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उत्तराखंड में चीटिंग करने पर अब 10 सालों तक नहीं दे सकेंगे कोई भी परिक्षा
डेस्क। सीएम धामी (CM Dhami in Khatima) ने पटवारी पेपर लीक मामले पर बड़ा बयान (CM Dhami on Patwari paper leak case) दिया है। बता दें सीएम धामी ने कहा है उनकी सरकार पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई (Strict action against paper leak culprits) भी कर रही है।साथ ही उन्होंने कहा है कि भविष्य में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो वहीं इसके लिए सरकार सख्त नकल विरोधी कानून (Strict anti copying law in Uttarakhand) लाने भी जा रही है।बता दें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) अपने दो दिवसीय दौरे पर खटीमा पहुंचे और इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की। साथ ही सीएम धामी ने पटवारी पेपर लीक मामले पर बयान(CM Dhami on Patwari paper leak case ) भी दिया है। साथ ही सीएम धामी ने कहा पटवारी पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा सरकार जल्द ही प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लाने की तैयारी भी कर रही है।इस दौरान सीएम धामी ने यह भी कहा दोबारा परीक्षा आयोजन में पहले परीक्षा में भाग लेने वाले किसी भी छात्र से शुल्क नहीं लिया जाएगा वहीं साथ ही सभी छात्रों की रोडवेज की बस में आने जाने का किराया भी नहीं लिया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री धामी खटीमा में आयोजित उत्तरायणी कौथिग मेले में प्रतिभाग करने भी पहुंचे थे।बता दें उत्तराखंड सरकार ने पटवारी भर्ती परीक्षा निरस्त कर फरवरी माह में ही पटवारी भर्ती की परीक्षा द्वारा आयोजित कराने की घोषणा भी की है। साथ ही उन्होंने कहा प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लाया भी जाएगा। वहीं जिसमें नकल करने वाले छात्रों को 10 साल तक परीक्षा देने से वंचित भी किया जाएगा और नकल कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी वहीं उनकी सारी संपत्ति तत्काल जब्त भी की जाएगी। -
Budget 2023 :जानें क्या है बजट और आदर्श बजट
देश– साल 2023 के लिए 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किया जाएगा। हर ओर इस बार के बजट की चर्चा हो रही है। लोग कयास लगाए बैठे हैं कि इस बार का बजट उनके लिए राहत लेकर आएगा।वहीं विशेषज्ञ यह उम्मीद जता रहे हैं कि बजट आम आदमी को केंद्र में रखकर पेश किया जाएगा। वहीं इस बार का बजट किसानों और केंद्र कर्मचारियों को काफी राहत देगा। लेकिन इस सबके बीच एक सवाल सबसे ज्यादा उठ रहा है कि आखिर यह बजट है क्या और इसकी आवश्यकता क्या है।जानें क्या है बजट-
अगर हम बजट की बात करें तो यह भविष्य में किए जाने वाले कार्यो के लिए पूर्व से बनाई गई योजना है। बजट के माध्यम से हम पूरे वर्ष होने वाले खर्ज और राजस्व का अनुमान लगाते हैं। इसके साथ ही किन किन योजनाओं पर हम काम करेंगे यह लोगों के सम्मुख प्रस्तुत करते हैं।जानें क्या है आदर्श बजट-
जब हम आदर्श बजट की बात करते हैं। तो इसका तात्पर्य बिना किसी स्वार्थ के सभी के हित पर ध्यान केंद्रित करना होता है। यह स्वार्थ रहित होता है और इसका उद्देश्य सभी को लाभ देने होता है।भारतीय संविधान के मुताबिक बजट क्या है-
संविधान के अनुछेद (Artical) 112 के अनुसार बजट- राष्ट्रपति प्रत्येक वित्तीय वर्ष के दौरान ,संसद के दोनों सदनों के समक्ष वार्षिक वित्तीय विवरण रखवाते है, जिसमे सरकार के गत वर्ष के आय/प्राप्तियों व व्ययों का ब्योरा होता है। जिसे हम साधारण भाषा मे बजट कहते हैं।बजट का उद्देश्य-
बजट का उद्देश्य विकास को गति देना और किसी कार्य को करने के लिए पूर्व से रणनीति बनना है। यह आर्थिक विकास को सुधारने, रोजगार को बढ़ावा देने, असमानताओं को दूर करने के लिए योजना निर्माण, बाजर की स्थिति सुधारना व अन्य कई कार्यो को एक प्रारूप में व्यवस्थित कर करना होता है।बजट से लाभ-
बजट से हमें यह पता चलता है कि किस क्षेत्र में हमें कितना धन व्यव करना है और किस क्षेत्र को अभी विकास और सुधार की आवश्यकता है। यह पूरे साल का लेखा जोखा कर सरकारी काम को व्यवस्थित ढंग से करने की सुद्रण विधि होती है। साल 2016 तक बजट फरवरी महीने के अंत मे प्रस्तुत किया जाता था। लेकिन 2017 से बजट हर साल 1 फरवरी को प्रस्तुत किया जाने लगा। -
धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरी साध्वी प्राची बोलीं चादर और फादर से डरने वाले नहीं
डेस्क। बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री (Bageshwar Dham) को लेकर नागपुर से शुरू हुआ विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। एक तरफ उनके समर्थन में तमाम लोग उतर आये हैं तो उन्हें ढोंगी और अंधविश्वास फैलाने वाला भी करार दिया जा रहा है।इसी बीच अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले साध्वी प्राची (Sadhvi Prachi) ने कहा है कि बाबा चादर और फादर से डरने वाले बिल्कुल नहीं है।बागेश्वर धाम के समर्थन में क्या बोलीं साध्वी प्राची?बता दें मीडिया से बात करते हुए साध्वी प्राची (Sadhvi Prachi on Bageshwar Dham) ने कहा कि बागेश्वर धाम तो एक बहाना है, चादर और फादर का हिन्दुत्व के लिए काम करने वालों को मिटाना का लक्ष्य है। बागेश्वर धाम बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और मैंने काफी दिन पहले ही उनका खुला समर्थन किया था, आगे भी करती रहूंगी क्योंकि ये सनातन की रीढ़ बने है।यूजर्स की भी प्रतिक्रियाएंएक यूजर ने लिखा कि आप लोग कभी आसाराम, राम रहीम का भी समर्थन ऐसे ही किया करते थे।Pankajgupta5353 यूजर ने लिखा कि पाखंडी अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर अपना पैसा और समय मत ख़र्च करना वहीं उस पैसे से अपने बच्चे बच्चियों को पढ़ाना लिखाना। कोई बाबा किसी का भविष्य नहीं बता सकता और एक यूजर ने लिखा कि धर्म एक ऐसा छलावा है जिसके जरिये लोगों को लाखों सालों तक बेवकूफ भी बनाकर रखा जा सकता है।@Dabbu1111 यूजर ने लिखा कि जाने अनजाने में ही सही लेकिन धन्यवाद उस संस्था का भी होना चाहिए जिसने बाबा की ख्याति और भी बढ़ा दी है। -
इंटरनेट पर प्रचार के दौरान देनी होगी सम्पूर्ण जानकारी नहीं तो लगेगा जुर्माना
बिजनेस- इंटरनेट के माध्यम से लोग आसानी से अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करते है और अपने बिजनेस को आगे बढाते हैं। लेकिन अब सरकार ने कम्पनियों के लिए नया नियम लागू किया है। इस नियम के मुताबिक जो कम्पनियां उत्पादन का प्रचार करेंगी।उन्हें कंपनियों और अन्य उत्पादकों को अपने उत्पाद के साथ दिए जाने वाले उपहारों, होटल में ठहरने या खाने की सुविधा देने, शेयर देने, मूल्य में छूट देने, इनाम देने, भविष्य में सेवा देने और स्कीम का हिस्सा बनाने के विषय में पूरी जानकारी देनी होगी।वहीं जो नियमों का उल्लंघन करेगा उसपर 50 लाख रुपये का अर्थदंड और विज्ञापन दिखाने पर छह साल का प्रतिबंध लग सकता है।सरकार की ओर से जारी दिशानिर्देश में कहा गया है कि उत्पादों के साथ दी जाने वाली सूचनाएं सरल और स्पष्ट भाषा में होनी चाहिए जो आसानी से समझ में आएं।ये सूचनाएं इस तरह से दी जाएं कि वे उत्पाद को देखने वालों से न छूटें। ये सूचनाएं लाइव स्ट्रीमिंग में दी जा सकती हैं। सरकार ने यह नियम इंटरनेट मीडिया पर भ्रमित करने वाले विज्ञापनों की भरमार देखते हुए बनाया है। इससे उपभोक्ता के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। विदित हो कि इंटरनेट मीडिया पर विज्ञापनों से होने वाली आय प्रतिवर्ष 20 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रही है। -
विमान में महिला पर पेशाब करने वाले आरोपी पर लगाया गया चार साल का बैन
डेस्क। बीते साल 26 नवंबर को न्यूयॉर्क से नई दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के विमान में बुजुर्ग महिला पर पेशाब करने के आरोपी में दोषी पाए जाने पर शंकर मिश्रा पर चार महीने का बैन लगा दिया गया है।साथ ही डीजीसीए का यह कहना है कि एअर इंडिया ने शंकर मिश्रा पर चार महीने का बैन भी लगाया है। साथ ही अन्य एयरलाइंस भी मिश्रा पर इसी तरह का बैन लगा सकते हैं और इससे पहले एअर इंडिया ने मिश्रा पर 30 दिनों का बैन भी लगाया था।पुलिस ने 7 जनवरी को बेंगलुरु से आरोपी शंकर मिश्रा को गिरफ्तार भी किया था और इस घटना के 42 दिन बाद उसे गिरफ्तार किया जा सका था। साथ ही मुंबई का रहने वाला शंकर लगातार फरार भी चल रहा था, जिसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया था और बाद में पुलिस ने आरोपी के मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे अरेस्ट भी किया था।महिला ने क्रू मेंबर की शिकायत करीमहिला यात्री ने अपनी शिकायत में लिखा था, “मैं फ्लाइट AI102 पर अपनी बिजनेस क्लास यात्रा के दौरान हुई भयानक घटना के बारे में अपनी गहरी निराशा व्यक्त करने के लिए यह लिख रही हूं। यह मेरी अब तक की सबसे दर्दनाक उड़ान भी रही है। वहीं उड़ान के दौरान, दोपहर के भोजन के तुरंत बाद, लाइट बंद भी कर दी गई थी। साथ ही जब मैं सोने की तैयारी कर रही थी, तभी नशे में धुत्त एक यात्री उनकी सीट पर आया और उसने पेशाब भी कर दी।साथ ही दूसरे यात्रियों ने उसे हटाने की कोशिश की फिर भी वह नहीं माना और उन्होंने एआई केबिन क्रू को इस घटना के प्रति असंवेदनशील भी बताया।साथ ही उन्होंने कहा कि क्रू ने उन्हें केवल कपड़े बदलने के लिए बस एक जोड़ी पजामा और चप्पल दी वहीं हरकत करने वाले पुरुष यात्री के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है।”जानिए क्या था मामला26 नवंबर को एयर इंडिया की फ्लाइट न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही थी और तभी विमान के बिजनेस क्लास में सफर कर रहे नशे में धुत शंकर मिश्रा ने 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर पेशाब भी कर दिया था । और पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354,294,509,510 के तहत केस भी दर्ज किया है। और इस मामले में बुधवार को दिल्ली पुलिस ने पीड़ित महिला का 164 का बयान मजिस्ट्रेट के सामने रिकॉर्ड भी करवा दिया गया है। साथ ही पिछले दिनों पुलिस ने कहा था कि महिला जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। -
आज फुल ड्रेस में होगी गणतंत्र दिवस परेड की प्रैक्टिस, बंद रहेंगे ये रास्ते
डेस्क। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गणतंत्र दिवस परेड के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल की व्यवस्थाओं को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है। साथ ही परेड की रिहर्सल आज सुबह 10.30 बजे विजय चौक से शुरू होगी और कर्तव्य पथ, सी-हेक्सागोन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की गोलाकार प्रतिमा, तिलक मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग और नेताजी सुभाष मार्ग से होते हुए लाल किले पर समाप्त हो जाएगी।
परेड की रिहर्सल को देखते हुए रविवार की शाम छह बजे से आज खत्म होने तक विजय चौक से इंडिया गेट तक कर्तव्य पथ पर किसी भी तरह के यातायात की अनुमति भी नहीं है। साथ ही रविवार को रात 11 बजे से परेड समाप्त होने तक कर्तव्य पथ पर रफी मार्ग, जनपथ और मान सिंह रोड पर क्रॉस-ट्रैफिक भी नहीं होगा और एडवाइजरी में कहा गया है कि सी-हेक्सागन-इंडिया गेट मार्ग आज सुबह 9.15 बजे से परेड के तिलक मार्ग पार करने तक बंद भी रहेगा।
तिलक मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग और सुभाष मार्ग पर सुबह 10.30 बजे से दोनों दिशाओं में ट्रैफिक की अनुमति भी नहीं होगी। साथ ही एडवाइजरी में कहा गया है कि परेड की गति के आधार पर ही क्रॉस-ट्रैफिक की अनुमति दी जाएगी और यात्रियों को सुबह 9.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक परेड रूट से बचने की सलाह भी दी गई है।
मेट्रो को लेकर भी एडवाइजरी
ड्रेस रिहर्सल समारोह के दौरान सभी स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं उपलब्ध भी होंगी हालांकि एडवाइजरी के मुताबिक, केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन स्टेशनों पर सुबह पांच बजे से दोपहर 12 बजे तक चढ़ने और उतरने की अनुमति भी नहीं होगी।
इसी के साथ दिल्ली में 15 फरवरी तक पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंग ग्लाइडर, ड्रोन, क्वाडकॉप्टर, गर्म हवा के गुब्बारे जैसी चीजों को उड़ानें प्रतिबंधित भी रहेंगी। ट्रैफिक पुलिस की ओर से एडवाइजरी का पालन करने और चौराहों पर तैनात कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील भी की गई है।
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लॉकर को लेकर बदला बैंको का ये नियम
डेस्क।New Locker Agreement: आरबीआई ने सोमवार को लॉकर धारकों को राहत देते हुए बैंकों के साथ संशोधित एग्रीमेंट का समय दिसंबर अंत तक की बढ़ा दिया है। वहीं बड़ी संख्या में ग्राहकों द्वारा शिकायत मिलने के बाद बैंक ने यह कदम भी उठाया है। अगस्त, 2021 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों से कहा था कि वे बैंकिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होने वाले तमाम बदलावों के बाद मौजूदा लॉकर धारकों के साथ 1 जनवरी, 2023 तक फिर से समझौता भी करें।अपने बयान में आरबीआई ने कहा है कि ऐसा देखा गया है कि बड़ी संख्या में ग्राहकों ने अभी तक संशोधित समझौते पर हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं। केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि कई मामलों में बैंकों ने ग्राहकों को निर्धारित तिथि (1 जनवरी, 2023) से पहले ऐसा करने की आवश्यकता के बारे में सूचित ही नहीं किया है साथ ही बैंक ने ग्राहकों की असुविधा को देखते हुए 31 दिसंबर, 2023 तक मौजूदा सुरक्षित जमा लॉकरों के लिए चरणबद्ध तरीके से नए समझौते लागू करने की अंतिम समय-सीमा को बढ़ा भी दिया है।रिजर्व बैंक ने बैंकों को 30 अप्रैल, 2023 तक नए समझौते की जरूरत के बारे में अपने सभी ग्राहकों को सूचित करने के लिए भी बोला है। बैंक ने अपने आदेश में यह कहा है कि मौजूदा ग्राहकों में से कम से कम 50 प्रतिशत और 75 प्रतिशत के समझौते क्रमशः 30 जून और 30 सितंबर, 2023 तक पूरे भी हो जाने चाहिए। बैंकों को अपने ग्राहकों के साथ स्टाम्प पेपर की व्यवस्था, ई-स्टांपिंग और ग्राहक को किए गए समझौते की एक कॉपी उपलब्ध कराने की सुविधा भी देनी होगी।जानिए फिर से खोले जाएंगे लॉकर1 जनवरी, 2023 तक नए लॉकर एग्रीमेंट न करा पाने के कारण जो लॉकर बैन किए गए थे, उन पर प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटाया भी जाएगा। वहीं आपको बता दें कि यह समझौता अगस्त 2021 के दिशा-निर्देश के बारे में उचित जांच-पड़ताल, मॉडल लॉकर समझौता, लॉकर का किराया, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और लॉकर में सामान की बरामदगी और कानून प्रवर्तन प्राधिकरणों द्वारा की जाने वाली अन्य कार्रवाइयों से संबंधित भी है। आरबीआई ने यह कहा है कि संशोधित निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने के लिए भारतीय बैंक संघ (आईबीए) द्वारा तैयार किए गए मॉडल समझौते में संशोधन की आवश्यकता भी है। -
Budget 2023: जानें किस व्यक्ति ने और कब पेश किया था पहला बजट
देश- फरवरी में साल 2023 का बजट आने वाला है। इसबार के बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। वहीं सरकार बजट में आम आदमी की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए उसका प्रारूप तैयार करने में जुटी हुई है। सूत्रों का दावा है कि इस बार का बजय मिडिल क्लास परिवार के लिए राहत भरा साबित होगा।वहीं आज हम आपको उस व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसने पहली बार देश का बजट प्रस्तुत किया था। यह व्यक्ति एक सामान्य परिवार से आता है और पेशे से यह एक टीपी बेचने वाले थे।देश का पहला बजट 1960 में पेश किया गया था। यह बजट जेम्स विलसन नाम के एक स्कॉटिश अर्थशास्त्री ने पेश किया था। यह एक टोपी बेचने वाले परिवार से सम्बंध रखते थी। वहीं यह खुद टोपी बेचने का काम करते थे। इनकी रुचि वाणिज्य और वित्त में थे।1960 में इन्हें इंडियन काउंसिल वित्त का सदस्य बनाया। इन्हें चार्टेड बैंक ऑफ इंडिया, ऑस्ट्रेलिया और चाइना के संस्थापक के रूप में भी जाना जाता है। वहीं इन्होंने भारत मे पहला बजट पेश कर सबको चकित कर दिया। यह साल 1960 में भारत से चले गए थे। -
अब नीम करोली शंकराचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया ड्रामेबाज
डेस्क। बागेश्वरधाम (Bageshwardham) के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार और नागपुर में मिली चुनौती के बाद विवाद गहराता ही जा रहा है। संत-महंत और सन्यासी, धर्मगुरू यहां तक की शंकराचार्य भी इस विवाद कूदते दिखाई दे रहे हैं।अब वृंदावन स्थित बाबा नीम करौलीधाम के महंत प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज ने बागेश्वरधाम का नाम लिए बगैर कटाक्ष भी किया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि चमत्कार दिखाना, भाग्य बताना केवल एक ड्रामा है। वहीं भविष्य बताता एक तुक्का है। कभी-कभी आपके पुण्य से लाभ हो जाता है और भाग्य बताने वाले का तुक्का लग जाता है। इस आशय का एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल भी हो रहा है।बागेश्वर धाम के महंत धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को नागपुर में चुनौती दिए जाने के बाद से लगातार बवाल मचा ही हुआ है। जहां कई लोग उनके समर्थन में आए हैं, तो कुछ लोग इस पर अपनी राय भी दे रहे हैं। वहीं इस विवाद में अब वृंदावन के प्रसिद्ध नीम करौली धाम के बाबा प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसमें वे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना लिए उनके चमत्कार को ड्रामा बता भी रहे हैं।वायरल वीडियो में बाबा प्रेमानंद महाराज ने भाग्य देखने और भविष्य देखने और उसके बारे में बड़ी बात बोली है। बाबा ने यह भी कहा कि किसी के भविष्य को बता पाना केवल एक तुक्का है। वहीं ऐसा कोई चमत्कार नहीं केवल ड्रामा ही होता है। साथ ही इन दिनों बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी चमत्कारी शक्तियों की वजह से देश-दुनिया में सुर्खियां बने हुए हैं और उनके दिव्य दरबार और भविष्य व अनजान व्यक्तियों के बारे में पर्चा लिखकर भूत-भविष्य-वर्तमान बताए जाने को लेकर कई तरह के दावे पेश किए जा रहे हैं। -
बजट 2023:- जानें कर माफी योजना पर क्यों सरकार कर रही विचार
बिजनेस- साल 2023 का बजट आने को हैं। सरकार लोगों को राहत देने के उद्देश्य से बजट का ब्यौरों बना चुकी है। वहीं सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि इसबार के बजट में आयकर माफी योजना के पहले चरण की सफलता को देखते हुए। दूसरे चरण में इसे लाने की तैयारी है। क्योंकि वित्त मंत्रालय इसपर गम्भीरता के साथ विचार कर रहा है।वित्त मंत्रालय इस योजना से सम्बंधित 10 से लेकर 20 फीसदी तक जुर्माना लगाने का विचार कर रहा है। जबकि नॉर्मल तौर पर विवादों के बीच अधिक जुर्माना लगाया जाता है। सरकार का कहना है कि यह योजना लंबित मामलों का बोझ कम करेगी और इससे 38 करोड़ तक का राजस्व प्राप्त हो सकता है। बता दें इसके प्रथम चरण में 92 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं यह काफी सफल भी रही थी।यह योजना सामान्य तौर पर कर दाताओं के लिए लाभकारी सिद्ध होती हैं। क्योंकि इस योजना के तहत केवल 10 से 20 फीसदी का जुर्माना बसूल किया जाता है। जबकि नॉर्मल तौर पर कर विवाद में 100 फीसदी का जुर्माना लगता है। जब अधिक जुर्माना लगता है तो सम्बंधित करदाता इसे चुकाने में असमर्थ होते हैं और इसे कोर्ट में चुनौती देते हैं।लेकिन सरकार की इस योजना से उनपर कम जुर्माना लगता है और वह आयकर विभाग में लंबित मामलों का बोझ कम होता है व राजस्व में बढ़ोतरी होती है। सरकार इन सभी बातों की ओर ध्यान केंद्रित करते हुए कर माफी योजना के लिए विचार कर रही है और प्रथम चरण की सफलता के बाद इसे पुनः दूसरे चरण में लागू करना चाहती है।