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कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक है और अब इसकी तीसरी लहर के आने के भी संकेत मिल रहे हैं। तीसरी लहर में छोटे बच्चों पर संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा बताया जा रहा है। यह सब देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में कुछ बालरोग विशेषज्ञों से चर्चा कर बच्चों के लिए एक स्वतंत्र टास्क फोर्स तैयार करने का निर्णय लिया है। हालांकि तीसरी लहर के आने से पहले ही पुणे में छोटे बच्चों में बड़ी तादाद में कोरोना संक्रमण पाया गया है। बीते साल भर के आंकड़े को देखा जाए तो पुणे में सवा दो लाख बच्चों की कोरोना टेस्टिंग की गई। कहा जा रहा है इनमें से 1 साल से कम के 249 बच्चों में कोरोना संक्रमण पाया गया।
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