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  • चांदी लुढ़की, सोने की भी फीकी पड़ी चमक

    चांदी लुढ़की, सोने की भी फीकी पड़ी चमक

    मुंबई । रूस में कोरोना वैक्सीन यानी टीका तैयार होने की खबर से सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ गई है। सोना मंगलवार को करीब पांच फीसदी टूटा और चांदी की कीमत भी सात फीसदी से ज्यादा लुढ़की। घरेलू वायदा बाजार में सोना रिकॉर्ड उंचाई से 4,000 रुपये प्रति 10 ग्राम टूट चुका है और चांदी 70,000 रुपये किलो से नीचे आ चुकी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मंगलवार को रात 8.59 बजे सोने के अक्टूबर वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 2,701 रुपये यानी 4.92 फीसदी की गिरावट के साथ 52,245 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले कारोबार के दौरान सोने का भाव 52,022 रुपये तक टूटा।

    बीते शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोना रिकॉर्ड 56,191 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला था तब से 4,169 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।

    वहीं, एमसीएक्स पर चांदी के सितंबर एक्पायरी अनुबंध में पिछले सत्र से 5,593 रुपये यानी 7.42 फीसदी की गिरावट के साथ 69,801 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था जबकि कारोबार के दौरान चांदी का भाव 68,913 रुपये प्रति किलो तक टूटा।

    बीते शुक्रवार को एमसीएक्स पर चांदी का भाव 77949 रुपये प्रति किलो तक उछला था जिसके बाद अब तक चांदी 9036 रुपये प्रति किलो से ज्यादा लुढ़क चुकी है।

    अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने के दिसंबर वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 75.85 डॉलर यानी 3.74 फीसदी की गिरावट के साथ 1,954 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले 1,948 डॉलर प्रति औंस तक टूटा। कॉमेक्स पर सोने का वायदा अनुबंध शुक्रवार को 2078 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक उछला था जिसके बाद सोने का भाव 130 डॉलर प्रति औंस टूट चुका है।

    चांदी के सितंबर वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 7.10 फीसदी की गिरावट के साथ 27.18 डॉलर पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले भाव 26.86 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था। बीते सप्ताह चांदी का भाव 29.91 डॉलर प्रति औंस तक उछला था जिसके बाद करीब तीन डॉलर प्रति औंस की गिरावट आ चुकी है।

    केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि रूस में कोरोना वायरस के टीके बनने की खबर के बाद सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक लगा है। उन्होंने कहा कि कोरोना के वैक्सिन से सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ गई है, लेकिन आगे आगे की दिशा वाशिंगटन की राजनीति और अमेरिका-चीन के बीच तनाव पर निर्भर करेगी।

    रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कोविड-19 के वैक्सिन को विनियामक संबंधी मंजूरी देने की बात कही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बेटी को भी टीके लगाए गए हैं और आवश्यक परीक्षण में टीका पास कर चुका है।

  • जानिए कैसे लगाता है पता फेसबुक हानिकारक कंटेंट का

    जानिए कैसे लगाता है पता फेसबुक हानिकारक कंटेंट का

    नई दिल्ली। फेसबुक अपनी विषयसामग्रियों के अनुशोधन के लिए तकनीकि के तीन पहलुओं पर आश्रित रहता है ताकि अपने बाकी के सभी ऐप्स में अपनी समीक्षा की प्रक्रिया को लागू कर सके। सबसे पहले जिस पहलू की बात करेंगे उसका नाम ‘प्रोएक्टिव डिटेक्शन’ है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा किसी कंटेंट को लेकर यूजर्स के रिपोर्ट किए बिना ही विभिन्न क्षेत्रों में उल्लंघनों का पता लगाया जा सकता है और इसके परिणाम भी यूजर्स के रिपोर्ट्स के मुकाबले कहीं सटीक होते हैं।

    कंपनी ने अपने एक बयान में कहा, इससे हमें हानिकारक विषयसामग्रियों का पता लगाने में मदद मिलती है और सैकड़ों व हजारों की तादात में लोगों द्वारा इसे देखे जाने पर रोक लगाई जाती है।

    ‘ऑटोमेशन’ वह दूसरा पहलू है जहां कुछ निश्चित क्षेत्रों के लिए एआई के स्वचालित निर्णय होते हैं, जहां कंटेंट या विषयसामग्री के उल्लंघन होने की संभावना बहुत अधिक रहता है।

    फेसबुक में इंटेग्रिटी के प्रोडक्ट मैनेजमेंट के निदेशक जेफ किंग ने कहा, “ऑटोमेशन या स्वचालन से पहले से रिपोर्ट किए गए किसी विषयसामग्री पर कार्रवाई करने का काम भी काफी आसान हो जाता है, इससे हमारी टीम को एक ही चीज की समीक्षा बार-बार नहीं करनी पड़ती है जिससे समय भी बचता है। कोविड-19 महामारी के वक्त तो ये सिस्टम और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए है जब विषयसामग्रियों की समीक्षा करने वाली हमारी टीम अपने-अपने घरों में बैठकर काम कर रहे हैं।”

    तीसरा पहलू ‘प्राथमिकता’ है।

    रिपोर्ट किए गए विषयसामग्रियों को सिर्फ क्रमबद्ध तरीके से देखने के बजाय एआई उस विषयसामग्री की समीक्षा को प्राथमिकता देता है जो कि महत्वपूर्ण है, चाहें इसे फेसबुक में रिपोर्ट किया गया हो या फिर अपने ही प्रोटेक्टिव सिस्टम द्वारा इसका पता लगाया गया हो।

  • जानिए किन ऊंचाइयों तक जा सकता है बाज़ार, निफ़्टी और सेंसेक्स छू सकते है ऊंचाई

    जानिए किन ऊंचाइयों तक जा सकता है बाज़ार, निफ़्टी और सेंसेक्स छू सकते है ऊंचाई

    नई दिल्ली। निफ्टी पीई (Price-to-Earnings Ratio) 31.42 पर आ गया है, जिसे अगर पिछले ट्रेंड मार्केट के हिसाब देखें, तो बाजार क्रैश हो जाना चाहिए। मार्केट के क्रैश होने का डर ट्रेडर्स को लंबा जाने से रोकता है और निवेशक भी निवेश करने से डरते हैं। निफ्टी पीई का यह आंकड़ा बाजार में डर पैदा करने के लिए हर वाट्सएप ग्रुप में तेजी से प्रसारित हो रहा है। आइए जानते हैं कि इसमें कितनी सच्चाई है।

    जब भी निफ्टी पीई 28 के पार गया है, तो बाजार में मंदी दिखी है। पिछली बार जब निफ्टी पीई 28.7 पर आया था, तब मंदी आई थी और हमने आपको 12,400 पर लॉन्ग एग्जिट करने का संकेत दिखा था। हम 10,000 से अधिक के स्तर पर थे और 12,400 का स्तर एक्जिट के लिए एक अच्छा स्तर था। हमें वायरस के प्रकोप के बारे में कोई अनुमान नहीं था और फिर निफ्टी गिरकर 7,500 तक आ गया।

    फिर हमने बाजार को बारीकी से ट्रैक किया और हमने 7500 पर 10,500 तक के स्तर के लिए भारी निवेश का सुझाव दिया। इसके बाद हमने निफ्टी को 10,500 के ऊपर आते देखा है। हमें आरआईएल के स्टेक सेल्स का भी कोई अनुमान नहीं था, जिसके चलते बाजार में काफी तेजी आई और यह 11,300 के स्तर पर आ गया।

    अब सवाल यह उठता है कि क्या किसी को 31.42 पीई पर निवेश करना चाहिए, जबकि तथ्य बताते हैं कि बाजार हमेशा 28 और 29 पीई के बीच ही क्रैश कर जाता है। इसलिए हमने पाठकों के सामने सही स्थिति रखने का फैसला किया है। आइए देखिए कि निफ्टी पीई अनुपात कौन कितना बता रहा है-

    एनएसई (NSE):  31.42

    ब्लूमबर्ग (Bloomberg):  26.93

    सीएनआई रिसर्च (CNI Research):  21.54

    हम इस अंतर के बारे में चर्चा करें, उससे पहले यह जान लें कि जब निफ्टी 12,400 पर क्रैश हुआ था, तब पीई 28.7 था। वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही की कमाई अब शायद ही मायने रखती है। क्या वित्त वर्ष 2019- 20 की कमाई माइनस में थी, जो निफ्टी पीई 31.42 पर आ गई? यह बिल्कुल स्पष्ट है कि कोरोना वायरस का प्रकोप केवल वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही पर हुआ है, ना कि वित्त वर्ष 2019-20 पर। वित्त वर्ष 2019-20 की कमाई पॉजिटिव रही थी।

    तब निफ्टी पीई 28.7 से बढ़कर 31.42 पर कैसे आ गई, जब निफ्टी 9.1 फीसद डाउन है? एनएसई निफ्टी 19 मार्च के आंकड़ों पर आधारित है और यह स्टैंडअलोन आधार पर है।  20 मार्च के आंकड़े इसमें शामिल नहीं हैं, इसलिए पीई अधिक दिखाई दे रही है।

    ब्लूमबर्ग गणनाओं की ट्रैलिंग कर रहा है। जिसका मतलब है कि इसने 20 मार्च के आंकड़े शामिल किये हैं। हालांकि, स्टैंडअलोन के मामले में वे एनएसई का ही अनुसरण करते हैं। अब आप समझ गए होंगे कि ब्लूमबर्ग का पीई 26.93 क्यों है। वहीं, सीएआई रिसर्च ट्रैलिंग फॉलो कर रहा है और समेकित है। हमारा मानना है कि यह एक सही तरीका है। मौटे तौर पर स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड में अंतर 25 फीसद है और इसलिए हमारा पीई 21.54 पर आता है।

    इस आधार पर आप तय कर सकते हैं कि कौनसा सही पीई अनुपात है और आपको क्या करना चाहिए। वैसे यह आवश्यक नहीं है कि मंदी 21 पीई पर नहीं आ सकती। यह आ सकती है, अगर कोई सम्मोहक कारण हो या मार्केट ड्राइवर ऐसा तय करें। सामान्य तौर पर बाजार मांग और आपूर्ती पर चलता है और इसलिए अगर खरीदारी अधिक होगी तो तेजी आएगी और अगर बिकवाली अधिक होगी तो पीई अनुपात के बावजूद बाजार में आगे मंदी आएगी।

    लिक्विडिटी भी एक अन्य कारक है, जो बाजार का ट्रेंड तय करता है। पहली तिमाही की कमाई दलाल स्ट्रीट की उम्मीदों से कई ज्यादा रही है, इस कारण निफ्टी 11,200-11,300 पर मजबूत बना हुआ है। रिलायंस भी एक अन्य कारक है, जो बाजार का ट्रेंड तय करता है। आरआईएल जब तक फंड राइजिंग को नहीं रोकेगा, तब तक बाजार नहीं गिरेगा। कम से कम बड़ी गिरावट तो नहीं आएगी। जियो में फंडिंग के बाद अब रिलायंस रिटेल में हिस्सेदारी बेचकर फंड जुटाने को तैयार खड़ा लगता है।

    आरआईएल की अरामको के साथ डील भी प्रस्तावित है। आरआईएल ने अपने ऑयल एसेट्स में 20 फीसद हिस्सेदारी के लिए 16 बिलियन डॉलर मांगे थे।  हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अरामको आरआईएल के ऑयल एसेट्स में 20 फीसद हिस्सेदारी के लिए केवल 12 बिलियन डॉलर देने को तैयार है। आरआईएल पहले से ही कर्ज मुक्त हो गई है और कोई भी इस तरह की डील आरआईएल को अधिग्रहण के लिए अधिक अवसर दे सकती है।

    मार्च और अप्रैल में वायरस के प्रकोप के चलते एफपीआई ने 69,000 करोड़ के करीब बिकवाली की थी। वहीं, अकेले अगस्त में  25,650 करोड़ का विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) आया है। अगर निवेश का फ्लो ऊपर की ओर चलता रहा, तो ना केवल बाजार 12,400 से आगे जाएगा, बल्कि यह 14,000-15,000 तक जा सकता है।

    जब हमने 7,500 के स्तर पर खरीदारी की थी, तो हमने सोचा था कि हमने वित्त वर्ष 20-21 के लिए काफी बढ़िया कर लिया है और हमारी नजर 10,500 के स्तर पर थी। अब हम वित्त वर्ष 2020-21 के करीब मध्य में हैं और केवल एक तिमाही ही प्रभावित हुई है। अगली तीन तिमाही में चीजें ट्रैक पर वापस होंगी और हम निश्चित रूप से नकारात्मक ग्रोथ नहीं देखेंगे।  इसलिए हम वित्त वर्ष 2020 की कमाई पर 24 की उचित पीई प्रदान करते हैं। हमें जनवरी 2021 से पहले निफ्टी को 12,500 के स्तर पर देखना चाहिए। यह फरवरी 2020 में निफ्टी का स्तर था।

  • फीकी हुई सोने और चांदी की चमक, दोनों के वायदा भाव में दिखी गिरावट

    फीकी हुई सोने और चांदी की चमक, दोनों के वायदा भाव में दिखी गिरावट

    नई दिल्ली। घरेलू वायदा बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार सुबह सोने की कीमत में गिरावट देखने को मिली है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर सोमवार सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर पांच अक्टूबर 2020 के सोने की वायदा कीमत 97 रुपये की गिरावट के साथ 52,130 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रही थी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर की बात करें, तो सोमवार सुबह सोने की वैश्विक हाजिर कीमत में गिरावट और वैश्विक वायदा कीमत में बढ़त देखी गई है।

    घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमतों की बात करें, तो सोमवार सुबह यहां भी गिरावट देखी गई है। एमसीएक्स पर चार सितंबर 2020 की चांदी का वायदा भाव सोमवार सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर 111 रुपये की गिरावट के साथ 67,060 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रहा था। इसके अलावा चार दिसंबर 2020 की चांदी की वायदा कीमत सोमवार सुबह 9 बजकर 21 मिनट पर 85 रुपये की गिरावट के साथ 69,485 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रही थी।

    सोने का वैश्विक भाव

    सोने के वैश्विक भाव की बात करें, तो ब्लूमबर्ग के अनुसार, सोमवार सुबह कॉमेक्स पर सोने का वैश्विक वायदा भाव 0.25 फीसद या 4.90 डॉलर की बढ़त के साथ 19,54.70 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करता दिखा। इसके अलावा सोने का वैश्विक हाजिर भाव इस समय 0.06 फीसद या 1.24 डॉलर की गिरावट के साथ 1,943.88 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करता दिखा।

    वैश्विक चांदी का भाव

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतों की बात करें, तो ब्लूमबर्ग के अनुसार, कॉमेक्स पर सोमवार सुबह चांदी का वायदा भाव 1.70 फीसद या 0.45 डॉलर की बढ़त के साथ 26.71 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करता दिखाई दिया। वहीं, चांदी का वैश्विक हाजिर भाव इस समय 0.63 फीसद या 0.17 डॉलर की बढ़त के साथ 26.61 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करता दिखा।

  • चांदी में भारी उछाल, सोने भी चमका

    चांदी में भारी उछाल, सोने भी चमका

    नई दिल्ली। सोने-चांदी की घरेलू वायदा कीमतों में मंगलवार को बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर मंगलवार सुबह 10 बजकर 28 मिनट पर पांच अक्टूबर 2020 के सोने का वायदा भाव 0.41 फीसद या 217 रुपये की बढ़ोत्तरी के साथ 53,492 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा था। इसके अलावा चार दिसंबर 2020 के सोने का वायदा भाव एमसीएक्स पर इस समय 0.52 फीसद या 276 रुपये की बढ़त के साथ 53,701 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा था। वैश्विक स्तर पर भी सोने की कीमतों में मंगलवार सुबह बढ़ोत्तरी देखने को मिली है।

  • RBI गवर्नर बोले- नहीं मिलेगी कोरोना नियंत्रण के बाद नियामक छूट

    RBI गवर्नर बोले- नहीं मिलेगी कोरोना नियंत्रण के बाद नियामक छूट

    नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि नोवेल कोरोनावायरस संक्रमण के नियंत्रित होने के बाद, वित्तीय क्षेत्र को बिना नियामकीय छूट के अपने स्वयं के सामान्य संचालन पर लौटना होगा। एक ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, दास ने महामारी से उत्पन्न स्थिति के लिए आरबीआई की प्रतिक्रिया को अभूतपूर्व बताया और कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा किए गए उपायों का उद्देश्य कोविड की विशिष्ट स्थिति से निपटना है और यह स्थायी नहीं हो सकता।

    उन्होंने कहा, “कोविड-19 के नियंत्रण के बाद वित्तीय क्षेत्र को नियामक छूटों और अन्य उपायों पर भरोसा किए बिना सामान्य कामकाज पर लौटना होगा।”

    बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों का आह्वान करते हुए दास ने कहा कि राष्ट्रीयकरण के बाद से बैंकिंग क्षेत्र में कई सुधारों के बावजूद बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है।

    उनका विचार है कि समय में परिवर्तन के साथ, सुधारों की प्रकृति को फिर से संगठित करने की आवश्यकता है।

    आरबीआई गवर्नर ने कहा, “नरसिम्हम समिति की सिफारिश के अनुरूप सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के समेकन की दिशा में मौजूदा कदम सही दिशा में एक कदम है। भारतीय बैंक इस तरह से लाभ उठा सकते हैं और दुनियाभर में नए व्यापार के अवसरों में भागीदार बन सकते हैं।”

    उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में बड़े और अधिक कुशल बैंक वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (ग्लोबल वेल्यू चेन) में एक अच्छा स्थान पाने के लिए वैश्विक बैंकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में, बैंकों के व्यवसाय परि²श्य में महत्वपूर्ण बदलाव आया है और अब बैंकों को सनराइज सेक्टर की तलाश करने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित व्यावसायिक अवसरों पर भी बात की। दास ने माना कि ग्रामीण क्षेत्र के व्यवसाय उछाल की क्षमता रखते हैं।

    दास ने कहा, “स्टार्ट-अप, नवीनीकरण, लॉजिस्टिक्स, वैल्यू चेन और ऐसे अन्य संभावित क्षेत्रों को देखने की जरूरत है।”

  • अच्छी-खासी गिरावट आई सोने-चांदी की वायदा कीमतों में…

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    चर्चित टीवी सीरियल Kasautii Zindagii Kay (कसौटी जिंदगी की) बंद होने जा रहा है। खबर है कि तमाम मुश्किलों के बीच Kasautii Zindagii Kay की प्रोड्यूसर एकता कपूर ने शो बंद करने का फैसला किया है। Kasautii Zindagii Kay का आखिरी एपिसोड 3 अक्टूबर को जारी होगा। इस बार सीरियल का अंत सुखद रहेगा। पिछली बार Kasautii Zindagii Kay के आखिरी एपिसोड में अनुराग और प्रेरणा मर जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। बता दें, ‘कसौटी जिंदगी को’ को पिछले साल से एक के बाद एक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह तमाम अटकलों पर अब विराम लग गया है।

    Kasautii Zindagii Kay की मुश्किलों की शुरुआत तब हुई जब हिना खान को शो छोड़ना पड़ा, फिर करण सिंह ग्रोवर के स्थान पर करण पटेल को लाया गया। फिर लॉकडाउन का दौर शुरू हुआ। अब शो के मुख्य अभिनेता – पार्थ समथान, जो अनुराग बसु की भूमिका निभा रहे हैं, ने अपने बॉलीवुड करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए शो छोड़ने का फैसला किया। खबर है कि इसके बाद एकता कपूर ने महसूस किया है कि एक के बाद एक कलाकार शो छोड़ रहे हैं और हर बार उनकी भूमिका में नए कलाकार को लाने का कोई मतलब नहीं है। यह एक तरह से दर्शकों को मजबूर करने जैसा है। यहां तक ​​कि महिला लीड – एरिका फर्नांडीस, जो प्रेरणा की भूमिका निभाती हैं, ने अपने घर को छोड़कर कहीं और से शूटिंग करने से इनकार कर दिया है।

    एरिका फर्नांडीस की शर्त सुनने के बाद शो के निर्माताओं ने नई प्रेरणा को लाने का मन बनाया था, लेकिन एकता कपूर ने साफ कर दिया था कि यदि एरिका की जगह परफेक्ट प्रेरणा नहीं मिली तो वे शो बंद कर देंगी। अब कहा जा रहा है कि यह नौबत आ गई है। एकता ने पार्थ को रोकने की भी खूब कोशिश की, लेकिन निराशा ही हाथ लगी।

    बता दें, कसौटी ज़िन्दगी की के पहले सीजन में सेज़ान खान के रूप में अनुराग, श्वेता तिवारी के रूप में प्रेरणा और रोनित रॉय ने मिस्टर बजाज की भूमिका निभाई थी। यह शो छह साल तक चला था।

  • सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट

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    नई दिल्ली। सोने एवं चांदी की वायदा कीमतों में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिल रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर, 2020 में डिलिवरी वाले सोने का भाव सुबह 11:10 बजे 363 रुपये यानी 0.70 फीसद की गिरावट के साथ 51,461 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। इससे पिछले सत्र में सोने का बंद भाव 51,824 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा था। वहीं, दिसंबर अनुबंध वाले सोने की कीमत 363 रुपये यानी 0.70 फीसद की गिरावट के साथ 51,625 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रही थी। बुधवार को वायदा बाजार बंद होने के समय दिसंबर, 2020 के कॉन्ट्रैक्ट वाले सोने का भाव 51,988 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा था।

    चांदी की वायदा कीमत (Silver Price in Futures Market)

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दिसंबर, 2020 के अनुबंध वाली चांदी की कीमत सुबह 11:24 बजे 869 रुपये यानी 1.26 फीसद की गिरावट के साथ 67,912 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रही थी। इससे पिछले सत्र में दिसंबर में डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 68,781 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी। वहीं, मार्च 2021 के कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी की कीमत 839 रुपये यानी 1.18 फीसद की भाव कमी के साथ 70,229 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रही थी। बुधवार को मार्च, 2021 अनुबंध वाली चांदी की कीमत 71,068 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का भाव (Gold Price in International Market)

    वैश्विक बाजार में अगर सोने की कीमतों की बात की जाए तो ब्लूमबर्ग के मुताबिक कॉमेक्स पर दिसंबर, 2020 में डिलिवरी वाले सोने का भाव 19.70 डॉलर यानी 1.00 फीसद की गिरावट के साथ 1950.80 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हाजिर बाजार में सोने की कीमत 16 डॉलर यानी 0.82 फीसद की गिरावट के साथ 1,943.26 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी।

    वैश्विक बाजार में चांदी की कीमत (Silver Price in International Market)

    सोने की तरह ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिल रही है। कॉमेक्स पर दिसंबर, 2020 में डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 0.51 डॉलर यानी 1.86 फीसद की गिरावट के साथ 26.97 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। वहीं, हाजिर बाजार में चांदी की कीमत 0.38 डॉलर यानी 1.41 फीसद की भाव कमी के साथ 26.78 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी।

     

  • सोना, चांदी की कीमतों में आई एक महीने में इतनी गिरावट

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    नई दिल्ली। घरेलू स्तर पर सोने का भाव शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। एमसीएक्स एक्सचेंज पर पांच अक्टूबर 2020 के सोने का वायदा भाव सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को  गिरावट के साथ 51,319 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसी तरह दिसंबर वायदे के सोने का भाव भी एमसीएक्स पर शुक्रवार को गिरावट के साथ 51,494 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। आइए अब यह जानते हैं कि पिछले हफ्ते सोने की कीमतों में कितना फर्क आया है।

    सोने की कीमतों में बीते सप्ताह बढ़ोत्तरी हुई है। बीते सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 7 सितंबर को एमसीएक्स पर अक्टूबर वायदा का सोना 50,801 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला था। वहीं, इससे पिछले सत्र में यह 50,678 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस तरह इस सोने के भाव में बीते हफ्ते 641 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोत्तरी हुई है। इसी तरह दिसंबर वायदा के सोने के भाव में बीते हफ्ते 589 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़त दर्ज हुई है।

    घरेलू सर्राफा बाजार में आइए अब चांदी की बात करते हैं। एमसीएक्स पर दिसंबर वायदा की चांदी का भाव बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को 1,063 रुपये की भारी गिरावट के साथ 67,928 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। इस चांदी की कीमत बीते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 7 सितंबर को एमसीएक्स पर 68,232 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली थी। वहीं, इससे पिछले सत्र में यह 67,266 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इस तरह इस चांदी की कीमत में बीते हफ्ते में 662 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है।

    अगर हम पिछले महीने के उच्च स्तर से मौजूदा कीमतों की तुलना करें, तो सोने और चांदी दोनों कीमतों धातुओं के भाव में काफी गिरावट आई है। छह अगस्त को अक्टूबर वायदा का सोना 55,845 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। तब से लेकर अब तक इस सोने में 4,526 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आ चुकी है। इसी तरह पिछले महीने 10 अगस्त को दिसंबर वायदा की चांदी की कीमत 78,256 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। तब से लेकर अब तक इस चांदी में 10,328 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आ चुकी है।

    आइए अब वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें जानते हैं। ब्लूमबर्ग के अनुसार, बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने का दिसंबर वायदा भाव कॉमेक्स पर 0.83 फीसद या 16.40 डॉलर की भारी गिरावट के साथ 1947.90 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। इसके अलावा सोने का वैश्विक हाजिर भाव शुक्रवार को 0.28 फीसद या 5.54 डॉलर की गिरावट के साथ 1940.55 डॉलर प्रति ओंस पर बंद हुआ।

    इसी तरह दिसंबर वायदा की चांदी का वैश्विक भाव कॉमेक्स पर शुक्रवार को 1.59 फीसद या 0.43 डॉलर की गिरावट के साथ 26.86 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी का वैश्विक हाजिर भाव 0.55 फीसद या 0.15 डॉलर की गिरावट के साथ 26.73 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

    विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना वैक्सीन के विकास को लेकर आ रहे सकारात्मक संकेतों और आर्थिक गतिविधियों में हो रहे सुधार के कारण सोना सेफ हैवन के रूप में कमजोर हुआ है, लेकिन कम और नकारात्मक ब्याज दर, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और आगामी राहत पैकेज की उम्मीदें सोने की कीमतों का समर्थन कर रही हैं।

    भारत की बात करें, तो अगस्त महीने में गोल्ड ईटीएफ (GOLD ETF) में 908 डॉलर की आवक देखने को मिली है। गोल्ड ईटीएफ में यह लगातार पांचवें महीने इनफ्लो रहा है। इस तरह जनवरी से अगस्त 2020 की अवधि में गोल्ड ईटीएफ में कुल 5,356 करोड़ रुपये का इनफ्लो हो चुका है।

  • दिल्ली में सस्ता हुआ डीजल 4 दिनों में करीब 1 रुपया लीटर

    दिल्ली में सस्ता हुआ डीजल 4 दिनों में करीब 1 रुपया लीटर

    नई दिल्ली। डीजल के दाम में रविवार को लगातार चौथे दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा जबकि पेट्रोल के भाव में लगातार दूसरे दिन कोई बदलाव नहीं हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली में इन चार दिनों में डीजल 98 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बीते दिनों कच्चे तेल में आई नरमी के बाद पेट्रोल और डीजल के भाव में उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है।

    तेल विपणन कंपनियों ने रविवार को डीजल के दाम में दिल्ली में 24 पैसे, कोलकाता में 23 पैसे जबकि मुंबई में 25 पैसे और चेन्नई में 22 पैसे प्रति लीटर की कटौती की है। इससे एक दिन पहले डीजल के दाम में दिल्ली और कोलकाता में 20 पैसे जबकि मुंबई में 21 पैसे और चेन्नई में 19 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई थी। लगातार चार दिनों की कटौती के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में डीजल का भाव 98 पैसे प्रति लीटर घटकर 71.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

    इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में डीजल का भाव घटकर क्रमश: 71.58 रुपये, 75.09 रुपये, 78.02 रुपये और 76.99 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है। जबकि चारों महानगरों में पेट्रोल का दाम क्रमश: 81.14 रुपये, 82.67 रुपये, 87.82 रुपये और 84.21 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। जानकार बताते हैं कि डीजल सस्ता होने से मालभाड़ा कम होगा जिससे आने वाले दिनों में देश के आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिलेगी।

    अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव बीते सप्ताह 43 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर रहा जबकि अमेरिकी क्रूड वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का भाव 41 डॉलर प्रति बैरल के करीब रहा। इस महीने के दूसरे सप्ताह के दौरान ब्रेंट क्रूड का भाव 40 डॉलर से नीचे चला गया था जबकि डब्ल्यूटीआई का भाव 36.16 डॉलर प्रति बैरल तक टूटा था।