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  • महेश मूर्ति के खिलाफ NCW ने महाराष्‍ट्र डीजीपी से कार्रवाई की मांग

    महेश मूर्ति के खिलाफ NCW ने महाराष्‍ट्र डीजीपी से कार्रवाई की मांग

     

     

    राष्ट्रीय महिला आयोग ने सीडफंड के मालिक महेश मूर्ति के खिलाफ कदम उठाने की मांग की है. आयोग ने महाराष्‍ट्र के डीजीपी को दी गई शिकायत में कहा है कि मूर्ति  ने महिलाओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर बहुत ही भद्दे, अपमानजनक और आपत्तिजनक शब्‍द कहे हैं.

    आयोग ने डीजीपी को लिखा है कि दिल्‍ली की एक महिला ने मूर्ति के खिलाफ आयोग में शिकायत दी है. इसी शिकायत की कॉपी के साथ ही कई मीडिया रिपोर्ट्स की कॉपी भी डीजीपी को भेजी गई हैं. इनमें कहा गया है कि महेश मूर्ति अक्‍सर महिलाओं के खिलाफ ऐसे शब्‍द इस्‍तेमाल करते हैं.

    आयोग का कहना है कि मूर्ति ने सोशल मीडिया पर की गई पोस्‍ट को लेकर माफी भी सोशल प्‍लेटफॉर्म पर पोस्‍ट की है, लेकिन बता दें कि इससे पहले भी मूर्ति द्वारा एेसे अपमानजनक शब्‍द इस्‍तेमाल करने पर अन्‍य महिला ने शिकायत की थी. ऐसे में इस मामले में दखल देते हुए डीजीपी मामले की जांच करें और आरोपी के खिलाफ उचित कदम उठाएं.

    इसके साथ ही आयोग ने कहा है कि 15 दिन के भीतर डीजीपी मामले की जांच के साथ ही इस पर एक्‍शन टेकन रिपोर्ट के साथ पूरी जानकारी आयोग को भेजें.

  • मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राजधानी में भाजपा महापौर प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया सहित एवं सभी पार्षदों को जिताने की अपील की

    देश के सबसे राज्य की राजधानी का स्वरूप देश के लिए माॅडल होगा: योगी आदित्यनाथ

    लखनऊ,19 नवम्बर 2017। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भाजपा की महापौर प्रत्याशी Sanyukta Bhatia के समर्थन में राजधानी में की जनसभाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सबसे बडे राज्य की राजधानी का ऐसा स्वरूप होगा जो पूरे देश का रोल माॅडल बने। लखनऊ स्मार्ट सिटी के रूप में विकासित करने का भाजपा का लक्ष्य है। राजधानी के राजाजीपुरम् और अवध चैराहे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भाजपा महापौर व सभी पार्षद प्रत्याशियों को जिताने की अपील की।

    मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि पिछली सरकारों ने शरारत के तहत लखनऊ को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा। देश के सबसे बडे राज्य की राजधानी का जैसा स्वरूप होना चाहिए वैसा हम बनाएगें।

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    लखनऊ पूरे देश के लिए रोल माॅडल होगी

    गोमती अविरल और निर्मल होगी। पिछली सरकार में नगर निकायों को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया था। सपा-बसपा सरकारों ने शोषण किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने लखनऊ का प्रतिनिधित्व किया है। अटल जी कहा करते थे सिद्धान्त विहीन राजनीति फांसी का फंदा होती है। भाजपा सैद्धान्तिक राजनीति के साथ काम कर रही है। आठ माह की सरकार में प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया।

    पूरे प्रदेश में अबैध बूचड़खाने और अवैध खनन बंद हुआ है। हम अम्बेडकर जयन्ती से सभी जनपद मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 20 तथा ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे निर्बाध बिजली दे रहे है।

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    पहले बिजली वितरण में भेदभाव था। सत्ता के संरक्षण में माफिया व्यापारियों के संपत्ति पर काबिज थे। भय से व्यापारी पलायन करने पर मजबूर थे लेकिन अब कैराना जैसी घटना नहीं दोहराई जा सकती। अब अपराधी प्रदेश से पलायन कर रहे है।

    अपराधी पुलिस मुठभेंड में मारे जा रहे है। आधिकांश अपराधी जमानत रद्द करवाकर जेल जा रहे है। कुछ अपराधी दूसरे प्रदेश में आत्मसमप्र्रण कर रहे है, यह बताता है कि आज प्रदेश में कानून का राज है।

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    यूपी में रोजगार चाहिए तो निवेश का माहौल बनाना होगा, वो कानून के राज से ही सम्भव है। श्री योगी ने कहा कि सरकार ने बिजली की व्यवस्था बेहतर की, 20 लाख निःशुल्क बिजली कनेक्शन दिए। सभी 653 नगर निकायों में समक स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है।

    ईएसएल के माध्यम से स्ट्रीट लाइट लगाएगी। अयोध्या की दीपावली की तरह हर रोज निकाय जगमग होगें। पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित पुनर्वास के लिए सर्वे करा लिया गया है। इससे यातायात बेहतर बनाने की योजना है।

    40 लाख से अधिक लोगों को राशन कार्ड दिया गया हैं। पहले की सरकार ने कांवड़ यात्रा में माइक शंख, घंटे बजाने की पाबंदी के लिए बैठक बुलाई, लेकिन इस सरकार ने साफ कर दिया माइक भी बजेगा, घंटे भी बजेंगे, और हेलीकाप्टर से पुष्प भी बरसेंगे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा की लखनऊ महापौर प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया सहित सभी पार्षदों को भारी बहुमत से जिताने की अपील की।

    इस दौरान दोनों सभाओं में प्रमुख रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता लाल जी टण्डन, प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया, प्रदेश मंत्री गोबिन्द नारायन शुक्ला, मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, नरेन्द्र सिंह राणा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मान सिंह, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा एवं आनन्द द्विवेदी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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  • स्कूल में यूनिफॉर्म की जगह जींस पहनकर जाना पड़ा छात्रों को मंहगा, प्रबंधन ने चलाई कैंची

    स्कूल में यूनिफॉर्म की जगह जींस पहनकर जाना पड़ा छात्रों को मंहगा, प्रबंधन ने चलाई कैंची

     

     

    कानपुर। कानपुर के एक स्कूल का शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां कानपुर में छात्रों को जींस पहनकर स्कूल जाना बेहद भारी पड़ गया। स्कूल में यूनिफॉर्म का जह जींस पहनकर जाने पर प्रबंधन ने छात्रों को ऐसी सजा दी कि वो खून में नहा गए। आरोप है कि प्रबंधन ने छात्रों को अपने ऑफिस में बुलाकर छात्रों के जींस पर कैंची चला दी। कैंची इतनी तेज थी कि जींस के साथ एक छात्र की टांग भी कटती चली गई और वो जख्मी हो गया। छात्र के पैर से खून बहने लगा।

    kanpur

    बता दें कि घटना कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र का है। यहां अंबेडकर इंटर कॉलेज में 11वीं क्लास में पढ़ने वाले तीन छात्र अनुज, अजय और राम ड्रेस गंदी होने के कारण स्कूल में जींस पहनकर चले गए. ऐसा देखकर स्कूल प्रबंधक महेंद्र कटियार का पारा चढ़ गया और उन्होंने तीनों छात्रों को अपने ऑफिस में बुलाकर उनकी जींस पर कैंची चला दी.

    इससे छात्र अनूप गंभीर रूप से घायल हो गया. उसके शरीर से खून निकलने लगा. जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने छात्र का इलाज कराना भी मुनासिब नहीं समझा और चपरासी की मदद से उसे घर भेज दिया. छात्र के घरवाले ये सब देखकर सहम गए. जिसके बाद उन्होंने पुलिस स्टेशन जाकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

    पुलिस का कहना है आरोपी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया है. इस घटना से इलाके में स्कूल के खिलाफ आक्रोश बना हुआ है.





  • एंटिबायोटिक के इस्तेमाल पर बनेगा नया कानून

    एंटिबायोटिक के इस्तेमाल पर बनेगा नया कानून

     

     

    एंटीबायोटिक दवाओं को लेकर सरकार नया कानून लाने की तैयारी कर रही है. सीएनबीसी-आवाज़ की एक्सक्लूसिव खबर के मुताबिक अब चिकन, मटन जैसे नॉन-वेजिटेरियन उत्पादों में मिल रहे एंटिबायोटिक और उसके खतरनाक परिणामों को देखते हुए सरकार ने कानून बनाने का फैसला लिया है.

    स्वास्थ्य राज्य मंत्री


    अश्विनी चौबे

     कहते है कि 

    [object Promise]खाद्य पदार्थों में एंटीबायोटिक के साथ ही पेस्टिसाइड्स के बेतहाशा इस्तेमाल और उससे हो रहे नुकसानों को लेकर सजग है. यही वजह है कि सरकार इससे जुड़े मानक बनाने जा रही है.

    आएगा नया कानून
    नए प्रस्तावित कानून के तहत सभी नॉन-वेजिटेरियन उत्पादों में एमआरएल यानी एंटीबायोटिक की अधिकतम मात्रा तय की जाएगी. जिस भी चिकन-मटन शॉप, रेस्टोरेंट या फूड ऑउटलेट पर इससे ज्यादा एमआरएल पाया गया उनके खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी.मैक्डॉनल्ड और KFC समेत छोटे रेस्टोरेंट भी आएंगे दायरे में
    बीते हफ्ते इस मसले पर स्वास्थ्य मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक भी हो चुकी है. सरकार प्रस्तावित ड्राफ्ट पर लोगों से मिले सुझाव के बाद कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही नोटिफिकेशन जारी कर देगी. इस कानून के दायरे से मैक्डॉनल्ड और केएफसी से लेकर छोटे रेस्टोरेंट भी आएंगे.

    क्या है मामला
    बकरों और मुर्गों को संभावित रोगों से दूर रखने और इस तरह इनमें गोश्त की मात्रा बढ़ाने के लिए तेजी से इंडस्ट्री में बिना रोकटोक इन दवाओं का इस्तेमाल होता है. इससे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की स्थिति पैदा हो रही है. जिसका मतलब है कि बैक्टीरिया पहले इन दवाओं से लड़ने के लिए खुद को तैयार कर चुका होगा. और जब ये बैक्टीरिया आपको बीमार करेगा और जब आप इन दवाओं को खाएंगे तो आप पर ये दवाएं बेअसर साबित होंगी.

  • सजाई अपनी चिता और आग लगा ली

    महाराष्ट्र। अपने अकेलेपन से परे शान होकर एक 90 वर्षीय महिला ने खुद की चिता बनाकर आग लगा कर आत्म हत्या कर ली. इस घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अपने अंतिम समय में बुजुर्ग लोग कितना परेशान हो जाते हैं.। कोल्हापुर जिले में इस 90 वर्षीय महिला ने पहले कथित रूप से खुद अपनी चिता जलाई और फिर उसे आग लगा दी. पुलिस इसे दुर्घटनावश हुई कार्रवाई ही मान रही है. पुलिस के एक अधिकारी ने कल बताया कि कल्लव्वा दादु कांबले ने कागल तहसील के बामनी गांव में 13 नवंबर को आत्महत्या कर ली थी.।

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    उन्होंने बताया कि मृतक महिला अपने बेटे विठ्ठल के घर के बगल वाले घर में अकेले रह रही थीं. कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक संजय मोहिते ने बताया कि महिला ने अपने जीवन से परेशान होकर यह कदम उठाया. पुलिस ने दुर्घटनावश हुई मृत्यु का एक मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है. 13 नवंबर की शाम को महिला की पोती ने उसे रात का खाना खाने को दिया. इसके बाद कल्लव्वा सोने के लिए अपने घर चली गई. इस महिला ने अंदर से अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया था. घर के अंदर ने महिला ने खुद अपनी चिता सजाई. इसके लिए इस बूढ़ी औरत ने लड़की और गाय के गोबर से बने उपले का इस्तेमाल किया. कल्लव्वा ने बड़े जतन से अपनी चिता सजाई, इसके बाद इस पर केरोसीन तेल डाला और माचिस से आग लगा ली. जब घर में आग लग गई तो लोगों ने देखा कि उक्त महिला चिता पर जल रही थी और अपने आप को बचाने का कोई प्रयास नहीं कर रही छी. लोगों ने जब घर का दरवाजा तोड़ा तो तब तक काफी देर हो चुकी थी.।

     

  • ‘एनसीआर शहरों को अजीब-भी लागू करने के लिए बताएं’

    ‘एनसीआर शहरों को अजीब-भी लागू करने के लिए बताएं’

     

     

    दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) की अध्यक्ष, भूर लाल को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य शहरों को अजीब-से-एक भी योजना को लागू करने के लिए सलाह देने को कहा है।

    एनजीटी द्वारा जांच

    बुधवार को एक पत्र में, श्री गहलोत ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का उल्लेख किया – आपातकालीन प्रदूषण नियंत्रण योजना है कि ईपीसीए को कार्यान्वयन और निगरानी के साथ सौंपा गया है – जो कहता है कि सभी एनसीआर शहरों को अजीब-यहां तक ​​कि कार राशन करना है योजना जब प्रदूषण का स्तर उच्चतम गंभीर + या आपातकालीन स्तर दर्ज करता है

    एनजीटी की छानबीन के तहत दिल्ली सरकार के फैसले का भी अंदाज़ा लगाया गया था और अंततः इसे बंद कर दिया गया था, श्री गहलोत ने कहा कि ईपीसीए एनसीआर शहरों पर चुप रहा था।

    “इस बात की सराहना की जानी चाहिए कि जब तक सभी एनसीआर शहरों में ग्राप लागू नहीं किया जाता है, दिल्ली में प्रदूषण स्तर और पड़ोसी शहरों को नीचे नहीं लाया जा सकता है”

    ग्राप के अनुसार यदि प्रदूषण के आपातकालीन स्तर को 48 घंटों के लिए दर्ज किया जाता है तो दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश को रोक दिया जाना है, निर्माण रोक दिया गया है और अजीब-यहां तक ​​कि एनसीआर शहरों में भी शुरू किया गया है।

    ‘कोई छूट नहीं’

    9 नवंबर को 48 घंटे से ज्यादा के लिए गंभीर + या आपातकालीन स्तर पर प्रदूषण के बाद मनाया जाने के बाद दिल्ली सरकार ने 13 नवंबर से 17 नवंबर को भी अजीब का कार्यान्वयन करने की घोषणा की थी। एनजीटी ने सरकार से दोपहिया वाहनों को छूट देने के फैसले पर सवाल उठाया था। और महिलाओं द्वारा संचालित कारें चूंकि एनजीटी ने आदेश दिया कि कोई भी छूट नहीं दी जा सकती है, सरकार ने 11 नवंबर को भी अजीब बंद किया। तब से, वायु की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, आपातकाल से गंभीर और फिर बहुत गरीब

  • शिक्षक ने मदरसे में नाबालिग से किया बलात्कार, गिरफ्तार

    शिक्षक ने मदरसे में नाबालिग से किया बलात्कार, गिरफ्तार

     

     

    समीपवर्ती मुंब्रा इलाके के एक
    मदरसे में एक शिक्षक ने पांच वर्षीय एक बच्ची के साथ कथित तौर पर बार-बार बलात्कार किया. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

    मुंब्रा थाने के इंस्पेक्टर सीएम मुजवार ने बताया, ‘बिहार के रहने वाले 35 वर्षीय आरोपी ने पिछले हफ्ते कथित तौर पर कई बार लड़की का बलात्कार किया. उसे शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया.’ उन्होंने बताया कि आरोपी अरबी भाषा का शिक्षक है जिसने 15 दिन पहले ही मदरसे में पढ़ाना शुरू किया था.

    पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया कि लड़की ने अपनी मां को घटना के बारे में बताया जिसके बाद शुक्रवार शाम मुंब्रा थाने में एक शिकायत दर्ज़ की गयी.

    पुलिस ने बताया कि 12 साल से कम उम्र की लड़की के साथ बलात्कार और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (पोस्को) कानून 2012 के संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज़ कर जांच की जा रही है.

  • फिल्म पद्मावती को लेकर विरोधों का दौर जारी

    फिल्म पद्मावती को लेकर विरोधों का दौर जारी

     

     

    फतेहपुर। संजय लीला भंसाली का जौहर यानी पद्मावती के नाम पर भड़का बवाल शांत नहीं हो रहा है। रानी पदमावती के सम्मान में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में महिलाएं व वकील सड़को पर उतर आए। और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौप फ़िल्म के निर्माता निर्देशक का कड़ा विरोध करते हुए नारे बाजी की और चेतावनी दी कि यदि फ़िल्म को रिलीज किया गया तो सिनेमा घरों में आग लगाकर बवाल करने की धमकी दी है।

    सड़को में आंदोलन कर विरोध कर रहे इन लोगो ने तीखे लहजे में कहा कि प्रदेश सरकार को ऐशी फ़िल्म के रिलीज होने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। जो क्षत्रियो के सम्मान को आहत करने वाली फ़िल्म में रानी पदमावती के इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। जो निहायत गलत है इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही भी की जानी चाहिए।

    फ़िल्म के निर्माता निर्देशक के खिलाफ नारे बाजी कर रही महिलाओं ने तो यहाँ तक चेतावनी दी कि यदि विरोध के बावजूद भी फ़िल्म को रिलीज किया गया तो सिनेमा घरों में बवाल किया जाएगा। लेकिन फ़िल्म को किसी भी दशा में चलने नही दिया जाएगा वकीलों ने भी विरोध करते हुए साफ किया कि इस मामले में यदि सरकार कार्यवाही नही करती तो वकील भी सड़क में उतर कर विरोध करेगे ।





  • नाराज भीड़ ने 10 साल की बच्ची के साथ रेप करने वाले आरोपियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

    नाराज भीड़ ने 10 साल की बच्ची के साथ रेप करने वाले आरोपियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

     

     

    भोपाल। भोपाल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक दस साल की बच्ची से रेप करने के आरोपियों को बीते शुक्रवार को जहांगीराबाद बाजार में भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस उन्हें घटनास्थल की तस्दीक कराने पैदल लेकर पहुंची थी। तभा वहां वो लोगों के गुस्से का शिकार हो गए। पुलिस ने जहांगीराबाद से पाचवीं के छात्रा से पिछले कुछ माह से दुष्कर्म करने के आरोप में बीते गुरूवार को एक महिला सुमन सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

    rape bhopal

    बता दें कि आरोपियों में एक 67 साल का नन्नू दादा भी शामिल था। जो चौकीदारी करता था। इसके अलावा ज्ञानेंद्र पंडित ड्राइवर और गोकुल चौरसिया पान की दुकान चलाता है। बच्ची का कहना है कि सुमन आंटी उसे घर में चाकलेट का लालच देकर कमरे में बंद कर देती थी। इसके बाद आरोपी उसके साथ गंदा काम करते थे। बताया जाता है कि इस मामले में पुलिस घटनास्थल की तस्दीक कराने आरोपियों को लेकर उस कमरे पर गई थी,जहां आरोपी बच्ची के साथ दुष्कर्म करते थे।

    तभी सीएसपी जहांगीराबाद भारतेंदु शर्मा ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया,जहां से सुमन को जेल भेज दिया गया। शेष आरोपियों को भी जेल वारंट जारी हो गया, लेकिन मेडिकल में देर होने के कारण उन्हें जेल दाखिल नहीं किया जा सका। शनिवार को तीनों को जेल भेज दिया जाएगा। 12 वर्षीय बालिका का रेप का आरोपी गोकुल चौरसिया की जहांगीराबाद थाने के पास पान के ठेले पर गुस्साए स्थानीय लोगों ने आग लगाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे सीएसपी भारतेंदु शर्मा ने नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अमले को बुलाकर गुमठी को उठावा लिया।





  • हिंदी, तमिल और बांग्ला में जिहादी कंटेंट मुहैया करा रहा है अल-कायदा

    हिंदी, तमिल और बांग्ला में जिहादी कंटेंट मुहैया करा रहा है अल-कायदा

     

     

    दुनिया में दशहत फैलाने के लिए आंतकी संगठन अल-कायदा इंटरनेट का बखूबी इस्तेमाल कर रहा है. अल-कायदा भारतीय उपमहाद्वीप में क्षेत्रीय भाषा में जिहादी कंटेंट मुहैया करा रहा है. इंटरनेट पर अल-कायदा के ये कंटेंट तमिल, बांग्ला और हिंदी ट्रांसलेशन के साथ मौजूद हैं.

    अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट पर मौजूद अल-कायदा का ये कंटेंट दरअसल जिहादी विचार से प्रेरित मैग्जीन ‘अल-रिसाल्लाह’ और ‘इंस्पायर’ के कुछ अंश हैं.

    ये है अल-कायदा का मकसद
    ऐसे जिहादी कंटेंट के जरिए अल-कायदा जिहाद और कट्टरवाद को और आगे बढ़ाना चाहता है. इसके लिए भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिणी, पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों से ज्यादा से ज्यादा आतंकियों की भर्ती कर रहा है.
    इंडियन मुजाहिद्दीन ने भी किया था ऐसा

    बता दें कि साल 2005 में इंडियन मुजाहिद्दीन ने ऐसा ही तरीका अपनाया था. भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए इंडियन मुजाहिद्दीन ने क्षेत्रीय भाषा में जिहादी कंटेंट ऑनलाइन किए थे.

    डॉक्टर-इंजीनियर्स और युवा हैं टारगेट पर
    अल-कायदा अपने जिहादी कंटेंट से पढ़े-लिखे वॉलंटियर्स को टारगेट कर रहा है. डॉक्टर्स और इंजीनियर्स भी उसके निशाने पर हैं. तमिल के एक आर्टिकल में लिखा है, “मैं आपसे पूछता हूं डॉक्टर! आपकी बेहतर सेवा क्या होगी? ऐसे किसी बच्चे के लिए बदला लेना, जिसने अल्लेप्पो में हुए धमाके में अपना पैर खो दिया है या फिर सिर्फ उसका इलाज करना.”

    आर्टिकल में आगे लिखा है- “क्या हमें अपने अल्लाह पर भरोसा नहीं है? अगर है तो हमें दूसरे लोगों को भी इसका भरोसा दिलाना होगा.”

    अल-कायदा चीफ के भाषणों का लिंक भी उपलब्ध
    वहीं, बांग्ला जिहादी कंटेंट में अल-कायदा चीफ अमन- अल-जवाहिरी, डिप्टी चीफ समी-उल-हक के भाषणों के वीडियो सब टाइटल के साथ शामिल किए गए हैं. इन वीडियोज में दोनों आतंकी बता सीरिया और सोमालिया में जिहाद की लड़ाई के बारे में बता रहे हैं.

    2011 में अल-कायदा ने बनाया था नया संगठन
    बता दें कि 2011 में अल-कायदा ने नए संगठन का ऐलान किया था. अल-कायदा के इस नए संगठन का नाम ‘अल-कादीशिय्याह मीडिया’ है, जो ‘अफगान ऐफिलिएट’ नाम के संगठन की ओर से चलाया जा रहा है. ‘अल-कादीशिय्याह मीडिया’ में उर्दू, हिंदी, बांग्ला और फारसी में जिहादी कंटेंट पब्लिश किए जाते हैं.

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    सऊदी की हिरासत में कैद हैं इस देश के प्रधानमंत्री