Category: business

  • मोदी सरकार डिजिटल पेमेंट पर ये खास छूट का दे सकती है तोहफा !

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    केंद्र सरकार जल्द ही आपको डिजिटल लेनदेन के बदले मूल्य में खास छूट का तोहफा दे सकती है। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन कराने वाले दुकानदारों को भी बदले में कैशबैक जैसा आकर्षक लाभ मिल सकता है। इस व्यवस्था को लागू करने के एक प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है।

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    त्रों के अनुसार, राजस्व विभाग की तरफ से तैयार किए गए इस प्रस्ताव में डिजिटल तरीके से पेमेंट करने वाले उपभोक्ताओं को अधिकतम खरीद मूल्य यानी एमआरपी पर छूट का लाभ मिलेगा। ये छूट एक बार में अधिकतम 100 रुपये तक हो सकती है। दूसरी तरफ व्यापारी को भी उसके द्वारा डिजिटल तरीके से की गई बिक्री पर कैशबैक दिया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन लाभ देने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में चर्चा की गई थी, जहां व्यापारियों को डिजिटल लेन-देन का प्रोत्साहन लाभ देने के लिए तीन तरीकों पर विचार किया गया।

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    इसमें कैशबैक के बजाय व्यापारी को जीएसटी भरने के दौरान अपने टर्नओवर के हिसाब से टैक्स क्रेडिट देना का तरीका शामिल था। ये इनपुट टैक्स क्रेडिट सिस्टम की तरह काम करता, जिसमें व्यापारी रॉ मैटीरियल पर छूट हासिल करता है।

    इसके अलावा व्यापारियों को डिजिटल लेनदेन के बदले अपनी जीएसटी देयता को एक सीमा तक समायोजित करने का मौका देने के तरीके पर भी विचार किया गया। सूत्रों का कहना है कि दूसरे तरीके को आजमाने पर राजस्व विभाग सहमत दिखा। उसका मानना है कि ये आसान तरीका होगा और बेईमान लोग इसका दुरुपयोग भी नहीं कर पाएंगे।

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    हालांकि सतर्कता के तौर पर इस तरीके में पहले विभाग व्यापारी की तरफ से दर्ज कराए गए डिजिटल लेनदेन के आंकड़े की पुष्टि करेगा और उसके बाद कैशबैक उसके बैंक खाते में जमा कराया जाएगा। बैठक के दौरान तीसरे तरीके के तौर पर ये डिजिटल लेनदेन के बदले प्रत्यक्ष कर में भी कोई प्रोत्साहन लाभ देने पर चर्चा की गई। लेकिन प्रत्यक्ष कर विभाग ने इसे खारिज कर दिया।

    डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए इस प्रस्ताव को अब वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी काउंसिल के सामने 4 मई को रखा जाएगा, जो इस पर निर्णय करेगी।

  • Jio की धमाकेदार खबर, यूजर्स को FREE में दे रहा है डेटा

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    नई दिल्ली,  रिलायंस जियो एक बार फिर ग्राहकों के लिए धमाकेदार खबर लेकर आई है। दरअसल मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली कम्पनी जियो यूजर्स को फ्री में 8 जीबी डेटा दे रही है।

    फ्री में दिए जा रहे इस अतिरिक्त डेटा की वैलिडिटी 4 दिनों तक की होगी। गौर हो कि कुछ दिनों पहले कम्पनी ने 251 रुपए वाले क्रिकेट सीजन पैक को पेश किया था।

    जानकारी के मुताबिक रिलायंस जियो के 251 रुपए वाले क्रिकेट सीजन पैक को इस्तेमाल करने के अलावा अन्य यूजर्स को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

    इस आॅफर में सिर्फ इंटरनेट डाटा की ही पेशकश की गई है। इसके अलावा कॉलिंग, एसएमएस आदि की सुविधा उपलब्ध नहीं है। माई जियो ऐप में जाकर आप चेक कर सकते हैं कि आपको अतिरिक्त डाटा मिला है या नहीं।

  • इन नोटों की वजह से है कैश की किल्लत !

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    नई दिल्ली: कैश की कमी के चलते कई राज्यों में 100 रुपए के पुराने और मटमैले नोटों की वजह से संकट और गहरा सकता है। बैंकर्स का कहना है कि 200 और 2000 रुपए के नोटों की तरह 100 रुपए मूल्य के नोटों, खासकर जो ए.टी.एम. कैसेट में फिट हो सकें, की सप्लाई भी कम है। उन्होंने कहा, ‘ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि 100 रुपए के उपलब्ध अधिकतर नोट मटमैले और ए.टी.एम. में डालने लायक नहीं हैं।

    बैंकों ने RBI से किया आग्रह
    बैंकर्स ने भारतीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई.) से इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने का आग्रह किया है। एक पब्लिक सेक्टर बैंक के करंसी मैनेजर ने कहा, ‘आर.बी.आई. 100 रुपए के नए नोट तेजी से लाए नहीं तो 500 रुपए के नोटों पर आने वाले दिनों में अत्यधिक दबाव होगा।’

    नोटबंदी के तुरंत बाद आर.बी.आई. ने 100 रुपए के नोटों की सप्लाई को बड़ी मात्रा में बढ़ाया था। 2016-17 में (नोटबंदी से पहले) 100 रुपए के 550 करोड़ पीस नोट चलन में थे और आर.बी.आई. ने इसे बढ़ाकर 573.8 करोड़ कर दिया। हालांकि, बैंकर्स कहते हैं कि यह पर्याप्त नहीं था क्योंकि 100 रुपए के नोटों का इस्तेमाल 2000 रुपए के नोटों के चेंज के रूप में हुआ (जब 500 रुपए के नोट आसानी से उपलब्ध नहीं थे)।

    आर.बी.आई. ने कहा कि 2015-16 में मांग के मुकाबले 44 करोड़ पीस कम सप्लाई की गई थी। 2017-18 के लिए डेटा अगस्त में उपलब्ध होगा।

    मटमैले नोट का इस्तेमाल बढ़ा
    बैंकर्स के मुताबिक, नोटबंदी के बाद कैश की किल्लत को दूर करने के लिए 100 रुपए के मटमैले नोट का इस्तेमाल ज्यादा हुआ। उसके बाद से सिस्टम में यह नोट उपलब्ध हैं। अब बैंकों के लिए इन नोटों को संभालना भारी हो रहा है क्योंकि, इन्हें बाजार में जारी करना और ए.टी.एम. में डालना दोनों की मुश्किल है। इसके अलावा, पिछले दो साल में 100 के नोट का डिस्पोजल करीब आधा हो गया है।

    मटमैले नोटों का बड़ा हिस्सा मौजूद
    आर.बी.आई. के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2016-17 में 100 रुपए के 258.6 करोड़ पीस ही डिस्पोज किए गए। जबकि उससे पहले दो वित्त वर्ष में 510 करोड़ पीस से ज्यादा डिस्पोज किए गए थे। मतलब यह कि बाजार और चलन में मौजूद करेंसी में 100 रुपए के नोट का हिस्सा 10 फीसदी से बढ़कर 19.3 फीसदी हो गया। इनमें मटमैले नोट शामिल हैं।

  • करोड़पति बनने के तीन आसान नुस्खे

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    आप कैसे जानेंगे कि कौन-सा बिजनेस हिट होगा और कौन-सा फ़्लॉप? किसी के लिए ये सवाल लाख टके का हो सकता है.लेकिन कनाडा के रेयान होम्स के लिए ये सवाल कोई रॉकेट साइंस नहीं, जिसका पता लगाना मुश्किल है.रेयान होम्स एक निवेशक और सोशल नेटवर्क अकाउंट को मैनेज करने वाले वेबसाइट ‘हूटसूट’ के संस्थापक हैं.

    उनके अनुसार एक सफल बिजनेसमैन होने के लिए कोई विशेष डिग्री की ज़रूरत नहीं होती है. आपको बस एक नुस्खे की ज़रूरत होती है, जिससे आप पता लगा सकते हैं कि आपका किसी वेंचर में निवेश करना फायदेमंद साबित होगा या नहीं.कोई बिजनेस आइडिया आपको कामयाब बनाएगा या नहीं, होम्स के हिसाब से इसका पता लगाना काफ़ी आसान है. वो इसके लिए ट्रिपल ‘T’ का फॉर्मूला देते हैं.

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    1. टैलेंट

    अच्छे बिजनेस आइडिया आपको सभी जगह मिल जाएंगे, लेकिन इसे लागू करने वाले प्रतिभाशाली लोग लाखों में एक होते हैं.

    होम्स अपने ब्लॉग में लिखते हैं, “बिजनेस का मूल्यांकन करते वक्त मैं पहले उसके बॉस और उसकी टीम को देखता हूं. मेरे लिए यह जानना ज़रूरी है कि वो बिजनेस के प्रति समर्पित हैं या नहीं.”

    उद्यमियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती, निवेशकों के पैसों को शून्य से अरबों तक ले जाना होता है और सफल होने के लिए ये ज़रूरी है कि वो अपना पूरा समय दें और उनके काम करने का तरीक़ा अलग हो.

    होम्स कहते हैं, “बड़े उद्यमी समस्याओं के समाधान तलाशते हैं, न कि दूसरों को इसके लिए पैसे देते हैं. वो तब तक आराम नहीं करते, जब तक इसके समाधान ढूंढ़ नहीं लेते हैं. किसी भी कंपनी की मौलिक ज़रूरत होती है कि उनके पास ‘कुछ करने का जज़्बा’ रखने वाले उद्यमी हों.”

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    2. टेक्नॉलॉजी

    होम्स कहते हैं कि टेक्नॉलॉजी कोई अंतिम समय में सोचे जाने वाली चीज़ नहीं है. ये तब ज्यादा ज़रूरी हो जाता है जब आपका बिजनेस आइडिया तकनीक से जुड़ा हो.

    होम्स कहते हैं, “कोडिंग और इंजीनियरिंग एक बिजनेस आइडिया जितना ज़रूरी होते हैं.”

    ‘हूटसूट’ के संस्थापक के अनुसार बेहतरीन तरीक़ा ये है कि एक व्यक्ति तकनीक के प्रति पूरी तरह समर्पित हो और दूसरा बिजनेस की दूसरी ज़रूरत को देखे ताकि तकनीकी परेशानियों का समाधान समय पर किया जा सके.

    3. ट्रैक्शन

    ट्रैक्शन यानी खींचने या लुभाने की क्षमता. क्या आपके पास ग्राहक या निवेशक हैं? आपने कितना पैसा कमाया है? होम्स कहते हैं कि अगर आपके पास ग्राहक या निवेशक हैं और वो पैसे ख़र्च करना चाहते हैं तो ये बेहतर होगा.

    और इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि किसी आइडिया पर सट्टा लगाना ज्यादा सुरक्षित है बजाय कागज पर दिखने वाले बेहतरीन आइडिया पर पैसे लगाने के.

    होम्स कहते हैं कि निवेशकों को खींचने के लिए एक बेहतर योजना होनी चाहिए जिससे आइडिया उन तक पहुंचाया जा सके. बिजनेस की सफलता के लिए ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया जाना चाहिए जो कंपनी के प्रोडक्ट को वायरल कर दे या फिर उसके विज्ञापन पर ज़ोर दे.

    लेकिन होम्स खुद ये भी मानते हैं कि ट्रिपल ‘T’ फॉर्मूला सफलता की कोई अचूक दवा नहीं है. वो कहते हैं कि कुछ साल पहले उन्हें शेयर्ड ट्रैवल एप्लीकेशन बनाने का मौक़ा मिला था लेकिन वो टेस्ट ज़रूरतों की वजह से नकार दिया गया.

    वो कहते हैं, “आज वो एप्लीकेशन ‘उबर’ 50 हजार मिलियन डॉलर की कंपनी है. कभी-कभी सही तकनीक, सही टीम और बेहतरीन आइडिया के बावजूद बिजनेस फ्लॉप हो सकते हैं.” साभार: बीबीसी हिन्दी

  • 10 सालों बाद यूपी में आया ऑफिसर्स च्वॉइस का नया ब्रांड 

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    लखनऊ: एलाइड ब्लेंडर्स एण्ड डिस्टिलर्स प्राइवेट लिमिटेड (एबीडी) भारत की तीसरी सबसे बड़ी स्पिरिट कंपनी और दुनिया के सबसे अधिक बिकने वाले व्हिस्की ब्रांड आॅफिसर्स च्वाॅइस के निर्माता हैं। इसने उत्तर प्रदेश में प्रीमियम व्हिस्कीज की अपनी नई रेंज ’स्टर्लिंग रिजर्व’ को लाॅन्च करने की घोषणा की है। कंपनी द्वारा दो वैरिएंट्स-प्रीमियम व्हिस्की सेगमेंट में स्टर्लिंग रिजर्व ब्लेंड 10 और सेमी-प्रीमियम व्हिस्की सेगमेंट में स्टर्लिंग रिजर्व ब्लेंड 7 को पेश किया गया है।
     
    मीडिया को संबोधित करते हुये दीपक राॅय, एक्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन, एलाइड ब्लेंडर्स एण्ड डिस्टिलर्स ने कहा, ’’भारत में एल्कोबेव इंडस्ट्र में पिछले कई सालों से प्रीमियम माइजेशन का ट्रेंड देखा जा रहा है। प्रीमियम व्हिस्कीज की स्टर्लिंग रिजर्व रेंज, को लांच किया जाना, प्रीमियम और सेमी-प्रीमियम व्हिस्की सेगमेंट्स में ग्राहकों के लिए एबीडी की ओर से एक उत्कृष्ट पेशकश है।
    स्टर्लिंग रिजर्व की पैकेजिंग एवं ब्लेंड दोनों को ग्राहकों के सख्त परीक्षण के बाद लाॅन्च किया गया है। हमें पूरा भरोसा है कि उत्तर प्रदेश के ग्राहक उत्कृष्ट पैकेजिंग को पसंद करेंगे और उन्हें स्टर्लिंग रिजर्व बी10 और स्टर्लिंग रिजर्व बी7 के उत्कृष्ट ब्लेंड्स से प्यार हो जायेगा।’ स्टर्लिंग रिजर्व बी10 और स्टर्लिंग रिजर्व बी7 750 मिली. 375 मिली. और 180 मिली के पैक में उपलब्ध होंगे।
     
    स्टर्लिंग रिजर्व बी10 इम्पोर्टेड स्काॅच माल्ट्स और भारत की बेहतरीन ग्रेन स्पिरिट का एक बेमिसाल ब्लेंड है। स्टर्लिंग रिजर्व में डाले जाने वाले स्काॅच माल्ट्स विभिन्न बैरल ओरिजिन बरबाॅन ओक कैस्क में तैयार किये गये हैं। ये ब्लेंड चिल फिल्टर्ड किया गया है, इसलिए परफेक्ट ढंग से स्मूद फिनिश और 10 अनूठे नोट्स को बैलेंस करता है। पैकेजिंग की सबसे बड़ी खासियत कंटेनर्स है, जिसे सभी साइज में पेश किया गया है। यह इसे बेहद प्रीमियम टच और अनूठापन प्रदान करता है।
     
    स्टर्लिंग रिजर्व बी7 विभिन्न बैरल ओरिजिन स्काॅच माल्ट्स और चुनिंदा भारतीय ग्रेन स्पिरिट से बना है जिसमें सात अनूठे टेस्टिंग नोट्स हैं। चैरेड ओग का साॅफ्ट टोस्टेड टच इस व्हिस्की को एक स्मूथ, वेल-राउंडेड फिनिश देता है। स्टर्लिंग रिजर्व बी7 के 750 मिली के पैक को खासतौर से डिजाइन किये गये मोनाकार्टन में पैक किया गया है। ऐसी पैकेजिंग की पेशकश इससे पहले इस प्राइस रेंज में नहीं की गई है।
     
    स्टर्लिंग रिजर्व को दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में लाॅन्च किया गया है। कुछ प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में इसका निर्यात भी शुरू हो चुका है।

  • बाजार में पतंजलि का श्री श्री आयुर्वेद से होगा कड़ा मुकाबला

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    दिल्ली: बाबा रामदेव के बाद अब श्री श्री रवि शंकर का FMCG ब्रैंड श्री श्री तत्वा अब बाजार में है और प्रचार को लेकर बाबा रामदेव के पतंजलि से उसका कड़ा मुकाबला माना जा रहा है. विज्ञापन और प्रमोशन पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च करने का बजट बनाया गया है. बाजार में एक साथ पकड़ बनाने के लिए आयुर्वेद और हर्बल प्रॉडक्ट्स के सेगमेंट में श्री श्री का यह नया ब्रैंड लगभग 1,000 स्टोर्स के साथ उतरना चाहता है.

    200 करोड़ रुपए से मास मीडिया एडवर्टाइजिंग और आउटडोर कैम्पेन से ब्रांड को जान जान तक पहुंचाने . श्री श्री तत्वा स्टोर्स खोलने वाली c (SSA) ट्रस्ट के चीफ एग्जिक्यूटिव, तेज कटपिटिया ने बताया, ‘इस वर्ष हम तेजी से विस्तार करेंगे. हमारी एडवर्टाइजिंग आक्रामक और निश्चित तौर पर पिछले वर्षों से अलग होगी.’

    उन्होंने कहा कि इस फाइनैंशल इयर में 3-4 बड़े एडवर्टाइजिंग कैंपेन चलाए जाएंगे. ये कैम्पेन न्यूज चैनलों के साथ ही जनरल एंटरटेनमेंट चैनल और रीजनल चैनलों पर चलेंगे. इसके साथ ही ऑन-ग्राउंड और आउटडोर एडवर्टाइजिंग होगी. पतंजलि की तरह श्री श्री तत्वा टूथपेस्ट, पर्सनल केयर आइटम्स और फूड प्रॉडक्ट्स, पर्सनल केयर आइटम्स, फेस पर्सनल केयर में वॉश, क्रीम, लोशन, शैम्पू और फूड कैटेगरी में घी, चावल, कोकोनट ऑयल जैसे प्रॉडक्ट्स लेकर आ रही है.

  • मोदी सरकार ने तेल के दामों की कटौती पर लगाया ब्रेक!

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    नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती का सिलसिला एक बार फिर से थम गया है। लगातार 14 दिन तक दाम घटाने के बाद बुधवार को तेल कंपनियों (एचपीसीएल, बीपीसीएल, आईवोसी) की तरफ से पेट्रोल और डीजल के भाव में किसी तरह की कटौती नहीं की। बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल का दाम 76.43 रुपए, कोलकाता में 79.10 रुपए, मुंबई में 84.26 रुपए और चेन्नई में 79.33 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया है।

    डीजल की बात करें तो बुधवार को दिल्ली में इसका दाम 67.85 रुपए, कोलकाता में 70.40 रुपए, मुंबई में 72.24 रुपए और चेन्नई में 71.62 रुपए प्रति लीटर रहा। देशभर में पेट्रोल और डीजल के भाव बुधवार को कम नहीं हुए। आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड) की कीमतों में लंबे समय से देखी जा रही स्थिरता की वजह से अब तेल कंपनियों ने भी पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती रोक दी है। हालांकि पिछले 14 दिनों के दौरान तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 1.46 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है।

  • देशव्यापी ट्रांसपोर्टर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

    नई दिल्ली. देशव्यापी ट्रांसपोर्टर्स ने आज  सोमवार  (18 जून)  से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. इस दौरान ट्रांसपोर्टर्स खान-पान और कुछ अन्य आवश्यक चीजों की आपूर्ति करते रहेंगे, लेकिन कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सामानों  का परिवहन  बंद रहेगी. ऑल इंडिया कन्फेडरेशन ऑफ गुड्स ऑपरेटर्स एसोसिएशन (AICOGOA) की अगुवाई में हड़ताल का आह्वान किया गया है. हालांकि, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) जैसे अन्य संगठनों ने सोमवार की बजाए अगले महीने से हड़ताल शुरू करने का प्रस्ताव रखा था.

    सभी संगठनों का साथ न मिलने की वजह से हड़ताल को ज्यादा मजबूती मिलती दिखाई नहीं दे रही है, लेकिन जानकारों के मुताबिक सप्लाई चेन टूटने की वजह से पूरे देश के कारोबार पर असर पड़ेगा. AICOGOA के प्रेसिडेंट बी चेन्नारेडी का कहना है कि डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, थर्ड पार्टी प्रीमियम में इजाफा और जीएसटी से जुड़ी परेशानियों के चलते इस हड़ताल का ऐलान बीते महीने अप्रैल में ही कर दिया गया था. उससे पहले सरकार के साथ हुई कई बैठकों का दौर नाकाम रहा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक संगठन के सेक्रेटरी कौसर हुसैन ने बताया, देशभर में लोडिंग शनिवार (16 जून) को ही बंद कर दी गई थी और ऐसे में ढुलाई पर असर एक दो दिन में ही दिखने को लगेगा.

    हालांकि, इस दौरान दूध, सब्जियां, दवाइयां जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति जारी रहेगी. ऑल इंडिया फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि हड़ताल का असर कर्नाटक, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल, उत्तराखंड और दिल्ली एनसीआर पर होगा. फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर एसपी सिंह के मुताबिक जरूरी वस्तुओं के हड़ताल से बाहर होने के चलते इसका असर कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सप्लाई पर ही पड़ेगा. हालांकि, अगर हड़ताल लंबी चली तो कुछ श्रेणी के उपभोक्ताओं को सामान की किल्लत भी हो सकती है.

    ट्रांसपोर्टर्स का आरोप है कि सरकार उनसे डीजल से रोड टैक्स के रूप में 8 रुपए प्रति लीटर और टोल टैक्स के रूप में 8 रुपए प्रति किलोमीटर वसूल कर रही है. इसके कारण ट्रांसपोर्ट और उनसे जुड़े उद्योगों को करीब 3,000 करोड़ का रोजाना का नुकसान हो रहा है. गौरतलब है कि देशभर के ट्रांसपोर्टर्स पर एआईएएमटीसी की ज्यादा पकड़ मानी जाती है और उसने 20 जुलाई से हड़ताल की घोषणा की है. जीएसटी लागू किए जाने के बाद से ही ट्रांसपोर्टर्स और सरकार के बीच तकरार चल रही है, लेकिन एकजुट हड़ताल न हो पाने की वजह से सरकार पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है.

  • आप रहिये तैयार, जुलाई से भारत में शुरू होंगी बिकनी एयरलाइन की फ्लाइट्स

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    नई दिल्ली. वियतनाम की VietJet एयरलाइन अपने नाम से ज्यादा ‘बिकिनी एयरलाइन’ के नाम से जानी जाती है. ये एयरलाइन जल्द ही अपनी सेवा भारत से शुरू करने जा रही है. एयरलाइन ने ऐलान किया है कि उनकी फ्लाइट्स नई दिल्ली से वियतनाम के Chi Minh City तक शुरू होगी. इस सेवा की इसी साल जुलाई या अगस्त के बीच शुरू होने की उम्मीद है. इसकी फ्लाइट्स नई दिल्ली से हफ्ते में 4 दिन उड़ान भरेगी. आपको बता दें कि ये एयरलाइन सेक्सीएस्ट मार्केटिंग तिकड़म के लिए जानी जाती है. इसे वुमन एंटरप्रेन्योर Nguyen Thi Phuong Thao चलाती हैं.

    किसने चुना एयरलाइन का ड्रेस कोड

    एयरलाइन की एयरहोस्टेस का ड्रेस कोड CEO ‘Nguyen Thi Phuong Thao’ ने चुना है. बता दें कि वे वियतनाम की पहली बिलियन एयर महिला हैं. हाल ही में ये एयरलाइन फुटबॉल टीम के वेलकम में एयरहोस्टेस को Lingerie पहनाने के लिए चर्चा रही थी.

    विवादित एयरलाइन में से एक

    एयरलाइन दुनिया की सबसे विवादास्पद एयरलाइनों में से एक है. क्योंकि, कुछ देश बिकनी होस्टेस की अवधारणा के खिलाफ हैं और विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में इसका संचालन निश्चित रूप से हंगामा खड़ा कर देगा.

    VietJet वियतनाम की पहली प्राइवेट एयरलाइन

    आपको बता दें, VietJet वियतनाम से ऑपरेट होने वाली पहली प्राइवेट एयरलाइन है. 2017 में कपंनी ने 1.7 करोड़ यात्रियों को सफर कराया था. इससे एयरलाइन को कुल $986 मिलियन यानी 64 अरब रुपए से ज्यादा की आय हुई थी. जो कि 2016 के मुकाबले 41.8 फीसदी ज्यादा थी.

    60 रूट्स पर है ऑपरेशंस

    ताजा आंकड़ों के मुताबिक, VietJet के विमान अभी घरेलू और विदेश में करीब 60 रूट पर ऑपरेट होता है. 2023 तक कंपनी का लक्ष्य 200 एयरक्राफ्ट अपने बड़े में शामिल करने का है. एयरलाइंस ने अपनी पहले कमर्शियल फ्लाइट दिसंबर 2011 में शुरू की थी. लेकिन, अपने बिकनी कन्सेप्ट और एयर होस्टेसेस के ड्रेस कोड के कारण कम समय में ज्यादा उपलब्धि हासिल की और देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई.

    सोशल मीडिया पर हुई थी किरकिरी

    साल के शुरुआत में Vietjet की औछी मार्केटिंग के लिए सोशल मीडिया पर जमकर किरकिरी हुई थी. एयरलाइन ने फुटबॉल टीम के वेलकम के लिए एयरहोस्टेस को स्वीमिंग कॉस्ट्यूम्स में भेजा था. हालांकि, एयरलाइन ने एयर होस्टेस को बिकनी पहनाकर शुरुआत में सुर्खियां बटोरी थीं. लेकिन, ज्यादातर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके इस तरीके को गलत बताया गया था.

  • बिटकॉइन के जरिए अब कमाई का रास्ता बंद

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    नई दिल्ली । अब बिटकॉइन आपके बैंक खाते में एक भी रुपया नहीं जोड़ पाएगा। दरअसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने किसी भी क्रिप्टोकरंसी एजेंसी से अपने संबंधों को खत्म करने के लिए भारतीय बैंकों के लिए डेडलाइन तय की थी। यह डेडलाइन गुरुवार को समाप्त हो गई। ऐसे में जो क्रिप्टोकरंसी ट्रेडिंग से मालामाल होने का ख्वाब देख रहे थे उनके लिए जानना जरूरी है कि इसका क्या मतलब है।

    क्रिप्टोकरंसी को लीगल करंसी बनाने के रास्ते बंद: अबतक कोई भी एक्सचेंज पर बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी को खरीद सकता था। इस प्रक्रिया में एक्सचेंज से लिंक्ड बैंक अकाउंट से पैसा ट्रांसफर करना पड़ता था और उसके मुताबिक बिटकॉइंस की खरीदारी होती थी। गुरुवार के बाद से अब यह संभव नहीं होगा। अब कुछ एक्सजेंच पीयर टू पीयर बन जाएंगे, जहां आपको किसी साथी खरीदार से लिंक किया जाएगा, जिसके साथ आप बिटकॉइंन खरीद या बेच सकते हैं। ट्रेडिंग में अभी के हिसाब से आप केवल बिटकॉइन को किसी दूसरे क्रिप्टो के एवज में ही खरीद-बेच सकेंगे।

    ब्लैक मार्केट: बिटकॉइन होल्डर्स को अब एक्सचेंज पर ही खरीदारों की तलाश करनी होगी। क्रिप्टो को रुपये या किसी लीगल करंसी में बदलने के लिए ब्लैक मार्केटा सहारा लेना पड़ेगा।

    लोन नहीं मिलेगा: एक्सचेंज्स या क्रिप्टोकरंसी कंपनियों को अब बैंकों से लोन नहीं मिलेगा। यहां तक कि उन्हें बैंकों में कॉर्पोरेट अकाउंट भी खोलने की अनुमति नहीं होगी।

    नए प्लेयर्स पर ज्यादा बोझ: यह सर्कुलर अनुभवी के मुकाबले नए बिटकॉइंस ट्रेडर्स को ज्यादा झटका देगा। अब अगर भारत में कोई बिटकॉइन इन्वेस्टर बनना चाहेगा तो उसे एक्सचेंज की बजाय पीयर्स से खरीदारी करनी होगी। संभवतः इसके लिए करंट एक्सचेंज पर प्रीमियम का भुगतान भी करना होगा जो एक बिटकॉइन के ट्रेड के लिए 4,30,000 रुपये से अधिक है।

    वॉलिट का पैसा फंस जाएगाः जेबपे जैसे बिटकॉइन फर्म रुपये में इसकी कीमत को वॉलिट में रखने की सुविधा देते आए हैं। अगर इस पैसे को अबतक नहीं निकाला गया या कन्वर्ट नहीं किया गया तो यह फंस सकता है।