देश- आज जहां मोदी सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करने जा रही हैं। सूत्रों का दावा है कि आज 11 बजे वह बजट का पिटारा खोलेगी। वहीं क्या आपको याद है साल 1970 का वह बजट गरीबों के हित हेतु प्रस्तुत किया गया था।
यह दौरा था प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का। इंदिरा गांधी जिन्हें जनता की नेता और आम आदमी की आवाज कहा जाता था। उन्होंने पुरूष प्रधान समाज के बीच अपनी छवि विकसित की और देश की राजनीति में अपना अहम योगदान दिया। जब मोरारजी देसाई का कद बढ़ने लगा तो इंदिरा को काफी चुनौतीपूर्ण समय का सामना करना पड़ा। लेकिन वह अपने लक्ष्य से कभी नहीं भटकीं।
उन्होंने अपने भाषण में कहा, कोई भी समाज तब तक तरक्की नहीं कर सकता। जब तक उसके कमजोर वर्ग की तरक्की न हो। आर्थिक विकास तभी सम्भव है जब गरीबी मिटे और सभी लोग समान भाव से आगे बढ़ें। उन्होंने उस दौर में बजट प्रस्तुत किया। बजट पूर्ण रूप से आम आदमी की जरूरतों पर बना था।
बजट में गांव के लोगों के लिए पेयजल, बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन और सरकारी कर्मचारियों के लिए कम से कम पेंशन के प्रावधान रखे गए थे।वहीं सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए विशेष केंद्रीय योजनाएं शुरू की गईं। इंदिरा गांधी का यह बजट समाज मे समानता लाने के उद्देश्य से लाया गया था।
लेकिन इस बजट ने अमीर वर्ग को खूब रुलाया। क्योंकि इंदिरा गांधी ने उनपर इतना टैक्स लगा दिया कि उनकी रीढ़ चटकने लगी। इस बजट में उन्होंने 2 लाख से ज्यादा कमाने वालों पर इनकम टैक्स की अधिकतम दर साढ़े 93 फीसदी कर दिया।
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