देहरादून में ध्वस्त होती स्वास्थ्य सेवाएं, दून अस्पताल में लाचार सिस्टम-बेबस मरीज

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देहरादून। कोराना के कारण हर दिन बड़ी संख्या में मरीज दम तोड़ रहे हैं। अब मरीजों की सांसों की डोर टूटने के साथ ही जनसामान्य का सब्र भी टूटने लगा है। इसी गम और गुस्से की एक तस्वीर गुरुवार को दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में दिखी। यहां एक मरीज की मौत के बाद स्वजनों का सब्र जवाब दे गया। उन्होंने हंगामा और तोड़फोड़ कर दी। समझाने पर किसी तरह स्वजन शांत हुए।

हरिद्वार रोड निवासी 39 वर्षीय एक युवक को कोरोना संक्रमण होने पर 15 अप्रैल को दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को युवक की मौत होने पर स्वजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। महिलाओं ने स्टाफ को खूब खरी-खोटी सुनाई। इसी दौरान एक महिला ने आयुष्मान वार्ड का शीशा तक तोड़ दिया। एक वार्ड ब्वॉय शीशे की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। मृतक के भाई संजय कुमार ने बताया कि कल तक युवक फोन पर बात कर रहा था। इंजेक्शन भी लगाए गए थे, लेकिन गुरुवार सुबह कह दिया गया कि उसकी मौत हो गई है। संजय ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि यहां कोई सुनने वाला नहीं है।

उधर, अनारवाला की 56 वर्षीय सरला थापा को कोरोना संक्रमण होने पर दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उनकी दो बेटियां भी यहां भर्ती हैं। सरला की बहू पिया थापा ने भी आरोप लगाया कि अस्पताल में कोई मरीजों के इलाज की सुध नहीं ले रहा है। तीमारदारों को मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी तक नहीं दी जा रही। पिया ने बताया कि सुबह तक सरला आराम से बात कर रही थीं। कुछ देर बाद चिकित्सकों ने कह दिया कि अचानक उनकी हालत खराब हुई और उनका निधन हो गया। वह अब दोनों ननद को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर ले जा रही हैं।

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