स्टाफ पर चलाया कैश की तंगी से जूझ रही सरकारी कंपनियों ने चाबुक

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अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बीच सरकारी कंपनियां बची हुई छुट्टियों पर कर्मचारियों को नकद भुगतान करने जैसी स्कीम बंद कर रही हैं। साथ ही, वे उन कर्मचारियों का वेतन भी काट रही हैं, जिनका कामकाज ठीक न पाया जाए। कुछ मामलों में सीनियर एग्जिक्यूटिव्स की सैलरी 25% घटाने पर भी चर्चा की गई है। यह कदम कोल इंडिया की एक सब्सिडियरी में उठाया जाना था, लेकिन फिर रोक दिया गया। हालांकि भारत संचार निगम लिमिटेड ने दिए गए टारगेट पूरे न करने वाले कर्मचारियों की सैलरी काटने का निर्णय कर लिया है।

ऑइल सेक्टर में भी ऐसे कदमों की चर्चा है, लेकिन कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने हाल में कैश फ्लो की स्थिति सुधारने के लिए लीव एनकैशमेंट रोक दिया, वहीं स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया सहित कई अन्य कंपनियों ने पिछले दो-तीन साल में यह कदम उठाया है।

BHEL का कर्मचारियों को संदेश
BHEL ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि कच्चा माल खरीदने, मैन्युफैक्चरिंग जारी रखने और प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए उसे कैश के उपयोग में सतर्कता बरतनी है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को जारी सर्कुलर में कहा है, ‘हाल में कंपनी के सामने कामकाज चलाने के लिए फंड की उपलब्धता को लेकर दिक्कत हुई है। बिजनस सेक्टर्स/यूनिट्स विभिन्न वजहों से कस्टमर्स के पास रुका हुआ कैश हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। लिहाजा इस वित्तीय स्थिति में नकदी का उपयोग कच्चे माल की खरीदारी, मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस और प्रॉजेक्ट पूरे करने जैसे प्राथमिकता वाले कार्यों में करने की जरूरत है। लिहाजा अर्जित अवकाश के इन-सर्विस एनकैशमेंट को स्थगित करने का निर्णय किया गया है।’

हालांकि बच्चे की उच्च शिक्षा या उसकी शादी जैसी जरूरत पर यह सुविधा नहीं रोकी गई है। BHEL ने कर्मचारियों से यह भी कहा है कि इस्तीफा देने, निधन होने या 300 से ज्यादा छुट्टियां इकट्ठी होने पर लीव एनकैशमेंट कराया जा सकेगा। कंपनी ने ईटी के ईमेल से भेजे गए सवाल का जवाब नहीं दिया।

HAL भी घटा रहा खर्च
उधर HAL के प्रवक्ता गोपाल सुतार ने ईटी के सवाल के जवाब में कहा, ‘HAL ने खर्च घटाने के लिए सेवारत कर्मचारियों के लिए लीव एनकैशमेंट पर रोक लगा दी है। रिटायर होने वालों के मामले में ऐसी कोई बंदिश नहीं है।’ एनालिस्ट्स ने कहा कि HAL के सरकार पर 20,000 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिससे इसके कैश फ्लो पर असर पड़ा है। इसके चलते इसे सैलरी देने के लिए बैंकों से कर्ज लेना पड़ा है।

टारगेट पूरा नहीं तो सैलरी कटौती
BSNL ने अगस्त में लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड टारगेट हासिल न करने वाले स्टाफ की सितंबर वाली सैलरी में कटौती कर दी है। BSNL के एक आंतरिक पत्र में 9 सितंबर को कहा गया था कि अगस्त 2019 के प्रदर्शन की समीक्षा से पता चलता है कि कई फील्ड यूनिट्स ने लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड टारगेट हासिल नहीं किए, जिसके लिए ‘टारगेट जितना दूर रह गया, उसी अनुपात में सैलरी से रिकवरी बतौर सजा की जा रही है।’ इसमें हालांकि कहा गया है कि उन कर्मचारियों को काटी गई रकम दे दी जाएगी, जो बचा हुआ और सितंबर का टारगेट पूरा कर देंगे। BSNL के प्रवक्ता ने कमेंट करने से मना कर दिया।

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