Category: business

  • दिसंबर तिमाही में 14.36 फीसद बढ़कर 8,760 करोड़ रुपये रहा बैंक का शुद्ध लाभ

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    नई दिल्ली। निजी क्षेत्र के दिग्गज बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही का अपना परिणाम शनिवार को जारी कर दिया है। दिसंबर तिमाही में बैंक के मुनाफे में बढ़ोत्तरी हुई है। बैंक का दिसंबर तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ 14.36 फीसद की उछाल के साथ 8,760 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले की समान अवधि में बैंक का शुद्ध लाभ 7,416.48 करोड़ रुपये रहा था। स्टैंडअलोन स्तर पर तीसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 18.09 फीसद की बढ़त के साथ 8,758.29 करोड़ रुपये रहा है।

    बैंक की शुद्ध ब्याज आय दिसंबर तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 15.1 फीसद की वद्धि के साथ 16,317.6 करोड़ रुपये रही। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी की कुल आय बढ़कर 37,522 करोड़ रुपये रही है। एक साल पहली की समान अवधि में यह 36,039 करोड़ रुपये रही थी।

    दिसंबर तिमाही के लिए एचडीएफसी बैंक का सकल एनपीए रेशियो 0.81 फीसद पर रहा है। बैंक ने बताया कि एक साल पहले कि समान अवधि में एनपीए रेशियो 1.42 फीसद रहा था। वहीं, सितंबर, 2020 तिमाही में यह 1.08 फीसद रहा था।

    समीक्षाधीन अवधि के दौरान बैंक का कुल राजस्व उछाल के साथ 23,760.8 करोड़ रुपये रहा है। वहीं, अन्य आय 7,443.2 करोड़ रुपये रही है।

     

  • अलीबाबा के सह-संस्थापक जैक मा सार्वजनिक हुए महीनों बाद

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    बीजिंग । अपने बारे में सभी अटकलों को समाप्त करते हुए, अलीबाबा के सह-संस्थापक जैक मा सार्वजनिक रूप से फिर से नजर आए। जैक मा के गायब होने की खबरें ऐसे समय आई थी, जब चीनी नियामकों ने उनकी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी थी। उन्हें दोबारा देखे जाने की खबर चीनी सोशल मीडिया से मिली, जहां उन्हें एक वीडियो में देखा जा सकता है।

    सीएनबीसी ने बताया कि वीडियो में मा को ग्रामीण शिक्षकों को उनकी एक चैरिटी फाउंडेशन की पहल के तहत संबोधित करते देखा जा सकता है।

    इय वार्षिक समारोह की मेजबानी ग्रामीण शिक्षकों की उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए की जाती है।

    जैक मा फाउंडेशन के एक प्रवक्ता ने कहा, “जैक मा ने 20 जनवरी को वार्षिक ग्रामीण शिक्षक पहल कार्यक्रम के ऑनलाइन समारोह में भाग लिया।”

    चीन के वित्तीय नियामक की आलोचना करने वाली कुछ टिप्पणियों के सामने आने के बाद वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे थे, जिसके बाद उनके लापता होने के कयास लगाए जाने लगे थे।

    मा के आलोचनात्मक टिप्पणी के कुछ सप्ताह बाद ही एंट ग्रुप के वित्तीय सेवा को निरस्त कर दिया गया था।

    पूर्व अंग्रेजी शिक्षक मा अपनी उपलब्धि की वजह से चीनी ई-कॉमर्स के लिए अंतर्राष्ट्रीय चेहरा बन गए थे।

  • लॉन्च हुआ 43,999 रुपये कीमत वाला एमआई नोटबुक 14 (आईसी) लैपटॉप

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    नई दिल्ली| शाओमी ने अपनी लैपटॉप सीरीज एमआई 14 (आईसी) को भारतीय बाजार में लॉन्च किया। लैपटॉप सिल्वर रंग में होगा और इसकी शुरुआती कीमत 43,999 रुपये होगी। इसे एमआई डॉट कॉम, एमआई होम्स, अमेजन डॉट इन, फ्लिपकार्ट और इसके रिटेल पार्टनर से खरीद सकेंगे।

    एमआई इंडिया के मुख्य बिजनेस अधिकारी, रघु रेड्डी ने कहा, “एमआई नोटबुक सीरीज को प्रशंसक और ग्राहक स्वीकार और प्रोत्साहित करते हैं। एमआई नोटबुक 14 (आईसी) नए बेंचमार्कस्थापित करेगा। हमने इसमें शक्तिशाली मशीन और फीचर का विस्तार किया है जो छात्रों और काम करने वाले प्रोफेशनल्स की जरूरतों को पूरा करेगा।”

    इस नोटबुक में अभिमुखता अनुपात 16:9 के साथ 14 इंच का फुल एचडी (1920 इंटू 1080) एंटी ग्लेयर डिस्प्ले है, 81.2 प्रतिशत स्क्रीन-टू-बॉडी रेश्यो और 178 डिग्री वाइड व्यूविंग एंगल स्क्रीन है।

    इस नोटबुक में यूएचडी ग्राफि क्स 620 के साथ 1.6 गीगाहार्ट्ज इंटेल कोर आई5-10210यू क्वैड-कोर प्रोसेसर है और इसमें आठ जीबी रैम और 512 जीबी एसएसडी स्टोरेज के साथ एनविडिया जी फोर्स एमएक्स 250 ग्राफिक्स भी इसमें जोड़ सकते हैं।

    नोटबुक का वजन 1.5 किलोग्राम है। इसमें 720 पिक्सल एचडी वेबकैम है और यह विंडो 10 होम एडिशन पर चलता है।

    नोटबुक में दो यूएसबी-ए 3.1 जेन 1 पोर्ट, एक यूएसबी 2.0 पोर्ट, एक फुल साइज का एचडीएमआई पोर्ट, एक 3.5 एमएम हैडफोन जैक और चार्जिग पिन है।

    एमआई नोटबुक (आईसी) में 65 वाट्स की बैटरी है, जोकि 10 घंटे का बैकअप देती है। इसकी बैटरी 35 मिनट में 50 प्रतिशत तक चार्ज होती है।

  • 49,500 के ऊपर कर रहा सेंसेक्स कारोबार, निफ्टी भी 14,500 के पार, शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला

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    नई दिल्ली। आज सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार लाल निशान में खुला। सुबह 09:19 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 96.73 अंक गिरकर 49,528.03 के स्तर पर और निफ्टी 14.20 अंक टूटकर 14,576.15 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। निफ्टी के 50 शेयरों में से 32 शेयर हरे निशान और 18 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। पिछले कारोबारी दिन Sensex 50,000 अंक के पार चला गया। लेकिन बाद में गिरावट के साथ बंद हुआ। Sensex 167.36 अंक की गिरावट के साथ 49,624.76 अंक के स्तर पर बंद हुआ। Nifty 54.35 अंक की गिरावट के साथ 14,590.35 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

    आज शुरुआती कारोबार में प्रमुख शेयरों में नेस्ले इंडिया, एम एंड एम, रिलायंस, मारुति, बजाज फिनसर्व, बजाज ऑटो, एशियन पेंट्स और एचसीएल टेक के शेयर हरे निशान पर खुले। वहीं एक्सिस बैंक, सन फार्मा, ओएनजीसी, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी, टीसीएस, इंफोसिस और एनटीपीसी के शेयर लाल निशान पर खुले।

    पिछले कारोबारी दिन सेंसेक्स 223.17 अंक की बढ़त के साथ 50,015.29 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 63 अंक की तेजी के साथ 14,707.70 के स्तर पर खुला था। कल Sensex पर ओएनजीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा चार फीसद की गिरावट दर्ज की गई।  जबकि, बजाज फाइनेंस के शेयर में 2.72 फीसद की बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा बजाज ऑटो के शेयर में 2.71 फीसद की तेजी देखने को मिली।

    रुपये में लगातार तीसरे दिन तेजी बनी रही। गुरुवार को रुपया पांच पैसे की तेजी के साथ करीब पांच माह के उच्च्तम स्तर 72.99 पर बंद हुआ। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 72.96 पर ऊंचा खुला और दिन के कारोबार के दौरान 72.93 के उच्च स्तर को छू गया। कल वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 0.87 प्रतिशत घटकर 55.59 डालर प्रति बैरल पर था।

     

  • गिरावट दर्ज हुई सोने के वायदा भाव में, चांदी भी हुई सस्ती

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    नई दिल्ली। सोने एवं चांदी के वायदा भाव में शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सुबह 10:17 बजे फरवरी, 2021 में डिलिवरी वाले सोने का दाम (Gold Price) 63 रुपये यानी 0.13 फीसद की गिरावट के साथ 49,385 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। इससे पिछले सत्र में फरवरी अनुबंध वाले सोने का भाव 49,448 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा था। वहीं, अप्रैल, 2021 अनुबंध वाले सोने का दाम 23 रुपये यानी 0.05 फीसद घटकर 49,573 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा था। इससे पिछले सत्र में अप्रैल डिलिवरी वाले सोने का मूल्य 49,596 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा था।

    वायदा बाजार में चांदी की कीमत (Silver Price in Futures Market)

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सुबह 10:18 बजे मार्च, 2021 में डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 460 रुपये यानी 0.68 फीसद की गिरावट के साथ 66,840 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रही थी। इससे पिछले सत्र में चांदी की कीमत 67,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी। वहीं, मई 2021 में डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 323 रुपये यानी 0.47 फीसद की गिरावट के साथ 67,839 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रही थी। इससे पिछले सत्र में मई डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 68,162 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी। 

  • मोबाइल इंडस्ट्री ने मांग की जीएसटी दर में कटौती की

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    नई दिल्ली। उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले मोबाइल उद्योग के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। संगठन ने मार्च 2020 में जीएसटी में 50 प्रतिशत की वृद्धि को उद्योग के लिए एक क्रूर झटका करार दिया है, ईसीईए ने इस फैसले को त्रुटिपूर्ण बताया है।

    आईसीईए के अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू ने एक बयान में कहा, हर भारतीय के हाथ में स्मार्टफोन का लक्ष्य हासिल करने और 80 अरब डॉलर का घरेलू मोबाइल फोन बाजार सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल फोन पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करना अति आवश्यक है।

    आईसीईए ने इलेक्ट्रॉनिक्स विकास के प्रमुख क्षेत्रों के लिए विभिन्न उत्कृष्टता केंद्रों (सेंटर ऑफ एक्सिलेंस) की स्थापना के लिए 500 करोड़ रुपये के बजट और मोबाइल डिजाइन सेंटर के लिए 200 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन की भी सिफारिश की।

    अन्य सिफारिशों के अलावा, उद्योग निकाय ने 1,000 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए 5 प्रतिशत का ब्याज और 100 करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी की मांग भी की।

  • दो फीसद से ज्यादा की Reliance Industries के शेयरों में गिरावट, Future Retail के शेयर पांच फीसद तक टूटे

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    नई दिल्ली। फ्यूचर ग्रुप डील से जुड़ी चिंताओं के बीच बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में दो फीसद से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। यह हैवीवेट स्टॉक बुधवार को कमजोर रुख के साथ खुला और बाद में BSE पर यह 2.43 फीसद की गिरावट के साथ 1,892.55 रुपये के स्तर तक आ गया। वहीं, NSE पर कंपनी की शेयर की कीमत 2.56 फीसद टूटकर 1,891.15 रुपये पर आ गई। BSE पर फ्यूचर रिटेल (Future Retail) के शेयर 4.98 फीसद टूटकर 77.25 रुपये पर आ गए। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के ऑनलाइन रिटेलर Amazon ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर फ्यूचर ग्रुप के सीईओ किशोर बियानी सहित ग्रुप के फाउंडर्स को हिरासत में लेने और उनकी संपत्तियों को सीज करने का आदेश देने का आग्रह किया है। Amazon ने रिलायंस-फ्यूचर डील को रोकने के उद्देश्य से यह याचिका दायर की है।

    Amazon ने अपनी याचिका में अपने पार्टनर फ्यूचर ग्रुप के खिलाफ सिंगापुर के मध्यस्थता फोरम के फैसले को लागू करने की मांग की है। सिंगापुर के मध्यस्थता फोरम ने रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच के 24,713 करोड़ रुपये की डील को लेकर अक्टूबर में अपना आदेश सुनाया था।

    Amazon इस डील को रूकवाने की कोशिशों में लगा है। ई-कॉमर्स कंपनी ने फ्यूचर ग्रुप के डायरेक्टर्स को हिरासत में लेने की मांग की है।

    फ्यूचर रिटेल ने सोमवार को शेयर बाजारों को बताया कि वह अपने लीगल काउंसेल्स के जरिए इस मामले को डिफेंड करेगी।

    विश्लेषकों के मुताबिक इन्हीं घटनाक्रमों की वजह से दोनों कंपनियों के शेयरों में यह गिरावट देखने को मिल रही है।

     

  • बजट में कई जरूरी कदमों की घोषणा कर सकती है सरकार ई-कॉमर्स निर्यात, आयात को बढ़ाने के लिए

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    नई दिल्ली। सरकार 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में ई-कॉमर्स आयात और निर्यात के लिए थोक मंजूरी की सुविधा के उपायों की घोषणा कर सकती है। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और आगे भी उसकी वृद्धि के लिए ऐसा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि देश में ई-कॉमर्स क्षेत्र में कई गुना वृद्धि हुई है। इससे ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म के जरिये काफी संख्या में उत्पाद निर्यात हो रहे हैं और यहां आ रहे हैं। इसे देखते हुए नियंत्रण और सुविधाओं के क्रियान्वयन में संतुलन बनाना जरूरी है।

    मौजूदा समय में आयातकों और निर्यातक भारतीय सीमा शुल्क विभाग के साथ प्रत्येक पैकेज के लिये अलग-अलग निकासी दस्तावेज देते हैं। इससे ई-कॉमर्स के मार्फत कारोबार में व्यापारियों की लागत बढ़ जाती है। एक सूत्र के मुताबिक, ‘‘भारत में ई-कॉमर्स क्षेत्र की वृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए इस क्षेत्र से संबंधित आयात व निर्यात के लिये थोक मंजूरी की सुविधा जरूरी है।’’

    गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को 2021-22 का आम बजट पेश करने वाली हैं। निर्यातकों के अनुसार इस क्षेत्र के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने से देश से बाहर भेजने वाले सामनों के शिपमेंट को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, ‘बल्क क्लीयरेंस की सुविधा का विस्तार करना एक अच्छा आईडिया है। विश्व स्तर पर ऐसी सुविधा है। इससे लेनदेन लागत को कम करने में मदद मिलेगी। यदि इसे अनुमति दी जाती है, तो यह ई-कॉमर्स व्यापार को बेहद फायदा पहुंचाएगा।

    एक चमड़ा निर्यातक ने कहा कि अगर बजट में घोषणा की जाती है तो ई-कॉमर्स माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

     

  • कोई व्यक्ति अन्नदाता नहीं होता है, इस सम्मान की अधिकारी प्रकृति ही है

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    नई दिल्ली। अन्नदाता शब्द का जिस तरह से आजकल उपयोग हो रहा है वह ठीक नहीं है। अन्नदाता कोई व्यक्ति नहीं हो सकता, केवल प्रकृति ही इस उच्च सम्मान की अधिकारी है। धरती माता, जो इस चराचर जगत के सभी प्राणियों का का ध्यान रखती हैं, उनका कोई विकल्प नहीं हो सकता है। धरती माता मूल रूप से अन्न उगाती हैं, बाकी सभी लोग श्रमदाता हैं। जो व्यक्ति इस पर जिस भी तरीके से श्रम करता है, वह उसी प्रकार से मानव जाति के सुख और भरण-पोषण के लिए विभिन्न साधन पैदा करता है। एक उद्योगपति धरती माता के किसी भाग पर उद्योग लगाता है। उसमें जिस चीज का भी उत्पादन होता है, वह भी प्राणी मात्र के कल्याण के लिए ही होती है।

    साफ है अन्नदाता का विशेषण किसी मनुष्य को नहीं दिया जा सकता। अन्नदाता तो केवल धरती माता ही हो सकती हैं, जो तरह-तरह की वनस्पतियां स्वयं उगाकर प्राणी मात्र को देती हैं। उसमें वायु, जल, सूर्य और आकाश का प्रताप भी शामिल होता है तब जाकर कहीं किसी चीज का उत्पादन होता है। क्या दवाइयां बनाने वाले विज्ञानी एवं उद्योग जीवनदाता नहीं कहे जा सकते? क्या डॉक्टर भगवान के बाद इस धरती पर उसका दूसरा रूप नहीं रखते? क्या इस कोरोना काल में सफाईकर्मियों से लेकर हर प्रकार के करोना योद्धाओं ने लोगों के जीवन को नहीं बचाया है? क्या उनको बचाने में सिर्फ खेती करने वाले ही सहायक थे? हमारे सुरक्षा बल, जो कोरोना नियमों का पालन कराने में अपना जीवन त्याग गए, उनको किस श्रेणी में रखा जाएगा? उनका यह बलिदान क्या किसी से कम है?

    केवल एक वर्ग को एक विशेष विशेषण से नवाजने के कारण ही कुछ लोगों में अहंकार की भावना का उदय हुआ है। गणतंत्र दिवस पर जो उपद्रव हुआ, उसका एक बड़ा कारण यह भी है। दिल्ली में आंदोलन के नाम पर एक बहुत बड़ा सामाजिक अपराध हुआ है। इसमें शामिल लोगों की जांच की जानी चाहिए। देश या राष्ट्र के प्रति अपराध करने वाले, चाहे वे खेतों में काम करने वाले हों या उद्योगपति हों या सरकारी सेवा में काम करने वाले छोटे से लेकर बड़े स्तर तक के कर्मचारी हों या राजनीतिज्ञ हों, सभी अपराधी हैं। उन्हें किसी भी कीमत पर क्षमा नहीं किया जा सकता है। 26 जनवरी को दिल्ली में जो हुआ वह लोकतंत्र का भाग नहीं है। वह अराजकता है। लोकतंत्र केले की तरह नहीं होना चाहिए, जिसको कहीं से भी काटा जा सके। लोकतंत्र एक आम की तरह होना चाहिए जिसमें ऊपर से नरम मिठास होती है, मगर अंदर जाकर उसमें एक कठोर गुठली भी निकलती है, जिसको काटने से दांत टूट भी जाते हैं। ऐसे राष्ट्रक्षयी कार्यो को आंदोलन नहीं कहा जा सकता है। भारतीय जनमानस पूरी तरह इसका विरोध करता है और इनके नेताओं की भी निंदा करता है।

  • जानें वित्त मंत्री अगला बजट कब करेंगी पेश, क्या रहेगा लाइव देखने का ऑप्शन

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    नई दिल्ली। इस साल संसद के बजट सत्र की शुरुआत शुक्रवार यानी 29 जनवरी, 2021 को होगी। बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी, 2021 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। सीतारमण वित्त मंत्री के रूप में अपना तीसरा बजट पेश करेंगी। हर साल एक फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट पर देशभर की निगाहें लगी होती हैं। इससे देश की इकोनॉमी की सूरत और आने वाले समय में सरकार की संभावित कार्ययोजना की जानकारी मिलती है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों की नजर केंद्रीय बजट पर होती है।

    अगर आप भी वित्त वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो आप इस बात की जानकारी चाहते होंगे कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण कितने बजे प्रारंभ होगा और उसे किस प्लेटफॉर्म पर लाइव देखा जा सकता है।

    बजट को इन प्लेटफॉर्म्स पर देखा जा सकता है लाइव 

    सीतारमण एक फरवरी, 2021 (सोमवार) को सुबह 11 बजे केंद्रीय बजट पेश करेंगी। आप लोकसभा टीवी चैनल, विभिन्न यूट्यूब लिंक्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ दैनिक जागरण की वेबसाइट के जरिए भी बजट की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

    कब पेश किया जाएगा आर्थिक सर्वेक्षण (When Economic Survey to be Presented)

    सीतारमण बजट सत्र के पहले दिन यानी वित्त वर्ष 2020-21 की आर्थिक समीक्षा 29 जनवरी, 2021 को संसद के पटल पर रखेंगी। अमूमन बजट सत्र के पहले दिन आर्थिक समीक्षा पेश की जाती है। देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार आर्थिक समीक्षा तैयार करते हैं। इससे वित्त वर्ष 2020-21 की आर्थिक गतिविधियों और इकोनॉमी के हालात के बारे में पता चलता है। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।