पडरौना,कुशीनगर : लोकसभा क्षेत्र के रामकोला विधानसभा में लक्ष्मीगंज बाजार के हरिराम ओंकार मल्ल खेतान इंटर कॉलेज के मैदान में आगामी 1 मई को भारतीय जनता पार्टी से जुड़े उम्मीदवार बिजय कुमार दुबे के लिए चुनावी जनसभा को संबोधित करने के लिए केंद्र सरकार के उपभोक्ता खाद्यान्न वितरण मंत्री रामविलास पासवान आएंगे।
उक्त जानकारी भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी व जिला महामंत्री मारकन्डेय शाही ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताते हुए कहा है कि भारत सरकार के मंत्री रामविलास पासवान रामकोला विधानसभा के लक्ष्मीगंज बाजार के हरिराम ओंकार मल्ल खेतान इंटर कॉलेज में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार विजय कुमार दुबे के लिए चुनावी जनसभा दिन के 2:00 बजे से संबोधित करेंगे।
कौशांबी सैनी थाना 6 अप्रैल दिन शनिवार सिराथू स्टेट बैंक से केशियर कछ से लाखो की चोरी कर फरार अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार युवकों में दो नाबालिक है जिनकी उम्र लगभग 12 से 13 वर्ष है l सैनी पुलिस ने मुखबिर के सूचना के आधार पर अन्तरप्रदेशी गिरोह के अभियुक्त रॉबिन सिंह( 19) वर्ष पुत्र स्व नीरज सिंह निवासी ग्राम कड़िया थाना बोड़ा जनपद राजगढ़ मध्यप्रदेश व लालू सिंह (14 )वर्ष पुत्र नीरज सिंह व कुनाल सिंह (13)वर्ष पुत्र नीरज सिंह को पुलिस की संयुक्त टीम ने अपने गुमराहियों के साथ मिलकर गिरफ्तार कर लिया l
जिनके पास से पुलिस 20500 रुपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त मोबाइल सैमसंग व तीनो के कब्जे से लगभग 7 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया हैं इन अभियुक्तों ने ऐसे कई घटनाओं को अंजाम दिया केवल सैनी कोतवाली की बात नही इनके खिलाफ मुकदमा संख्या 165/19 धारा 8/20 धारा 166/19, 8/20धारा 167/19, 8/20धारा 149/19,457/380/411IPC धारा 150/19,380/411IPC केवल सैनी कोतवाली में दर्ज है वही के मंझनपुर कोतवाली में धारा 105/19,457/380 IPC तो वही कोखराज में धारा 75/19 ,457/380 IPC पर मुकदमा दर्ज है l
बता दे कि यह लोग दूसरे प्रदेश से आकर एक ग्रुप बना कर रहते है और मौका मिलते ही अपने काम को अंजाम दे जाते है सैनी पुलिस द्वारा पकड़े गए अपराधी तीनो सगे भाई है l अपराधियों को पकडने वाली इस टीम को पुरस्कृत करते हुवे सम्मानित किया l
सुलतानपुर। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उ0प्र0 के मंशानुरूप जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम दिव्य प्रकाश गिरि के निर्देशानुसार स्वीप कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद सुलतानपुर में मतदाताओं को जागरूक करने एवं 12 मई को शत-प्रतिशत मतदान के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा जनपद के समस्त डीलरों के सहयोग से बाइक रैली का आयोजन किया गया। बाइक रैली को अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0)/नोडल अधिकारी, स्वीप, उमाकान्त त्रिपाठी द्वारा स्थानीय उप संभागीय परिवहन कार्यालय परिसर से झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। यह बाइक रैली उक्त संभागीय परिवहन कार्यालय से प्रारम्भ होकर अमहट चैराहा, गभड़िया, नई सब्जी मण्डी, जिला चिकित्सालय, बस स्टेशन, डीएम आवास चैराहा, दीवानी चैराहा, तिकोनिया पार्क चैराहा, पोस्ट आॅफिस चैराहा, बाधमण्डी चैराहा, दरियापुर तिराहा, ओवर ब्रिज होते हुए पयागीपुर चैराहा से होकर उप संभागीय परिवहन कार्यालय, सुलतानपुर परिसर पर समाप्त हुई।।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) माला वाजपेयी ने बताया कि इस रैली में 250 बाइक सवार सम्मिलित हुए तथा मतदाता जागरूकता टी-शर्ट व बाइक पर स्टीकर चिपका कर मतदाताओं को जागरूक करने के लिये व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। एआरटीओ कार्यालय पर बनाये गये वोटर फोटो प्वाॅइंट का उद्घाटन अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0)/नोडल अधिकारी, स्वीप, उमाकान्त त्रिपाठी द्वारा फीता काटकर किया गया तथा सेल्फी फोटो अपने मित्रों को मतदान के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से भेजे गये। इसके पश्चात परिवहन विभाग द्वारा मतदाता हस्ताक्षर अभियान का प्रारम्भ किया गया। इस मौके पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) माला वाजपेयी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अखिलेश कुमार द्विवेदी, आर0आई0, यातायात निरीक्षक, बी0ए0 चैधरी, परिवहन कार्यालय के कर्मचारी, जनपद के डीलर रतनदीप मोटर्स, गोवेशन आॅटो मोबाइल्स, एशिया राॅयल, तिरूपती बजाज, वी0के0जोन, मीत एसोसियेट्स, महावीर हीरो, एग्रो होण्डा एवं कलकत्ता टी0वी0एस0 के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।
प्रदेश के व्यापारियों को अब अपनी समस्याओं के लिए वाणिज्यकर के दफ्तर या अधिकारियों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। व्यापारियों की समस्या का निदान करने के लिए विभाग ने जीएसटी पोर्टल पर व्यापारियों के लिए अलग पेज बनवा दिया है।जिसके जरिये व्यापारी अब घर बैठे ही अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।
इसी आधार पर वाणिज्यकर विभाग ने समस्याओं के समाधान के लिए विभाग की वेबसाइट www.comtax.up.nic.in‘ पर व्यापारियों के लिए जीएसटी फीडबैक नाम से एक अलग वेबपेज तैयार कराया है।यह वेबपेज विभागीय वेबसाइट के शीर्ष भाग में ‘जीएसटी फीडबैक’ टैब को क्लिक करने पर उपलब्ध होगा।वेबपेज के ‘कमेंट’ कालम में डीलर या अधिवक्ता माइग्रेशन,रजिस्ट्रेशन, रिटर्न,पेमेंट,कंपोजीशन स्कीम व कनेक्टिविटी से संबंधित समस्याओं का उल्लेख करना l
मुंबई : गुरुवार को चुनाव नतीजे आने से पहले शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 140.41 अंक (0.36%) मजबूत होकर 39,110.21 पर बंद हुआ। वहीं, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 44.85 अंक (0.38%) की तेजी के साथ 11,753.95 पर बंद हुआ।
कारोबार बंद होने तक सेंसेक्स के 26 शेयरों के भाव चढ़े हुए थे जबकि 5 शेयरों में गिरावट आई थी। वहीं, निफ्टी के 34 शेयरों का कारोबार हरे जबकि शेष 16 शेयरों का लाल निशान में बंद हुआ।
बुधवार को जिन शेयरों में तेजी देखी गई, उनमें इंडसइंड बैंक, सन फार्मा, टाटा मोटर्स डीवीआर, बजाज ऑटो, भारती एयरटेल, कोल इंडिया, टाटा मोटर्स, एसबीआई, बीपीसीएल और आइशर मोटर्स आदि शामिल रहे।
दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स के जिन शेयरों में गिरावट आई, उनमें आईटीसी, यस बैंक, पावर ग्रिड, टीसीएस और हिंदुस्तान लीवर शामिल हैं। वहीं, निफ्टी के शेयरों में टेक महिंद्रा, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस, इन्फ्राटेल, यस बैंक और जी एंटरटेनमेंट आदि के भाव गिर गए। निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया को छोड़कर निफ्टी के सारे सेक्टोरल इंडिसेज में बढ़त आई।
नई दिल्ली : हुवावे का फोन इस्तेमाल करने वालों को गूगल ने बड़ा झटका दिया है। असल में, अमेरिकी सरकार के हुवावे को ब्लैकलिस्ट करने के बाद गूगल ने कंपनी के साथ अपना बिजनस सस्पेंड कर दिया है। साथ ही, हुवावे के ऐंड्रॉयड लाइसेंस को कैंसल कर दिया है। अब हुवावे की पहुंच गूगल के हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और टेक्निकल सर्विसेज तक नहीं होगी। गूगल का यह कदम सीधे तौर पर हुवावे के आने वाले स्मार्टफोन पर असर डालेगा। हम आपको बता रहे हैं कि गूगल के इस झटके के बाद हुवावे के मौजूदा स्मार्टफोन यूजर्स और फ्यूचर में लॉन्च होने वाले फोन पर क्या असर पड़ेगा.
ऐप्स अपडेट नहीं कर पाएंगे हुवावे फोन के मौजूदा यूजर्स जो लोग अभी हुवावे के स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं, वे अपने ऐप्स अपडेट नहीं कर पाएंगे जो कि उनके लिए परेशानी का बड़ा सबब होगा, क्योंकि ऐप बड़ी तेजी से आउटडेटेड और असुरक्षित होंगे। हुवावे के मौजूदा यूजर्स को कुछ ऐप्स का करेंट वर्जन हमेशा के लिए इस्तेमाल करना पड़ सकता है। ऐप्स में कई बार बड़ी सिक्यॉरिटी खामियां आ जाती हैं, जिन्हें प्ले स्टोर में गूगल के अपडेट के जरिए फिक्स किया जाता है। हालांकि, ये अपडेट हुवावे के स्मार्टफोन यूजर्स को नहीं मिलेंगे, ऐसे में उनके फोन में सेंधमारी का संकट बना रहेगा।
क्या हुवावे के स्मार्टफोन काम करते रहेंगे? फिलहाल, हुवावे के स्मार्टफोन पहले की तरह काम करते रहेंगे, लेकिन कभी भी इनके लिए संकट खड़ा हो सकता है। गूगल ने कहा है कि हुवावे के मौजूदा यूजर्स की पहुंच Play Store तक होगी। हालांकि, गूगल ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि Play Store का एक्सेस कब तक मिलता रहेगा। गूगल ने कहा है, ‘हुवावे के मौजूदा डिवाइसेज में Google Play Store और Google Play Protect से सिक्यॉरिटी प्रोटेक्शन मिलता रहेगा।’ इसका मतलब है कि मौजूदा यूजर्स को ऐप्स और डाउनलोड्स के साथ गूगल के प्ले प्रोटेक्ट के जरिए प्रोटेक्शन मिलेगा।
क्या मिलेगा गूगल का कोई अपडेट? हुवावे के मौजूदा कस्टमर्स की पहुंच गूगल के Play Store तक तो होगी, लेकिन इसके अपडेट्स उन्हें नहीं मिलेंगे। इसका मतलब है कि दूसरी मोबाइल कंपनियों के यूजर्स को ऐंड्रॉयड के अपडेट मिलेंगे, लेकिन हुवावे के यूजर्स की पहुंच इन तक नहीं होगी। यानी, गूगल के Play Store पर किए जाने वाले हर छोटे-बड़े अपडेट हुवावे के यूजर्स को नहीं मिलेंगे। इन अपडेट्स में सिक्यॉरिटी पैच भी शामिल हैं। मान लीजिए कोई ऐप अपना नेक्स्ट वर्जन लेकर आता है तो हुवावे के यूजर्स उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। उन्हें ऐप के पुराने वर्जन से ही काम चलाना होगा। साथ ही, हुवावे के यूजर्स को ऐप के सिक्यॉरिटी अपडेट भी नहीं मिलेंगे।
क्या सेफ रहेंगे हुवावे के स्मार्टफोन? हुवावे के स्मार्टफोन बहुत ज्यादा असुरक्षित हो सकते हैं, क्योंकि इन्हें सिक्योरिटी अपडेट्स नहीं मिलेंगे। ऐसे में हुवावे के करोड़ों यूजर्स के स्मार्टफोन पहले की तरह सेफ नहीं रह जाएंगे। हुवावे के स्मार्टफोन यूजर्स को सिक्यॉरिटी को लेकर क्यों चिंतित होना चाहिए, इसको हम कुछ इस तरह समझ सकते हैं। पिछले हफ्ते खबर आई थी कि एक इजरायली फर्म, वॉट्सऐप की एक खामी का फायदा उठाकर ऐप और उनके फोन के जरिए लोगों की पर्सनल इंफॉर्मेशन में सेंधमारी करने के साथ उनकी जासूसी कर रही है। वॉट्सऐप ने इस मामले में तुरंत कदम उठाते हुए Play Store के जरिए ऐंड्रॉयड यूजर्स के लिए इस खामी को दूर किया। हुवावे को लेकर गूगल के फैसले के बाद अब कंपनी के यूजर्स को सिक्यॉरिटी अपडेट नहीं मिलेंगे, ऐसे में उनके स्मार्टफोन में सेंधमारी का खतरा बना रहेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हुवावे के स्मार्टफोन यूजर्स को पुख्ता सिक्यॉरिटी नहीं मिलेगी तो भला लोग अपनी पर्सनल चीजें और डीटेल्स फोन में क्यों रखेंगे।
हुवावे के नए स्मार्टफोन खरीदने वाले यूजर्स पर असर हुवावे के फ्यूचर कस्टमर्स के लिए राहें और मुश्किल भरी हैं। हुवावे के नए स्मार्टफोन की पहुंच Gmail, Google Maps, सर्च, गूगल असिस्टेंट और प्ले स्टोर के दूसरे ऐप्स तक नहीं होगी। नए यूजर्स पर क्या असर होगा, इसको लेकर गूगल ने फिलहाल कोई बयान नहीं जारी किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यूजर्स ऐंड्रॉयड के ऑफिशल वर्जन का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे तो भला वह हुवावे के स्मार्टफोन क्यों खरीदेंगे।
क्या कम होगा हुवावे के स्मार्टफोन का आकर्षण हुवावे से सर्विसेज वापस लेने से जुड़ा गूगल का फैसला चाइनीज कंपनी को स्मार्टफोन की बिक्री करने से नहीं रोक पाएगा, लेकिन Play Store, ऐंड्रॉयड अपडेट और गूगल के दूसरे ऐप्स के बिना इन स्मार्टफोन का आकर्षण पहले जैसा नहीं रहेगा। ऐंड्रॉयड ऐप्स के लिए प्ले स्टोर सबसे भरोसेमंद अड्डा है। हुवावे के नए स्मार्टफोन कंपनी के कस्टम यूजर इंटरफेस के साथ ऐंड्रॉयड के ओपन सोर्स वर्जन पर चलेंगे। ऐसे में यूजर्स को कोई अपडेट और नए फीचर नहीं मिलेंगे, जो कि ऐंड्रॉयड यूजर्स को मिलते हैं। इन स्मार्टफोन को हुवावे से सॉफ्टवेयर अपडेट्स मिलेंगे ।
मुंबई l लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐतिहासिक जीत से उत्साहित होकर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू शेयर बाजारों में तेजी रही। सेंसेक्स 623.33 अंकों की तेजी के साथ 39434.72 अंक जबकि निफ्टी 187.05 अंकों की तेजी के साथ 11844.10 अंक पर बंद हुआ। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स 504.53 अंक उछल कर 39315.92 जबकि निफ्टी 152.55 अंकों की बढ़त के साथ 11809.60 अंक पर रहा। कारोबार के दौरान 665.58 अंक के उछाल के साथ 39,476.97 तक पहुंचा। निफ्टी ने 91 प्वाइंट ऊपर 11,748 पर शुरुआत की। इंट्रा-डे में 202 प्वाइंट की बढ़त के साथ 11,859 का उच्च स्तर छुआ। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी हो रही है।
सेंसेक्स के 30 में से 23 और निफ्टी के 50 में से 33 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में 5%, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 3% और एसबीआई में 2% का उछाल आया। लार्सन एंड टूब्रो और भारती एयरटेल में 3.5% और बजाज फाइनेंस में 1.5% की तेजी आई। दूसरी ओर ओएनजीसी में 2.5% और बजाज ऑटो में 1.5% की गिरावट देखी गई। विश्लेषकों के मुताबिक एनडीए सरकार को फिर से सत्ता मिलने से सुधारों की प्रक्रिया जारी रहने की उम्मीद है इसलिए निवेशक खरीदारी कर रहे हैं। गुरुवार को चुनाव के नतीजों के रुझान के साथ सेंसेक्स 1015 अंक चढ़कर पहली बार 40000 और निफ्टी 12000 के स्तर पर पहुंचा था। हालांकि, मुनाफावसूली हावी होने की वजह से दोनों इंडेक्स पूरी बढ़त गंवाकर गिरावट के साथ बंद हुए।
नई दिल्ली । निदेशक, राजेश बाजपेई ने कहा, ‘भारतीय रेल के इतिहास में पहली बार यात्रियों की सुविधा के लिए चलती ट्रेन में मसाज सर्विस उपलब्ध कराई जाएगी। इससे न केवल रेवेन्यू बढ़ेगा बल्कि यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी।
भारतीय रेल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब यात्रियों के लिए चलती ट्रेन में मसाज सर्विस उपलब्ध होगी। रेलवे के एक अधिकारी ने शनिवार को जानकारी दी कि फिलहाल मालिश की सुविधा इंदौर से चलने वाली 39 ट्रेनों में उपलब्ध होगी। अधिकारी ने बताया कि यह प्रस्ताव वेस्टर्न रेलवे जोन की रतलाम डिविजन की ओर से रखा गया।
रेलवे को इससे 20 लाख रुपये का अतिरिक्त सालाना रेवेन्यू (राजस्व) मिलेगा और अनुमान है कि 20,000 सर्विस प्रोवाइडर्स को टिकट बेचने से 90 लाख रुपये की कीमत के टिकटों की अतिरिक्त बिक्री भी होगी।’
रेलवे बोर्ड के मीडिया ऐंड कम्युनिकेशंस के निदेशक, राजेश बाजपेई ने कहा, ‘ऐसा पहली बार है जबकि इस तरह का कोई कॉन्ट्रैक्ट साइन किया गया है।’ बात करें कीमत की तो हर बार फुट मसाज और हेड मसाज के लिए 100 रुपये देने होंगे।
यह स्कीम रेलवे की उस स्कीम का हिस्सा है जिसमें सभी जोन और डिविजनों से नए और इनोवेटिव आइडिया देने को कहा गया था ताकि किराए के अतिरिक्त दूसरी चीजों से रेवेन्यू जेनरेट हो सके।
नई दिल्ली। मीडिया की खबरों के अनुसार नरेन्द्र मोदी सरकार एक और नियम पर विचार कर रही है। भारी रकम निकासी करने वाले लोगों की पहचान करने के लिए सरकार आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इससे नकद लेनदेन का टैक्स रिटर्न से आसानी से मिलान हो सकेगा। नरेंद्र मोदी सरकार ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।
अब सरकार इस दिशा में एक और नियम ला सकती है। दरअसल सरकार कागजी मुद्रा के उपयोग को कम करने के लिए एक साल में 10 लाख से ज्यादा की नकद निकासी करने वाले लोगों पर टैक्स लगाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।
काले धन पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम जल्द ही उठाया जा सकता है। जिस तरह 50 हजार से अधिक पैसा जमा करने पर पैन कार्ड दिया जाता है, उसी तरह 10 लाख से ज्यादा की नकद निकासी पर सरकार द्वारा आधार संख्या को अनिवार्य किया जा सकता है। यूआईडी प्रमाणीकरण और ओटीपी यह सुनिश्चित करेगा कि आधार संख्या का दुरुपयोग न हो सके।
मनरेगा के लाभार्थियों को आधार का इस्तेमाल कर प्रमाणिक रसीद की आवश्यकता होती है लेकिन अगर कोई पांच लाख रुपये की नकद निकासी करता है तो ऐसा नहीं होता।
मोदी-2.0 सरकार का पहला आम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को पेश करेंगी। पांच जुलाई को बजट में इस नियम की घोषणा की जा सकती है। दरअसल सरकार यह नहीं चाहती है कि मध्य वर्ग लोगों पर और गरीबों पर कानूनी बोझ बढ़ें।
हालांकि इस कदम को अभी अंतिम रूप देना बाकी है। एक दशक पहले यूपीए सरकार ने इस दिशा में ट्रांसफर टैक्स लागू किया था। हालांकि हंगामे के बाद उसे यह वापस लेना पड़ा था।
साल 2016 में आंध्र प्रदेश के तत्कालीन सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों की एक उच्चस्तरीय समिति ने नकद उपयोग को कम करने के उपाय दिए थे ।
50 हजार रुपये से अधिक की नकदी निकासी पर फिर से टैक्स लगाने की सिफारिश की थी। इसके साथ ही एसआईटी ने भी डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव दिए थे।
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने कहा है कि जो व्यक्ति एक वर्ष में 10 लाख या इससे ज्यादा रुपये अपने बैंक एकाउंट से विदड्रॉ करते है तो उस पर टैक्स लगाया जायेगा। दरअसल, सरकार यह कदम कागजी मुद्रा के उपयोग को कम करने और काले धन पर नकेल कसने के लिए उठा सकती है. साथ ही उसका एक और लक्ष्य डिजिटल भुगतान के उपयोग को बढ़ावा देने का भी है।
सूत्रों ने बताया कि सभी उच्च-मूल्य नकद निकासी के लिए आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य करने का प्रस्ताव विचाराधीन है. माना जा रहा है कि आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने से ऊंची रकम निकासी वाले लोगों की पहचान और उनके टैक्स रिटर्न का मिलान करना आसान हो जाएगा। दरअसल, यूआईडी प्रमाणीकरण और ओटीपी यह सुनिश्चित करेगा कि आधार संख्या का दुरुपयोग न हो सके।
वहीं एक अधिकारी ने बताया, ‘मनरेगा लाभार्थी को आधार प्रमाणिकता की आवश्यकता होती है, लेकिन 5 लाख रुपये तक नकद निकालने वाले के लिए यह बाध्यता नहीं है।’ सरकार का मानना है कि अधिकांश व्यक्तियों और व्यवसायों को 10 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक नकदी निकासी की आवश्यकता नहीं पड़ती है। बहरहाल, इन सब पक्षों पर 5 जुलाई को पेश होने वाले बजट से पहले विचार-विमर्श हुआ, हालांकि सरकारी सूत्रों ने कहा कि इस प्लान को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। यह भी स्पष्ट है कि सरकार ऐसा कुछ नहीं करना चाहती है, जिससे कि मध्य वर्ग और गरीबों पर किसी प्रकार का कानूनी बोझ बढ़े।
इससे पहले पिछले हफ्ते आरबीआई ने ऐलान किया कि बैंक NEFT और RTGS पर शुल्क नहीं लगाएंगे. साथ ही कहा था कि कार्ड के उपयोग पर शुल्क की भी समीक्षा की जा रही है। इस मामले पर वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि गैर-नकदी लेनदेन को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था में नकदी के उपयोग की पड़ताल करने में लंबा रास्ता तय करना होगा। एक सूत्र ने इस पर सवाल उठाया कि जब डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है तो क्यों किसी को 10 लाख से अधिक के नकद लेनेदेन की अनुमति मिलनी चाहिए ?