Category: business

  • नई बिजली नीति तैयार करेगी सरकार

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    नई दिल्ली । बिजली मंत्रालय ने ड्राफ्ट नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2021 तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल का गठन किया है। केंद्र सरकार, समय-समय पर, राज्यों के परामर्श से, विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत राष्ट्रीय विद्युत नीति और शुल्क नीति की समीक्षा और संशोधन करती है।

    सरकार ने फरवरी 2005 में राष्ट्रीय विद्युत नीति को अधिसूचित किया था। 12 वीं योजना के लिए कार्य समूह ने विद्युत अधिनियम 2003 और शुल्क नीति के अलावा राष्ट्रीय विद्युत नीति में संशोधन की सिफारिश की थी।

    पैनल राष्ट्रीय बिजली नीति 2021 तैयार करेगा और इसकी अध्यक्षता सीईआरसी के पूर्व अध्यक्ष गिरेश प्रधान करेंगे।

    बैठक के लिए पैनल आईपीपी, फिक्की, सीआईआई, विंड एसोसिएशन, सोलर एसोसिएशन सहित इंडस्ट्री से अन्य आमंत्रितों को बुला सकता है।

  • जीरो बैलेंस खातों से अपनी जेब भर रहे बैंक, SBI ने ग्राहकों से वसूल लिए 300 करोड़ रुपये, रिपोर्ट में खुलासा

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    नई दिल्ली: IIT-Bombay की एक स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत दूसरे बैंकों ने गरीब लोगों से जीरो बैलेंस अकाउंट या बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट्स (BSBD) की कुछ सर्विसेज पर मनमाने चार्ज वसूले हैं.

    SBI गरीब खाताधारकों से वसूले 300 करोड़ रुपये

    IIT-Bombay की स्टडी में कहा गया है कि SBI ने ऐसे गरीब खाताधारकों पर चार के बाद हर लेन-देन पर 17.70 रुपये का चार्ज वसूल किया है, जो कि बिल्कुल अनुचित है. रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि साल 2015-20 के दौरान एसबीआई ने 12 करोड़ बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट होल्डर्स पर सर्विस चार्जेज लगाकर 300 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए हैं. SBI के अलावा दूसरा नाम पंजाब नेशनल बैंक का है, जिसमें ऐसे खाताधारकों की संख्या 3.9 करोड़ है. PNB ने इस अवधि के दौरान इन खाताधारकों से 9.9 करोड़ रुपये जुटाए हैं.

    RBI के नियमों का सुनियोजित उल्लंघन 

    IIT-Bombay की स्टडी में इस बात का भी दावा किया गया है कि कुछ बैंकों की ओर से रिजर्व बैंक के नियमों का सिस्टमैटिक तरीके से उल्लंघन किया जा रहा है. स्टडी करने वाले IIT बॉम्बे के प्रोफेसर आशीष दास ने कहा कि डिजिटल भुगतान सहित एक महीने में चार बार से ज्यादा प्रति निकासी पर 17.70 रुपये का शुल्क वसूलना रिजर्व बैंक के नियम का सुनियोजित उल्लंघन है. आपको बता दें कि गरीबों के जीरो बैलेंस वाले सबसे ज्यादा खाते SBI के पास ही हैं.

    साल 2019-20 में वसूले 158 करोड़ 

    प्रोफेसर आशीष दास का कहना है कि इस सर्विस चार्जेज के जरिए SBI ने करीब 12 करोड़ BSBD अकाउंट होल्डर्स से 300 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इसमें से 2018-19 में ही अकेले 72 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं. इसके बाद 2019-20 में 158 करोड़ रुपये चार्ज के रूप में वसूल गए.

    क्या करती है RBI की गाइडलाइंस 

    RBI ने 2013 में साफ निर्देश दिया था कि ऐसे खाताधारकों को एक महीने में चार बार से ज्यादा की निकासी की इजाजत होगी. बैंक ऐसे लेन-देन पर कोई चार्ज नहीं वसूल सकते हैं.  बुनियादी खातों को परिभाषित करते हुए ये बात साफ की गई थी कि अनिवार्य मुफ्त बैंकिंग सेवा के अलावा जबतक यह खाता BSDB है, बैंक अपनी मर्जी से किसी वैल्यू एडेड सर्विसेज के लिए कोई चार्ज नहीं लगाया जा सकता. रिजर्व बैक एक महीने में चार से अधिक निकासी को वैल्यू एडेड सर्विसेज मानता है.

    डिजिटल लेन-देन पर भी मोटा चार्ज वसूला

    IIT बॉम्बे की रिपोर्ट में कहा गया है कि SBI ने प्रधानमंत्री जन धन योजना की भी उपेक्षा करते हुए BSBD खाताधारकों से रोजमर्रा के कैशलेस डिजिटल लेनदेन की सेवा पर भी मोटा शुल्क वसूला. उन्होंने कहा कि देश में जहां डिजिटल लेनदेन को जोरशोर से बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं SBI ऐसे लोगों से शुल्क वसूल कर उन्हें हतोत्साहित कर रहा है.

     

  • सूटर्स ने एयर इंडिया के लिए वित्तीय बोली लगाने को कहा

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    नई दिल्ली। सरकार ने राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया की बिक्री के लिए वित्तीय बोलियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी की बिक्री सितंबर तक हो जाने की उम्मीद है। एयर इंडिया के लिए टाटा ग्रुप ने भी पिछले वर्ष दिसंबर में प्रारंभिक बोली दाखिल की थी। सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक बोलियों का विश्लेषण करने के बाद योग्य बोलीदाताओं को एयर इंडिया के वर्चुअल डाटा रूम (वीडीआर) तक पहुंच दी गई, जिसके बाद निवेशकों के सवालों के जवाब दिए गए।

    यह सौदा अब वित्तीय बोलियों के चरण में चला गया है, और इसके सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। सरकार एयर इंडिया में अपनी पूरी 100 फीसद हिस्सेदारी बेच रही है। यह विमानन कंपनी वर्ष 2007 में इंडियन एयरलाइंस के साथ विलय के बाद से घाटे में है। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के कारण हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया में देरी हुई और सरकार ने प्रारंभिक बोलियां प्रस्तुत करने की समय सीमा को पांच बार बढ़ाया।

    एयर इंडिया के सफल बोलीदाता को घरेलू हवाई अड़्डों पर 4,400 घरेलू और 1,800 अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग और पाìकग स्लॉट के साथ ही विदेशों में 900 स्लॉट पर नियंत्रण मिलेगा। इस नीलामी में सस्ती सेवाएं देने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस और माल एवं यात्री सामान चढ़ाने उतारने वाली साझा इकाई एआइएसएटीएस की 50 फीसद हिस्सेदारी भी शामिल है। कंपनी पर कुल संचित देनदारी 60,000 करोड़ रुपये है। नागरिक विमानन मंत्री हरदीप पुरी ने पिछले महने कहा था कि एयर इंडिया का निजीकरण करने या इसे बंद करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।

     

  • सेंसेक्स, निफ्टी में दिखी तेजी, बढ़त के साथ खुला शेयर बाजार

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    नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस से बाजार में हाहाकार है, जिसके चलते सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। आज सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांकन सेंसेक्स करीब 191 अंकों की तेजी के साथ 48,075 हजार पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 58 अंक की बढ़त के साथ 14,369 के स्तर पर खुला।

    सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स करीब 1707.94 अंक की गिरावट के साथ 47883.38 अंक के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 524.10 अंक की गिरावट के साथ 14310.80 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

    ट्रेडर्स ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर उम्मीद के काफी अधिक भयावय हो रही है और स्थानीय लॉकडाउन बढ़ने के चलते प्रतिभागियों द्वारा अब अपने रिकवरी के पूर्वानुमानों का दोबारा आकलन किया जा रहा है। रुपया प्रति डॉलर 75 के पार चला गया है। सोमवार को 32 पैसे की गिरावट के साथ रुपया प्रति डॉलर 75.05 पर बंद हुआ।

    सोमवार के सत्र में निवेशकों ने 8.77 लाख करोड़ रुपये खो दिए, इससे बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण गिरकर 200.85 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। 

  • जानिए कब कम की जाएगी पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी’,बताया CBIC चेयरमैन ने

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    नई दिल्ली। केंद्र सरकार पेट्रोल व डीजल पर शुल्क कटौती का फैसला उचित समय पर करेगी। केंद्रीय परोक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआइसी) के चेयरमैन एम. अजीत कुमार ने कहा कि जहां तक ईधन मूल्यों में कटौती का सवाल है तो इस पर लगातार सरकार की नजर है। इस पर फैसला उचित समय पर लिया जाएगा।

    मुझे पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय के दौरान राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी होगी और तब पेट्रोलियम ईधन पर टैक्स कटौती के बारे में विचार किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 31 मार्च को खत्म वित्त वर्ष के दौरान परोक्ष कर संग्रह एक वर्ष पहले की समान अवधि के मुकाबले 59 फीसद बढ़ा है। इसमें पेट्रोल-डीजल पर रिकॉर्ड उत्पाद शुल्क की भी बड़ी भूमिका रही है।

    पिछले वर्ष सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये और डीजल पर 16 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया। वर्तमान में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 32.90 रुपये और डीजल पर 31.80 रुपये प्रति लीटर है।

    दिल्ली में पेट्रोल का रेट 90.56 रुपये प्रति लीटर है और इसमें उत्पाद शुल्क का हिस्सा 36 प्रतिशत है। डीजल पर उत्पाद शुल्क 31.80 रुपये प्रति लीटर है और इसके प्रति लीटर 80.87 रुपये का के खुदरा बिक्री मूल्य में उत्पाद शुल्क का हिस्सा 39 प्रतिशत है। राज्यों के वैट (मूल्य वर्धित कर) को जोड़ने पर इन ईंधनों के खुदरा मूल्यों में कुल कर का हिस्सा 55 से 60 प्रतिशत बैठता है।

    अंतररराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी के बीच देश के कुछ भागों, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में पेट्रोल के दाम फरवरी में 100 रुपये लीटर तक पहुंच गये थे। हालांकि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा हुई, कीमत वृद्धि पर रोक लग गयी।

    पिछले महीने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने संसद में कहा था कि पेट्रोल और डीजल पर कर संग्रह 2013 में 52,537 करोड़ रुपये था जो 2019-20 में बढ़कर 2.13 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं 2020-21 के पहले 11 महीनों में यह बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

  • जानिए क्या है वजह, Citigroup ने किया भारत व चीन समेत 13 देशों में कंज्यूमर बैंकिंग कारोबार समेटने का एलान

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    नई दिल्‍ली। सिटीग्रुप भारत एवं चीन समेत 13 देशों से अपना कंज्‍यूमर बैंकिंग कारोबार समेटने जा रहा है। समाचार एएएफपी के मुताबिक, अमेरिका के बहुराष्ट्रीय बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा समूह ने यह फैसला भविष्‍य में वेल्थ मैनेजमेंट पर अधिक फोकस करने के इरादे से लिया है। एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल कंज्यूमर बैंकिंग बिजनेस के मामले में बैंक अब केवल चार देशों सिंगापुर, हांगकांग, लंदन और संयुक्त अरब अमीरात पर मुख्य रूप से फोकस करेगा।

     

    सिटीग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन फ्रेजर ने कहा कि सिटीग्रुप चीन, भारत और 11 अन्य रिटेल मार्केट को छोड़ देगा, क्‍योंकि इन मुल्‍कों के बैंकिंग बिजनेस में बने रहने के लिए उसके पास कामकाज का उतना बड़ा दायरा नहीं है। सिटीग्रुप के इस फैसले से प्रभावित अन्य 11 देश हैं- ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, फिलीपींस, पोलैंड, रूस, ताइवान, थाईलैंड और वियतनाम। मार्च में सीईओ बने जेन फ्रेजर ने कहा कि समूह अब वेल्थ मैनेजमेंट पर अधिक फोकस करेगा, जहां विकास की काफी संभावनाएं मौजूद हैं।

     

    फ्रेजर ने कहा कि समूह वेल्थ मैनेजमेंट क्षेत्र पर दोगुना फोकस करेगा। सिटीग्रुप जिन 13 देशों से बाहर हो रहा है, उनमें से अधिकांश मुल्‍क एशिया के हैं। इन एशियाई मुल्‍कों में सिटीग्रुप का कारोबार वर्ष 2020 में 6.5 अरब डॉलर का था। समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन देशों में इस समूह के 224 रिटेल ब्रांच हैं, जिनमें 123.9 अरब डॉलर के डिपोजिट्स हैं।

     

    समाचार एजेंसी रॉयटर के मुताबिक, सिटीग्रुप ने यह फैसला किसी घाटे की वजह से नहीं उठाया है। इसे मौजूदा साल की पहली तिमाही में 7.9 अरब डॉलर का बड़ा मुनाफा हुआ है। सिटीबैंक सिंगापुर में सबसे बड़े विदेशी बैंकों में से एक है। इस बैंक ने सिंगापुर में लगभग 8,500 कर्मचारियों को काम पर रखा है। इनमें कॉन्‍ट्रैक्‍चुअल कर्मचारी भी शामिल हैं। इस बैंक की साख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2015 में सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण ने इसको एक महत्वपूर्ण बैंक के रूप में नामित किया था।

     

    समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक सिटीग्रुप समूह ने भारत और चीन के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, फिलीपींस, पोलैंड, रूस, ताइवान, थाईलैंड और वियतनाम में बैंकिंग कामकाज बंद करने का फैसला किया है। जेन फ्रेजर ने कहा कि जिन देशों में बैंक का कारोबार छोटा है, उन बाजारों से भी निकलने की तैयार है।

  • शेयर बाजार कोरोना के कहर से टूटा , सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का

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    मुंबई । देश में कोरोना के गहराते कहर से गुरुवार को फिर घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव आया। सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा टूटा और निफ्टी भी 100 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। पूर्वान्ह 11.22 बजे सेंसेक्स बीते सत्र 446.16 अंकों यानी 0.92 फीसदी की गिरावट के साथ 48,097.90 पर कारोबार चल रहा था जबकि निफ्टी 131.25 अंकों यानी 0.90 फीसदी की बढ़त के साथ 14,373.55 पर बना हुआ था।

    बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टरों के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ था। गुरुवार की सुबह आई रिपोर्ट के अनुसार, देश में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोनावायरस संक्रमण के दो लाख से अधिक नये केस सामने आए हैं।

    बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स बीते सत्र से 31.29 अंकों की कमजोरी के साथ 48,512.77 पर खुला और दोपहर से पहले के कारोबार के दौरान लुढ़ककर 48,030.32 पर आ गया जबकि शुरूआती कारोबार के दौरान 48,686.17 तक चढ़ा।

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी बीते सत्र से 17.60 अंकों की बढ़त के साथ 14,522.40 पर खुला और 14,566.80 तक चढ़ा जबकि इस दौरान निफ्टी का निचला स्तर 14,359.35 रहा।

    जानकार बताते हैं कि विदेशी बाजारों से भी उत्साहवर्धक संकेत नहीं मिलने और कोरोना का कहर गहराने के कारण शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

  • एलजी ने जीएम से मिलाया हाथ जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

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    सोल । बैटरी बनाने वाली दक्षिण कोरियाई कंपनी एलजी एनर्जी सॉल्यूशन लिमिटेड और अमेरिकी वाहन निर्माण कंपनी जनरल मोटर्स दोनों मिलकर टेनेसी में एक दूसरी बैटरी बनाने वाली फैक्ट्री का निर्माण करेंगे ताकि उत्पादन को और बढ़ाया जा सके। इंडस्ट्री के सूत्रों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी है। इस मसले से परिचित सूत्रों ने बताया है कि एलजी और जीएम ने मिलकर अपने दूसरे इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) प्लांट के लिए टेनेसी में एक साइट को चुना है, जो कि ओहाइयो में बने इसके करीब 230 करोड़ डॉलर के प्लांट के समान है।

    इस फैक्ट्री के लिए दोनों कंपनियों ने शुक्रवार को निवेश करने की घोषणा की।

    एलजी केम के पूर्ण स्वामित्व वाली एलजी एनर्जी सॉल्यूशन ने पिछले महीने कहा था कि अमेरिका में बैटरी उत्पादन की क्षमता को बढ़ाने के लिए उनकी योजना साल 2025 तक 5 लाख करोड़ वॉन निवेश करने की है, जिसमें कम से कम दो नए प्लांट्स को बनाए जाने की योजना भी शामिल है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, मिशिगन में बनी फैक्ट्री में एलजी एनर्जी सॉल्यूशन द्वारा लिथियम आयन बैटरी का निर्माण किया जाता है और जीएम के साथ मिलकर कंपनी द्वारा ओहाइयो में एक नई फैक्ट्री पर भी काम चल रहा है, जो साल 2022 में बनकर तैयार होगी।

    ईवी बैटरी तकनीक पर व्यापार संबंधी दो साल लंबे एक गुप्त समझौते के तहत हाल ही में हुई सुलह के बाद एलजी ने अमेरिका में ईवी बैटरी के अपने बिजनेस को बढ़ाने का संकल्प लिया है।

  • सोना 1 महीने से अधिक की ऊंचाई पर महंगाई की आशंका के चलते

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    नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते कोविड मामले बढ़ने के साथ ही महंगाई की आशंका के चलते सोने की कीमतें एक महीने से अधिक की ऊंचाई छू गई है। एमसीएक्स पर सोना वायदा 035 फीसदी या 162 रुपये बढ़कर 46,770 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। चांदी वायदा 020 फीसदी या 137 रुपये बढ़कर 67,775 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

    मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वीपी-कमोडिटीज रिसर्च नवनीत दमानी ने कहा कि सोने ने एक महीने से अधिक के शिखर पर अधिक कारोबार किया।

    उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति के बारे में चिंताएं बड़े पैमाने पर राजकोषीय मदद और धातु का समर्थन करने वाली दुनियाभर में अल्ट्रा-लो ब्याज दरों के आगे बढ़ रही हैं।

  • उत्तराखंड में लगातार दूसरे दिन भी चोटियों पर भारी हिमपात और निचले इलाकों में बारिश

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    देहरादून। उत्तराखंड में लगातार दूसरे दिन बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि हुई। मौसम के बदले मिजाज के बीच गर्मी और जंगल की आग से जरूर राहत मिली है। हालांकि, ओलावृष्टि से फलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचा है। केदारनाथ में भी छह इंच ताजा बर्फ जम गई। मौसम विभाग की ओर से अगले दो दिन प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश और चोटियों पर हिमपात की संभावना जताई है।

    बदरीनाथ और केदारनाथ धाम समेत ऊंची चोटियों पर बुधवार को बर्फबारी हुई, जबकि इसके चलते केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हुए। गोपेश्वर, जोशीमठ व घाट के कुछ इलाकों में शाम को बारिश के बाद तेज ओलावृष्टि हुई। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब में रुक-रुककर बर्फबारी होती रही।

    उधर, केदारनाथ में मंगलवार को देर रात्रि से बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया था, जो बुधवार को पूरे दिन चलता रहा। तुंगनाथ, मध्यमेश्वर, पंवालीकांठा समेत ऊंचाई वाले स्थानों पर भी पूरे दिन बर्फबारी होती रही।

    कुमाऊं में मंगलवार रात से मौसम ने करवट ले ली थी। तराई व भाबर को छोड़ समूचे पर्वतीय इलाके में ओलावृष्टि व बारिश हुई। नैनीताल में बौछार के साथ ओले गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मुनस्यारी के शीर्ष में स्थित खलियाटॉप व छिपलाकेदार में इसी सप्ताह दो बार हिमपात हो चुका है।

    देहरादून में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी

    दून में बुधवार को भी सुबह से धूप-छांव का सिलसिला चलता रहा। दोपहर से ही शहर में तेज हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी भी होती रही। मंगलवार देर रात हुई बारिश के चलते भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। उधर, चकराता समेत जौनसार-बावर में दोपहर बाद भारी ओलावृष्टि हुई। खेतों और सड़कों पर ओलों से सफेद चादर बिछ गई। इससे क्षेत्र में सेब, खुमानी, प्लम समेत अन्य फलदार पेड़ों को खासा नुकसान पहुंचा। निचले इलाकों में भी तेज हवा और ओलावृष्टि से आम और लीची की बौर को क्षति पहुंची।

    विभिन्न शहरों का तापमान

    • शहर————अधिकतम—–न्यूनतम
    • देहरादून————32.0——–19.8
    • उत्तरकाशी———28.4——–15.5
    • मसूरी—————18.4———07.6
    • टिहरी—————18.2———09.3
    • हरिद्वार————35.3———16.2
    • जोशीमठ————20.1———09.0
    • पिथौरागढ़———-26.9———05.2
    • अल्मोड़ा————-28.2——–11.8
    • मुक्तेश्वर———–14.8———06.5
    • नैनीताल————-25.6——–07.5
    • यूएसनगर———–34.1——–24.5
    • चम्पावत————24.2——–10.3