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  • सात महीने के बच्चे ने दी कोरोना को मात, वेंटिलेटर पर रहने के बाद भी जीती जिंदगी की जंग

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    देहरादून। कोरोना की वजह से लोग मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। जिस तेजी से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, उसने जनसामान्य को चिंता में डाल दिया है। इस बीच दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय से एक सुखद व उम्मीद जगाती खबर आई है। यहां सात माह के एक बच्चे ने 12 दिन में कोरोना को मात दे दी। तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद इस बच्चे ने जीवन की जंग जीत ली है। शुक्रवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में बाल रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल कौशिक ने बताया कि 18 अप्रैल को एक परिवार अपने सात माह के बच्चे को लेकर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा था। बच्चा कोरोना संक्रमित था। जिस पर उसे तत्काल बाल रोग विभाग के चिकित्सकों की देखरेख में भेजा गया। डॉ. कौशिक ने बताया कि बच्चे के शरीर में कृत्रिम ऑक्सीजन लगाने के बाद भी ऑक्सीजन का स्तर 80 प्रतिशत था और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। शरीर में नमक की कमी होने की वजह से भी बच्चे को दौरे पड़ रहे थे। एक्स-रे में निमोनिया भी दिखाई दिया।

    बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए बाल रोग विभाग की टीम ने आनन-फानन में उसे वेंटिलेटर पर रखा। तीन दिन बाद कुछ सुधार होने पर बच्चे को वेंटिलेटर से निकालकर आइसीयू में ऑक्सीजन पर रखा गया। साथ ही पहले दो दिन आइबी फ्लूड के जरिये और उसके बाद दो दिन नलकी से फीडिंग कराई गई। फिर मां का दूध पीने के लिए चिकित्सकों की टीम ने सहमति दी। गुरुवार बच्चे की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई। वह अब मां का दूध भी ठीक तरीके से पीने लगा था।

    डॉ. कौशिक ने बताया कि यह परिवार मूल रूप से हल्द्वानी के रहने वाला है। बच्चे के पिता पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) में किसी फैक्ट्री में काम करते हैं। वहां प्राथमिक अस्पतालों में दिखाने के बाद देहरादून के छोटे बड़े तमाम अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद दून अस्पताल पहुंचे। इस टीम में विभाग के एचओडी डॉ. अशोक, डॉ. वसुधा, डॉ. अखिल, डॉ. सुरेखा, डॉ. राहुल, डॉ. अनिरुद्ध, डॉ. तन्वी, डॉ. आएशा, नर्सिंग अधिकारी एग्नेस, अरुणा, प्रिया और वार्ड आया कविता भी शामिल थीं।

  • सल्‍ट उप चुनाव में भाजपा ने फहराई जीत की पताका

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    देहरादून। उत्तराखंड के जिला अल्मोड़ा की सल्ट विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के निधन के बाद रिक्त हुई थी। पार्टी ने इस सीट पर उनके भाई महेश जीना को चुनाव लड़ाया और जैसी उम्मीद थी, वह चुनाव जीत भी गए। उन्होंने कांग्रेस की गंगा पंचोली को साढे़ चार हजार मतों से पराजित किया। इसे महज भारतीय जनता पार्टी की जीत और कांग्रेस की हार के रूप में देखना चुनाव परिणाम का अतिसरलीकरण ही माना जाएगा।

    बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणामों के बीच कोई उत्तराखंड विधानसभा की एक सीट के उप चुनाव के परिणाम का गहन विश्लेषण करने लगे तो पहली नजर में यह अनपेक्षित लग सकता है। हालांकि यह भी सच है कि राजनीति में छोटे-छोटे संकेतों के बड़े फलितार्थ भी होते हैं। इस तरह के संकेतों की उपेक्षा का खामियाजा कई मर्तबा कई सियासी दलों ने भुगता है।

    दरअसल, सत्य तो यह है कि प्रदेश में अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस ने अपने चरम पर विराजमान भाजपा को कड़ी टक्कर दी है। राज्य में ऐतिहासिक बहुमत की सरकार, केंद्र में भी मजबूत सरकार, संगठित और सक्रिय संगठन, स्टार प्रचारकों का मजबूत बेड़ा और साधन बेशुमार। उस पर भी दिवंगत नेता के परिवार के प्रति मतदाताओं की सहानुभूति और जीत का अंतर कुल 4,697 मत। जाहिर है कि सामान्य स्तर की मेधा भी जीत के जश्न के साथ गंभीर चिंतन का सुझाव देती है। भारतीय जनता पार्टी जैसी राजनीतिक पार्टी में तो हर चुनाव परिणाम के बाद विचार-मंथन की परंपरा रही है।

    इस बार अगर इस परिणाम को जीत के जश्न तक ही सीमित रखते हैं तो इससे आठ-नौ माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रति पार्टी का अति आत्मविश्वास ही छलकेगा। हालांकि भाजपा इस उपचुनाव परिणाम से सतर्कता के साथ संतोष भी कर सकती है। कांग्रेसियों ने सरकार के प्रति एंटी इनकंबेंसी का जिस तरह हौवा बनाया हुआ है, उसकी डिग्री वास्तव में इतनी नहीं है कि बिना कुछ किए ही अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता कांग्रेस को थाली में सजी मिल जाए।

    यह सही है कि वर्तमान में प्रदेश में विपक्ष कांग्रेस ही है, अन्य पार्टियों में से किसी को भी कांग्रेस का विकल्प बनने में समय व शक्ति लगेगी। कांग्रेस उत्तराखंड में बुरे दौर में गुजर रही है, यह भी किसी से छिपा नहीं है। पार्टी के ज्यादातर दिग्गज भारतीय जनता पार्टी सरकार में जमे हैं, जो बचे हैं वे एक-दूसरे की टांग खींचने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। न सर्वसम्मत नेता और न सक्रिय संगठन। फिर भी कांग्रेस है कि अगले चुनाव में सरकार बना लेने के प्रति आश्वस्त है।

    प्रदेश के कुछ बड़े नेताओं ने केवल हाजिरी लगाई, तो कुछ ने पूरी ताकत। उपचुनाव के सभी समीकरण भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी का अच्छी टक्कर देना, हारने के बावजूद कांग्रेसियों का मनोबल तो बढ़ाता ही है। इसी तरह जीतने के बावजूद यह उपचुनाव परिणाम भारतीय जनता पार्टी को मंथन के लिए जमीन पर बैठने की सलाह भी दे रहा है। पार्टी के नेताओं को इसे समझते हुए ही आगे की रणनीति बनानी चाहिए।

  • प्रवेश वर्मा के पश्चिम बंगाल में हिंसा पर तीखे बोल…

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    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा पर दिल्ली के भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद प्रवेश वर्मा ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा- ‘याद रखें तृणमूल सांसद, मुख्यमंत्री.. दिल्ली भी आना है।’ मंगलवार को समाचार एजेंसी पीटीआइ से प्रवेश सिंह वर्मा ने बातचीत में कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद याद रखें, मुख्यमंत्री और वहां के विधायकों को भी दिल्ली आना है। इसे चेतावनी के रूप में लें।

    समाचार एजेंसी के मुताबिक दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा ने तल्ख लहजे में कहा कि एक चुनाव में जीत-हार होती है लेकिन हत्या नहीं। उन्होंने कहा कि टीएमसी के गुंडे बंगाल में जीत के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं।

    चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक हिंसा पर भाजपा सांसद प्रवेश सिंह वर्मा अपने बयान कहा है- मैं ममता बनर्जी से कहना चाहता हूं कि वे पश्चिम बंगाल में इस हिंसा को रोकें। जब अगर ऐसा ही बर्ताव उनके साथ यूपी, बिहार जाने पर हो तो टीएमसी नेताओं को कैसा लगेगा? मैं टीएमसी विधायकों और सांसदों को कहना चाहता हूं कि वे अपनी सीमा के भीतर रहें।

    यहां पर बता दें कि पश्चिम बंगाल में 2 मई तो मतगणना हुई थी, इसमें ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस  ने सभी राजनीतिक पंडितों के अनुमानों को ध्वस्त करते हुए 200 से अधिक सीटों पर कब्जा जमा लिया। यह अलग बात है कि खुद ममता बनर्जी नंदी ग्राम सीट गंवा बैठीं।

  • पूर्व सूचना के बगैर सरवई में लगातार बिजली की हो रही अघोषित कटौती

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    अनूप दुबे की रिपोर्ट

    छतरपुर/चंदला विधानसभा छेत्र के सरवई मे लगातार बिजली की अघोषित कटौती से जनता परेशान हो रही है , बिजली पावर हॉउस सरवई मे अधिकांश कर्मचारी लगे हुए है वो प्राईवेट कार्य कर रहे है । बिजली बिभाग के कर्मचारीयों द्वारा कुछ बंदे लगाकर आराम से नौकरी कर रहे है कभी भी सूत्रों के अनुसार बताया गया की लाइन मैन खम्भो मे चढ़कर कार्य नहीं किया है । कुछ प्राईवेट कर्मचारी लगा अनियमितता की जा रही है,पावर हॉउस मे उपस्थित संदीप से ज़ब दूरभाष के माध्यम से बिजली की कटौती को लेकर जानकारी ली गई तो नीबीखेड़ा, अजीतपुर आदि गाँवो मे देवीदीन पाल द्वारा कार्य करने की जानकारी दी,

    बता दे की ज़ब देवीदीन से संदीप के द्वारा बताये अनुसार पूछा गया तो उसने स्पष्ट मना कर दिया की यहा हमारे द्वारा कोई कार्य बिजली का नहीं किया जा रहा है पुनः एक बार संदीप जो की बिजली पावर हॉउस सरवई मे मौजूद था जानकारी दी गई की कोई कार्य नहीं चल रहा है तो उसने बोला कोई बात नहीं है । आखिर बिजली बिभाग के जिम्मेदार अधिकारी चाहते क्या है इन चंद लोगो से जनता का शोषण लगातार करबा कर , उच्चाधिकारियो को इन लगे हुए प्राईवेट चंद लोगो को हटाना होगा
    बिजली बिभाग की अनियमितता को संज्ञान मे लेते हुए कार्यवाही करना होगा , गुमराह कर रहे इन जय चंदो के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करे प्राशासन ।

  • राज्य सरकार ने कोरोना टीकाकरण को लेकर स्थानीय भाषा में प्रचार सामग्री तैयार किया है

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    बोकारो से संगीता की रिपोर्ट

    इधर, झारखंड सरकार ने कोरोना महामारी के प्रति जागरूकता लाने के लिए स्थानीय भाषा में प्रचार समाग्री तैयार किया है. ग्रामीण अंचलों में कोरोना को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां हैं. उसको दूर करने के लिए झारखंड सरकार ने यह कदम उठाया है. लोग कोरोना जांच करने से भी बच रहे हैं.सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्ष्ण के बाद भी पंरपरागत विधि से ही अपना उपचार करा रहे हैं.

    राज्य सरकार ने कोरोना टीकाकरण को लेकर स्थानीय भाषा में प्रचार सामग्री तैयार किया है. कोरोना टीकाकरण को लेकर, लोगों में जागरूकता लाने के लिए राज्य सरकार ने मुंडारी, संथाली, कुरुख, खड़िया एवं स्थानीय भाषाओं में प्रचार सामग्री तैयार किया गया है. जिसमें लोगों से अपील की गयी है कि कोरोना वायरस को मात देने के लिए टीकाकरण का हिस्सा बने

  • हाई कोर्ट ने राज्य की जेलों में बंद कैदियों को कोरोना संक्रमण काल के समय रिहाई को लेकर मांगा जवाब

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    नैनीताल : हाई कोर्ट ने राज्य की जेलों में बंद कैदियों को कोरोना संक्रमण काल के समय रिहाई करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने  राज्य सरकार व डीजीपी को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

    सोमवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हरिद्वार निवासी ओमवीर सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता का कहना है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने एक हाई पावर कमेटी गठित करने का आदेश जारी किया था। सभी सरकारों को निर्देश दिए थे कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान जेल में बंद उन कैदियों को जमानत या पैरोल पर रिहा किया जाए जिनके अभी कोर्ट में ट्रायल चल रहे हैं। या सजा के मामले विचाराधीन है।

    कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि प्रदेश में जेलों की क्या स्थिति है। जेल में क्षमता से अधिक कैदी तो नहीं रखे गए हैं। संक्रमण काल में कैदियों के लिए दवाइयों,वैक्सीन, ऑक्सीजन, समेत बेड की क्या व्यवस्था है।इन सभी पर विस्तृत रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर हाई कोर्ट में पेश की जाए।

  • दवाओं को मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी पर पुलिस की सख्ती व छापामारी पर मेडिकल स्टोर संचालक उतरे बचाव में

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    हल्द्वानी : दवाओं को मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी पर प्रशासन-पुलिस की सख्ती व छापामारी पर मेडिकल स्टोर संचालक बचाव में उतर आए हैं। उन्होंने थोक विक्रेताओं से ही महंगे दामों में दवाएं व मेडिकल उपकरण आने की जानकारी देकर इसकी जांच कराने की मांग की है। सोमवार को उन्होंने प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट रिचा सिंह से मिलकर ज्ञापन भी दिया।

    रविवार को प्रशासन, पुलिस व एसओजी की टीमों ने कई मेडिकल स्टोर से दवाएं व मेडिकल उपकरणों की खरीदारी कराने के बाद कालाबाजारी मिलने पर छापामारी की थी। इसके साथ ही दो दवा कारोबारियों पर कालाबाजारी अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, महामारी अधिनियम व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट रिचा सिंह से मिले दवा कारोबारियों ने कहा कि आक्सीमीटर, थर्मा मीटर, ग्लब्ज, सैनिटाइजर आदि मेडिकल उपकरण कोरोना काल के दौरान सामान्य दिनों से दो गुना दामों पर थोक विक्रेताओं से मिल रहे हैं। जिस कारण फुटकर दवा विक्रेताओं के लिए इनके दाम बढ़ाना मजबूरी हो गया है। प्रशासन को थोक में मिल रही दवाएं व मेडिकल उपकरणों की जांच भी करानी चाहिए। इसके साथ ही दवा के थोक विक्रेताओं से उचित दामों पर दवाएं व मेडिकल उपकरण दिलाने की मांग की।

    सिटी मजिस्ट्रेट के मिलने वालों में दीपक तिवाड़ी, अनुज भट्ट, प्रदीप जोशी, हरीश चंद्र पाठक, जगदीश पंत, जयदीप साहनी, लव बख्शी, गौरव आदि शामिल थे।

  • युवक ने हिन्दू देवी देवताओं पर अपशब्द लिख फेसबुक स्टोरी पर शेयर की वीडियो

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    पलवल से निकुंज गर्ग की रिपोर्ट

    पलवल:आजका युग पूर्णतः सोशल मीडिया का युग बन चुका है।लोग आजकल अपनी हर एक्टिविटी फेसबुक पर डालते है।मगर कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल भी करते हैं।किसी धर्म मजहब इत्यादि के खिलाफ अनर्गल अमर्यादित शब्दों का उपयोग करते हैं।कुछ ऐसा मामला प्रकाश में आया है पलवल में।यह जानकारी देते हुए राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेशाध्यक्ष मुनीष भारद्वाज ने बताया की उन्हें कल उनके साथी संजय ने एक वीडियो व्हाट्सएप पर शेयर की जिसमें एक युवक द्वारा फेसबुक स्टोरी पर एक आपत्तिजनक पोस्ट जिसमें माता सीता व श्री सालासर बाला जी मन्दिर पर बेहद आपत्तिजनक तथा अभद्र व अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया गया था को शेयर किया गया था।
    वीडियों में श्री सालासर बालाजी मन्दिर के बोर्ड पर एडिट कर सीता माता के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है।
    जो कि बेहद शर्मनाक है।
    और बिल्कुल भी बर्दाश के काबिल नहीं है।मुनीष भारद्वाज ने बताया की युवक की पहचान सोनू पुत्र रहीम खान निवासी ट्रैक्टर मार्किट रसूलपुर रोड पलवल के रूप में हुई है।
    मुनीष ने बताया की रष्ट्रीय बजरंग दल की ओर से थाना शहर पलवल एसएचओ को उस वीडियो की सीडी के साथ लिखित रूप में दरखास्त देकर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
    मुनीष ने कहा की अगर प्रशासन इस पर कार्यवाही नहीं करता है तो राष्ट्रीय बजरंग दल की ओर से की गई कार्यवाही का जिम्मेदार शासन व प्रशासन होगा।
    इस अवसर पर पूर्व पार्षद चन्दगी राम गुप्ता,एडवोकेट नन्दकिशोर बघेल,एडवोकेट विकास शर्मा,विक्रम सिंह सिसोदिया
    संजय शर्मा इंद्रसिंह,सुभाष गुप्ता इत्यादि उपस्तिथ थे।

  • चमोली की बिनसर पहाड़ी में बादल फटने से मची तबाही, मलबे में दबे कई घर, दुकानें और वाहन

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    देहरादून। हिमाचल प्रदेश के चंबा के बाद अब उत्तराखंड के चमोली जिले में भी बादल फटा है। इससे घाट बाजार में मलबा घरों और दुकानों में घुस गया। मलबा आते ही घाट बाजार में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासियों ने किसी तरह इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाई। सूचना के बाद राजस्व पुलिस, रेगुलर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर स्थानीय निवासियों के साथ घरों में फंसे दो बच्चों सहित चार लोगों को सुरक्षित निकाला। वहीं, केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड में बर्फबारी का दौर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिन देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है। वहीं, पर्वतीय इलाकों में आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम केंद्र के अनुसार, उत्तराखंड में शुक्रवार तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने के आसार हैं। वहीं, सीएम त्रिवेंद्र रावत ने घटना को लेकर जिलाधिकारी से बात की।

    चमोली जिले के घाट में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिलाधिकारी चमोली को फोन कर प्रभावितों तक तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित इलाज और बेघर हुए लोगों के भोजन व रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगो को हुऐ नुकसान का आकलन करते हुए प्रभावितों को अनुमन्य सहायता राशि अविलंब उपलब्ध कराई जाए।

    रुद्रप्रयाग केजखोली क्षेत्र में तिलवाड़ा-मयाली मोटर मार्ग पर स्थान बैनोली के निकट देर शाम गदेरे में अतिवृष्टि के कारण पांच आवासीय घरों में पानी और मलबा भर गया। खेत भी बह गए हैं। गांव की पेयजल लाईन भी क्षतिग्रस्त हुई है। अतिवृष्टि की सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी जखोली उपनिरीक्षक ललित मोहन भट्ट पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे हैं। इस घटना में जान-माल का नुकसान नहीं है। वहीं, तिलवाड़ा-मयाली मार्ग बाधित हो गया है, मलबा हटाया जा रहा है।

    दून और आसपास के इलाकों में भी मौसम ने रंग बदला। काले बादलों के डेरे के बीच तेज हवाएं चलीं और कई जगह बौछारें भी गिरीं। विकासनगर में अंधड़ के कारण पेड़ और विद्युत पोल गिरने की सूचना है। जबकि, मसूरी में करीब दो घंटे झमाझम बारिश से ठंड लौट आई है।

    कुमाऊं में भी बारिश आफत बनकर बरसी। अल्मोड़ा में तेज बारिश से जिला पंचायत के चौघानपाटा स्थित आवासीय परिसर की सुरक्षा दीवार ढह गई। इससे जिला पंचायत के भवन में रह रहे तीन परिवारों के 12 सदस्य करीब एक घंटे तक कमरों में कैद रहे। प्रशासन को सूचना देने के बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और सबको सुरक्षित निकाला। वहीं, बागेश्वर में पहाड़ी से आए मलबे से आरे, बालीघाट, दुगनाकुरी के होराली के पास घंटों  कपकोट मोटर मार्ग बंद रहा।

  • सूचना के आधार पर दुनन्दीबग पहुंची पुलिस हो रहा था सोशल डिस्टेंस धज्जियां। एक को किया गिरफ्तार

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    कोरोना काल में जहां एक तरफ लॉक डाउन है तो वही लोग सोशल डिस्टेंस का भी पालन नहीं कर रहे हैं इसी सूचना के आधार पर कल बोकारो सिटी थाना क्षेत्र स्थित सब्जी मंडी दून्दीबाग में सोमवार को सब्जी विक्रेता ने पुलिस पर जमकर पथराव किया इस हमले में एसआईट पुलिस पीकू कुमार सिंह की वर्दी फट गई हल्की चोटें भी आई पुलिस को सूचना मिली थी कि वहां काफी भीड़ भाड़ है और सोशल डिस्टेन्स का पालन नहीं हो रहा है पुलिस बाजार पहुंची और एक सब्जी विक्रेता को पकड़ कर थाना ले जाने लगी इसी दौरान बाकी की सब्जी विक्रेता भड़क गए और पुलिस पर हमला कर दिया इस मामले में एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया है घटना करीब 12:00 बजे की है घटना के बाद पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है पुलिस ने बाजार और सड़कों पर पैदल मार्च किया फिलहाल पुलिस मौके पर कैंप की गई है पुलिस के सीनियर अधिकारी भी पहुंचे वही होलसेल दुकान खोलने की इजाजत है पर खुदा दुकान खोल भीड़ जुटाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची दुकानदार को पुलिस थाना ले जा रही थी इसी दौरान पीछे से बाकी सब्जी विक्रेता ने पथराव कर दिया जिसके कारण एक एएसआई की छोटे भी लगे बताते चलें कि दुनन्दीबग सब्जी मंडी पूरे जिले में काफी प्रसिद्ध हैं बोकारो के हर एक कोने से यहां मंगलवार शनिवार और रविवार को सब्जी मंडी लगती है और बाहर से सब जिला के यहां खुदरा व्यापारी सब्जी लगा कर भेजते हैं आप पार्क के तकरीबन सभी लोग सब्जी की खरीदारी यहीं से करते हैं साथ ही दूसरे प्रखंड के सब्जी विक्रेता भी यहां से खरीदारी करते हैं इधर घटना के बाद दुकानदार ने बाजार की सारी दुकाने को बंद कर दी