Central Government: जानें सरकार कहाँ से लेती है उधार

देश: केंद्र सरकार जनता के हित को ध्यान में रखते हुए बजट बनाती है। बजट कई बार सरकार के पास मौजूद धन की तुलना में अधिक खर्च का होता है। सरकार बजट में की गई घोषणाओं को पूरा करने के लिए कर्ज लेती है जिसके चलते कई बार सुनने में आता है केंद्र सरकार का इस बार का बजट घाटे का बजट रहा और सरकार कर्जे में डूब गई है। 

लेकिन अब सवाल यह भी उठता है कि सरकार जो की पूरे देश की बागडोर संभाले है, देश की कर्ताधर्ता है। पूरा देश सरकार की नीतियों से संचालित है तो उसे आखिर किससे लोन लेना पड़ जाता है। कौन इतना पावर फुल है जो सरकार को लोन देता है। 

जानें सरकार को कहाँ से मिलता है लोन –

 G-Sec के विषय में आपने सुना होगा। सरकार इसे जारी करती है।  बजट दस्तावेजों में इसे कैपिटल रिसीट में शामिल किया जाता है। छोटी अवधि की सिक्योरिटी को ट्रेजरी बिल कहते हैं. ट्रेजरी बिल एक साल से कम अवधि के लिए जारी की जाती हैं।  

अगर इस तरह की सिक्योरिटी एक साल से अधिक की अवधि के लिए जारी की जाय तो उन्हें सरकारी बांड या डेट सिक्योरिटीज कहते हैं.सरकार इस तरह रकम उधार लेकर उससे जन कल्याण के खर्च करती है।  

टैक्स और नॉन टैक्स रेवेन्यू जब सरकार के खर्च के हिसाब से कम पड़ने लगते हैं तब सरकार इस तरह रकम उधार लेती है. सरकार हर साल के बजट में अपने सालाना उधारी कार्यक्रम के बारे में घोषणा करती है। 

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