बोकारो से शेखर की रिपोर्ट
बोकारो के कोऑपरेटिव कॉलोनी निवासी सत्य व्यास के लिखित उपन्यास 84 के दंगों पर बनी फिल्म ग्रहण को ग्रहण लग गया आपको बताते जाए कि सत्य व्यास की यह तीसरी उपन्यास थी जिसने वह 84 के दंगे पर ग्रहण फिल्म बनाई गई थी यह फिल्म 24 तारीख को वेब सीरीज में लॉन्च होने वाला था इस फिल्म को देखने के लिए बोकारो के लोगों में काफी उत्साह थी आपको बताते जाएगी की दिल्ली और झारखंड के बोकारो में 1984 के दंगों के पीड़ितों ने सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए web-series और ग्रहण के निर्माता को कानूनी नोटिस भेज दिया है नोटिस में यह कहाँ है की ग्रहण फिल्म के निर्माता शिख समुदाय से माफ़ी मगे और sath ही इस फिल्म पर रोक लगाये वही सिख समुदाय के लोगों ने कहा कि इस फिल्म वेब सीरीज में जानबूझकर अपने शो में दंगों की कहानी को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है 1984 की दंगे की पीडितो निप्रीत कौर सतनाम सिंह गंभीर और जगजीत सिंह ने दिल्ली से वकील हर्षित सिंह होरा के जरिए भेजे गए कानून नोटिस में बताया कि भारत के कई शहरों में हजारों में पुरुषों महिलाओं और बच्चों को मार डाला गया था बोकारो में 1984 का दंगा दर्दनाक घटना का गवाह रहा था लोगों ने कहा कि आज भी 1984 के दंगों को याद करते हैं तो रूह कांप उठती है ऐसा दोबारा ना हो पीड़ितों ने वेब सीरीज के निर्माण और हॉटस्टार डीजी ने माफी मांग ने की मांग की है और कहानी को तोड़ मरोराड़ कर दिखाने व परसों की रिलीज को रोकने की अपील की है
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