HDFC-HDFC विलय पर CEO का बड़ा बयान आया सामने

डेस्क। HDFC-HDFC बैंक के विलय को लेकर अलग अलग रिपोर्ट और दावे सामने आ रहें है। कोई इसे बड़ी गलती करार दे रहा तो कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कोई खास असर नहीं पड़ेगा। 

HDFC के वाइस-चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री के अनुसार, फंड की लागत के अलावा, विलय से विदेशी निवेशकों के लिए विलय की गई इकाई का अतिरिक्त 13% हिस्सा लेने के लिए भी हेडरूम तैयार होगा।  

आगे उन्होंने बताया कि यह बैंक में HDFC के शेयरों को रद्द करने के कारण होगा, एक ऐसा कदम जो इक्विटी पर रिटर्न में भी सुधार करेगा। 

बता दें कि टाइम्स नेटवर्क के एक प्रमुख कार्यक्रम, ‘इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव’ में जब मिस्त्री से सवाल हुए तो उन्होंने कहा कि, विलय से बैंकिंग उद्योग का विस्तार होगा।  

मिस्त्री ने कहा, “पिछले 5-10 वर्षों में बैंकिंग उद्योग का आकार काफी बढ़ गया है और अब HDFC-HDFC बैंक विलय की घोषणा के साथ उद्योग को बढ़ने में मदद मिलेगी।”  मिस्त्री के मुताबिक, देश में हाउसिंग फाइनेंस बढ़ता रहेगा। यह भविष्य में HDFC बैंक के लिए एक बड़ा अवसर होगा क्योंकि सभी बैंक होम लोन प्रदान करने में सक्षम नहींहोतीं। 

आगे वो बोले कि “जीडीपी के प्रतिशत के रूप में भारत में कुल बकाया होम लोन 11% से कम है।  यूएस या यूके में इस नंबर को देखें तो यह 60 या 70 के दशक में होगा।  चीन में, यह 20 के दशक के मध्य में कहीं है, उन्होंने आगे कहा कि, “भारत में अधिकांश लोगों के लिए, सांस्कृतिक रूप से, एक घर का मालिक होना वास्तव में बड़ा है और, मेरे विचार में, एक परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण अधिकार बना रहेगा।

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