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  • यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट आज घोषित किया जाएगा.

    UPMSP 10th, 12th Result 2021. यूपी बोर्ड 10वीं व 12वीं का रिजल्ट आज यानी 31 जुलाई 2021 को जारी किया जाएगा. बोर्ड रिजल्ट की घोषणा डिप्टी सीएम व शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा दोपहर बाद 3.30 बजे करेंगे. इसके बाद बोर्ड की वेबसाइट पर रिजल्ट का लिंक एक्टिव किया जाएगा. 10वीं व 12वीं के विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट Upmsp.edu.in व upresults.nic.in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. 

    बता दें कि इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को दो बार स्थगित किया गया था. पहली बार पंचायत चुनाव के कारण और दूसरी बार कोरोना मामलों के कारण. वहीं अंत में लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों के कारण यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया था.

    UP Board Result 2021: खत्म हुआ 56 लाख विद्यार्थियों का इंतजार
    बोर्ड परीक्षाएं रद्द होने के बाद विद्यार्थी को रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार था, जो आज खत्म हो रहा है. यूपी बोर्ड परीक्षा 2021 के लिए इस बार 56 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था. जिसमें 10 वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए 29 लाख 94 हजार 312 और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए 26,10,316 विद्यार्थी शामिल हैं.

    UPMSP Board Result 2021: इस फार्मूले से तैयार किया है बोर्ड का रिजल्ट
    10वीं और 12वीं परीक्षा रद्द होने के बाद यूपी सरकार ने दोनों कक्षाओं का रिजल्ट तैयार करने के लिए फार्मूला जारी किया था, जिसके अनुसार रिजल्ट तैयार किया गया है. हाईस्कूल के परीक्षार्थियों का रिजल्ट कक्षा 9 के 50 फीसदी अंक और 10 वीं प्री बोर्ड में प्राप्तांक अंक के 50 फीसदी अंक से तैयार किया गया है. वहीं इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को हाईस्कूल के 50 फीसदी, 11 वीं के 40 फीसदी और 12 वीं प्री बोर्ड के 10 फीसदी अंक देकर पास किया जा रहा है.

    UPMSP 10th, 12th Result 2021: ऐसे चेक करें रिजल्ट
    -सबसे पहले छात्र यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट Upmsp.edu.in पर जाएं.
    -अब UP Board 10th, 12th results 2021 के लिंक पर क्लिक  करें.
    -यहां रोल नंबर आदि दर्ज कर सबमिट करें.
    -रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा.
    -अब उसे डाउनलोड करें.

  • नगर पालिका में चुनाव कराने के लिए अपील की महामहिम राज्यपाल मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा: भाजपा

    भुवनेश्वर

    भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से नगर निगम चुनाव कराने की अपील की है। केंद्रीय अनुदान का सही तरीके से निवेश नहीं किया जा सकता है। संविधान के अनुच्छेद 243 (यू) और 243 (आई) के अनुसार चुनाव आयोग समय पर चुनाव कराने के लिए बाध्य है। दुर्भाग्य से, राज्य में 3 सितंबर, 2018 से नगरपालिका चुनाव नहीं हुए हैं। हार के डर से, सरकार राज्य चुनाव आयोग को गाली देकर लोगों में निहित शक्ति का दुरुपयोग करने के लिए नौकरशाही का उपयोग करना जारी रखती है। जबकि राज्य चुनाव आयोग एक संवैधानिक निकाय है, और किशन सिंह तोमर मामला (सुप्रा) 2006 राज्य सरकार के आदतन असहयोग को रोकने के लिए, चुनाव आयोग अदालत के दरवाजे पर नहीं है और खुले तौर पर संवैधानिक आदेश का उल्लंघन कर रहा है। राज्य चुनाव आयोग राज्य सरकार के निर्देश पर काम कर रहा है. भाजपा राज्य नगरपालिका समिति के अध्यक्ष केवी सिंहदेव के नेतृत्व में एक भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा जिसमें आने वाले दिनों में पंचायत चुनाव एक साथ कराने की मांग की गई. राज्य में एनएसी और नगर पालिका का कोई प्रतिनिधि नहीं है क्योंकि तीन साल से चुनाव नहीं हुए हैं।

    अब सारा काम सरकारी अधिकारी ही कर रहे हैं। नतीजतन, शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक कई सरकारी लाभों से वंचित हो रहे हैं। आवास, पेयजल, सीवरेज, लाइटिंग के लिए केंद्र सरकार भले ही बड़ी रकम मुहैया करा रही हो, लेकिन सरकारी अधिकारी केंद्रीय कोष को लूट रहे हैं. राज्य के 114 एनएसी और छह महानगर निगमों में स्थिति खराब हो गई है. राजधानी में सीवरेज नहीं होने से डेंगू फैल रहा है। राज्य सरकार डेंगू के खात्मे के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। नगर निगम चुनाव नहीं होने से शहरवासियों को काफी परेशानी हुई है। सरकार अब नगर पालिका के प्रभारी है। प्रतिनिधि कार्यालय के लिए दौड़ रहे हैं। हालांकि, जन प्रतिनिधित्व की कमी के कारण, कई सरकारी योजनाएं आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं हैं। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना का शहरी क्षेत्रों में पार्टी आधार पर वितरण कर रही है. इसी तरह, शहर में प्रकाश, सौंदर्यीकरण, सीवरेज और सड़क सुधार के लिए आने वाले केंद्रीय अनुदान को शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के विकास में ठीक से निवेश नहीं किया जा सकता है।

    नगरपालिका चुनाव, जैसे लोकसभा और विधान सभा, संविधान के प्रावधानों के अधीन हैं और राज्य चुनाव आयोग को संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है। लेकिन संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए राज्य सरकार के इशारे पर कार्य करना राज्य चुनाव आयोग के लिए बेहद निंदनीय है। इससे पहले, भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य चुनाव आयोग से मुलाकात की और सभी नगरपालिका चुनाव एक साथ कराने की मांग की। महामहिम राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और अनुरोध किया कि चुनाव आयोग को नगरपालिका चुनाव कराने का निर्देश दिया जाए। प्रतिनिधिमंडल में विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष नौरी नाइक, प्रदेश महासचिव गोलक महापात्र और डॉ. लेखश्री सामंत सिंघार, प्रदेश प्रवक्ता पीतांबर आचार्य, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जगन्नाथ प्रधान, उर्मिला महापात्र, कृष्णचंद्र महापात्र प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

  • टोक्यो ओलंपिक 2020 में पीवी सिंधु के पदक जीतने पर भारत सरकार व झारखंड सरकार ने दी बधाई‌‌

    शेखर की रिपोर्ट

    टोक्यो ओलंपियाड में भारत की बेटी पीवी सिंह के पदक जीतने पर पूरे भारत में खुशियां मनाई जा रही है तो वहीं झारखंड के  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टोक्यो ओलंपियाड की पीवी सिंधु द्वारा बैडमिंटन के कांस्य पदक जीतने पर बधाई एवं शुभकामना दी मुख्यमंत्री ने कहा कि टीवी सिद्धू ने पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है साथ ही भारत की पुरुष हॉकी टीम द्वारा सेमीफाइनल में प्रवेश करने को गौरव का पल बताया है मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम ने ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई मुझे भारत टीम पर गर्व है वहीं झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने भारत की पुरुष हॉकी टीम के टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल में प्रवेश करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है उन्होंने इस उपलब्धि हेतु पूरी हॉकी टीम को बधाई और शुभकामना दी है

    राज्यपाल ने बैडमिंटन की कांस्य पदक जीतने पर पीवी सिंधु को भी बधाई और शुभकामना दी है उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि पर हम सभी देशवासियों को गर्व है आपको बताते जाएं कि 1980 में मास्को ओलंपिक के बाद भारत के लिए यह पहला सेमीफाइनल है जहां हॉकी टीम को भारतीय पुरुष ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ ओलंपियाड में 3-1 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई है वही पीवी सिंधु के माता-पिता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें सिद्धू पर गर्व है बेटी के कांस्य पदक जीतने पर सिद्धू के पिता टी वी रमन ने भारत सरकार बैडमिंटन एसोसिएशन समेत कइयों को बधाई दिया सिद्धू के पिता ने कहा कि उन्होंने कल बात करके बेटी को मोटिवेट किया था टोक्यो ओलंपिक 2020 में रविवार को दिन भारत के लिए काफी खास रहा सिद्धू के जीत पर पूरा देश काफी खुश है

  • बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की पार्टी UP चुनाव में जमीन तलाश रही PM से मुलाकात को मांगा वक्त

    पटना. बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) बिहार में जगह बनाने के बाद उत्तर प्रदेश चुनाव में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है. हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष सुमन (Bihar Minister Santosh Suman) ने लखनऊ पहुंचकर सबसे पहले अपनी पार्टी के प्रदेश कार्यालय का उद्घाटन किया. जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष सुमन ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चुनाव में संभावनाएं तलाशी हैं.

    जीतन राम मांझी इस कोशिश में हैं कि एनडीए में रहने के कारण अगर यूपी में गठबन्धन जैसे हालात बनते हैं तो पार्टी के जनाधार को बढ़ाया जा सकता है. हालांकि, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से मुलाकात में ऐसी कोई बात नही हुई. इसके बावजूद पार्टी उन इलाकों में अपनी पहुंच बनाना चाहती है जहां दलितों की संख्या ज्यादा है.

    मुकेश सहनी के नुकसान की भरपाई मांझी करेंगे
    संतोष सुमन ने योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि दलित चेहरा उनके साथ है. पिछले दिनों मुकेश सहनी ने यूपी पहुंचकर फूलन देवी के प्रतिमा के जरिये राजनीति गरमाने की कोशिश की थी पर एयरपोर्ट पर ही सहनी को नजरबंद कर दिया गया था और फूलन देवी के तमाम मूर्तियां जब्त कर ली गई थीं. मुकेश सहनी यूपी से खाली हाथ लौटने के बाद योगी पर जमकर बरसे थे. जीतन राम मांझी से मुलाकात से मुकेश सहनी से हुई नुकसान की भरपाई समझा जा रहा है.

    आज पीएम मोदी से जो सकती है मुलाकात
    जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष लखनऊ से सीधे दिल्ली के लिए रवाना हुए. दिल्ली पहुंचकर वह अब पीएम मोदी से मुलाकात की संभावना तलाश रहे हैं. पीएम मोदी से मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है. यही कारण है कि जीतन राम मांझी भी पटना से दिल्ली के लिए शाम रवाना हो गए हैं. जानकारी के मुताबिक जीतन राम मांझी अपने पुत्र संतोष के साथ पीएम नरेंद्र मोदी से मुलकात कर सकते हैं.

  • भूमिहीन मजदूर न्याय योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत कदम – मुकेश कोसरे

    डिलेश्वर प्रसाद साहू

    धमतरी – प्रदेश में जब से छत्तीशगड़िया भूपेश बघेल की सरकार आई है तब से असल छत्तीशगड़ियो की किस्मत बदलने लगी है, ब्लाक कांग्रेस भखारा अध्यक्ष मुकेश कोसरे ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से जिस प्रकार किसानों को आर्थिक मजबूति प्रदान की है उसी प्रकार संचालित गत विधानसभा के मानसून सत्र में भूमिहीन मजदूर न्याय योजना के तहत फिर से प्रदेश के अंतिम व्यक्ति को सम्मान के साथ साथ आर्थिक मजबूती प्रदान करने हेतु 200 करोड़ की राशि का प्रावधान किया हैजिससे प्रत्येक भूमिहीन मजदूर परिवार को 6000 रुपए प्रदान किया जाएगा

    जो इस बात को फिर से साबित कर रहा है कि जन हितैषी सरकार की नीति और नियत क्या होती हैं एक तरफ जहाँ किसान, मज़दूर हितैषी होने का ढोंग करने वाली भाजपा किसानों के3साल के बोनस को न देकर प्रदेश में किसानों की हुई कर्जा माफी और किसान न्याय योजना का विरोध कर रही है वही छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार एक कदम और बढ़ाते हुए मजदूर भाइयो को सबल बनाने का कार्य कर रही हैं।

  • मुख्यमंत्री ने दिया आदेश, न्यायाधीश उत्तम आनंद मौत मामले की जांच करेगी सीबीआई

    बोकारो से शेखर की रिपोर्ट। 

    धनबाद में हुई थी घटना, सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआइटी को सौंपा था मामला न्याययाधीश उत्तम आनंद की मौत मामले की जांच सीबीआई को सुपुर्द कर दी गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अनुशंसा की है। 28 जुलाई को मार्निंग वॉक के दौरान हुई थी घटना 

    मालूम हो कि 28 जुलाई की सुबह धनबाद में मार्निंग वॉक के दौरान एक ऑटो के धक्के से उनकी मौत का मामला सामने आया था। झारखंड पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में प्रयुक्त ऑटो और उसके चालक को धर दबोचा था। मुख्यमंत्री की पहल पर मामले के त्वरित अनुसंधान और दोषियों को दबोचने के लिए एसआइटी का गठन किया गया था। परिजनों ने सरकार के प्रयास पर जताया था संतोष

    मालूम हो कि दिवंगत न्याययाधीश उत्तम आनंद के परिजनों ने एक दिन पहले मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने इस दुखद घटना के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की थी तथा कहा था कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने  परिजनों से कहा था कि मामले की जांच को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। त्वरित गति से इस घटना का अनुसंधान पूरा कर परिजनों को न्याय मिले यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

  • मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं में फसल विविधीकरण कार्यक्रम और आवश्यकता आधारित इनपुट पर डीबीटी

    भुवनेश्वर

    “मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं में फसल विविधीकरण कार्यक्रम” को कृषि विभाग के माध्यम से खरीफ 2021-22 से पायलट आधार पर लागू किया जा रहा है। हमारे माननीय मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक के गतिशील नेतृत्व और मार्गदर्शन के तहत किसान अधिकारिता, ओडिशा सरकार। इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य धान की पारंपरिक खेती से अन्य गैर-धान फसलों जैसे दलहन, तिलहन में विविधता लाना है। खरीफ मौसम के दौरान ऊपरी/मध्यम भूमि में फाइबर और बागवानी फसलों और अधिक बायोमास और कम रासायनिक इनपुट आवश्यकता के साथ फसलों को बढ़ावा देने के माध्यम से मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार। इसके अलावा, कार्यक्रम में किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुधन और मत्स्य पालन के साथ एकीकरण, फसल के बाद के संचालन के क्लस्टर आधारित प्रचार, प्राथमिक प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और समुदाय आधारित संगठनों (सीबीओ) जैसे एफपीओ / डब्ल्यूएसएचजी / पानी पंचायतों और कृषि-उद्यमी के माध्यम से विपणन शामिल होगा। फसल पैटर्न की स्थिरता और आहार विविधीकरण पर जागरूकता पैदा करना, क्षमता निर्माण और किसानों की सामुदायिक लामबंदी, विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे आईसीडीएस, एमडीएम, पीडीएस और एससी / एसटी कल्याण छात्रावासों में गैर-धान अनाज को शामिल करना।

    पहले चरण में, यह कार्यक्रम 4 जिलों अर्थात कालाहांडी, मलकानगिरी, नबरंगपुर और कोरापुट में लागू किया जाएगा, जिसमें 18 नग मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं के अयाकट के 12207 हेक्टेयर क्षेत्र में 7 ब्लॉक में 27 ग्राम पंचायतों के 101 गांवों को शामिल किया जाएगा। चालू खरीफ सीजन के दौरान ३३४३ हेक्टेयर दलहन, ३७४५ हेक्टेयर कपास, ९२८ हेक्टेयर तिलहन, २४५१ हेक्टेयर मक्का, १३२२ हेक्टेयर बाजरा और ४१८ हेक्टेयर सब्जियों को बढ़ावा देने के लिए चालू खरीफ सीजन के दौरान रु. 16.73 करोड़। एलआईपी के अयाकटों में गैर-धान फसलों के लिए फसल विविधीकरण को अपनाने के लिए किसानों को लगातार तीन वर्षों तक वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इस कार्यक्रम के तहत लगभग 16000 किसान परिवार लाभान्वित होंगे। 36 समुदाय आधारित संगठन विभिन्न में शामिल होंगे। जैव-इनपुट उत्पादन, कटाई के बाद के संचालन, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, क्लस्टर स्तर एकत्रीकरण और विपणन जैसी गतिविधियाँ। किसानों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गैर-धान फसलों में विविधता के लाभ, मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने, आहार विविधीकरण और जल उपयोग दक्षता बढ़ाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान/रोड शो/माइकिंग होर्डिंग्स को सफल और सार्थक बनाने के लिए लिया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन।

    दूसरे, विभिन्न आवश्यकता आधारित इनपुट जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व, जैव-उर्वरक; विभिन्न केन्द्रीय एवं राज्य योजना योजनाओं के अन्तर्गत कृषकों को अनुदान पर कीटनाशक आदि की आपूर्ति की जा रही है। एमओ सरकार की पहल की अगली कड़ी के रूप में एक ऑनलाइन इनपुट प्रबंधन प्रणाली ‘आवश्यकता आधारित इनपुट में डीबीटी राज्य में 2021-22 से सीधे किसानों के खाते में सब्सिडी राशि के हस्तांतरण के लिए कार्यात्मक होगी। एमोबाइल ऐप वेब एप्लिकेशन विकसित किया गया है जिसके माध्यम से किसान डीलर से इनपुट खरीदेंगे और देय सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी के खाते में जारी की जाएगी। आज माननीय मंत्री डॉ. अरुण कुमार साहू, कृषि और किसान अधिकारिता, मत्स्य पालन, पशु संसाधन विकास और उच्च शिक्षा ने मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं में फसल विविधीकरण कार्यक्रम और डीबीटी इनपुट ओडिशा पोर्टल पर सब्सिडी राशि के हस्तांतरण के लिए एक पायलट परियोजना का उद्घाटन किया। लाभार्थी किसानों के खाते में इस अवसर पर श्री राज कुमार शर्मा, आईएएस, कृषि उत्पादन आयुक्त-सह-अपर. मुख्य सचिव; श्रीमती अनुगर्ग, आईएएस, सरकार के प्रधान सचिव। जल संसाधन विभाग; श्री सुरेश कुमार वशिष्ठ, आईएएस, आयुक्त-सह-सचिव, सरकार, कृषि किसान अधिकारिता विभाग; कुलपति, ओयूएटी; आयुक्त-सह-सचिव, सरकार, एफएआरडी विभाग और कृषि खाद्य उत्पादन निदेशक, ओडिशा भी उपस्थित थे।

  • राज्य के शिक्षा और उत्पाद विभाग के मंत्री श्री जगन्नाथ महतो लंबी बीमारी के बाद अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं

    बोकारो से संगीता की रिपोर्ट

    ★मुख्यमंत्री मिले मंत्री जगन्नाथ महतो से, जल्द संभालेंगे कामकाज
    ★स्वास्थ्य का हाल जानने के बाद मुख्यमंत्री ने घर से ही काम करने की दी सलाह
    ★मंत्री को उनके पुराने विभाग  सौंपे गये

    रांचीः राज्य के शिक्षा और उत्पाद विभाग के मंत्री श्री जगन्नाथ महतो लंबी बीमारी के बाद अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को उनसे उनके आवास पर मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मंत्री के स्वास्थ्य में प्रगति को देख उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। पूरी तरह स्वस्थ होते ही शिक्षा और उत्पाद मंत्रालय मंत्री के जिम्मे कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने मंत्री से कार्यों का निपटारा घर से ही करने की सलाह दी है। उम्मीद है जल्द ही मंत्री श्री जगन्नाथ महतो कामकाज शुरू कर देंगे। मालूम हो कि उनके अस्वस्थ होने के बाद से उनके मंत्रालय के कार्यों का निबटारा खुद मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन कर रहे थे। 

    कोरोना और फेफड़े में संक्रमण से पीड़ित हो गये थे मंत्री

    बताते चलें कि मंत्री श्री जगन्नाथ महतो 2020 के सितंबर महीने के अंतिम सप्ताह में  कोरोना से संक्रमित हुए थे। उसके बाद उन्हें पहले रिम्स और उसके बाद रांची के मेडिका अस्पताल में गंभीरावस्था में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन लगातार उनके स्वास्थ्य को लेकर फिक्रमंद थे। कई बार अस्पताल जाकर चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य का हालचाल लेते रहे थे। इस बीच मंत्री के स्वास्थ्य की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री की पहल पर एमजीएम, चेन्नई के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रांची बुलाई गई थी। इसके बाद टीम की सलाह पर श्री जगन्नाथ महतो को 19 अक्टूबर को चिकित्सकों की देखरेख में एयर एंबुलेंस से चेन्नई भेजा गया था। चेन्नई के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर (एमजीएम) में मंत्री के कोरोना संक्रमण से खराब फेफड़ा को ट्रांसप्लांट किया गया था।  

    विशेष विमान से रांची लाए गए थे शिक्षा मंत्री 

    फेफड़ा ट्रांसप्लांट के बाद मंत्री कुछ  दिनों तक चेन्नई में ही चिकित्सकों की देखरेख में रहे। जब चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य को दुरुस्त बताया तो चेन्नई में इलाजरत झारखंड के शिक्षा मंत्री श्री जगन्नाथ महतो को रांची लाने की कवायद शुरू हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें रांची लाने के लिए एक चार्टड प्लेन से चिकित्सकों की टीम 14 जून को चेन्नई भेजी गई। टीम में रिम्स क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष डॉ. पीके भट्टाचार्य और मेडिसिन विभाग के डॉ.अजीत डुंगडुंग शामिल थे। 14 जून को ही देर शाम मंत्री रांची पहुंचे थे।

    मुख्यमंत्री खुद एयरपोर्ट पर मंत्री के स्वागत के लिए थे मौजूद

    मंत्री श्री जगन्नाथ महतो को जब चेन्नई से चार्टड प्लेन से रांची लाया गया, तो संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन खुद एयरपोर्ट पहुंचे थे। उसके पहले उनके रांची स्थित आवास को भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य लाभ की सभी सुविधा से लैश किया गया था। मुख्यमंत्री बीच-बीच में मंत्री से मिलकर उनका हालचाल भी लेते रहे थे। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री बुधवार को भी उनके आवास पर जाकर मिले और चिकित्सकों की सलाह व कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए घर से ही कामकाज संभालने की सलाह और शुभकामना दी।

  • हरियाणा में गौ-रक्षा के लिए STF, हर जिले में बनेगी 11 सदस्यों की टीम

    निकुंज गर्ग की रिपोर्ट

    हरियाणा। सरकार ने गौ रक्षा के लिए एक कदम और बढ़ा दिया है। अब हर जिले में काऊ टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस बारे में नवंबर 2020 में फैसला लिया गया था। अब इस फैसले का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अब टास्क फोर्स का गठन शुरू कर दिया जाएगा। इसके तहत जिला स्तर पर 11 सदस्यीय स्पेशल काऊ टास्क फोर्स बनाई जाएगी। इस टास्क फोर्स में सरकारी और गैर-सरकारी सदस्य शामिल होंगे, जिनमें पुलिस, पशुपालन, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी, गौ-सेवा आयोग, गौ-रक्षक समितियों के सदस्य और 5 गौ-सेवक शामिल होंगे। टास्क फोर्स बनाने का मुख्य उद्देश्य राज्यभर में मुखबिरों और उनके खुफिया नेटवर्क के माध्यम से मवेशियों की तस्करी और गौकशी के बारे में जानकारी जुटाना और मुखबिरों से मिली जानकारी के बाद अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करना है। टास्क फोर्स से पहले हरियाणा सरकार गौ-संवर्धन एक्ट भी लागू कर चुकी है। इसके तहत गौ-तस्करी के मामले में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।

    स्टेट लेवल पर गौसेवा आयोग के चेयरमैन के नेतृत्व में काम करेंगी टास्क फोर्स
    हरियाणा गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष विद्यासागर बाघला ने बताया कि राज्यस्तर पर ये टास्क फोर्स गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग के नेतृत्व में काम करेंगी। जिला स्तर पर इस टास्क फोर्स के प्रमुख डीसी होंगे। जिला स्तर पर इस टास्क फोर्स के सदस्यों में एसपी, एडीसी और पशुपालन विभाग के उपनिदेशक शामिल रहेंगे।इस टास्क फोर्स का मुख्य काम बेसहारा गायों की देखरेख करना, उन्हें गौशाला तक पहुंचाना और गौवंश की तस्करी को रोकना होगा। प्रदेश में मनोहर सरकार ने गौवंश की तस्करी रोकने के लिए गौ-संवर्धन एक्ट बना रखा है। गौ तस्करों को पकड़ने और गौवंश की तस्करी रोकने के लिए ये टास्क फोर्स अलग-अलग योजनाएं बनाकर काम करेगी। बाघला ने बताया कि हरियाणा में भाजपा सरकार के शासनकाल में कई गौ-अभ्यारण्य बनाए गए हैं और जरूरत के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रदेश में गौसेवा आयोग के गठन के बाद सड़कों पर घूमने वाले 2 लाख से ज्यादा गौवंश को गौशालाओं में पहुंचाया जा चुका है। गौवंश को गौशाला पहुंचाने का काम लगातार चल रहा है और आगे भी चलता रहेगा।

    साउथ हरियाणा के चार जिलों में पुलिस की गौरक्षा टीमें : आईजी
    हरियाणा में साउथ रेंज रेवाड़ी के आईजी विकास अरोड़ा का कहना है कि उन्हें टास्क फोर्स की जानकारी तो नहीं है मगर पुलिस महकमे ने साउथ हरियाणा के चारों जिलों- रेवाड़ी, नारनौल, नूहं और पलवल-में गौरक्षा के लिए टीमें बना रखी हैं। हर जिले में इस टीम का इंचार्ज इंस्पेक्टर या सब इंस्पेक्टर रैंक के अफसर बनाया गया है। इन टीमों का काम गौ-तस्करों का पकड़ना है।

  • धनबाद में आवाज के साथ फटी धरती 15 बाई 15 लंबा चौड़ा एवं 20 फीट का गोफ बन जाने के कारण अफरा-तफरी का माहौल

    बोकारो से शेखर की रिपोर्ट

    बोकारो के अमलाबाद ओपी क्षेत्र स्थित झरिया बोकारो को जोड़ने वाली सड़क पर सीतानाला सड़क के बीचो बीच अचानक 15 बाई 15 लंबा चौड़ा एवं 20 फीट का गोफ बन जाने के कारण अफरा-तफरी का माहौल हो गया  आपको बताते जाए कि यहां बहुत बड़ा जमीन के नीचे नाला है आज लगातार दो दिनों से भारी बारिश के कारण गोफ बन गया है और लगातार गोफ का आकार बढ़ती ही जा रही है वहीं बिरसा पुल का भी स्थिति काफी जर्जर है कभी भी बड़ी घटना घट सकती है ग्रामीणों ने इसे देखकर लोगों में खौफ है

    सड़क के बीचो-बीच बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और इसके बीचो-बीच गड्ढा बन गया है वही बगल के स्कूल पर कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है कई बार बोलने के बाद भी ना तो अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई लोग आए हैं यह बीसीसीएल की और लापरवाही का नतीजा है बीसीसीएल द्वारा यहां से कोयला निकाल लिया गया और अचानक ने बालू की भराई नहीं की गई है 

    आज यहां ग्रुप बन गया है और स्थानीय लोगों की मानें तो पिछले 36 घंटे से हो रही लगातार बारिश के कारण गोफ बनने की घटना हुई है 36 घंटे से हो रही लगातार बारिश के कारण कई जगह जल्द जमा जमा हो गया है और घरों एवं दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया है वहीं तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ एवं घरों की दीवार गिरने की भी खबरें सामने आई है