प्राइवेटाइजेशन रोकने के लिए अब मजदूरों और सरकार का होगा आमना सामना

बाजार:- केंद्र सरकार निजीकरण की नीति पर तेजी से आगे बढ़ रही है। अभी हाल ही में खबर थी कि जल्द ही दो सरकारी बैंकों का निजीकरण होने वाला है। वही अब सरकार की इस निजीकरण नीति का विरोध शुरू होने जा रहा है और कई संगठन सरकार के इस फैलाले को चुनौती दे रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (बीपीएमएस) निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करने वाले हैं। कहा जा रहा है कि संगठन निजीकरण के विरोध में पूरे 100 दिन तक प्रदर्शन करेगा। 

जानकारी मिली है कि यह संगठन निजीकरण और निगमीकरण के विरोध में 27 जून से अलग अलग जगहों पर प्रदर्शन करेगा। यह सरकार की निजीकरण नीति से असंतुष्ट है। संघ के वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार देश की सरकार सम्पत्ति को नष्ट कर रही है। आज इनकीं नीतियों के विरोध में मजदूर वर्ग आंदोलन कर रहा है । केंद्र सरकार रक्षा प्रतिष्ठानों को खत्म करने की साजिश कर रही है. इसी के तहत सरकार ने सबसे पहले रक्षा संस्थानों का निगमीकरण किया है। 
उन्होंने आगे कहा सरकार कह रही है हम देश चलाने आये हैं उद्योग नहीं। लेकिन वह यह नहीं जानते कि बिना मजदूर के न तो सरकार चलेगी और न देश। केंद्र सरकार सरकारी कर्मचारियों के साथ अनन्या कर रही है आज इनकीं नीतियों के कारण देश मे जगह जगह आंदोलन हो रहा है। मोदी सरकार ने हर किसी को रुला कर रख दिया है। अब पानी सर के ऊपर है और हम इनकीं नीतियों के विरोध में प्रदर्शन करेंगे क्योंकि हमें इनकीं निजीकरण की नीति नहीं स्वीकृत है।

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