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  • खतरों के खिलाड़ी हमारे कोरोना वारियर्स

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    मनोज देश के लाखों कोरोना वारियर्स की तरह अपनी सेवा प्रथम पंक्ति में दे रहे हैं। मई जून की गर्मी में पीपीई किट पहन के गाँव- गाँव घूम कर क्वांरेंटाइन सेंटर पर लोगों का सैंपल लेना, साथ ही देर रात्रि रेलवे स्टेशन पर प्रवासियों को लेकर आती गाडी से उतरे नागरिकों की जांच में मनोज लगे रहे। मनोज मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। गत वर्ष जिस समय देश में कोरोना की लहर तेज होनी शुरू हुई उन्होनेे अपने कार्य और संक्रमण के खतरे को देखते हुए अपनी गर्भवती पत्नी को घर भेज दिया और खुद जुट गए कर्तव्य पालन में।

    गत वर्ष अप्रैल में मनोज के घर में एक नए मेहमान के रूप में बेटे का आगमन हुआ । अपने कर्तव्यों के निर्वहन को समर्पित मनोज अपने नवजात शिशु से अच्छे से मिल भी न सके। अक्टूबर 2020 में मनोज स्वयं कोरोना पॉजिटिव हो गए लेकिन वृद्ध माता पिता और घर के लोगों की घबराहट को ध्यान में रख उन्होने यह बात पत्नी के अतिरिक्त घर में किसी को नहीं बताया 14 दिन घर पर रहे और ठीक होकर पुनः अपने काम पर लग गए । इस पेशे में खतरे की जब बात कही जाती है तब मनोज स्वयं को “खतरों का खिलाड़ी” कह कर जोर से हंस पड़ते हैं और उठ के पीपीई किट पहनने चल देते हैं। मनोज उन्हीं प्रथम पंक्ति कोरोना वारियर्स में से एक हैं जो निष्काम कर्म में लगे हुए हैं। हम सभी को मनोज पर गर्व है। सलाम है

  • कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन लगाए बिना कर दिए गए अधिकतर प्रतिबंध लागू

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    देहरादून। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन लगाए बिना अधिकतर प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। शासन के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए बाजार के समय व रात्रि कर्फ्यू के संशोधित आदेश जारी कर दिए गए हैं। नई व्यवस्था बुधवार से ही लागू कर दी गई है और अब बाजार सिर्फ दोपहर दो बजे तक खुल रहे हैं, जबकि रात्रि कर्फ्यू रात सात बजे से लागू हो चुका है।

    जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के आदेश के मुताबिक, सिर्फ आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाकी प्रतिष्ठान दोपहर दो बजे तक खुलेंगे। इसके बाद रात्रि कर्फ्यू तक फल-सब्जी, डेयरी व गैस आपूर्ति के प्रतिष्ठान शाम सात बजे तक खोले जा सकेंगे। हालांकि, पेट्रोल/डीजल पंप व दवा की दुकानों को रात्रि कर्फ्यू से छूट रहेगी। इनके वाहनों का भी पूरे समय संचालन किया जा सकेगा। इसके अलावा टिफिन सर्विस की होम डिलीवरी को भी रात्रि कर्फ्यू छूट दी गई है। आदेश में टिफिन सेवा का ही जिक्र है, लिहाजा कई रेस्तरां भी खुद को छूट के दायरे में मान रहे थे, मगर सात बजते ही पुलिस ने उन्हें बंद करा दिया।

    साप्ताहिक कर्फ्यू का आदेश बरकरार

    देहरादून नगर निगम समेत क्लेमेनटाउन व कैंट बोर्ड क्षेत्र में शनिवार व रविवार को पूरे समय साप्ताहिक कोविड कर्फ्यू का आदेश यथावत रखा गया है। इस दौरान उन्हीं प्रतिष्ठानों को छूट रहेगी, जिन्हें रात्रि कर्फ्यू में छूट दी गई है।

    रात्रि व साप्ताहिक कर्फ्यू में इन्हें भी छूट

    • हवाई जहाज, ट्रेन, बस से बाहर से आने वाले यात्रियों को छूट रहेगी।
    •  सार्वजनिक हित के निर्माण जारी रहेंगे, इनसे संबंधित श्रमिकों, ठेकेदार, कार्मिकों व वाहनों को भी छूट रहेगी।
    • औद्योगिक प्रतिष्ठान खुले रहेंगे और इनके कार्मिक भी संबंधित रूट पर आवाजाही कर सकेंगे। ऐसे कार्मिकों को आइकार्ड साथ रखना होगा।
    • मालवाहक वाहनों का आवागमन व माल की लोडिंग-अनलोडिंग प्रतिबंध से बाहर रहेगी।
    • विवाह समारोह और संबंधित विवाह स्थल जैसे-वेडिंग प्वाइंट, होटल, सामुदायिक भवनों पर प्रतिबंध नहीं होगा और समारोह में शामिल होने वाले व्यक्तियों व वाहनों को भी छूट रहेगी।

    यह प्रतिष्ठान बंद और इन पर 50 फीसद क्षमता लागू

    • सार्वजनिक वाहन (बस, बिक्रम, ऑटो भी) 50 फीसद यात्री क्षमता के साथ संचालित होंगे।
    • सिनेमाघर व रेस्तरां 50 फीसद क्षमता के साथ संचालित होंगे।
    • जिम/फिटनेस सेंटर, स्पा व स्वीमिंग पूल पूरी तरह बंद रहेंगे।
    • अग्रिम आदेश तक सभी शिक्षण संस्थान बेसिक, जूनियर, इंटरमीडिएट, बोर्डिंग, डिग्री कॉलेज, पॉलीटेक्निक, आइटीआइ, कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा सकेंगी।
    • सभी धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक व विवाह आयोजनों में व्यक्तियों की संख्या 100 से अधिक नहीं होगी।

    बाहर से आने वालों को कराना होगा पंजीकरण

    जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक, जो व्यक्ति बाहर से दून आ रहे हैं, उन्हें स्मार्ट सिटी कंपनी के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। साथ ही कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी। जो भी व्यक्ति दून आएंगे, उन्हें एक सप्ताह सेल्फ क्वारंटाइन में रहना होगा। यदि इस बीच उनमें किसी तरह के लक्षण नजर आते हैं तो स्वास्थ्य विभाग को उसकी जानकारी देनी होगी।

  • प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए खोले गए 20 कंट्रोल रूम, वाट्सएप या फोन करके बताई जा सकेगी समस्या

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    नई दिल्ली। कोरोना की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में लॉकडाउन व कर्फ्यू की स्थिति को देखते हुए फिर से प्रवासी श्रमिकों में भगदड़ है। इसे देखते हुए केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए 20 कंट्रोल रूम बनाए हैं। प्रवासी श्रमिक इन केंद्रों से संपर्क कर अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं।

    संबंधित राज्य सरकार की मदद से श्रम मंत्रालय का यह कंट्रोल रूम श्रमिकों की समस्या का निवारण कराएगा। प्रवासी श्रमिक ई-मेल, वाट्सएप या मोबाइल फोन के जरिये अपनी समस्या कंट्रोल रूम से साझा कर सकते हैं।

    श्रम मंत्रालय के मुताबिक, ये कंट्रोल रूम अहमदाबाद, अजमेर, आसनसोल, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, कोच्चि, देहरादून, दिल्ली, धनबाद, गुवाहाटी, हैदराबाद, जबलपुर, कानपुर,कोलकाता, मुंबई, नागपुर,पटना व रायपुर स्थापित किए गए हैं।

    कई राज्यों में लॉकडाउन जैसी स्थिति को देखते हुए प्रवासी श्रमिक फिर से अपने मूल राज्यों की ओर लौटने लगे हैं। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में प्रवासी श्रमिक कई प्रकार से प्रभावित होते हैं और उनकी सभी समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जाएगी। मुख्य श्रम आयुक्त सभी 20 कंट्रोल रूम की निगरानी करेंगे।

    कोरोना महामारी की दूसरी लहर अत्यधिक गंभीर होती जा रही है। देश में पहली बार 2.94 लाख नए मामले सामने आए हैं और दो हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हालात बेहद चिंताजनक होते जा रहे हैं। महाराष्ट्र और दिल्ली में रिकार्ड मौतें हुई हैं। सक्रिय मामलों का आंकड़ा भी 21 लाख को पार कर गया है।

    राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मंगलवार देर रात तक मिले आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे के दौरान 2,94,115 नए मामले मिले हैं, 1,66,520 मरीज ठीक हुए हैं और 2,020 लोगों की मौत हुई है, जिसमें महाराष्ट्र में सबसे अधिक 519, दिल्ली में 277, छत्तीसग़़ढ में 191, उत्तर प्रदेश में 162, कर्नाटक में 149, गुजरात में 121 और मध्य प्रदेश में 77 मौतें शामिल हैं।

  • जरा हटके, जरा बचके, करोना कॉल में विद्युत विभाग में हो रही अधिकारियों की मनमानी

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    निखिल कश्यप की रिपोर्ट

    शासन कह रही है, बुजुर्ग व्यक्ति घर मे रहे और बुजुर्गों का हो रहा ट्रांसफर, क्या ट्रांसफर होने से कोरोना नही फैलेगा ?

    छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी का विस्फोटक चरम सीमा पर और विद्युत विभाग के अधिकारी कर रहे अपनी मनमानी

    अभी विद्युत विभाग में अधिकारी कर्मचारी का प्रमोशन हुआ है, प्रमोशन के नाम से अधिकारी अपनी मनमाने तरीके से ट्रांसफर करने में लग गए है, एक जिला के कर्मचारी अधिकारी को दूसरे जिला भेजा जा रहा है, जबकि जिस कर्मचारी का प्रमोशन जिस आफिस से हुआ है वहाँ भी वो पोस्ट खाली है जिस पोस्ट में कर्मचारी प्रमोशन हो कर जा रहे है, ऐसे में छत्तीसगढ़ शासन,सरकार,
    का नियम व क़ानून आम जनता के लिए हैं या कानून सबके लिए बराबर है यह संदेह के घेरे में है, केंद्र सरकार, लॉक डाउन का नियमों से पालन करें, जान है, तो जहान है, कह रही है ।

    छत्तीसगढ़ में प्रमोशन के नाम पर ट्रांसफर जारी हो रहा है, जो सरकार और विद्युत विभाग के अधिकारियों को संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर रही है ।

    ऐसे समय में, विद्युत अधिकारी की लापरवाही से छत्तीसगढ़ शासन प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं । कहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल जी, पर कई सवाल,उठ रहे हैं ।
    वहीं छत्तीसगढ़ में धारा 144 लागू है।

    शासन प्रशासन के कई कर्मचारी जिसमे हॉस्पिटल विभाग, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग अपना जान जोखिम खतरे में डाल कर सरकार की नौकरी कर रहे है और उन्हें जान नॉकरी में डालने का यही ईनाम मिल रहा है । हद तो तब हो गई जिसकी नॉकरी साल दो साल बचा है, जो साठ साल पार कर चुके है, ऐसे समय मे सरकार और विभाग जिंदगी भर आपने सेवा किये करके रिटायरमेंट के समय उन्हें घर के नजदीक पोस्टिंग करती है, किन्तु विभाग उन्हें एक जिले से दूसरे जिले या 2-3 जिले छोड़कर घर से कही दूर बतौर जैसे सजा दे रही हो बहुत दूर भेजा जा रहा है, जहाँ एक बुजुर्ग को घर परिवार के लोगो की जरूरत होती है ऐसे अंतिम समय मे सरकार और विद्युत विभाग जिंदगी भर नॉकरी करने का बहुत बढ़िया इनाम दे रही है । लानत है ऐसे अधिकारी और ऐसी सरकार पर, जिसे अपने कर्मचारियों का ही ख्याल नही है ।

    जहां पुलिस विभाग मनचले युवकों को कई जगह कोरोना नियमो का पालन नही करने पर चालान भी काटे जा रही है ।

    तो वहीं विद्युत विभाग कोरोना के सारे नियमों को ताक में रखकर, प्रमोशन के नाम पर अपने कर्मचारियों को ट्रांसफर आदेश थमा रही है ।

    यहाँ डॉक्टर और पुलिस विभागों की करोना वारियर्स, के नाम पर कहीं-कहीं पर फूल बरसाए जा रहे हैं ।
    छत्तीसगढ़ सरकार की कुछ विभाग, उनकी छवि को धूमिल करने में लगे हुए हैं ।

    देखो देखो कका भूपेश बघेल कैसे आपके शासन में आपके एको बात ला नही मान के आपके बात के अवहेलना करत है, अब थोड़ा बहुत भी शर्म बचे होही विभाग के अधिकारी मन ला तो अभी भी समय हे, नही ते अब बस यही देखना है आप अउ आपके अधिकारी में कितना शर्म बचे है ।

  • डराने के लिए चाकू मारा, तो एंबुलेंस आने से पहले ही मौत हो गई

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    हरिश साहू की रिपोर्ट

    थाना सिविल लाईन में दर्ज रिपोर्ट में बताया गया है कि वह यादव पारा राजातालाब में अपने परिवार सहित रहता है तथा कार वाशिंग का काम करता है। प्रार्थी दिनांक 20.04.2021 को इंद्रावती कालोनी से अक्षत वर्मा की कार को धोकर शाम करीब 04.00 बजे अपने घर के पास गरबा मैदान यादवपारा पहुंचा तो देखा कि मैदान के किनारे नाला के पास प्रार्थी का चाचा प्रवीण हरपाल तथा पडोस के कुछ व्यक्ति आपस में बातचीत कर रहे थे।

    तभी अचानक से पीछे तरफ से मोहल्ले का विकास सिंह ठाकुर उर्फ गोलू आया और अपने जेब से धारदार चाकू निकालकर प्रार्थी के चाचा प्रवीण हरपाल के पेट के बांये तरफ चाकू से वार किया और तुरंत वहां से दौडकर भाग गया जिसके बाद प्रार्थी का चाचा प्रवीण हरपाल चोट लगने से जमीन में गिर गया। उसके पेट से खून बह रहा था।

    प्रार्थी अपने चाचा प्रवीण को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहा था इसी दौरान प्रार्थी के चाचा प्रवीण हरपाल की मृत्यु हो गई। जिस पर आरोपी विकास सिंह ठाकुर उर्फ गोलू के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 189/21 धारा 302 भादवि. एवं 25, 27 आम्र्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

    पुलिस ने रेड कार्यवाही करते आरोपी विकास सिंह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी द्वारा पुरानी रंजिश को लेकर प्रवीण हरपाल की चाकू मारकर हत्या करना स्वीकार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही किया गया। गिरफ्तार आरोपी विकास सिंह ठाकुर उर्फ गोलू पिता गणेश सिंह ठाकुर उम्र 22 साल निवासी यादवपारा राजातालाब थाना सिविल लाईन रायपुर है।

  • पानीपत में रोके गए ट्रक, CM केजरीवाल ने मांगी हरियाणा के CM से मदद

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    नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की ओर से दी गई एक जानकारी के मुताबिक पानीपत के एक ऑक्सीजन प्लांट से दिल्ली आने वाली ऑक्सीजन की खेप को रोक दिया गया है। ऐसी घटनाओं को देखते हुए अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से फोन पर संपर्क किया है। इस चर्चा के दौरान केजरीवाल ने ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से अपील की है। हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत का खुलासा करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मैंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात की। दिल्ली तक ऑक्सीजन सप्लाई के लिए उनका सहयोग मांगा। उन्होंने पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है। मैं केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से आग्रह करता हूं कि कृपया ऑक्सीजन वाहनों को सुगम मार्ग प्रदान करें।”

    इसके अलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑक्सीजन के मुद्दे पर उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी बात की है। दिल्ली को अपने कोटे की ऑक्सीजन का एक बड़ा हिस्सा उड़ीसा से प्राप्त होना है। सीएम केजरीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने दिल्ली को उड़ीसा से ऑक्सीजन का कोटा उठाने की सुविधा देने में पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने एक अधिकारी को इसी काम पर लगाया है। धन्यवाद सर। दिल्ली वास्तव में आपकी आभारी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि, “देश के लोग देख रहे हैं कि दिल्ली में आने वाला ट्रक किसी और राज्य ने रोक दिया। मध्यप्रदेश में जाने वाला ट्रक उस राज्य ने रोक दिया। यह तो ठीक नहीं है, लोग यह नहीं चाहते हैं। देश के लोग आज यह देखना चाहते हैं कि दिल्ली ने किसी दूसरे की मदद कैसे की, उत्तर प्रदेश ने किसी राज्य की कैसे मदद की। हमें एक साथ मिलकर आपदा से लड़ना है, तभी भारत बचेगा। अभी तो समय यह है कि उत्तर प्रदेश वाला, दिल्ली की मदद करें, दिल्ली वाला हरियाणा की मदद करे, हरियाणा वाला बिहार की मदद करे और बिहार वाला गुजरात की मदद करे। हम सारे लोग एक-दूसरे की मदद करेंगे, तभी तो भारत बचेगा। इतनी मुश्किल घड़ी में भी हम सारे एक-दूसरे से लड़ने लग गए और इस समय अगर भारत राज्यों में बंट गया, तो फिर भारत को कौन बचाएगा।”

    केजरीवाल ने कहा कि मेरी सारी नागरिकों और सारी सरकारों से अपील है कि आइए, मिलकर, एक होकर लड़ते हैं। अगर मिलकर लड़े, तो एक मुट्ठी बनेगी। हमारे सारे संसाधन मिलकर एक साथ इस्तेमाल होंगे, हमारी ताकत बढ़ेगी, हमारी शक्ति बढ़ेगी और हम बंट गए, तो फिर कोई हमें नहीं बचा पाएगा।

    सीएम ने कहा कि, “मैं सभी राज्य सरकारों से कहना चाहता हूं कि दिल्ली का मुख्यमंत्री होने के नाते मेरे से जो बन पड़ेगा, मेरे हाथ में जो होगा, आप मुझसे मांगिए, मैं दूंगा। हम पूरे देश की मदद करेंगे। अगर दिल्ली में हमारे पास ऑक्सीजन जरूरत से ज्यादा होगी, तो हम दूसरे राज्यों को ऑक्सीजन देंगे। अगर हमारे पास किसी दवाई की ज्यादा मात्रा होगी, तो वह भी हम दूसरे राज्य के साथ बांटेंगे और जब दिल्ली में कोरोना कम होगा और किसी दूसरे राज्य में डॉक्टर की जरूरत हुई, तो हम वहां डॉक्टर्स भी भेजेंगे।”

  • दो दिन से भारी बर्फबारी और बर्फ़ीली हवाओं का सामना करते हुए 87 लोगों के लिए बीआरओ फरिश्ता बनकर आया

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    मनाली। दो दिन से भारी बर्फबारी और बर्फ़ीली हवाओं का सामना करते हुए जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे 87 लोगों के लिए बीआरओ फरिश्ता बनकर आया है। मंगलवार सुबह दारचा से निकले डेढ़ सौ ट्रक चालक तो बीआरओ व लाहुल स्पीति पुलिस की मदद स सुरक्षित सरचू पहुंच गए लेकिन दोपहर बार दारचा से लेह के लिये रवाना हुए 40 के लगभग ट्रक व छोटे वाहन भारी बर्फबारी शुरू होने से बारालाचा में ही फंस गए। 17 लोग बारालाचा के उस पार भरतपुर की ओर फंसे जबकि अधिकतर बारालाचा दर्रे में फंस गए। बीआरओ ने 17 लोगों को रेस्क्यू कर बारालाचा की ओर लाया लेकिन भारी बर्फबारी के कारण रात को रेस्क्यू कार्य रोकना रोकना पड़ा।

    दो असफल प्रयासों के बाद बीआरओ ने बुधवार शाम चार बजे बुलंद होंसलों के साथ रेक्सयू ऑपरेशन शुरु किया। भारी बर्फ बारी व बर्फ़ीली हवाएं बीआरओ की राह में दिक्कतें पैदा करती रही लेकिन बीआरओ के जवानों ने जान जोखिम में डाल रेस्क्यू अभियान जारी रखा। अंततः आज सुबह पांच बजे बीआरओ का रेस्क्यू ऑपरेशन सफर रहा और 87 लोगों को जिनमें दो महिलाएं और चार बच्चे शामिल हैं सभी को जिंगजिंगबार कैम्प पहुंचाया।

    बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि दो प्रयास असफल रहने के बाद बीआरओ के जवान चिंतित हो उठे लेकिन फंसे लोगों की हालत खस्ता होती देख जवानों ने फिर स हिम्मत की और बुधवार चार बजे फिर से रेस्कयू ऑपरेशन चलाया। रात भर राक्यू ऑपरेशन चलता रहा और सुबह पांच बजे बीआरओ सभी 87 लोगों  को बारालाचा दर्रे से सुरक्षित जिंगजिंगबार कैंम्प पहुंचाया। इनमें दो लोगों की हालत खराब है जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है। उन्होंने सभी वाहन चालकों से आग्रह किया कि लेह जाने आने वाले वाहन चालक मौसम व सड़क की हालत सुधरने का इंतजार करें।

  • धर्मशाला के विधायक विशाल नैहरिया भी बनेंगे शाहपुर के दामाद, 26 को परिणय सूत्र में बंधेंगे

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    धर्मशाला। धर्मशाला के युवा विधायक विशाल नेहरिया 26 अप्रैल को परिण्य सूत्र में बंधने जा रहे हैं। विशाल नेहरिया एचएएस अधिकारी अोशिन शर्मा के साथ सात फेरे लेंगे। अोशिन शाहपुर हलके के रैत की रहने वाली हैं। अोशिन के पिता भुवनेश शर्मा नायब तहसीलदार हैं, जबकि माता सुंदरी शर्मा राजस्व विभाग बंदोबस्त कार्यालय धर्मशाला में तैनात हैं। बताया जा रहा है कि शादी समारोह शाहपुर के गोजू में एक मैरिज पैलेस में होगा। विधायक की शादी को लेकर उनके कार्यकर्ताओं व मित्रों में काफी उत्साह है। साथ ही कोविड-19 की बंदिशें व चुनौतियां भी इस शादी के लिए एक परेशानी जरूर हैं।

    लेकिन विधायक विशाल नेहरिया 26 अप्रैल को अोशिन शर्मा के साथ परिण्य सूत्र में बंधेंगे। इसके लिए दोनों परिवारों की अोर से बहुत ज्यादा तैयारियां की जा चुकी हैं। धर्मशाला में विशाल नेहरिया समर्थकों में भी खुशी है, लेकिन कोविड-19 की गाइडलाइन भी इस उत्सव में कहीं न कहीं चुनौती रहेंगी।

  • डालनवाला कोतवाली पुलिस ने हैदराबाद व पंजाब के बीच चल रहे आइपीएल में सट्टा लगवाने वाले गिरोह के 2 लोगो को किया गिरफ्तार

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    देहरादून: एसओजी व डालनवाला कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हैदराबाद व पंजाब के बीच चल रहे आइपीएल में सट्टा लगवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक टीवी, 12 मोबाइल फोन व 43 हजार रुपये नकदी बरामद की है। एसओजी प्रभारी एश्वर्यापाल ने बताया कि सूचना मिली थी कि डालनवाला कोतवाली क्षेत्र स्थित इसी रोड स्टार टावर बिल्डंग के टॉप फ्लोर पर बुधवार को चल रहे हैदराबाद व पंजाब के बीच आइपीएल मैच में सट्टा लगाया जा रहा है।

    सूचना पर सीओ सिटी, एसओजी की टीम व निरीक्षक डालनवाला स्टार टावर बिल्डंग में पहुंचे। बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर मौजूद कमरे को खुलाया गया तो कमरे में दो व्यक्ति बैठे हुए थे। कमरे में लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन चालू हालत में मिले, जिनमें आनलाइन सट्टा चल रहा था। सीओ सिटी शेखर सुयाल ने कमरे में बैठे दोनों युवकों से उनका नाम पूछा तो उन्होंने अपना नाम विकास अरोड़ा व विशाल बंसल दोनों निवासी सुभाष नगर गांधी कॉलोनी, मुजफ्फरनगर यूपी बताया।

    पकड़े गए दोनों आरोपितों ने बताया कि दोनों मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। पहले से ही दोनों आइपीएल मैचों में सट्टा लगाते हैं। पकड़े न जाने की वजह से उन्होंने 10 दिन पहले ही नदीम अहमद के मकान स्टार टावर में 5500 रुपये किराए पर कमरा लिया था व वह यहां बैठकर मुजफ्फरनगर के व्यक्तियों को आइपीएल मैच का सट्टा खिला रहे थे। आरोपितों ने बताया कि टीम का रेट दिल्ली से मिलता है। सारा सट्टा एप के माध्यम से चलता है। इसमें ज्यादातर पैसा आनलाइन लगता है।

  • आईपीएल मैच में सट्टेबाजी करते दबोचे गए 6 युवक , सट्टापट्टी सहित 1 लाख से अधिक की राशि जप्त

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    गिरफ्तार आरोपियों के नाम:-

    1. जितेश्वर सिन्हा पिता सुशील सिन्हा उम्र 23 साल साकिन शीतला मंदिर पास खमतराई रायपुर।
    2. शुभम शर्मा पिता कृष्ण कुमार शर्मा उम्र 24 साल शहीद नगर खमतराई रायपुर।