अमेरिकी CEOs निकाल रहे हैं 2006-07 की तरह मार्केट से पैसा

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क्या दुनिया एक बार फिर 2008 वाली मंदी की ओर बढ़ रही है? अमेरिकी CEOs जिस तरह से मार्केट से पैसा निकाल रहे हैं उससे तो यही लगता है। अमेरिका में CEOs रेकॉर्ड तेजी से अपने शेयर बेज रहे हैं। अगस्त में उन्होंने प्रतिदिन औसतन 600 मिलियन डॉलर (43 अरब रुपये) के शेयर बेचे हैं। यह लगातार पांचवां महीना है जब आंतरिक शेयरधारकों ने 10 अरब डॉलर से अधिक के शेयर बेचे हैं। अमेरिकी CEOs ने इस तरह की बिक्री वैश्विक मंदी से ठीक पहले 2006-07 में की थी।

क्या यह बुल रन का अंत है?

अमेरिकी शेयर बाजार का बुल रन रेकॉर्ड 10 साल से अधिक समय तक चला है, जिसकी शुरुआत 9 मार्च 2009 को हुई थी। इस दौरान अमेरिकी शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक डाऊजोंस 19 हजार अंक ऊपर चढ़ा है। माना जा रहा है कि अमेरिका के टॉप एग्जिक्युटिव्ज के मन में इस बात को लेकर दुविधा है कि शेयर बाजार की यह तेजी कब तक जारी रहेगी? इसी वजह से CEOs और फाउंडर्स शेयर बेचकर पैसे निकाल रहे हैं।
इन्होंने बेचे शेयर
एक रिपोर्ट के मुताबिक, फाउंडर मार्क जकरबर्ग सहित फेसबुक के तीन टॉप एग्जिक्युटिव्ज ने इस सप्ताह 49 मिलियन डॉलर (3.5 अरब रुपये) के शेयर बेचे हैं। पिज्जा चेन पापा जॉन्स के पूर्व सीईओ और फाउंडर जॉन स्नैडर16 मिलियन डॉलर (1.15 अरब रुपये) के शेयर मई में और 20 मिलियन डॉलर के शेयर इस सप्ताह बेचे हैं।

विश्वास की कमी

कंपनी के अंदरुनी लोग शेयर बेच रहे हैं इसका कारण सरल है। जब जिम्मेदार लोग अपने शेयर बेचते हैं तो इसे कंपनी में विश्वास में कमी को तौर पर देखा जाता है। हालांकि, यह हमेशा ठीक नहीं होता। कुछ विश्लेषक मानते हैं कि कंपनियों द्वारा द्वारा शुरू किए गए बायबैक पहल की वजह से भी ऐसा होता है।

अमंगल के हैं लक्षण
अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर एक बड़ा कारण है जिसकी वजह से अमेरिकी टॉप एग्जिक्युटिव्ज को अधिक विश्वास नहीं है कि बाजार मे तेजी लंबे समय तक चलेगी। ट्रेड वॉर जारी रहने की वजह से दुनिया में मंदी का डर फैल गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अगले साल मंदी में जा सकती है।

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