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बजट 2023:- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने की घोषणा
बजट 2023:- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट सत्र के प्रथम दिन घोषणा की है वह डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देंगे। वहीं व्यक्ति डिजिटल लेने देने के लिए अब पहचान के तौर पर आधार कार्ड को स्वीकार किया जाएगा।इसके साथ ही अगर किसी व्यक्ति को न्याय मिलने में देरी हो रही है उसके लिए सात हजार करोड़ का आवंटन होगा। वहीं जो सीवर की सफाई अब तक इंसानों द्वारा की जाती थी अब इसे मशीन के द्वारा किया जाएगा।वहीं लैब में बनाए जाने वाले डायमंड में नौकरियां पैदा होने की संभावना है. इस मामले में आयात पर निर्भरता कम करने के लिए रिसर्च के काम को बढ़ाया जाएगा। -
दुनिया के 10 अमीरों की लिस्ट से गौतम अडानी बाहर
देश- गौतम अडानी की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते कई महिनों से वह अमीरों की लिस्ट में तीसरे नम्बर पर थे। लेकिन जैसे ही अमेरिकी वित्तीय फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आई अडानी समूह पर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े गंभीर आरोप लगने लगे। अचानक से उनके शेयर में गिरावट दर्ज हुई। अडानी समूह को करोड़ों के नुकसान से जूझना पड़ा और अब वह अमीरों की टॉप 10 लिस्ट से बाहर हो गए हैं।बीते दिनों में गौतम अडानी दुनिया के 10 अमीर लोगों की लिस्ट में टॉप 5 से बाहर हुए थे। लेकिन आज वह दुनिया के 10 अमीरों की लिस्ट से बाहर हो गए हैं। अब अमीरों की लिस्ट में गौतम अडानी 11 वें नम्बर पर पहुँच गए हैं। अमीरों की लिस्ट का यह अपडेट आज यानी 31 जनवरी को किया गया है।
आज के शुरुआती कारोबार की बात करें तो आज अडानी ग्रुप ने शेयर बाजार में 2 फीसदी का उछाल मारा। वहीं आज अडानी ग्रुप के इंटरप्राइजेज के बीस हज़ार करोड़ के एफ़पीओ का आख़िरी दिन भी है। बता दें 24 जनवरी को अडानी ग्रुप को 65 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।
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बजट के भाषण में निर्मला सीतारमण ने कही बड़ी बात
देश:- बजट भाषण की शुरुआत करते ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमृत काल का जिक्र किया है। वह बोली यह अमृत काल का पहला बजट है। आज बजट देश हित को साधता है। बजट की जो छवि बनाई गई है वह विकास के संदर्भ में है। इसमे हर किसी के विकास का ध्यान रखा गया है।वह आगे बोलीं भारत अब बदल रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। भारत का विकास हो रहा है। विकास के हर तमगे पर हम चमक रहे हैं। आज हम विकास के उचित मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। -
क्या रहा बजट का मुख्य उद्देश्य
देश- बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि यह बजट सभी के विकास और आम आदमी के हित के परिपेक्ष्य में बनाया गया है। बजट में खेती के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सतत ऊर्जा बढाने का प्रयास, काबिलियत को मौका, फाइनेंशियल सेक्टर समेत युवाओं के हित पर ध्यान केंद्रित किया गया है।प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 2 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। अंत्योदय योजना के तहत गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।साल 2014 से सरकार के प्रयासों ने सभी नागरिकों के जीवन की बेहतर गुणवत्ता और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित किया है। प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक बढ़कर 1.97 लाख रुपये हो गई है. इन 9 वर्षों में, भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में बढ़ी है। -
नीतीश कुमार से गुजारिश है कि पार्टी और लवकुश समाज को बचा लें
राजनीति:- जदूय के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने एक बार पुनः अपनी पार्टी पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहते हैं कि वह मुझसे स्नेह रखते हैं और मुझे इज्जत देते हैं। जब उन्होंने मुझे संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया तब मुझे भी यह प्रतीत होता था। मैं खुश था कि मैं कार्यकर्ताओं के लिए कुछ कर पाऊंगा।
लेकिन समय के साथ पता चला कि यह मेरे हाथ मे एक झुंझना थमाया गया है। मुझे अध्यक्ष बनाया गया है लेकिन मैं निर्णय नहीं ले सकता हूँ। मैं सदस्यों को मनोनीत नहीं कर सकता हूँ। मुझसे कोई सुझाव नहीं मांगा गया। मैं इसका क्या अर्थ निकालूं। यह मुझे लॉलीपॉप थमाया गया है।
उन्होंने कहा, मुझे राज्य सभा छोड़ने से कोई समस्या नहीं है क्योंकि जब मुख्यमंत्री पद छोड़ते हुए दुख नहीं हुआ। तो यह क्या है। राज्य सरकार चाहे तो वह मेरी एमएलसी वापस ले सकती है।मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इज्ज़त करता हूँ आज भी उनके सम्मान के लिए खड़ा हूँ। मैं उनसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ कि वह अपनी पार्टी और लव कुश समाज की रक्षा करें।
वहीं जब संवाददाता ने उनसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर सवाल किया तो वह बोले क्या आपने कभी किसी राजनीतिक दल की आंतरिक समस्या को बाहर सुना है। हमारे बीच इतना स्नेह है कि हमारी पार्टी से कोई चला जाता है तो भी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता है।
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2023-24 में भारत की जीडीपी होगी 6-6.8%
देश- आज बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2023 का आर्थिक सर्वेक्षण संसद में पेश किया। सर्वेक्षण के मुताबिक देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था में से एक है। आर्थिक सर्वेक्षण की मानें तो 2023-24 में भारत की जीडीपी 6-6.8% की दर से बढ़ने का अनुमान है।
सर्वे में कहा गया है कि प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना, पीएम गति शक्ति, राष्ट्रीय रसद नीति, सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार, पूंजी निवेश और कर्ज़ देना भारत की आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाने वाले ड्राइविंग फ़ोर्स होंगे।
देश की 65% (2021 डेटा) आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और 47 प्रतिशत आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। ऐसे में ग्रामीण विकास पर सरकार का फोकस ज़रूरी है। सरकार का ज़ोर ग्रामीण लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर होगा ताकि देश का सर्वांगीण विकास निश्चित कर सके।
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क्या याद है आपको इंदिरा का वो बजट जिसमें गरीबों के लिए खुले थे पिटारे
देश- आज जहां मोदी सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करने जा रही हैं। सूत्रों का दावा है कि आज 11 बजे वह बजट का पिटारा खोलेगी। वहीं क्या आपको याद है साल 1970 का वह बजट गरीबों के हित हेतु प्रस्तुत किया गया था।यह दौरा था प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का। इंदिरा गांधी जिन्हें जनता की नेता और आम आदमी की आवाज कहा जाता था। उन्होंने पुरूष प्रधान समाज के बीच अपनी छवि विकसित की और देश की राजनीति में अपना अहम योगदान दिया। जब मोरारजी देसाई का कद बढ़ने लगा तो इंदिरा को काफी चुनौतीपूर्ण समय का सामना करना पड़ा। लेकिन वह अपने लक्ष्य से कभी नहीं भटकीं।उन्होंने अपने भाषण में कहा, कोई भी समाज तब तक तरक्की नहीं कर सकता। जब तक उसके कमजोर वर्ग की तरक्की न हो। आर्थिक विकास तभी सम्भव है जब गरीबी मिटे और सभी लोग समान भाव से आगे बढ़ें। उन्होंने उस दौर में बजट प्रस्तुत किया। बजट पूर्ण रूप से आम आदमी की जरूरतों पर बना था।बजट में गांव के लोगों के लिए पेयजल, बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन और सरकारी कर्मचारियों के लिए कम से कम पेंशन के प्रावधान रखे गए थे।वहीं सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए विशेष केंद्रीय योजनाएं शुरू की गईं। इंदिरा गांधी का यह बजट समाज मे समानता लाने के उद्देश्य से लाया गया था।लेकिन इस बजट ने अमीर वर्ग को खूब रुलाया। क्योंकि इंदिरा गांधी ने उनपर इतना टैक्स लगा दिया कि उनकी रीढ़ चटकने लगी। इस बजट में उन्होंने 2 लाख से ज्यादा कमाने वालों पर इनकम टैक्स की अधिकतम दर साढ़े 93 फीसदी कर दिया। -
बजट में वित्त मंत्री ने किया रिसर्च को लेकर बड़ा ऐलान
देश- बजट 2023 के पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिसर्च को लेकर बड़ा एलान करते हुए कहा कि, देश में 2014 में जब मोदी सरकार आई तबसे 157 मेडिकल कॉलेज और 150 नर्सिंग कॉलेज बनाए गए हैं।आईसीएमआर में रिर्सच की अत्यधिक सुविधाएं हैं। अब इन संस्थानों में गैर सरकारी संस्थाओं के शिक्षकों को रिसर्च करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। वहीं बच्चों और बड़ो के लिए डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण होगा।लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर लाइब्रेरी बनाई जाएगी। लोगों को डिजिटल किताबें मुहैया करवाई जाएगी और उनकी सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। जिससे वह संसाधनों के उपयोग से वंचित न रह सकें।वहीं आदिवासी समाज के बच्चों को इंगित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, आदिवासी बच्चों के लिए बनाए गए एकलव्य स्कूलों के लिए सरकार 38 हज़ार नए शिक्षकों और अन्य स्टाफ़ की भर्ती करेगी। -
जानें विश्व स्तर पर विकास को लेकर क्या बोलीं निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हम विकास कर रहे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था विश्व मे पांचवे पायदान पर है। जी20 ने भारत को अध्यक्षता का मौका दिया। यह भारत के लिए गर्व की बात है।आज हम विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। प्रतिव्यक्ति आय दोगुनी हुई है। आज यह आय बढ़कर 1.97 लाख हो गई है। हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तरक्की कर रहे हैं। हर तरफ भारत की वाहवाही हो रही है। देश के 7 करोड़ से अधिक लोग ईपीएफ़ओ से जुड़े हैं।रिपोर्ट्स सामने आई है कि भारत की आगामी समय मे मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश बनकर उभरेगा। विश्व के अलग अलग देश इस समय आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। लेकिन हम इन स्थितियों पर नियंत्रण पाते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। -
जानें क्या है PM-VIKAS योजना और किसे मिलेगा इसका लाभ
देश- बजट में आम आदमी के हित हेतु वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। इसी कड़ी में कारीगरों और शिल्पकार के लिए विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की घोषणा की गई है। इस योजना का नाम PM-VIKAS योजना है।इस योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को बड़े स्तर पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना का लाभ सामान्य तौर पर बढई, मूर्तिकार, सोनार, लोहार जैसे कारीगरों को प्राप्त होगा। वहीं इस योजना के तहत कारीगरों को करोड़ों का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।इस योजना के माध्यम से सरकार ने कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है। लोगों को MSME श्रृंखला से जोड़ा जाएगा। वहीं जिनके पास व्यापार करने के लिए पूंजी नहीं है उनके सरकार की ओर से पूंजी भी दी जाएगी। शिल्पकारों और कारीगरों को ट्रेडिंग दी जाएगी और इस योजना के माध्यम से कई रोजगार उत्पन्न होंगे।यह योजना अभी लागू नहीं हुई है। जल्द ही केंद्र सरकार इसे लागू करेगी। इसके तहत महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए और उनके व्यापार से जोड़ने के लिए प्रयास किया जाएगा।