Category: business

  • होम और ऑटो लोन की ब्याज दर में SBI ग्राहकों के लिए बड़ी कटौती

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    नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को दिवाली गिफ्ट दिया है। आरबीआई (RBI) की तरफ से रेपो रेट में कटौती किए जाने के बाद स्टेट बैंक ने भी ग्राहकों के लिए लोन लेना सस्ता कर दिया है। एसबीआई ने MCLR की दरें 0.10 फीसदी तक घटाई हैं। नई दरें 10 अक्टूबर से लागू हो जाएंगी। आप यदि होम, ऑटो और पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं तो सस्ती दर पर आपको कर्ज मिल जाएगा। इसके अलावा एसबीआई ने जमाराशियों पर ब्याज दर घटाकर जमाकर्ताओं खासकर ब्याज आय पर निर्भर बुजुर्गों को बड़ा झकटा दिया है। बैंक ने बचत खाते में एक लाख रुपए तक के जमा पर ब्याज दर 0.25 फीसदी घटाकर 3.25 फीसदी कर दिया है।

    बचत खाते पर अब सिर्फ 3.25 फीसदी ब्याज…

    बैंक के बयान के अनुसार बचत खाते में एक लाख रुपए तक जमा पर ब्याज दर 3.50 फीसदी से घटाकर 3.25 फीसदी कर दिया है। नई ब्याज दर एक नवंबर से लागू होगी। इसके अलावा एक साल से दो साल तक के रिटेल और बल्क टर्म डिपॉजिट पर ब्याज दर में 0.10 से 0.30 फीसदी की कटौती की है। यह ब्याज दर 10 अक्टूबर से लागू होगी।

    लोन का ब्याज 0.10 फीसदी घटाया…

    त्योहारी सीजन में ग्राहकों को लुभाने के लिए बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लैंडिंग (एमसीएलआर) ब्याज दरों में 0.10 फीसदी की गिरावट की है। बैंक ने नई दरें 10 अक्टूबर से प्रभावी करने की घोषणा की है। बैंक के इस कदम से होम लोन और बाकी सभी तरह के कर्जों में मौजूदा ग्राहकों को राहत मिलेगी।

    इस साल छठवीं बार एमसीएलआर में कटौती…
    चालू वित्त वर्ष में छठवीं बार एमसीएलआर में कटौती की घोषणा की है। एमसीएलआर की ब्याज दरें उन ग्राहकों पर लागू होती हैं जिनके कर्ज की ब्याज दर रेपो रेट से जुड़ी नहीं है। बैंक ने एक बयान जारी करने कहा है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए सभी अवधियों के एमसीएलआर में कटौती का लाघ सभी ग्राहकों को दिया गया है।

    एक साल का एमसीएलआर अब 8.05 फीसदी…

    एसबीआई के मुताबिक, फेस्टिवल के मौके पर ग्राहकों को ज्यादा फायदा पहुंचाने के लिए बैंक ने सभी अवधि के लिए ताजा कटौती के बाद एक साल का एमसीएलआर 8.15 फीसदी से घटकर 8.05 फीसदी रह गया है। पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा द्वारा रेपो रेट में 0.25 फीसदी कटौती किए जाने के बाद एसबीआइ ने यह कदम उठाया है।

    मौजूदा ग्राहकों को इस स्थिति में अभी नहीं मिलेगा लाभ…

    बैंक एमसीएलआर से कम ब्याज पर कर्ज नहीं दे सकते हैं। हालांकि आरबीआई की अनुमति से अपवाद स्वरूप कुछ क्षेत्रों में कम ब्याज दर लागू करने की छूट है। एमसीएलआर बैंक की फंड जुटाने की लागत पर निर्भर होता है। एमसीएलआर में ताजा कटौती का लाभ मौजूदा ग्राहकों को उस स्थिति में फिलहाल नहीं मिलेगा, अगर साल में एक बार ब्याज दर बदलाव की शर्त लागू है।

    रेपो रेट से जुड़े कर्ज स्वतः ही सस्ते हुए…

    चूंकि नए कर्ज एसबीआइ द्वारा रेपो रेट से जुड़ी ब्याज दर पर दिए जा रहे हैं। इसलिए नए ग्राहको पर एमसीएलआर में बदलाव का असर नहीं पड़ेगा। उन्हें रेपो रेट में 0.25 फीसदी कटौती के अनुसार स्वतः की कम ब्याज दर का लाभ मिल जाएगा।

    7.80 फीसदी ब्याज से साथ प्रीमियम भी…
    एसबीआई रेपो रेट से जुड़े ग्राहकों से मौजूदा रेपो रेट 5.15 के साथ 2.65 फीसदी स्प्रेडिंग यानी अतिरिक्त ब्याज चार्ज करता है। इस तरह प्रभावी ब्याज दर इस समय 7.80 फीसदी है। लेकिन एसबीआइ अपना मार्जिन सुरक्षित रखने के लिए होम लोन की ब्याज दर पर प्रीमियम भी चार्ज कर रहा है।

     

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने PMC बैंक मामले में दिया ये बयान

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    मुंबई। PMC बैंक पर प्रतिबंध लगाने के बाद खाताधारकों ने आज मुंबई में भाजपा दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया है। उनका कहना है कि उन्हें इससे कोई मतलब नहीं है कि किसने क्या किया है, बस उन्हें उनका पैसा वापस चाहिए। इसी बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मुंबई में भाजपा दफ्तर पहुंचीं। इस बीच दफ्तर के बाहर पीएमसी बैंक के खाताधारकों ने मांग है कि बैंक पर लगी पाबंदियों को हटाया जाए।

    इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त मंत्रालय को सीधे (पीएमसी बैंक मामले) से कोई लेना-देना नहीं हो सकता क्योंकि RBI नियामक है। लेकिन मेरी तरफ से, मैंने अपने मंत्रालय के सचिवों को ग्रामीण विकास मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय के साथ काम करने के लिए विस्तार से अध्ययन करने के लिए कहा है कि क्या हो रहा है।
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में काम कर रहे हैं। जरूरत पड़ी तो हम एक्ट में बदलाव करेंगे, लेकिन अभी इस बदलाव के बारे में ज्यादा कुछ कह नहीं सकते हैं।

    आपको बताते जाए कि पीएमसी बैंक के साथ हाजारों करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के बाद आरबीआई द्वारा बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं। ऐसे में खाताधारक अपना पैसा अकाउंट से नहीं निकाल पा रहे हैं। इस बीच पूरे मामले की जांच जारी है। बैंक के निदेशक भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

  • घेरलू शेयर बाजार में लौटी मजबूत विदेशी संकेतों से लिवाली

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    विदेशी बाजार से मिले मजबूत संकेतों के कारण घरेलू शेयर बाजार में इस सप्ताह के आखिरी सत्र में लिवाली लौटी। सप्ताह के दौरान चार सत्रों में कारोबार हुआ, जिसमें दो सत्रों में कमजोर रुझान रहा, जबकि दो सत्रों में तेजी का माहौल रहा। इससे पिछले सप्ताह के मुकाबले प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में एक फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई।

    कारोबारी सप्ताह के आखिरी सत्र में शुक्रवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के 30 शेयरों का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स बीते सप्ताह के मुकाबले 453.77 अंकों यानी 1.20 फीसदी की तेजी के साथ 38,127.08 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सप्ताह से 126.50 अंकों यानी 1.13 फीसदी की तेजी के साथ 11,301.25 पर बंद हुआ।

    बीएसई मिड-कैप सूचकांक 67.20 अंकों यानी 0.49 फीसदी की बढ़त के साथ 13,780.99 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉल-कैप सूचकांक 36.59 अंकों यानी 0.29 फीसदी की बढ़त के साथ 12,772.07 पर रुका। अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक मसलों को सुलझाने की दिशा में हो रहे प्रयासों के सकारात्मक नतीजे आने की उम्मीदों से बाजार में तेजी का माहौल बना।

    सप्ताह की शुरुआत में एशियाई बाजार के मिले नकारात्मक संकेतों से निवेशकों का रुझान कमजोर रहने के कारण सोमवार को सेंसक्स 141.33 अंकों यानी 0.38 फीसदी नीचे बंद हुआ और निफ्टी भी 48.35 अंकों यानी 0.43 फीसदी की कमजोरी के साथ 11,126.40 पर ठहरा।

    अगले दिन मंगलवार को दशहरा के त्योहार की छुट्टी रहने के कारण भारतीय शेयर बाजार में कारोबार बंद रहा, जबकि बुधवार को बाजार में जोरदार लिवाली रही, जिससे सेंसेक्स 645.97 यानी 1.72 फीसदी के उछाल के साथ 38,177.95 पर बंद हुआ और निफ्टी भी 186.90 अंकों यानी 1.68 फीसदी की जबरदस्त बढ़त के साथ 11,313.3० पर बंद हुआ।

    सप्ताह के तीसरे कारोबारी सत्र में गुरुवार को हालांकि मुनाफावसूली के कारण बाजार में फिर गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 297.55 अंक यानी 0.78 फीसदी लुढ़क कर 37,880.40 पर बंद हुआ और निफ्टी भी 78.75 अंक यानी 0.70 फीसदी टूट कर 11,234.55 पर ठहरा।

    सप्ताह के आखरी सत्र में फिर तेजी लौटी और सेंसेक्स 246.68 अंकों यानी 0.65 फीसदी की बढ़त के साथ 38,127.08 पर बंद हुआ और निफ्टी 66.70 अंकों यानी 0.59 फीसदी की तेजी के साथ 11,301.25 पर बंद हुआ।

  • PMC BANK SCAM: लंदन और दुबई में HDIL के प्रमोटर्स की भी बेहिसाब संपत्ति

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    मुंबई। पीएमसी बैंक घोटाले में रोजाना नई सूचनाएं सामने आ रही है। अब यह बात सामने आई है कि पीएमसी बैंक के घोटाले के आरोपी एचडीआईएल के प्रमोटरों की संपत्ति लंदन और दुबई में भी है। यह जानकारी ईडी ने दी है। प्रवर्तन निदेशालय को जांच में पता चला है कि HDIL के दो प्रमोटरों पिता राकेश वाधवा और पुत्र सारंग वाधवा की लंदन और दुबई में भी संपत्ति है। लंदन में आलीशान बंगला है। एजेंसी अब इन संपत्तियों को कुर्क करने के लिए अदालत के जरिए लेटर ऑफ रोगेटरी जारी करने के प्रयास में है। मुंबई और आसपास की संपत्तियों को तो सील करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

  • ‘ट्रांजैक्शन फेल’ लेकिन अकाउंट से कटे पैसे,रोजाना देगा बैंक जुर्माना

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    कई बार ऐसा होता है कि डेबिट कार्ड कार्ड से ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है, लेकिन अकाउंट से पैसे कट जाते हैं। कटा हुआ पैसा कभी तुरंत रिवर्स हो जाता है तो कभी इस प्रक्रिया में थोड़ा समय भी लगता है। रिजर्व बैंक ने इसको लेकर एक सर्कुलर जारी किया है, जिसके मुताबिक अगर रिफंड प्रक्रिया में तय सीमा से ज्यादा समय लगता है तो बैंकों को ग्राहकों को जुर्माना देना होगा।

    टर्न अराउंड टाइम को लेकर RBI का सर्कुलर
    20 सितंबर 2019 को रिजर्व बैंक की तरफ से जारी सर्कुलर में टर्न अराउंड टाइम (TOT) को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। गाइडलाइन के मुताबिक, बैंकों को ‘फेल्ड ट्रांजैक्शन फ्रॉम डेबिट कार्ड’ के मामले को पांच दिनों के भीतर सुलझाना होगा। IMPS फेल ट्रांजैक्शन का मामला एक दिन के भीतर सुलझाना होगा, वहीं स्वाइप मशीन और आधार ऐनेबल्ड पेमेंट्स (AEPS) ट्रांजैक्शंस का मामला भी पांच दिनों के भीतर निपटाना होगा। अगर बैंक ऐसा करने में चूकते हैं तो ग्राहकों को पेनाल्टी के रूप में रोजाना 100 रुपये देने होंगे।

    फेल ट्रांजैक्शन किसे कहते हैं?
    किसी मर्चेंट को पेमेंट करते वक्त अगर खाते से पैसे कट जाते हैं, लेकिन मर्चेंट को भुगतान नहीं हो पाता है तो इसे फेल्ड ट्रांजैक्शन कहा जाता है।

    अगर ऐसे हुआ ट्रांजैक्शन फेल रिफंड समय सीमा कितना मिलेगा जुर्माना
    ATM से कैश नहीं निकला, लेकिन अकाउंट डेबिट हो जाए ट्रांजैक्शन के दिन के बाद से अधिकतम 5 दिन पांच दिन के बाद रोजाना 100 रुपये
    कार्ड ट्रांसफर में बेनिफिशियरी अकाउंट में क्रेडिट ना हो, लेकिन पैसे कट जाए ट्रांजैक्शन के अगले दिन तक एक दिन के बाद रोजाना 100 रुपये
    मर्चेंट के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर ना हो और चार्ज स्लीप जेनरेट नहीं हो T+पांच दिनों के भीतर पांच दिन के बाद रोजाना 100 रुपये
    ऑनलाइन शॉपिंग में मर्चेट के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर ना हो T+पांच दिनों के भीतर पांच दिन के बाद रोजाना 100 रुपये
    IMPS ट्रांसफर में बेनिफिशियरी के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर ना हो ट्रांजैक्शन के अगले दिन तक एक दिन बाद रोजाना 100 रुपये
    UPI ट्रांजैक्शन फेल लेकिन, बेनिफिशियरी के अकाउंट में क्रेडिट ना हो ट्रांजैंक्शन के अगले दिन तक एक दिन बाद रोजाना 100 रुपये
    UPI ट्रांजैक्शन फेल, लेकिन मर्चेट के पास कंफर्मेशन नहीं ट्रांजैक्शन+ अगले पांच दिन तक उसके बाद रोजाना 100 रुपये
    आधार इनेबल्ड (AEPS) में अकाउंट डेबिट, लेकिन मर्चेंट के पास कंफर्मेशन नहीं ट्रांजैक्शन+ अगले पांच दिन तक उसके बाद रोजाना 100 रुपये
    आधार इनेबल्ड (AEPS) में अकाउंट डेबिट, लेकिन मर्चेंट के अकाउंट में क्रेडिट नहीं ट्रांजैक्शन+ अगले पांच दिन तक उसके बाद रोजाना 100 रुपये
    APBS के जरिए पेमेंट, लेकिन बेनिफिशियरी के अकाउंट में क्रेडिट होने में देरी ट्रांजैक्शन+ अगले दिन तक उसके बाद रोजाना 100 रुपये
    NACH के जरिए पेमेंट में बेनिफिशियरी के अकाउंट में रिवर्सल में देरी बेनिफिशियरी बैंक फाइनल देगा, समय सीमा ट्रांजैक्शन के अगले दिन तक उसके बाद रोजाना 100 रुपये
    कार्ड, मोबाइल वॉलेट के जरिए ट्रांजैक्शन UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और IMPS के जरिए जिसमें दो अलग-अलग बैंक शामिल होते हैं इस मामले में UPI और IMPS को लेकर जो नियम उपर दिए गए हैं फाइन को लेकर भी विशेष जानकारी ऊपर है
    अगर मोबाइल वॉलेट या डेबिट/क्रेडिट कार्ड की मदद से सेम बैंक में ट्रांजैक्शन फेल होता है (बेनिफिशियरी अकाउंट क्रेडिट नहीं होता है) ट्रांजैक्शन के अगले दिन तक उसके बाद रोजाना 100 रुपये जुर्माना
    सेम मोबाइल वॉलेट या कार्ड से ट्रांजैक्शन फेल होता है, लेकिन मर्चेंट को कंफर्मेशन नहीं मिलता है ट्रांजैक्शन के अगले दिन तक उसके बाद रोजाना 100 रुपये जुर्माना

    इसलिए कहते हैं फेल ट्रांजैक्शन
    लिंक फेल होने की वजह से, कैश नहीं होने की वजह से या सेशन टाइम आउट होने की वजह से ट्रांजैक्शन नहीं हो पाता है और अकाउंट से पैसे कट जाते हैं तो उसे फेल ट्रांजैक्शन की कैटेगरी में रखा जाएगा। इन ट्रांजैक्शन को फेल इसलिए कहते हैं क्योंकि ग्राहक चाह कर भी इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं।

    सभी बैंकों के लिए एक जैसा नियम
    बता दें, अगर ग्राहक ऑनलाइन शॉपिंग कर रहा है और यह घटना उस वक्त होती है तो भी इसे फेल ट्रांजैक्शन की कैटिगरी में रखा जाएगा। पहले फेल ट्रांजैक्शन को लेकर रिजर्व बैंक का कोई ठोस नियम नहीं था, जिसकी वजह से हर बैंक अपने तरीके से मामले को डील करते थे। इसमें ग्राहकों को बहुत परेशानी होती थी। लेकिन, RBI सर्कुलर के बाद अब सभी बैंकों के लिए फेल ट्रांजैक्शन के एक जैसे नियम हो गए हैं।

  • एयर इंडिया में सैलरी-प्रमोशन से नाराज 120 पायलट ने दिए सामूहिक इस्तीफे

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    सैलरी और प्रमोशन को लेकर नाराज एयर इंडिया के 100 से ज्यादा पायलटों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। एयरबस A-320 के 120 पायलट ने सैलरी और प्रमोशन को लेकर रखी गई मांगें पूरी नहीं होने के बाद प्रबंधन को इस्तीफा सौंप दिया है।

    यह केंद्र सरकार द्वारा 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में फंसी सरकारी विमानन कंपनी की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू करने के फैसले के बाद हुआ है। हाल ही में इस्तीफा देने वाले एक पायलट ने बताया, ‘एयर इंडिया प्रबंधन को हमारी शिकायतें सुननी चाहिए। सैलरी में इजाफे और प्रमोशन को लेकर हमारी डिमांड बहुत दिनों से पेंडिंग है, लेकिन वे हमें भरोसा देने में असफल रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि समय पर सैलरी भी नहीं मिल पा रही है।

    यह भी बताया कि पायलट को पहले 5 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर कम वेतन पर रखा जाता है। उन्हें विश्वास था कि अनुभव मिलने के बाद उनकी सैलरी बढ़ेगी और प्रमोशन होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

    नौकरी छोड़ रहे पायलटों को विश्वास है कि उन्हें कहीं और नौकरी मिल जाएगी क्योंकि बाजार अभी खुला हुआ है। इस समय इंडिगो एयर, गो एयर, विस्तारा, एयर एशिया, इंडियन एयरलाइंस जैसी कंपनियां एयरबस 320 का संचालन कर रही हैं।

    सामूहिक इस्तीफे से विमानन कंपनी की सेवा पर असर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी के पास अतिरिक्त पायलट हैं। इस्तीफों की वजह से परिचालन पर असर नहीं होगा। इस समय एयर इंडिया के पास 2000 पायलट हैं, जिसमें से 400 एग्जिक्युटिव हैं।

  • PMC BANK CRISIS : हार्ट अटैक से गई एक शख्स की जान, जमा हैं 90 लाख रुपए

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    मुंबई। पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक में चल रहे संकट ने सरकार के होश उड़ाए हुए हैं। इससे अब लोगों की जान पर बन आई है। सोमवार को पीएमसी बैंक के एक खाताधारक ने अपनी जान गंवा दी। बताया जा रहा है कि उसके खाते में करीब 90 लाख रुपए जमा हैं। जानकारी के अनुसार ओशिवारा के तारापोरेवाला गार्डन में रहने वाले 51 वर्षीय संजय गुलाटी सोमवार को बैंक पर लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

    प्रदर्शन के बाद जब वे घर पहुंचे तो उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। सोसाइटी के सेक्रेटरी यतींद्र पाल ने बताया कि संजय और उनके पिता जेट एयरवेज में काम करते थे। पहले संजय की नौकरी गई, फिर उनकी बचत भी खत्म होती गई। उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, बस थाइरॉयड संबंधी समस्या थी। सोमवार को उन्होंने परेशानियों से जूझ रहे निवेशकों द्वारा आयोजित एक रैली में हिस्सा लिया था।

    उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले पीएमसी बैंक के डूबने की खबरें फैलते ही लोग पैसे निकालने के लिए बैंक में उमड़ पड़े थे, जिससे अफरा-तफरी मच गई थी। बैंक में ग्राहकों के 11500 करोड़ रुपए जमा है। बैंक की ब्रांच पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली और गोवा में भी हैं। सोमवार रात ही बैंक से कैश निकासी की सीमा 25 से बढ़ाकर 40 हजार रुपए की गई थी।

  • करोड़ों की अमेजन से धोखाधड़ी के मामले में 2 गिरफ्तार

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को कहा कि दो व्यक्तियों को अमेरिकी ई-कॉमर्स मल्टीनेशनल कंपनी से कथित धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों की पहचान रोहित सोनी व राहुल सिंह राठौर के रूप में की गई है। दोनों मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कलानिधि नैथानी ने संवाददाताओं से यहां कहा कि अमेजन की जांच टीम व उनके वकील ने शिकायत की थी कि धोखेबाजों का गिरोह बीते 2-3 सालों से अमेजन से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर रहा है। शिकायत पर आईपीसी व आईटी एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।

    एसएसपी ने कहा कि आरोपी बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व उत्तराखंड जैसे राज्यों में किराए पर आवास लेते और महंगी कीमत वाले उत्पादों का आर्डर देते। इसे वे निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों से बदल देते और फिर बुकिंग को रद्द कर देते या लौटा देते। इससे कंपनी को दोहरा नुकसान होता।

    पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन के साथ 29 सिम और महंगे उत्पादों के फर्जी स्टीकर बरामद किए हैं। इन उत्पादों में स्मार्ट घड़ियां व मोबाइल शामिल हैं।

  • वैश्विक मानकों से काफी सुदृढ़ भारत की आर्थिक विकास दर: आईएमएफ

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    नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसंधान उपनिदेशक गियान मारिया मिलेसी-फेरेटी ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर अनुमान को हालांकि घटाकर कर छह फीसदी कर दिया गया है, लेकिन वैश्विक मानकों से यह फिर भी काफी मजबूत है।

    फेरेटी और आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने भारत के लिए आशावादी नजरिया रखते हुए वाशिंगटन में आईएमएफ के वैश्विक आर्थिक आउटलुक की रिपोर्ट पेश करते हुए एक प्रेसवार्ता में कहा कि अगले साल भारत की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी।

    आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और चीन चालू वित्तवर्ष में अपनी 6.1 फीसदी की आर्थिक विकास दर के साथ दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष स्थान पर रहेंगे।

    मिलेसी फेरेटी ने कहा, “भारत की आर्थिक विकास दर वैश्विक अर्थव्यवस्था के मानकों के अनुसार, कुल मिलाकर काफी मजबूत है जबकि हमने भारत के लिए काफी उच्च मानक रखे थे उसे कम है।”

    उन्होंने कहा कि छह फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर उल्लेखनीय है और खासतौर से उस देश के लिए काफी महत्वपूर्ण है जिसकी इतनी बड़ी आबादी है।

    गोपीनाथ ने कहा, “यह आर्थिक विकास दर वैश्विक अर्थव्यवस्था के विपरीत है जिसकी विकास दर सिकुड़कर 2019 में तीन फीसदी पर आ गई है और वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है।”

    आईएमएफ ने भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अगले साल रफ्तार भरने की उम्मीद जाहिर की है।

    गोपीनाथ ने कहा, “हमारा अनुमान है कि भारत 2020 में सात फीसदी की विकास दर हासिल करेगा। ”

    आईएमएफ ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 2019 में 6.1 फीसदी की दर से रफ्तार भरेगी और 2020 में सात फीसदी की विकास दर हासिल करेगी। वैश्विक आर्थिक आउटलुक अप्रैल 2019 के मुकाबले 2019 के लिए 1.2 फीसदी की कटौती और 2020 के लिए 0.5 फीसदी की कटौती घरेलू मांग में उम्मीद से ज्यादा कमी को दर्शाती है।”

    हालांकि आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौद्रिक नीति में नरमी, कॉरपोरेट टैक्स की दरों में कटौती और कॉरपोरेट व पर्यावरण संबंधी विनियमनों का समाधान करने की दिशा में हालिया उपायों से मदद मिलेगी।

  • अमेजॉन पे से बिल का भुगतान करें भारत में एलेक्सा से बात कर

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    बेंगलुरू। अमेजॉन ने बुधवार को घोषणा की कि भारत में पहली बार ऐसी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें उपयोगकर्ता देश में अपने डिजिटल सहायक एलेक्सा से बात करके अमेजॉन पे के जरिए अपने बिलों का भुगतान कर सकेंगे। एलेक्सा में दी गई नई सुविधा के जरिए उपयोगकर्ता अपने बिजली, पानी, पोस्ट-पेड मोबाइल, कुकिंग गैस, ब्रॉडबैंड, डीटीएच और भी अन्य बिलों के भुगतान कर सकेंगे।

    एमेजॉन इको, फायर टीवी स्टीक और एलेक्सा से जुड़े अन्य डिवाइसों के उपयोगकर्ता सिर्फ कमांड देकर ही बिल का भुगतान कर सकेंगे। जैसे ‘एलेक्सा, मेरे फोन के बिल का भुगतान कर दों’ या फिर ‘एलेक्सा मेरे बिजली के बिल का भुगतान कर दो।’

    एलेक्सा एक्सपीरियंसेज एंड डिवाइसेज के कंट्री मैनेजर पुनेश कुमार ने अपने बयान में कहा, “हम यह सुविधा भारत में पहली बार साझा करने को लेकर उत्साहित हैं। भारत में एलेक्सा के उपयोगकर्ता ऐसे पहले उपभोक्ता हैं, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों से पहले यह सुविधा मिली है।”

    एलेक्सा बिल का भुगतान ग्राहकों के पंजीकृत अमेजॉन अकाउंट से करेगी। हालांकि भुगतान प्रक्रिया शुरू करने से पहले ग्राहक की अनुमति ली जाएगी। भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ग्राहक वॉयस पिन भी डाल सकते हैं।

    कंपनी ने बताया कि भुगतान के लिए आगे बढ़ने से पहले एलेक्सा, अमेजॉन शॉपिंग एप पर बिल का विवरण दर्ज कराने के लिए एक लिंक भी भेजेगी।