Category: business

  • सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान पर खुले, शेयर बाजार में उछाल

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    नई दिल्ली। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को शेयर बाजार में उछाल देखा गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 57 अंक चढ़कर 48,495 पर खुला। वहीं निफ्टी 14,227 अंक पर खुला। घरेलू शेयर बाजार ने 6 जनवरी के कारोबार में एक बार फिर नया रिकॉर्ड बना दिया है। कारोबार में सेंसेक्स ने पहली बार 48600 का स्तर पार कर लिया। सेंसेक्स मंगलवार को 0.54 फीसद या 260.98 अंक की बढ़त के साथ 48,437.78 पर बंद हुआ। सेंसेक्स मंगलवार को 48,037.63 अंक पर खुला था। कारोबार के दौरान यह अधिकतम 48,486.24 अंक तक गया, यह सेंसेक्स का अब तक का रिकॉर्ड उच्चतम स्तर है। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स के शेयरों में से सबसे अधिक बढ़त एक्सिस बैंक में 6.31 फीसद, एचडीएफसी में 2.78 फीसद और इंडसइंड बैंक में 2.68 फीसद देखी गई।

    उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ है। निफ्टी 0.47 फीसद या 66.60 अंक की बढ़त के साथ 14,199.50 पर बंद हुआ है। निफ्टी मंगलवार को 14,075.15 अंक पर खुला था। बाजार बंद होते समय निफ्टी के 50 शेयरों में से 23 शेयर हरे निशान पर और 27 शेयर लाल निशान पर थे। निफ्टी-50 में मंगलवार को सबसे अधिक बढ़त एक्सिस बैंक, एचडीएफसी और इंडसइंड बैंक के शेयर में देखने को मिली।

    टॉप गेनर्स और लूजर्स

    आज के कारोबार में ONGC में करीब 4 फीसद और टाइटन कंपनी में 3 फीसदी तेजी है. टॉप गेनर्स में ICICI बैंक, एयरटेल, एलएंडटी, NTPC, पावरग्रिड और SBI भी शामिल हैं। टॉप लूजर्स में ITC, TCS, नेस्ले इंडिया, आरआईएल, एक्सिस बैंक और एचयूएल शामिल हैं। ब्रेंट में 5 फीसदी का जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। ब्रेंट 54 डॉलर के करीब नजर आ रहा है।

    पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की वजह से निवेशकों में जोखिम उठाने की क्षमता प्रभावित हुई और यूरोप में लॉकडाऊन के कारण अधिकांश एशियाई मुद्राओं के अनुरूप अन्तरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को रुपया भी अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 15 पैसे की गिरावट दर्शाता 73.17 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। सोमवार को रुपया नौ पैसे की तेजी के साथ चार माह के उच्च स्तर 73.02 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

     

  • सरकार ने आमंत्रित की बोलियां BEML में 26 फीसद हिस्सेदारी की बिक्री के लिए

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    नई दिल्ली। सरकार ने रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी भारत अर्थ-मूवर्स लिमिटेड (BEML) में प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ 26 फीसद हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री के लिये प्रारंभिक बोलियां (EoI) आमंत्रित की हैं। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘सरकार ने प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ बीईएमएल लिमिटेड की 26 फीसद इक्विटी शेयर पूंजी के विनिवेश के लिये प्रारंभिक बोलियां आमंत्रित की हैं।’

    निवेश विभाग और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा जारी प्रारंभिक सूचना ज्ञापन (PIM) के अनुसार, बोली लगाने की आखिरी तारीख एक मार्च है। बोली लगाने के इच्छुक बीईएमएल में हिस्सेदारी खरीदने के लिये इस समयसीमा तक ईओआई जमा करा सकते हैं।

    मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से देखें, तो बीईएमएल लिमिटेड की 26 फीसद हिस्सेदारी की बिक्री से सरकारी खजाने को करीब एक हजार करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। बीईएमएल रक्षा, रेल, बिजली, खनन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में काम करती है।

    वित्त वर्ष 2019-20 में परिचालन से कंपनी का कुल राजस्व 3,028.82 करोड़ रुपये था। बीईएमएल का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सोमवार को शुरुआती कारोबार में 3.77 फीसद या 36.75 रुपये की बढ़त के साथ 1011 पर कारोबार कर रहा था।

     

  • आईटी विभाग की बेनामी संपत्ति के मामले में रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ

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    नई दिल्ली। आयकर विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को बेनामी संपत्ति के मामले में रॉबर्ट वाड्रा का बयान दर्ज करना शुरू कर दिया। जांच से जुड़े एक आईटी विभाग के सूत्र ने बताया, बेनामी संपत्तियों के मामले में बयान दर्ज करने के लिए एक आईटी टीम वाड्रा के आवास पर है।

    वाड्रा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद हैं और उनकी शादी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से हुई है। वह कोविड महामारी के कारण जांच में शामिल नहीं हो पाए थे।

    आईटी विभाग के अलावा, वाड्रा के खिलाफ प्रवर्तन विभाग (ईडी) मनी लांड्रिंग (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत जांच कर रहा है, जिसमें लंदन स्थित संपत्ति की खरीद के लिए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं। वाड्रा पर ब्रायनस्टन स्क्वायर में 1.9 मिलियन पाउंड की कीमत का मकान खरीदने का आरोप है। वाड्रा फिलहाल अग्रिम जमानत पर बाहर हैं।

  • सोने, चांदी की कीमतों में तेजी, जानिए आज का भाव

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    नई दिल्ली। सोने-चांदी की घरेलू वायदा कीमतों में बुधवार सुबह बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर पांच फरवरी, 2021 वायदा के सोने का भाव बुधवार सुबह 0.65 फीसद या 317 रुपये की बढ़त के साथ 49,362 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। इसके अलावा पांच अप्रैल, 2021 के सोने का वायदा भाव इस समय 0.65 फीसद या 319 रुपये की तेजी के साथ 49,353 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, वैश्विक बाजार में भी बुधवार सुबह सोने की वैश्विक हाजिर और वायदा कीमतों में बढ़त देखी गई।

    सोने के साथ ही चांदी की घरेलू वायदा कीमतों में भी बुधवार सुबह तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर बुधवार सुबह पांच मार्च, 2021 वायदा की चांदी की कीमत 0.21 फीसद या 140 रुपये की तेजी के साथ 66,046 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखाई दी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार सुबह चांदी की वायदा कीमत में तेजी और हाजिर कीमत में गिरावट देखी गई।

    वैश्विक स्तर पर सोने का भाव

    वैश्विक स्तर पर बुधवार सुबह सोने की वायदा और हाजिर दोनों कीमतों में तेजी देखने को मिली। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, बुधवार सुबह सोने का वैश्विक वायदा भाव कॉमेक्स पर 0.83 फीसद या 15.30 डॉलर की तेजी के साथ 1,859.50 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया। इसके अलावा सोने का वैश्विक हाजिर भाव इस समय 0.26 फीसद या 4.90 डॉलर की बढ़त के साथ 1,859.67 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया।

    वैश्विक स्तर पर चांदी का भाव

    वैश्विक स्तर पर बुधवार सुबह चांदी की वायदा कीमत में तेजी और हाजिर कीमत में गिरावट देखने को मिली। ब्लूमबर्ग के अनुसार, बुधवार सुबह कॉमेक्स पर मार्च, 2021 वायदा की चांदी का भाव 0.79 फीसद या 0.20 डॉलर की तेजी के साथ 25.64 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया। इसके अलावा इस समय चांदी का वैश्विक हाजिर भाव 0.05 फीसद या 0.01 डॉलर की गिरावट के साथ 25.55 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया।

     

  • रत्न-आभूषण उद्योग ने बजट में सोने पर आयात शुल्क घटाकर चार प्रतिशत करने की मांग की

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    नई दिल्ली। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश होना है। रत्न एवं आभूषण उद्योग ने बजट में सोने पर सीमा शुल्क को घटाकर चार प्रतिशत करने की मांग की है, साथ ही स्रोत पर एकत्र किये गये कर (टीसीएस) को भी वापस लिये जाने की मांग की गई है, इन मांगों में पॉलिस किए हुए बहुमूल्य एवं अर्ध-मूल्यवान रत्नों पर आयात शुल्क में कटौती किये जाना भी शामिल है।

    अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू रत्न एवं आभूषण परिषद (जीजेसी) के अध्यक्ष आशीष पेठे ने कहा, ‘हमारा आग्रह है कि सरकार सोने पर सीमा शुल्क को मौजूदा 12.5 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत करे। अगर कर की दर इस स्तर पर नहीं आई तो इससे तस्करी को बढ़ावा और लोगों को असंगठित व्यापार करने के लिए प्रोत्साहित मिलेगा।

    आशीष पेठे ने आग्रह किया कि सरकार आने वाले समय में एचसीएन -71 (हार्मोनाइज्ड सिस्टम नोमेनक्लेचर) के तहत आने वाली जिसों को संग्रहित कर (टीसीएस) प्रावधानों के दायरे से बाहर रखे। उन्होंने कहा कि टीसीएस में जो धनराशि ब्लॉक है वह आयकर का भुगतान करने की क्षमता से 6.67 गुना अधिक है।

    जीजेईपीसी की मांग

    रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के अध्यक्ष कॉलिन शाह ने कहा कि सरकार कीमती और अर्ध-कीमती रत्नों पर आयात शुल्क जो मौजूदा समय में 7.5 प्रतिशत है, इसे घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दे। उन्होंने बजट सिफारिशों में और बाते जोड़ी जिनमें सिंथेटिक रूप से तराशे और पॉलिश किए गए रत्नों पर आयात शुल्क को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जाए।

    वहीं, जीजेसी के अध्यक्ष के मुताबिक, रत्नों और आभूषण उद्योग के लिए कर्ज पर ईएमआई की सुविधा मिले और नकद खरीद की सीमा को मौजूदा 10,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करना चाहिए।

     

  • शेयर बाजार गिरावट के साथ खुलने के बाद भी सेंसेक्स 49000 पर कारोबार कर रहा है, निफ्टी भी 14500 के ऊपर

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    नई दिल्ली। दुनियाभर में मिले-जुले संकेतों के चलते आज सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांकन सेंसेक्स 76.91 अंक नीचे 49,415.41 के स्तर पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 12.20 अंक गिरकर 14,552.70 के स्तर पर खुला। बुधवार को दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 24.79 अंक की बढ़त के साथ 49492.32 के स्तर पर बंद और निफ्टी 1.40 अंक की तेजी के साथ 14564.85 के स्तर पर बंद हुआ था।

    आज के प्रमुख शेयरों की बात करें तो एसबीआई लाइफ, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस के शेयर में मजबूती रही और यह हरे निशान पर खुले। जबकि, टेक महिंद्रा, एम एंड एम, अडाणी पोर्ट्स और भारती एयरटेल के शेयर लाल निशान पर खुले। सेक्टोरियल इंडेक्स में आज आईटी, फाइनेंस सर्विसेज, बैंक, मेटल, पीएसयू बैंक लाल निशान पर खुले। जबकि, फार्मा, एफएमसीजी, मीडिया, रियल्टी ने हरे निशान के साथ शुरुआत की।

    बुधवार को सेंसेक्स की शुरुआत करीब 50000 के करीब हुई थी। यह 216.28 अंक बढ़कर 49,733.39 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 67 अंक ऊपर 14,630.50 के स्तर पर खुला था।

    विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को रुपया 10 पैसे बढ़कर 73.15 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह 73.16 पर खुला 73.10 से 73.23 के दायरे में रहा। कारोबार के अंत में यह 10 पैसे की तेजी के साथ 73.15 पर बंद हुआ। मंगलवार को कारोबार बंद होने के समय विनिमय दर 73.25 रुपये प्रति डालर थी। कल कच्चे तेल के वैश्विक बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.18 प्रतिशत बढ़कर 56.68 डालर प्रति बैरल हो गया।

     

  • सोने में दिखी नरमी, चांदी में आई तेजी

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    नई दिल्ली। वायदा कारोबार में सोमवार को सोने एवं चांदी के वायदा भाव में मिला-जुला रुख देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10:22 बजे फरवरी, 2021 में डिलिवरी वाले सोने का भाव 30 रुपये यानी 0.06 फीसद की गिरावट के साथ 48,672 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा था। इससे पिछले सत्र में फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाले सोने का भाव 48,702 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा था। दूसरी ओर, अप्रैल में डिलिवरी वाली सोने का दाम नौ रुपये यानी 0.02 फीसद की मामूली गिरावट के साथ 48,706 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। इससे पिछले सत्र में फरवरी में डिलिवरी वाले सोने का भाव 48,715 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा था।

    वायदा बाजार में चांदी की कीमत (Silver Price in Futures Market)

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मार्च, 2021 में डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 201 रुपये यानी 0.31 फीसद की तेजी के साथ 64,965 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रही थी। इससे पिछले सत्र में चांदी की कीमत 64,764 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी। दूसरी ओर, मई 2021 में कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी की कीमत 325 रुपये यानी 0.50 फीसद की बढ़त के साथ 65,941 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रही थी। इससे पिछले सत्र में चांदी की कीमत 65,616 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी।

    वैश्विक स्तर पर सोने का मूल्य (Gold Price in Global Market)

    ब्लूमबर्ग के मुताबिक कॉमेक्स पर फरवरी, 2021 में डिलिवरी वाले सोने का भाव 2.50 डॉलर यानी 0.14 फीसद की गिरावट के साथ 1,827.40 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रहा था। दूसरी ओर, हाजिर बाजार में सोने का भाव 1.20 डॉलर यानी 0.70 फीसद की बढ़त के साथ 1,829.65 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रहा था।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमत (Silver Price in International Market)

    ब्लूमबर्ग के मुताबिक कॉमेक्स पर मार्च, 2021 में डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 0.06 डॉलर यानी 0.24 फीसद की तेजी के साथ 24.93 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रही थी। वहीं, हाजिर बाजार में चांदी की कीमत 0.09 डॉलर यानी 0.36 फीसद की तेजी के साथ 24.86 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी।

     

  • हासिल करें छोटे-छोटे लक्ष्य, अरबपति बनने की चाहत आपको आगे बढ़ाने की बजाय हतोत्साहित कर सकती है

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    नई दिल्ली। अरबपति बनना ऐसी चाहत है, जो कई लोगों के मन में आती है। हालांकि, अक्सर यह चाहत उन्हें आगे बढ़ाने के बजाय हतोत्साहित कर देती है। लक्ष्य ऐसा रखना चाहिए, जिसे पाने की संभावना हो। छोटे-छोटे लक्ष्य हासिल करते हुए बड़े की ओर बढ़ना सही कदम होता है। वहीं ऐसा बड़ा लक्ष्य रख लेना, जिसे हासिल करना असंभव लगने लगे, वह निराशा का कारण बन जाता है और फिर व्यक्ति छोटे लक्ष्य की ओर भी कदम नहीं बढ़ा पाता है।

    जब आप अरबपति बनना चाहते हैं तो यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कहां से शुरू करें। एक अरब बहुत बड़ी रकम है। यह मजाक नहीं है। बहुत से लोगों को यह भी अंदाजा नहीं होगा कि 10 लाख कितनी ज्यादा रकम है।

    इसे ऐसे समझिए, अगर आप अभी हर माह 20,000 रुपये जमा करना शुरू करें तो मार्च, 2025 तक आप 10 लाख रुपये इकठ्ठा कर सकते हैं। इसी दर से एक अरब रुपये जुटाने के लिए चार हजार साल से अधिक का समय लगेगा। आप मिलने वाले ब्याज आदि की बात कर सकते हैं, लेकिन फिर भी बड़ा अंतर है।

    इक्विटी निवेशक इस बात को जानते हैं कि जिन लोगों को आजकल अरबपति कहा जाता है वे वास्तव में अरबपति नहीं हैं। आम तौर पर इनमें से ज्यादातर किसी बिजनेस के एक हिस्से के मालिक होते हैं जिसका बाजार पूंजीकरण एक अरब से अधिक होता है। यह रकम बहुत तेजी से गायब भी हो सकती है। यह कॉलम वास्तव में एक अरब की रकम बनाने के बारे में नहीं है। मैं आपसे कुछ और साझा कर सकता हूं जो ज्यादा फायदेमंद है।

    सबसे खराब बात यह है कि बहुत ऊंचा लक्ष्य रखना आपको बचत और निवेश शुरू करने से रोकता है। आपको यह सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन यह काफी हद तक सच है। अगर आप अरबपति बनने की प्लानिंग कर रहे हैं और आप हर माह 20,000 रुपये बचा सकते हैं तो आपको यह निराशाजनक लगेगा। आपके पास 4,000 साल नहीं है कि आप लक्ष्य करीब आने का इंतजार करते रहें। हालांकि, हासिल किया जा सकने वाला लक्ष्य तय करना आपकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

    वास्तविकता से दूर लक्ष्य एक बड़ी समस्या है। बहुत से ऐसे लक्ष्य होते हैं, जिनके बारे में हमें लगता है कि इसे हासिल किया जा सकता है, लेकिन अगर सही तरह से आंकड़ों पर गौर करें तो लक्ष्य हासिल कर पाने की संभावना बहुत कम होती है।

    उदाहरण के लिए मान लेते हैं कि आप पांच साल में 50 लाख रुपये की रकम जुटाना चाहते हैं और आप हर माह 25,000 से 30,000 रुपये की रकम बचा कर ऐसा करना चाहते हैं। आपको ऐसा लग सकता है कि इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है लेकिन वास्तव में ऐसा करना मुश्किल है। कोई भी यथार्थवादी एडवाइजर या ऑनलाइन कैलकुलेटर आपको यह नहीं बताएगा कि ऐसा हो सकता है। निश्चित तौर पर इससे हतोत्साहित होकर कई लोग बचत की शुरुआत भी नहीं करते हैं।

    ध्यान रखिए, बचत और निवेश शुरू न करने के हजारों कारण हो सकते हैं और अरबपति बनने का वास्तविक मौका न होना इन कारणों में से एक हो सकता है। दूसरी तरफ बचत और निवेश शुरू करने के भी हजारों कारण हो सकते हैं। सोचना आपको है।

     

  • अभी नहीं है राहत की उम्मीद Petrol व Diesel की कीमतों में

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    नई दिल्ली। पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। केंद्र सरकार पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती करने के मूड में नहीं दिख रही है। इसकी मुख्य वजह यह है कि चालू वित्त वर्ष 2020-21 में अप्रैल से सितंबर माह के दौरान सभी प्रकार के टैक्स कलेक्शन में गिरावट रही, लेकिन पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क के कलेक्शन में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले लगभग 34 फीसद की बढ़ोतरी रही।

    अभी एक लीटर पेट्रोल की बिक्री होने पर उत्पाद शुल्क के रूप में केंद्र सरकार को 32.98 रुपये मिलते हैं। वहीं एक लीटर डीजल की बिक्री पर सरकार को 31.83 रुपये मिलते हैं। राज्य सरकार वैट के रूप में अपना टैक्स अलग से वसूलती है। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल पर 19.32 रुपये तो एक लीटर डीजल पर 10.85 रुपये वैट वसूले जाते हैं जो राज्य सरकार के खाते में जाते हैं।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को पेट्रोल की कीमत 84.70 रुपये है और डीजल 74.88 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। पिछले वर्ष पहली अप्रैल को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 69.69 रुपये प्रति लीटर थी। यानी कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में पेट्रोल के दाम में 20 फीसद से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है।

    सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोल व डीजल पर मिलने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती से सरकार की राजस्व प्राप्ति प्रभावित होगी। इसलिए केंद्र सरकार की तरफ से उत्पाद शुल्क में कटौती पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में नरमी पर ही पेट्रोल व डीजल की खुदरा कीमत में गिरावट की उम्मीद की जा सकती है।

     

  • अब तक का सबसे बड़ा विनिवेश लक्ष्य रख सकती है सरकार आगामी बजट में, तीन लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है लक्ष्य

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    नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण आर्थिक संकट से जूझ रही सरकार आगामी बजट में अब तक का सबसे बड़ा विनिवेश लक्ष्य रख सकती है। आगामी वित्त वर्ष के लिए विनिवेश का लक्ष्य तीन लाख करोड़ रुपये तक का हो सकता है। चालू वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सरकार ने 2.1 लाख करोड़ रुपए का विनिवेश लक्ष्य रखा था लेकिन अब तक लक्ष्य का छह फीसद ही हासिल किया जा सका है।

    वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक अगले वित्त वर्ष में सरकारी खर्च और प्राप्ति में होने वाले बड़े अंतर को कम रखने के लिए विनिवेश एक कारगर उपाय हो सकता है। कोरोना के कारण चालू वित्त वर्ष में सरकार ने कई कंपनियों के विनिवेश में इसलिए भी जल्दबाजी नहीं दिखाई, क्योंकि इससे अच्छी कीमत नहीं मिल पाने का अंदेशा था। अगले वित्त वर्ष में वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेजी की उम्मीद है और इस अवधि में ही चालू वित्त वर्ष के लिए निर्धारित विनिवेश कार्यक्रम को भी अंजाम दिया जाएगा। गत जुलाई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 केंद्रीय सार्वजनिक कंपनियों (पीएसयू) में से सरकारी हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की थी और यह काम भी आगामी वित्त वर्ष में पूरा किए जाने की उम्मीद है। इनमें से सभी में सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री को केंद्रीय कैबिनेट से भी मंजूरी मिल चुकी है।

    मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक आगामी वित्त वर्ष में विनिवेश का लक्ष्य तीन लाख करोड़ तक रखने और उसे हासिल करने की भी सरकार की बाध्यता रहेगी, ताकि राजकोषीय घाटे को काबू में रखा जा सके। एसबीआइ इकोरैप के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में सरकार का खर्च 35.7 लाख करोड़ तक रह सकता है जबकि सरकार की प्राप्ति 24.1 लाख करोड़ तक रह सकती है। यह अंतर 11.17 लाख करोड़ का है जो सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) का 5.2 फीसद तक हो सकता है। विनिवेश के बड़े लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब होने पर इस अंतर को कम किया जा सकता है। हालांकि, वित्त वर्ष 2019-20 में भी सरकार विनिवेश लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई थी। गत वित्त वर्ष की बजट घोषणा में 1.05 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखा गया था जिसे घटाकर 65,000 करोड़ कर दिया गया।

    वित्त मंत्रालय के निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में अब तक 12,450.24 करोड़ रुपये के विनिवेश को आगे बढ़ाया गया है। दीपम के मुताबिक एयर इंडिया, बीईएमएल, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स, शिपिंग कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों की रणनीतिक बिक्री प्रक्रिया शुरू हो गई है।

    इस वर्ष अब तक इनका विनिवेश

    बीडीएल (ओएफएस):  771.46 करोड़

    एचएएल (ओएफएस):  4924.23 करोड़

    एमडीएल (आईपीओ):  442.79 करोड़

    आईआरसीटीसी (ओएफएस):  4473.16 करोड़

    आईआरसीटीसी इंप्लाई ओएफएस:  0.76 करोड़

    अन्य:  1837.84 करोड़