Category: business

  • सरकार की पहल! अगले वित्त वर्ष से भारतीय कंपनियां सीधे विदेशों में शेयर करेंगी सूचीबद्ध

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    नई दिल्ली। फुलर कैपिटल अकाउंट कन्वर्टिबिलिटी की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए सरकार का इरादा है कि भारतीय कंपनियों के लिए दरवाजे खुलें, ताकि वह सीधे विदेशों में अपने शेयरों को सूचीबद्ध करें और बड़े सामूहिक लाभ कोष का उपयोग करें। आधिकारिक सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि संसद के मौजूदा बजट सत्र के दौरान कंपनी अधिनियम और फेमा नियमों के पारित होने के बाद अगले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही तक प्रत्यक्ष विदेशी लिस्टिंग की अनुमति देने वाले आवश्यक नियमों को लागू किया जा सकता है।

    वर्तमान में विदेशी स्टॉक एक्सचेंजों पर भारतीय कंपनियों द्वारा प्रत्यक्ष लिस्टिंग की अनुमति नहीं है। इसी तरह विदेशी कंपनियों को भी भारतीय शेयर बाजारों में अपने इक्विटी शेयरों को सीधे सूचीबद्ध करने की अनुमति नहीं है।

    भारतीय कंपनियों को डिपॉजिटरी रिसिप्ट्स (एडीआर और जीडीआर) के जरिए विदेशों में पूंजी जुटाने की अनुमति है। लेकिन यह मार्ग तेजी से अलोकप्रिय होने के साथ केंद्र और बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) कॉर्पोरेट के लिए पूंजी जुटाने और देश में विदेशी निवेशकों को अधिक मौके प्रदान करने के अन्य तरीके तलाश रही है।

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    कम से कम 15 भारतीय कंपनियों ने एडीआर और जीडीआर मार्ग का उपयोग किया है, जिसमें इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम से भारतीय कंपनियों को अन्य बाजारों जैसे लंदन व सिंगापुर में पूंजी जुटाने और वैश्विक स्तर पर जाने से रोके जाने की भी उम्मीद है।

    सरकार और नियामकों के बीच कुछ सालों से प्रत्यक्ष लिस्टिंग पर बहस चल रही है। अब इस चर्चा को अंतिम रूप देने वाले चरण में पहुंचा जा चुका है। प्रत्यक्ष सूची (डायरेक्ट लिस्टिंग) से पूंजी जुटाने की चाहत रखने वाली सभी कंपनियों को लाभ होने की उम्मीद है, मगर उनकी ओर से निश्चित रूप से विदेशों में अधिक परिपक्व और स्थिर बाजारों की ओर भी ध्यान दिया जाएगा।

  • कोरोना वायरस का कहर, BSE के निवेशकों के महज 5 मिनट में करीब 4 लाख करोड़ रुपए डूबे

    कोरोना वायरस का कहर, BSE के निवेशकों के महज 5 मिनट में करीब 4 लाख करोड़ रुपए डूबे

    मुंबई। दुनियाभर में कोरोना वायरस ने अपना कहर ढाना प्रारंभ कर दिया है। इसका असर शेयर बाजारों पर भारी पड़ रहा है। आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1000 से ज्यादा अंक टूट गया है। सेंसेक्स में कारोबार की शुरुआत 658 अंक की गिरावट के साथ हुई थी। इसे के साथ सुबह 9.39 बजे तक सेंसेक्स 1130 अंक टूटकर 38615 तक पहुंच गया। महज 5 मिनटों में बीएसई के निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए।

    सभी शेयर लाल….
    सेंसेक्स के सभी शेयर लाल निशान पर दिखाई दिए। सबसे ज्यादा गिरावट टेक महिंद्रा और टाटा स्टील के शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी का ऐसा हाल है कि 50 शेयरों में से कोई भी शेयर हरे निशान पर नहीं दिखा। सबसे ज्यादा गिरावट की बात की जाए तो टेक महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, वेदांता और बजाज फाइनैंस इस लिस्ट में हैं।

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 251 अंक टूट गया। यह 11,382.00 पर खुला। दुनिया भर के बाजारों में कोरोना वायरस के प्रकोप का डर कायम बना हुआ है। आज चीन, जापान, दक्ष‍िण कोरिया सहित कई एश‍ियाई देशों के शेयर बाजारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।

  • पटरी पर आना शुरू अर्थव्यवस्था! तीसरी तिमाही में GDP विकास दर बढक़र हुई 4.7 फीसदी

    पटरी पर आना शुरू अर्थव्यवस्था! तीसरी तिमाही में GDP विकास दर बढक़र हुई 4.7 फीसदी

    नई दिल्ली। भारत की आर्थिक विकास दर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में बढक़र 4.7 फीसदी हो गई। इससे पहले दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर 4.5 फीसदी दर्ज की गई थी। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी वृद्धि दर पिछली तिमाही से बढक़र 4.7 फीसदी हो गई।

    फिलहाल दुनियाभर में कोरोना वायरस के कारण मंदी जैसा माहौल है। ऐसे में माना जा रहा था कि इस तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट में कोई बदलाव नहीं होगा। लगातार 6 तिमाही के बाद ऐसा हुआ है जब इसमें सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में ग्रोथ रेट 8, दूसरी तिमाही में 7, तीसरी तिमाही में 6.6 और चौथी में 5.8 फीसदी थी। वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में यह दर 5 और दूसरी तिमाही में 4.5 फीसदी थी।

    उधर कोर इंडस्ट्री के आंकड़ों में भी कुछ सुधार देखने को मिला। ताजा आंकड़ों के अनुसार जनवरी में देश की आठ कोर इंडस्ट्री का ग्रोथ 2.2 फीसदी रहा, जो दिसंबर में 2.1 फीसदी था। उल्लेखनीय है कि आठ कोर इंडस्ट्री में कोयला, कच्चा तेल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी उत्पाद, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट तथा इलेक्ट्रिसिटी शामिल हैं।

    मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को सुस्ती से उबारने के लिए पिछले कुछ महीनों में कई उपाय किए हैं। निवेश को बढ़ावा देने के लिए कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती के अलावा सरकारी खर्च में भी बढ़ोतरी की गई। बजट में इनकम टैक्स में भी राहत की घोषणा की गई। पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं।

  • गिरावट जारी शेयर बाजार में, 1304.73 अंक गिरा सेंसेक्स, निवेशकों के करोड़ रुपए डूबे

    गिरावट जारी शेयर बाजार में, 1304.73 अंक गिरा सेंसेक्स, निवेशकों के करोड़ रुपए डूबे

    मुंबई। दुनियाभर में कोरोना वायरस ने अपना कहर ढाना प्रारंभ कर दिया है। इसका असर शेयर बाजारों पर भारी पड़ रहा है। शेयर बाजार में गिरावट जारी है। सेंसेक्स 1304.73 अंक की गिरावट के साथ 38,503.78 पर पहुंच गया है। यह गिरावट 12 बजकर 10 मिनट के समय देखी गई।इससे पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1000 से ज्यादा अंक टूट गया था। सेंसेक्स में कारोबार की शुरुआत 658 अंक की गिरावट के साथ हुई थी। इसी के साथ सुबह 9.39 बजे तक सेंसेक्स 1130 अंक टूटकर 38615 तक पहुंच गया। महज 5 मिनटों में बीएसई के निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए।
    सभी शेयर लाल….
    सेंसेक्स के सभी शेयर लाल निशान पर दिखाई दिए। सबसे ज्यादा गिरावट टेक महिंद्रा और टाटा स्टील के शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी का ऐसा हाल है कि 50 शेयरों में से कोई भी शेयर हरे निशान पर नहीं दिखा। सबसे ज्यादा गिरावट की बात की जाए तो टेक महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, वेदांता और बजाज फाइनैंस इस लिस्ट में हैं।

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 251 अंक टूट गया। यह 11,382.00 पर खुला। दुनिया भर के बाजारों में कोरोना वायरस के प्रकोप का डर कायम बना हुआ है। आज चीन, जापान, दक्ष‍िण कोरिया सहित कई एश‍ियाई देशों के शेयर बाजारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।

  • गिरावट दर्ज पेट्रोल और डीजल के दाम में, लगातार दूसरे दिन उपभोक्ताओं को मिली राहत

    गिरावट दर्ज पेट्रोल और डीजल के दाम में, लगातार दूसरे दिन उपभोक्ताओं को मिली राहत

    नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के दाम में रविवार को भी गिरावट दर्ज की गई जिससे उपभोक्ताओं को लगातार दूसरे दिन दोनों वाहन ईंधनों की कीमतों में राहत मिली। तेल विपणन कंपनियों ने रविवार को पेट्रोल के दाम में दिल्ली में 18 पैसे, कोलकाता में 15 पैसे, मुंबई में 16 पैसे जबकि चेन्नई में 17 पैसे प्रति लीटर की कटौती की।

    डीजल की कीमत दिल्ली में 21 पैसे कोलकाता में 20 पैसे जबकि मुंबई और चेन्नई मे 26 पैसे प्रति लीटर घट गई है। लगातार दो दिनों में देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 25 पैसे जबकि डीजल 30 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल का दाम घटकर क्रमश: 71.71 रुपए, 74.38 रुपए, 77.40 रुपए और 74.51 रुपए प्रति लीटर हो गया है।

    चारों महानगरों में डीजल का भाव भी घटकर क्रमश: 64.30 रुपए, 66.63 रुपए, 67.34 रुपए और 67.86 रुपए प्रति लीटर हो गया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई भारी गिरावट के बाद फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ है।

    बता दें कि कोरोना वायरस का कहर दुनिया के अनेक देशों में फैलने के कारण कच्चे तेल की मांग घट गई है जिससे इसकी कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है। बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव करीब एक महीने की ऊंचाई से 30 फीसदी से ज्यादा गिरा है। ब्रेंट क्रूड पिछले सप्ताह 50 डॉलर प्रति बैरल जबकि अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास 45 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया जोकि कच्चे तेल के भाव का बीते एक साल से ज्यादा समय का निचला स्तर है।

  • पेट्रोल डीजल के दाम लगातार तीसरे दिन भी घटे

    पेट्रोल डीजल के दाम लगातार तीसरे दिन भी घटे

    नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के दाम में सोमवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा। पेट्रोल के दाम में जहां 22-23 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई है, वहीं डीजल फिर 20-21 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है। इन तीन दिनों में उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 50 पैसे प्रति लीटर की राहत मिली है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बीते दिनों कच्चे तेल के दाम में आई भारी गिरावट के कारण पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी आई है। हालांकि कच्चे तेल में फिर तेजी लौटी है।

    तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल के दाम में दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 22 पैसे जबकि चेन्नई में 23 पैसे प्रति लीटर की कटौती की। वहीं, डीजल का दाम दिल्ली और कोलकाता में 20 पैसे जबकि मुंबई और चेन्नई में 21 पैसे प्रति लीटर कम हो गया है।

    इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल का दाम घटकर क्रमश: 71.49 रुपये, 74.16 रुपये, 77.18 रुपये और 74.28 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

    चारों महानगरों में डीजल का भाव भी घटकर क्रमश: 64.10 रुपये, 66.43 रुपये, 67.13 रुपये और 67.65 रुपये प्रति हो गया है।

    अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में सोमवार को तीन फीसदी से ज्यादा की तेजी आई। आईसीई पर ब्रेंट क्रूड के मई सौदे में 3.32 फीसदी की तेजी के साथ 51.32 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था। वहीं न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज पर अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के अप्रैल अनुबंध में पिछले सत्र से 3.04 फीसदी की तेजी के साथ 46.12 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।

  • YES BANK पर RBI ने कसा शिकंजा, एक महीने में ग्राहकों को 50 हजार निकालने के आदेश के बाद ATM के बाहर लगी भीड़

    YES BANK पर RBI ने कसा शिकंजा, एक महीने में ग्राहकों को 50 हजार निकालने के आदेश के बाद ATM के बाहर लगी भीड़

    नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने आर्थिक संकट में फंसे यस बैंक के ग्राहकों के लिए 50 हजार रुपए निकासी की सीमा तय कर दी है। यह निकासी की सीमा 3 अप्रैल, 2020 तक लागू रहेगी।इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने यस बैंक के निदेशक मंडल के अधिकारों पर रोक लगाते हुए एक महीने के लिए एसबीआई के पूर्व डीएमडी और सीएफओ प्रशांत कुमार की प्रशासक के रूप में नियुक्ति कर दिया है। इस आदेश के बाद यस बैंक के एटीएम के बाहर ग्राहकों की पैसे निकालने के लिए भीड़ दिखाई देने लगी है।

    नकदी पर सीमा क्यों लगाई यहां देखें…
    -यस बैंक ने जो कर्ज बांटा था उसमें अधिकांश डूब गए हैं, बैंक इस समस्या से जूझ रहा है। बैंक चाहता है कि नई पूंजी जुटाई जाए लेकिन इस काम में उसे काफी समस्या आ रही है। इसी वजह से बैंक ने दिसंबर, 2019 की तिमाही नतीजे भी घोषित नहीं किए हैं। एनपीए की वजह से बैंक की सुरक्षित पूंजी कम हो गई है।

    एक से अधिक खाते होने पर भी निकाल सकेंगे पचास हजार रुपए…

    आरबीआई ने बताया कि यस बैंक लगातार एनपीए की समस्या से जूझ रहा है, इसके चलते यह निर्णय लेना पड़ा है। आरबीआई द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक, यस बैंक में बचत, चालू या किसी अन्य जमा खाते से एक महीने के दौरान 50 हजार रुपए से ज्यादा धनराशि नहीं निकाल सकेंगे।

    इसके अलावा यदि किसी के बैंक में एक से ज्यादा खाते हैं तो भी 50 हजार से ज्यादा धनराशि नहीं निकाली जा सकेगी। दूसरी ओर एसबीआई बोर्ड ने येस बैंक में निवेश के लिए ‘सैद्धांतिक’ स्वीकृति प्रदान कर दी है।

    एक्सचेंज ने यस बैंक से पांच मार्च 2020 को स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें ब्लूमबर्ग में पांच मार्च को छपी खबर के हवाले से कहा गया है कि सरकार ने एसबीआई की यस बैंक की हिस्सेदारी खरीदने की योजना को मंजूरी दी है। बीएसई ने कहा कि जवाब की प्रतीक्षा है।”

    दरअसल ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया था कि भारतीय स्टेट बैंक को इस कंसोर्शियम के दूसरे सदस्यों को भी चुनने का अधिकार दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि सरकार यस बैंक को डूबने से बचाने के लिए एसबीआई की योजना मंजूर करने के साथ एसबीआई को यस बैंक में हिस्सा खरीदने के लिए कंसोर्शियम बनाने को कह सकती है।

  • पेट्रोल, डीजल के फिर गिरे दाम , यहां देखें कितना है दाम

    पेट्रोल, डीजल के फिर गिरे दाम , यहां देखें कितना है दाम

    नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के दामों में एक दिन की स्थिरता के बाद गुरुवार को फिर कमी आई है। देश की राजधानी दिल्ली में डीजल का दाम पिछले साल जून के बाद 64 रुपये लीटर से नीचे आया है, जबकि पेट्रोल का दाम जुलाई 2019 के बाद के निचले स्तर पर है। तेल विपणन कंपनियों ने गुरुवार को पेट्रोल के दाम में दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 15 पैसे जबकि चेन्नई 16 पैसे प्रति लीटर की कटौती की है। वहीं, डीजल का दाम दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में नौ पैसे जबकि चेन्नई में 10 पैसे प्रति लीटर कम हो गया है।

    इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल का दाम घटकर क्रमश: 71.29 रुपये, 73.96 रुपये, 76.98 रुपये और 74.07 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

    चारों महानगरों में डीजल का भाव भी घटकर क्रमश: 63.94 रुपये, 66.27 रुपये, 66.96 रुपये और 67.47 रुपये प्रति हो गया है।

    बाजार के जानकार बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में पिछले दिनों आई भारी गिरावट के कारण देश में पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को तेल की महंगाई से राहत मिली है।

    गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरतों का तकरीबन 84 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव पर निर्भर करती हैं। कोरोनावायरस का प्रकोप चीन से निकलकर दुनिया के अन्य देशों में फैलने लगा है।

    इसके कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होने की आशंकाओं के बीच कच्चे तेल के दाम में बीते दिनों भारी गिरावट आई। हालांकि, गुरुवार को कच्चे तेल में तेजी के साथ कारोबार चल रहा था, लेकिन बाजार के जानकारों की माने तो बहरहाल तेल के दाम में फिलहाल किसी बड़ी तेजी की संभावना नहीं है, क्योंकि मांग काफी कमजोर है।

    अंतर्राष्ट्रीय बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के मई सौदे में पिछले सत्र के मुकाबले 1.37 फीसदी की तेजी के साथ 51.83 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था। वहीं, न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज पर अमेरिकी क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के अप्रैल अनुबंध में पिछले सत्र से 1.34 फीसदी की तेजी के साथ 47.36 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।

  • बाजार में हाहाकार YES BANK के संकट से, 25 प्रतिशत तक गिरे शेयर, 1400 अंक नीचे सेंसेक्स

    बाजार में हाहाकार YES BANK के संकट से, 25 प्रतिशत तक गिरे शेयर, 1400 अंक नीचे सेंसेक्स

    मुंबई। शेयर बाजार खुलते ही आज हाहाकार मच गया है। सेंसेक्स में 1206.64 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। गिरावट के बाद सेंसेक्स 37,263.97 अंकों पर पहुंच गया। थोड़ी ही देर में सेंसेक्स 1400 अंक तक टूट गया। यस बैंक के शेयर 25 फीसदी तक टूटकर 27.65 रुपये पर चले गए।

    इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 327 अंक टूटकर 10,942.65 पर खुला। सिर्फ 74 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 802 शेयरों में गिरावट आई। गिरने वाले प्रमुख शेयरों में यस बैंक, कोल इंडिया, टेक महिंद्रा, एसबीआई, टाटा मोटर्स, आरआईएल औरआईसीआईसीआई बैंक शामिल रहे हैं।


    क्या है यस बैंक का संकट..

    आपको बताते जाए कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यस बैंक पर सख्ती बरतते हुए इससे निकासी की सीमा 50 हजार रुपए निकासी की सीमा तय कर दी है। आरबीआई का ये आदेश अगले एक महीने के लिए है।

  • शेयर बाजार में कोरोना वायरस और येस बैंक की वजह से भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,468.83 तक गिरा

    शेयर बाजार में कोरोना वायरस और येस बैंक की वजह से भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,468.83 तक गिरा

    मुंबई। कोरोना वायरस और येस बैंक की संकट के कारण सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। शेयर बाजार में सेंसेक्स 1,468.83 अंक गिरकर 36,107.79 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 332.40 अंक गिरकर 10,657.05 पर कारोबार कर रहा था। यह कारोबार सुबह 9.55 बजे तक का था। येस बैंक के शेयर मजबूती के साथ खुले और 20 फीसदी तक उछला। फिलहाल 12 फीसदी की उछाल पर कारोबार कर रहा है।

    इससे पहले शुक्रवार को भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। येस बैंक के शेयर करीब 6 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि उसके बाद शेयर में तेजी देखने को मिली थी, और 19 तक पहुंचा था।

    उल्लेखनीय है कि कोरोना का प्रकोप और यस बैंक का संकट शेयर बाजार पर कहर बनकर टूट गया है। शुक्रवार को शेयर बाजार में कारोबार के अंत में सेंसेक्स 894 अंक टूटकर 37,576 पर बंद हुआ था।