Category: business

  • सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में सबसे ज्यादा फायदे में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

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    सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से छह कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 1.26 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। सबसे अधिक लाभ में रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक रहे। शुक्रवार को समाप्त सप्ताह में बढ़त दर्ज करने वाली चार अन्य कंपनियां हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी और आईसीआईसीआई बैंक हैं। वहीं भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), इन्फोसिस, एचडीएफसी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) के बाजार पूंजीकरण में गिरावट देखी गई है।

    समीक्षाधीन सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण सबसे अधिक यानी 34,453.13 करोड़ रुपये बढ़कर 8,29,632.75 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 24,098.72 करोड़ रुपये बढ़कर 6,80,645.09 करोड़ रुपये, आईसीआईसीआई बैंक का 20,603.11 करोड़ रुपये बढ़कर 2,90,132.25 करोड़ रुपये, कोटक महिंद्रा बैंक का 20,213.04 करोड़ रुपये बढ़कर 3,14,037.87 करोड़ रुपये, आईटीसी का 18,158.46 करोड़ रुपये बढ़कर 3,10,725.34 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण 8,659.25 करोड़ रुपये बढ़कर 4,35,062.28 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

    एमकैप में बढ़ोतरी वाली कंपनियां

    कंपनी एमकैप में बढ़ोतरी कुल एमकैप
    रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 34,453.13 8,29,632.75
    एचडीएफसी बैंक 24,098.72 6,80,645.09
    आईसीआईसीआई बैंक 20,603.11 2,90,132.25
    कोटक महिंद्रा बैंक 20,213.04 3,14,037.87
    आईटीसी 18,158.46 3,10,725.34
    हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड 8,659.25 35,062.28

    सभी आंकड़े करोड़ रुपये में

    वहीं, दूसरी ओर एसबीआई की बाजार हैसियत में सबसे अधिक गिरावट आई। इसका बाजार पूंजीकरण 18,250.8 करोड़ रुपये घटकर 2,51,004.70 करोड़ रुपये पर आ गया। इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 9,771.22 करोड़ रुपये घटकर 3,36,022.65 करोड़ रुपये रह गया। टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 3,339.62 करोड़ रुपये घटकर 7,71,752.96 करोड़ रुपये और एचडीएफसी का बाजार मूल्यांकन 2,742.77 करोड़ रुपये घटकर 3,51,528.17 करोड़ रुपये रह गया।

    एमकैप में नुकसान वाली कंपनियां 

    कंपनी एमकैप में नुकसान कुल एमकैप
    एसबीआई 18,250.8 2,51,004.70
    इन्फोसिस 9,771.22 3,36,022.65
    टीसीएस 3,339.62 7,71,752.96
    एचडीएफसी 2,742.77 3,51,528.17

    सभी आंकड़े करोड़ रुपये में

    बाजार पूंजीकरण के आधार पर रैंकिंग में शीर्ष पर रिलायंस इंडस्ट्रीज रही। इसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई का स्थान रहा। पिछले सप्ताह बंबई शेयर बाजार के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 807.95 अंक या 2.12 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।

    एमकैप के हिसाब से कंपनियों की रैंकिंग

    1. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड
    2. टीसीएस
    3. एचडीएफसी
    4. हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड
    5. एचडीएफसी
    6. इन्फोसिस
    7. कोटक महिंद्रा बैंक
    8. आईटीसी
    9. आईसीआईसीआई बैंक
    10. एसबीआई

  • 172 एप्स मिले वायरस युक्त गूगल प्ले स्टोर पर

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    सैन फ्रांसिस्को। शोधकर्ताओं ने सिर्फ सितंबर में गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) पर 172 ऐसे एप्स की पहचान की है, जो वायरस से संक्रमित हैं। उन्होंने बताया कि इन एप्स को 33.5 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है। थ्रेटपोस्ट की मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार, ईएसईटी शोधकर्ता लुकस स्टेफेंको ने कहा कि इन 172 एप्स में से ज्यादातर एप्स के कारण एडवेयर आ रहे हैं।

    थ्रेटपोस्ट ने स्टेफेंको के हवाले से कहा, “एडवेयर (अनिच्छुक विज्ञापन) एक प्रसिद्ध श्रेणी है क्योंकि इंस्टालेशन के बाद इसमें बाद में बैंकिंग ट्रोजन किसी इनपुट के लिए नहीं कहा जाता है और इससे डेवलपर्स के लिए शुरुआत से आसानी से धन कमाया जा सकता है।”

    स्टेफेंको ने कहा, “इसके अलावा एडवेयर बनाना एंड्रोएड रेनसमवेयर या बैंकिंग ट्रोजंस बनाने से आसान है।”

    वायरस कैटेगरी में वे एप्स हैं जो एडवेयर, सब्सक्रिप्शन स्कैम्स, छिपे हुए विज्ञापन, एसएमएस प्रीमियम सब्सक्रिप्शन और अन्य से प्रभावित किए गए हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, वायरस युक्त पाए गए ज्यादातर एप्स खत्म कर दिए गए हैं।

    गूगल ने पिछले महीने चीनी मोबाइल डेवलपर आईहैंडी के 46 एप्स मार्केट प्लेस से हटा दिए थे।

  • अप्रैल-अगस्त के दौरान खाद्य अनुदान घटा, यूरिया सब्सिडी बढ़ी

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    नई दिल्ली। खाद्य, पोषक तत्वों वाले उर्वरकों, यूरिया और पेट्रोलियम समेत प्रमुख अनुदानों पर खर्च की गई कुल राशि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीने में 1.89 लाख करोड़ रुपये है, जोकि कुल बजटीय राशि का 63 फीसदी है। यह जानकारी महालेखा नियंत्रक द्वारा जारी हालिया आंकड़ों पर आधारित है।

    प्रमुख अनुदानों का कुल बजटीय अनुमान 3,01,694 करोड़ रुपये है। इसमें से चालू वित्त वर्ष में अगस्त महीने तक 1,89,526.71 करोड़ रुपये का इस्तेमाल हो चुका है जोकि बजटीय राशि का 63 फीसदी है। पिछले साल इसी अवधि के दौरान बजटीय अनुदान राशि का 65 फीसदी खर्च हुआ था।

    आलोच्य अवधि के दौरान खाद्य अनुदान पर 1,13,725.63 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं जोकि बजटीय राशि का 62 फीसदी है। पिछले साल इसी अवधि के दौरान बजटीय राशि का 72 फीसदी खाद्य अनुदान पर खर्च हुआ था।

    इस साल अप्रैल से अगस्त के दौरान यूरिया अनुदान की कुल बजटीय राशि का 61 फीसदी यानी 3,,692.84 करोड़ रुपये खर्च हुआ है जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान बजटीय राशि का 43 फीसदी खर्च हुआ था।

    आलोच्य अवधि के दौरान पेट्रोलियम अनुदान की बजटीय राशि का 76 फीसदी यानी 28,385.08 करोड़ रुपये का इस्तेमाल हुआ है जबकि पिछले साल बजटीय राशि का 74 फीसदी इस्तेमाल हुआ था।

    पोषक तत्वों वाले उर्वरकों की बजटीय राशि का 56 फीसदी यानी 14,723.16 करोड़ रुपये अप्रैल से लेकर अगस्त तक खर्च हो चुका है जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान बजटीय राशि का 56 फीसदी खर्च हुआ था।

  • लाल निशान के साथ शुरुआत की आज बाजार ने, 220 अंक लुढ़का सेंसेक्स, निफ्टी 60 अंक कमजोर

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    मुंबई। कमजोर अंतर्राष्ट्रीय संकेतों की वजह से देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबर में गुरुवार को गिरावट का रुख है। प्रमुख सेंसेक्स सुबह 10.19 बजे 220.59 अंकों की गिरावट के साथ 38,084.82 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 60.25 अंकों की कमजोरी के साथ 11,299.65 पर कारोबार करते देखे गए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सूचकांक सेंसेक्स सुबह 167.54 अंकों की गिरावट के साथ 38,137.87 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 37.65 अंकों की कमजोरी के साथ 11,322.25 पर खुला।

  • FESTIVE SEASON : इन 3 में से चुनें अगर चाहिए कम दाम में ज्यादा माइलेज वाली कार

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    नई दिल्ली। त्योहारी मौसम आ गया है। नवरात्रि से दिवाली तक बाजार में काफी रौनक देखने को मिलती है। चाहे कितनी भी मंदी चल रही हो, लेकिन यह समय खरीदारी के लिए खास माना जाता है। लोग साल भर बचत कर अपनी मनपसंद चीज में निवेश करते हैं।

    इन दिनों मिडिल क्लास लोगों में कार के लिए जबरदस्त क्रेज देखने को मिलता है। उनकी कोशिश यही रहती है कि उन्हें कम दाम में ज्यादा माइलेज वाली कार मिल जाए। आज हम आपको बताने जा रहे हैं 3 लाख से कम कीमत और 25 किलोमीटर तक का माइलेज देने वाली तीन अफोर्डेबल कारों के बारे में।

    मारुति ऑल्टो

    मारुति की यह कार काफी समय से लोगों को पसंद आ रही है। ऑल्टो की शुरुआती कीमत 2.89 लाख रुपए है। यह 22.5 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है। इसमें 796 सीसी का इंजन है। कार में ईबीडी के साथ एबीएस, ड्राईवर साइड एयरबैग, स्पीड अलर्ट सिस्टम, रिवर्स पार्किंग सेंसर्स और सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसे स्टैंडर्ड फीचर्स हैं। ऑल्टो 6 कलर ऑप्शन में अवलेबल है।

    डेटसन रेडी गो

    डेटसन रेडी गो भी कार का सपना पूरा करने के लिए माफिक है। इसके प्राइमरी मॉडल की कीमत 2.80 लाख रुपए है। इसमें 0.8 लीटर का पेट्रोल इंजन है, जो 54 पीएस का पावर जनरेट करता है। इसका माइलेज 22.7 किलोमीटर प्रति लीटर है। इसके सभी वेरिएंट में ईबीडी के साथ एबीएस, ड्राईवर साइड एयरबैग, स्पीड वार्निंग सिस्टम, रियर पार्किंग सेंसर्स और सीट बेल्ट रिमाइंडर फीचर्स हैं।

    रेनॉल्ट क्विड

    यह कार भी 3 लाख से कम दाम वाली है। रेनॉल्ट कंपनी ने पिछले दिनों क्विड का नया मॉडल लॉन्च किया था। इसका बेस प्राइस 2.83 लाख रुपए है। अब यह कार पुराने मॉडल की तुलना में ज्यादा स्टाइलिश नजर आती है। इसमें 799 सीसी का पेट्रोल इंजन है। यह एक लीटर में 25.17 किलोमीटर का माइलेज देती है। इसके हर वेरिएंट में ड्राईवर साइड एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, सीटबेल्ट रिमाइंडर, स्पीड अलर्ट सिस्टम और रिवर्स पार्किंग सेंसर्स जैसे शानदार फीचर्स हैं।

  • करीब 3 फीसदी टूटे सेंसेक्स, निफ्टी बिकवाली के दबाव में

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    नई दिल्ली। बिकवाली के भारी दबाव में इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स पिछले सप्ताह के मुकाबले तकरीबन तीन फीसदी लुढ़क कर 38,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ। निफ्टी भी तकरीबन तीन फीसदी टूटा और 11,200 के नीचे आ गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा प्रमुख ब्याज दर यानी रेपो रेट में लगातार पांचवीं बार कटौती करने से भी घरेलू शेयर बाजार को इस सप्ताह सहारा नहीं मिला और बिकवाली का दबाव लगातार बना रहा, बल्कि केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजे आने के बाद बाजार में गिरावट और बढ़ गई। दरअसल, आरबीआई द्वारा चालू वित्त वर्ष में देश के आर्थिक विकास दर अनुमान में कटौती किए जाने से निवेशकों का मनोबल टूटा जिससे बाजार की प्रतिक्रिया उत्साहपूर्ण नहीं रही।

    बंबई स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स कारोबारी सप्ताह के आखिर में शुक्रवार को पिछले सप्ताह के मुकाबले 1,149.26 अंकों यानी 2.96 फीसदी की गिरावट के साथ 37,673.31 पर बंद हुआ और निफ्टी 337.65 अंकों यानी 2.93 फीसदी लुढ़क कर 11,174.75 पर बंद हुआ।

    बीएसई मिडकैप सूचकांक पिछले सप्ताह से 552.20 अंकों यानी 3.87 फीसदी की गिरावट के साथ 13,713.79 पर रुका, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 523.27 अंकों यानी 3.92 फीसदी लुढ़ककर 12,808.66 पर ठहरा।

    कारोबारी सप्ताह की शुरुआत से ही घरेलू बाजार में कारोबारी मंदी का रुझान बना रहा और सोमवार को सेंसेक्स 155.24 अंकों यानी 0.40 फीसदी की गिरावट के साथ 38,667.33 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 35.15 अंकों यानी 0.31 फीसदी की गिरावट के साथ 11,477.25 पर ठहरा।

    अगले दिन मंगलवार को भी गिरावट जारी रही और सेंसेक्स 361.92 अंकों यानी 0.94 फीसदी की गिरावट के साथ 38305.41 पर बंद हुआ और निफ्टी भी 114.55 अंकों यानी एक फीसदी फिसलकर 11,359.90 पर रुका। दो अक्टूबर को गांधी जयंती का अवकाश होने के कारण बुधवार को शेयर बाजार बंद रहा।

    विदेशी बाजार से मिले कमजोर संकेतों से गुरुवार को भी घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा। सेंसेक्स 198.54 अंकों यानी 0.52 फीसदी की गिरावट के साथ 38,106.87 पर बंद हुआ। निफ्टी 46.80 अंकों यानी 0.41 फीसदी की गिरावट के साथ 11,313.10 पर बंद हुआ।

    कारोबारी सत्र के आखिरी सत्र में शुक्रवार को सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 433.56 अंकों यानी 1.14 फीसदी की गिरावट के साथ 37,673.31 पर बंद हुआ और निफ्टी भी 139.25 अंकों यानी 1.23 फीसदी की गिरावट के साथ 11,174.75 पर बंद हुआ।

    आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए रेपो (अल्पावधि ऋण) दर में 25 आधार अंकों की कटौती कर उसे 5.40 फीसदी से घटाकर 5.15 फीसदी कर दिया है।

    लेकिन, केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2019.20 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान शुक्रवार को 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है।

  • बड़ी राहत पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार तीसरे दिन गिरावट से

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    पेट्रोल और डीजल के दाम में शनिवार को बड़ी राहत मिली। देश के विभिन्न शहरों में पेट्रोल का भाव 28-31 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया और डीजल के दाम में भी 20-22 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में नरमी आने के बाद ऑइल मार्केटिंग कपंनियों ने लगातार तीसरे दिन पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए हैं।

    इन तीन दिनों में देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 57 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है और डीजल का दाम भी 34 पैसे प्रति लीटर कम हो गया है। इंडियन ऑइल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नै में पेट्रोल के दाम घटकर क्रमश: 74.04 रुपये, 76.67 रुपये, 79.65 रुपये और 76.90 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। चारों महानगरों में डीजल के दाम भी घटकर क्रमश: 67.15 रुपये, 69.51 रुपये, 70.39 रुपये और 71.94 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं।

    पेट्रोल के दाम में शनिवार को दिल्ली और कोलकाता में 29 पैसे, मुंबई में 28 पैसे और चेन्नै में 31 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई। वहीं, डीजल के दाम दिल्ली और कोलकाता में 20 पैसे जबकि मुंबई में 22 पैसे और चेन्नै में 21 पैसे प्रति लीटर घट गए हैं।

    पिछले महीने 14 सिंतबर को सऊदी अरब की तेल कंपनी सउदी अरामको पर हुए ड्रोन हमले के बाद 16 सितंबर हो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम में 28 साल बाद सबसे बड़ी एक दिनी तेजी दर्ज की गई थी जब ब्रेंट क्रूड का भाव 71.95 डॉलर प्रति बैरल हो गया, लेकिन उसके बाद से अब तक ब्रेंट का भाव 13 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा गिरा है। हालांकि इस सप्ताह ब्रेंट क्रूड का दिसंबर वायदा अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार आईसीई पर 1.37 फीसदी की तेजी के साथ 58.50 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

  • गूगल खरीद सकती है टिक-टॉक के प्रतिद्वंद्वी फायरवर्क को

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    सैन फ्रांसिस्को। दिग्गज कंपनी गूगल अमेरिका के सोशल वीडियो एप फायरवर्क को खरीदने में रुचि दिखा रही है। खबरों के मुताबिक, यह एप अपने प्रतिद्वंद्वी एप टिक-टॉक की तरह ही यूजर्स को छोटे वीडियो बनाने और शेयर करने में मदद करती है।

    वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक, चाइनीज माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म वीबो ने भी फायरवर्क को खरीदने में रुचि दिखाई है, लेकिन गूगल के साथ आगे की बातचीत जारी है।

    कैलिफोर्निया के रेडवुड सिटी में स्थित फायरवर्क ने पिछले महीने ही भारत में प्रवेश किया। इस वर्ष कंपनी की कीमत 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन) से अधिक बताई गई।

    टिक-टॉक के स्वामित्व वाली बीजिंग स्थित कंपनी बाइटडांस का मूल्य 75 अरब डॉलर है।

    टिक-टॉक पर यूजर्स 15 सेकेंड के शॉर्ट वीडियो बना सकते हैं, वहीं फायरवर्क यूजर्स को 30 सेकेंड के वीडियो को बनाने की इजाजत देता है।

    इसकी पेटेंट लंबित तकनीक यूजर्स को अपने मोबाइल डिवाइस से एक शॉट में होरिजेंटल और वर्टिकल, दोनों प्रकार के वीडियो लेने की अनुमति देगी।

    यह एप वर्तमान में आईओएस और एंड्राइड स्मार्टफोन दोनों में उपलब्ध है। इसके उपयोगकर्ता लाखों की संख्या में रजिस्टर्ड हैं।

  • रिलायंस जियो के ग्राहकों को झटका…

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    नई दिल्ली। अगर आप रिलायंस जियो के ग्राहक है तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। उद्योगपति मुकेश अंबानी की टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने बुधवार को घोषणा की है कि वह ग्राहकों से कॉलिंग के पैसे वसूल करेगा। जी हां, अब जियो यूजर्स को जियो के अलावा बाकी नेटवर्क पर किए जाने वाले वॉयस कॉल के लिए 6 पैसे प्रति मिनट चार्ज किया जाएगा, लेकिन उन्हें बराबर मूल्य का फ्री डेटा देकर जियो इसे बैलेंस भी करने वाला है।

    जियो ने एक बयान में कहा है कि जब तक टेलिकॉम ऑपरेटरों को अपने यूजर्स द्वारा अन्य ऑपरेटरों के नेटवर्क पर किए गए मोबाइल फोन कॉल के लिए पेमेंट करने की जरूरत पड़ रही है, तब तक 6 पैसा प्रति मिनट शुल्क ही लागू रहेगा। ये चार्ज जियो यूजर्स द्वारा दूसरे जियो नंबर पर किए गए कॉल और वॉट्सएप, फेसटाइम या ऐसे अन्य प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके किए गए फोन और लैंडलाइन कॉल पर लागू नहीं होगा।

    ट्राई के फैसले के बदला नियम…
    2017 में दूरसंचार नियामक ट्राई ने इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज (IUC) को 14 पैसे से 6 पैसे प्रति मिनट तक घटा दिया था और कहा था कि इसे जनवरी, 2020 तक खत्म कर दिया जाएगा। अब ट्राई ने रिव्यू के लिए एक कंसल्टेशन पेपर मंगवाया है कि क्या इस टाइमलाइन को बढ़ाने की जरूरत है। चूंकि जियो नेटवर्क पर वॉइस कॉल फ्री हैं, इसलिए कंपनी को भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसे ऑपरेटर्स को किए गए कॉल्स के लिए 13,500 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा है।

    इनकमिंग कॉल्स होंगी फ्री…

    ट्राई के इस कदम से हुए नुकसान की भरपाई के लिए जियो ने अपने राइवल के नेटवर्क पर हर कॉल के लिए ग्राहकों से 6 पैसे प्रति मिनट का चार्ज लेने का फैसला किया है। यह पहली बार होगा जब जियो यूजर्स वॉयस कॉल के लिए पेमेंट करेंगे। अब तक जियो केवल डेटा के लिए चार्ज लेता है, और देश में कहीं भी और किसी भी नेटवर्क पर वॉइस कॉल पूरी तरह फ्री है। हालांकि, सभी नेटवर्क से इनकमिंग कॉल्स पहले की तरह फ्री में जारी रहेंगी।

    ट्राई का फैसला है वजह
    कॉल टर्मिनेशन चार्ज से जुड़े नियमों की अनिश्चितता के कारण जियो के बयान में कहा गया है कि ट्राई की ओर से मांगे गए कंसल्टेशन पेपर की वजह से स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है और जियो को न चाहते हुए भी, मजबूरी में आईयूसी चार्ज लगने तक कस्टमर्स से ऑफ-नेट मोबाइल कॉल्स के लिए 6 पैसे प्रति मिनट लेने पड़ रहे हैं। जियो बुधवार से होने वाले सभी रीचार्ज के बाद कस्मर्स से जियो के अलावा दूसरे मोबाइल ऑपरेटर्स पर किए गए कॉल्स के लिए आईयूसी टॉप-अप वाउचर के माध्यम से 6 पैसे प्रति मिनट चार्ज लेगा।

    बदले में मिलेगा एक्सट्रा डेटा…

    ट्राई की ओर से टर्मिनेशन चार्ज शून्य न किए जाने तक कस्टमर्स को यह कॉलिंग चार्ज देना पड़ेगा। हालांकि, इस रकम के बदले आईयूसी टॉप-अप वाउचर की खपत के हिसाब से उतना ही डेटा यूजर्स को एक्सट्रा दिया जाएगा।

  • jio वॉइस Call अब फ्री नहीं , देने होंगे पैसे

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    नई दिल्ली । यह पहली बार होगा जब जियो यूजर्स वॉयस कॉल के लिए पेमेंट करेंगे। अब तक जियो केवल डेटा के लिए चार्ज लेता है, और देश में कहीं भी और किसी भी नेटवर्क पर वॉइस कॉल पूरी तरह फ्री है।

    कॉल टर्मिनेशन चार्ज से जुड़े नियमों की अनिश्चितता के कारण उद्योगपति मुकेश अंबानी की टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने बुधवार को घोषणा की है कि वह कस्टमर्स से कॉलिंग के पैसे लेगा।

    ट्राई के इस कदम से हुए नुकसान की भरपाई के लिए जियो ने अपने राइवल के नेटवर्क पर हर कॉल के लिए ग्राहकों से 6 पैसे प्रति मिनट का चार्ज लेने का फैसला किया है।

    जियो यूजर्स को जियो के अलावा बाकी नेटवर्क पर किए जाने वाले वॉयस कॉल के लिए 6 पैसे प्रति मिनट चार्ज किया जाएगा, लेकिन उन्हें बराबर मूल्य का फ्री डेटा देकर जियो इसे बैलेंस भी करने वाला है।

    जियो ने एक बयान में कहा है कि जब तक टेलिकॉम ऑपरेटरों को अपने यूजर्स द्वारा अन्य ऑपरेटरों के नेटवर्क पर किए गए मोबाइल फोन कॉल के लिए पेमेंट करने की जरूरत पड़ रही है, तब तक 6 पैसा प्रति मिनट शुल्क ही लागू रहेगा।

    ये चार्ज जियो यूजर्स द्वारा दूसरे जियो नंबर पर किए गए कॉल और वॉट्सएप, फेसटाइम या ऐसे अन्य प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके किए गए फोन और लैंडलाइन कॉल पर लागू नहीं होगा।

    सभी नेटवर्क से इनकमिंग कॉल्स पहले की तरह फ्री में जारी रहेंगीकॉल टर्मिनेशन चार्ज से जुड़े नियमों की अनिश्चितता के कारण उद्योगपति मुकेश अंबानी की टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने बुधवार को घोषणा की है कि वह कस्टमर्स से कॉलिंग के पैसे लेगा।

    जियो यूजर्स को जियो के अलावा बाकी नेटवर्क पर किए जाने वाले वॉयस कॉल के लिए 6 पैसे प्रति मिनट चार्ज किया जाएगा, लेकिन उन्हें बराबर मूल्य का फ्री डेटा देकर जियो इसे बैलेंस भी करने वाला है।

    जियो ने एक बयान में कहा है कि जब तक टेलिकॉम ऑपरेटरों को अपने यूजर्स द्वारा अन्य ऑपरेटरों के नेटवर्क पर किए गए मोबाइल फोन कॉल के लिए पेमेंट करने की जरूरत पड़ रही है, तब तक 6 पैसा प्रति मिनट शुल्क ही लागू रहेगा।

    ये चार्ज जियो यूजर्स द्वारा दूसरे जियो नंबर पर किए गए कॉल और वॉट्सएप, फेसटाइम या ऐसे अन्य प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके किए गए फोन और लैंडलाइन कॉल पर लागू नहीं होगा।