Category: business

  • सिटी सेंटर में बढ़ा संक्रमण का खतरा

    [object Promise]

    बोकारो से संगीता की रिपोर्ट ।

    जिस कारण यह क्षेत्र कोविड संक्रमण का केंद्र बन गया है। इसके आस पास के इलाकों में कोरोना से कई लोग संक्रमित हो चुके है। यही नहीं उक्त मार्ग पर अब लोग आने जाने से भी कतराने लगे हैं।ऐसी स्थिति में उक्त स्थान का सेनेटाइजेशन भी नहीं हो रहा है और न ही सुरक्षा के संबंध में किसी प्रकार के कोई उपाय किए जा रहे हैं। जिसके कारण शहरवासियों में आक्रोश है। इस मामले पर सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार पाठक ने कहा मामला गंभीर है इसकी जांच की जाएगी।

  • लॉकडाउन के कारण साल 2020 के दौरान घरेलू बचत में दर्ज की गई बढ़त, जीडीपी की रही 22.5 फीसदी

    [object Promise]

    नई दिल्ली। कोरोना संकट के दौरान पिछले वर्ष घरेलू बचत में बड़ा उछाल देखा गया है। एक रिपोर्ट का कहना है कि पिछले वर्ष जब कोरोना की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन लगा था तब लोगों के सिर्फ जीवन की रक्षा नहीं हो रही थी, बल्कि उनकी बचत भी बढ़ रही थी।

    ब्रोकरेज संस्था मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का कहना है कि पिछले कैलेंडर वर्ष यानी जनवरी-दिसंबर, 2020 में देश की घरेलू बचत बढ़कर 22.5 फीसद हो गई, जो वर्ष 2019 में 19.8 फीसद थी। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि वैसे तो पिछले वर्ष अप्रैल-जून अवधि में भौतिक बचत गिरकर जीडीपी का 5.8 फीसद रह गई। लेकिन अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में यह कई वर्षो के उच्च स्तर के साथ 13.7 फीसद पर जा पहुंची।

    दूसरी तरफ, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष अप्रैल-जून तिमाही में देश की घरेलू गैर-वित्तीय बचत 21.4 फीसद रही। यह जुलाई-सितंबर तिमाही में गिरकर 10.4 फीसद और अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 8.4 फीसद रह गई। कोरोना से पहले की अवधि में यह सात-आठ फीसद रहा करती थी।

    आरबीआइ के आंकड़ों में यह भी कहा गया कि पिछले वर्ष अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में सकल वित्तीय बचत जीडीपी का 13.2 फीसद हिस्सा थी। इसी अवधि में सकल घरेलू वित्तीय देनदारी जीडीपी के 4.8 फीसद के बराबर पहुंच गई। पिछले पूरे दशक के दौरान देश की सकल वित्तीय बचत 10-12 फीसद रही थी। लिहाजा, पिछले वर्ष दिसंबर तिमाही का इसका 13.2 फीसद का आंकड़ा पूरे दशक के मुकाबले अधिक रहा।

    उल्लेखनीय है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में घरेलू बचत का पैमाना घरेलू आय और खपत में अंतर को माना जाता है। लेकिन भारत में इसके आकलन का तरीका परोक्ष है, जिसमें कई अन्य चीजें भी शामिल की जाती रही हैं।

  • कोरोना शवों को एंबुलेंस से पहुंचाता है श्मशान, सामने से निकली बारात तो करने लगा डांस

    [object Promise]

    हल्द्वानी : पिछले एक साल से मरीजों को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर छोड़ रहा हूं। मगर अब संक्रमण बढऩे की वजह से मौतों का सिलसिला बढ़ गया है। ऐसे हालात पहले नहीं देखे। मंगलवार के दिन 20 लोगों को गाड़ी से अस्पताल में शिफ्ट किया। इसके अलावा दस संक्रमित शवों को मोर्चरी से श्मशान घाट तक छोड़कर आया। मगर शाम को मोटाहल्दू से जिस युवक की बॉडी लेकर आया था। उसे भर्ती भी अपनी एंबुलेंस से किया था। जिसे स्वस्थ होने के लिए भर्ती कराया था उसका शव लाते वक्त दिमाग में कई सवाल गूंज रहे थे। दिमागी तनाव के बीच बारात देख पीपीई किट में ही नाचने लग गया।

    मूल रूप से गौलापार निवासी 35 वर्षीय एंबुलेंस चालक महेश पांडे वर्तमान में जेल रोड के पास रहता है। देवभूमि एंबुलेंस सेवा समिति के कोषाध्यक्ष महेश ने बताया कि एंबुलेंस चालक अपनी जान पर खेलकर मरीजों को इधर से उधर लेकर जाते हैं। तपती गर्मी में किट, मास्क, ग्लब्स व अन्य सेफ्टी उपकरण पहनना काफी मुश्किल होता है। लेकिन खुद को बचाने के लिए इनकी जरूरत है।

    महेश के मुताबिक पिछले लॉकडाउन के मुकाबले इस बार ज्यादा बड़ा संकट है। दिनभर संक्रमितों के बीच में रहने की वजह से डर तो काफी लगता है लेकिन इस दौर में लोगों को हमसें भी काफी उम्मीद है। एक मरीज को कई अस्पतालों में चक्कर लगाने के बाद बेड मिलता है। मंगलवार शाम साथियों संग मोटाहल्दू से उस युवक की बॉडी लेने गया था। एसटीएच के आगे बाकी लोग पीपीई किट उतारने में लगे थे। जबकि मेरे दिमाग में उस युवक का चेहरा तैर रहा था। जिसे मैं छोड़कर तो जिंदा आया था मगर अब वो इस दुनिया में नहीं रहा। तभी सामने बारात नजर आई और कुछ देर को दिमागी टेंशन को भूल मैं खुद ब खुद नाचने लगा।

  • पत्रकारों को कोरोना वॉरियर्स का दर्जा देने के लिए विधायक राजेश बबलू शुक्ला ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

    [object Promise]

    छतरपुर- बिजावर विधायक राजेश बबलू शुक्ला ने पत्रकारों के हित में उठाई आवाज, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा जिसमें उन्होंने कहा छतरपुर जिले सहित पूरे एमपी के पत्रकार साथी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से हो या प्रिंट मीडिया, कैमरामैन व प्रेस फोटोग्राफर इन सभी को कोरोना वॉरियर्स का दर्जा मिलना चाहिए क्योंकि यह सभी दिन-रात फील्ड में रहकर खतरों से जूझ रहे हैं, विधायक ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि पत्रकारों को कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना में शामिल किया जाए।

  • खुशी के चंद लम्हों बाद टूटा दुख का पहाड़… शादी के दूसरे दिन ही नवविवाहिता ने कर ली आत्महत्या… सदमे में दूल्हा

    [object Promise]

    जानकारी के अनुसार, दल्लीराजहरा के वार्ड क्रमांक 12 निवासी महेश निषाद के पुत्र अनिल निषाद का ब्याह ग्राम लौदी (जरहाटोला) के युवती उमेश्वरी निषाद से 28 अप्रैल को सामाजिक रीति रिवाजों के साथ हुई. उसके बाद दूल्हे के घर में भी दूसरे दिन रिसेप्शन का कार्यक्रम हुआ. पूरा परिवार नई बहू लाने की खुशियां मना ही रहे थे. दूल्हा महेश अपनी शादी के बाद गृहस्थ जीवन के सपने सजा रहा था. उसकी सारी खुशियां चंद घण्टों में मातम में बदल गई।

    जब उन्हें पता चला कि उनकी नई बहू ने सुबह नहाने के बाद अपने कमरे में जाकर फांसी के फंदे में झूल गई। पूरी घटना की जानकारी मिलते ही दल्लीराजहरा पुलिस जांच में जुट गई है. पुलिस पता करने की कोशिश कर रही है कि आखिर क्या कारण है कि शादी के 24 घंटे क भीतर उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठा लिया। बहरहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो पाएगा।

  • बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उच्च न्यायलय ने सरकार की तैयारियों पर तल्ख टिप्पणी की

    [object Promise]

    नैनीताल : प्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उच्च न्यायलय ने सरकार की तैयारियों पर तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि महामारी की भयावहता को देखते हुए सरकार की तैयारी पर्याप्त नहीं है। साथ ही कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक की जान बचाना सरकार का संवैधानिक व नैतिक दायित्व है। सरकार सब कुछ झोंककर लोगों की जान बचाये।

    कोर्ट ने इंजेक्शन की कालाबाजारी सख्ती से रोकने, क्यूआर कोड लगाने व कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कारवाई के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों की देखरेख के लिए आशा वर्कर की सेवाएं लेने को कहा है। देहरादून के जिलाधिकारी की ओर से जारी ऑक्सीजन सप्लायर की सूची के नंबरों पर कॉल करने पर ऑक्सीजन नहीं मिलने को बेहद गंभीर माना है। कोर्ट ने जिलाधिकारी को सूची अपडेट करने को कहा। कोर्ट ने सरकार, सचिव स्वास्थ्य व सचिव हेल्थ को सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं।

    कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि राजस्थान व तेलंगाना को तर्ज पर ऑनलाइन ऑक्सीजन सिलेंडर, फ्लो मीटर की सूचना सार्वजनिक करे और हर घंटे, दो घंटे में इसे अपडेट करे। कोर्ट ने राज्य सरकार को प्लाज्मा डोनेशन सेंटर की संख्या बढ़ाने, जिलाधिकारियों को प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रेरित करने का अभियान चलाने व ब्लड बैंक के माध्यम से प्लाज्मा डोनेशन के लिए लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देश को लेकर महाधिवक्ता से अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। सरकार को जारी दिशा निर्देशों के अनुपालन में उठाये कदमों के बारे में सात मई तक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए।

    बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कोरोना से संक्रमण व मौतों के बढ़ते मामलों का स्वतः संज्ञान लेते हुए अवकाश के दिन अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व सच्चिदानंद डबराल की जनहित याचिका पर अवकाश के दिन सुनवाई की। सुनवाई में स्वास्थ्य व वित्त सचिव अमित नेगी, सचिव उद्योग सचिन कुर्वे शामिल हुए।

    कोर्ट ने यह दिए निर्देश

    • एसओपी के अनुसार मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाय।

    • अस्थाई शवदाह गृह की संख्या बढ़ाई जाय और वहां पर्याप्त लकड़ी की व्यवस्था हो।

    • पहाड़ों में जहां नेट कनेक्टिविटी नहीं है, वहां के बुजुर्गों व लोगों के वैक्सिनेशन पंजीकरण के लिए वैकल्पिक इंतजाम हों।

    • बायो मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल में गाइड लाइन का पालन किया जाए।

    • जिलाधिकारी अपने जिले में गैर सरकारी संगठनों को इन्वॉल्व करें और उनकी जहां सेवा ली जा सकती है, ली जाए।

    • आयुष्मान, गोल्डन कार्ड व अन्य कार्ड निजी अस्पताल स्वीकार करें, इसकी पुख्ता व्यवस्था हो

    राज्य के करीब ढाई हजार डेंटल सर्जन की सेवाएं ली जाएं।

    • हल्द्वानी एसटीएच में अस्थाई कर्मियों को पीपीई किट के साथ ही अस्पताल के समीप ही आवासीय सुविधा दी जाए।

    • जिलास्तर पर नोडल अफसर की तैनाती व हेल्पलाइन नंबर जारी हो।

    सुनवाई हेतु 10 मई को होगी।

    • महामारी के मृतकों के शव ले जाने में ओवरचार्ज करने वाले एम्बुलेंस संचालकों पर कार्रवाई करें डीएम।

    • हल्द्वानी, देहरादून व हरिद्वार में प्रतिदिन 30 से 50 हजार टेस्ट हों।

  • घूरा उपार्जन केंद्र मे हो रही मनमानी वापिस जा रहे किसानों के लोड ट्रैक्टर

    [object Promise]

    छतरपुर-बमीठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत घूरा उपार्जन केन्द्रों में हो रही है मनमानी लौटए जा रहे किसानों के ट्रैक्टर किसानों ने बताया हमारा एसएमएस आने पर हम लोग ट्रैक्टर लेकर गए तो हमारा गेहूं खराब बताकर लौटा दिए गए ट्रैक्टर सेल्समेन की बड़ी मनमानी किसानों ने बताया कि किराए पर रूपये 4000 में ट्रैक्टर लेकर गए थे यहां सेल्समैन ने गेहूं खराब बताकर लौटा दिए ट्रैक्टर , किसानों ने कहा कि हम शिकायत कर देंगे आपकी तो सेल्समैन साहब बोले कि जिसको सुनाना हो सुना दो हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्यों हो रही है इतनी ज्यादा मनमानी क्यों लौटाए जा रहे गरीब किसानों के ट्रैक्टर किसान किराए पर लेकर आए थे ट्रैक्टर यहां सेल्समैन ने गेहूं को देखा भी नहीं और बोले आप के गेहूं सही नहीं हैं इसलिए आप घर पर ले जाओ किसानों ने खुद सुनाई आपबीती क्यों हो रही है मनमानी क्यों नहीं दे रहा शासन प्रशासन ध्यान क्यों चल रही है इतनी मनमानी कलेक्टर के आदेशों का क्यों नहीं हो रहा है पालन क्यों भटकाया जा रहा है किसानों को क्यों किया जाता है किसानों को परेशान क्यों नहीं कर रही शासन-प्रशासन ऐसे पदाधिकारियों पर कार्रवाई क्यों कर रहे हैं मनमानी क्यों हो रहा है गरीब किसानों के साथ अन्याय अब देखना यह है कब तक कार्यवाही करती है ।

  • 24 घंटे में रिकॉर्ड 122 मरीजों की मौत, 5654 नए संक्रमित मिले, एक्टिव केस 55 हजार पार

    [object Promise]

    देहरादून।उत्तराखंड में शुक्रवार को कोरोना संक्रमित 122 मरीजों की मौत हुई है। यह अब तक एक दिन में हुई सर्वाधिक मौत का आंकड़ा हैं, जबकि प्रदेशभर में 5654 लोग कोरोना संक्रमित भी मिले हैं। अब तक अप्रैल माह में 80110 लोग संक्रमित हो चुके हैं। यह अब तक आए कुल मामलों का करीब 44 फीसद है, जबकि इस दौरान 907 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस हिसाब से 35 फीसद मौत अप्रैल में हुई हैं।

    देहरादून शुक्रवार को पांच नए कंटेनमेंट जोन बनाए गए, जबकि संक्रमण की रोकथाम हो जाने पर तीन जोन समाप्त भी किए गए। अब जिले में 53 कंटेनमेंट जोन शेष हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक, श्यामपुर में गुड्डू प्लॉट, चंद्रेश्वर नगर ऋषिकेश में मंदिर मार्ग, चंद्रेश्वर नगर में दयानंद मार्ग, मसूरी में गणेश होटल व डोईवाला में ग्राम खत्ता में कंटेनमेंट जोन बनाए गए। इसके अलावा कोरोना संक्रमण की रोकथाम कर लिए जाने पर 625 सत्य विहार, 104 सालावाला व यूनिसन वल्र्ड स्कूल में बनाए गए कंटेनमेंट जोन समाप्त कर दिए गए।

  • शादी का झांसा देकर पुलिस कांस्टेबल ने कई बार किया रेप, गर्भपात भी कराया, व्हाट्सएप स्टेटस ने खोला राज

    [object Promise]

    देहरादून। अजबपुरकलां क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने पुलिस जवान पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए नेहरू कॉलोनी थाने में तहरीर दी है। युवती का आरोप है कि आरोपित शादी का झांसा देकर उसके साथ पांच साल तक दुष्कर्म करता रहा। इस बीच उसने दो बार उसका गर्भपात भी कराया। इंस्पेक्टर राकेश गुसाईं ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।

    युवती का आरोप है कि एक कांस्टेबल से उसकी मुलाकात दिसंबर 2016 के दौरान हुई थी। इसी दौरान कांस्टेबल ने उसे रेलवे स्टेशन के निकट मुलाकात करने के लिए बुलाया और होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब युवती ने यह बात सबको बताने को कही तो कांस्टेबल ने रोने का नाटक करते हुए युवती को शादी का झांसा दिया और उसकी मांग में सिंदूर भर दिया।

    इसके बाद फिर से होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ समय बाद युवती को पता लगा कि वह गर्भवती हो गई तो उसने यह बात कांस्टेबल को बताई। मार्च 2018 को कांस्टेबल युवती को हरिद्वार के एक अस्पताल में ले गया और जबरन उसका गर्भपात कराया। 2020 में फिर कांस्टेबल ने युवती को करनपुर स्थित अपने कमरे में बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद वह दोबारा गर्भवती हो गई।

    इसके बाद कांस्टेबल एक युवती को अपने साथ लाया और दबाव बनाकर धर्मपुर स्थित एक अस्पताल में ले जाकर दोबारा गर्भपात करवाया। कुछ समय पहले युवती ने कांस्टेबल के भाई व बहन के वाट्सएप स्टेटस देखे। जिससे पता लगा कि कांस्टेबल ने किसी अन्य युवती के साथ शादी कर ली है। अब कांस्टेबल धमकी दे रहा है कि यह बात किसी को बताई तो वह जान से मार देगा।

  • प्राइवेट स्कूलों नए सत्र 2021 -22 में 15 से 20 परसेंट स्कूल में की गयी फ़ीस में बढ़ोतरी अभिभावक ने कहाँ

    [object Promise]

    जहां एक तरफ करोना संक्रमण से पूरा शहर डरा हुआ है ऐसे में जिले के प्राइवेट स्कूल पर की फीस जमा करने के लिए अभिभावक पर दबाव बना रहे हैं गत वर्ष के लॉकडाउन लगाने के बाद दोबारा इस वर्ष भी लॉकडाउन से अभिभावक के समक्ष परेशानी है वहीं दूसरी ओर कई निजी स्कूल ने इस सत्र 2021 22 में 15 से 20 परसेंट तक ट्यूशन फी में बढ़ोतरी कर दी है जबकि इस लॉकडाउन से पहले ही गतिविधियां बढ़ी हुई है ऐसे में स्कूलों की तरफ से फोन या मैसेज से अभिभावक परेशान है कई स्कूलों में तो अभिभावक को फोन करके ऑनलाइन क्लास से हटाने की धमकी भी दी जा रही है बार-बार अभिभावकों के मोबाइल पर मैसेज भेज कर फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं कल स्कूल नहीं बंद स्कूलों का भी पूरी फीस जमा करने के लिए संदेश भेजना शुरू कर दिया है वहीं बोकारो के डीएवी पब्लिक स्कूल मैं तो अभिभावक को ठीक है साहब री एडमिशन और डेवलपमेंट चार्ज जिसे कहा जाता है पूरा मांगा जा रहा है आपको बताते जाएं कि फी के सिलसिले में बोकारो के डीएवी स्कूल में अभिभावक और प्रिंसिपल के साथ झड़प भी हो चुकी है स्कूल की फीस को लेकर अभिभावक का कहना है कि निजी स्कूल की ओर से ऑनलाइन क्लासेज के नाम पर पीस तो मांगी जा रही है लेकिन ऑनलाइन क्लास के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है स्कूल तो बच्चे को 20 मिनट भी नहीं पढ़ा रहे हैं इस्लाम दान के दौरान भी स्कूल प्रबंधक ने 20 परसेंट ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी कर अभिभावक की कमर तोड़ दी है जबकि स्कूल की ओर से बच्चों को ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है इस कारण स्कूल प्रबंधन को ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी नहीं करनी चाहिए थी वही 11 की एडमिशन को लेकर प्राइवेट स्कूल मोटी रकम वसूल रहे हैं