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उत्तराखंड को पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात देंगे पीएम
डेस्क। उत्तराखंड को पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मिलने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (25 मई) को इस ट्रेन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी भी दिखाने वाले हैं। उद्घाटन समारोह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद होंगे। यह ट्रेन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलने वाली है। यह वंदे भारत एक्सप्रेस महज साढ़े 4 घंटे में देहरादून से यात्रियों को दिल्ली भी पहुंचा देगी।ट्रेन के बारे में जानकारी देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट भी किया है। उन्होंने लिखा, “उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलने की पूरी तैयारी है। वहीं आज सुबह 11 बजे मैं दिल्ली और देहरादून के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी भी दिखाऊंगा। इस अवसर को और भी खास बनाते हुए उत्तराखंड की रेल पटरियों के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की उपलब्धि भी है। कार्यक्रम में शामिल हों।”बता दें वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन एक हफ्ते में 6 दिन चलेगी। बुधवार के दिन ट्रेन नहीं चलेगी। वंदे भारत ट्रेन देहरादून से सुबह 7 बजे चलेगी और 11.45 बजे आनंद विहार टर्मिनल को पहुंचेगी। इसके बाद शाम 5.50 बजे आनंद विहार से चलेगी और रात 10.35 बजे वापस देहरादून पहुंचेगी। दिल्ली-देहरादून के बीच की 314 किलोमीटर की दूरी यह ट्रेन महज 4 घंटे 45 मिनट में तय करने वाली है। यह उत्तराखंड की पहली, दिल्ली की छठी और देश की 17वीं वंदे भारत ट्रेन होने वाली है। -
Uk Board Result 2023: सुशांत चंद्रवंशी ने किया टॉप
डेस्क। उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) ने कक्षा 12 और कक्षा 10 के रिजल्ट जारी कर दिए है। 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट्स uaresults.nic.in और ubse.uk.gov.in पर आराम से चेक भी किए जा सकते हैं। राज्य की माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट भी जारी कर दिया है।इस साल उत्तराखंड बोर्ड 10वीं की परिक्षा में टिहरी गढ़वाल के सुशांत चंद्रवंशी ने पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त कर लिया है। उन्होंने 99 फीसदी मार्क्स हासिल कर टॉप भी किया। उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं के छात्र अपने लॉगिन डिटेल्स का इस्तेमाल कर अपना रिजल्ट घोषित भी कर सकते हैं।लॉगिन डिटेल्स में बोर्ड एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स का रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, ईमेल- आईडी, जन्मतिथि और अन्य डिटेल्स रखी गई हैं। उत्तराखंड बोर्ड 10वीं क्लास की परीक्षा 15 मार्च को शुरू हुई थीं तब 12वीं क्लास की परीक्षा 16 मार्च से प्रारंभ हुईं थीं। दोनों ही कक्षाओं का अंतिम एग्जाम 6 अप्रैल को हुआ था।UBSE 2023 Class 12,10 Result: कैसे चेक करें अपना रिजल्टसबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें- uaresults.nic.in / ubse.uk.gov.inहोमपेज पर मौजूद रिजल्ट लिंक पर क्लिक कर देंअपनी डिटेल्स डालें- रजिस्ट्रेशन नंबर, रोल नंबर, नाम और जन्मतिथि आदि लिख देंआपको अपना रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई भी देगाभविष्य में इस्तेमाल के लिए अपना रिजल्ट सेव कर दें।Uttarakhand Board Result 2023: दसवीं में किसने किया टॉपUttarakhand Board Result 2023 Live: इस साल उत्तराखंड बोर्ड 10वीं की परिक्षा में टिहरी गढ़वाल के सुशांत चंद्रवंशी ने पूरे राज्य में पहला स्थान पाया है। उन्होंने 99 फीसदी मार्क्स हासिल कर इतिहास बनाया है। -
1 जून से लाइव होगा मिंत्रा का ईओआरएस-18, 6000 से ज्यादा ब्रांड्स में 20 लाख स्टाइल की पेशकश
भारत के प्रमुख फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन में से एक मिंत्रा ने मंगलवार को कहा कि वह ऐप पर नॉन-मेट्रो शहरों से 15 मिलियन नए यूजर्स को अपने साथ जोड़ने की ओर बढ़ रहा है। मिंत्रा एंड ऑफ रीजन सेल (ईओआरएस) के 18वें एडिशन के जरिए 1 जून से देश में लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेगा, जिसमें 6,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और डी2सी ब्रांड के 20 लाख से ज्यादा फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स शामिल हैं। कंपनी पीक पर 9 लाख यूजर्स के आने की उम्मीद कर रही है। मिंत्रा के किराना पार्टनर्स के 17,000 से ज्यादा मेन्सा नेटवर्क देश भर में ऑर्डर की डिलीवरी को समय से पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मिंत्रा की सीईओ नंदिता सिन्हा ने कहा, हमारी कोशिश यह सुनिश्चित करना है कि हर एक कस्टमर ऑफर से रोमांचित हो और शॉपिंग एक्सपीरियंस उनका मजेदार हो। हमारी ईओआरएस फिल्म्स में शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार्स की मौजूदगी इस शॉपिंग में सभी उम्र के लोगों को प्रोत्साहित करती है।
ईओआरएस 18 के दौरान कंज्यूमर से जिन कैटेगिरीज में बढ़ोतरी की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं – मेन््स कैजुअल वियर, वीमेन्स एथनिक वियर, वीमेन वेस्टर्न वियर, ब्यूटी एंड पर्सनल केयर, वॉच और वियरेबल, होम एंड फर्निशिंग, समर एसेंशियल, वर्क वियर और किड्स वियर। प्लेटफॉर्म ने कस्टमर्स के लिए स्पोर्ट्स फुटवियर, होम एंड फर्निशिंग और एक्सेसरीज जैसी कैटेगिरीज को भी बढ़ाया है, ताकि लाइफस्टाइल स्पेस में नए सिलेक्शन्स का पता लगाया जा सके।
‘ईओआरएस स्पेशल’ के एक हिस्से के रूप में, मिंत्रा ने ईओआरएस से पहले कन्वर्स फुटवियर को शामिल किया और नाइकी जॉर्डन, एयर फोर्स और डंक्स के कलेक्शन को बढ़ाया। कस्टमर प्यूमा एक्स अनुष्का, क्लब ओरिजिनल, तापसी एक्स रीबॉक और प्यूमा कलर-ब्लॉक्ड स्टाइल जैसी यूनिक सेलिब्रिटी लाइन्स भी खरीद सकेंगे। इसके अलावा, मिंत्रा के पास एफसीयूके, बेबे, केनेथ कोल और बूहूमन जैसे ब्रांड्स के ट्रेंडी सलेक्शन्स हैं जो फैशन-फॉरवर्ड कस्टमर्स का दिल जीतने जा रहे हैं। हाउस ऑफ ब्रांड्स के कुछ अन्य होमग्रोन ब्रांड जो कस्टमर्स को लुभाएंगे, उनमें एचआरएक्स, अनौक और रोडस्टर शामिल हैं।
होम सेक्शन में 2 लाख स्टाइल के साथ, ईओआरएस कस्टमर्स को होम फर्निशिंग, किचन और डेकोर जैसे स्पेस, ट्राइडेंट, डी डेकोर, रेमंड, मिल्टन, सेलो, वंडरशेफ, होम सेंटर, एचएंडएम, होम टाउन, मार्क्स एंड स्पेंसर, जेसी कलेक्शन आदि जैसे प्रमुख ब्रांडों के होम फर्निशिंग, किचन और डेकोर के बेस्ट कलेक्शन्स प्रदान करेगा।
ईओआरएस 18 में 300 से ज्यादा लीडिंग ग्लोबल, डोमेस्टिक और फैशन ब्रांड्स की वॉच और वियरेबल कैटेगिरी में 20,000 से ज्यादा प्रोडक्ट होंगे जो सीके, ह्यूगो, बॉस, लैकोस्टे और टाइटन वॉच की कैटेगिरी में हैं, जबकि वनप्लस, नथिंग और बोट जैसे कई अन्य वियरेबल ब्रांड्स के सेल के दौरान इस कैटेगिरी की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
इसके अलावा, ब्यूटी और पर्सनल केयर कैटेगिरी में 1,450 से ज्यादा लीडिंग ग्लोबल, डोमेस्टिक और डी2सी ब्रांड्स में 83,000 से ज्यादा प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन किया जाएगा। लैक्मे, एटूड, गुड ग्लैम, क्लिनिक, मैक, अराटा और पिलग्रिम कुछ ऐसे ब्रांड हैं जिनके पास इस ईओआरएस 18 को चलाने के लिए आकर्षक ऑफर होंगे।
1,000 से ज्यादा एथनिक वियर ब्रांड्स से 1.2 लाख से अधिक स्टाइल ईओआरएस 18 पेश करेगा, जिसमें रनवे आइकन्स और एफडब्ल्यूजी जैसे अलग-अलग ऑन-ऐप अनुभवों के माध्यम से सभी के लिए एथनिक फैशन चलाने पर ध्यान दिया जाएगा और ग्राहकों के लिए पहले कभी नहीं देखे गए मूल्य की पेशकश की जाएगी। कस्टमर्स विशुद्ध, पैंटालून, पोथिस और कलामंदिर साड़ियों जैसे ब्रांड्स के साथ-साथ कोसकी, अंबरी, रस्टोरेंज और आछो जैसे डिजाइनर लेबल के कुर्ते और साड़ियों पर लगे ऑफर्स से खुश होंगे।
यंग शॉपर्स मिंत्रा के हाल ही में लॉन्च किए गए एफडब्ल्यूडी से खरीदारी करने में सक्षम होंगे, जो कि 500 से अधिक प्रमुख ब्रांड्स जैसे कि हर्शेनबॉक्स, बोस्ट्रीट, ससाफ्रास, स्ट्रीट 9 और टोक्यो टॉकीज सहित 65,000 से ज्यादा स्टाइल्स फॉर्म के सलेक्शन के साथ खरीदारी का अनुभव ले सकेंगे। मिंत्रा को अगले 2 सालों में अपने कस्टमर्स बेस में 10 मिलियन जनरेशन जेड (8 से 23 साल के बीच उम्र वाले लोग) जोड़ने की उम्मीद है। 2022 से जनरेशन जेड के कस्मटर्स में बढ़ोतरी देखी गई है।
ईओआरएस 18 में मास प्रीमियम और प्रीमियम सेगमेंट में यूनिक वेल्यू ऑफर्स के साथ 200 से ज्यादा होमग्रोन डी2सी ब्रांड्स से 1 लाख से ज्यादा स्टाइल्स का सलेक्शन भी होगा। इस सेगमेंट के कुछ प्रमुख ब्रांड द सोल्ड स्टोर, रेयर रैबिट, डैमेंश, अछो, सुता, मिनिमलिस्ट, शुगर और अराता सहित कई अन्य हैं। ईआरओएस-18 के फेस के रूप में शाहरुख खान हैं। मिंत्रा का मकसद देश भर में सराहना और प्यार करने वाले सबसे बड़े फिल्मी सितारों में से एक शाहरुख खान की लोकप्रियता से लाभ पाना है।
सोशल कॉमर्स फ्रंट की बात करें तो, मिंत्रा के एम-लाइव पर 100 से ज्यादा लाइव सेंशन का प्लान बनाया गया है, जिसकी मेजबानी भारत के सबसे बड़े सोशल मीडिया स्टार्स और व्यापक रूप से प्रशंसित कंटेंट क्रिएटर्स जैसे वरुण सूद, बसीर अली, आकाश चौधरी, ऋत्वि शाह और गौरव कुमार द्वारा की जाएगी। इसके अलावा, ग्रैंड ओपनिंग ऑफर 1 जून को रात 12 बजे से 2 बजे तक वैलिड रहेगी। लाखों कंज्यूमर्स की डिमांड को पूरा करने के लिए उन्हें हर घंटे आकर्षक ऑफर दिए जाएंगे। एंड ऑफ रीजन सेल में कस्मटर्स लीडिंग इंटरनेशनल, डोमेस्टिक और डी2सी ब्रांड्स के 30 नए लॉन्च में से सलेक्शन का भी आनंद ले सकेंगे।
डील’ओ क्लॉक, हैप्पी आवर, जैकपॉट डील और बहुत कुछ में बेस्ट वेल्यू के लिए डेली लिमिटेड-टाइम डील्स होंगी। इसके अलावा, कस्टमर्स ईओआरएस 18 के दौरान बैंक ऑफर्स का लाभ उठा सकते हैं, इनमें आईसीआईसीआई और कोटक बैंक ऑफर कॉलआउट (कंबाइंड स्ट्रिप) पर 10 प्रतिशत की छूट शामिल है। आईसीआईसीआई बैंक इंडिविजुअल स्ट्रिप के तहत यूजर्स को आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर 10 प्रतिशत का इंस्टैंट डिस्काउंट मिलेगा। कोटक बैंक इंडिविजुअल स्ट्रिप के तहत यूजर्स को कोटक क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर 10 फीसदी का इंस्टैंट डिस्काउंट मिलेगा। कंपनी ने कहा कि जो लोग पेटीएम का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें पेटीएम वॉलेट और पोस्टपेड पर सुनिश्चित कैशबैक मिलेगा।
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RBI MPC: आरबीआई आज मौद्रिक नीति का करेगा एलान
RBI MPC: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के तीन दिवसीय बैठक के बाद आज रेपो रेट समेत कई बड़े फैसले लिए जा सकते है. वित्त वर्ष 2024 के द्विमासिक मौद्रिक नीति बैठक 6 से 8 जून तक आयोजित की गई थी. इसमें लिए गए फैसले का एलान आज यानी 8 जून को किया जाएगा.
रेपो रेट अपरिवर्तित रहने की उम्मीद
आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की 43वीं बैठक है. उम्मीद है कि गर्वनर शक्तिकांत दास ब्याज दर को अपरिवर्तित रख सकते हैं. इसका मतलब है कि लोगों को बढ़ते लोन के ब्याज दर से राहत मिलेगी. अप्रैल में हुई पिछली एमपीसी बैठक में आरबीआई ने ब्याज दर में बढ़ोतरी को रोका था और रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर ही छोड़ दिया था. वहीं भारतीय रिजर्व बैंक ने मई, 2022 से लगातार रेपो रेट में इजाफा किया था. कई बाद बढ़ोतरी करने से रेपो रेट में 2.5 फीसदी ब्याज बढ़ा था.
पिछली बैठक के बाद क्या क्या बदला?
अप्रैल में हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद से आरबीआई ने महंगाई दर, मानसून और बुवाई, तेल की कीमतों में बदलाव, वैश्विक विकास जैसी चीजों पर फोकस रखेगा. इसके आधार पर रिजर्व बैंक फैसला ले सकता है.
अभी महंगाई दर क्या है?
सीपीआई के आंकड़ें के अनुसार, अप्रैल 2023 में खुदरा महंगाई दर 18 महीने के निचले स्तर 4.7 फीसदी पर आ गई है, जो मार्च 2023 में 5.7 फीसदी की तुलना में आरबीआई की अधिकतम सीमा से कम है.
GDP ग्रोथ
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से 2022-23 के लिए भारत की GDP बढ़ोतरी 7 फीसदी अनुमानित है. आरबीआई ने वित्त वर्ष 2023-2024 के लिए 6.5 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है.
कच्चे तेल की कीमत
अप्रैल के बैठक के बाद से कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई है. अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत 85.1 डॉलर प्रति बैरल थी और तब से यह गिरकर 77 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है.
जीएसटी कलेक्शन
अप्रैल के मुकाबले जीएसटी कलेक्शन में गिरावट आई है. अप्रैल में यह 1.9 लाख करोड़ रुपये था और मई के लिए जीएसटी कलेक्शन 1.6 लाख करोड़ रुपये था.
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World Bank ने घटाया 2024 का विकास अनुमान
वर्ल्ड बैंक ने आज वैश्विक अर्थव्यवस्था के उपर एक रिपोर्ट जारी किया है। विश्व बैंक ने रिपोर्ट में बताया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था एक अनिश्चित स्थिति में है और विकास दर में भारी गिरावट की ओर बढ़ रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने विश्व बैंक के रिपोर्ट के हवाले से कहा कि ब्याज दर में तेजी से वृद्धि होने की वजह से गतिविधियों को प्रभावित किया है और कम आय वाले देशों में कमजोरियों को बढ़ावा दिया है।
विश्व बैंक ने लेटेस्ट रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि 2022 में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि के बाद 2023 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में केवल 2.1 प्रतिशत का विस्तार होगा। वर्ल्ड बैंक ने कहा कि भले ही हाल की मजबूत गति ने संस्था को अपने वर्ल्ड जीडीपी पूर्वानुमान को वर्ष के लिए जनवरी में अनुमानित 1.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.1 प्रतिशत करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन फिर भी विश्व बैंक ने 2024 के लिए अपने अनुमान को 2.7 प्रतिशत से घटाकर 2.4 प्रतिशत कर दिया है।
फेडरल रिजर्व और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक आक्रामक रूप से मुद्रास्फीति का मुकाबला करने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि कर रहे हैं लेकिन महामारी के कारण आए मंदी, लगातार आपूर्ति की कमी और यूक्रेन युद्ध के कारण ऊर्जा और खाद्य कीमतों में उछाल से मुश्किलें और बढ़ रही हैं।
विश्व बैंक ने इस साल अमेरिकी आर्थिक विकास के अपने पूर्वानुमान को बढ़ाकर 1.1 प्रतिशत कर दिया है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कमजोर होने के बावजूद विश्व बैंक ने जनवरी में अनुमानित विकास दर को दोगुने से भी अधिक बताया है।
वहीं जनवरी में वर्ल्ड बैंक ने यूरोप के आर्थिक विकास को बिल्कुल भी नहीं बढ़ने की उम्मीद जताई थी। आपको बता दें कि यूरोप, यूक्रेन युद्ध की वजह से उच्च ऊर्जा की कीमतों की वजह से संघर्ष कर रहा था।
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NPS New Rules: एनपीएस से निकासी के नियमों में होगा बदलाव
नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) यानी एनपीएस (NPS) के सब्सक्राइबर्स के लिए जल्दी ही कुछ बड़े बदलाव होने वाले हैं. पेंशन नियामक न्यूनतम रिटर्न की गारंटी के साथ एनपीएस से निकासी के नियमों (NPS Withdrawal Rules) में भी बदलाव करने की तैयारी कर रहा है.
इस तैयारी में जुटा पेंशन नियामक
अंग्रेजी अखबार ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (Pension Fund Regulatory & Development Authority) यानी पीएफआरडीए (PFRDA) एनपीएस के सब्सक्राइबर्स को सिस्टेमेटिक लम्पशम्प विड्रॉल (SLW) का विकल्प देने की तैयारी कर रहा है. यह सुविधा मिलने पर एनपीएस के सब्सक्राइबर अपनी सुविधा के हिसाब से किस्तों में पैसे निकालने का विकल्प चुन सकेंगे.
अपने हिसाब से चुन पाएंगे समय
पीएफआरडीए के चेयरमैन दीपक मोहंती (PFRDA Chairman Deepak Mohanty) ने हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि सिस्टेमेटिक लम्पशम्प विड्रॉल की सुविधा से एनपीएस सब्सक्राइबर मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर सावधिक निकासी का लाभ उठा सकेंगे. इसका फायदा 75 साल की उम्र होने तक उठाना संभव होगा.
75 साल की उम्र तक टालने की सुविधा
अभी एनपीएस के सब्सक्राइबर्स को 60 साल की उम्र हो जाने पर 60 फीसदी रकम की एकमुश्त निकासी करने का विकल्प मिलता है. बाकी 40 फीसदी रकम अनिवार्य तौर पर एन्यूटी खरीदने में इस्तेमाल होती है. नियमों में बदलाव के बाद सब्सक्राइबर 75 साल की उम्र तक एमकुश्त निकासी को टाल सकते हैं और इसकी जगह पर किस्तों में निकासी की सुविधा चुन सकते हैं. इससे उन्हें अपनी जरूरत भर का पैसा निकालने का विकल्प मिलेगा, जिसके लिए उन्हें हर साल रिक्वेस्ट करना पड़ेगा.
दोनों तरह के अकाउंट पर लाभ
इस बदलाव से एनपीएस के वैसे सब्सक्राइबर्स को फायदा होगा, जो एकमुश्त निकासी नहीं करना चाहते हैं. इन मामलों में वे जितनी रकम निकालेंगे, उसके बाद बचे फंड पर उन्हें एनपीएस के नियमों के तहत रिटर्न मिलता रहेगा. पीएफआरडीए चेयरमैन का कहना है कि बदले नियमों का लाभ एनपीएस के टिअर-1 और टिअर-2 दोनों तरह के सब्सक्राइबर्स को मिलेगा. उन्होंने कहा कि नए नियम इस तिमाही के अंत तक अमल में लाए जा सकते हैं.
न्यूनतम रिटर्न की गारंटी पर भी काम
इससे पहले पीएफआरडीए चेयरमैन ने मनी कंट्रोल को बताया था कि एनपीएस के तहत न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न योजना (Minimum Assured Return Scheme) की शुरुआत हो सकती है. उन्होंने कहा था कि पेंशन फंड नियामक एनपीएस के तहत मिनिमम एश्योर्ड रिटर्न्स स्कीम यानी एमएआरएस (MARS) पर काम कर रहा है. इसे निकट भविष्य में शुरू किया जा सकता है. हालांकि इससे एनपीएस के सब्सक्राइबर्स के लिए लागत भी बढ़ जाएगी.
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RBI Repo Rate: होम लोन की ब्याज दरों में जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद राहत?
RBI MPC June 2023 Meeting: वित्त वर्ष 2023-24 की शुरुआत लोगों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है. आज भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की मीटिंग में रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया. ऐसे में आरबीआई का रेपो रेट 6.5 फीसदी (RBI Repo Rate) पर स्थिर बना हुआ है. यह फैसला होम लोन लेने (Home Loan) वालों के लिए राहत की खबर लेकर आया है. मई 2022 से लेकर अप्रैल 2023 तक होम लोन बायर्स ने पिछले 10 महीने में होम लोन की ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी देखी है. इस कारण ग्राहकों पर ईएमआई का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है. ऐमें में सवाल यह उठता है कि अप्रैल और जून में लगातार दो बार मौद्रिक नीति में स्थिरता इस बात का संकेत है कि क्या आरबीआई जल्द ही अपनी रेपो रेट में कटौती कर सकता है?
ब्याज दरों में बढ़ोतरी से पड़ा बुरा असर
गौरतलब है कि जैसे-जैसे आरबीआई ने अपनी रेपो रेट में बढ़ोतरी की है वैसे-वैसे बैंकों ने भी अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लैंडिंग रेट्स और बेंचमार्क लैंडिंग रेट्स में बढ़ोतरी में भी की है. इसका असर ग्राहकों की ईएमआई पर सीधे तौर पर पड़ा है. उदाहरण के तौर पर अगर आपने किसी बैंक से 40 लाख रुपये का लोन 20 वर्ष के लिए लिया है उसका ब्याज दर 7 फीसदी था तो ऐसे में रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद यह दर 9.5 फीसदी हो गई होगी. ऐसे में इस लोग पर आपको ब्याज दर के रूप में 34.4 लाख रुपये के बजाय 49.48 लाख रुपये का शुल्क देना होगा. ऐसे में आपकी कुल देय ब्याज में 44 फीसदी तक की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. वहीं अगर आप बढ़ती ईएमआई के बोझ से परेशान होकर इस लोन को 20 के बजाय 30 साल तक के लिए बढ़ा देते हैं तो आपको 81.08 लाख रुपये ब्याज के रूप में देना होगा. ऐसे में आपकी कुल देय ब्याज में 136 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी. इस कारण ही एक्सपर्ट्स लोगों को टेन्योर बढ़ाने के बजाय ज्यादा ईएमआई देने की सलाह देते हैं.
क्या आरबीआई कम करेगा रेपो रेट?
रिजर्व बैंक ने पिछले एक साल में रेपो रेट में पूरे 2.50 फीसदी की बढ़ोतरी की है. आरबीआई द्वारा अपनाए गए सख्त रवैये के पीछे मुख्य कारण यह है महंगाई. रिजर्व बैंक खुदरा महंगाई दर को 2 से 6 फीसदी के बीच में लगाने की कोशिश कर रहा है. अप्रैल 2022 में देश में खुदरा महंगाई दर 7.79 फीसदी तक पहुंच गई थी. ऐसे में रिजर्व बैंक ने इसके बाद लगातार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है. अप्रैल 2023 में देश की खुदरा महंगाई दर गिरकर 4.7 फीसदी पर आ गई है. ऐसे में यह 18 महीने में सबसे कम महंगाई का आंकड़ा है. आरबीआई का अनुमान है कि यह दर मई 2023 तक गिरकर 4 तक पहुंच सकती है. वहीं वित्त वर्ष 2023 में केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने की संभावना है. ऐसे में एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि आगे आने वाले दिनों में आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोतरी पर तो विचार नहीं कर सकता है, लेकिन इसे कम करने के लिए वह महंगाई के आंकड़ों पर पैनी नजर रखेगा. रेपो रेट की दरें कम होगी या नहीं यह केवल इस बात पर निर्भर करेगा की आगे आने वाले वक्त में देश में खुदरा महंगाई दर कितनी रहती है.
होम लोन बायर्स पर क्या पड़ेगा असर?
रेपो रेट में स्थिरता निश्चित रूप से हो बायर्स के लिए बहुत अच्छी खबर है. इससे उन्हें बढ़ते ब्याज दर के बोझ से राहत मिलेगी. ध्यान देने वाली बात ये है कि ब्याज दर किसी बायर के हाथ में नहीं होती है, लेकिन अगर आपके लोग पर ईएमआई बढ़ रही है तो आप उसे घटाने के लिए अपने टेन्योर को बढ़ाने की गलती न करें. इसके बजाय आप ज्यादा ईएमआई ही दे क्योंकि इससे आपको लोन पर ज्यादा ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा.
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सोने में निवेश करने वालों के लिए खुशखबरी, जारी हुआ ऐसा आंकड़ा सुनकर ख़ुशी होगी
Gold ETF Investment: गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है. गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) में मई में 103 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ था। अनिश्चितता के दौर में निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प मान रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले अप्रैल में, गोल्ड-ईटीएफ में मार्च में 266 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की तुलना में 124 करोड़ रुपये का शुद्ध प्रवाह प्राप्त हुआ था।मई में थोड़ा कम निवेश
विशेषज्ञ मई में थोड़े कम निवेश का श्रेय लाभप्रदता को देते हैं। मॉर्निंगस्टार इंडिया के विश्लेषक मेल्विन संतारिता ने कहा कि अमेरिकी सरकार द्वारा ऋण सीमा में बढ़ोतरी के संबंध में सकारात्मक खबरों के कारण मई के दूसरे पखवाड़े में सोने की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से गिर गईं। इससे निवेशकों को खरीदारी के कुछ मौके मिले।सोने की कीमतें अभी भी रिकॉर्ड स्तर पर हैं
उन्होंने कहा कि कुछ निवेशकों ने लाभ या जोखिम लेने का विकल्प चुना, हालांकि सोने की कीमतें ऊंची बनी रहीं। गोल्ड-ईटीएफ के प्रबंधन के तहत संपत्ति मई के अंत में बढ़कर 23,128 करोड़ रुपये हो गई, जो अप्रैल के अंत में 22,950 करोड़ रुपये थी।14 गोल्ड ईटीएफ में 653 करोड़ रुपये का निवेश किया
वित्त वर्ष 2022-23 में 14 गोल्ड ईटीएफ में 653 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि एक साल पहले 2,541 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। वित्त वर्ष 2019-20 में गोल्ड ईटीएफ में 1,614 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। इससे पहले लगातार कई सालों तक गोल्ड ईटीएफ से निकासी का सिलसिला चलता रहा था।गोल्ड ईटीएफ क्या है?
गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) एक निवेश वाहन है, जो सोने की कीमत के जोखिम को कवर करता है। गोल्ड ईटीएफ का स्टॉक एक्सचेंजों पर कारोबार होता है, जिससे निवेशक पूरे कारोबारी दिन में शेयर खरीद और बेच सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ की अंतर्निहित संपत्ति में भौतिक सोना या सोने की कीमत से जुड़े डेरिवेटिव अनुबंध शामिल हैं। -
आधार में हेरफेर कर इन अकाउंट से निकाल लिए गए करोड़ों
प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) यानी पीएफ सामाजिक सुरक्षा का बड़ा आधार है. यह कई बार आपातकालीन स्थितियों में जरूरत पड़ने पर बहुत काम का साबित होता है. इसके अलावा रिटायरमेंट के बाद के जीवन को भी इससे सुरक्षा मिलती है. लेकिन क्या हो, अगर कोई आपके पीएफ अकाउंट (PF Account) को खाली कर दे?
हैरान कर देगा ताजा मामला
यह कोई बेतुका सवाल भी नहीं है. इससे जुड़ा एक ऐसा ताजा मामला सामने आया है, जिसे जानने के बाद आप न सिर्फ हैरान होंगे, बल्कि परेशान भी हो जाएंगे. इस मामले में सीबीआई ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो आधार कार्ड (Aadhaar Card) से जुड़ी जानकारियों के साथ हेरफेर कर दूसरों के पीएफ अकाउंट से पैसे निकाल लेता था. गिरफ्तार व्यक्ति के ऊपर आरोप है कि उसने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर इस तरीके से करोड़ों रुपये की निकासी की.
ऐसे लोग बने गिरोह के शिकार
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में सीबीआई के अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है. अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के प्रियांशु कुमार नामक व्यक्ति ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इसे अंजाम दिया है. आरोपियों ने ऐसे लोगों को निशाना बनाया, जिन्होंने अभी तक अपने ईपीएफ अकाउंट को आधार से लिंक नहीं किया था. ऐसे लोगों के पीएफ अकाउंट से आरोपियों ने मिलकर करोड़ों रुपये निकाल लिए.
करीब 2 करोड़ रुपये का फ्रॉड
रिपोर्ट के अनुसार, प्रियांशु कुमार और उसके सहयोगियों ने 11 पीएफ अकाउंट से 1.83 करोड़ रुपये निकाले. उन्होंने ये निकासी करने के लिए 39 फर्जी दावे किए. इस मामले में सीबीआई ने पिछले साल आठ फरवरी को सात प्रतिष्ठानों और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया था. सीबीआई ने यह मामला ईपीएफओ की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था. ईपीएफओ ने वास्तविक लाभार्थियों के पीएफ अकाउंट से गलत तरीके से पैसे निकालने के लिए पहचान चुराने से जुड़ी शिकायत की थी.
इस कारण हुआ गड़बड़ी का शक
प्रियांशु कुमार और उसके गिरोह ने नागपुर, औरंगाबाद, पटना और रांची जैसे शहरों में प्रतिष्ठानों का पंजीकरण कराया था. उनमें बिना किसी मैनुअल वेरिफिकेशन के पीएफ कवरेज लिए गए थे. जब जांच की गई तो पता चला कि इन प्रतिष्ठानों के साथ लिंक्ड यूनिक अकाउंट नंबर्स की संख्या योगदान देने वाले कुल अकाउंट की संख्या से ज्यादा थी. इस से फ्रॉड का संदेह पुख्ता हुआ.
गिरोह का मोडस ओपरांडी
सीबीआई के अनुसार, ये लोग अपने प्रतिष्ठानों में ऐसे लोगों के यूएएन को रजिस्टर कर लेते थे, जो वास्तव में पीएफ अकाउंट के लाभार्थी हैं. लाभार्थियों को सिर्फ एक दिन के लिए अपने प्रतिष्ठान का कर्मचारी दिखा दिया जाता था. इससे संबंधित प्रतिष्ठानों को केवाईसी के डिटेल्स को बदलने का अधिकार मिल जाता था. इसके बाद गिरोह आधार की जानकारियों के साथ हेर-फेर करता था और असली लाभार्थियों के नाम पर निकासी का दावा कर देता था. इस तरह से वे दूसरों के पीएफ अकाउंट से पैसे निकाल ले रहे थे.
तलाशी में मिले कई सबूत
एजेंसी की खबर के अनुसार, सीबीआई ने इस मामले में बिहार, झारखंड और दिल्ली में गिरोह से जुड़े आठ परिसरों की तलाशी ली थी, जिसमें कई डॉक्यूमेंट, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक जैसे सबूत बरामद हुए थे. सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि एक विशेष अदालत ने गिरफ्तार किए गए प्रियांशु कुमार को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
बचने के लिए क्या करें
डिजिटल होते दौर में फ्रॉड करने के तौर-तरीके बदल रहे हैं. हालांकि इस तरह के फ्रॉड की आशंकाओं को सजगता से बहुत कम किया जा सकता है. सबसे पहले तो सिक्योरिटी के मौजूद उपायों पर अमल करना चाहिए. अगर आपका भी पीएफ अकाउंट है और आपने अब तक उसे आधार से लिंक नहीं किया है तो बिना देरी के यह काम कर लें. आधार से लिंक होने की स्थिति में बिना आपकी सहमति के क्लेम कर पाना काफी मुश्किल हो जाएगा. दूसरी बात कि पीएफ अकाउंट को बीच-बीच में चेक करते रहना चाहिए. कुछ भी गड़बड़ी की आशंका लगे तो तत्काल ईपीएफओ को सूचित करना चाहिए.
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TATA Group के इन टॉप एग्जीक्यूटिव की चांदी
Tata Group: दुनियाभर के कंपनियों में इस समय मंदी की आहट के चलते कड़े फैसले लिए जा रहे हैं, छंटनी से लेकर कर्मचारियों-एंप्लाइज की सैलरी में कटौती की खबरें आ रही हैं. ऐस में देश के टाटा ग्रुप ने अपने टॉप एग्जीक्यूटिव को शानदार सैलरी हाईक का तोहफा दिया है. देश के 22 लाख करोड़ रुपये के टाटा ग्रुप में टॉप एग्जीक्यूटिव की आय में 16-60 फीसदी तक का शानदार इजाफा देखा गया है.
टाटा ग्रुप की इन कंपनियों के टॉप एग्जीक्यूटिव को मिला शानदार पे हाईक
टाटा ग्रुप के इंडियन होटल्स, (IHCL), टाटा पावर, ट्रेंट और टाटा कंज्यूमर जैसे हाई-ग्रोथ बिजनेस के टॉप एग्जीक्यूटिव को आय के मामले में देश के कई ग्रुप की तुलना में शानदार सैलरी हाईक मिला है. टाटा संस को देश के इतिहास में सबसे तेजी से ग्रोथ हासिल करने वाला ग्रुप बनाने के क्रम में 97 अरब डॉलर के सेल्स रेवेन्यू की ग्रोथ हासिल हुई है. साथ ही इसकी एंटिटीज में 20 फीसदी की जबरदस्त ग्रोथ देखी गई है. इकनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक ये खबर निकलकर आई है.
पे हाइक में क्या-क्या है शामिल
सभी के लिए भी इस सैलरी हाईक के अंतर्गत टोटल पैकेज सैलरी, कमीशन और अन्य बेनेफिट्स के साथ-साथ प्रीक्व्जिट्स भी शामिल रहे हैं. कंपनी के कैश फ्लो में बढ़ोतरी के असर से इसमें इजाफा देखा गया है. टाटा ग्रुप के जिन टॉप एग्जीक्यूटिव्स को जबरदस्त सैलरी हाईक मिला है उनमें राजेश गोपीनाथन का भी नाम शामिल है जो टाटा कंसलटेंसी सर्विस (टीसीएस) के पूर्व सीईओ रहे हैं.
जानें किन-किन टॉप एग्जीक्यूटिव्स की सैलरी में हुआ जबरदस्त इजाफा
ट्रेंट के पी वेंकटेशलू की सैलरी में 62 फीसदी का शानदार इजाफा देखा गया है.
इंडियन होटल्स के पुनील चटवाल की आय में 37 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है.
टाटा कंज्यूमर के सुनील डीसूजा की सैलरी में 24 फीसदी का इजाफा देखा गया है.
टाटा कैमिकल्स के आर मुकुंदन की सैलरी में 16 फीसदी का इजाफा देखा गया है.
टाटा पावर के प्रवीर सिन्हा की सैलरी में 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
टीसीएस के राजेश गोपीनाथन की सैलरी में 13 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है.