Category: business

  • पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार दूसरे दिन बढ़ोत्तरी….

    [object Promise]

    नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल के दाम में शनिवार को भी वृद्धि देखने को मिली। इस तरह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन बढ़ोत्तरी देखने को मिली। देश के बड़े शहरों की बात की जाए तो यहां पेट्रोल की कीमत में 15-17 पैसे प्रति लीटर जबकि डीजल के भाव में 20-23 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 15 पैसे की वृद्धि के साथ 81.38 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। वहीं, डीजल का दाम 20 पैसे की तेजी के साथ 70.88 प्रति लीटर पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को पेट्रोल के दाम में 50 दिन एवं डीजल के भाव में 41 दिन के अंतराल के बाद किसी तरह की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी।

    मुंबई, कोलकाता, चेन्नई में पेट्रोल-डीजल के दाम

    मुंबई में पेट्रोल की कीमत शुक्रवार को 87.92 रुपये प्रति लीटर पर थी, जो शनिवार को 88.09 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई। वहीं, डीजल का मूल्य 23 पैसे की बढ़ोत्तरी के साथ 77.34 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल खरीदने के लिए आपको 82.95 रुपये का भुगतान करना होगा। दूसरी ओर, एक लीटर डीजल की कीमत 74.45 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल खरीदने के लिए आपको 84.46 रुपये खर्च करने होंगे। शहर में एक लीटर डीजल की कीमत 76.37 रुपये पर पहुंच गई है।

    लखनऊ, पटना, नोएडा में पेट्रोल-डीजल के रेट

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 81.76 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गयी है। वहीं, डीजल का भाव 71.30 रुपये प्रति लीटर पर चल रहा था। पटना में पेट्रोल की कीमत 84.01 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, डीजल का भाव 76.48 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। दिलली से सटे नोएडा में पेट्रोल 81.88 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। दूसरी ओर डीजल की कीमत 71.41 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। 

    जानिए आपके शहर में क्या रेट बिक रहे हैं पेट्रोल-डीजल

    अगर आपको जानकारी चाहिए कि आपके शहर में पेट्रोल-डीजल क्या रेट बिक रहे हैं, तो इंडियन ऑयल की वेबसाइट के जरिए आप यह जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा आप SMS के जरिए भी इस बाबत जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके लिए आपको RSP और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 पर SMS करना होगा। यहां यह ध्यान रखने वाली बात है कि हर शहर के लिए अलग-अलग कोड निर्दिष्ट है। आपको अपने शहर का कोड IOCL की वेबसाइट से मिल जाएगा।

     

  • देश के बैंकिंग ढांचे में व्यापक बदलाव संभव, आरबीआइ के पैनल की सिफारिश…

    [object Promise]

    नई दिल्ली। देश के बड़े कारपोरेट घरानों के बैंकिंग सेक्टर में उतरने का रास्ता साफ हो सकता है। आरबीआइ की एक समिति ने इन कारपोरेट घरानों की तरफ से संचालित होने वाले गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) को एक संपूर्ण बैंक के तौर पर काम करने की इजाजत देने की सिफारिश की है। यही नहीं इन बैंकों में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी की मौजूदा सीमा 15 फीसद से बढ़ा कर 26 फीसद करने की भी सिफारिश की गई है। इन सिफारिशों को अमली जामा पहनाने के लिए सरकार को कई स्तर पर विमर्श करना होगा और बैंकिंग अधिनियम में भारी संशोधन करने होंगे। लेकिन इन्हें अमल में लाने के बाद देश के बैंकिंग सेक्टर में व्यापक बदलाव हो जाएगा।

    आरबीआइ ने जून, 2020 में बैंकों में इक्विटी होल्डिंग के पैटर्न में बदलाव पर सुझाव देने के लिए आंतरिक कार्य दल का गठन किया था जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार को सार्वजनिक की गई है। कार्य दल का पहला सुझाव यही है कि 15 वर्षों में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 26 फीसद हो। दूसरा सुझाव है कि गैर-प्रवर्तक हिस्सेदारों के लिए शेयर होल्डिंग की सीमा 15 फीसद हो। तीसरा सुझाव है कि बड़े कारपोरेट घरानों या औद्योगिक कंपनियों को बैंकिंग कानून,1949 में संशोधन के जरिए प्रवर्तक बनने की इजाजत दी जाए। बड़ी कंपनियों की तरफ से चलाए जा रहे 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा आकार के एनबीएफसी को 10 वर्षों के संचालन के बाद बैंक में तब्दील करने की सिफारिश भी है। इसका मतलब हुआ कि बजाज फाइनेंस, एलएंडटी फाइनेंस जैसे एनबीएफसी अब बैंक में तब्दील हो सकेंगे।

    पेमेंट बैंक को तीन वर्षों के अनुभव पर स्मॉल फाइनेंस बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक व पेमेंट बैंक को छह वर्षों के अनुभव पर यूनिवर्सल बैंक में तब्दील करने की भी सिफारिश की गई है। बैंकिंग लाइसेंस के लिए पूंजी आधार की सीमा 5,00 करोड़ रुपये से बढ़ा कर 1,000 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की गई है।

    उक्त सुझावों में सबसे अहम कारपोरेट घरानों को बैंकिंग कंपनियों का प्रवर्तक बनने और प्रवर्तकों की हिस्सेदारी बढ़ा कर 26 फीसद करने की है। इसके लिए सरकार को कई तरह के नियम बदलने होंगे। मसलन, बैंकिंग अधिनियम की धारा 20 के मुताबिक बैंकिंग कंपनी में किसी निदेशक से जुड़े किसी दूसरी कंपनी को ऋण वगैरह नहीं दिया जाता है। इस संबंध में ‘कनेक्टेड लेंडिंग’ का नियम लागू होता है। इस नियम में बदलाव करने होंगे। माना जा रहा है कि ये सुझाव एक तरह से देश के भावी बैंकिंग व्यवस्था का एक रोडमैप है।

     

  • एक साल की एफडी पर बेहतर ब्याज दरें दे रहे ये बैंक, मिलेगा अच्छा-खासा मुनाफा

    [object Promise]

    बढ़ती महंगाई और कम होती ब्याज दरों के साथ ही प्रमुख बैंकों ने एफडी पर ब्याज दरों को घटाया है। भारत में लोग निवेश में कम जोखिम लेना पसंद करते हैं। अधिकांश निवेशक शेयर बाजारों की अस्थिरता से दूर रहना पसंद करते हैं, भले ही हाल ही में शेयर बाजार रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुआ हो। वे अपने निवेश लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एफडी में निवेश करना पसंद करते हैं, क्योंकि वे इसे एक सुरक्षित निवेश मानते हैं।

    भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में सीधी गिरावट करने के बाद से बैंकों ने सभी समयावधियों की एफडी पर ब्याज दरों में कटौती की है। दरों में कटौती के बावजूद कुछ ऐसे बैंक हैं, जो एक साल की एफडी पर आकर्षक ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं। स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर अपेक्षाकृत उच्च ब्याज दरों की पेशकश करते हैं।

    इंडसइंड बैंक

    यह बैंक फिक्स डिपॉजिट (FD) पर काफी अच्छी ब्याज दरों की पेशकश कर रहा है। यह बैंक एक साल की एफडी पर 7 फीसद की उच्च ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। अगर आप इस बैंक की एफडी में एक लाख रुपये एक साल के लिए रखते हैं, तो एक साल बाद आपकी रकम 1,07,186 रुपये हो जाएगी। अर्थात आपको 7,186 रुपये ब्याज प्राप्त होगा।

    आरबीएल बैंक (RBL Bank)

    यह बैंक भी एफडी पर आकर्षक ब्याज दरों की पेशकश कर रहा है। यह बैंक एक साल की एफडी पर 6.75 फीसद ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। इस बैंक की एफडी में अगर आप एक साल के लिए एक लाख रुपये निवेश करेंगे, तो यह राशि 1,06,923 रुपये हो जाएगी। अर्थात आपको 6,923 रुपये का मुनाफा होगा।

    ये बैंक भी दे रहे बेहतर ब्याज दर

    यस बैंक एक साल की एफडी पर 6.75 फीसद ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। वहीं, डीसीबी बैंक एक साल की एफडी पर 6.50 फीसद ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। इसके अलावा बंधन बैंक एक साल की एफडी पर 5.75 फीसद ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।

  • हरे निशान पर शुरू हुआ बाजार, निफ्टी पहली बार 13000 के पार, सेंसेक्स 274 अंक चढ़ा

    [object Promise]

    नई दिल्ली। आज सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 274.67 अंक ऊपर 44351.82 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी की शुरुआत 83.50 अंकों की तेजी के साथ 13010 पर हुई। निफ्टी ने पहली बार 13000 का आंकड़ा पार किया है। पिछले कारोबारी दिन सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते शेयर बाजार बढ़त पर बंद हुआ था। सेंसेक्स 194.90 अंक ऊपर 44077.15 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 67.40 अंक की तेजी के साथ 12926.45 के स्तर पर बंद हुआ था।

    आज के प्रमुख शेयरों में मारुति, डिविस लैब, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और हिंडाल्को की शुरुआत तेजी पर हुई। वहीं हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो, कोटक बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और नेस्ले इंडिया के शेयर लाल निशान पर खुले। सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आज सभी सेक्टर्स हरे निशान पर खुले। इनमें फाइनेंस सर्विसेज, बैंक, प्राइवेट बैंक, रियल्टी, आईटी, ऑटो, फार्मा, एफएमसीजी, पीएसयू बैंक, मेटल और मीडिया शामिल हैं।

    सोमवार को शेयर बाजार हरे निशान पर खुला था। सेंसेक्स 350.09 अंक ऊपर 44232.34 के स्तर पर खुला था और निफ्टी की शुरुआत 95 अंकों की तेजी के साथ 12954 पर हुई थी।

  • अभी तक 40 लाख से अधिक लोगों का अटल पेंशन योजना में 2020-21 में पंजीकरण

    [object Promise]

    नयी दिल्ली । अटल पेंशन योजना में चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक 40 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने एक विज्ञप्ति में कहा इसी के साथ अटल पेंशन योजना में कुल अंशधारकों की संख्या 2.63 करोड़ को पार कर चुकी है।

    सरकार की इस पेंशन योजना के तहत 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष की आयु तक के व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। इसमें अंशदान करने वालों को 60 वर्ष की आयु के बाद एक निश्चित पेंशन राशि या अंशधारक की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को उतनी ही गारंटीड पेंशन देने का प्रावधान है।

    इसके अलावा अंशधारक के 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक कुल जमा पेंशन कोष नामिती को वापस करने की भी व्यवस्था है। पीएफआरडीए ने कहा कि एक अप्रैल 2020 से 13 नवंबर 2020 के बीच 40 लाख से अधिक नए लोगों ने अटल पेंशन योजना में पंजीकरण कराया है।

  • दूरसंचार कंपनियों पर 35 मिलियन जुर्माना जो धोखाधड़ी वाले संदेशों पर प्रतिबंध नहीं लगाती है

    [object Promise]

    नयी दिल्ली । भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि अनचाहे व्यावसायिक कॉल पर रोक नहीं लगाने को लेकर उसने बीएसएनएल, रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन जैसी कंपनियों पर अप्रैल -जून 2020 में 34,000 से 30 करोड़ रुपये तक का अर्थ दंड लगाया है। मुख्य न्यायमूर्ति डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने इस मामले में कार्रवाई करने के लिए आठ हफ्ते का वक्त दिया था। साथ ही इसमें विफल रहने पर दंडात्मक कार्रवाई करने के प्रति चेतावनी भी दी थी। अदालत के ये निर्देश वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आए थे। पेटीएम का परिचालन करने वाली इस कंपनी ने दूरसंचार कंपनियों पर उनके नेटवर्क पर ‘फिशिंग’ की गतिविधियों को नहीं रोकने का आरोप लगाया था।

    ट्राई ने कहा कि अप्रैल, मई और जून में अनचाहे व्यावसायिक कॉल पर रोक लगाने में विफल रहने पर सार्वजनिक क्षेत्र की भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) पर 30 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा प्रक्रिया संहिता का पालन नहीं करने के लिए उस पर 10 लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया। इसी तरह एयरटेल, वोडाफोन, क्वाडरैंट टेलीवेंचर्स और रिलायंस जियो पर क्रमश: 1.33 करोड़ रुपये, 1.82 करोड़ रुपये, 1.41 करोड़ रुपये और 14.99 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया। इसके अलावा महानगर टेलीकॉम निगम लिमिटेड पर 1.73 लाख रुपये, टाटा टेलीसर्विसेस लिमिटेड पर 15.01 लाख रुपये और वी-कॉन मोबाइल एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड पर 34,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ट्राई ने कहा कि इस संबंध में 23 नवंबर को आदेश पारित किया गया। कंपनियों को यह जुर्माना आदेश जकी तारीख से 20 दिन के भीतर जमा करना है।

  • कर्नाटक मंत्रिमंडल की उप-समिति जांच करेगी जेएसडब्ल्यू स्टील को भूखंड बिक्री की

    [object Promise]

    बेंगलुरू । कर्नाटक मंत्रिमंडल ने बल्लारी जिले में जेएसडब्ल्यू स्टील को 2,000.58 एकड़ जमीन की बिक्री के प्रस्ताव की जांच करने और एक उपयुक्त सिफारिश करने के लिये मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन करने का फैसला किया। विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री जेसी मधुस्वामी ने कहा, ‘‘2005 में बल्लारी के सैंडूर तालुक में तोरणागल्लू के पास कुरुकुप्पा गांव में जेएसडब्ल्यू को 2,000.58 एकड़ सरकारी जमीन देने का फैसला किया गया था।

    इसकी जांच के लिये एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन किया जायेगा।’’ मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को उप समिति के गठन के लिये अधिकृत किया गया है।
     
    पिछली कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार ने भी प्रस्ताव की जांच करने के लिये तत्कालीन गृह मंत्री एमबी पाटिल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति का गठन किया था।

  • एलजी ने इंडोर डिलिवरी सर्विस के लिए रोबोट पर ट्रायल शुरू किया

    [object Promise]

    एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने क्लोई सर्वबोट के नाम से अपने इंडोर रोबोट के लिए ट्रायल शुरू कर दिया है। इसमें तीन ड्रॉअर्स होंगे, जिसमें 15 किलोग्राम तक के सामान को कैरी कर रिमोट कंट्रोल के बिना अपने गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। कंपनी ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि एलजी साइंस पार्क के भीतर लोकल स्टोर चेन जीएस25 द्वारा संचालित दुकानों में सुविधा के मद्देनजर क्लोई सर्वबोट की मदद से उपभोक्ताओं तक उत्पादों की डिलीवरी की जाएगी।

    कंपनी की तरफ से इससे पहले सोल नेशनल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में रोबोट असिस्टेंट की तैनाती की जा चुकी है, जहां ये तमाम उपकरण, ब्लड सैंपल, प्रेसक्रिप्शन सहित कई अन्य सामानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं, जिससे यहां के कर्मियों पर अतिरिक्त काम का बोझ नहीं पड़ता और वे अपने मरीजों को ज्यादा से ज्यादा वक्त दे पाते हैं।

    एलजी ने कहा कि लंच बॉक्स, सैंडविच, ड्रिंक्स पहुंचाने के लिए ये रोबोट बेसमेंट से लेकर नौवें माले तक खुद-ब-खुद लिफ्ट में चढ़ने व उतरने में सक्षम हैं।

    जेडडीनेट की रिपोर्ट के मुताबिक, कस्टमर्स काकाओ टॉक चैट ऐप के इस्तेमाल से अपना ऑर्डर दे सकेंगे, जिसके बाद स्टोर के कर्मचारी ऑर्डर के हिसाब से रोबोट के ड्रॉअर्स में सामान रख देंगे और डेस्टिनेशन को इन्पुट कर देंगे।

  • आज भारत के सबसे सस्ते 5G स्मार्टफोन Moto G 5G की होगी लॉन्चिंग…

    [object Promise]

    नई दिल्ली. Motorola का सस्ता 5G स्मार्टफोन Moto G 5G आज भारत में लॉन्च होगा। फोन की लॉन्चिंग आज यानी 30 नवंबर की दोपहर 12 बजे भारत में होगी। Moto G 5G स्मार्टफोन के लॉन्चिंग इवेंट को कंपनी की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव देखा जा सकेगा। फोन की बिक्री ई-कॉमर्स साइट Flipkart से होगी। फोन को Flipkart की एक माइक्रो साइट पर पहले ही लिस्ट कर दिया गया है। कंपनी का दावा है कि Moto G 5G भारत का सबसे अफोर्डेबल 5G इनेबल्ड स्मार्टफोन होगा। Moto G 5G को इसी माह यूरोप में लॉन्च किया गया था।

    संभावित कीमत 

    Motoroal ने अपने अफॉर्डेबल 5G स्मार्टफोन को यूरोप में 299.99 यूरो (करीब 26,300 रुपये) में लॉन्च किया गया था। यह फोन के 4GB रैम व 64GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत है। Moto G 5G स्मार्टफोन को भारत में 25,000 रुपये से कम कीमत में पेश किया जा सकता है। फोन वॉल्कैनिक ग्रे, फ्रॉस्टेड सिल्वर कलर में आ सकता है। फोन को 4GB रैम 64GB स्टोरेज वेरिएंट में भी पेश किया जा सकता है. इस स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 16,000 रुपये हो सकती है।

    Moto G 5G स्पेसिफिकेशन्स 

    Moto G 5G स्मार्टफोन एंड्राइड 10 पर काम करेगा। फोन में 6.7 इंच की फुल एचडी प्लस डिस्प्ले दी गई है। इसका रेजोल्यूशन 1,080×2,400 पिक्सल है। फोन में Qualcomm Snapdragon 750G SoC का सपोर्ट दिया गया है। अगर स्पेसिफिकेशन्स की बात करें, तो Moto G 5G के रियर पैनल पर ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसका प्राइमरी कैमरा 48MP होगा, जो f/1.7 अपर्चर के साथ आएगा। इसके अलावा 8MP सेकेंड्री वाइड एंगल कैमरा f/2.2 लेस और 118 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू वाला होगा। साथ ही 2MP माइक्रो सेंसर के साथ f/2.4 अपर्चर का सपोर्ट मिलेगा। Moto G 5G के फ्रंट पैनल पर 16MP का कैमरा दिया  गया है। Moto G 5G में इंटरनल स्टोरेज के तौर पर 64GB स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। फोन को मेमोरी कार्ड की मदद से 1TB तक बढ़ाया जा सकेगा। फोन में 5,000mAh बैटरी का सपोर्ट दिया गया है, जो 20W टर्बोचार्ज्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगा।

     

  • आज से नया नियम लागू, जेनरेट कर नहीं पाएंगे ई-वे बिल दो बार GST Return दाखिल नहीं करने वाले

    [object Promise]

    नई दिल्ली। एक दिसंबर से सरकार ई-वे बिल के लिए नए नियम लागू करने जा रही है। जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में ढिलाई बरतने वाले कारोबारियों के लिए ई-वे बिल का नया नियम महंगा साबित हो सकता है। नए नियम के मुताबिक दो या इससे अधिक बार तक जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले कारोबारी एक दिसंबर से ई-वे बिल जेनरेट नहीं कर पाएंगे। दूसरे राज्यों में 50,000 रुपए से अधिक का माल भेजने के लिए ई-वे बिल जेनरेट करना जरूरी होता है। 1जनवरी, 2021 से जीएसटीआर-3बी दाखिल करने का नियम भी बदलने जा रहा है। एक जनवरी से कारोबारियों को जीएसटीआर-3बी प्रतिमाह की जगह तीन महीने में एक बार दाखिल करना होगा।

    जीएसटी विशेषज्ञों ने बताया कि एक दिसंबर से ई-वे बिल का नया नियम 5 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों पर लागू होगा। ये कारोबारी अगर इस साल अक्टूबर तक दो या इससे अधिक बार जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं किए हैं तो उनका ई-वे बिल मंगलवार से ब्लॉक हो जाएगा।

    जीएसटी मामले के विशेषज्ञ एवं चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) मनीष शर्मा ने बताया कि सरकार पहले से कारोबारियों को नए नियम के बारे में बता चुकी हैं। यही वजह है कि उन्हें 30 नवंबर तक अपने रिटर्न दाखिल करने के लिए कहा जा रहा था। उन्होंने बताया कि ई-वे बिल के ब्लॉक होने पर कारोबारियों को पहले अपना बकाया रिटर्न दाखिल करना होगा। उसके बाद वे फिर से ई-वे बिल जेनरेट कर सकेंगे।

    विशेषज्ञों ने बताया ई-वे बिल प्रणाली के ब्लॉक होने पर कारोबारी एक लाख रुपए के माल का एक बिल नहीं बनाकर 45-45 हजार के दो बिल और 5,000 के एक बिल बनाकर माल को दूसरे राज्यों में भेज पाएंगे। मंगलवार को नवंबर माह का जीएसटी संग्रह आंकड़ा भी प्रस्तुत किया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक नवंबर का जीएसटी संग्रह 1.08 लाख करोड़ रुपए रह सकता है। गत अक्टूबर यह संग्रह 1.05 लाख करोड़ रुपए का था।