रेशम वर्मा कि रिपोर्ट
छत्तीसगढ़-पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता देवजी भाई पटेल ने प्रदेश में संचालित पीडीएस सिस्टम के अंतर्गत राशन दुकानों में हो रहे अनियमितता को देखते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रदेश के समस्त राशन दुकानों में घोटाला किया जा रहा है आधे अधूरे राशन बांट कर माफिया मालामाल हो रहे हैं । इससे राशन दुकान संचालक और खाद्य विभाग के सांठगांठ स्पष्ट परिलक्षित है,
प्रथम कोरोना काल में भी केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को दी जाने वाली राशन का करोड़ों का गोलमाल किया गया वर्तमान में भी केंद्र सरकार द्वारा प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त राशन मई जून में दिया जाना है। लेकिन प्रदेश सरकार की अनियमितता से व्यवस्थाएं चरमरा गई है , और हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित है ।
छत्तीसगढ़ सरकार की मुखिया एवं खाद्य विभाग की मंत्री के पास भी कई बार शिकायतें पहुंच चुकी है किंतु अधिकारियों से अवैध वसूली और सांठ गांठ के कारण राशन माफियाओं के हौसले बुलंद है , प्रदेश की सरकार के लोग कमीशन और घूसखोरी में व्यस्त हैं ।
गरीबों का निवाला छीनने वाला यह सरकार भ्रष्ट और निक्कमी है,
छत्तीसगढ़ के समस्त ग्राम पंचायतों से शिकायत मिलने के बाद भी अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं ।
मेरे ही क्षेत्र में सिलयारी मांट ,खरोरा, धरसीवा खौना गांव में आधा अधूरा राशन देकर राशन कार्ड पर इंदराज किया जाता है, और राशन की कालाबाजारी की जाती है , राशन माफियाओं के द्वारा चावल बचाकर राइस मिलों में बेचा जा रहा है, वही चावल फिर से कस्टम मिलिंग में प्रदान किया जा रहा है ।
जानकारी मिलने के बाद भी अधिकारी शासन के मुखिया लोग भ्रष्टाचार से बाज नहीं आ रहे है,
श्री पटेल ने कहा कि
जिलाधीश तत्काल अपने होने वाली साप्ताहिक बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों को तुरंत इस पर कार्यवाही करने का निर्देश दे या कोई अधिकारी इस कालाबाजारी में संलिप्त है तो उस अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही हो ।
साथ ही ये भी जानकारी प्राप्त हुई है कि राशन वितरण की शिकायत
एस डी एम और जिला कलेक्टर को भी सौंपी गई है परंतु उनके द्वारा कोई कार्यवाही न करना क्या माफियों को संरक्षण देना है ..?
भाजपा शासनकाल की सुव्यवस्थित पारदर्शी राशन वितरण प्रणाली को ध्वस्त कर राशन माफियाओं के हाथों राशन वितरण कार्य को दिए जाने का यह दुष्परिणाम हैं ।
उन्होंने कहा कि समस्त ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से आग्रह है वह अपने ग्राम व अपने क्षेत्र में दिए जाने वाले राशन दुकानों की निगरानी करें और राशन माफियाओं को कड़े से कड़े हिदायत देकर गरीबों को राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें ।
व्यवस्थाएं यदि ऐसी चरमराई रही और गरीबों को मानक के आधार पर राशन नहीं दिया जाएगा तो गांव स्तर पर उग्र आंदोलन और राशन दुकानों का घेराव भी किया जाएगा ।
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