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  • अंतिम कुंभ स्नान के दिन विशेष तिलकों से सजेंगी तीनों बैरागी आणियां

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    हरिद्वार। चैत्र पूर्णिमा पर मंगलवार को होने वाले कुंभ के अंतिम शाही स्नान की तैयारी पूरी कर ली गई है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए संतों ने भरोसा दिलाया है कि शाही स्नान में प्रत्येक अखाड़े से अधिकतम 100 संत ही भाग लेंगे। इसके अलावा जुलूस में भी संख्या सीमित रखी जाएगी। वाहनों की संख्या भी कम रहेगी।

    पुलिस महानिरीक्षक (मेला) संजय गुंज्याल ने शाही स्नान को लेकर मेला अधिष्ठान और पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रिसिंग कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। गुंज्याल ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने विभिन्न अखाड़ों के पदाधिकारियों के साथ शाही स्नान की व्यवस्था को लेकर चर्चा की थी। संतों ने उन्हें भरोसा दिया है कि स्नान के दौरान कोविड गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। स्नान के दौरान मास्क और शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाएगा।

    मेला आइजी ने कहा कि शाही स्नान जुलूस के समय राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात डायवर्ट किया जाएगा। इसके अलावा हरकी पैड़ी को भी सुबह सात बजे के बजाय थोड़ा विलंब से आम श्रद्धालुओं के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। आम श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी के अतिरिक्त अपर रोड व अन्य बाजारों में आने जाने की छूट रहेगी।  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद शाही स्नान के लिए स्नान का क्रम पहले ही निर्धारित कर चुका है। यह क्रम पिछले शाही स्नान की तरह ही रहेगा।

    इसके तहत सबसे पहले श्री निरंजनी अखाड़ा, आनंद अखाड़े के साथ स्नान करेगा। इसके बाद जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़े की बारी है। तीसरे क्रम पर महानिर्वाणी अखाड़ा, अटल अखाड़ा के साथ स्नान करेगा। संन्यासी अखाड़ों के स्नान  के बाद तीनों बैरागी अणियां और उनके अखाड़े स्नान करेंगे। बैरागी अणियों के बाद दोनों उदासीन अखाड़ा और सबसे अंत में निर्मल अखाड़ा स्नान करेगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से नाराज चल रहे बैरागी अखाड़ों ने भी इस स्नान क्रम पर सहमति जताई है।

  • लॉकडॉउन संकट के बीच ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता मनरेगा

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    जागेशवर प्रसाद वर्मा कि रिपोर्ट

    शासन के द्वारा कोरोना के लिये जारी गाईडलाईन का पालन करते हुए एवं सुरक्षात्मक उपायो के साथ मनरेगा के कार्य को पुनः प्रारम्भ करने का निर्देश दिये है। जिससे इस महामारी काल मे ग्राम स्तर पर श्रमिको को रोजगार प्राप्त होगा और आजीविका के मार्ग प्रशस्त हों। इस सम्बंध में कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने जिला पंचायत के अधिकारियों को निर्देश भी दिए है। उन्होंने जिले में कोविड-19 के सम्बन्ध मे जारी गाइडलाईन का पालन करते हुए एवं आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों के मनरेगा के कार्य प्रारंभ करनें कहा है। इस सम्बंध में प्रभारी जिला पंचायत सीईओ हरिशंकर चौहान ने बताया कि वर्तमान समय में जिलें के पंजीकृत 42 हजार 240 श्रमिको को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा हैं।

    जिसमें जनपद पंचायत बालौदाबाजार के अंतर्गत 3,631भाटापारा 3318,बिलाईगढ़ 18,260,कसडोल 15,638,पलारी 922 एवं 524 सिमगा मे श्रमिक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आगें बताया की इस कार्य से गरीब तबके के परिवारॊ को गाँव मे ही रोजगार उपलब्ध होगा जिनसे उनके आर्थिक स्तर मे सुधार होगा। साथ ही ग्राम पंचायत के श्रमिकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से भी अपील किया गया हैं,कि आवश्यक सुरक्षात्मक उपायो के साथ कार्य का माँग करने वालॊ को रोजगार मुहैया कराये जाये। इस सम्बंध में जिला पंचायत सीईओ ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारी के साथ-साथ रोजगार सहायक,सचिव, तकनीकी सहायक को अलग से निर्देशित किया गया है। सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा के के साहू ने बताया कि कार्य के दौरान कोविड गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना सुनिश्चित है। इसके लिए एक अलग से टीम बनाकर सतत निगरानी रखी जा रहीं है। कार्यस्थलों में मास्क की अनिवार्यता, सेनेटाइजर अथवा साबुन पानी से हाथ धोने की व्यवस्था भी रखी जा रहीं है।साथ ही सभी श्रमिकों का टीकाकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा हैं। बचें हुए 45 वर्ष से अधिक पात्रधारी हितग्राहियों को कोरोना वैक्सिनेशन करवाने के लिए रोजगार सहायकों एवं सचिवों के माध्यम से प्रेरित किए जा रहें है।

  • Maruti Suzuki Q4 का शुद्ध लाभ 6% गिरकर 1,241 करोड़ रुपये हो गया

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    नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुती सुजुकी इंडिया (MSI) ने मंगलवार को पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही का परिणाम जारी कर दिया है। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 31 मार्च को समाप्त हुई तिमाही में 6.14 फीसद की गिरावट के साथ 1241.1 करोड़ रुपये रहा है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी को एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 1,322.3 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। कंपनी ने एक नियामकीय फाइलिंग के दौरान यह जानकारी दी।

    हालांकि, उत्पादों की बिक्री से राजस्व 22,959.8 करोड़ रुपये रहा है। यह इससे पहले 17,187.3 करोड़ रुपये का रहा था। इस तरह इसमें 33.58 फीसद की बढ़ोत्तरी हुई है।

    कंपनी ने बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कुल 4,92,235 वाहनों की बिक्री की। यह आंकड़ा एक साल पहले की समान अवधि से 27.8 फीसद अधिक है। कंपनी ने घरेलू बाजार में  4,56,707 यूनिट्स की बिक्री की है। इस तरह इसमें 26.7 फीसद की वृद्धि हुई है। वहीं, 35,528 यूनिट्स का निर्यात हुआ है।

    वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 22.69 फीसद की गिरावट के साथ 4,389.1 करोड़ रुपये रहा है। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में 5,677.6 करोड़ रुपये रहा था। साथ ही उत्पादों की बिक्री से प्राप्त राजस्व वित्त वर्ष 2020 के 71,704.8 करोड़ रुपये की तुलना में गिरकर  66,571.8 करोड़ रुपये रहा है।

    कंपनी ने बताया कि सालभर के वित्तीय प्रदर्शन और अनिश्चित कारोबारी माहौल को देखते हुए कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 45 रुपये प्रति शेयर (पांच रुपये प्रति शेयर की फेस वैल्यू) के डिविडेंड की सिफारिश की है।

  • कोरोना की स्थिति को देखते हुए डायल 112 की 20-20 गाडिय़ों को सभी जिलों में लगाया जाएगा

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    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के सभी जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए ठोस कदम उठा रही है। राज्य को इस समय 270 एमटी ऑक्सीजन की आवश्यकता है, जबकि केन्द्र से अभी हरियाणा को 162 एमटी ऑक्सीजन मिल रही है। इसको बढ़ाकर 270 एमटी करने के लिए केन्द्र सरकार से आग्रह किया है । इसके साथ ही राज्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी बड़े उद्योगों को औद्योगिक ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में बदलने के निर्देश दिए गए हैं।
    श्री विज ने कहा कि राज्य में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी को दूर करने के लिए उद्योगों को अपने सिलेंडर संबंधित उपायुक्तों के पास जमा करवाने होंगे अन्यथा उनका अधिग्रहण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही ऑक्सीजन के टैंकर और वितरण प्रक्रिया पर पुलिस का पहरा रहेगा। उन्होंने राज्य के सभी निजी एवं सरकारी अस्पतालों को अपना ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऑक्सीजन की कमी से बचा जा सके।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्तों को अपने जिलों में अतिरिक्त बैड्स की व्यवस्था करने को कहा गया है। इसके लिए वैंकेटहॉल, स्कूल, धर्मशालाओं का उपयोग तथा सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोविड की जानकारी रखने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों का स्थानीय टीवी चैनल व केबल नेटवर्क पर 15-20 मिनट का कार्यक्रम पर दिखाया जाएगा। इसमें कोरोना के मरीजों को कोविड प्रॉटोकॉल व सावधानियों के बारे में तथा चिकित्सकों को उपचार के लिए सही प्रक्रिया अपनाने संबंधी जानकारी देेंगे।
    इस दौरान मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन तथा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डीएस ढेसी ने भी प्रदेश के ताजा हालातों की जानकारी दी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं समिति के सदस्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग श्री आलोक निगम, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पीके दास, पुलिस महानिदेशक श्री मनोज यादव, सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, एचएमएससीएल के प्रबन्ध निदेशक श्री साकेत कुमार, एमडी एनएचएम श्री प्रभजोत सिंह, डीएमईआर शालीन सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

  • आंखों में बिना ऑक्सीजन तड़प रहे मरीजों के चहरे और लाइन पर सामने था सिग्नल, जानिए क्यों भावुक हुए लोको पायलेट राम

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    लखनऊ। वैसे तो एक ट्रेन के लोको पायलट के साथ कई जिंदगी जुड़ी रहती हैं। लेकिन जब मुझे वाराणसी से लखनऊ तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाने का आदेश मिला तो लगा आज अपने कर्तव्य निर्वहन का सही समय आ गया। वाराणसी से निकले और रास्ते भर नजर सिग्नल पर थी, लेकिन आंखों में वो मंजर घूम रहा था, जहां लोग बिना ऑक्सीजन तड़पते हुए नजर आ रहे थे। एक बेचैनी थी जो लखनऊ आकर दूर हुई। सोमवार की सुबह बोकारो से चार लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंकर लेकर एक और ऑक्सीजन एक्सप्रेस लखनऊ पहुंची। इस ट्रेन को वाराणसी से लोको पायलट संजय राम लेकर आये। लखनऊ आते ही संजय राम भावुक हो गए।

    वाराणसी लॉबी के सुपरफास्ट मेल लोको पायलट संजय राम का चयन वर्ष 2005 में रेलवे भर्ती बोर्ड चंडीगढ़ से हुआ था। पिछले 16 साल में राजधानी एक्सप्रेस को भी संजय राम ने चलाया। पिछले कुछ महीने से वह बेगमपुरा जैसी सुपरफास्ट ट्रेन चला रहे हैं। संजय राम बताते हैं कि उनको रविवार को ऑक्सीजन एक्सप्रेस को वाराणसी से लखनऊ ले जाने का आदेश मिला। रात 12:30 बजे वाराणसी डीजल लॉबी में रिपोर्ट किया और कम्प्यूटर मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) में साइन ऑन किया। रात 12:55 बजे चार हजार हॉर्स पॉवर वाले डब्लूडीजी4डी श्रेणी के डीजल लोको इंजन नंबर 70644 से हम रात 1:02 बजे लखनऊ की ओर चल दिये।

    ऑक्सीजन एक्सप्रेस में मेरे साथ सहायक लोको पायलट कन्हैया पांडेय और लोको इंस्पेक्टर शिव मणि राम भी थे। लोको इंस्पेक्टर शिवमणि राम ने वाराणसी से सुल्तानपुर और सुल्तानपुर से लखनऊ तक मुर्मुर ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस को एस्कॉर्ट किया। संजय राम बताते है कि वैसे तो हर ट्रेन में लोको पायलटों के साथ सैकड़ो जिंदगी जुड़ी रहती है। लेकिन मुझे ये महसूस हुआ कि हजारों जिंदगी के लिए संजीवनी लाने का काम रेलवे ने इस राम को दिया। हम भी पूरी तरह मुस्तैद थे। हर आने वाले सिग्नल को देखकर स्पीड को बनाये रखकर आगे बढ़ते गए। इस रैक को अधिकतम 65 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलाया जा सकता था, रास्ते भर कही भी हमको नही रोका गया। यही कारण है कि रात 1:02  बजे वाराणसी से निकलने पर ऑक्सीजन एक्सप्रेस रात 3:33 बजे सुलतानपुर से गुजरते हुए सुबह 6:43 बजे लखनऊ आ गई।

  • प्रदेश के चार जिलों कांगड़ा, सोलन, सिरमौर व ऊना में आज रात से नाइट कफ्यू लागू

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    धर्मशाला। प्रदेश के चार जिलों कांगड़ा, सोलन, सिरमौर व ऊना में आज रात से नाइट कफ्यू लागू होगा। इसके साथ ही अन्य राज्यों से आने वाले नागरिकों को ई-पास पोर्टल पर पंजीकरण करवाना जरूरी होगा। बिना पंजीकरण आने वाले लोगों को बैरियर पर ही पंजीकरण के बाद प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट भी दिखानी होगी, रिपोर्ट न हाेने की सूरत में घर पर आइसोलेट होना होगा।

    पंजाब की सीमा से सटे कंडवाल बैरियर पर प्रवेश करने वाले लोगों की मॉनिटरिंग के लिए गत मध्य रात्रि से पुलिस तथा प्रशासन द्वारा  नाका स्थापित कर दिया गया है। नाके पर निगरानी के लिए टीमें गठित की गई है जो ज़िला की सीमा में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति पर विशेष निगरानी रखेंगी। एसडीएम नूरपुर ने बताया बाहरी राज्यों से ज़िला में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति को कोविड ई-पास सॉफ्टवेयर पर अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि ज़िला में प्रतिदिन रात्रि 10 बजे से सुबह पांच 5 बजे तक लागू नाईट कर्फ्यू  के दौरान बॉर्डर पर सामान्य आवाजाही बन्द रहेगी, जबकि आवश्यक सेवाएं यथावत जारी रहेंगी।उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति  हॉटस्पॉट एरिया से ज़िला की सीमा में प्रवेश करता है और उसके पास 72 घंटे पहले की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट है तो उसे क्वारंटीन होने में छूट रहेगी।

    हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सक्रिय मामले 14 हजार के पार हो गए हैं। प्रदेश में कुल एक्टिव केस 14326 हाे गए हैं। प्रदेश में 1350 कोरोना संक्रमित मरीजों की जान गई है। अब तक 89 हजार लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आज दोपहर नेरचौक मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लेंगे। बताया जा रहा है मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कोरोना संक्रमित मरीजों से मिल सकते हैं। बीते 24 घंटे में 1692 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 916 लोग स्वस्थ हुए हैं। 29 मरीजों की मौत हुई है। नेरचौक मेडिकल काॅलेज में रात को हमीरपुर की 67 वर्षीय महिला की मौत हो गयी।

    सभी लोग टीकाकरण के लिए आगे आएं 

    जल शक्ति एवं बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कोरोना संक्रमण से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण है। पात्र लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए किसी प्रकार का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। तुरंत नजदीक के टीकाकरण केंद्र पर जाकर पंजीकरण करवाने के बाद कोरोना वैक्सीन लगवानी चाहिए। यदि लोग कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहना चाहते हैं तो उन्हें टीका लगाने के लिए आगे आना चाहिए। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से बचने का एकमात्र उपाय वैक्सीन लगवाना ही है।

  • प्राइवेट संस्थान में काम करने वाले कर्मियों को सीएम योगी का तोहफा, कोराना संक्रमित होने पर मिलेगा 28 दिन का वेतन व अवकाश

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    लखनऊ। देश के साथ ही उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के दिन पर दिन बढ़ते संक्रमण से लोग सहमे से हैं। इनके बीच उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ी राहत दी है। सरकारी कर्मचारी के अलावा अब कोरोना वायरस से संक्रमित प्रदेश के किसी भी प्राइवेट संस्थान में काम करने वाले कर्मी का वेतन नहीं कटेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सोमवार को इसका आदेश जारी कर दिया है।

    उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सोमवार को आदेश जारी किया गया है कि कोविड संक्रमित होने पर प्राइवेट कर्मचारियों को 28 दिन का वेतन सहित अवकाश मिलेगा। इसके लिए कर्मचारी को चिकित्सा प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। इस संबंध में सूबे के अपर मुख्य सचिव श्रम ने सभी ज़िलाधिकारियों, मंडलयुक्तों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि सरकार द्वारा बन्द कराये गये प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी मजदूरी सहित अवकाश देना अनिवार्य है। आदेश में यह भी कहा गया है कि दुकानें और कारखाने राज्य सरकार या जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों के चलते अस्थाई रूप से बंद हैं, उनके कर्मचारियों को भी को भी मजदूरी सहित अवकाश दिया जाएगा। इस दौरान लॉकडाउन में भी सरकार के बंद कराए गए सभी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी इस अवधि में मजदूरी सहित अवकाश देना अनिवार्य कर दिया है।

    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के आदेश के मुताबिक कोविड संक्रमित होने पर सरकारी के साथ अब प्राइवेट कर्मचारियों को 28 दिनों की पेड लीव मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश जार कर दिया है। अगर महीने भर का लॉकडाउन होता है तो कर्मचारी को सैलरी के साथ 28 दिन की छुट्टी भी मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश यूपी सरकार ने प्राइवेट कर्मचारियों के लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश 20 मार्च 2021 को जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने महामारी अधिनियम 1897 के तहत कोविड को महामारी घोषित किया है।  उत्तर प्रदेश यूपी सरकार ने प्राइवेट कर्मचारियों के लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश 20 मार्च 2021 को जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने महामारी अधिनियम 1897 के तहत कोविड को महामारी घोषित किया है।

  • जांजगीर चाम्पा जिले के पत्रकार ने लिखा पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को लिखा पत्र

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    रितेश साहू की रिपोर्ट

    छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी की दूसरी लहर कहर बरपा रही है, जहां पर रोजाना अब हजारों मरीज सामने आ रहे हैं। इसके अलावा मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। जिस पर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है ।

    वहीं छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना कहर को लेकर जांजगीर जिले के एक पत्रकार मुस्ताक कुरैशी ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर व राज्यसभा सांसद सचिन तेंदुलकर को चिट्ठी लिखी है एवम मेल किया है । जिसमें मुस्ताक कुरैशी ने छत्तीसगढ़ में कराए गए रोड सेफ्टी वर्ल्ड क्रिकेट सीरीज के आयोजन के कारणों का हवाला देते सचिन तेंदुलकर से प्रदेश वासियों की मदद के लिए उनको आगे आने की अपील की है , चिट्ठी में लिखा है की “प्रदेश में हुए रोड सेफ्टी वर्ल्ड क्रिकेट सीरीज में कोरोना गाइडलाइन का उलंघन करते हुए पचास प्रतिशत से अधिक टिकटों की बिक्री कर दी गई जिस कारण स्टेडियम में भारी भीड़ इकठ्ठा हो गई एवम कोरोना के फैलने की रफ्तार बड़ गई जिस का विपरीत परिणाम आज छत्तीसगढ़ वासियों को भुगतना पड़ रहा है , इसलिए रोड सेफ्टी वर्ल्ड क्रिकेट सीरीज के टिकटों , प्रसारण , विज्ञापन एवम अन्य संसाधनों से जो लाभ प्राप्त हुआ है उसका अंश छत्तीसगढ़ के लोगों के स्वास्थ्य सुविधाओं आक्सीजन, दवाइयों अन्य जरूरी मेडिकल सामानों हेतु खर्च करते हुए अपने देश के हीरो एवम भारत रत्न होने का परिचय देने की अपील की है ।

  • आरबीआई ने बैंकों, एनबीएफसी के लिए सांविधिक लेखा परीक्षकों की नियुक्ति के दिशानिर्देश जारी किए

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    मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) में स्टैचुटरी ऑडिटर्स (वैधानिक लेखा परीक्षकों) की नियुक्ति के लेकर मंगलवार को दिशा-निर्देश जारी किए। रिजर्व बैंक ने कहा कि ‘कॉमर्शियल बैंक (RRBs को छोड़कर), UCBs और NBFCs (HFCs सहित) के वैधानिक केंद्रीय लेखा परीक्षकों (SCAs)/ वैधानिक लेखा परीक्षकों (SAs) से संबंधित दिशा-निर्देश’ वित्त वर्ष 2021-22 से प्रभावी होंगे। केंद्रीय बैंक ने साथ ही स्पष्ट किया है कि 1,000 करोड़ रुपये के एसेट साइज वाले ऐसे NBFCs, जो जमा नहीं स्वीकार करते हैं, मौजूदा प्रक्रिया को अपनाना जारी रख सकते हैं।

    रिजर्व बैंक ने कहा है, ”दिशा-निर्देशों में SCAs/SAs की नियुक्ति, ऑडिटर्स की संख्या, कार्यकाल की अवधि, रोटेशन इत्यादि को लेकर जरूरी इंस्ट्रक्शन दिए गए हैं।”

    केंद्रीय बैंक ने कहा है कि लेखा-परीक्षकों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

    ये दिशा-निर्देश 2021-22 से पहली बार शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) और NBFCs के लिए लागू हो रहे हैं। ऐसे में UCBs और NBFCs को चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही से इन दिशा-निर्देशों को लागू करने की छूट होगी। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि किसी तरह का अवरोध उत्पन्न ना हो।

    बैंकों और शहरी सहकारी बैंकों को SCAs/SAs की नियुक्ति या पुनर्नियुक्ति के लिए सलाना आधार पर रिजर्व बैंक की मंजूरी लेनी होगी। नए दिशा-निर्देशों में ऐसा कहा गया है।

    इससे पहले सोमवार को केंद्रीय बैंक ने प्राइवेट बैंकों के एमडी, सीईओ और पूर्णकालिक निदेशकों की आयुसीमा और कार्यकाल के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। केंद्रीय बैंक के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति लगातार 15 साल से अधिक समय तक प्रबंध निदेशक (MD), सीईओ (CEO) और पूर्णकालिक निदेशक के पद पर नहीं रह सकता है।

    इसके साथ ही प्राइवेट बैंकों के एमडी या सीईओ 70 साल की आयु के होने के बाद अपने पदों पर बने हुए नहीं रह सकते हैं। RBI के मुताबिक प्राइवेट बैंक के चेयरमैन और नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के लिए 75 साल की अधिकतम उम्र सीमा निर्धारित की गई है।

  • सीएम योगी का बड़ा फैसला, गंभीर कोरोना मरीजों ओ मुफ्त मिलेगा रेमडेसिविर इंजेक्शन

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    लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे स्ट्रेन में मची अफरा-तफरी के बीच में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद संयम से काम ले रहे हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित मुख्यमंत्री ने मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति पटरी पर लाने के बाद अब बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एलान किया है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से गंभीर रूप से पीड़ित लोगों को सरकार मुफ्त में रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराएगी, जिससे वह शीघ्र ही स्वस्थ हो सकें।

    कोरोना संक्रमित उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए मुख्यमंत्री की मंगलवार को एक घोषणा बेहद मंगलकारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार सभी सरकारी अस्पतालों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की व्यवस्था कर रही है। यहां पर इलाज करा रहे लोगों को इंजेक्शन मुफ्त मे दिया जाएगा। हालांकि, प्रदेश के निजी अस्पतालों को कंपनियों और बाजार से ही रेमडेसिविर खरीदना होगा।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सभी सरकारी और साथ ही राज्य के निजी अस्पतालों में सरकारी अस्पताल से रेफर होने के बाद भर्ती कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को नि:शुल्क रेमडेसिविर इंजेक्शन देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी निजी अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है और वहां पर उपचार करा रहे संक्रमित की जीवन रक्षा के लिए बहुत जरूरी है, तो वहां के जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को उस अस्पताल को रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया है कि डिमांड के अनुसार, विभिन्न जिलों को पर्याप्त मात्रा में रेमडेसिविर उपलब्ध कराए जाएं। यदि आवश्यक हो, तो निजी अस्पतालों को भी निर्धारित दरों पर रेमडेसिविर प्रदान कराएं।

    प्रदेश का चिकित्सा विभाग अभी रोज जिलों में पांच से छह हजार वॉयल रेमडेसिविर इंजेक्शन रोज उपलब्ध करा रहा है। इसका वितरण महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण, और उत्तर प्रदेश चिकित्सा आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से हो रहा है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में इंजेक्शन की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध करा दें, जिससे कि यहां पर इलाज करा रहे लोगों को इसका लाभ मिले। उन्होंने यह भी कह कि सरकारी अस्पताल में भर्ती लोगों को इंजेक्शन रेमडेसिविर मुफ्त में दिया जाए। राजधानी लखनऊ के साथ ही प्रदेश के हर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में इंजेक्शन रेमडेसिविर को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। यदि बहुत आवश्यक हो, तो निजी अस्पतालों को भी निर्धारित दरों पर इंजेक्शन रेमडेसिविर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।