रिक वाहन क्लस्टर स्थापित करने की सरकार की प्रस्तावित योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने निवेशकों को प्रस्तावित इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत प्रोत्साहन और प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने कहा सरकार कंपनियों को स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में 100% छूट प्रदान करने जा रही है। साथ ही, जो कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में ईवी नीति के लॉन्च होने के बाद से पहले 2 वर्षों के भीतर निवेश करते हैं, उन्हें जियाडा द्वारा 50% अनुदान पर भूमि उपलब्ध कराएगा। एमएसएमई के लिए सात साल के लिए जीएसटी पर 100% प्रोत्साहन, जबकि बड़े और वृहत उद्योगों के लिए क्रमशः नौ और 13 वर्ष के लिए छूट का प्रावधान है।  इसके अतिरिक्त वाहन पंजीकरण शुल्क से 100% और रोड टैक्स 100% छूट का प्रस्ताव है। 

    राउंड टेबल मीटिंग में शामिल हुए निवेशक बिज़नेस टू गवर्नमेंट मीटिंग (बी2जी) में मुख्यमंत्री ने टाटा समूह, हुंडई मोटर्स, होंडा, मारुति सुजुकी, डालमिया सीमेंट, एनटीपीसी, सेल, गेल और वेदांता के शीर्ष नेतृत्व के साथ भाग लिया। इस दौरान स्टील, ऑटोमोबाइल, ई- व्हीकल, सीमेंट, पावर, ऑयल एंड गैस के क्षेत्र में निवेश हेतु चर्चा की गई। बी2जी बैठक के दौरान डालमिया सीमेंट समूह ने राज्य में 500 करोड़ रुपये निवेश करने की सहमति जताई है। इस अवसर पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव  एल खिंग्याते, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव  विनय कुमार चौबे, पूजा सिंघल, स्थानीय आयुक्त   एम आर मीणा एवं उद्योगपति उपस्थित थे ।

  • ओडिशा राज्य जनजातीय संग्रहालय का वर्चुअल टूर सियाली रस्सी बनाना और टोकरी बनाना, एक अद्भुत कला है

    भुवनेश्वर

    अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने प्रत्येक रविवार को ओडिशा राज्य जनजातीय संग्रहालय का वर्चुअल दौरा किया है। एससीएसटीआरटी के निदेशक प्रो डॉ. एबी ओटा ने कहा कि आगंतुक इस रविवार यानी २९ अगस्त को सेंट एससी देव, एससी एसटी आरटीआई के फेसबुक और ट्विटर पेज खोलकर मानकिरिडिया के सियाली रोप मेकिंग और बास्केट्री का दौरा कर सकते हैं। मनकिरिडिया को बिरहोर के नाम से भी जाना जाता है। , ओडिशा के मयूरभंज, देवगढ़, बालासोर जिलों में रहते हैं। अतीत में समुदाय शिकार और भोजन एकत्र करने के अर्ध-खानाबदोश जीवन में रहता था। इन्हें मनकीड़ी या मनकिरिडिया कहने का कारण यह है कि ये बंदरों को पकड़ने में माहिर होते हैं। वे एक आदिम जनजाति और प्रकृति में खानाबदोश हैं। उनकी बस्तियाँ, जिन्हें टांडा कहा जाता है, सिमिलिपाल जंगल के अंदर २०  से ३० पत्तों की झोपड़ियों का एक संग्रह है। आज, समुदाय के कुछ समूह जंगल के करीब स्थायी बस्तियों में रहते हैं। समुदाय को दो भागों में बांटा गया है, अर्थात् उथा (खानाबदोश) और जगी (बसने वाले)। मनकिरिडिया कुशल रस्सी निर्माता हैं। मनकिरिडिया स्थानीय बिक्री के लिए सियाली लताओं के संग्रह और इन तंतुओं के रस्सियों और टोकरियों में प्रसंस्करण पर निर्भर था; समुदाय का अनुसरण करें क्योंकि वे इस पारंपरिक व्यवसाय में संलग्न हैं।

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति एमपी में हुई लागू :

    भोपाल | राष्ट्रीय शिक्षा नीति एमपी में भी लागू हो गया है। सत्र 2021-22 में यह नीति लागू होगी। इस साल ग्रेजुएशन में जो दाखिले होंगे, उन छात्रों के लिए नए सत्र में उसी हिसाब से सिलेबस होगा। अगले चरण में सेकंड और थर्ड ईयर के छात्रों पर इसे लागू किया जाएगा। प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद सर्टिफिकेट एक साल, डिप्लोमा दो साल और डिग्री तीन साल में मिल जाएगी।

    नई शिक्षा नीति लागू करने से पहले एमपी में गठित विशेषज्ञों की टीम ने कई राज्यों का दौरा किया था। वहां के पाठ्यक्रमों का अध्ययन किया था। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने बीते दिनों कहा था कि प्रदेश के महाविद्यालयों में 177 डिप्लोमा और 282 सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह जॉब ओरिएंटेड होंगे। नई शिक्षा नीति में छात्रों को योग और ध्यान का पाठ्यक्रम भी जोड़ा गया है, विद्यार्थियों के लिए यह वैकल्पिक विषय होगा। वह अपनी मर्जी से एक वैकल्पिक विषय चुन सकते हैं। 

    12वीं अब नहीं चुननी पड़ेगी स्ट्रीम

     
    अभी तक जो स्कूली शिक्षा का पैटर्न है, उसके अनुसार 10वीं तक बच्चे सारे सब्जेक्ट पढ़ते हैं। दसवीं बोर्ड के रिजल्ट आने के बाद उन्हें स्ट्रीम चुननी होती है। कोई साइंस, कोई ऑर्ट्स तो कोई कॉमर्स लेता है। ग्रेजुएशन में भी पढ़ाई के लिए एक सब्जेक्ट चुननी पड़ती है। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद प्रदेश में 5+3+3+4 के पैटर्न को फॉलो किया जाएगा। इसके हिसाब से स्कूल के आखिर चार साल को एक सामान माना गया है। यानी 11वीं और 12वीं के बच्चे भी अब सारे विषय पढ़ेंगे। उन्हें स्ट्रीम चुनने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साइंस स्ट्रीम से पढ़ रहा बच्चा, इतिहास भी पढ़ सकता है। इसके साथ वैकल्पिक विषयों को भी एक विषय के रूप में ही शामिल किया जाएगा। इसे कोई एक्स्ट्रा विषय नहीं माना जाएगा। 

     

    एक साल की पढ़ाई में भी मिल जाएगा सर्टिफिकेट 

     

    दरअसल, नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद छात्रों के पास ऑप्शन ज्यादा है। वह अपनी मन की पढ़ाई कर सकते हैं। कभी-कभी ऐसा होता है कि हम किसी विषय में दाखिला ले लिया। आगे चलकर हमें पढ़ाई करने का मन नहीं है तो आप दूसरे कोर्स की तरफ जा सकते हैं। मान लीजिए कि आपने फीजिक्स को ग्रेजुएशन के लिए चुना है। अगले साल आपका मन किया कि नहीं हम बीटेक करेंगे। फीजिक्स में एक साल तक आपने जो पढ़ाई की है, उसके लिए आपको सर्टिफिकेट मिल जाएगा। इसके बाद आप बीटेक में दाखिला ले सकते हैं। वहीं, अगर फिर से आपको फीजिक्स में ऑनर्स करने का मन कर रहा है तो अगली बार आपका एडमिशन सेकंड ईयर में हो जाएगा। इससे आपका साल खराब नहीं होगा। दूसरा फायदा यह है कि आपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई दो साल बाद छोड़ दी तो आपको डिप्लोमा की डिग्री मिल जाएगी।

     

     
    एक साल में हो जाएगा पोस्ट ग्रेजुएशन               

     

    नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद छात्र अगर ग्रेजुएशन विद रिसर्च कोर्स करते हैं तो उनका पोस्ट ग्रेजुएशन एक साल में हो जाएगा। इस कोर्ट में तीन साल तक आपकी पढ़ाई होगी और एक साल का रिसर्च होगा। कुल कोर्स चार साल का होगा। इसे करने के बाद आपका पोस्ट ग्रेजुएशन एक साल में होगा। वहीं, कोई छात्र तीन साल में ही पढ़ाई को छोड़ देना चाहता है, उसे रिसर्च नहीं करना है। इसके बावजूद उसे ग्रेजुएशन की डिग्री मिल जाएगी।

     

    बदल सकते हैं कॉलेज 

     

    इसके साथ ही नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद छात्रों के पास कॉलेज बदलने की सुविधा भी होगा। अगर आपने एक शहर के किसी कॉलेज में दाखिला लिया हो, आपका मन कर रहा है कि अब हम दूसरे कॉलेज में पढ़ाई करेंगे तो आप करवा सकते हैं। इसके साथ ही आपका क्रेडिट भी ट्रांसफर हो जाएगा। नई शिक्षा नीति में छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी होगी।

    वहीं, परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किए गए हैं। ग्रेजुएशन के पेपर अभी तीन घंटे के होते थे। वार्षिक परीक्षा अब दो घंटे की होगी। साथ ही सवालों के पैटर्न में भी बदलाव होंगे। इसके साथ ही चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से मूल्यांकन होगा।
     

     

    पहले-दूसरे साल होगा सब्जेक्ट बदलने का विकल्प 

     
    ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान छात्रों के पास विषय बदलने का भी विकल्प होगा। साइंस का स्टूडेंट्स चाहे तो हिस्ट्री की पढ़ाई भी कर सकता है। मगर छात्रों के लिए यह विकल्प फर्स्ट और सेकंड इयर में ही होगा।

     

  • सुरेश महापात्र मंत्रिमंडल के प्रमुख निर्णयों में प्रोत्साहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की मंजूरी

    बिस्वरंजन मिश्रा

    माननीय मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल ने आज एसएसईपीडी, जल संसाधन, वाणिज्य और परिवहन, मत्स्य पालन और एआरडी, जीए एंड पीजी, उच्च शिक्षा, कानून विभागों से संबंधित 14 महत्वपूर्ण निर्णय लिए। , योजना और अभिसरण, आर एंड डीएम और इस्पात और खान। मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी लोगों को देते हुए सचिव श्री सुरेश महापात्र ने कहा कि मंत्रिमंडल के प्रमुख निर्णयों में राज्य में विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहनों के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की मंजूरी शामिल है; और, विकास परियोजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए रेत की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ओडिशा रेत नीति-२०२१ । रेत नीति का उद्देश्य रेत के अवैध खनन की गुंजाइश को रोकना है। निजी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को एक और राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने आज निर्णय लिया कि निजी शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य जिन्हें आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) घोषित किया गया है, वे स्वयं के अलावा अन्य कर्मचारियों के लिए अनंतिम पेंशन स्वीकृति प्राधिकारी होंगे। प्राचार्यों की अनंतिम पेंशन संबंधित क्षेत्रीय निदेशकों द्वारा स्वीकृत की जाएगी। बैठक में क्योंझर जिले में कानपुर सिंचाई परियोजना के लेफ्ट साइड अर्थ डैम की एड़ी पर मोटी प्लास्टिक कंक्रीट कट-ऑफ दीवार के निर्माण की कार्यसूची को भी मंजूरी दी गई. ग्यारह महीने में काम पूरा कर लिया जाएगा।