व्यापार: आज के समय मे हर कोई चाहता है कि वह अपना व्यापार शुरू करके अच्छा लाभ कमा सके। लेकिन कई बार हमारे पास बिजनेस करने के लिये बेस्ट आईडिया नहीं होता है तो कई बार आइडिया होने के बावजूद हमारे पास बिजनेस शुरू करने के लिये पैसा नही होता है। वही अगर हम किसान की बात करे तो वह यह विचार तो मन मे बनाता है कि वह अपना बिजनेस शुरू करे लेकिन खेती के कारण वह अपना बिजनेस नही कर पाता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी खेती के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको लखपती बना सकती है।
आज हम बात कर रहे हैं काले चावल की खेती की। जहाँ सामान्य चावल मार्केट में 40 रुपये से 200 रुपये किलो बिक रहा है वही काले चावल की मार्केट में कीमत 500 रुपये है। वही इस समय मार्केट में काले चावल की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह हमें न सिर्फ उम्दा लाभ देता है बल्कि इसको खाने से हम कई बीमारियों से बच जाते हैं। काले चावल को खाने से शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी नही होती है।
अगर हम पहले की बात करें तो पहले काले चावल की खेती केवल चीन में होती थी। लेकिन अब यह अपने पैर भारत में पसार रहा है। अभी जहां भारत के महारष्ट्र और गुजरात मे काले चावल की खेती होती है। वही अब यूपी के किसान भी काले चावल की खेती करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। काले चावल की खेती सामान्य चावल की खेती की तरह होती है। इसको तैयार होने में 100 से 110 दिन का समय लगता है। इसके पौधे सामान्य चावल के पौधे से मजबूत होते हैं। काले चावल की विदेशों में अधिक मांग है।
काले चावल में विटामिन ई, विटामिन बी, आयरन, कैल्शियम, जिंक जैसे पोषक तत्व शामिल है. पकने के बाद इनका रंग बदलकर बैगनी–नीला हो जाता है. इसी कारण इन्हें भारत में नीले चावल के नाम से भी जाना जाता है। काले चावल की खेती को राज्य सरकारों द्वारा खूब प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकारें किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के लिये काले चावल की खेती को बढ़ावा दे रही है।
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