Category: business

  • जेनेटिक मेडिसिन दवा आखिर क्यों नहीं लिखते डॉक्टर

    शेखर की रिपोर्ट

    भारत में जहां एक तरफ जेनेटिक मेडिसिन को लेकर लोगो में जागरूक किया जा रहा है तो वही आज झारखंड के बोकारो जिले मैं भी जेनेटिक मेडिसिन को लेकर अब धीरे-धीरे जागरूक होने लगे हैं आपको बताते जाएगी बोकारो में कई जगह जेनेटिक स्टोर खुल चुके हैं तो ऐसे मे बोकारो सिटी सेंटर सेक्टर 4 में भी जेनेटिक मेडिसिन का शॉप खोला गया। इस महंगाई के दौर में जहां लोग सस्ते दवा खा कर ठीक होना चाहते हैं तो वहीं महंगी दवा सस्ती दवा पर भारी पड़ जाती है। आज मजबूरन इंसान को ब्रांडेड दवा खाना पड़ता है।
     बताते जाए कि शहरों में ब्रांडेड जेनेरिक मेडिसिन अपनी पांव फैला चुकी है तो वही धीरे-धीरे जेनेरिक मेडिसिन भी अपने पांव पसारने लगी है।

    दोनों के बीच अंतर सिर्फ नाम का है एक को किसी ब्रांड के नाम के साथ बेचा जाता है और दूसरा एक समान नाम के साथ दिखता है लेकिन असलियत यह है कि यह दोनों ही जेनेरिक दवाएं हैं जो पेटेंट्स समाप्त होने के बाद बनाई जा रही है जेनेरिक दवाएं किसी ब्रांड नाम के बजाय बिना किसी ट्रेड मार्ग का सामान्य नाम से बेचा जाता है इंटरनेशनल नॉनप्रॉपराइटरी नेम फार्मास्यूटिकल पदार्थ एवं एक्टिव फार्मास्यूटिकल सामग्री की पहचान के लिए दिया गया एक यूनिक नाम होता है ब्रांडेड जेनेरिक मेडिसिन मांगी होती है जबकि सामान्य जेनेरिक दवाएं सस्ती होती है आपको बताते जाएं कि प्रधानमंत्री ने आज भी जेनेटिक मेडिसिन दवाओं पर प्रचार प्रसारण किए जा रहे हैं और लोगों से आग्रह कर रहे हैं कि जेनेरिक मेडिसिन की ज्यादातर यूज करें। मगर डॉक्टर लोग इन्हें लिखने से डरते हैं।
    का कहना है कि डॉक्टर आखिरकार क्यों नहीं जेनेटिक मेडिसिन दवा लिखते हैं

    यह बात सही है कि जेनेटिक मेडिसिन दवा बहुत सस्ती मिलती है और ब्रांडेड मीटिंग मेडिसिन दवा महंगी होती है जिसके चलते डॉक्टर की गहरी कमाई होती है जहां डॉक्टर ब्रांडेड मेडिसिन दवा लिखते हैं तो वहां डॉक्टर को काफी फायदा होता है ब्रांडेड कंपनी डॉक्टर को गिफ्ट देकर उन्हें जबरन ब्रांडेड कंपनी का दवा लिखने को मजबूर किया जाता है जब हमने डॉक्टर से पूछा कि डॉक्टर साहब आप लोग प्रिस्क्रिप्शन में जेनेटिक मेडिसिन क्यों नहीं लिखते तो डॉक्टर साहब कुछ नहीं बोले इसका मतलब साफ साफ यह होता है कि ब्रांडेड मेडिसिन में कहीं ना कहीं मोटी कमाई डॉक्टर के भी हिस्से में आते हैं और जेनेटिक मेडिसिन में कमाई नहीं होती है जिसके चलते डॉक्टर जेनेटिक मेडिसिन की दवाइयां अपने स्कैप्शन पेन नहीं लिखते हैं जेनेरिक मेडिसिन कहीं ना कहीं आज डॉक्टर लिखने से परहेज करते हैं।

  • सभी प्रखंडों में टीवी, स्मार्ट मोबाइल, टैबलेट के माध्यम से आत्म निर्भर नारी शक्ति संवाद कार्यक्रम में पीएम ने किया संवाद

    शेखर की रिपोर्ट

    माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आत्म – निर्भर नारी शक्ति से संवाद कार्यक्रम* में हिस्सा लिय़ा। जिले के सभी प्रखंडों में टीवी, स्मार्ट मोबाइल, टैबलेट आदि के माध्यम से झारखंड स्टेट लाइवलीहूड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की दीदीओं ने माननीय प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। इस कार्यक्रम में जिले के लगभग 13 हजार सखी मंडल की दीदीओं ने हिस्सा लिया। सभी ने प्रखंड कार्यालय, पंचायत भवन, ग्राम संगठन कार्यालय,सीएलएफ कार्यालय, समूह बैठक स्थल में उपस्थित होकर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अपने संबोधन में *माननीय प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना में जिस प्रकार से हमारी बहनों ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से देशवासियों की सेवा की वो अभूतपूर्व है।

    मास्क और सेनेटाइज़र बनाना हो, ज़रूरतमंदों तक खाना पहुंचाना होए जागरूकता का काम हो, हर प्रकार से आपकी सखी समूहों का योगदान अतुलनीय रहा है। प्रधानमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को वित्तीय सहायता जारी की। इस दौरान कहा कि हमारी सरकार ने महिला एसएचजी को अधिक सहायता प्रदान की। हमने महिलाओं के लिए बैंक खाते खोले और एसएचजी को गारंटी के बिना ऋण प्रदान किया। आजादी के 75 वर्ष का ये समय नए लक्ष्य तय करने और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का है। सरकार लगातार वो माहौल, वो स्थितियां बना रही है जहां से आप सभी बहनें हमारे गांवों को समृद्धि और संपन्नता से जोड़ सकती हैं भारत में बने खिलौनों को भी सरकार बहुत प्रोत्साहित कर रही है, इसके लिए हर संभव मदद भी दी जा रही है। विशेष रूप से हमारे आदिवासी क्षेत्रों की बहनें तो पारंपरिक रूप से इससे जुड़ी हुई हैं।

    इसमें भी बहुत संभावनाएं हैं।उन्होंने कहा कि आज देश को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्त करने का अभी अभियान चल रहा है। इसमें सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की दोहरी भूमिका है। आपको सिंगल यूज़ प्लास्टिक को लेकर जागरूकता भी बढ़ानी है और इसके विकल्प के लिए भी काम करना है।जिले में इस कार्यक्रम का आयोजन जेएसएलपीएस के जिला प्रबंधक  अनिता केरकेट्टा की देख  रेख में हुआ।

  • पुलिस अधिकारियों को इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस मोबाईल एप्प का प्रशिक्षण

    जागेशवर प्रसाद वर्मा कि रिपोर्ट 

    बलौदाबाजार

    पुलिस अधीक्षक  आई. के. ऐलिसेला के मार्गदर्शन   में आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलौदाबाजार के सभा कक्ष में “इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस मोबाईल एप्प का प्रशिक्षण” अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक एवं नोडल अधिकारी  पिताम्बर पटेल की उपस्थिति में दिया गया। पटेल ने बताया कि जिले में कोई वाहन दुर्घटना हो जाती है तो सम्बंधित थाना के प्रभारी एवं विवेचक के माध्यम से वाहन दुर्घटना से सम्बंधित वाहन की जानकारी, लोकेशन, यात्रियों के घायल होने, अस्पताल ले जाने, दुर्घटना का कारणआदि सम्पूर्ण जानकारी इस एप्प के माध्यम से एकत्रित की जायेगी । यह एप्प भारत सरकार के अन्य प्रोजेक्ट जैसे आर टी ओ के वाहन एवं सारथी, पुलिस विभाग के सीसीटीएनएस आदि डाटाबेस से जुड़ा हुआ है

    जिससे दुर्घटना जनित वाहन की जानकारी, वाहन चालकों के ड्राइविंग लाईसेंस की जानकारी तथा दुर्घटना से सम्बंधित दर्ज हुये एफ.आई.आर की जानकारी सीधे प्राप्त हो जायेगी। भारत सरकार, राज्य सरकार के साथ जिला प्रशासन द्वारा वाहन दुर्घटना इस जानकारी (डाटाबेस) का अध्ययन किया जा सकेगा एवं उन खामियों को दूर करने का प्रयास किया जा सकेगा जिन कारणों से वाहन दुर्घटना हो रहे हैं । प्रशिक्षणार्थियों के रुप में थाना बिलाईगढ़, भटगाँव, सरसीवां, सलिहा, गिधौरी, गिधपुरी, बया के थाना प्रभारी एवं विवेचक उपस्थित थे । मास्टर ट्रेनर्स के रुप  एनआईसी के जिला सूचना विज्ञान अधिकारी  सत्यनारायण प्रधान,राजेश्वर प्रधान, डिस्ट्रीक्ट रोल आउट मैनेजर एवं  विनोद सिंह, प्रधान आरक्षक (पुलिस अधीक्षक कार्यालय)ने विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया।

  • पार्षद देवव्रत साहू ने पैरालिसिस बुजुर्ग महिला मानकुंवर देवांगन से कराया ध्वजारोहण

    डिलेश्वर प्रसाद साहू

    धमतरी 

    75 वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर नगर के संजय नगर वार्ड नम्बर 13 में युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष और पार्षद देवव्रत साहू ने वार्ड की गणमान्य बुजुर्ग पैरालिसिस महिला  83 वर्षीय  मानकुंवर देवांगन के हाथो से एवं  नीरा साहू , कीर्ति साहू के सहयोग से सामूहिक ध्वजारोहण कराया गया। साथ ही तिरंगा गमछे एवं बेज लगाकर ध्वजारोहण के अतिथियों का सम्मान कीया गया। जिसके पश्चात उपस्थित जनों को नागरिक प्रतिज्ञा कराकर वार्ड पार्षद देवव्रत साहू के द्वारा शांति के प्रतीक कबूतर के जोड़े उड़ाकर  75 वा स्वतंत्रता दिवस पर्व  हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

     इससे पूर्व में भी पार्षद देवव्रत साहू के द्वारा ध्वजारोहण कार्यक्रम में  हिन्दू- मुस्लिम नागरिकों से, किसानों से एवम्  प्रसिद्द दिव्यांग चित्रकार बसंत साहू, दिव्यांग छात्र राहुल चंद्राकर, पीएससी में नगर का नाम रोशन करनी वाली वर्तमान डीएसपी गरिमा दादर जैसे नगर एवं समाज के प्रेरणा दाई लोगो को ध्वजारोहण कराकर सम्मान प्रदान किया जा चुका है।
                                
    यूकाध्यक्ष एवम् पार्षद देवव्रत चंद्रहास साहू ने नगरवासियों को  75 वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए परस्पर प्रेम ,सहयोग और आपसी भाईचारा बनाये रखने की बात कही। हमे आजादी के महत्व को बनाये रखते हुए अपनी मानसिक गुलामी और व्यर्थ की प्रतिद्वंदिता को जड़ से मिटाना होगा।तभी हम सच्चे रूप में स्वतंत्र कहला पाएंगे। आज हमें कोरोना महामारी  से भी आजादी पानी है । ध्वजारोहण कार्यक्रम पश्चात आजादी दिलाने वाले वीर सपूतों को शत-शत नमन करते हुए उन्हें याद किया गया। 

    इस अवसर पर पार्षद खोमिन साहू,  प्रतिनिधि बसंत साहू,  ब्लॉक कांग्रेस  कोषाध्यक्ष उमाशंकर साहू, ऐश्वर्य साहू, किशन अग्रवाल, श्रीराम साहू, हीरा लाल साहू युवा पत्रकार श्रवण साहू, लखन साहू, सेवाराम साहू, शिक्षक उत्तम साहू, भावेश चंद्रवंशी, श्रीराम सिन्हा अर्पित लांबा, भूषण सैनिक, अक्षय देवांगन, झुमुक साहू,  रूपेश साहू, मोहित ध्रुव, गुड्डी देवांगन, गोपी साहू, रूखमणी चंद्राकर, रानी पवार, स्वेता साहू, खुशबू साहू, मितानिन सीमा साहू, रजनी साहू , दुर्गेश साहू, फिनेंद्र साहू, समारिन साहू, डेरहिन कंवर, माया सैनिक,  नगर पंचायत कर्मचारी दीपक साहू, सहित  नगर की अनेक महिलाएं, युवा साथी उपस्थित रहे।

  • Renewable Energy Is The New Synergy To Deepen India-Dubai Collaboration

     

    Clean energy is the buzzword today given the rise of global warming, climate change, rising sea levels and increasing frequency of water-related episodes. In this context, experts say, the United Arab Emirates (UAE) and India can form a powerful collaboration to usher in a sustainable future.

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    Concurring with this observation, Dubai Electricity and Water Authority (DEWA) MD & CEO Saeed Mohammed Al Tayer says both the UAE and India are driven by a common goal of meeting their energy needs from clean energy sources.  

    “We have a long-standing history of friendly ties with India. We have common interests in several areas.  Clean energy and a sustainable future is one such.  I am sure, together we can create a better future for our people,” Al Tayer opined.

    Interestingly, Dubai is chasing the target of 75% clean energy from renewable sources to position itself as the lowest carbon footprint city in the world by 2050 while 450GW renewable energy installed capacity by 2030 is fuelling India’s ambitions.

    Mohammed Fayaz, CEO & and Director of Moopens Energy Solutions Pvt Ltd, a major player in the solar and EPC landscape of India says both the UAE and India can create a win-win situation in clean energy through meaningful collaboration.

    “Dubai has set huge targets for renewable energy in the coming years. It will need a huge talent pool and knowledge-transfer.  India has a massive workforce of skilled and trained manpower in design, consultancy, operation and maintenance (O&M) of renewable projects,” said Fayaz.

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    A mechanical engineer who has earned his MBA from Oxford University, UK, Fayaz confirms that many Indian players in the renewable energy sector have their subsidiaries in Dubai. “This is because the absorptive capacity of new knowledge in Indian industries is very high,” he added.

    Indian companies operating in the renewable energy space, according to Fayaz, are trained to achieve high productivity with limited resources, which is something Dubai can cash on by outsourcing some of the key functions to India.

    “For instance, design of power plants, remote monitoring of the data from solar power plants, research and development, consultancy and production of systems can be done from India,” he pointed out, adding: “This can be done with excellent results.”

    This proposition, Fayaz explains, would cut down the production cost drastically since only teams manning project execution, administration, testing (both software and hardware) and online after-sale departments need to be stationed in Dubai.

    The de-regulation of the energy sector is prompting many companies to make huge investments in Dubai’s energy sector.  This, Fayaz believes will open up more opportunities for Indian renewable energy players especially to those specializing in innovative technologies.

    “If you see, one challenge by the solar projects in Dubai is the harsh environment. High temperature, strong dust and dust storms affect the performance and decrease the life of solar power plants,” Fayaz said.

    According to him, Dubai is trying to overcome this challenge by resorting to robotic cleaning and anti-soiling nano-technology.  “But the costs are prohibitive,” he added.  In other words, this is throwing up new opportunities for Indian startups known for their innovative skills.

    As a global business hub Dubai is attracting talent and companies from India and India too needs Dubai to fuel its FDI capacity. India too needs Dubai to fuel its FDI capacity.  Interestingly, UAE has emerged as the 10th largest investor in India FDI under the India-UAE Infrastructure Fund set up in 2015 with major investments in the energy sector.

    Despite India’s ambitious renewable energy targets, experts say that the country’s import-dependence of oil and gas is likely to go up to 90% and 27% respectively compared to the corresponding figures of 76% and 12% in 2012.

    This makes a perfect reason for the UAE and India to deepen their collaboration because renewable energy development is one sector that provides extraordinary synergy between the two countries and the partnership meshes well with other plans that animate both the sides.

    Ends/

  • ओडिशा सरकार और ग्लोकल टेलीमेडिसिन के मिलकर से हेल्थ केयर डिलीवरी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेगा

    भुबनेश्वर

    ग्लोकल हेल्थकेयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड एक तकनीक और प्रक्रिया-आधारित स्वास्थ्य सेवा संगठन है जो टेलीमेडिसिन, डिजिटल डिस्पेंसरी और टेक और प्रक्रिया आधारित अस्पताल केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है। इसने लिटमस डीएक्स नामक एक सिमेंटिक एल्गोरिथम और एआई आधारित क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के विकास का बीड़ा उठाया है, जो हेलोलीफ नामक अपने प्लेटफॉर्म पर टेलीमेडिसिन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में मदद करता है, डिजिटल डिस्पेंसरी जो लिटमस एमएक्स नामक टेलीमेडिसिन टर्मिनल का उपयोग करते हैं जो वीडियो परामर्श के अलावा, रोगियों की दूरस्थ जांच की अनुमति देता है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित चिकित्सा डेटा अधिग्रहण उपकरणों के माध्यम से, स्कैनिंग, प्रिंटिंग और पावर सिस्टम और लिटमस आरएक्स – स्वचालित दवा डिस्पेंसर और स्मार्ट ग्लोकल अस्पताल के साथ प्वाइंट ऑफ केयर डायग्नोस्टिक उपकरणों के माध्यम से तत्काल जांच।

    यह भारत से शुरू हुआ, देश भर में लगभग ८००  आउटलेट के साथ, लेकिन सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल गया है और अब 12 देशों में अनुबंधित है। प्रसार को कोविद-१९  द्वारा उत्प्रेरित किया गया था और यह इन क्षेत्रों में अपनी सेवाओं का विस्तार करने की प्रक्रिया में है। वर्तमान में, औसत वार्षिक ऑनलाइन परामर्श लगभग ३. ५  लाख है। ग्लोकल ने ओडिशा सरकार के साथ केंदुझार (२०१७ ) जिले से पीपीपी मोड पर डिजिटल डिस्पेंसरी स्थापित करना शुरू किया और उसके बाद नबरंगपुर (२०१८ ) में और बाद में इसे लागू करने के लिए सम्मानित किया गया। राज्य के २३ जिलों (२०१९ ) में। राज्यव्यापी परियोजना का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक द्वारा किया गया। मध्य प्रदेश में भी इसके समान केंद्र राज्य सरकार के साथ संयुक्त रूप से लागू किए गए हैं। ग्लोकल को नबरंगपुर, ओडिशा में डिजिटल औषधालयों को अपनाने के लिए एक्सप्रेस पब्लिक हेल्थ अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यूएन इनोवेशन अवार्ड २०२० , ग्लोकल के हॉलोली एफसीएक्स डिजिटल डिस्पेंसरी ने सबसे लोकप्रिय पब्लिक एप्रिसिएशन अवार्ड २०२०  जीता।

    वाइड्स  हेल्थ इनोवेशन एक्सचेंज ग्लोबल इवेंट, HIEx २०२०  में। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – श्वाब फाउंडेशन का सोशल एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड फ्रॉस्ट एंड सुलिवन का इंडियन टेलीमेडिसिन अवार्ड। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने ग्लोकल को भारत के शीर्ष ५० कोविद-१९ लास्ट माइल रिस्पॉन्डर में से एक के रूप में चुना। डिजिटल डिस्पेंसरियों को लागू करने के लिए राजस्थान सरकार को स्टेट एक्सीलेंस इन हेल्थकेयर इनोवेशन अवार्ड ग्लोकल के डिजिटल स्वास्थ्य समाधान ३  मुख्य स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों- पहुंच, सामर्थ्य और जवाबदेही को संबोधित करेंगे। यह देखभाल और सेवा के परिणामों की गुणवत्ता में सुधार करेगा; जनसंख्या स्वास्थ्य में सुधार; रोगी के अनुभव में सुधार; चिकित्सक और अन्य गैर-चिकित्सक प्रदाता अनुभव में सुधार; स्वास्थ्य संबंधी विषमताओं को दूर करना; उपचार प्रोटोकॉल का पालन करने में सक्षम बनाना, स्वास्थ्य देखभाल वितरण की लागत को कम करना आदि।

  • जेडटीई का Axon 30 5G ग्लोबल मार्केट में बवाल मचाने आ रहा, जानिए कीमत और फीचर्स

    नई दिल्ली। पिछले महीने के अंत में चीन में लॉन्च होने के बाद ZTE का Axon 30 5G ग्लोबल मार्केट में आने को तैयार है. निर्माता ने लॉन्च की तारीख 9 सितंबर निर्धारित की है, और यदि आप शुरुआती खरीदारों में से हैं, तो आपको अच्छी डील मिल सकती है. Axon 30 5G दो कॉन्फ़िगरेशन – 8+128GB और 12+256GB में उपलब्ध होगा. इसकी कीमत अमेरिका में 499 डॉलर, यूरोप में 499 यूरो और यूके में 439 पाउंड होगी.

    जेडटीई उन लोगों के लिए छूट और मुफ्त उपहार की पेशकश कर रहा है जो आज और 8 सितंबर के बीच प्री-ऑर्डर करते हैं. उन्हें 10 डॉलर जमा शुल्क का भुगतान करना होगा, लेकिन फोन की खरीद के लिए 30 डॉलर कूपन और बदले में 39 डॉलर के जेडटीई लाइवबड्स की एक मुफ्त पेयर प्राप्त करें.

    Axon 30 में 6.92-इंच FHD+ 120Hz OLED स्क्रीन है जिसमें 16MP का अंडर-डिस्प्ले कैमरा है. स्क्रीन के जिस हिस्से में कैमरा होता है, उसमें एक विशेष OLED होता है जो तस्वीरें लेते समय बेहतर संचारण की अनुमति देता है. फोन स्नैपड्रैगन 870 प्रोसेसर द्वारा संचालित है और इसे LPDDR5 रैम और UFS 3.1 स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है.

    फोन के पिछले हिस्से पर चार कैमरे हैं – 64MP Sony IMX682 प्राइमरी कैमरा, 8MP 120° अल्ट्रावाइड एंगल कैमरा, 5MP मैक्रो कैमरा और 2MP डेप्थ कैमरा. ZTE ने Axon 30 5G को 4200mAh की बैटरी के साथ 65W फास्ट चार्जिंग और क्विक चार्ज 4+ और पावर डिलीवरी के लिए सपोर्ट किया है. Axon 30 5G का वजन 189 ग्राम है और इसकी मोटाई 7.8 मिलीमीटर है. यह आउट ऑफ द बॉक्स Android 11 पर आधारित MyOS पर चलता है.

  • झारखंड लोक सेवा आयोग के परीक्षा मे सफल आयोजन में सभी प्राचार्य के साथ उपायुक्त कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक

    शेखर की  रिपोर्ट

    समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त  कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय स्थित सभी सरकारी एवं निजी विद्यालय/कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक हुई। बैठक में आगामी 12 सितंबर 2021 को प्रस्तावित झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर केंद्र बनाएं जाने पर चर्चा की गई। मौके पर उप विकास आयुक्त  जय किशोर प्रसाद, अपर समाहर्ता  सादात अनवर, जिला शिक्षा पदाधिकारी  निलम आइलीन टोप्पो* समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। 
    उपायुक्त  कुलदीप चौधरी ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा काफी महत्वपूर्ण है।

    इसके सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन प्रतिबध है। उन्होंने सभी विद्यालय/कॉलेज प्राचार्यों को उक्त परीक्षा के सफल आयोजन में सहयोग करने की बात कहीं। कहा कि जिले में कुल 36,010 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसके लिए 79 परीक्षा केंद्र बनाया गया है। उन्होंने सभी विद्यालय/कॉलेज प्राचार्यों को जरूरी दिशा – निर्देश दिया। मौके पर उपस्थित उप विकास आयुक्त  जय किशोर प्रसाद ने सभी विद्यालय/कॉलेज प्राचार्यों को कहा कि जिले में पहली बार 36,010 परीक्षार्थी शामिल होंगे। यह अब तक आयोजित होने वाली परीक्षा में सबसे ज्यादा परीक्षार्थियों की संख्या है। इसलिए बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है, ताकि आयोग के तय मानकों के अनुरूप परीक्षा का संचालन हो सके।

    बैठक में उपस्थित अपर समाहर्ता श्री सादात अनवर ने सभी विद्यालय/कॉलेज प्राचार्य से उनके यहां उपलब्ध कमरों/ बैंच/ पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित जानकारी ली और उसका प्रतिवेदन प्राप्त किया। साथ ही बताया कि किस परीक्षा केंद्र में कितने परीक्षार्थी शामिल होंगे। बैठक में केंद्रीय विद्यालय सेक्टर फोर, केंद्रीय विद्यालय चंद्रपुरा, क्रिसेंट पब्लिक स्कूल, आयप्पा पब्लिक स्कूल सेक्टर फाईव, दिल्ली पब्लिक स्कूल, गुरू गोविंद पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय रेलवे कालोनी,डीएवी पब्लिक स्कूल समेत सभी 79 परीक्षा केंद्रों के प्राचार्य/उनके प्रतिनिधि एवं संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

  • Big savings on groceries made easy, thanks to bigbasket!

     

    Here’s how India’s Largest Online Supermarket – bigbasket offers big savings on the widest range of groceries

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    For close to a decade, bigbasket has been a pioneer in online grocery and has served over 10 million happy customers in over 25 cities in the country. Currently, bigbasket offers low prices everyday on over 30,000 products across categories ranging from fruits, vegetables, staples to packaged foods, personal care and home care. Here is a look at how bigbasket manages to offer big savings while maintaining highest standards in product quality.

    #1 85% of Fresh Fruits & Vegetables are Sourced Directly from 20,000+ Farmers

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    bigbasket works closely with over 20,000 Indian farmers and source fresh fruits & vegetables directly from them. Once the produce is deposited at one of bigbasket’s collection centers, it is handpicked, sorted and moved to bigbasket warehouses where it is cleaned and packed for delivery. Since most of the produce is sourced directly by bigbasket, any additional costs are minimised and thus bigbasket can deliver farm fresh fruits & vegetables at low prices.

    #2 Work Directly with Brands

    As India’s largest online supermarket, bigbasket also works directly with over 1000 brands and sources directly from company certified distributors. bigbasket negotiates prices of products directly with the brands and are able to get volume discounts from brands since they stock and sell huge volumes. By directly dealing with the brands, not only are they able to get products at low prices, they also eliminate any middle-men or added costs. These discounts are passed on to customers by offering branded foods and other products at less than MRP.

    # 3 Curating Quality Products through Own Brands

    From cooking needs like rice, atta & pastas to home care essentials like household cleaners, paper products and more, bigbasket offers a wide range of products under its own brands that are carefully curated based on extensive research and by understanding the needs of the customers. Thus, the entire production & sourcing process is optimised and thereby allowing bigbasket to offer premium quality products at low prices.

    # 4 Using Tech to serve customers better

    bigbasket has invested in futuristic tech that helps them optimise their operations so that they can serve their customers better while keeping the costs in check. This tech-first mindset enables them to plan their inventories, warehouse space so well that they manage an average fill rate of 99% while maintaining almost a zero wastage. Minimal wastage and optimised space means no additional costs.

    Since the beginning, bigbasket has focussed on building a supply network & processes that are unmatched in the online grocery industry. In order to achieve this, they have established facilities across the country such as over 60 collection centers, over 100 warehouses, a delivery fleet with over 8000 vehicles and employed over 30,000 people across their facilities. At every step, bigbasket’s state-of-the-art supply network helps optimise every part of the operations. This enables them to utilise their warehouse space & plan delivery routes optimally so that orders are delivered efficiently and keep their costs to a minimum and this in turn helps in maintaining a healthy margin without adding any unnecessary or additional costs. 

    # 5 Strategic Partnerships for Additional Savings

    bigbasket works closely with major banks, banking institutes and digital wallets.  Through these partnerships, they offer additional savings on orders with exclusive discounts, cashback and more.

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  • हिमाचल प्रदेश 100% वयस्क आबादी को टीके की पहली खुराक देने वाला पहला राज्य बना

    हिमाचल प्रदेश | हिमाचल प्रदेश भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने अपनी 100 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक दे दी है।  

     

     राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने कहा, ‘टीकाकरण में राज्य का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। उन्होंने कहा, ‘हिमाचल प्रदेश 100% वयस्क आबादी को टीके की पहली खुराक देने वाला पहला राज्य बन गया है। टीकाकरण में राज्य का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। हम 30 नवंबर तक 100% आबादी को दूसरी खुराक देंगे।’  

     

    कोरोना वायरस की स्थिति की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में रविवार को 24 घंटों में 123 नए मामले सामने आए और एक मौत हुई। राज्य में अभी 1750 एक्टिव केस हैं। रविवार को कोविड-19 से 186 मरीज ठीक हुए।  

    वहीं राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की बात करें तो अब तक टीके की 63.09 करोड़ खुराक दी गई हैं। इससे पहले 27 अगस्त को कोविड-19 टीकाकरण का कीर्तिमान बना। शुक्रवार को एक करोड़ से अधिक खुराक दी गईं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत ने शुक्रवार को कोविड-19 रोधी टीके की एक करोड़ से अधिक खुराक दी जो एक दिन में दी गई खुराक की सर्वाधिक संख्या है |