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  • रेल यात्रियों को होली के बाद झटका, 426 ट्रेनों को किया रद्द

    रेल यात्रियों को होली के बाद झटका, 426 ट्रेनों को किया रद्द

    नई दिल्ली। भारतीय रेल ने होली की छुट्टी पर घर गए यात्रियों को बड़ा झटका देते हुए बुधवार को रद्द होने वाली ट्रेनों की पूरी लिस्ट जारी कर दी। आईआरसीटी की वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी गई है। रेलवे की ओर से जारी की गई लिस्ट के अनुसार, 11 मार्च को 400 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इन ट्रेनों में बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कई शहरों को दिल्ली से जोड़ने वाली ट्रेनें शामिल हैं।

    रेलवे ने कुल 426 ट्रेनों को रद्द किया है, इसमें सुपरफास्ट, एक्सप्रेस, मेल एक्सप्रेस, हमसफर और कई विशेष ट्रेनें शामिल हैं। 426 में से 296 ट्रेनों को पूर्ण रूप से रद्द किया गया है, जबकि 130 ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द हुईं हैं। इसके अलावा कई ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं, जिसकी जानकारी इंडियन रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्राप्त की जा सकती है।

    रेलवे ने बुधवार को चलने वाली 12 ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया है। साथ ही 16 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। रेलवे ने कहा है कि ट्रैक पर काम चलने के साथ ही सिंग्नलिंग प्रणाली को दुरुस्त किया जा रहा है, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि रेलवे ने पहले ही इसकी जानकारी स्थानीय अखबारों में दे रखी है।

  • चंद घंटों में डूबे निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक शेयर बाजार में तबाही से

    चंद घंटों में डूबे निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक शेयर बाजार में तबाही से

    मुंंबई। शेयर बाजार में आज भी लगातार गिरावट का दौर जारी रहा। शेयर बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 1700 और निफ्टी में 500 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद सवा दस बजे तक सेंसेक्स 1,870.42 तक गिरकर 33,826.98 तक पहुंच गया और निफ्टी में 568.90 तक गिर गया है यह
    9,889.50 तक पहुंच गया है। एक मिनट के अंतरार में छह लाख करोड़ रुपए निवेशकों के डूब गए हैं।
    इस बीच, आरबीआई की पाबंदियां झेल रहे यस बैंक के शेयर में दो दिनों की तेजी के बाद आज ब्रेक लग गया है। शुरुआती कारोबार के दौरान यस बैंक के शेयर 15 फीसदी लुढ़क कर 24 रुपए के भाव पर गए। आपको बताते जाए कि यस बैंक के शेयर बीते दो कारोबारी दिन में 70 फीसदी से अधिक चढ़ गए थे। बुधवार को शेयर 28 फीसदी बढ़त के साथ बंद हुए जबकि सोमवार को बैंक के शेयर में 31.17 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और मंगलवार को होली के अवसर पर बाजार में कारोबार नहीं हुआ।

  • कोरोना का कहर शेयर बाजार में, सेंसेक्स बंद हुआ 2919.26 अंक गिरकर 32,778.14 पर

    कोरोना का कहर शेयर बाजार में, सेंसेक्स बंद हुआ 2919.26 अंक गिरकर 32,778.14 पर

    मुंंबई। शेयर बाजार में आज भी लगातार गिरावट का दौर जारी रहा। तीस शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 2919.26 अंक (-8.18%) गिरकर 32,778.14 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 868.25 (-8.30%) अंक गिरकर 9,590.15 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 शेयरों में से सभी शेयर लाल निशान में बंद हुए।

    बीएसई का सेंसेक्‍स एक वक़्त 3079.93 अंकों की गिरावट के साथ 32,756.80 के स्‍तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, NSE का निफ्टी भी 875.15 अंक यानी 8.37% फीसदी की गिरावट के साथ 9,583.25 के स्‍तर पर कारोबार करता पाया गया।

    इससे पहले दोपहर 2.45 बजे सेंसेक्‍स 3,041.30 अंक गिरकर 32,656.10 तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 892.95 अंक तक लुढ़क कर 9,565.45 पहुंच गया है। यह शेयर बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। किसी एक दिन में शेयर बाजार ने इतनी बड़ी गिरावट नहीं देखी गई।
    इससे पहले दो बजे सेंसेक्स 2,334.78 तक गिरा और 33,362.62 तक पहुंच था। निफ्टी 694.40 गिरते हुए 9,764.00 तक पहुंच था। इससे पहले सवा 12 बजे 2,340.87 अंक तक गिरकर 33,356.53 पहुंचा और निफ्टी 680.3 अंक नीचे गिरकर 9,778.10 तक पहुंचा था।

    इसी तरह सवा 11 बजे सेंसेक्स 2,540.82 तक गिरकर 33,156.58 पहुंचा। निफ्टी 761.00 तक नीचे आकर 9,697.40 तक पहुंचा था। शेयर बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 1700 और निफ्टी में 500 अंकों की गिरावट दर्ज की गई । यह मंदी विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से काेरोना वायरस को महामारी घोषित करने की वजह से आना बताया जा रहा है। कोरोनावायरस से अमेरिका में भी गिरावट का दौर जारी हैै। इसका असर इंडिया के शेयर बाजार में भी देखने को मिल रहा है।

    एक मिनट में निवेशकों ने गंवाए 7.03 लाख करोड़ रुपए…
    शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,784.14 अंक यानी 5.03 फीसदी की गिरावट के बाद 33,903.26 के स्तर पर खुला था। जबकि निफ्टी 532.65 अंक यानी 5.09 फीसदी की गिरावट के बाद 9,925.75 के स्तर पर खुला था।

    निवेशकों के डूबे 8.56 लाख करोड़ रुपए…
    शेयर बाजार के पतन के चलते निवेशकों के 8.56 लाख करोड़ रुपए डूब गए। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बुधवार को कारोबार खत्म होने पर 137 लाख करोड़ रुपए था, जो गुरुवार को सुबह साढ़े 10 बजे तक घटकर 128 लाख करोड़ रुपए रह गया।

  • शेयर बाजार में काेरोना के कहर से तहलका,फिर खुला 45 मिनट बाद बाजार, सेंसेक्‍स-निफ्टी में मामूली रिकवरी

    शेयर बाजार में काेरोना के कहर से तहलका,फिर खुला 45 मिनट बाद बाजार, सेंसेक्‍स-निफ्टी में मामूली रिकवरी

    मुंबई। दुनियाभर में कोरोना वायरस से कहर को देखते हुए शेयर बाजारों में भी लगातार गिरावट जारी है। सुबह 10.20 बजे एक बार फिर शेयर बाजार में ट्र‍ेडिंग प्रारंभ की गई। इस दौरान करीब 3300 अंक की फिसलन के कुछ मिनटों बाद सेंसेक्‍स निचले स्‍तर से रिकवर होता दिखाई दिया। साढे दस बजे 1,082.74 अंक लुढ़क कर 31,695.40 पहुुंचा है। वहीं निफ्टी 278.35 नीचे आकर 9,311.80 तक पहुंच गया है।

    इससे पहले आज शेयर मार्केट खुलते ही सेंसेक्‍स 30,305.59 अंक लुढ़क कर 29,687.52 अंक पर था। वहीं निफ्टी 966.10 की गिरावट के साथ 8,624.05 अंक पर पहुंच गया। आज ऐतिहासिक गिरावट दर्ज होने के बाद कारोबार को 45 मिनट के लिए रोक दिया गया था।

    सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स और निफ्टी 10 फीसदी से अधिक लुढ़क गया और इस वजह से ट्रेडिंग रोक दी गई है। आपको बताते जाए कि शेयर बाजार में 10 फीसदी या उससे अधिक की गिरावट आने पर उसमें लोअर सर्किट लग जाता है।

    इससे पहले गुरुवार काो कोरोना वायरस के मामले बढ़ने की वजह से भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भी दहशत का माहौल रहा । इस दिन सेंसेक्स 2,919.26 अंक टूटकर 32,778.14 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 868.25 अंक लुढ़क कर 9,590.15 अंक पर रहा।बहरहाल, घरेलू शेयर बाजारों में मची अफरातफरी के बीच निवेशकों की 11 लाख करोड़ रुपए की पूंजी डूब गई।

  • बढ़ सकती हैं उत्पाद शुल्क बढ़ने से पेट्रोल, डीजल की कीमतें

    बढ़ सकती हैं उत्पाद शुल्क बढ़ने से पेट्रोल, डीजल की कीमतें

    नई दिल्ली। सरकार ने तेल की वैश्विक कीमतों में असमान्य रूप से आई गिरावट का फायदा उठाकर राजस्व बढ़ाने के लिए पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया है। अर्थव्यवस्था की सुस्ती का राजस्व पर बुरा असर पड़ा है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर तीन रुपये प्रति लीटर के हिसाब से उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया है, जिससे विभिन्न राज्यों में कर संरचना के आधार पर दोनों पेट्रोलियम उत्पादों के खुदरा मूल्य में तीन-चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है।

    इससे केन्द्र को साल में 45,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है।

    केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल और डीजल पर विशेष शुल्क दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया गया है।

    इसके अतिरिक्त, दोनों उत्पादों पर सड़क उपकर भी एक रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया गया है, जिससे केंद्रीय शुल्क तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ गया है। नई दरें 14 मार्च से प्रभावी हैं।

    लेकिन वैश्विक तेल कीमतों में कमी के कारण सरकार के पास खुदरा कीमतें न बढ़ा सकने की बाध्यता होगी और इसके बदले तेल विपणन कंपनियों से कहा जा सकता है कि वे उत्पाद शुल्क में की गई वृद्धि को समायोजित कर लें।

  • कोरोना का कहर शेयर बाजार में, गिरकर संभला सेंसेक्स

    कोरोना का कहर शेयर बाजार में, गिरकर संभला सेंसेक्स

    मुंबई। कोरोना वायरस को लेकर शेयर बाजार खुलते ही गिर गया है। सेंसेक्स पौने ग्यारह बजे 1,659.32 गिरकर 32,444.16 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी 436.60 गिरकर 9518.60 तक पहुंच गया है। कोरोना के गहराते प्रकोप और विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से घरेलू शेयर बाजार में फिर बिकवाली बढ़ गई और देसी करेंसी भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुई है।
    इससे पहले बंबई स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.34 बजे पिछले सत्र से 2,063.33 अंकों यानी 6.05 फीसदी की गिरावट के साथ 32,040.15 पर बना हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र से 547.85 अंकों यानी 5.50 फीसदी की गिरावट के साथ 9,407.35 पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले सेंसेक्स पिछले सत्र से तकरीबन 1,000 अंकों की गिरावट के साथ 33,103.24 पर खुला और 32,039.50 तक लुढ़का। निफ्टी भी पिछले सत्र के मुकाबले 367.40 अंकों की गिरावट के साथ 9,587.80 पर खुला और 9,397 तक लुढ़का।

    कोरोना के कहर से निपटने की दिशा में कदम उठाते हुए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अचानक ब्याज दर में बड़ी कटौती की। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर घटाकर शून्य के करीब कर दिया। कोरोना वायरस के संकट और मंदी के खतरों से जूझ रही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के मकसद से फेड ने यह कदम उठाया है। फेड ने बेंचमार्क ब्याज दर जो एक फीसदी से 1.25 फीसदी था उसे घटाकर शून्य से 0.25 फीसदी कर दिया है।

    कोरोना वायरस के कारण मंदी की गिरफ्त में फंसती जा रही वैश्विक अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए दुनियाभर के केंद्रीय बैंक आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में यूएस फेडरल रिजर्व बैंक (फेड) ने बेंचमार्क ब्याज दर जो एक फीसदी से 1.25 फीसदी था उसे घटाकर शून्य से 0.25 फीसदी कर दिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में एक फीसदी की कटौती कर दी है।

    इससे पहले तीन मार्च को फेड ने ब्याज दर में 0.5 फीसदी की कटौती कर दी थी। फेड ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 700 अरब डॉलर डालने का भी निर्णय किया है। इसने 500 अरब डॉलर और 200 अरब डॉलर के सरकारी बांड खरीदने की घोषणा कर दी है। वहीं न्यूजीलैंड के केंद्रीय बैंक ने भी आपातकालीन बैठक के बाद सोमवार को ब्याज दरों में 75 बेसिक पॉइंट की कटौती कर दी है।

  • चमका सोना अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले से, चांदी भी सुधरी

    चमका सोना अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले से, चांदी भी सुधरी

    नई दिल्ली। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती के फैसले से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की चमक बढ़ गई। कॉमेक्स पर सोना दो फीसदी से ज्यादा उछला और चांदी में भी तेजी लौटी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में महंगी धातुओं के दाम में तेजी आने से भारत के सरार्फा बाजार में भी सोने और चांदी में तेजी का रुझान देखने को मिल सकता है।

    कोरोना के कहर के चलते शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने अपने मार्जिन कॉल को पूरा करने के लिए पिछले सप्ताह सोने में भारी बिकवाली की जिससे भारतीय वायदा बाजार में पिछले सप्ताह सोने में तकरीबन 4000 रुपये प्रति 10 ग्राम जबकि चांदी में 6,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई थी।

     

    बाजार के जानकारों की माने तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पीली धातु की तेजी से भारतीय सरार्फा बाजार में भी तेजी का माहौल देखने को मिलेगा।

    कॉमेक्स पर सोने अप्रैल अनुबंध में पिछले सत्र से 29.25 डॉलर यानी 1.93 फीसदी की तेजी के साथ 1,545.95 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था जबकि इससे पहले सोने का भाव 1,574.70 डॉलर प्रति औंस तक उछला। कमोडिटी बाजार विशेषज्ञ बताते हैं कि फेड के फैसले से सोना वापस 1,600 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है और सोने में तेजी का फायदा चांदी को भी मिल रहा है। चांदी के मई अनुबंध में पिछले सत्र से 1.50 फीसदी की तेजी के साथ 14.17 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले चांदी का भाव 15.24 डॉलर प्रति औंस तक उछला।

    फेडरल रिजर्व ने कोरोना के कहर से निपटने की दिशा में कदम उठाते हुए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अचानक ब्याज दर में बड़ी कटौती की। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर घटाकर शून्य के करीब कर दिया। कोरोना वायरस के संकट और मंदी के खतरों से जूझ रही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के मकसद से फेड ने यह कदम उठाया है।

    फेड ने बेंचमार्क ब्याज दर जो एक फीसदी से 1.25 फीसदी था उसे घटाकर शून्य से 0.25 फीसदी कर दिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में एक फीसदी की कटौती की है। इससे पहले तीन मार्च को फेड ने ब्याज दर में 0.5 फीसदी की कटौती की थी।

    फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने रविवार की शाम में कहा कि ब्याज दर में कटौती व अन्य कदम जो उठाए गए हैं उनका मकसद अमेरिकी अर्थव्यवस्था को इस कठिन दौर से निकालने में मदद करना है।

  • YES BANK:अनिल अंबानी को ED ने भेजा समन, मामला जुड़ा है मनी लांड्रिंग से

    YES BANK:अनिल अंबानी को  ED ने भेजा समन, मामला जुड़ा है मनी लांड्रिंग से

    मुंबई। यस बैंक मामले प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी को समन भेज दिया है। अनिल अंबानी को यह समन मनी लांड्रिंग से जुड़े मामले में मिला है। मिली जानकारी के अनुसार, जांच से जुड़े अधिकारियों ने सोमवार को इस बात की पुष्टि कर दी है। ईडी के अफसरों ने बताया कि अनिल अंबानी को सोमवार को मुंबई स्थित कार्यालय पर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। संकट में घिरे यस बैंक से बड़े पैमाने पर कर्ज लेने वाली कंपनियों में रिलायंस ग्रुप की कंपनियां भी शामिल हैं। इस ग्रुप का नेतृत्व अनिल अंबानी ही करते हैं।

    सूत्रों ने बताया कि अनिल अंबानी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पेश होने से मना कर दिया है और ईडी की ओर से नई तारीख दी जा सकती है। आपको बताते जाए कि रिलायंस ग्रुप पर यस बैंक का 12,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज बकाया है। यस बैंक पर आरबीआई के नियंत्रण के बाद रिलायंस ग्रुप को दिए गए लोन पर सवाल उठे थे।

    इस पर अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप ने कहा था कि हमारे पास यस बैंक का लोन पूरी तरह सुरक्षित है और संपत्ति बेचकर भी हम लोन को चुका देंगे।

    आपको बताते जाए कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 6 मार्च को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यस बैंक के बड़े बकायेदारों के नाम उजागर किए थे। इनमें अनिल अंबानी ग्रुप, एस्सल समूह, आईएल एंड एफएस, डीएचएफएल और वोडाफोन आइडिया जैसी दिग्गज कंपनियों के नाम शामिल थे।

  • फरवरी में घटकर 2.26 फीसदी थोक महंगाई दर

    फरवरी में घटकर 2.26 फीसदी थोक महंगाई दर

    नई दिल्ली। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति दर फरवरी में घटकर 2.26 प्रतिशत रह गई। यह जनवरी में 3.10 प्रतिशत थी। आधिकारिक आंकड़ों से सोमवार को यह जानकारी सामने आई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी सालाना थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 2019 फरवरी के मुकाबले इस वर्ष फरवरी में थोक महंगाई दर में कमी आई है। पिछले साल 2019 में फरवरी में थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति 2.93 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

    फरवरी माह के लिए ‘भारत में थोक मूल्य सूचकांक सूची’ के अपने रिव्यू में मंत्रालय ने कहा, “पिछले वर्ष की इसी अवधि में 2.75 प्रतिशत की निर्मित दर की तुलना में वित्तीय वर्ष में अब तक मुद्रास्फीति की दर का निर्माण 1.92 प्रतिशत रहा।”

    खाद्य वस्तुओं, खासतौर से प्याज और अन्य सब्जियों के दाम घटने के कारण बीते महीने थोक महंगाई दर में कमी आई है।

    खाद्य वस्तुओं के समूह का सूचकांक पिछले महीने के 160.8 से 3.7 फीसदी घटकर फरीवरी में 154.9 पर आ गया। फलों, सब्जियों, चाय, अंडे और मक्का समेत अन्य अनाजों के दाम में नरमी रहने के कारण खाद्य वस्तुओं के समूह के सूचकांक गिरावट दर्ज की गई।

  • शेयर बाजार में कोरोना वायरस से कोहराम, सेंसेक्स पहुंचा 2000 के नीेचे,8 हजार के नीचे निफ्टी

    शेयर बाजार में कोरोना वायरस से कोहराम, सेंसेक्स पहुंचा 2000 के नीेचे,8 हजार के नीचे निफ्टी

    मुंबई। कोराेना वायरस ने शेयर बाजार कोहराम मचा कर रख दिया है। शेयर बाजार इससे उबर भी नहीं पा रहा है। आज शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला। आज सेंसेक्स करीब 1497.97 अंक की गिरावट के साथ 27371.54 अंक के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 438.00 अंक की गिरावट के साथ 8030.80 अंक के स्तर पर खुला। लेकिन देखते-देखते हालात बिगड़ गए और सेंसक्स 2045.75 अंक तक नीचे पहुंच गया और 26,823.76. कारोबार कर रहा है। निफ्टी की बात करें तो ये 575 के नुकसान के साथ 7,890 अंक पर पहुंच गया है।