कोल्लम की अतिरिक्त सत्र अदालत मंगलवार को आयुर्वेद की मेडिकल छात्रा विस्मया के पति किरण कुमार को दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में सजा सुनाने वाली है।
अदालत ने सोमवार को कुमार को दोषी ठहराया था। विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) जी मोहनराज ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश -1 सुजीत केएन ने भी आईपीसी और दहेज निषेध अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत दहेज संबंधी उत्पीड़न के अपराध के लिए पति को दोषी ठहराया।
एसपीपी ने कहा कि अभियोजन पक्ष और दोषी की ओर से दलीलें सुनने के बाद अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष दोषी – एस किरण कुमार के लिए अधिकतम संभव सजा की मांग करेगा। एसपीपी ने कहा, “यह एक सामाजिक बुराई के खिलाफ फैसला है, न कि सिर्फ एक व्यक्ति के खिलाफ।”
बता दें कि आईपीसी की धारा 304बी के तहत दहेज हत्या के अपराध में न्यूनतम सात साल और अधिकतम उम्र कैद की सजा का प्रावधान है। आईपीसी की धारा 498 ए के तहत दहेज उत्पीड़न और आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध में क्रमशः तीन साल और 10 साल की जेल की अधिकतम सजा होती है।
Leave a Reply