Category: business

  • उत्तर प्रदेश से आकर मध्यप्रदेश मे गाँजा बेच रहे युवकों को मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी ने पकड़े

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    छतरपुर-गोयरा थाना अंतर्गत ग्राम बछेराखेड़ा मे गाँजा बेच रहे युवकों को थाना प्रभारी द्वारा मुखबिर की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंच कर धर दबोचा
    बता दे की जिला छतरपुर मध्यप्रदेश के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा द्वारा अपराधिक व्यक्तियों पर शिकंजा कसने एवं मादक पदार्थ की तस्करी रोकने हेतु संपूर्ण जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है दिनांक 21/04/2021 को मुखबिर से सूचना पर दो लड़के विनोद कुमार निसाद एवं जागेश्वर निसाद निवासी शहबाजपुर थाना नरैनी जिला बाँदा उ. प्र. के ग्राम बछेराखेड़ा में एक बैग में गांजा लिए बेचने की फिराख में घूम रहे है उक्त सूचना से थाना प्रभारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियो को अवगत कराया गया एवं श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय छतरपुर सचिन शर्मा के निर्देशन में, एसडीओपी लवकुशनगर पीएल प्रजापति के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गोयरा उप निरी. बृजेन्द्र कुमार चाचोंदिया द्वारा कार्यवाही करते हुए ग्राम बछेरा खेड़ा पुलिस बल के साथ दबिश देकर दो गांजा तस्कर आरोपी विनोद कुमार निसाद पिता स्व.श्यामलाल निसाद उम्र 20 साल निवासी शहवाजपुर, एवं जागेश्वर निसाद पिता अच्छेलाल निसाद उम्र 20 साल निवासी ग्राम शहवाजपुर थाना नरैनी जिला बाँदा उ.प्र. को गिरफ्तार किया गया है जिनके कब्जे से मादक पदार्थ 850 ग्राम सूखा गांजा , एक हीरो होंडा स्प्लेंडर मोटर साइकिल एवं एक एमआई कंपनी का मोबाइल जप्त किया गया है व आरोपियो के विरुद्ध थाना गोयरा मे एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबध्य किया गया है आरोपियो को आज दिनांक 22/04/2021 को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहाँ से आरोपियों को जेल भेजा गया है थाना प्रभारी गोयरा बृजेन्द्र कुमार चाचोंदिया,जीवन प्रजापति, महेंद्र सिंह , सूर्यप्रकाश बाजपेयी, कमल सिंह, आशीष सिंह, प्रदीप यादव, अमित शर्मा सराहनीय योगदान रहा

  • छात्रा निधि की गला रेत कर हत्या करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दोनों फरार आरोपितों को किया गिरफ्तार, जानिए क्या थी हत्या की वजह

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    रुड़की। हरिद्वार जिले की गंंगनहर कोतवाली के कृष्णा नगर में घर में घुसकर छात्रा निधि की गला रेत कर हत्या करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दोनों फरार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात को अंजाम देने वाले एक आरोपित को पुलिस घटना के दिन ही गिरफ्तार कर चुकी है।

    गंगनहर कोतवाली में पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसपी देहात परमेंद्र डोभाल ने बताया कि मुख्य आरोपित हैदर अली के दोनों फरार साथी आरिफ उर्फ रिहान निवासी शाहपुर और शारिक निवासी शाहपुर को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपितों का चालान कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

    मुख्य आरोपित हैदर अली निधि को पिछले तीन साल से जानता था। युवती उससे से पीछा छुड़ाना चाहती थी। इसी के चलते हैदर अली ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पेपर कटर से युवती की गला रेत कर हत्या कर दी।

  • धौली गंगा कैचमेंट क्षेत्र में जो तबाही हुई, उसकी वजह बना है रिमखिम नाले से हुआ हिमस्खलन, कई एवलॉन्च शूट मौजूद

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    देहरादून। चमोली जिले के धौली गंगा कैचमेंट क्षेत्र में जो तबाही हुई, उसकी वजह बना है रिमखिम नाले का एवलॉन्च शूट। इसी नाले से भारी मात्रा में बर्फ के बड़े-बड़े टुकड़े टूटकर अपर सुमना क्षेत्र में जा गिरे। सुमना क्षेत्र में जहां आइटीबीपी व बीआरओ का कैंप है, वहां खतरा बरकरार है, क्योंकि इस क्षेत्र में रिमखिम नाले के साथ कियोगाड का एवलॉन्च शूट (जहां से हिमस्खलन की घटना होती है) भी है। उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) ने सेटेलाइट चित्रों के अध्ययन ने सुमना क्षेत्र की स्थिति का आकलन किया।

    यूसैक निदेशक डॉ. एमपीएस बिष्ट के मुताबिक यह पूरा कैचमेंट क्षेत्र धौली गंगा नदी है। प्राकृतिक आपदा के लिहाज से दशकों से यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील बना है। इसकी वजह है जलवायु परिवर्तन। क्योंकि एक समय में यह पूरा इलाका रेन शेडो जोन कहलाता था। यहां बारिश ना के बराबर होती थी। जिसके चलते इस क्षेत्र में ग्लेशियर नहीं हैं। हालांकि, अब यहां बारिश होने लगी तो रिमखिम नाले, कियोगाड आदि क्षेत्र में बर्फ जमा होने लगी। जब बर्फ भारी मात्रा में जमा होती है और उसके बाद तेज धूम पड़ती है तो एवलॉन्च (हिमस्खलन) की घटना होती रहती है। इसके चलते यहां एक्टिव एवलॉन्च जोन हैं। शुक्रवार रात की घटना भी ऐसे ही एवलॉन्च शूट की देन है। यूसैक निदेशक डॉ. बिष्ट का कहना है कि इस तरह की पर्यावरणीय घटनाओं को रोका नहीं जाता सकता, लेकिन इस तरह के संवेदनशील क्षेत्रों पर निरंतर निगरानी की जरूरत है।

    यूसैक निदेशक डॉ. एमपीएस बिष्ट ने बताया कि लास्ट ग्लेशियल मैग्जमा के दौर में जब ग्लेशियर पीछे खिसके, तब वह अपने पीछे भारी मात्रा में मलबा छोड़ गए। जोशीमठ से सुमना तक इस तरह के मलबे के दर्जनों प्रमाण हैं। मलबे का क्षेत्र 200 मीटर तक फैला है। ऐसे में प्राकृतिक आपदा के दौरान यह मलबा भारी तबाही का कारण बन सकता है। लिहाजा, उत्तराखंड में इस तरह का संस्थान होना जरूरी है, जो सिर्फ ग्लेशियरों पर अध्ययन के लिए समर्पित हो।

    यूसैक निदेशक डॉ. बिष्ट के मुताबिक धौली गंगा चार अलग-अलग नदी/गाड से मिलकर बनी हैं। इसमें गणेश गंगा, घ्रिती गंगा, रिमखम नाला व कियोगाड का पानी आती है। इनका संगम सुमना व मलारी के बीच है और इसके बाद नदी धौली गंगा बन जाती है। इस पूरे क्षेत्र को धौलीगंगा कैचमेंट भी कहा जाता है।

    सबसे गंभीर बात यह कि सभी नदी क्षेत्र में एवलॉन्च जोन हैं और इनके चलते कई भी कृत्रिम झील का निर्माण हो सकता है या भारी मलबा बहकर निचले क्षेत्रों में जा सकता है। धौली गंगा आगे जाकर ऋषि गंगा से मिलकर विष्णुगाड बनती है और फिर अलकनंदा। देवप्रयाग में अलकनंदा नदी भागीरथी से मिलकर गंगा बन जाती है।

  • पुलिस ने एंबुलेंस मालिकों और चालकों को मनमाना किराया वसूलने पर कार्रवाई की दी चेतावनी

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    ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश के बाहर एंबुलेंस का मरीजों व तीमारदारों से मनमाना किराया वसूले जाने के ऑडियो इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहे हैं। कोतवाली पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस ने एंबुलेंस मालिकों और चालकों को मनमाना किराया वसूलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

    इंटरनेट मीडिया पर एम्स के बाहर एंबुलेंस चालक से बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एम्स से श्मशान घाट तक शव ले जाने के लिए तीन हजार रुपये मांगे जा रहे है। जबकि एम्स से श्मसान घाट की दूरी करीब आठ किमी है। इसके लिए करीब 1000 किराया तय है।

    वहीं एक अन्य मामले में नरेंद्रनगर से ऋषिकेश तक कोविड मरीज को ले जाने का आठ हजार रुपये किराया बता दिया गया। यह वाकया पुलिसकर्मी के साथ हुआ। पुलिसकर्मी ने यूनियन कार्यालय की जगह सीधे एंबुलेंस स्वामी से बात की तो ढाई हजार में बात बन गई।

    कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि इन सब सूचनाओं का संज्ञान लेते हुए पुलिस की टीम को एम्स के समीप एंबुलेंस पार्किंग में भेजा गया। एंबुलेंस मालिकों और चालकों को कड़ी हिदायत दे दी गई है कि मरीजों व तीमारदारों से वाजिब किराया वसूलें। यदि मजबूरी का फायदा उठा कर मनमाना किराया वसूलने की शिकायत संज्ञान में आती है तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

  • सिर्फ आज के दिन प्रवासियों के पास घर पहुंचने का मौका, हल्द्वानी से दिल्ली सिर्फ चार बस रवाना, आज के बाद लॉकडाउन

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    हल्द्वानी : रविवार को कफ्र्यू के बीच रोडवेज बसों का संचालन होने के बावजूद ज्यादा बसों का संचालन नहीं हो सका। हल्द्वानी से दिल्ली सिर्फ चार बसों को रवाना किया गया। जिनमें करीब 60 यात्री सवार होकर गए थे। वहीं, हल्द्वानी डिपो की जौरासी व रीठा साहिब जाने वाली गाड़ी बस अड्डे पर यात्रियों का घंटों इंतजार करने के बाद लौट गई। वहीं, सिर्फ आज के दिन प्रवासियों को घर पहुंचने का मौका मिलेगा। क्योंकि, 27 अप्रैल से लॉकडाउन लगने पर आवागमन में लोगों को संकट का सामना करना पड़ेगा।

    रविवार को रोडवेज को उम्मीद थी कि दिल्ली व गाजियाबाद आदि शहरों में रहने वाले लोग घर लौटेंगे। लेकिन वापसी की गाडिय़ों में सन्नाटा पसरा रहा। जिस वजह से बरेली से नैनीताल जाने वाली बस सिर्फ हल्द्वानी तक ही आई। वहीं, देहरादून रूट की तीन गाड़ी भी बस स्टेशन से खाली डिपो में लौट आई। सुबह के वक्त पिथौरागढ़ व दूनागिरी की बस सवारी लेकर निकली थी। रोडवेज अफसरों का कहना है कि कोरोना संक्रमण की वजह से लोगों ने बसों से सफर करना न के बराबर कर दिया है। जिस वजह से यात्रियों का संकट खड़ा हो गया था।

    मंगलवार से एक सप्ताह के लिए लॉकडाउन लग रहा। ऐसे में रोडवेज, केमू व टैक्सी स्टेशन पर आज पहाड़ जाने वाले यात्रियों की भीड़ उमडऩे की पूरी संभावना है। वहीं, हल्द्वानी में रहने वाले प्रवासी बरेली, लखनऊ आदि जगहों यानी घरों के लिए रवाना हो सकते हैं।

  • UP के 20 जिलों में तीसरे चरण का मतदान आज, साढ़े तीन लाख उम्मीदवार मैदान में

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गांव की सरकार चुनने के लिए तीसरे चरण के मतदान में सोमवार को 20 जिलों के मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए वोटिंग कर रहे हैं। कई जगह पर मतदान संवेदनशील होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत कर दी गई है। इसी बीच रविवार रात ही मेरठ में काफी बवाल हो गया है। 15 अप्रैल को संपन्न हुए पहले चरण के चुनाव में 71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था जबकि 19 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के चुनाव में 73 प्रतिशत मतदान हुआ।

    प्रदेश के बीस जिलों में सात बजे से 30571613 मतदाता 49789 मतदान केंद्र पर आज अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। यह लोग 748 जिला पंचायत सदस्य, 18530 क्षेत्र पंचायत सदस्यों, 14379 ग्राम प्रधान व 180473 ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए मैदान में उतरे प्रत्याशियों के भाग्य विधाता बनेंगे। मतदान सुबह सात बजे से शुरू हो गया है, जो कि शाम छह बजे तक चलेगा। 11 घंटे तक होने वाले मतदान में कोरोना संक्रमित को भी वोटिंग करने का मौका दिया जा रहा है। राज्‍य निर्वाचन आयोग के आयुक्त मनोज कुमार ने सभी संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों सहित निर्वाचन से जुड़े सभी अफसरों को निर्देश दिया है कि ऐसी बेहतर व्यवस्था कराई जाए कि किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान की स्थिति न बने।

    भीषण गर्मी तथा भीड़ से बचने के लिए लोग सुबह से ही मतदान केंद्रों में जुट गए हैं। प्रदेश में आज अमेठी, उन्नाव, औरय्या, कानपुर देहात, कासगंज, चन्दौली, जालौन, देवरिया, पीलीभीत, फतेहपुर, फिरोजाबाद, बलरामपुर, बलिया, बाराबंकी, मेरठ, मुरादाबाद, मिर्जापुर, शामली, सिद्धार्थनगर और हमीरपुर जिलों में मतदान हो रहा है।

    मुरादाबाद में 2437 मतदेय स्थलों पर मतदान: पीतलनगरी मुरादाबाद तो प्रदेश के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह का गृह जनपद भी है। यहां पर आज 2437 मतदेय स्थलों पर कड़ी सुरक्षा में मतदान शुरू हो गया है। यहां के कुल 1468329 मतदाता गांव की सरकार चुनने के लिए मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 8311 पदों के लिए कुल 19704 प्रत्याशी मैदान में हैं।

    मुरादाबाद के आठ ब्लाकों की 643 ग्राम पंचायतों में कुल 1468329 मतदाता जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए मतदान करेंगे। 1742 ग्राम पंचायत सदस्य और 12 बीडीसी निॢवरोध हो गए हैं। अब सभी पदों के लिए 19704 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदाता इन्हीं के भाग्य पर फैसला करेंगे। जिले में 598 मतदान केंद्रों को सामान्य श्रेणी में रखा गया है। 118 मतदान केंद्र संवेदनशील और 82 अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। इन केंद्रों की वीडियोग्राफी होगी। इस बार मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जिले में 95958 हजार युवा वोटरों के नाम मतदाता सूचियों में दर्ज हुए हैं। यही वोटर पंचायत चुनाव में मुख्य निर्णायक की भूमिका में रहेंगे। आयोग ने कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराते हुए चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं। दो मई को मतणगना के दिन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।

    मतदान केंद्रों पर कड़ा सुरक्षा घेरा: तीसरे चरण के मतदान के दौरान पुलिस का कड़ा पहरा है। प्रत्याशियों से लेकर उनके खास समर्थकों पर सीधी नजर रखी जा रही है। इस दौरान सभी पुलिसकर्मियों को कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने का कड़ा निर्देश भी दिया गया है। फीरोजाबाद, कासगंज, फतेहपुर, हमीरपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, देवरिया, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, कानपुर देहात, औरैया, जालौन, उन्नाव, बाराबंकी, अमेठी, मेरठ, शामली, चंदौली, बलिया व मीरजापुर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। इन जिलों के 20727 मतदान केंद्रों के 49798 मतदेय स्थलों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त है।

    प्रदेश के एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि तीसरे चरण के मतदान के लिए 509 निरीक्षक, 7600 उपनिरीक्षक, 15736 मुख्य आरक्षी, 56251 आरक्षी, 66444 होमगार्ड, 2473 पीआरडी जवान व 6282 रिक्रूट आरक्षी मुस्तैद हैं। इसके अलावा 55 कंपनी व दो प्लाटून पीएसी व दस कंपनी सीएपीएफ के जवान भी संवेदनशील क्षेत्रों में मुस्तैद है। प्रदेश में सात मार्च से विशेष अभियान के तहत पुलिस कार्रवाई की जा रही है, जिससे पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। अब तक 2613 अवैध असलहों के साथ ही प्रदेश में 171 अवैध शस्त्र फैक्ट्रियां पकड़ी गईं। इसी दौरान अवैध शराब के कारोबार में लिप्त 20 हजार से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले चुनाव के दौरान हुई घटनाओं के 5140 आरोपितों की निगरानी भी की जा रही है। पंचायत चुनाव में लाइसेंसी शस्त्रों के दुरूपयोग की आशंका के चलते अब तक सूबे मेंं 7.28 लाख से अधिक लाइसेंसी शस्त्र जमा कराए जा चुके हैं।

  • किश्तवाड़ के छातरु से हथियार बरामद, पुलिस-सेना का तलाशी अभियान जारी

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    जम्मू । जम्मू एवं कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पहाड़ी इलाकों से सोमवार को सेना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने हथियार और गोला-बारूद बरामद किया।

    एक रक्षा बयान में कहा गया, “सेना और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने कल किश्तवाड़ जिले के छतरू वन क्षेत्र में एक तलाशी अभियान शुरू किया।”

    टीम ने दो पिस्तौल, गोला बारूद और अन्य युद्ध जैसे सामग्री बरामद की।

    “छतरू जंगल दक्षिण कश्मीर और किश्तवाड़ के बीच आतंकवादियों के बीच ज्ञात मार्ग है। इन दुर्गम इलाकों का इस्तेमाल शांति की दिशा में अग्रसर सुरक्षा प्रतिष्ठानों को अस्थिर करने के लिए किया जाता है।”

    “किश्तवाड़ में तैनात अन्य सुरक्षा बलों के साथ सेना और स्थानीय पुलिस ने हाल के महीनों में आतंकवादियों और उनके कुछ समर्थकों के नापाक मंसूबों को विफल करने के लिए आईईडी, विस्फोटक, हथियार और गोला-बारूद बरामद किए हैं।”

  • रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते 04 आरोपी गिरफ्तार

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    रेशम वर्मा

    जिस पर राहुल गोयदानी द्वारा टीम के सदस्य को थाना मौदहापारा क्षेत्र मंे इंजेक्शन देने हेतु बुलाया गया। जिस पर सायबर सेल की टीम द्वारा आरोपी को पकड़ने हेतु ट्रैप पार्टी लगाया गया तथा टीम का एक सदस्य जिससे सौदा तय हुआ था, रूपये लेकर राहुल गोयदानी से इंजेक्शन क्रय कर रहा था इसी दौरान टीम के अन्य सदस्यों द्वारा आरोपी राहुल गोयदानी को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते रंगे हाथ पकड़ा गया। टीम के सदस्यों द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपने अन्य साथी आयुष माहेश्वरी, कमलेश रतलानी एवं सुमित कुमार मोटवानी के साथ मिलकर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुये 01 नग इंजेक्शन को 25,000/- रूपये में बिक्री करना बताया गया।

    जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में संलिप्त आरोपी आयुष माहेश्वरी, कमलेश रतलानी एवं सुमित कुमार मोटवानी को पकड़ा गया तथा सायबर सेल की टीम द्वारा औषधि विभाग की टीम को बुलाकर आरोपियों की निशानदेही पर उनके कब्जे से 07 नग रेमडेसिविर इंजेक्शन, नगदी 1,38,000/- रूपये एवं 05 नग मोबाईल फोन जप्त कराया गया। जिस पर औषधि विभाग की टीम द्वारा आरोपियों के विरूद्ध औषधि अधिनियम के तहत् कार्यवाही करने के साथ ही पुलिस द्वारा आरोपियों के विरूद्ध थाना मौदहापारा में पृथक से प्रतिबंधात्मक धाराओ के तहत् भी कार्यवाही किया गया.

  • BJP विधायक संगीत सोम कोरोना पॉजिटिव, बेटा और बेटी भी संक्रमित, किया होम क्वारंटाइन

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लखनऊ के बाद मेरठ और बरेली में भी कोरोना वायरस का संक्रमण जमकर कहर बरपा रहा है। इसकी चपेट में आम लोगों के साथ बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि भी आ रहे हैं। मेरठ के चर्चित विधायक संगीत सोम और दिनेश खटिक भी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। उधर बरेली कैंट से विधायक पूर्व वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल अपने जिले में हालत खराब होते देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किया है।

    मेरठ के सरधना से विधायक संगीत सोम भी कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में उनके परिवार में पहले बेटी और बाद में बेटे के संक्रमित होने से होम आइसोलेशन में जाने वाले संगीत सोम भी रविवार को इसकी चपेट में आ गए। भाजपा के सरधना से विधायक संगीत सोम और उनके बेटे तेजस कोरोना संक्रमित हो गए है। रविवार को दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शनिवार को विधायक ने कोरोना के लक्षण दिखाई देने की बात कहते हुए खुद को होम आइसोलेट कर लिया था। उन्हेंं शनिवार से तेज बुखार है। विधायक के अनुसार उनकी बेटी भी कोरोना संक्रमित हो गई है। पिछले दिनों वह दो दिन तक विधायक के साथ मेरठ में ही रही थी। विधायक पंचायत चुनाव के चलते क्षेत्र में लोगों के बीच सक्रिय थे। वह लगातार रोड शो और नुक्कड़ सभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनके संपर्क में जो भी लोग आए हैं, वह सभी लोग भी कोरोना की जांच करा लें।

    मेरठ के हस्तिनापुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक दिनेश खटिक भी कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं। वह बीते दिनों पंचायत चुनाव में काफी जनसंपर्क तथा नुक्कड़ सभा कर रहे थे। विधायक दिनेश खटीक के साथ उनके परिवार के चार लोग भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से वह परिवार के साथ होम आइसोलेट हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से भी कोरोना का टेस्ट कराने को कहा है।

    मेरठ में कोरोना वायरस का कहर काफी तेज होने के दौरान अस्पतालों में बेड के साथ ही मेडिकल ऑक्सीजन की काफी कमी है। जिला प्रशासन का दावा है कि सोमवार को यहां पर बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध होगी।

    बरेली में भी हालात बेहद खराब: झुमका की नगरी बरेली भी इन दिनों कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रही है। बिथरी चैनपुर से भाजपा विधायक राजेश मिश्रा के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने यहां की हालत पर चिंता जताई है।

    कोरोना वायरस संक्रमण के पहले चरण में चपेट में आए कैंट विधायक राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है कि बरेली को कम न आंका जाए। बरेली में हालात लखनऊ व गोरखपुर जैसे ही हैं। यहां पर रोजाना 25 से 30 टन ऑक्सीजन की जरूरत है। कोरोना वायरस के बढ़ते कहर को देखते हुए बरेली मिलिट्री हॉस्पिटल को भी कोविड हॉस्पिटल बना दें।

  • 18-45 उम्र वर्ग के लिए 30 लाख कोविडशील्ड की खुराकों का पंजाब सरकार ने दिया ऑर्डर

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    चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने रविवार को स्वास्थ्य विभाग को 18-45 आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए 30 लाख कोविशील्ड खुराक का ऑर्डर देने का निर्देश दिया, जिसमें सीएम कोविड राहत कोष का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने विभाग को तुरंत सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के साथ 30 लाख खुराक के लिए ऑर्डर देने को कहा, ताकि आपूर्ति जल्द से जल्द शुरू हो सके, भले ही केंद्र सरकार द्वारा वैक्सीन की डिलीवरी के लिए दी गई जानकारी के अनुसार, 15 मई से पहले 18-45 आयु वर्ग के लिए अपेक्षित नहीं है।

    सरकारी अस्पतालों में गरीबों का मुफ्त टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए, अमरिंदर सिंह ने कहा कि सीएम कोविद राहत कोष के अलावा, सीएसआर निधियों का भी दोहन करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि ईएसआईसी को इस योजना में शामिल किए गए औद्योगिक श्रमिकों के टीकाकरण का समर्थन करने के लिए कहा जाना चाहिए, और निर्माण श्रमिकों के लिए निर्माण श्रमिकों के कल्याण बोर्ड को जोड़ा गया।

    टीकाकरण की रणनीति की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने 29 अप्रैल तक अपनी पहली रिपोर्ट में 18-45 वर्ष समूह (उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में कमजोर समूह) की प्राथमिकता के लिए रणनीति प्रस्तुत करने के लिए गगनदीप कांग के नेतृत्व वाले विशेषज्ञ समूह से अनुरोध किया।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 18-45 आयु वर्ग के टीकाकरण की रणनीति का अनुसरण करते हुए, राज्य सरकार 45 से अधिक आयु वर्ग के टीकाकरण पर कोई समझौता नहीं करेगी।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार एस्ट्राजेनेका (भारत) से संपर्क करने पर विचार करेगी, ताकि पंजाब सरकार को वैश्विक समुदाय के लिए उपलब्ध 162 रुपये प्रति डोज कम कीमत का लाभ उठाने की अनुमति मिल सके।

    राज्य को अब तक कोविशिल्ड की 29,36,770 खुराक (एएफएमएस और केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा श्रमिकों के लिए 3.5 लाख खुराक सहित) और कोवैक्सीन की 3.34 लाख खुराक प्राप्त हुई है।