Category: business

  • हुवेई ने कराया पेटेंट गैलेक्सी जेड फोल्ड2 जैसे फोन का

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    बीजिंग। चीनी स्मार्टफोन निर्माता हुवेई ने सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड2 जैसे फोन का पेटेंट कराया। हुवेई ने इस फोन को मेट एक्स2 नाम दिया है और यह सेकेंड जेनरेशन फोल्डेबल डिवाइस होगा। चीन के सीएनआईपीए के समक्ष पेश किए गए पेटेंट से पता चला है कि इन फोन में एक इनर फोल्डेबल डिस्प्ले है, जिसमें कोई कैमरा नहीं है।

    हुवई का यह नया फोन इसका प्रीमियम फ्लैगशिप डिवाइस होगा।

    यह फोन एक किताब की तरह होगा। ठीक वैसा ही जैसा सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड2 दिखता है। इसमें भी डिस्प्ले कैमरा होल के साथ एक लार्ज सेकेंड्री डिस्प्ले होगा। इस फोन का कैमरा होल पिन के आकार का होगा।

    इस फोन में किरिन 9000 जैसा शक्तिशाली प्रोसेसर यूज किया गया है और यह अपने पूर्ववर्ती की तरह बराबर स्क्रीन साइज वाला होगा।

  • रिजर्व बैंक ने नया क्यूआर कोड शुरू करने के लिए पीएसओ पर लगाया प्रतिबंध

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    नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने भुगतान प्रणाली परिचालकों (पीएसओ) द्वारा भुगतान लेनदेन के लिए कोई नया प्रॉप्राइटेरी क्यूआर (क्विट रेस्पांस) कोड शुरू करने पर रोक लगा दी है। मौजूदा समय में दो इंटरऑपरेबल (अंत:प्रचालनीय) क्यूआर कोड यूपीआई क्यूआर और भारत क्यूआर परिचालन में हैं। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने पीएसओ के लिए स्व-नियामकीय संगठन की स्थापना के संबंध में अंतिम दिशानिर्देश जारी किये हैं। क्यूआर कोड दो-आयाम के मशीन द्वारा पढ़े जाने योग्य बारकोड होते हैं।

    पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) पर मोबाइल के जरिये भुगतान के लिए इनका इस्तेमाल होता है। क्यूआर कोड में बड़ी मात्रा में सूचना रखी जा सकती है। केंद्रीय बैंक ने दीपक फाटक की अध्यक्षता में भारत में कोड की मौजूदा प्रणाली की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की थी। समिति को इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड की ओर रुख करने के उपाय सुझाने थे। दो मौजूदा क्विक रेस्पांस (क्यूआर) कोड के साथ ही आगे बढ़ने का फैसला समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।

    रिजर्व बैंक ने कहा कि यूपीआई क्यूआर और भारत क्यूआर कोड फिलहाल जारी रहेंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि प्रॉप्राइटरी क्यूआर कोड का इस्तेमाल करने वाले एक या अधिक अंत:प्रचालनीय या इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड की ओर स्थानांतरित होंगे। स्थानांतरण की यह प्रक्रिया 31 मार्च, 2022 तक पूरी हो जानी चाहिए। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने कहा कि कोई भी पीएसओ किसी भुगतान लेनदेन के लिए कोई नया प्रॉप्राइटरी कोड शुरू नहीं करेगा। इस बीच, रिजर्व बैंक ने भुगतान प्रणाली परिचालकों (पीएसओ) के लिए स्व-नियामकीय संगठन की स्थापना के संबंध में अंतिम दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।

    इसमें स्व-नियामक संगठन से संबधित रूपरेखा भी शामिल है। इस रूपरेखा के जरिये केंद्रीय बैंक पीएसओ के लिए स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) को मान्यता दे सकेगा। इस योजना की घोषणा फरवरी-2020 की मौद्रिक समीक्षा में की गई थी। रिजर्व बैंक के एक सर्कुलर में कहा गया है कि एसआरओ के रूप मान्यता पाने के इच्छुक पीएसओ के समूह/संघ (बैंकों के साथ-साथ गैर-बैंक) रिजर्व बैंक के भुगतान एवं निपटान प्रणाली विभाग के मुख्य महाप्रबंधक के पास आवेदन कर सकते हैं।

     

  • उच्चतम स्तर पर पहुंचा देश का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड

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    नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन प्रतिबंधों के चलते जूझ रही अर्थव्यवस्था के बीच एक अच्छी खबर है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (foreign exchange reserves) अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 555.12 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 16 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 3.615 बिलियन डॉलर की बढ़त हुई है, जिससे यह उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिज़र्व बैंक के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

    इससे पिछले सप्ताह अर्थात 9 अक्टूबर, 2020 को समाप्त हुए सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 5.867 बिलियन डॉलर की बढ़त दर्ज की गई थी, जिससे यह 551.505 बिलियन डॉलर पर आ गया था। समीक्षाधीन अवधि के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में इस बढ़ोत्तरी का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में तेज वृद्धि है। एफसीए कुल विदेशी मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण भाग होता है। समीक्षाधीन अवधि में एफसीए में 3.539 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई, जिससे यह बढ़कर 512.322 बिलियन डॉलर हो गया।

    भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन अवधि के दौरान भारत के कुल स्वर्ण भंडार में 86 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई, जिससे यह बढ़कर 36.685 बिलियन डॉलर हो गया।

    आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास जमा भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 11 मिलियन डॉलर की कमी आई, जिससे यह घटकर 4.634 बिलियन डॉलर पर आ गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ विशेष आहरण अधिकार समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 1.480 बिलियन अमरीकी डॉलर पर अपरिवर्तित रहे।

     

  • दुनिया के फर्नीचर बाजार में भारत के प्रवेश की तैयारी …

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    नई दिल्ली। दुनिया के फर्नीचर बाजार में भारत की इंट्री की तैयारी इन दिनों जोरों पर हैं। अभी वैश्विक फर्नीचर निर्यात बाजार में भारत की हिस्सेदारी एक फीसद भी नहीं है। भारत चीन से होने वाले एक अरब डॉलर के फर्नीचर आयात को भी कम करना चाहता है, ताकि भारत के होटल व बड़े-बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट में बनने वाले घर चीन के नहीं बल्कि भारत के फर्नीचर से सजाए जा सके।

    वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय ने फर्नीचर उद्योग में निर्यात एवं घरेलू बाजार की भारी संभावना को देखते हुए इसके विकास के लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाई है। आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु ने तो फर्नीचर क्लस्टर निर्माण के लिए स्थान एवं जमीन का चयन भी कर लिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआइ) को पीलीभीत में फर्नीचर क्लस्टर विकसित करने के लिए जमीन की पेशकश की है।

    कितना बड़ा है बाजार

    विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में फर्नीचर का संगठित बाजार सिर्फ 5 अरब डॉलर का है। इनमें से 1.6 अरब डॉलर भारत निर्यात करता है। वास्तव में यह निर्यात लकड़ी से निर्मित हैंडीक्राफ्ट्स आइटम का किया जाता है जिसे फर्नीचर निर्यात में शामिल किया गया है। फर्नीचर का वैश्विक निर्यात बाजार 246 अरब डॉलर का है और दुनिया के पांच देश निर्यात बाजार में 50 फीसद से अधिक की हिस्सेदारी रखते हैं। 75 अरब डॉलर के निर्यात के साथ चीन पहले नंबर पर है तो 19 और 17 अरब डॉलर के निर्यात के साथ जर्मनी और पोलैंड क्रमश: दूसरे व तीसरे स्थान पर है।

    भारत के लिए क्या है स्कोप

    विदेश व्यापार विशेषज्ञों ने बताया कि दस साल पहले वियतनाम का फर्नीचर निर्यात एक अरब डॉलर से कम था जो अब 10.6 अरब डॉलर का हो गया। वियतनाम को मुख्य रूप से चीन और अमेरिका के ट्रेड वार का फायदा मिला। टीपीसीआइ के चेयरमैन मोहित सिंगला कहते हैं, विश्व में फर्नीचर का सबसे बड़ा आयातक अमेरिका और कनाडा है और चीन अपना 46 फीसद निर्यात इन देशों को करता है। अभी चीन के खिलाफ अमेरिका में जो हालात बन रहे हैं भारत उसका फायदा उठाकर आसानी से फर्नीचर निर्यात को बढ़ा सकता है।

    उन्होंने बताया कि टीपीसीआइ की गुजारिश पर हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार से पीलीभीत में फर्नीचर क्लस्टर निर्माण के लिए जमीन की पेशकश की है, लेकिन भारत के संगठित फर्नीचर निर्माताओं का कहना है कि दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे में क्लस्टर निर्माण होने से फायदा मिलेगा क्योंकि आधुनिक फर्नीचर के अधिकतर खरीदार शहरी होते हैं। आंध्र प्रदेश ने 1500 एकड़ में फैले औद्योगिक इलाके में फर्नीचर पार्क विकसित करने का ऑफर दिया है तो तमिलनाडु ने थुथुकुडी जिले में फर्नीचर पार्क बनाने के लिए जमीन की पेशकश की है।

    चीन से आते हैं भारत के बड़े होटल व हाउसिंग प्रोजेक्ट के फर्नीचर

    विशेषज्ञों ने बताया कि भारत के सभी बड़े होटल व हाउसिंग प्रोजेक्ट में लगने वाले फर्नीचर चीन से मंगाए जाते हैं। शहरी इलाके में मशीन से निर्मित आधुनिक फर्नीचर की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत में मुख्य रूप से पारंपरिक फर्नीचर बनाए जाते हैं और गोदरेज जैसी कुछ कंपनियां ही आधुनिक डिजाइन वाले फर्नीचर बनाते हैं।

     

  • अमेजन के संसदीय समिति के सामने पेश होने से इनकार को कैट ने बताया दुस्साहस

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    नई दिल्ली। देश की संसद की संयुक्त समिति ने अमेजन के प्रतिनिधियों से डाटा सुरक्षा के मुद्दे पर 28 अक्टूबर को पेश होने को कहा था, पर जवाब में अमेजन ने अपनी उपस्थिति से साफ इनकार कर दिया है। अमेजन के इस रवैये को कैट ने एक बड़ा दुस्साहस बताया है। कैट ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि अमेजन एवं अन्य ई कॉमर्स कंपनियां कानूनों को न मानने की आदत से लाचार हैं। ये कंपनियां खुले रूप से सरकार की एफडीआई पॉलिसी का उल्लंघन करती आ रही हैं, लेकिन चूंकि इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, इसलिए इनके हौसले बेहद बुलंद हो गए हैं।

    कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि कैट ने अमेजन और उसके जैसी अन्य विदेशी ई कॉमर्स पोर्टल की अनैतिक कार्य प्रणाली के खिलाफ समय समय पर आवाज भी उठाई है। इनकी दबंगई के कारण आज देश के रिटेल सेक्टर के व्यापारी भारी नुकसान झेल रहे हैं और अगर ऐसा ही चलता रहा तो उन्हें सड़क पर उतरना पड़ेगा।

    कैट लगातार सरकार से एक मजबूत ई कॉमर्स पॉलिसी और एक रेगुलेटरी बॉडी के गठन की मांग करता रहा है। मौजूदा हालात में ये अब और भी जरूरी हो गया है।

    खंडेलवाल ने कहा, “जब अमेजन जैसी विदेशी कंपनियां हमारे देश की संसद की संयुक्त समिति का सम्मान नहीं करती हैं तो आगे क्या होगा इसका अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नही है। इसलिए कैट एक बार फिर सरकार से इनके इसी गैर जि़म्मेदाराना रवैये के खिलाफ सख्त करवाई की मांग करता है। कैट सरकार से ई-कॉमर्स पॉलिसी की सौगात देश को जल्द देने का अनुरोध करता है और मांग करता है कि ई-कॉमर्स पोर्टल को मॉनिटर करने के लिए एक रेगुलेटरी बॉडी का गठन करे।”

  • FDI नीति का उल्लंघन फ्लिपकार्ट आदित्य बिड़ला फेशन का प्रस्तावित इक्विटी सौदा: कैट

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    व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (एबीएफआरएल) द्वारा वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ग्रुप को 7.8 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के जरिये 1,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर आपत्ति जताई है। कैट ने कहा है कि प्रस्तावित सौदा सरकार की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति का उल्लंघन है। कैट ने इस बारे में मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र लिखा है। पत्र में मंत्री से इस सौदे को अनुमति नहीं देने का आग्रह किया है। कैट ने कहा कि एबीएफआरएलको प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से फ्लिपकार्ट समूह के स्वामित्व-नियंत्रण वाले मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म पर अपना सामान बेचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिये।

    कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने गोयल से आग्रह किया है कि इस प्रस्तावित एफडीआई को तब तक अनुमति नहीं दी जाए, जब तक कि एबीएफआरएल यह भरोसा नहीं दे देती है कि वह वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले फ्लिपकार्ट समूह के मार्केटप्लेस के जरिये अपना तैयार माल नहीं बेचेगी। कैट ने कहा कि कंपनी की ओर से शेयर बाजारों को जो सूचना दी गई हे उससे फ्लिपकार्ट समूह के स्वामित्व और परिचालन वाले मार्केटप्लेस पर एबीएफआरएल को एक ‘वरीयता विक्रेता’ बनाने की मंशा का पता चलता है जो सरकार की नीति का उल्लंघन है। कैट ने कहा कि मौजूदा एफडीआई नीति किसी भी विदेशी कंपनी को ऐसी किसी भी कंपनी में जिसमें उसका निवेश हो,उसको ई-कॉमर्स सहित बहु ब्रांड खुदरा व्यापार में किसी भी प्रकार के गठजोड़ की अनुमति नही देती है फिर चाहे वो ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफार्म से ही क्यों न जुड़ा हो।

  • लाल निशान के साथ खुला शेयर मार्किट, 40 हजार के ऊपर कर रहा सेंसेक्स कारोबार

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    नई दिल्ली। आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 55.26 अंक नीचे 40630.24 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी की शुरुआत 19.25 अंकों की मामूली गिरावट की साथ 11,911.10 पर हुई। पिछले कारोबरी दिन शेयर बाजार दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद हरे निशान पर बंद हुआ था। सेंसेक्स 127.01 अंक ऊपर 40685.50 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 33.90 अंक की बढ़त के साथ 11930.35 के स्तर पर बंद हुआ था।

    आज के दिग्गज शेयरों में एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, नेस्ले इंडिया, इंडसइंड बैंक और एल एंड टी के शेयर की शुरुआत हरे निशान पर हुई। वहीं अडाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी लाइफ और डॉक्टर रेड्डी की शुरुआत गिरावट पर हुई।

    सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आज मीडिया, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक, फार्मा और रियल्टी की शुरुआती तेजी पर हुई। वहीं आईटी, फाइनेंस सर्विसेज, मेटल, ऑटो और बैंक लाल निशान पर खुले।

     

  • अहमदाबाद से मुंबई अब पहुचेगे दो घंटे में, इस कंपनी को मिला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का ठेका

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    मुंबई। इंजीनियरिंग समेत विभिन्न कारोबार से जुड़ी लार्सन एंड टूब्रो (एल एंड टी) को सरकार से 25,000 करोड़ रुपये का ठेका हासिल हुआ है।यह ठेका मुंबई-अहमदाबाद के बीच महत्वकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के हिस्से के क्रियान्वयन के लिये है। एल एंड टी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक एस एन सुब्रमणियम ने बुधवार को वित्तीय परिणाम की घोषणा के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने सरकार से आज अब तक का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अनुबंध हासिल किया है। यह 25,000 करोड़ रुपये का आर्डर है। यह हमारे लिये सबसे बड़ा अनुबंध है।

    साथ ही इतनी बड़ी राशि का यह सबसे बड़ा एकल आर्डर है, जिसे सरकार ने दिया है।’’ उन्होंने कहा कि अनुबंध के तहत परियोजना को चार साल में पूरा करना है। उल्लेखनीय है कि नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन ने 24 सितंबर को अहमदाबाद-मुंबई बुलेट रेल परियोजना के लिये करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये की बोलियों को खोला था।इसमें परियोजना का गुजरात में पड़ने वाला हिस्सा शामिल है। सात बोलीदाता 508 किलोमीटर लंबी परियोजना के लिये पात्र पाये गये। बुलेट ट्रेन से अहमदाबाद से मुंबई दो घंटे में पहुंचा जा सकेगा। इस निविदा में गलियारे के करीब 47 प्रतिशत हिस्से को रखा गया जो गुजरात में वापी से वड़ोदरा के बीच है।

  • भारत में Realme C15 का क्वालकॉम एडिशन हुआ लॉन्च …

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    नई दिल्ली। पिछले दिनों खबर आई थी कि Realme जल्द ही भारतीय बाजार में Realme C15 को नया वेरिएंट लॉन्च करने वाली है जो कि Qualcomm प्रोसेसर पर आधारित होगा। वहीं अब कंपनी ने आखिरकार नया वेरिएंट भारत में लॉन्च कर दिया है। इसमें प्रोसेसर के अलावा अन्य किसी फीचर में बदलाव नहीं किया गया है। बता दें कि इस स्मार्टफोन को इसी साल भारत में अगस्त में Realme C12 के साथ लॉन्च किया गया था और ये MediaTek Helio G35 प्रोसेसर से लैस हैं। वहीं अब Realme C15 के Qualcomm एडिशन ने भारत में दस्तक दे दी है।

    Realme C15 Qualcomm एडिशन: कीमत और उपलब्धता

    Realme C15 के क्वालकॉम एडिशन की कीमत पर नजर डालें तो 3GB + 32GB स्टोरेज मॉडल को 9,999 रुपये की कीमत में पेश किया गया है। जबकि 4GB + 64GB स्टोरेज मॉडल को 10,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। बता दें कि क्वालकॉम एडिशन की कीमत मीडियाटेक एडिशन के मुकाबले 500 से ज्यादा है। यह स्मार्टफोन पावर ब्लू और ​पावर सिल्वर कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। Realme C15 Qualcomm एडिशन आज यानि 29 अक्टूबर से Flipkart और Realme.com पर सेल के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी ने नए एडिशन को इंट्रोड्यूसरी प्राइस के साथ पेश किया है। इसमें 3GB+ 32GB मॉडल को 9,499 रुपये और 4GB + 64GB मॉडल को 10,499 रुपये में खरीदने का मौका मिलेगा।

    Realme C15 Qualcomm एडिशन: स्पेसिफिकेशन्स

    Realme C15 Qualcomm एडिशन के सभी फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स Realme C15 मीडियाटेक एडिशन के ही समान हैं। इनमें केवल प्रोसेसर में बदलाव देखने को मिलेगा। Realme C15 Qualcomm में 6.5 इंच की HD+ डिस्प्ले दिया गया है, जिसका स्क्रीन रेजोल्यूशन 720×1,600 पिक्सल है। फोन में 13MP का प्राइमरी लेंस दिया गया है। जबकि 8MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस, 2MP मोनोक्रोम सेंसर और 2MP का डेप्थ सेंसर मौजूद है। वहीं वीडियो कॉलिंग और सेल्फी की सुविधा के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। पावर बैकअप के लिए इसमें 6000mAh की दमदार बैटरी दी गई है जो कि 18W क्विक चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है।

     

  • रियल एस्टेट को प्रवासी भारतीयों के बीच देश में भी एक घर रखने से मिले नए ग्राहक

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    नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी ने इकोनोमी के तमाम पहियों पर ब्रेक लगा दिया है लेकिन इसकी वजह से कुछ क्षेत्रों में नए ग्राहक भी बने है। खास तौर पर वाहन और रियल एस्टेट सेक्टर में कुछ ऐसे ग्राहक भी सामने आ रहे हैं जो सिर्फ कोविड-19 से बने माहौल की वजह से बने हैं। मसलन, कोविड ने जिस तरह से जीवन की अनिश्चितता से दो-चार करवाया है उससे एक वर्ग वाहन खरीदने के अपने शौक को अब आगे नहीं टालना चाहता बल्कि उसे जल्द से जल्द पूरा करना चाहता है। खास तौर पर देश में दोपहिया वाहनों की बिक्री में आई तेजी के पीछे इस सोच को वजह बताया जा रहा है।

    इसी तरह से बैंकों के पास प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की तरफ से होम लोन लेने के आवेदनों की संख्या बढ़ गई हैं। बैंकों का कहना है कि कोविड की वजह से एनआरआई में यह सोच बनी है कि उन्हें भारत में भी एक घर लेना चाहिए।

    पीएनबी के एमडी व सीईओ एम मल्लिकार्जुन राव का कहना है कि, ”काफी संख्या में विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने अपने माता-पिता के लिए या खुद के लिए भारत में घर खरीदना शुरु कर दिया है। इस तरह के कई ग्राहकों ने हमारे यहां होम लोन लिया है।”

    कोविड की वजह से बड़े पैमाने पर लोगों ने घर से काम करना शुरु कर दिया है और कई कंपनियों ने तो मई-जून, 2021 तक अपने कर्मचारियों को घर से ही काम करने का निर्देश दिया है। इससे भी रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े घर की मांग बढ़ी है। हीरानंदानी जैसे देश के प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों ने इस वर्ग को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में नई परियोजना लगाने का ऐलान किया है। यह भी बताया जा रहा है कि नए प्रोफशनल्स में अपना घर खरीदने की सोच फिर से मजबूत हुई है।

    कुछ इसी तरह के बदलाव से ऑटोमोबाइल उद्योग भी देख रहा है। अक्टूबर, 2020 में रिकार्ड कारों की बिक्री करने हुंडई के डायरेक्टर (सेल्स व मार्केटिंग) तरुण गर्ग का कहना है कि हमने हाल के महीनों में देखा है कि लोग छोटी कार भी खरीदने आ रहे हैं तो उसमें सबसे महंगी कार खरीद रहे हैं। अपनी हैचबैक कारों के बारे में वह बताते हैं कि 27 फीसद बिक्री सबसे महंगे वैरियंट की हो रही है। इसे खरीदने वाले 55 फीसद पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहक हैं।

    जावा मोटरसाइकल्स के सीईओ आशीष जोशी ने बताते हैं कि, ‘हमने हाल ही में लांच पेराक नाम से एक नई बाईक लांच की है। नवरात्रि के दौरान 4,000 बाइकों की बिक्री हमारी उम्मीद से बेहतर थी। एक वजह यह है कि कोविड के बाद जो लोग हमारी बाईक बाद में खरीदने की योजना बना रहे थे वह अब इसे टालना नहीं चाहते। उन्हें लगता है कि भविष्य अनिश्चित है।’