PM Awas Yojana:- केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) की अवधि 2 साल बढ़ा दी है। अब यह योजना दिसम्बर 2024 तक लागू रहेगी। इस योजना के तहत 31 मार्च, 2022 तक स्वीकृत 122.69 लाख घरों के निर्माण को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता दिया जाना भी शामिल है। इस योजना का उद्देश्य है की हर किसी के पास अपना पक्का मकान हो।
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PM Awas Yojana की बढ़ाई गई अवधि जाने किसे मिलेगा लाभ
ऑरिजनल प्रोजेक्टेड डिमांड के अनुसार 102 लाख घरों के निर्माण टार्गेट रखा गया. इसमें से 62 लाख घरों का निर्माण पूरा हो चुका है. कुल स्वीकृत 123 लाख घरों में से 40 लाख घरों के प्रस्ताव राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से देर से प्राप्त हुए थे।इन्हें पूरा करने के लिए 2 साल की अधिक आवश्यकता है। सरकार ने प्रदेशों के अनुरोध से इस योजना को 2 साल के लिये बढ़ा दिया है।इस योजना की शुरुआत साल 2015 में हुई थी। इस योजना के तहत उन सभी शहरी लोगो को पक्के मकान मुहैया करवाने का लक्ष्य रखा गया था जो पक्के मकान के पात्र हैं। इस योजना का लाभ वही उठा सकते हैं जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से 18 लाख रु. तक हो और कही भी उसके पास पक्का मकान न हो। इस योजना का लाभ परिवार का कोई भी एक सदस्य उठा सकता है। -
Rakesh Jhunjhunwala Passes Away: दिग्गज निवेशक झुनझुनवाला का हुआ निधन
Rakesh Jhunjhunwala Death News: भारत के सबसे बड़े निवेशकों की सूची में से एक राकेश झुनझुनवाला का रविवार (14 ,अगस्त) को 62 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल द्वारा इसकी पुष्टि की गई है। वहीं अभी उनके निधन का कोई कारण सामने नहीं आया है।
राकेश झुनझुनवाला उन चुनिंदा लोगों में शामिल थे जिन्होंने बेहद छोटे स्तर से शुरू कर बुलंदियों पर अपना परचं लहराया। उनको भारत का वॉरेन बफेट भी कहा जाता था।
आखिरी बार राकेश झुनझुनवाला उनकी एयरलाइन अकासा एयर के लॉन्च इवेंट में नज़र आए थे। ऐसा भी बताया जा रहा है कि झुनझुनवाला की सेहत काफी लंबे समय से असहज बनी हुई थी और उन्हें पिछले कई महीनों से पब्लिक इवेंट में व्हील चेयर पर भी देखा जा रहा था।
जानिए उनकी संपत्ति
अमेरिकी पत्रिका फोर्ब्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार राकेश झुनझुनवाला के पास करीब 5.8 बिलियन डॉलर (46,300 करोड़ रुपए) की संपत्ति है। राकेश ने शेयर बाजार में अपने कैरियर की शुरुआत ऐसे समय पर की थी, जब सेंसेक्स मात्र 150 पर था, जो 2022 में 60,000 के स्तर को भी पिछाड़ चुका है।
उनकी सबसे सफल निवेश टाइटन को बताया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो उन्होंने 2002 में टाइटन का करीब 5 फीसदी हिस्सा 3 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से खरीदा जिसकी वैल्यू आज बढ़कर 11 हजार करोड़ से भी अधिक की हो चुकी है।
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मसाले का व्यापार शुरू करके कमाएं जबरदस्त लाभ
बिजनेस: आज के समय मे बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है। इस बढ़ती बेरोजगारी के दौर में हर कोई अब अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है। कई लोग अपना बिजनेस शुरू तो कर लेते हैं लेकिन उनका आइडिया बेहतरीन न होने के कारण उनका बिजनेस फ्लॉप हो जाता है। वही कई लोग ऐसे होते हैं जो कम बजट की वजह से अपना व्यापार नही शुरू कर पाते हैं।
लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक जबरदस्त बिजनेस आइडिया जिसे सुनकर आप खुश हो जाएंगे और आप कम बजट में अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकेंगे। असल मे हम बात कर रहे हैं मसाले के बिजनेस की। क्योंकि यह एक ऐसा बिजनेस है जिसमे नुकसान की सम्भानाएँ कम हो जाती है और आपको नुकसान कभी नही होता।जाने कैसे शुरू करे मसाले का बिजनेस:-
अगर आप मसाले का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो इसे आप अपने घर पर ही शुरू कर सकते हैं। मसाले का बिजनेस शुरू करने के लिए आपको थोड़ी सी जमीन चाहिए होगी। इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आप सरकार की मदद भी ले सकते हैं और बैंक आपको लोन भी मुहैया करवा सकती है। आप चाहे तो खड़े मसालें पीसकर पाउडर बेच सकते हैं. या फिर मसलों को सही मात्रा में मिलाकर स्पेशल मसालें तैयार कर सकते हैं. जैसे चाय मसाला, बिरयानी मसाला, छोले मसाला, सब्जी का मसाला, जीरावन आदि।जाने कितना होगा खर्चा:-मसाले यूनिट लगाने में कुल 3.50 लाख रुपए का खर्चा हो सकता है. इसमें मशीन खरीदने के लिए लगभग 40000 रुपए, और शेड बनाने के लिए 60000 रुपए. वहीँ मसालें खरीदने, पैकिंग करने और पैकिंग के बाद के खर्चों के लिए लगभग 2.50 लाख रूपये की आवश्यकता होगी। वही अगर आप अच्छी क्वालिटी के मसाले अपने ग्राहकों को देंगे और अपने व्यापार की अच्छी मार्केटिंग करेंगे तो इससे आपको उम्दा लाभ प्राप्त होगा। -
स्टेट बैंक ने शुरू की उत्सव स्कीम , ज्यादा मिलेगा ब्याज जाने डीटेल्स
बिजनेस: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। स्टेट बैंक ने उत्सव नामक एक नई स्कीम शुरू की है। स्टेट बैंक की यह स्कीम नॉर्मल फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम से अधिक बेहतर है। स्टेट बैंक की यह स्कीम एक सीमित समय के लिये लॉन्च की गई है।
सोशल मीडिया पर स्टेट बैंक की ओर से आये एक पोस्ट के अनुसार यह बेस्ट सेविंग पॉलिसी है। इस योजना के तहत आप अपना पैसा इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं यह आपको अच्छा रिटर्न देगी। लेकिन स्टेट बैंक की यह पॉलिसी सीमित समय के लिये लागू होगी।स्टेट बैंक की उत्सव योजना पर आपको 1000 दिनों की जमा राशि पर 6.10% का ब्याज प्राप्त होगा। और वरिष्ठ नागरिक नियमित दर से अधिक 0.50% की अतिरिक्त ब्याज दर प्राप्त करने के पात्र होंगे। इस योजना के तहत इनब्याज दरों को 15 अगस्त से लागू किया गया है। यह योजना 75 दिनों के लिए वैध है।जानकारी के लिये बता दें अभी हाल ही में 2 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट पर एसबीआई ने ब्याज दरों में इजाफा किया है। एसबीआई ने 13 अगस्त, 2022 को नई ब्याज दरों की घोषणा की और एडजस्टमेंट के परिणामस्वरूप, बैंक ने विभिन्न अवधियों के लिए ब्याज दरों में 15 बीपीएस की वृद्धि की है।SBI ने 180 से 210 दिनों में मैच्योर होने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें 4.40% से बढ़ाकर 4.55% कर दी है। SBI ने एक साल से दो साल से कम की मैच्योरिटी वाली फिक्स्ड डिपॉजिट्स के लिए ब्याज दरों को 5.30% से बढ़ाकर 5.45% कर दिया है. 2 साल में 3 साल से कम में मैच्योर होने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 5.35% से बढ़कर 5.50% कर दी है, जबकि 3 साल में 5 साल से कम समय में मैच्योर होने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 5.45% से बढ़कर 5.60% कर दी है।एसबीआई ने 5 साल और 10 साल तक मैच्योर होने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 5.50 फीसदी से बढ़ाकर 5.65 फीसदी कर दी है. -
आ रहा है एसजीबी योजना के सब्सक्रिप्शन के लिए सेकेंड फेज, जानिए कब होगी शुरुआत
डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना के सब्सक्रिप्शन के लिए सेकेंड फेज की तारीखों की घोषणा भी कर दी गई है। बता दें कि SGB स्कीम की दूसरी सीरीज 22 अगस्त को खोली जाएगी और 26 अगस्त को यह बंद हो जाएगी।
इसके लिए कीमत की घोषणा अभी तक नहीं की गई है वहीं SGB योजना की पहली सीरीज इस साल 20 जून से 24 जून में शुरू की गई थी।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में सरकार निवेशकों को फिजिकल गोल्ड नहीं देती, बल्कि सोने में पैसा लगाने का मौका दिया जाता है। इस योजना के चलते कोई व्यक्ति एक ग्राम से लेकर चार किलोग्राम तक सोना एक वित्त वर्ष में खरीद सकता है। साथ ही अगर आप रिटर्न की बात करें तो पिछले एक साल में सोने ने 7.37 फीसदी मुनाफा अपने निवेशकों को दिया है। वहीं वित्त वर्ष 2022-23 में यह पहला इश्यू होगा।
बता दें कि डिजिटल माध्यम से गोल्ड बॉन्ड के लिए आवेदन और भुगतान करने वाले निवेशकों के लिए इश्यू 50 रुपये प्रति ग्राम कम होगा यानी 5,041 रुपये प्रति ग्राम आपको मिलेगा आरबीआई ने कहा कि निवेशकों को निर्धारित मूल्य पर सालाना 2.5 फीसदी ब्याज छमाही आधार पर भी दिया जाएगा।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्त वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 4 किग्रा गोल्ड के बॉन्ड ही खरीद सकता है। और न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी भी है। साथ ही ट्रस्ट या उसके जैसी संस्थाएं 20 किग्रा तक के बॉन्ड भी खरीद सकती हैं।
बता दें कि सरकार ने नवंबर 2015 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की शुरुआत की थी। वहीं आरबीआई (RBI) सरकार की तरफ से यह बॉन्ड जारी करता है जो केवल निवासी व्यक्तियों, अविभाजित हिंदू परिवार (HUF), न्यासों, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थाओं को ही बेचे जा सकते हैं।
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शक के चलते पत्नी ने पति के प्राइवेट पार्ट पर डाला खौलता हुआ पानी
डेस्क। तमिलनाडु से एक हैरानी भरी खबर सामने आई है जहां पति पर बेवफाई का शक होने के
कारण पत्नी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर खौलता हुआ गर्म पानी डालकर उसे बुरी तरह जला दिया है। वहीं घायल पति फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।
पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज करके मामले की जांच शुरू की है।
मामला तमिलनाडु के रानीपेट जिले के पुदुपट्टू का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले 32 साल के थंगराज की 7 साल पहले 29 साल की प्रिया से शादी हुई। आज दोनों की दो बेटियां भी हैं, थंगराज सेलफोन के कलपुर्जे बनाने वाले प्लांट में सुपरवाइजर की जॉब करते हैं।
पुलिस की माने तो प्रिया को शक था कि थंगराज का प्लांट में किसी महिला के साथ अफेयर चल रहा है जिस बात को लेकर दोनों के बीच आए-दिन झगड़े हुआ करते थे। वहीं मंगलवार को भी इस मुद्दे पर दोनों के बीच विवाद हुआ जिस दौरान मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच बहसबाजी झगड़ा और मारपीट में तब्दील हो गई।
झगड़े के बाद थंगराज सोने चला गया तो वहीं रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर प्रिया ने सोते हुए थंगराज के प्राइवेट पार्ट पर खौलता हुआ पानी डाल दिया।
प्राइवेट पार्ट पर खौलता हुआ पानी पड़ते ही थंगराज जोर से चिल्लाया और कराहने की आवाज सुनकर पड़ोसी भी उसके घर पहुंच गए और दर्द से तड़पते थंगराज को वालजापेट के सरकारी अस्पताल में तुरंत भर्ती करवाया गया।
कावेरीपक्कम पुलिस की माने तो थंगराज का प्राइवेट पार्ट गर्म पानी के कारण 50 फीसदी जल चुका है और फिलहाल पुलिस ने पत्नी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस इस मामले की जांच करने में लगी है।
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Graduate Chai wali की दुकान पर चला बुल्डोजर तो पहुंच गई इस बड़े नेता के पास
डेस्क। पटना से कई शहरों में अपनी पहचान बना चुकी ग्रेजुएट चाय वाली (Graduate Chailwali) यानी प्रियंका की दुकान को पटना नगर निगम (Patna Nagar Nigam) ने JCB से हटा दिया है। वहीं नगर निगम के कर्मियों ने जेसीबी के उपयोग से प्रिंयका की चाय की दुकान को उठाकर हटा दिया है। वह नगर निगम के कर्मियों को रोकती रही लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी। इसी कड़ी में वह गुरुवार को रोते-रोते आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) से मिलने पहुंच गई।
प्रियंका ने बताया कि हम तोड़फोड़ करने वाले बच्चों में से नहीं थे। हम धरना प्रदर्शन करने वालों में से भी नहीं थे, लेकिन अब हम भी करेंगे।
प्रियंका बोलीं कि हम छह लोगों को रोजगार दे रहे हैं लेकिन ऐसे किया जाएगा तो हम क्या ही करेंगे? आप रोजगार मत दीजिए लेकिन पीएम मुद्रा योजना को फ्लेक्सिबल तो बनाइए।
आगे उन्होंने कहा कि पटना नगर निगम ने मुझे कोई नोटिस भी नहीं दिया गया और मेरी दुकान पर पटना नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर आए थे। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया था कि उन्होंने सबको कह दिया है कि दुकान नहीं हटाई जाएगी। कल तक तो हम कुछ नहीं कह रहे थे लेकिन अब मुझे भी सरकार से एक स्टोर चाहिए।
लालू प्रसाद यादव से मिलने के बाद प्रियंका ने बताया कि उन्होंने मेरी बात सुनी और कहा कि एक लेटर लिख दो मुख्यमंत्री के नाम पर, हम आपकी मदद करवा देंगे।
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भारत के विदेशी मुद्रा कोष भण्डार में दर्ज हुई गिरावट, जाने वजह
बिजनेस: भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक भारत का विदेशी मुद्रा कोष भण्डार 2.23 अरब डॉलर से घटकर 570.74 अरब डॉलर रह गया है। जो पहले 89.7 करोड़ डॉलर घटकर 572.97 अरब डॉलर रहा था। विदेशी मुद्रा भण्डार में आई कमी का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा का कम होना है।जानकारी के लिए बता दें जब से रिजर्व बैंक ने हस्तक्षेप किया है। भारत के विदेशी मुद्रा भंडारण में तेजी से हो रही गिरावट में कमी आई है। बताया जा रहा है कि इन उतारा चढ़ाव का मुख्य कारण रूस यूक्रेन युद्द है।केंद्रीय बैंक की विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप की एक घोषित नीति है. केंद्रीय बैंक यदि बाजार में अस्थिरता देखता है, तो हस्तक्षेप करता है. हालांकि, रिजर्व बैंक ने अभी तक रुपये के किसी स्तर को लेकर अपना कोई लक्ष्य नहीं दिया है। -
मजदूर के घर पहुँचा 37.5 लाख रुपए के बकाया टैक्स का नोटिस
डेस्क। बिहार के एक जिले के एक दिहाड़ी मजदूर को आयकर विभाग से 37.5 लाख रुपये का बकाया भुगतान करने का नोटिस मिलना बिलकुल वैसा ही अनुभव रहा जैसा बिना बारिश के बाढ़ आना हो गया हो।
रोजाना करीबन 500 रुपये कमाने वाले खगड़िया जिले के मघौना गांव निवासी गिरीश यादव ने इस संबंध में अपने इलाके के पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज करायी है।
अलौली थाना के प्रभारी पुरेंद्र कुमार ने मामले पर बताया, ”हमने मामला दर्ज कर लिया है और गिरीश द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर जांच भी शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया तो यह धोखाधड़ी का मामला लगता है।”
उन्होंने आगे बताया कि शिकायतकर्ता को उसके नाम से जारी पैन नंबर के आधार पर नोटिस प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि, ”गिरीश का कहना है कि वह दिल्ली में मजदूरी का काम करता है जहां उसने एक बार एक दलाल के जरिए पैन कार्ड बनवाने की कोशिश की थी पर उसके बाद उससे कभी भी उसकी मुलाकात नही हो पाई।”
थाना अध्यक्ष ने यह भी कहा, ”इसके अलावा नोटिस में गिरीश को राजस्थान की एक कंपनी से जुड़े होने की बात भी कही गई है। लेकिन उनका यह भी कहना है कि वह वहां (राजस्थान) कभी गया ही नहीं।”
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राजस्थान के रचित अग्रवाल को मिली 6 करोड़ की नौकरी
डेस्क। वैसे तो उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी ज्यादातर युवा बेरोजगार ही रह जाते हैं, मगर इस मामले में रचित अग्रवाल की कहानी सबसे अलग है और वह युवा पीढ़ी को प्रेरित करने वाली भी है।
रचित अग्रवाल वो इंसान है, जिसको 6 करोड़ के सालाना पैकेज की नौकरी मिली है और वो भी पढ़ाई खत्म होने के साथ ही। इसके बाद रचित अग्रवाल राजस्थान का वो पहला युवा है, जिसे तगड़ी तनख्वाह वाली जॉब ऑफर हुई हो।
आपको बता दें कि रचित अग्रवाल राजस्थान के कोटा शहर के शक्तिनगर के रहने वाले व्यवसायी राजेश अग्रवाल और संगीता अग्रवाल का बेटा है। उनके पिता कोटा में फूड पैकेजिंग का काम करते हैं। वहीं बेटे को छह करोड़ सालाना यानी को 50 लाख रुपए महीना की नौकरी मिलने पर खुशी का माहौल बना हुआ है। हैरानी आपको तब होगी जब आपको पता चलेगा कि यह वेतन प्रतिदिन एक लाख 66 हजार रुपए का बैठता है।
रचित अग्रवाल राजस्थान के कोटा शहर के शक्तिनगर के निवासी राजेश अग्रवाल व संगीता अग्रवाल का बेटा है। पिता राजेश कोटा में फूड पैकेजिंग का काम करते हैं। बेटे को छह करोड़ सालाना यानी को 50 लाख रुपए महीना की नौकरी मिलने पर वह बेहद खुश हैं।
करोड़ों की नौकरी पाने वाले रचित अग्रवाल की शुरुआती शिक्षा कोटा के एक निजी स्कूल से हुई। इंजीनियरिंग की परीक्षा की तैयारी करते समय रचित ने यूएस के विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने की ठानी और स्कॉलेस्टिक एप्टीयूड टेस्ट दिया, जो एक स्टेंडर्ड का एग्जाम है जिसके जरिए यूएस के कॉलेजों में दाखिला मिलता है।
स्कॉलेस्टिक एप्टीयूड टेस्ट को पास करने के बाद रचित अग्रवाल को दो करोड़ की स्कॉलरशिप मिली, जिससे इन्होंने आर्लिंगटन में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में दाखिला लिया और कंप्यूटर साइंस के साथ इकोनॉमिक्स एवं दर्शन शास्त्र की पढ़ाई की। यूएस में पढ़ाई के दौरान रचित ने कई कोडिंग प्रतियोगिताएं भी जीतीं।