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Rajasthan: कूड़े के ढेर में जलती मिलीं जीवनरक्षक दवाये
जयपुर में ब्लैक फंगस के मरीज इंजेक्शन के लिए परेशान हैं और उधर इसी राजस्थान के धौलपुर में बड़ी तादाद में कूड़े में दवाइयां मिली हैं. भारी तादाद में यहां दवाइयां फेंकी गई थी और दवाइयों के ढेर में आग भी लगाई गई थी. बताया जा रहा है कि ये सरकारी अस्पताल की दवाइयां हैं. मगर सवाल ये है कि इन दवाइयों को यहां कौन फेंक कर गया. -
कर्नाटक : 14 जून तक बढ़ा लॉकडाउन, जाने कितने करोड़ के पैकेज का हुआ ऐलान
कर्नाटक के ग्रामीण इलाकों में भी कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के बीच मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा ने लॉकडाउन को और एक सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की है.
अब यह लॉकडाउन 14 जून की सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा. उन्होंने फिल्म और टीवी उद्योग के कार्यकर्ताओं, मछली पकड़ने वाले समुदाय, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, बुनकरों और पूजा स्थलों में काम करने वाले लोगों सहित विभिन्न समूहों के लिए कुल 500 करोड़ रुपये के दूसरे राहत पैकेज की भी घोषणा की.
दूसरे राहत पैकेज का एलान (Announcement of second package)
यह राहत पैकेज उन लोगों के लिए राहत के रूप में 1,111.82 करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज के अलावा है, जिनकी आजीविका सिर्फ एक पखवाड़े पहले घोषित किए गए लॉकडाउन से प्रभावित हुई है. कर्नाटक की कोविड तकनीकी सलाहकार समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि चल रहे लॉकडाउन प्रतिबंध में तभी ढील दी जा सकती है जब पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से कम हो जाए और राज्यभर में मामलों की संख्या 5,000 से कम हो जाए.
एक सप्ताह के लिए बढ़ा लॉकडाउन (Lockdown extended for a week)
गुरुवार को बेंगलुरु में मंत्रियों के साथ अनौपचारिक बैठक के बाद, येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा कि चल रहे लॉकडाउन को एक और सप्ताह के लिए बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि गांवों में कोविड के कारण हालात सबसे खराब है. राज्य में पहले 24 मई से 7 जून तक कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की थी. उन्होंने कहा, हालांकि संक्रमण नियंत्रण में आ गया है, लेकिन बीमारी का प्रकोप अभी भी जारी है. इसलिए हमने एक्सपर्ट्स की सिफारिश के बाद एक सप्ताह के लिए 14 जून की सुबह तक इसे बढ़ाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से कम आने के बाद ही प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है.
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कोरोना से जो बच्चे अनाथ हुए उनका भरण पोषण और पढ़ाई का जिम्मा सरकारों पर,SC का बड़ा फैसला
बोकारो से संगीता की रिपोर्ट
कोरोना महामारी से जो अनाथ हुए बच्चों पर सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों के नाम पर फंड जुटाने से रोकने के लिए राज्य सरकारें एवं केंद्रशासित प्रदेश गैर सरकारी संगठनों(एनजीओ) एवं व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि बच्चों की पहचान उजागर करने से रोकना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि के कारण जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया है,उनका पालन-पोषण और पढ़ाई-लिखाई की जिम्मेदारी सरकारों की है।
30 हजार बच्चे देश भर में हुए अनाथ :कोरोना महामारी की पहली लहर से अनाथ हुए बच्चों के बारें में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग(एनसीपीसीआर) ने सोमवार को शीर्ष अदालत में आंकड़ा पेश किया। एनसीपीसीआर ने कोर्ट को बताया कि 5 जून तक राज्यों से मिले आंकड़ों के मुताबिक कोरोना महामारी की वजह से देश भर में 30,071 बच्चे अनाथ हुए हैं। अनाथ बच्चों का आंकड़ा और बढ़ सकता है : आयोग ने कहा कि महामारी की वजह से 26,176 बच्चों ने अपने माता-पिता में से किसी एक को खो दिया और 3,621 बच्चे अनाथ हो गए हैं, जबकि 274 लोगों को उनके रिश्तेदारों ने को दिया है। आयोग का कहना है कि अनाथ बच्चों का आंकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि कई राज्यों में खासकर ग्रामीण इलाकों में अनाथ बच्चों से जुड़े आंकड़े एकत्र नहीं किए गए हैं। दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया नहीं शुरू की है। अनाथ बच्चों की उम्र ज्यादातर 0-13 साल के बीच है : आयोग की तरफ से जो पेश किए गए उनमें से वकील स्वरूपमा चतुर्वेदी ने दायर हलफनामे में कहा कि पिछले एक साल में 274 बच्चों को त्याग दिया गया जबकि अनाथ हुए बच्चों में ज्यादातर की उम्र 0-13 साल के बीच है।कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने देश में बड़ी संख्या में तबाही मचाई है। जबकि कोरोना की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ने लगी है।
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महंगाई की वजह से आम लोग की थाली से दूर होते जा रहे हैं प्याज
बोकारो से शेखर की रिपोर्ट
दाम खाली सुनते ही खट हो जाए मिजाज स्वाद की बीमारी का का दुर्लभ हुआ इलाज बिना छिलका उतारे ही रुलाने लगी है प्याज।
कोरोना के चलते जहां एक तरफ हर चीज का दाम बढ़ गया है वही महिलाओं ने कहा कि प्याज के दाम बढ़ गया है। वैसे मैं खाने का भी स्वाद बिगड़ जाता है प्याज के बिना तो खाना अधूरा है। वहीं आज प्याज की कीमत फिर से बढ़ने लगी है 1 हफ्ते के भीतर प्याज ₹5 प्रति किलोग्राम की बढ़ती हुई है ₹25 किलो बिक रहा प्याज ₹38 किलो बिक रहा है सिटी सेंटर मार्केट के प्याज के खुदरा विक्रेता सुदामा शर्मा ने कहा कीमत बढ़ने लगी है हम क्या कर सकते हैं और बढ़ा दी हैं सुदामा शर्मा कह रहे हैं कि प्याज की कीमत में और वृद्धि होगी वही उत्पादन बाजार समिति के थोक विक्रेता ने बताया कि प्याज का भाव चढ़ने की कई वजह है जिसमें यह तूफान भी है तूफान और इसके बाद हुई मूसलधार बारिश के प्याज की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है इस समय नासिक में प्याज का स्टॉक हो रहा है इसके अलावा सरकारी संस्था में फिर भी प्याज की खरीदारी कर रही है।
नासिक मंडी में बाहर रखा हुआ माल भी खराब हुआ है इसी वजह से अभी नासिक के बाजार में ही ₹20 किलो प्याज बिक रहा है जबकि मध्य प्रदेश का प्याज 17 से 18 किलो तक जा रहा है इसी वजह से प्याज महंगी झारखंड में प्याज महंगे होते जा रहे हैं 15 दिन पहले तक बाजार में प्याज की कीमत करीब ₹20 थी कोरोना मामले को नियंत्रण करने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं लोगों के अनुसार जिला प्रशासन को प्याज की कीमत नियंत्रण करने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए
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रायपुर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में संदिग्ध अवस्था में मिली युवक की लाश
रायपुर
राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन की पार्किंग में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यहां एक युवक की लाश संदिग्ध अवस्था में मिली। बताया जा रहा है कि लाश तीन से चार दिन पुरानी है और उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। चोट के निशान को देखते हुए इस बात की आशंका जताई जा रही है कि किसी ने हत्या कर लाश फेंक दी है।
फिलहाल सूचना मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस मर्ग कायम कर शव की शिनाख्त करने में जुट गई है। मिली जाानकारी के अनुसार मामला GRP थाना इलाके का है, जहां रविवार दोपहर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में अज्ञात युवक की लाश मिली है। फिलहाल युवक की शिनाख्त नहीं हुई है। युवक की लाश पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिसके बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है।
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कोरोना काल की वजह से शिक्षा पर बहुत गलत प्रभाव पड़ रहा है कहां झारखंड के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने।
बोकारो से शेखर की रिपोर्ट
जहां एक तरफ कोरोना काल के चलते पढ़ाई काफी प्रभावित हुई है वहीं सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की तुलना में आज भी सुविधा कब मिल रही है कहीं बिजली नहीं तो कहीं स्मार्टफोन नहीं तो कहीं नेटवर्क नहीं खुद भी ऑनलाइन इच्छा से संतुष्ट नहीं है आपको बता दें कि इलाज के लिए चेन्नई झारखंड के शिक्षा मंत्री इलाज के लिए गए हुए हैं। आपको बता दें कि इलाज से अभी तक श्री जगन्नाथ महतो झारखंड नहीं लौटे हैं उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों के सातवें आज भी खड़े हैं केंद्र सरकार द्वारा पारा शिक्षकों की कटौती राशि को वापस करें आज शनिवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि पारा शिक्षक को केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले जूते की कटौती कर दी गई है।
शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने कहा कि वे अभी भी पारा शिक्षक के साथ खड़े हैं जल्दी चेन्नई से मैं लौट कर आऊंगा तो सबसे पहले पारा शिक्षक और सरकारी स्कूल पर काम करूंगा इसके बाद अगर सरकार द्वारा फिर से विभाग की जवाबदेही भी जाती हैं तो वे पारा शिक्षक के कल्याण कोष के गठन स्थायीकरण सहित अन्य मांगों पर ठोस पहल करेंगे उन्होंने कहा कि 28 सितंबर 2020 को पारा शिक्षकों के लिए गठित कमेटी की बैठक होनी तय थी लेकिन संयोगवश उसी दिन उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और वह इतने दिन तक अस्पताल में रहे अभी वह झारखंड लौटते नहीं है अभी चेन्नई में है श्री जगन्नाथ महतो ने कहां की कोई भी काम छोटा नहीं है जनप्रतिनिधि का काम है
जनता का काम करना जनता के बीच रहे तभी चार बार लगातार विधायक बने अभी अस्पताल में रहकर भी फोन पर लोगों की समस्या का समाधान करते हैं उन्होंने कहा कि महज मुझे तीन माह का समय मिल मिला इसी विद्यालय का निरीक्षण करता रहा यह जानने की कोशिश कर रहा था कि प्राइवेट स्कूल की तरफ अभिभावक व बच्चों का जुकाम क्यों है फिर वापस लौटकर ने इस पर काम करूंगा कोई भी चीज कठिन नहीं है
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होनहार बलवान के होत चिकने पात
रिपोर्ट – एस के सिंह
जिला – पटना
इस कहावत के जमीन पर सही रूप देने का का काम एक के बेटे किये ।
फिर साबित की कि शिक्षा पर किसी एक का अधिकार नहीं होता ।
मेहनत के द्वारा इसे अमीर हो यह गरीब कोई भी हासिल कर सकता हैं ।हर एक इंसान जिंदगी में मुश्किलों से जूझते हुए किसी न किसी दिन सफलता हासिल करता है।
यह वह इंसान हैं जिसने कड़ी मेहनत के दम पर बीपीएससी ब्लॉक पंचायती राज ऑफिसर बनने का सपना पूरा किया है। बीपीएससी परीक्षा हर वर्ष आयोजित की जाने वाली देश की चुनौतिपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। देश के अनेकों युवा इस परीक्षा को पास कर ऑफिसर बनने का सपना देखते हैं।इसी प्रकार के सपने इस युवा ने भी सपना देखा और सपनों को पुरा भी किया। विकाश ने बिहार लोक सेवा आयोग को पहली बार में पास किया है। विकाश ने बीपीएससी परीक्षा पहली बार में ही पास कर 723वीं रैंक हासिल की है। विकाश कुमार ने ब्लॉक पंचायती राज ऑफिसर बनकर मिसाल कायम की है।
विकाश नौबतपुर के चर्रा गांव संबंध रखते हैं, ये गांव विक्रम विधानसभा क्षेत्र में है। विकाश के पिता, मिथिलेश शर्मा पेशे से किसान और मां गृहणी हैं ।
विकाश कुमार ने पटना में ही रहकर बिहार बोर्ड से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की। इंटरमीडिएट के बाद वह औरंगाबाद सिन्हा कॉलेज से स्नातक किये। विकाश ने मां-पिता,चाचा-चाची ,शिक्षकों को सफलता का श्रेय देते हुए कहा, “सफलता प्राप्त करने का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। कामयाब हुए हर उम्मीदवार का तजुर्बा कुछ न कुछ सिखाता है”इसलिए जिंदगी में सफलता हासिल करनी है तो उस सफलता के लिए प्रयासरत रहना होगा, क्योंकि कोई व्यक्ति कभी असफल नहीं होता।
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SHRIRAM TRANSPORT : 2000 करोड़ का QIP Issue किया लॉन्च
TRANSPORT ने 2000 करोड़ रुपए का QIP Issue लॉन्च किया। इसका Floor Price 1433 रुपए प्रति share हो सकता है। 500 करोड़ रुपए के Preferential Issue को भी बोर्ड की मंजूरी मिली है। इसलिए आज बाजार में SHRIRAM TRANSPORT पर फोकस रहेगा।
इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड ने 500 करोड़ रुपये के Preferential Issue को मंजूरी दी है। कंपनी द्वारा 250 करोड़ रुपये इक्विटी शेयर और 250 करोड़ रुपये वारंट से जुटाए जाएंगे। वारंट का इश्यू प्राइस 1440 रुपये प्रति शेयर होगा। कंपनी ने 2000 Cr का QIP लॉन्च किया है जिसकी अनुमानित फ्लोर प्राइस 1433 प्रति शेयर है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी के QIP के लिए करीब 4 गुना डिमांड है।
MORGAN STANLEY की SHRIRAM TRANSPORT पर राय
MORGAN STANLEY ने SHRIRAM TRANSPORT पर ओवरवेट रेटिंग दी है और शेयर का लक्ष्य 2000 करोड़ रुपये तय किया है। उनका कहना है कि कंपनी के पास पर्याप्त पूंजी हैं। इससे फंड में और सुधार संभव है। कंपनी ने 2000 करोड़ रुपए का QIP इश्यू लॉन्च किया है।
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मंगवा चूहा का हुआ रिटायरमेंट जिसने 99 बारूदी सुरंगों का पता लगाने वाला।
बोकारो से शेखर की रिपोर्ट
क्या कभी आपने सोचा भी होगा कि चूहा किसी की जान की रक्षा भी कर सकता है आप सोच रहे होंगे कि एक चूहा इंसानों की रक्षा कैसे कर सकता है तो बता दे कि चूहे इंसानों की रक्षा कैसे करता है कंबोडिया में बीते 5 साल में मगवा नामक एक चूहे ने करीब 99 बारूदी सुरंग का पता लगाय जिसे हजारों लोग की जाने बच सकी। अफ्रीकी नस्ल के इस मंगवा चूहे की बहादुरी के सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चे हो रहे हैं
इस चूहे के सुधने की क्षमता ही बेहतर है कि बारूदी सुरंग का पता लगाने में इस्तेमाल होने वाली महंगी मशीनों को भी मात दे दी इसी खासियत के चलते इसे दल में शामिल किया गया था और अब तक इससे एक सैकड़ा बारूदी सुरंग का पता लगाया है यह चूहा 7 साल का है और इससे को विशेष रूप से कंबोडिया में बढ़ती सुरंग का पता लगाने के लिए ट्रेनिंग किया गया था उसने भारतीय चुदाई के साथ कई जिंदा विस्फोटक का भी पता लगाया मंगवा को एक पियो पियो नामक संगठन ने ट्रेंड किया था रिपोर्ट के मुताबिक यह संगठन चूहे को बारूदी सुरंगों और स्पष्ट इकृत बमों का पता लगाने के लिए पर ट्रेनिंग कर किया जाता है मंगवा पूरी तरह स्वस्थ हैं
लेकिन नियमानुसार सेवानिवृत्त हो गया है आपको बताते जाएगी महुआ को ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था पी डी एफ ए द्वारा सम्मानित किया जा चुका है अच्छे काम करने वाले जानवरों को सम्मानित करती है यह संस्था पहली बार इस संस्था में एक चेहरे को भी सम्मानित किया था मंगवा के ट्रेनिंग की मानें तो इस चूहे का प्रदर्शन बेहतरीन रहा उसने दिए गए हर बात को सफलतापूर्वक किया
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आपत्तिजनक सामग्री के साथ पुलिस ने नेपाल और दिल्ली की छह युवतियों समेत 13 लोगों को हिरासत में लिया
होटल में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने किया भंडाफोड़, आपत्तिजनक हालत में 13 लोग गिरफ्तार
सार। पुलिस ने रुद्रपुर शहर के एक होटल में छापा मारकर सेक्स रैकेट (SEX RACKET) का भंडाफोड़ किया है। आपत्तिजनक सामग्री के साथ पुलिस ने नेपाल और दिल्ली की छह युवतियों समेत 13 लोगों को हिरासत में लिया है। हैरानी की बात है कि कोविड कर्फ्यू का उल्लंघन कर होटल को खोला गया था।
बताया जा रहा है कि शनिवार देर शाम को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि आदर्श कॉलोनी के एक होटल में सेक्स रैकेट (SEX RACKET) चल रहा है। इसके बाद सीओ सिटी अमित कुमार और कोतवाल विजेंद्र शाह ने पुलिस टीम गठित कर होटल में छापा मारा। छापा पड़ते ही होटल में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सीओ अमित कुमार ने बताया कि मौके से छह युवतियों समेत 13 लोगों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा। सभी को कोतवाली लाकर देर रात तक पूछताछ की गई।
उन्होंने बताया कि जांच के बाद सभी के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। होटल संचालक के खिलाफ भी कोविड कर्फ्यू उल्लंघन का केस दर्ज किया जाएगा। कोतवाल विजेंद्र शाह ने बताया कि पकड़ी गई युवतियों में एक नेपाल और अन्य दिल्ली समेत बाहरी राज्यों की रहने वाली हैं, जबकि सभी युवक स्थानीय हैं।