Category: business

  • Airtel को हुआ सबसे अधिक फायदा, अक्टूबर में 25 लाख बढ़ी Telecom Industry के सक्रिय ग्राहकों की संख्या

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    नई दिल्ली। टेलीकॉम उद्योग के सक्रिय ग्राहकों की संख्या इस वर्ष अक्टूबर के आखिर में करीब 25 लाख बढ़कर 96.1 करोड़ पर पहुंच गई। आइसीआइसीआइ सिक्युरिटीज ने एक रिपोर्ट के माध्यम से कहा है कि पिछले कुछ समय के दौरान टेलीकॉम टैरिफ में बढ़ोतरी हुई है और प्रत्येक सिम को सक्रिय रखने के लिए मासिक शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। इससे सक्रिय कनेक्शनों की संख्या बढ़ी है।

    भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों के आधार पर आइसीआइसीआइ सिक्युरिटीज ने कहा कि अक्टूबर में भारती एयरटेल के सक्रिय ग्राहकों की संख्या करीब 30 लाख बढ़कर 32 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी ने परंपरागत रूप से कमजोर माने जाने वाले महाराष्ट्र सर्किल में सबसे अधिक सात लाख और गुजरात सर्किल में पांच लाख ग्राहक जोड़े।

    सक्रिय ग्राहकों की गणना विजिटर लोकेशन रजिस्टर (वीएलआर) के आधार पर होती है। अक्टूबर में जियो के सक्रिय ग्राहकों की संख्या 11 लाख बढ़कर 31.9 करोड़ पर पहुंच गई। हालांकि वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआइएल) के सक्रिय ग्राहकों की संख्या में गिरावट जारी है। अक्टूबर में कंपनी के सक्रिय ग्राहक करीब 27 लाख घटकर 26 करोड़ रह गए।

    आइसीआइसीआइ सिक्युरिटीज ने पाया है कि भारती एयरटेल ने सक्रिय सब्सक्राइबर्स के जरिए एक बार फिर टेलीकॉम बाजार में एक लीडर की भूमिका में आ गई है। भारती एयरटेल के सक्रिय ग्राहकों की संख्या करीब 30 लाख बढ़कर 32 करोड़ पर पहुंच गई। जबकि जियो के सक्रिय ग्राहकों की संख्या अक्टूबर में 31.9 करोड़ दर्ज की गई। वहीं, सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल को सब्सक्राइबर बेस में नुकसान हुआ है।

     

  • वकालत कर रहे निर्यातक यूरोपीय संघ व ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते की

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    नई दिल्ली। ब्रेक्जिट-बाद के दौर में भारत को यूरोपीय संघ (ईयू) और ब्रिटेन के साथ आक्रामक तरीके से अलग-अलग मुक्त व्यापार करार (एफटीए) के लिए प्रयास करने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बीच करार से भारत को मिलने वाले फायदों का आकलन करना अभी मुश्किल है, लेकिन इस करार से देश को अधिक लाभ होता नहीं दिख रहा है। फिर भी, देश को आइटी, आर्किटेक्चर, अनुसंधान और इंजीनियरिंग में दोनों क्षेत्रों के साथ एफटीए के बारे में सोचना चाहिए। इसकी वजह यह है कि ब्रेक्जिट करार में सेवा क्षेत्र शामिल नहीं है।

    निर्यातकों के प्रमुख संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय के मुताबिक भारतीय वस्तुओं को इससे विशेष फायदा नहीं होगा, लेकिन सेवा क्षेत्र में लाभ उठाया जा सकता है। अब ईयू और ब्रिटेन दोनों के साथ एफटीए वार्ताओं को आगे बढ़ाने का मौका है। वियतनाम स्पर्धियों को कपड़ा और समुद्री उत्पाद क्षेत्र में बड़ा शुल्क लाभ मिल रहा है।

    फियो के प्रेसिडेंट शरद कुमार सराफ का कहना था कि भारत को अब ईयू और ब्रिटेन के साथ व्यापार वार्ता को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आइआइएफटी) के प्रोफेसर राकेश मोहन जोशी के मुताबिक ईयू और ब्रिटेन के बीच व्यापार करार के बाद भारत के पास दोनों बाजारों की मांग को पूरा करने का बेहतर मौका है।

    ब्रेक्जिट के बाद भारत और ब्रिटेन के कारोबारी रिश्तों पर औद्योगिक संगठन सीआइआइ द्वारा हाल ही में आयोजित सत्र में वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कह था कि ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) होने में कम से कम दो साल का समय लग सकता है। इसकी वजह है कि किसी भी एफटीए को करने में कई दृष्टिकोण पर विचार करना होता है। उन्होनें कहा था कि यह उनके लिए खुशी की बात होगी, अगर यह एफटीए अगले साल तक हो जाता है।

     

  • पेटीएम से खरीदा डिजिटल गोल्ड साढ़े 7 करोड़ से अधिक भारतीयों ने

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    नई दिल्ली| भारत के घरेलू डिजिटल वित्तीय सेवा प्लेटफॉर्म पेटीएम ने घोषणा की है कि उसने पिछले छह महीनों के दौरान डिजिटल सोने के लेनदेन में 27 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है। इस वित्तीय वर्ष की शुरूआत के बाद से, नए उपयोगकर्ताओं में 50 फीसदी की वृद्धि हुई है और एवरेज ऑर्डर मूल्य में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ, प्लेटफॉर्म पर कुल लेनदेन की मात्रा 5000 किलोग्राम के माइलस्टोन को पार कर गई है। कंपनी ने अब पेटीएम गोल्ड सर्विसेज को पेटीएम मनी प्लेटफॉर्म पर बढ़ा दिया है, जिससे उपयोगकर्ता किसी भी दो प्लेटफॉर्म पर डिजिटल सोना खरीद और बेच सकते हैं। कंपनी ने अपने हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन प्रोडक्ट फीचर को लॉन्च करने की भी घोषणा की है, जिसमें यूजर अपने ऐप पर एक बार में 1 करोड़ रुपये तक का पेटीएम गोल्ड खरीद पाएंगे। पहले, उपयोगकर्ताओं के लिए सिंगल ट्रांससेशन में केवल 2 लाख रुपये तक का सोना खरीदना संभव था, इस बदलाव के साथ, उपयोगकर्ता पूरी तरह से सहज और पारदर्शी तरीके से अधिक मात्रा में गोल्ड खरीद सकते हैं।

    पेटीएम ने ग्राहकों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की है और अब तक प्लेटफॉर्म पर 73 मिलियन से अधिक लोगों ने पेटीएम गोल्ड खरीदा है। इनमें से लगभग 40 फीसदी खरीददार छोटे शहरों और कस्बों से हैं, जो दर्शाता है कि अब देश भर में लोग डिजिटल सोने को एक गंभीर निवेश विकल्प के रूप में मान रहे हैं। यह इस तथ्य से और पुष्ट होता है कि इस वर्ष की अक्षय तृतीया ने पिछले वर्ष की तुलना में 2.57 प्रतिशत की बिक्री की है।

    वरुण श्रीधर, सीईओ – पेटीएम मनी ने कहा, अब जब कि महामारी जारी है, पेटीएम के डिजिटल गोल्ड ने भारतीयों में अच्छा इंटरेस्ट उत्पन्न किया है जो इन्वेस्टमेंट के उद्देश्य से सोना खरीदना जारी रखना चाहते हैं, इस अनिश्चित समय के दौरान पर्सनल उपयोग और उपहार देने के लिए, लेकिन सोना खरीदने या दोस्तों और परिवार से मिलने के लिए बाहर जाने से प्रतिबंधित किया गया है। हम कॉंफिडेंट है कि यह ट्रेंड भविष्य में भी बड़ेगा, महामारी के समाप्त होने के बाद भी, इसलिए कि गिफ्टिंग डिजिटल गोल्ड खरीदने की आसानी और इसकी वैल्यू प्राइम कमोडिटी के रूप में जानी जाती हैं। एक एकीकृत निवेश मंच के रूप में अपनी साख को ध्यान में रखते हुए, पेटीएम मनी अब उपयोगकर्ताओं को सोने की खरीद और बिक्री की अनुमति देगा, जिससे वे अपने निवेश प्लान को और नियंत्रण कर सकेंगे। डिजिटल गोल्ड नागरिकों को उनकी पसंद की राशि में खरीदारी करने का अधिकार देता है, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, जिससे उन्हें अपनी निवेश योजना को कैलिब्रेट करने में मदद मिलती है। इस प्रोडक्ट के लिए हमारे पास बड़ी योजनाएं हैं और निकट भविष्य में डिजिटल सोने के लिए प्रमुख प्रस्ताव और प्रचार हो सकता है।

    पेटीएम का डिजिटल गोल्ड 100 प्रतिशत सुरक्षित है क्योंकि यह एमएमटीसी-पीएएमपी से आता है। भारत की एमएमटीसी (भारत सरकार के उपक्रम) और स्विट्जरलैंड के प्रमुख बुलियन ब्रांड पीएएमपी एसए के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में स्थापित दुनिया की सबसे उन्नत सोने और चांदी की शोधन और खनन सुविधाओं में से एक है।

  • गिरावट के साथ साल के आखिरी कारोबारी दिन खुला शेयर बाजार

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    नई दिल्ली। आज 31 दिसंबर 2020 को यानी साल के आखिरी कारोबारी दिन यानी शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 106.53 अंक की गिरावट के साथ 47639.69 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 31.70 अंक नीचे 13950.30 के स्तर पर खुला। बुधवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ था। सेंसेक्स 133.14 अंक ऊपर 47746.22 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 49.35 अंक की बढ़त के साथ 13981.95 के स्तर पर बंद हुआ था।

    पिछले कारोबारी दिन शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला था। सेंसेक्स 38.72 अंक की तेजी के साथ 47,651.80 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 11.10 अंक ऊपर 13,943.70 के स्तर पर खुला था।

    आज शुरुआती कारोबार के प्रमुख शेयरों में रिलायंस, भारती एयरटेल, ओएनजीसी, मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, एम एंड एम और बजाज ऑटो के शेयर हरे निशान पर खुले। वहीं इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी, सन फार्मा, आईटीसी, डॉक्टर रेड्डी, टीसीएस, एसबीआईहिंदुस्तान युनिलीवर, एचसीएल टेक और एशियन पेंट्स के शेयर लाल निशान पर खुले।

    मालूम हो कि एस्ट्राजेनका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित कोविड-19 टीके को ब्रिटेन में मंजूरी से यूरोपीय शेयर बाजरों में शुरूआती करोबार में तेजी रही। ब्रिटेन पहला देश है, जिसने इन कंपनियों के टीके को मंजूरी दी है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने मंजूरी को उत्साहजनक बताया और कहा कि कंपनी अब भारत में टीके को अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार करेगी।

    डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे सुधरकर 73.31 रुपये प्रति डॉलर पर

    विदेशी संस्थागत निवेशकों के सतत निवेश और घरेलू शेयर बाजार में तेजी के समर्थन से विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को डालर के मुकाबले रुपया 11 पैसे बढ़कर 73.31 रुपये प्रति डालर पर बंद हुआ। बाजार सूत्रों के अनुसार विदेशी बाजारों में डॉलर के कमजोर होने के कारण भी रुपये को समर्थन मिला। अंतर बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में घरेलू मुद्रा की शुरुआत डालर के मुकाबले 73.35 रुपये प्रति डालर पर हुई। कारोबार आगे बढ़ने के साथ ही यह और चढ़कर 73.26 रुपये की ऊंचाई तक गया। वहीं कारोबार के दौरान उसने 73.36 रुपये प्रति डालर के निचले स्तर को भी छुआ। अंत में रुपया 73.31 रुपये प्रति डालर पर बंद हुआ।

     

  • आपके लिए जानना है जरूरी, बदल जाएंगे नए साल में Mutual Funds में निवेश से जुड़े ये 5 नियम

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    नई दिल्ली। बाजार नियामक सेबी नए साल में म्युचुअल फंड के नियमों में बदलाव करने जा रहा हैं। म्युचुअल फंड्स को निवेशकों के लिए अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नियमों में बदलाव हो रहे हैं। इनमें से कुछ बदलाव एक जनवरी से और कुछ उसके बाद लागू होंगे। अगर आप साल 2021 में म्युचुअल फंड्स में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको नियमों में होने वाले इन बदलावों के बारे में जरूर पता होना चाहिए। आइए जानते हैं कि ये बदलाव कौन-कौनसे हैं।

    नया रिस्कोमीटर टूल

    बाजार नियामक सेबी निवेशकों को निवेश के पहले रिस्क का अंदाजा लगाने के लिए एक रिस्कोमीटर टूल की सुविधा देता है। अब इस टूल में 1 जनवरी 2021 से ‘बहुत अधिक जोखिम’ की कैटेगरी भी जोड़ दी जाएगी, जिससे निवेशक उत्पाद के बारे में सटीक अंदाजा लगा सकें। यह सुविधा 1 जनवरी से लागू हो जाएगी। हर महीने इसका मूल्यांकन भी किया जाएगा। एक जनवरी से सभी योजनाओं पर अलग से जोखिम की श्रेणी दर्शायी जाएगी और फंड हाउस को योजना के रिस्क प्रोफाइल में बदलाव होने पर निवेशकों को सूचित करना होगा।

    मल्टी-कैप इक्विटी म्युचुअल फंड योजनाओं के लिए पोर्टफोलियो आवंटन 

    सितंबर महीने में सेबी ने मल्टी-कैप इक्विटी म्युचुअल फंड योजनाओं के लिए पोर्टफोलियो आवंटन में कुछ बदलाव किये थे। अब बदले हुए नियमों के अनुसार, किसी मल्टी-कैप म्युचुअल फंड स्कीम को 65 फीसद के स्थान पर कम से कम 75 फीसद इक्विटी में निवेश करना होगा। मल्टी कैप इक्विटी म्युचुअल फंड्स स्कीम्स में कम से कम 25-25 फीसद हिस्सा लार्ज कैप, मिडकैप और स्मॉल कैप स्टॉक्स में निवेश करना होगा। वर्तमान में मल्टी-कैप फंड कैटेगरी में कोई आवंटन से जुड़ा प्रतिबंध नहीं है।

    NAV गणना में बदलाव

    एक जनवरी 2021 से म्युचुअल फंड निवेशकों को नेट एसेट वैल्यू यानी परचेज NAV एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के पास पैसे पहुंच जाने के बाद मिलेगा, चाहे निवेश का आकार कितना भी बड़ा क्यों न हो। यह लिक्विड और ओवरनाइट म्युचुअल फंड स्कीम्स पर लागू नहीं होगा। अभी तक दिन का 2 लाख तक परचेज NAV, AMC के पास पैसे पहुंचने से पहले मिल जाता था।

    सिक्युरिटीज का इंटर-स्कीम ट्रांसफर

    एक जनवरी, 2021 से क्लोज इंडेड फंड्स का इंटर-स्कीम ट्रांसफर निवेशकों को स्कीम की यूनिट एलॉट होने के केवल तीन कारोबारी दिनों के अंदर करना होगा। तीन कारोबारी दिन के बाद ऐसे ट्रांसफर की अनुमति नहीं होगी।

    बदलेगा डिविडेंड ऑप्शन का नाम

    एक अप्रैल, 2021 से म्युचुअल फंड्स स्कीम्स के सभी डिविडेंड ऑप्शंस का नाम बदलकर इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विड्रॉअल ऑप्शन (income distribution cum capital withdrawal) हो जाएगा।

     

  • उतार-चढ़ाव रहा शेयर बाजार में, आईटी कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार में तेजी

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    नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। BSE का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक बुधवार को 176 अंक की बढ़त के साथ खुला। हालांकि, जल्द ही मुनाफावसूली के दबाव की वजह से उसमें गिरावट देखने को मिली। सुबह 09:42 बजे Sensex पर 48.36 अंक यानी 0.10 फीसद की गिरावट के साथ 47,564.72 अंक के स्तर पर कारोबार हो रहा था। इससे पिछले सत्र में Sensex 47,613.08 अंक के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, सुबह 09:48 बजे NSE Nifty पर 2.55 अंक यानी 0.02 फीसद की गिरावट के साथ 13,930.05 अंक पर ट्रेडिंग हो रही थी।

    Sensex पर टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा 0.99 फीसद की बढ़त देखने को मिल रही थी। वहीं, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, ओएनजीसी, टीसीएस, नेस्ले इंडिया, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, एशियन पेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में हरे निशान के साथ ट्रेडिंग हो रही थी।

    वहीं, सुबह 09:42 तक Sensex पर इंडसइंड बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही थी। दूसरी ओर, एसबीआई, एक्सिस बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, एचडीएफसी, भारती एयरटेल, रिलायंस, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनजर्व, आईटीसी, पावरग्रिड, बजाज ऑटो, डॉक्टर रेड्डीज, इन्फोसिस और एनटीपीसी के शेयर लाल निशान में नजर आ रहे थे।

    शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को शुद्ध आधार पर 2,349.53 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे और शुद्ध आधार पर लिवाल बने रहे।

    दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 900 बिलियन डॉलर के आर्थिक राहत पैकेज पर हस्ताक्षर किए जाने के एक दिन बाद S&P 500 में 0.2 फीसद का गिरावट देखने को मिला। वहीं, जापान के निक्की 225 में 0.6 फीसद की गिरावट देखने को मिली। इससे एक दिन पहले निक्की दो फीसद से ज्यादा की तेजी के साथ 30 वर्ष के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

     

  • संतोष गंगवार ने कहा- 8.5% की दर से ब्याज मिलेगा ईपीएफ के सभी 6 करोड़ खाताधारकों को एक बार में

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    नई दिल्ली। केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने आज (गुरुवार) वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए प्रोविडेंट फंड की राशि पर 8.5% की दर से ब्याज करने हेतु नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। हमारे जितने भी अंशधारक हैं उनके खातों में आज से ही 8.5% की ब्याज दर से पैसा जाना शुरू हो जाएगा।

    श्रम मंत्री ने कहा कि आज ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मुलाकात की, जिसमें ईपीएफ के सभी 6 करोड़ खाताधारकों को एक बार में 8.5% इंटरेस्ट पेमेंट एक ही इंस्टॉलमेंट में देने का फैसला लिया गया है। इससे पहले, 09 सितंबर, 2020 को, EPFO ​​सेंट्रल बोर्ड ने COVID-19 संकट का हवाला देते हुए कहा था कि 31 दिसंबर, 2020 के बाद ही EPF ग्राहकों को ब्याज भुगतान का एक हिस्सा दिया जाएगा।

  • निर्यात के क्षेत्र में यूपी ने लगाई छलांग, पहुंचा पांचवीं रैंक पर

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    लखनऊ। कोरोना संकट में हुए लॉकडाउन में सारी गतिविधियां ठप थी। जिस कारण चालू वित्त वर्ष के शुरूआती आठ माह अप्रैल-नवंबर 2020 के दौरान देश और यूपी के निर्यात कारोबार में भी गिरावट हुई थी। मगर अनलॉक होने के बाद मुख्यमंत्री योगी द्वारा निर्यात कारोबार को बढ़ावा देने के बाबत लिए गए ठोस फैसलों के चलते अब फिर से यूपी का निर्यात कारोबार पटरी पर आने लगा है। यही नहीं यूपी निर्यात के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाते हुए फिर से पांचवी रैंक पर पहुंच गया है।

    सरकार के एक तुलनात्मक अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2019 में अप्रैल से नवंबर तक देश से 14,84,386.50 करोड़ रुपए के उत्पादों का निर्यात हुआ था। तब यूपी से 80,058.44 करोड़ रुपए के उत्पादों का निर्यात किया गया। कोरोना संकट के दौरान जब वर्ष 2020 में अप्रैल से नवंबर तक देश से 12,99,354.87 करोड़ रुपए के उत्पादों का निर्यात हुआ, तब इसी समयावधि में यूपी से 72,508.14 करोड़ रुपए के उत्पाद विदेश भेजे गए। सूबे की सरकार के इन आंकड़ों के अनुसार, कोरोना संकट के दौरान देश और प्रदेश के निर्यात में कमी आई। तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य में निर्यात कारोबार को बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित किया गया। जिसके चलते ही यूपी महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली, केरल, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए निर्यात के मामले में देश में पांचवी रैंक पर आ गया।

    अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोरोना संकट के दौरान जब देश के निर्यात कारोबार में भारी कमी आई तब यूपी के निर्यात कारोबार में करीब 30 प्रतिशत की कमी आई थी। जिसका संज्ञान लेते हुए तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के निर्यात कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कई अहम फैसले लिए। जिसके चलते निर्यातकों के उत्पाद को विदेशों में भेजने की कार्रवाई की गई। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तहत निर्यातकों को बड़ी सहूलियतें देने का प्रयास हुआ।

    देखते ही देखते कालीन व अन्य टेक्सटाइल, फ्लोरकवरिंग, मीट, पीतल के सजावटी उत्पाद, खिलौने, स्पोर्ट्स पार्ट्स और लकड़ी उत्पाद के निर्यात में तेजी आ गई। यहीं नहीं यूपी के निर्यात कारोबार में आयी 30 प्रतिशत की गिरावट में सुधार करते हुए उसे 9.43 प्रतिशत पर ले आया गया है। जिसके चलते यूपी निर्यात के क्षेत्र में पांचवी रैंक हासिल करने में सफल हो गया।

    सूबे के निर्यात कारोबारियों का मत है कि यह रैंक पाने के पीछे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ही प्रयास है। वैसे भी कालीन अन्य टेक्सटाइल, फ्लोरकवरिंग, मीट, पीतल के सजावटी उत्पाद, खिलौने, स्पोर्ट्स पार्ट्स और लकड़ी उत्पाद के निर्यात में यूपी नंबर एक पर है। और देश के निर्यात में यूपी की हिस्सेदारी 4.55 प्रतिशत है।

    राज्य में बने उत्पाद अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, वियतनाम, ब्रिटेन, नेपाल, जर्मनी, चीन, फ्रांस, स्पेन तथा मलेशिया सहित कई देशों को निर्यात किए जाते हैं। निर्यात से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, यूपी से सबसे अधिक निर्यात हस्तशिल्प प्रोसेस्ड मीट, चर्म उत्पाद तथा कालीन का किया जाता है।

    निर्यात कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार, कोरोना संकट के दौरान फार्मास्युटिकल सेक्टर का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। अप्रैल-नवंबर 2020 के दौरान इस सेक्टर के निर्यात में 15 फीसदी की बढ़ोतरी आई है। इसके अलावा चावल और लौह अयस्क तथा सूबे के ओडीओपी योजना के उत्पादों का निर्यात भी अब बढ़ा हैं। निर्यात कारोबार से जुड़े कारोबारियोंको उम्मीद है, प्रदेश सरकार की नीतियों से अगले तीन महीनों में वर्ष 2019 में हुए निर्यात के बराबर ही निर्यात होने लगेगा।

  • सोना लुढ़का, चांदी भी पड़ी फीकी

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    नई दिल्ली। सोने और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं के वायदा भाव में बुधवार सुबह गिरावट देखने को मिली है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर पांच फरवरी, 2021 वायदा के सोने की कीमत बुधवार सुबह 225 रुपये की गिरावट के साथ 51,495 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करती दिखाई दी। इसके अलावा पांच अप्रैल, 2021 के सोने का वायदा भाव इस समय 191 रुपये की गिरावट के साथ 51,540 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। उधर वैश्विक बाजार में भी बुधवार सुबह सोने की हाजिर और वायदा दोनों कीमतों में गिरावट देखी गई।

    सोने के साथ ही चांदी की घरेलू वायदा कीमतों में भी बुधवार सुबह गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर बुधवार सुबह पांच मार्च, 2021 वायदा की चांदी की कीमत 0.69 फीसद या 486 रुपये की गिरावट के साथ 70,372 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखाई दी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार सुबह चांदी की वायदा और हाजिर दोनों कीमतों में भी गिरावट देखी गई।

    वैश्विक स्तर पर सोने का भाव

    वैश्विक स्तर पर बुधवार सुबह सोने की वायदा और हाजिर दोनों कीमतों में गिरावट दिखाई दी है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, बुधवार सुबह सोने का वैश्विक वायदा भाव कॉमेक्स पर 0.30 फीसद या 5.90 डॉलर की गिरावट के साथ 1,948.50 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया। इसके अलावा सोने का वैश्विक हाजिर भाव इस समय 0.18 फीसद या 3.54 डॉलर की गिरावट के साथ 1,946.47 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया।

    वैश्विक स्तर पर चांदी का भाव

    वैश्विक स्तर पर बुधवार सुबह चांदी की भी वायदा और हाजिर दोनों कीमतों में गिरावट देखने को मिली। ब्लूमबर्ग के अनुसार, बुधवार सुबह कॉमेक्स पर मार्च, 2021 वायदा की चांदी का भाव 0.63 फीसद या 0.17 डॉलर की गिरावट के साथ 27.47 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया। इसके अलावा इस समय चांदी का वैश्विक हाजिर भाव 0.81 फीसद या 0.22 डॉलर की गिरावट के साथ 27.33 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया।

     

  • शेयर बाजार में तेजी, Sensex, Nifty में जबरदस्त उछाल

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    नई दिल्ली। आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त पर हुई। सेंसेक्स ने पहली बार 48000 का आंकड़ा पार किया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 236.65 अंक उछलकर 48,105.63 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 74.40 अंकों की बढ़त के साथ 14,092.90 के स्तर पर खुला। भारत में कोरोना वायरस की दो वैक्सीन को मिली मंजूरी की खबर से आज बाजार में तेजी आई।

    आज के प्रमुख शेयरों में रिलायंस के अतिरिक्त सभी कंपनियों के शेयर हरे निशान पर खुले। इनमें मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, एम एंड एम, बजाज ऑटो, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, ओएनजीसी, टीसीएस, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, आदि शामिल हैं।

    बाजार में चौतरफा खरीदारी से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैप 190 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है।

    आज एशियाई बाजारों में हॉन्गकॉन्ग का हेंगसेंग इंडेक्स 172 अंकों (0.63%) की बढ़त के साथ 27,404 पर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 18 अंक ऊपर 3,491 पर कारोबार कर रहा है। पिछले कारोबारी दिन सेंसेक्स 117.65 अंक ऊपर 47,868.98 पर बंद हुआ था। इंडेक्स में एसबीआई, इंफोसिस, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, रिलायंस और टीसीएस के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए थे। दूसरी ओर निफ्टी पहली बार 14,018.50 पर बंद हुआ था। पिछले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त पर हुई थी। सेंसेक्स 120.70 अंक ऊपर 47,872.03 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 35.30 अंक ऊपर 14,017.10 के स्तर पर खुला था।

    प्री ओपन के दौरान सुबह 9.01 बजे सेंसेक्स 97.17 अंक की तेजी के बाद 47966.15 के स्तर पर था। वहीं निफ्टी 73.30 अंक यानी ऊपर 14091.80 के स्तर पर था। सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें, तो आज सभी सेक्टर्स हरे निशान पर खुले। इनमें फार्मा, आईटी, एफएमसीजी, मेटल, फाइनेंस सर्विसेज, रियल्टी, पीएसयू बैंक, बैंक, प्राइवेट बैंक, मीडिया और ऑटो शामिल हैं।