Category: business

  • ऐसे मिल सकता है कार पर लोन अगर पड़े पैसों की अचानक जरूरत

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    किसी खास जरूरत के लिए पैसों का इंतजाम करने के लिए कई बार लोगों के सामने अपनी कार तक बेचने की नौबत आ जाती है। पर क्या आप जानते हैं कि आप कार की ऐवज में लोन भी ले सकते हैं? इसके लिए आपको बतौर सिक्यॉरिटी कार रखा जाता है और झट से आपको पैसे मिल जाते हैं। आइए जानें, कार के अगेन्स्ट लोन लेने के लिए आपको क्या-क्या करना होता है।

    सबसे पहले फॉर्म भरें

    कार पर लोन लेने के लिए बैंक या फाइनैंस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर अप्लाई करना होगा। ऐप्लिकेशन फॉर्म में कार के मॉडल, मेकिंग ईयर और लोन की जरूरत का कारण आदि की जानकारी देनी होगी। फॉर्म सबमिट करने के बाद बैंक या फाइनैंस कंपनी का अधिकारी वेरिफिकेशन और अन्य औपचारिकताओं के लिए आपसे संपर्क करेगा। आपसे जरूरी डॉक्युमेंट्स मांगे जाएंगे।

    कौन-से दस्तावेज देने होंगे?

    ऐप्लिकेशन फॉर्म के साथ आपको बैंक डीटेल के साथ तीन साल के ITR की कॉपी और बैंक स्टेटमेंट आदि से जुड़े दस्तावेज देने होंगे। साथ ही KYC के लिए पहचान पत्र और रेजिडेंस प्रूफ भी देना होगा।

    कैसे प्रॉसेस होगा लोन?

    फॉर्म और जरूरी दस्तावेज प्राप्त होने के बाद बैंक या फाइनैंस कंपनियां वेरिफिकेशन और आपकी कार का वैल्युएशन प्रॉसेस पूरा करेंगी। यानी कार की मौजूदा वैल्यू का आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि आपको कितना लोन दिया जा सकता है।

    कितने दिनों के लिए लोन, क्या चार्जेस?

    कार पर अमूमन 18 से 60 महीनों के लिए लोन जारी किया जाता है। इसके लिए आपको प्रोसेसिंग फीस और डॉक्युमेंट चार्जेस का भुगतान करना पड़ता है। खास बात यह है कि कार पर लोन लेने के लिए आपको किसी गारंटर की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि कार खुद सिक्यॉरिटी होती है।

  • Indian railways: अब वेटिंग टिकट का झंझट होगा खत्म , ट्रेन चलेगी आपकी डिमांड पर

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    ट्रेन में सफर करते हैं तो रेलवे आपको बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रहा है। ये तोहफा मिलने के बाद जो आपको घंटों-घंटों तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है, वो नहीं करना पड़ेगा। अब आपको ट्रेन ऑन डिमांड की सुविधा मिलेगी। चलिए तो हम आपको रेलवे के इस फैसले से अपडेट कर देते हैं।

    खबरों के अनुसार, रेलवे अगले 4 साल में दिल्ली मुंबई और दिल्ली हावड़ा मार्ग पर मांग के मुताबिक, ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। इससे ये फायदा होगा कि आपको वेटिंग लिस्ट के झंझट से मुक्ति मिलेगी। इसकी जानकारी खुद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने दी है।

    हालांकि, उन्होंने ये कहा कि समर्पित माल गलियारे (DFC) के 2021 तक बनने के बाद ही ऐसा हो पाएगा। 2021 तक माल गलियारे का निर्माण पूरा होने के बाद रेललाइनों से मालगाड़ी हट जाएंगी। इससे फायदा ये होगा कि इन रेललाइनों पर ज्यादा रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी।

    यादव ने आगे बताया कि उत्तर-दक्षिण (दिल्ली-चेन्नई) पूर्व-पश्चिम (मुंबई-हावड़ा) और खड़गपुर-विजयवाड़ा के लिए जो माल गलियारा समर्पित है उनपर काम चल रहा है। साथ ही, बताया कि एक साल के अंदर-अदर लोकेशन सर्वे का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीएफसी की लंबाई करीब 6,000 किलोमीटर होगी और इसका काम 10 साल में पूरा हो जाएगा। वीके यादव ने कहा कि जैसे ही ये काम पूरा हो जाएगा इसके बाद हमारे पास ज्यादा क्षमता होगी और इससे हम ज्यादा रेलगाड़ियां चला सकेंगे।

     

  • एयर फेयर बढ़ा फेस्टिव सीजन के लिए, लेकिन रहेगा’लिमिट’ में

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    अक्टूबर से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन के लिए हवाई यात्रा के किराए इस महीने के मुकाबले बढ़ गए हैं। ये पिछले साल के त्योहारी सीजन के मुकाबले भी ज्यादा हैं। एयरलाइन और ट्रैवल कंपनियों के एग्जिक्यूटिव्स ने हालांकि कहा कि सैर-सपाटे से जुड़ी डिमांड में दिख रही सुस्ती के कारण एयर फेयर अप्रैल-जून तिमाही में दिखे ऊंचे स्तरों से कम ही रहेंगे। जेट एयरवेज का कामकाज ठप होने के कारण जून तिमाही में कपैसिटी घट गई थी और टिकटों के दाम उछल गए थे।

    ट्रैवल पोर्टल क्लियरट्रिप के हेड (एयर ट्रैवल बिजनस) बालू रामचंद्रन ने कहा, ‘पिछले साल के मुकाबले इस बार त्योहारी सीजन यानी दिवाली और दशहरा के दौरान यात्रा के लिए करंट बुकिंग्स करीब 6 प्रतिशत ज्यादा हैं।’

    मेकमायट्रिप के एक प्रवक्ता ने कहा कि पोर्टल के डेटा के अनुसार, दिवाली सीजन के लिए ट्रैवल बुकिंग्स और किराए में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिख रही है। हालांकि एयरलाइन एग्जिक्यूटिव्स ज्यादा उत्साहित नहीं दिखे। इसका मतलब यह है कि यात्रियों के लिए स्थिति अच्छी है क्योंकि यात्रा पर उनकी जेब ज्यादा ढीली नहीं होगी। एक सीनियर एयरलाइन एग्जक्यूटिव ने कहा, ‘किराए और लोड/बुकिंग्स में मुझे सीधा संबंध दिख रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘जिन्होंने किराए बढ़ाए हैं, उनकी बुकिंग्स घटी हैं। जिन्होंने किराए कम रख हैं, उनकी बुकिंग्स ज्यादा हो सकती हैं, लेकिन रेवेन्यू के लिहाज से ये ज्यादा नहीं हैं। जून तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू ग्रोथ कमजोर ही दिख रही है।’

    जेट का कामकाज 17 अप्रैल को बंद हुआ था। इससे सिस्टम से 500 से ज्यादा डेली फ्लाइट्स कम हो गई थीं। जून और जुलाई तक एयर फेयर पिछले साल से 25 प्रतिशत ज्यादा थे। यह ट्रेंड अगस्त तक बना रहा। उस समय तक एयरलाइंस को जेट एयरवेज के अधिकतर स्लॉट्स अस्थायी तौर पर दे दिए गए थे।

    ओवरऑल नेगेटिव सेंटीमेंट के कारण देश में कन्जम्पशन घटा है। यह ट्रेंड खासतौर से ऑटोमोटिव सेक्टर में दिखा है। इसके एयर ट्रैवल इंडस्ट्री को भी चपेट में लेने का डर है, खासतौर से लीजर सेगमेंट में। एक लो-फेयर करियर के सीनियर एग्जिक्यूटिव ने कहा, ‘सितंबर में दिल्ली-मुंबई के लिए किराया 2500 रुपये है। इस एक महीने ने पिछले महीनों में हासिल बढ़त के अधिकांश हिस्से पर हाथ साफ कर दिया है। हम तो यही दुआ कर रहे हैं कि यील्ड्स के लिहाज से फेस्टिव सीजन बेहतर हो। हालांकि अभी तो हालात ऐसे नहीं दिख रहे हैं।

  • Vivo V17 Pro:Rs 999 में करें 6 कैमरे वाले स्मार्टफोन को प्री-बुक, मिलेगा कैशबैक ऑफर

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    Vivo V17 Pro को कल भारत में लॉन्च किया जाएगा। इस स्मार्टफोन के लिए प्री-बुकिंग शुरू कर दी गई है। यूजर्स इस स्मार्टफोन के प्री-बुकिंग के साथ कैशबैक का भी लाभ ले सकते हैं। 91mobiles की रिपोर्ट के मुताबिक, Vivo V17 Pro की प्री-बुकिंग कराने पर यूजर्स को HDFC, ICICI और HDB बैंक के अलावा बजाज फिनसर्व के जरिए 10 फीसद तक का कैशबैक ऑफर किया जा रहा है। साथ ही यूजर्स को Rs 5,000 तक का कैशबैक ऑफर किया जा रहा है। प्री-बुकिंग स्किम 27 सितंबर तक वैध है, जिसमें यूजर्स को केवल Rs 999 का भुगतान करना होगा।  Vivo V17 Pro को ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart पर लिस्ट कर दिया गया है, जहां इसके कई फीचर्स बताए गए हैं।

    Vivo V17 Pro के संभावित फीचर्स

    Flipkart पर लिस्ट हुए फीचर्स की बात करें तो इसके बैक में हाल ही में लॉन्च हुए Realme 5 सीरीज, Realme XT, OPPO Reno2 सीरीज और OPPO A9 2020 की तरह क्वॉड रियर कैमरा दिया जाएगा। Vivo V17 Pro का लुक हाल ही में लॉन्च हुए Vivo S1 की तरह मिलता है। Vivo V17 Pro का कैमरा सेट अप इस साल लॉन्च हुए फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स की तरह ही होगा।

    Vivo V17 Pro में चार रियर कैमरे दिए जा सकते हैं, जिसमें 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर, 8 मेगापिक्सल का वाइड एंगल सेंसर, 2 मेगापिक्सल का बोकेह सेंसर और 13 मेगापिक्सल का 2X ऑप्टिकल जूम सेंसर दिया जा सकता है। इसके फ्रंट में दो सेल्फी कैमरे दिए जा सकते हैं, जिसमें 32 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेल्फी कैमरा और 8 मेगापिक्सल का वाइड एंगल पॉप-अप सेल्फी कैमरा दिया जा सकता है। इसका पॉप-अप सेल्फी मैकेनिजम Vivo V15 Pro के मुकाबले ज्यादा बेहतर हो सकता है।

    Vivo V17 Pro में 6.44 इंच की सुपर AMOLED स्क्रीन दी जा सकती है और साथ ही इसमें सिक्युरिटी के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया जा सकता है। फोन एंड्रॉइड 9 पाई ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित FuntouchOS पर काम कर सकता है। इसके अलावा इसमें USB Type C चार्जिंग सपोर्ट दिया जा सकता है।

     

  • जानें, म्यूचुअल फंड निवेशकों पर सेंसेक्स की बड़ी उछाल का क्या होगा असर?

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    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती के बड़े ऐलान के बाद शेयर मार्केट झूम उठा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कॉर्पोरेट टैक्स के साथ अन्य राहत के लिए सरकार 1.45 लाख करोड़ खर्च करेगी। वित्त मंत्री ने कॉर्पोरेट टैक्स को 30 प्रतिशत के घटाकर 22 फीसदी करने का ऐलान किया है जो कि जीडीपी का 0.7 प्रतिशत है (1.45 ट्रिलियन) है। शेयर मार्केट ने इस ऐलान पर तुरंत मोहर लगाते हुए उड़ान भरनी शुरू कर दी। सेंसेक्स में 2200 अंकों की उछाल देखी गई और यह 1921 अंकों की उछाले के साथ 38,014.62 पर बंद हुआ।
    इसके बाद जाहिर सी बात है कि इक्विटी इन्वेस्टर खुश हैं और इनमें इक्विटी म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर भी शामिल हैं। फंड अडवाइजर और फाइनैंशल प्लानर एसआर श्रीनिवास का कहना है, ‘यह इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। लेकिन लॉन्ग टर्म में आपके रिटर्न पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह मार्केट के सेंटिमेंट्स के हिसाब से अच्छा है।’

    इसके अलावा वित्त मंत्री ने 1 अक्टूबर के बाद की मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए टैक्स की दर 15 पर्सेंट रखने का ऐलान किया है। इसके अलावा इक्विटी गेन की सेल पर सरचार्ज हटाने और MAT दर को 18.5 प्रतिशत के घटाकर 15 फीसदी करने का ऐलान किया गया।

    सरकार के ये कदम निवेश दरों के लिए कैटलिस्ट की तरह काम करेंगे। कॉर्पोरेट कमाई बढ़ने से ग्राहकों को भी लाभ मिलेगा और इससे मांग में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर भी आकर्षित होंगे। ऐक्सिलेंट इन्वेस्टरर अडवाइजर पुनीत कुमार का कहना है, ‘मार्केट में कुछ समय के उछाल या गिरावट को देखकर निवेश की रणनीति में बदलाव नहीं करना चाहिए। मार्केट का उछलना या गिरना निवेश का हिस्सा है। अगर मार्केट में उछाल आती है तो आपके निवेश का ज्यादा रिटर्न मिलेगा।’

  • प्याज का तड़का पड़ेगा महंगा, पहुंचे दाम 60 रुपये किलो

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    थाली में प्याज का तड़का लोगों को कुछ महीनों तक अब महंगा पड़ेगा। देश के सबसे बड़े थोक बाजार लासलगांव एपीएमसी में प्याज का औसत थोक दाम गुरुवार को 1,000 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। प्याज के दाम चार साल में पहली बार इस तरह की ऊंचाई को छू रहे हैं। इससे पहले साल 2015 को प्याज के दाम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

    साल 2015 में 16 सितंबर को प्याज का थोक दाम 4,300 रुपये प्रति किलो था। उसी साल 22 अगस्त को देश के इतिहास में प्याज के थोक दाम में सबसे ज्यादा इजाफा देखा गया था। आपकी थाली का स्वाद बढ़ाने वाले प्याज के दाम 5,700 रुपये प्रति किलो पर पहुंचे गए थे।

    देश की राजधानी दिल्ली में भी लोग प्याज के बढ़े दाम की वजह से परेशान हैं। बारिश के चलते आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से प्याज की नई खेप मंडियों तक पहुंची ही नहीं है। महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश के किसानों के पास पहले के जो स्टॉक उनके घरों में है, वही स्टॉक मंडियों में आ रहे हैं। इसलिए कीमतों में पिछले कुछ दिनों से बढ़ोतरी हो रही है।

    आजादपुर मंडी में गुरुवार को प्याज की होलसेल कीमत 35 से 45 रुपये प्रति किलो रही। मंडी में प्याज की कीमत में 5 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लोकल मार्केट में प्याज 55-60 रुपये/किलोग्राम के हिसाब से मिल रहे हैं।

    3 महीने तक कम नहीं होगी कीमत
    आजादपुर मंडी ओनियन ट्रेडर्स असोसिएशन के पदाधिकारी श्रीकांत के अनुसार प्याज की सप्लाई काफी कम है। इस मौसम में नई फसल का स्टॉक आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से आता है। लेकिन, बारिश के चलते प्याज का स्टॉक खराब हो चुका है। इससे इन दोनों राज्यों से प्याज न के बराबर आ रहा है। मंडियों में नासिक, अलवर और मध्य प्रदेश से आए हुए प्याज के पुराने स्टॉक हैं। प्याज की डिमांड अधिक है। इसके चलते ही कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। महाराष्ट्र और राजस्थान से प्याज की नई खेप नवंबर तक आएगी। करीब दो-तीन महीनों तक प्याज की कीमतों में कमी के आसार नहीं दिख रहे हैं।

    होलसेल में प्याज 45 रुपये किलो
    प्याज व्यापारियों का कहना है कि दो दिन पहले तक लोकल मंडियों में प्याज 30-35 रुपये/ किलोग्राम बिक रही थी, लेकिन आवक में कमी के कारण अब यही प्याज 55-60 रुपये/ किलोग्राम हो गई है। आने वाले दो-तीन महीनों तक प्याज की कीमतों में कमी होने के आसार नहीं दिख रहे है। महाराष्ट्र और राजस्थान में प्याज की नई फसल का खेप नवंबर तक दिल्ली के मंडियों में आएगा, तब तक कीमतों में कमी मुश्किल है।

  • एक ही दिन में निवेशकों ने कमाए 7 लाख करोड़, शेयर बाजार में उछाल

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    वित्त मंत्री के बड़े ऐलानों के बाद शेयर बाजार में दिन भर ‘दिवाली’ का माहौल रहा। सरकार के उपहार से खुश बाजार 2200 अंक तक उछल गया और 1921.15 अंक चढ़कर बंद हुआ। कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती और कैपिटल गेन्स टैक्स सरचार्ज की छूट से खुश निवेशकों ने एक घंटे में 5 करोड़ बनाए तो बीएसई में लिस्टेड शेयरों ने दिनभर में लगभग 7 लाख करोड़ की कमाई कर ली।

    बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवदी सूचकांक 1,921.15 पॉइंट चढ़कर 38,014.62 पर बंद हुआ। दिनभर में सेंसेक्स ने 2284.55 अंक के आंकड़े को छुआ। बीएसई के डेटा के मुताबिक लिस्टेड कंपनियों का कैपिटल एक ही दिन में बढ़कर 145 लाख करोड़ पर पहुंच गया जो कि गुरुवार को 138 लाख खरोड़ था। निफ्टी भी 11 हजार के पार पहुंचकर बंद हुआ।

    वित्त मंत्री के ऐलानों के बाद कंपनियां बेहद खुश हैं साथ ही विदेशी निवेशकों ने भी इन फैसलों का स्वागत किया है। जानकारों का का मानना है कि अगर कंपनियों को फायदा होगा तो वह लाभ अपने ग्राहकों के बीच भी ट्रांसफर करेंगी और इससे मांग में बढ़ोतरी होगी जो कि आर्थिक सुस्ती का सबसे बड़ा कारण है।

    कैपिटल मार्केट में फंड के प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में बढ़ाया गया सरचार्ज इक्विटी शेयरों की बिक्री से हुई आमदनी पर नहीं देना होगा। इस छूट के दायरे में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक(FPIs) भी आएंगे जो डेरिवेटिव्स में कारोबार करते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि कटौती के बाद सेस और सरचार्ज जोड़कर प्रभावी कॉर्पोरेट टैक्स दर 25.17 पर्सेंट हो जाएगी, जो पहले 30 पर्सेंट थी।

    पहले कॉर्पोरेट टैक्स की प्रभावी दर 34.94 प्रतिशत थी। इसके अलावा मिनिमम ऑल्टरनेटिव टैक्स(MAT) में भी कटौती की गई है। टैक्स कटौती के इन ऐलानों से सरकारी खजाने पर 1.45 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।

  • GST काउंसिल की बैठकः क्या मिलेगा तोहफा रेट कट का, सुस्त इकॉनमी को मिलेगी रफ्तार?

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    गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल आज कई मुद्दों पर विचार करेगी। काउंसिल की बैठक गोवा में होगी, जिसमें सुस्त हो रही अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई आइटमों पर टैक्स कट का ऐलान किया जा सकता है। आइए नजर डालें कि इस बैठक का मुख्य अजेंडा क्या है और किन चीजों पर रेट कट मिलने की संभावनाएं हैं।

    बैठक में होगी इन मुद्दों पर चर्चा
    यह GST काउंसिल की 37वीं बैठक होगी, जिसमें 15वें वित्त आयोग से राय ली जाएगी और रेवेन्यू की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, लॉ कमिटी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी और कई मदों पर रेट कट का ऐलान किया जाएगा। फर्जी इनवॉइस और रिफंड के बारे में चर्चा होगी। बैठक में नए रिटर्न सिस्टम, इंटीग्रेटेड रिफंड सिस्टम, इलेक्टॉनिक इनवॉइस, GST रजिस्ट्रेशन की आधार के साथ लिंकिंग, जम्मू कश्मीर और लद्दाक के नए केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद जीएसटी कानून में बदलाव आदि पर विचार होगा।

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    GST रेट से जुड़े संभावित फैसले
    20 आइटमों के लिए बदल सकता है GST रेट
    3 आइटमों पर बदल सकता है कम्पेंसेशन सेस
    9 आइटमों पर स्पष्टीकरण
    10 आइटमों को आगे जांच के लिए छोड़ा जा सकता है
    167 आइटमों पर बदलाव न करने की सिफारिश
    30 आइटमों को लेकर तस्वीर साफ नहीं


    आउटलुक

    रेट में बदलाव से जुड़ा फैसला आमदनी से जुड़ा होगा
    GST से होने वाली आमदनी उम्मीद से कम
    ऑटो सेक्टर में रेट कट की गुंजाइश कम क्योंकि इंडस्ट्री के भीतर से ही इसके खिलाफ होने की आवाजें उठीं

  • शेयर बाजार में दिवाली कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती से, निवेशकों ने बनाए 1 घंटे में 5 लाख करोड़

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    घरेलू कॉर्पोरेट जगत और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन के राहत वाले बड़े ऐलानों के चलते शेयर बजार में ‘दिवाली’ का माहौल है। सरकार के इस गिफ्ट से खुश बाजार शुक्रवार दोपहर एक समय 2000 अंक तक उछल गया। कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती और कैपिटल गेन्स टैक्स सरचार्ज की छूट से खुश हुए शेयर बाजार में निवेशकों ने एक घंटे के भीतर 5 लाख करोड़ रुपये बना लिए।

    घंटे भर में ही निवेशकों ने बनाए 5 लाख करोड़ रुपये

    बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE के डेटा के मुताबिक, ऐलानों के तुरंत बाद बाजार चढ़ने लगा और कुछ ही देर में मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCap) 143.45 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो गुरुवार को 138.54 लाख करोड़ रुपये था। यानी करीब 5 लाख करोड़ की बढ़त। बीएसई का सेंसेक्स नए रेकॉर्ड बनाता जा रहा है। सेंसेक्स में एक दिन में 2000 से ज्यादा पॉइंट्स की तेजी इससे पहले करीब 10 साल पहले देखी गई थी। वहीं, निफ्टी 50 भी 500 अंक से ज्यादा जोड़कर 11,250 के पार पहुंच गया, 10 सालों में पहली बार का इंट्राडे हाई है।

    मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बनेगा ज्यादा ऑकर्षक: एक्सपर्ट
    ऐनालिस्ट्स का कहना है कि ऐलानों का असर निफ्टी की प्रति शेयर आमदनी(Earnings per share यानी EPS) पर पड़ेगी। कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग फर्म के सीईओ राजीव सिंह ने कहा, ‘बैंकिंग, FMCG, कन्ज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटो कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। 15 पर्सेंट टैक्स की वजह से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ज्यादा आकर्षक होगा। कॉर्पोरेट टैक्स में ऐसे समय में कटौती का ऐलान किया गया है जब दुनिया में ट्रेड वॉर चल रहा है।’

    इफेक्टिव कॉर्पोरेट टैक्स 34.95% की जगह अब 25.17%
    कैपिटल मार्केट में फंड के प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में बढ़ाया गया सरचार्ज इक्विटी शेयरों की बिक्री से हुई आमदनी पर नहीं देना होगा। इस छूट के दायरे में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक(FPIs) भी आएंगे जो डेरिवेटिव्स में कारोबार करते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि कटौती के बाद सेस और सरचार्ज जोड़कर प्रभावी कॉर्पोरेट टैक्स दर 25.17 पर्सेंट हो जाएगी, जो पहले 30 पर्सेंट थी। पहले कॉर्पोरेट टैक्स की प्रभावी दर 34.94 प्रतिशत थी। इसके अलावा मिनिमम ऑल्टरनेटिव टैक्स(MAT) में भी कटौती की गई है। टैक्स कटौती के इन ऐलानों से सरकारी खजाने पर 1.45 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।

    मार्केट और इकॉनमी के लिए समय से पहले दिवाली बता रहे एक्सपर्ट
    प्रभुदास लीलाधर में CEO (PMS) अजय बोडके ने कहा कि सरकार का यह कदम इकॉनमी में निवेश को बूस्ट करेगा और भारत को बिजनस के आकर्षक डेस्टिनेशन के रूप में पेश करेगा। उन्होंने आगे कहा, सरकार ने नई कंपनियों के लिए 15% के टैक्स का ऐलान कर उनके लिए रेड कार्पेट बिछा दिया है। यह कदम अरबों डॉलर के विदेशी निवेश (FDI & FII) को बढ़ावा देगा। सच्चे अर्थों में ये ऐलान दीपों के पर्व दिवाली का समय से पहले आना है, जिसकी वजह से लंबे समय से चला आ रहा अंधेरा छंट-सा गया है, जो इकॉनमी को परेशान कर रहा था।

    निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन
    शेयरखान के हेड ऑफ रिसर्च संजीव होता ने कहा, इकॉनमी को टैक्स रिफॉर्म्स की सख्त जरूरत थी और सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए कटौतियों का ऐलान किया है। इन कटौतियों की वजह से निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा कॉम्पिटिटिव बनेंगी भारतीय कंपनियां
    एक अन्य एक्सपर्ट ने कहा, ‘कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती टैक्स नेट को भी बढ़ाएगी और धीरे-धीरे सरकार की आमदनी बढ़ेगी। कुल मिलाकर, वैश्विक स्तर पर भारतीय कंपनियां ज्यादा कॉम्पिटिटव होंगी। ये कदम मार्केट सेंटीमेंट में सुधार लाएंगे और मंदी से निपटने में मददगार साबित होंगे।’

  • कंपनियों की बढ़ेगी नेट इनक मकॉर्पोरेट टैक्स में कटौती से: मूडीज

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    वित्त मंत्री के कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती सहित अन्य अहम ऐलानों के बाद एक तरफ शेयर बाजार में रौनक लौट आई तो वहीं कंपनियां इन फैसलों से काफी उत्साहित हैं। मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने शुक्रवार को कहा कि कॉर्पोरेट टैक्स दरों में कटौती से भारतीय कंपनियों की आय बढ़ेगी और यह एक अच्छा कदम है। मूडीज के सीनियर वाइस प्रेजिटेंड विकास हालन ने कहा, ‘सरकार के कॉर्पोरेट टैक्स को घटाकर 30 से 22 फीसदी करने के फैसले से कंपनियों को अच्छा फायदा मिलेगा।’ उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल इस बात पर निर्भर करती है कि वे सरप्लस का इस्तेमाल बिजनस में पुनर्निवेश, कर्ज को कम करने या शेयर होल्डर्स के ऊंचे रिटर्न पर करेंगी।

    सरकार ने अर्थव्यवस्था और निवेश में तेजी लाने के लिए कंपनी कर में कटौती और अन्य उपायों के जरिए उद्योगों को 1.45 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन देने की घोषणा की है। उद्योग जगत ने भी कहा है कि सरकार की कंपनी कर में कटौती से निवेश धारणा मजबूत होगी, विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा और अर्थव्यवस्था में नया जोश पैदा होगा। उद्योग मंडल CII के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने कहा, ‘बिना किसी छूट के कंपनी कर को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करने की उद्योग की मांग लंबे समय से रही है। यह अप्रत्याशित और साहसिक कदम है।’

    उन्होंने एक बयान में कहा, ‘वित्त मंत्री का कंपनी कर में छूट एक बड़ा कदम है। इससे निवेशकों की धारणा मजबूत होगी, विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा और अर्थव्यवस्था में नया जोश पैदा होगा।’ किर्लोस्कर ने कहा कि यह कदम यह भी संकेत देता है कि सरकार अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए सरकारी खर्चों में बढ़ोतरी के बजाए कर प्रोत्साहन का रास्ता अपना रही है। फिक्की ने कहा कि इन घोषणाओं से उद्योग जगत में नया जोश आएगा । इससे विनिर्माण क्षेत्र को भी गति मिलेगी जो कठिन दौर से गुजर रहा है। उद्योग मंडल ने कहा कि जिस प्रकार से कंपनी कर में कटौती की घोषणा की गई है, भारत अब क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बाजार बन गया है। हमारी कर की दरें आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का संगठन) देशों के अनुरूप हो गई हैं।

    फिक्की ने बयान में कहा कि इन उपायों से वृद्धि और रोजगार में तेजी आएगी। वाहन बनाने वाली कंपनियों के संगठन सियाम ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की कंपनी कर में कटौती और अन्य घोषणाओं से क्षेत्र में स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष राजन वढ़ेरा ने एक बयान में कहा, ‘एक अक्टूबर 2019 से नए निवेश करने वाली नई कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट कर की दर घटाकर 15 प्रतिशत करने से वाहन क्षेत्र में निवेश और FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) को प्रोत्साहन मिलेगा।’

    कंपनी सामाजिक जिम्मेदारी का दायरा बढ़ाकर पालना केंद्रों और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को शामिल करने से भी वाहन क्षेत्र को मदद मिलेगी। संपत्ति के बारे में परामर्श देने वाली इन्वेस्टर क्लिनिक की समूह कंपनी होम ऐंड सोल की सीईओ साक्षी कात्याल ने कहा कि घोषणा से कंपनी क्षेत्र की धारणा को बल मिलेगा।